सक्रिय सदस्यता अभियान में भी रिकॉर्ड बनाएंगे मध्यप्रदेश भाजपा के कार्यकर्ता-विष्णुदत्त शर्मा

– कार्यकर्ताओं की मेहनत, लगन और प्लानिंग से रचा सदस्यता का नया इतिहास – दूसरे चरण में पार्टी कार्यकर्ताओं ने पार किया डेढ़ करोड़ सदस्य बनाने का लक्ष्य – सक्रिय सदस्यता अभियान में भी रिकॉर्ड बनाएंगे मध्यप्रदेश भाजपा के कार्यकर्ता – सदस्यता में लक्ष्य प्राप्त करने वाला चौथा राज्य बना मध्यप्रदेश, राष्ट्रीय संगठन महामंत्री ने दी बधाई – कांग्रेस को समझना होगा कि सिर्फ झूठ परोसना ही राजनीति नहीं होती – विष्णुदत्त शर्मा   भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व खजुराहो सांसद विष्णुदत्त शर्मा ने संगठन पर्व को लेकर भाजपा प्रदेश कार्यालय में पत्रकार-वार्ता को किया संबोधित भोपाल भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व खजुराहो सांसद विष्णुदत्त शर्मा ने संगठन पर्व को लेकर बुधवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में पत्रकार-वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि सदस्यता अभियान की पहली कार्यशाला में हमने यह कहा था कि मध्यप्रदेश में हम सभी कार्यकर्ता मिलकर इतिहास बनाएंगे। संगठन पर्व के पहले चरण में हमने 1 करोड़ का आंकड़ा पार किया था और अब मुझे यह बताते हुए गर्व की अनुभूति हो रही है कि सदस्यता अभियान के दूसरे चरण के अंतिम दिन हमने सदस्यता का लक्ष्य पार कर लिया है। पार्टी के कार्यकर्ताओं ने अपनी मेहनत, लगन और माइक्रोप्लानिंग के बल पर डेढ़ करोड़ का लक्ष्य पार करते हुए 1 करोड़ 50 लाख, 28 हजार 107 सदस्य बनाकर नया इतिहास रच दिया है। इसके लिए मैं पार्टी कार्यकर्ताओं और केंद्रीय नेतृत्व के प्रति आभार जताता हूं, धन्यवाद देता हूं। अब सक्रिय सदस्यता का अभियान शुरू हो गया है, मध्यप्रदेश भाजपा सक्रिय सदस्यता में भी रिकॉर्ड बनाएगी। झूठ, छल-कपट की राजनीति करने वाले कांग्रेस नेताओं को यह समझना होगा कि सिर्फ झूठ परोसना ही राजनीति नहीं होती। भाजपा कार्यकर्ताओं ने जमीनी स्तर पर कार्य करते हुए डेढ़ करोड़ से अधिक सदस्य बनाए हैं। डेढ करोड का लक्ष्य प्राप्त करने पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा का पार्टी पदाधिकारियों ने पुष्पगुच्छ भेंटकर स्वागत किया। ऑफलाइन का डाटा आने पर और बढ़ेगा सदस्यता का आंकडा भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व सांसद विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि संगठन पर्व, सदस्यता अभियान के दूसरे चरण की समाप्ति तक प्रदेश के सभी 64871 बूथों पर जो 1 करोड़ 50 लाख, 28 हजार 107 सदस्य बनाए गए हैं, उनमें से 1 करोड़ 22 लाख, 74 हजार 300 सदस्य ऐसे हैं, जिन्होंने ऑनलाइन डिजिटल फार्म भरा है। डिजिटल फॉर्म भरने के मामले में मध्यप्रदेश देश के अन्य राज्यों में अग्रणी रहा है, लेकिन मध्यप्रदेश के कई अंचल ऐसे भी हैं, जहां सही तरीके से मोबाइल और इंटरनेट नेटवर्क नहीं मिल पाता। कई घरों में मोबाइल फोन ही नहीं है। कुछ घरों में एक मोबाइल है और सदस्यता ग्रहण करने वाले चार-पांच सदस्य हैं। ऐसे अंचलों व घरों में पार्टी कार्यकर्ताओं ने घर-घर जाकर ऑफलाइन सदस्य बनाए हैं। अभी ऑफलाइन सदस्यता का आंकड़ा तैयार हो रहा है, इसका परीक्षण किया जा रहा है। जब यह आंकड़ा आएगा, तो एक और इतिहास रचा जाएगा। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष शर्मा ने कहा कि सदस्यता अभियान के पहले दिन देश भर में 40 हजार ऑफलाइन फॉर्म भरे गए थे और हमारे लिए गर्व का विषय है कि इनमें से 23 हजार फॉर्म मध्यप्रदेश के थे। उन्होंने कहा कि आज से सक्रिय सदस्यता का अभियान शुरू हो चुका है और सक्रिय सदस्य बनने के लिए 100 प्राथमिक सदस्य बनाना आवश्यक है। इसलिए सक्रिय सदस्यता के मामले में भी पार्टी कार्यकर्ता एक और इतिहास रचने में जुट गए हैं। भाजपा संविधान में सक्रिय सदस्यता के लिए 50 प्राथमिक सदस्य बनाना ही निर्धारित है, लेकिन मध्यप्रदेश में सक्रिय सदस्य बनने के लिए 100 प्राथमिक सदस्य बनाना निर्धारित किया गया है। लेकिन ऐसा नहीं है कि 50 प्राथमिक सदस्य बनाने वालों को सक्रिय सदस्य बनने का अधिकार नहीं है। सिर्फ झूठ ही नहीं होता राजनीति का आधार भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व सांसद विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि जो लोग लगातार झूठ बोलते हैं और झूठ की ही राजनीति करते हैं, उन्हें मैं यह बता देना चाहता हूं कि सिर्फ झूठ ही राजनीति का आधार नहीं होता। भाजपा के कार्यकर्ताओं ने जमीन पर उतरकर माइक्रोप्लानिंग करके सदस्यता अभियान में दिए गए लक्ष्य को प्राप्त करके दिखाया है। मध्यप्रदेश में वैसे तो हमारे 41 लाख कार्यकर्ता हैं, लेकिन इनमें से 3 लाख कार्यकर्ता पूरी तरह से सदस्यता अभियान में जुटे हुए हैं। इनमें बूथ के कार्यकर्ता से लेकर पन्ना समिति के लोग और पन्ना प्रमुख तक शामिल हैं। हमारा सदस्यता अभियान 2 सितंबर से शुरू हुआ था और पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की जयंती 25 सितंबर को हमने 12 लाख से ऊपर सदस्यता करके रिकॉर्ड बनाया था। अभियान का दूसरा चरण 1 अक्टूबर से शुरू हुआ था और इस चरण के अंतिम दिन यानी 15 अक्टूबर को भी हमने 11 लाख से अधिक सदस्य बनाए हैं। शर्मा ने कहा कि इस अभियान के दौरान केंद्रीय नेतृत्व से लेकर प्रदेश की टोली और जिलों से लेकर शक्तिकेंद्र तथा बूथ स्तर तक के कार्यकर्ता लगातार जुटे रहे। हर दिन शाम 7.00 बजे से जिलों की बैठक होती थी और सदस्यता अभियान में जुटे कार्यकर्ता इस बैठक में रिपोर्ट देते थे। इसके बाद शाम 8.00 बजे से संभाग की बैठक होती थी संभाग प्रभारी के साथ सभी जिलाध्यक्ष तथा सदस्यता अभियान में लगे कार्यकर्ता इसमें शामिल होते थे। रात्रि 9.00 बजे से प्रदेश स्तर की बैठक होती थी और हमारे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रदेश प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह, सह प्रभारी सतीश उपाध्याय, संगठन महामंत्री हितानंद जी तथा सदस्यता अभियान की टोली के सभी सदस्य बैठक करते थे और यह चर्चा होती थी कि किस विधानसभा में सदस्यता की क्या स्थिति रही। शर्मा ने कहा कि जो लोग झूठ की राजनीति करते हैं, उन्हें मैं यह बता देना चाहता हूं कि भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता परिश्रम और ईमानदारी से अपने संगठन तंत्र की मजबूती के लिए काम करते हैं और यही भाजपा की ताकत भी है। युवाओं, महिलाओं ने बड़ी संख्या में भाजपा की सदस्यता ग्रहण की है भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व सांसद विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि संगठन पर्व के पहले चरण में एक करोड़ से अधिक सदस्य बनाए गए थे, जिसमें 60 प्रतिशत से अधिक युवाओं ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की थी। मध्यप्रदेश में युवाओं के साथ महिलाएं, … Read more

भाजपा नेतृत्व ने झारखंड और महाराष्ट्र में बदली रणनीति, हारी हुई सीटों पर बदलेगी रणनीति

नई दिल्ली भाजपा नेतृत्व ने झारखंड और महाराष्ट्र में पिछली बार हारी सीटों को लेकर खास रणनीति बनाई है। इन सीटों पर विरोधी दलों के विधायकों के खिलाफ माहौल है, जिसे वह भुनाने की कोशिश करेगी। हालांकि महाराष्ट्र में शिवसेना और राकांपा में टूट के बाद कई सीटों की स्थिति बदली है। वहां पर वह अपने हिस्से में आने वाली पिछली बार की हारी लगभग 65 सीटों पर नए समीकरण बना रही है। भाजपा झारखंड में विरोधी सत्तारूढ़ गठबंधन की लगभग 50 सीटों में से आधी जीतने को कोशिश कर रही है। इसके लिए भाजपा की अपनी टीम के साथ संघ के कुछ संगठन भी अपने स्तर पर मदद कर रहे हैं। झारखंड में भाजपा ने विधानसभा की 81 सीटों में से 25 जीती थी, जबकि जेवीएम को तीन व आजसू को दो सीटें मिली थीं। राज्य में भाजपा ने लगभग 50 हारी हुई सीटों के सामाजिक व राजनीतिक समीकरणों को अपने पक्ष में करने के लिए आदिवासी व गैर आदिवासी दोनों वर्गों में अपने दूसरे राज्यों के नेताओं को भी सक्रिय किया हुआ है। इनमें बिहार, ओडिशा, पश्चिम बंगाल व छत्तीसगढ़ के नेता शामिल हैं। दूसरे राज्यों के नेता अपने सामाजिक समूहों के बीच जाने के साथ दूर दराज तक की रिश्तेदारियों के जरिये गांव-गांव संपर्क कर रहे हैं। संघ से जुड़ा वनवासी कल्याण आश्रम भी परोक्ष रूप से भाजपा की सहायता कर रहा है। लोकसभा चुनाव के समय से तैयारी महाराष्ट्र में पिछली बार भाजपा व शिवसेना के गठबंधन ने 288 में से 161 सीटें जीती थीं। इनमें भाजपा की 105 सीटें शामिल थीं। बाद में गठबंधन टूट गया और अब गठबंधन सरकार में भाजपा के साथ शिवसेना का एक बड़ा धड़ा मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में और राकांपा का बड़ा धड़ा उपमुख्यमंत्री अजित पवार के नेतृत्व में उसके साथ है। सूत्रों के अनुसार भाजपा महाराष्ट्र में लगभग 170 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। उसके पास लगभग 65 सीटें ऐसी होंगी जो हारी हुई हैं। उन पर जीत के लिए पार्टी ने अपनी तैयारी लोकसभा चुनाव के समय से ही कर रखी है। चूंकि भाजपा खुद सत्ता में है, ऐसे में वह काफी संभल कर चल रही है। विरोधी विधायकों को लेकर तो वह आक्रामक है, लेकिन सरकार का बचाव कर रही है। recent visitors 93

असम : हर एक विधानसभा क्षेत्र को 40 हजार सदस्य बनाने का लक्ष्य रखने को कहा था

गुवाहाटी असम भाजपा अपने वर्तमान सदस्यता अभियान के तहत 60 लाख नए सदस्य बनाने के 100 प्रतिशत लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। लेटेस्ट आंकड़ों के अनुसार, असम में भाजपा की सदस्यता 58 लाख का आंकड़ा पार कर गई है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि राज्य इकाई ने हर एक विधानसभा क्षेत्र को 40 हजार सदस्य बनाने का लक्ष्य रखने को कहा था। कुल 126 विधानसभा क्षेत्रों में से 91 ने पहले ही यह लक्ष्य पूरा कर लिया है। उन्होंने कहा, “हमें पूरे असम में बेहतरीन प्रतिक्रियाएं मिल रही हैं। इस त्योहारी सीजन में भी लोग हमारी पार्टी में शामिल हो रहे हैं। यह वाकई अभूतपूर्व है। केंद्रीय नेता भी हमारे प्रदर्शन से बहुत खुश हैं।” वहीं असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने पार्टी कार्यकर्ताओं के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “असम के 91 विधानसभा क्षेत्रों में अब ‘बीजेपी सदस्यता 2024’ के तहत 40 हजार से ज्यादा सदस्य शामिल हुए हैं। बेहाली, करीमगंज उत्तर और मजबत निर्वाचन क्षेत्रों के कार्यकर्ताओं को 40 हजार से ज्यादा सदस्य बनाने में उनकी कड़ी मेहनत के लिए बधाई। 58.31 लाख नए सदस्यों के साथ असम भाजपा अपने निर्धारित लक्ष्य के 100 प्रतिशत के करीब है।” राज्य में भाजपा नेता सदस्यता अभियान में 18 से 25 वर्ष की आयु के युवाओं पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। सीएम सरमा ने पहले कहा था, “हमारी पार्टी कॉलेज या विश्वविद्यालय चुनाव नहीं लड़ती है। हालांकि, उन्हें हमारी पार्टी का सदस्य बनाने में कोई रोक नहीं है। मैं ब्लॉक स्तर के कार्यकर्ताओं से अपील करता हूं कि वे भाजपा में युवाओं को शामिल करने पर जोर दें। वे भविष्य में इस देश के लिए हमारे मिशन को आगे बढ़ा सकते हैं।” इस बीच, बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बीएल संतोष ने कहा कि असम देश में पार्टी के सदस्यता अभियान में 85 प्रतिशत लक्ष्य पूरा करके देश में सबसे आगे है।   recent visitors 100

छत्तीसगढ़ में सदस्यता अभियान में 36 लाख का आंकड़ा पार, रखा 50 लाख पार करने का लक्ष्य

रायपुर छत्तीसगढ़ में भाजपा अपने सदस्य बनाने के काम में जोर-शोर से जुटी हुई है. नतीजतन प्रदेश में अब तक 36 लाख लोगों को भाजपा का सदस्य बनाया जा चुका है. ये दावा प्रदेश संयोजक व प्रदेश प्रवक्ता अनुराग सिंहदेव ने किया है. इनका कहना है कि जल्द ही 50 लाख के आंकड़े को भी पार कर लिया जायेगा. इसके लिए योजना बनाकर जमीनी स्तर पर काम भी शुरू कर दिया गया है. ऑफलाइन सदस्य बनाने का अभियान भी भारतीय जनता पार्टी के संगठन महापर्व-सदस्यता अभियान के प्रदेश संयोजक व प्रदेश प्रवक्ता अनुराग सिंहदेव ने कहा कि  भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव के नेतृत्व में चल रहे सदस्यता अभियान में 36 दिनों में छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी के 36 लाख सदस्य बनाए जा चुके हैं. भाजपा के सदस्यता अभियान को प्रदेशभर में जबरदस्त रिस्पॉन्स मिल रहा है और जो लोग ऑनलाइन सदस्य नहीं बन पा रहे हैं, उनकी मांग को देखते हुए प्रदेश में अब फार्म भरकर ऑफलाइन सदस्य बनाने का अभियान भी युद्धस्तर पर चल रहा है. लक्ष्य को पार करने में लगातार जुटे हैं प्रदेश संयोजक सिंहदेव ने ये भी कहा कि छत्तीसगढ़ में सदस्यता अभियान को लेकर भाजपा ने विशेष अभियान भी चलाकर सदस्यता के लक्ष्य की प्राप्ति में बड़ी छलांग लगाई है.  जिनमें मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, प्रदेश अध्यक्ष किरण देव, उप मुख्यमंत्रीअरुण साव व विजय शर्मा समेत प्रदेश सरकार के सभी मंत्री, सांसद-विधायक, पदाधिकारी व कार्यकर्ता बूथ स्तर तक पहुंचकर सदस्यता के लक्ष्य को पार करने में लगातार जुटे हुए हैं. ये तैयारियां भी इधर सदस्यता को गति प्रदान करने प्रदेश के सभी पाँच संभागों से भारतीय जनता युवा मोर्चा की 20 रथयात्राएं शुरु हो चुकी हैं. पार्टी के सभी मोर्चा-प्रकोष्ठों को भी अभियान की सफलता के लिए लक्ष्य सौंपकर जिम्मेदारी दी गई है. सिंहदेव ने कहा कि नमो ऐप, वेब साइट की लिंक, रेफरल लिंक और मिस्ड कॉल के जरिए सदस्यता अभियान को गति देने के बाद पार्टी कार्यकर्ता पूरे समर्पण के साथ जिन क्षेत्रों में नेटवर्क नहीं है या जिन लोगों को ऑनलाइन सदस्य नहीं बनाया जा सक रहा हो, वहां घर-घर सम्पर्क करके फॉर्म भरकर ऑफलाइन सदस्यता अभियान में जुट गए हैं. ये अभियान भी होगा शुरू भाजपा सदस्यता अभियान के प्रदेश संयोजक सिंहदेव ने कहा कि इसी के साथ पार्टी के सक्रिय सदस्य बनाने का अभियान भी शुरू होने जा रहा है. प्रत्येक मंडल में 200 सक्रिय सदस्य बनाने का लक्ष्य दिया गया है. प्रदेशभर में चलने वाले सक्रिय सदस्यता अभियान के लिए भाजपा प्रदेश महामंत्री संजय श्रीवास्तव को सक्रिय सदस्यता अभियान का प्रदेश प्रभारी बनाया गया है. पार्टी के सदस्यता अभियान को लेकर सतत समीक्षा का क्रम भी प्रदेश व केंद्रीय नेतृत्व के मार्गदर्शन में चल रहा है. अभी हाल ही में भाजपा क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जम्वाल व प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय की मौजूदगी में हुई बैठक में जिला अध्यक्ष एवं जिला सदस्यता प्रभारी और महामंत्रियों से जिलेवार चर्चा करके सदस्यता के लिए लक्ष्य तय किया गया. recent visitors 92

हरियाणा में नायब सिंह सैनी समेत मंत्रिमंडल में 14 सदस्य होंगे, मंत्रिमंडल में किसकी लगेगी लॉटरी

चंडीगढ़ हरियाणा में बीजेपी की लगातार तीसरी बार जीत के बाद अब सबकी निगाहें नई सरकार और कैबिनेट के गठन पर टिकी हैं। हरियाणा सरकार में मुख्यमंत्री सहित कुल 14 मंत्री हो सकते हैं। इसका मतलब है कि भाजपा को 11 नए चेहरों की तलाश करनी होगी, क्योंकि केवल अनिल विज ही वो सीनियर नेता हैं जिन्होंने अपनी सीट बरकरार रखी है। अनिल विज को मंत्री पद मिल सकता है। बीजेपी जाटों, ब्राह्मणों, पंजाबी और दलितों सहित राज्य की विभिन्न जातियों को ध्यान में रखकर कैबिनेट का गठन करेगी। जातिगत समीकरणों और समुदायों की मांगों को संतुलित करते हुए सरकार बनाना कोई आसान काम नहीं है। लेकिन बीजेपी ने हाल के दिनों में सफलतापूर्वक किया है। पिछले साल दिसंबर में, मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ के चुनाव जीतने के बाद, पार्टी ने विधायकों और राज्य के नेताओं से परामर्श करने के बाद मुख्यमंत्रियों और मंत्रिमंडलों की घोषणा करने में अपना समय लिया। हरियाणा में भी इसी तरह के कदम उठाने की संभावना है। बीजेपी के पास अब दलित समुदाय से नौ विधायक हैं, आठ पंजाबी मूल के, सात ब्राह्मण और जाटों और यादवों में से प्रत्येक के छह विधायक हैं। पार्टी के पास गुर्जर, राजपूत, वैश्य और एक ओबीसी नेता भी हैं। इन दो दलित नेताओं में से एक मिल सकती है कैबिनेट में जगह इस सरकार में भाजपा के पास नौ दलित विधायक हैं, जिनमें से दो सबसे आगे हैं। एक हैं छह बार के विधायक कृष्ण लाल पंवार और दूसरे हैं दो बार के विधायक कृष्णा बेदी। पंजाबी मूल के आठ लोगों में सात बार के विधायक और पूर्व गृह मंत्री अनिल विज हैं, जो मार्च में मुख्यमंत्री नहीं बनाए जाने के बाद नाराज हो गए थे। यह तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर द्वारा लोकसभा सीट के लिए नामांकन दाखिल करने के बाद इस्तीफा देने के बाद हुआ था। पिछले महीने अपनी अम्बाला कैंट सीट जीतने वाले शविज ने तीसरी बार उस रिंग में अपनी टोपी फेंकी लेकिन उन्हें फिर से नजरअंदाज कर दिया गया। और यह पार्टी के लिए थोड़ी परेशानी खड़ी कर सकता है। कृष्ण मिड्ढा को क्या मिलेगी जगह जींद के विधायक कृष्ण मिड्ढा भी इस रेस में हैं, जिन्होंने लगातार तीसरी बार अपनी सीट जीती है। एक और अब तीन बार के विधायक यमुनानगर से घनश्याम दास अरोड़ा हैं। लेकिन उनकी नियुक्ति को छोड़ दिया जा सकता है क्योंकि उनकी सीट अम्बाला क्षेत्र के भीतर है। अरोड़ा को हांसी से तीन बार के विधायक विनोद भयाना के लिए नजरअंदाज किया जा सकता है। किस ब्राह्मण चेहरे को मिलेगा मौका फिर नंबर आता है ब्राह्मण को, इनमें बल्लभगढ़ से तीन बार के विधायक मूल चंद शर्मा शामिल हैं, जिन्हें मंत्रिमंडल में बरकरार रखा जा सकता है। एक और संभावित दो बार के लोकसभा सांसद अरविंद शर्मा हैं जिन्होंने गोहाना जीता। राम कुमार गौतम, जिन्होंने सफीदों को जीत दिलाई, जिसे भाजपा ने कभी नहीं जीता था। अहीरवाल बेल्ट से कौन होगा मंत्री भाजपा के लिए अहीरवाल बेल्ट के छह विधायक महत्वपूर्ण हैं जिन्होंने एक बार फिर पार्टी को भारी मतों से वोट दिया। कांग्रेस को हराने के लिए इस बार यह समर्थन महत्वपूर्ण था। इनमें बादशाहपुर से छह बार के विधायक राव नरबीर सिंह हैं। वह पहली सैनी सरकार में नहीं थे, लेकिन 2014 के चुनाव जीतने के बाद श खट्टर की अध्यक्षता वाली सरकार में थे। केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह की बेटी आरती राव ने पहली बार अटेली सीट जीती है, लेकिन उनका नाम शॉर्टलिस्ट में है। साथ ही दो बार के विधायक लक्ष्मण यादव का नाम भी है। इस जाट विधायक को मिल सकती है जगह जाट हरियाणा की सबसे बड़ी उप-आबादी में से एक है। जाट नेता महीपाल ढांडा अब पानीपत (ग्रामीण) से दो बार के विधायक हैं और उनके बरकरार रहने की संभावना है। राई से दूसरी बार चुने गए कृष्ण गहलोत भी इस दौड़ में शामिल हैं। एक संभावित बड़ा नया नाम पार्टी के राज्यसभा सांसद किरण चौधरी की बेटी श्रुति चौधरी का है। अन्य संभावित उम्मीदवारों में वैश्य समुदाय के पूर्व मंत्री विपुल गोयल शामिल हैं। हरियाणा में सबसे अमीर महिला और हिसार से निर्दलीय विधायक सावित्री जिंदल ने औपचारिक रूप से भाजपा को अपना समर्थन दे दिया है। इससे उनके नए मंत्रिमंडल में शामिल होने की संभावना बढ़ गई है। recent visitors 90

बीजेपी का मातृ संगठन आरएसएस जातिगत जनगणना बात के बाद अब टीडीपी ने भी मांग दोहरा दी

नई दिल्ली देश भर में राजनीतिक दल और कई सामाजिक संगठन जातिगत जनगणना की मांग कर रहे हैं। बिहार में तो नीतीश कुमार जब आरजेडी के साथ सरकार चला रहे थे, उसी समय उन्होंने जातिगत जनगणना करा दी थी। इसके बाद से ही वह पूरे देश में ऐसा करने की मांग कर रहे हैं। इसके अलावा गठबंधन के एक और सहयोगी चिराग पासवान भी ऐसी मांग करते रहे हैं। यूपी से अनुप्रिया पटेल, संजय निषाद और ओपी राजभर भी यह दोहरा चुके हैं। इस बीच एनडीए सरकार के सबसे बड़े गठबंधन सहयोगी टीडीपी ने भी यह मांग दोहरा दी है। भाजपा का मातृ संगठन आरएसएस भी इसके पक्ष में बात रख चुका है। संघ का कहना था कि ऐसा किया जा सकता है, बस राजनीतिक इस्तेमाल न हो। तेलुगु देशम पार्टी के मुखिया चंद्रबाबू नायडू ने दिए इंटरव्यू में जातिगत जनगणना को जरूरी बताया है। उन्होंने कहा कि कास्ट सेंसस होनी चाहिए। यह जनता की भावना है और इसमें कुछ भी गलत नहीं है। नायडू ने कहा, 'आप जातिगत जनगणना कराएं। फिर आर्थिक विश्लेषण करें। स्किल सेंसस करें। इससे आपको पता चलेगा कि किसकी क्या स्थिति है और फिर उसके आधार पर आर्थिक गैर-बराबरी दूर करने में मदद मिलेगी।' नायडू ने कहा कि जनभावना है कि जातिगत जनगणना होनी चाहिए। यदि ऐसा है तो फिर उसका सम्मान जरूरी है। यह बात सही है कि देश में गरीबी सबसे बड़ा मुद्दा है। यहां तक कि आप निचली जाति से हैं और पैसे वाले हैं तो लोग आपका सम्मान करेंगे। समाज में आपकी इज्जत होगी। लेकिन आप भले ही ऊंची जाति के हैं, लेकिन गरीब हैं तो फिर कोई आपको महत्व नहीं देगा। यह सच्चाई है। इसलिए आर्थिक स्थिति ही समानता का सबसे बड़ा पैमाना है। इसलिए आपको समाज में संतुलन के लिए आर्थिक गैर-बराबरी खत्म करने के लिए ही काम करना होगा। बता दें कि आरएसएस ने अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की मीटिंग के बाद जातिगत जनगणना को लेकर सधा हुआ जवाब दिया था। संघ का कहना था कि यदि समाज को ऐसा लगता है तो कराई जा सकती है, लेकिन इसका प्रयोग राजनीतिक लाभ के लिए नहीं होना चाहिए। इससे समाज में वैमनस्यता बढ़ती है। recent visitors 94

‘मोदी के कामों ने किया प्रेरित’, भाजपा में शामिल हुईं केरल की पहली महिला आईपीएस अधिकारी

तिरुवनन्तपुरम  केरल की पहली महिला आईपीएस अधिकारी आर. श्रीलेखा ने भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया। 2020 में केरल फायर एंड रेस्क्यू सर्विस के महानिदेशक के पद से सेवानिवृत्त हुईं श्रीलेखा केरल की पहली महिला डीजीपी रैंक की अधिकारी भी थीं। श्रीलेखा एक लेखिका भी हैं। भाजपा में शामिल होने के बाद, श्रीलेखा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के करिश्मे ने उन्हें पार्टी में शामिल होने के लिए प्रेरित किया। मुझे भाजपा की विचारधारा पर भरोसा है। उन्होंंने कहा कि मैं तीन हफ़्ते तक सोचने के बाद भाजपा में शामिल हो रही हूं। तीन हफ़्ते पहले भाजपा ने मुझसे पार्टी में शामिल होने के लिए संपर्क किया था। मैं सेवा में एक निष्पक्ष अधिकारी रही हूं। लेकिन सेवानिवृत्ति के बाद अपने अनुभव के आधार पर, मुझे एहसास हुआ कि लोगों की सेवा करने का यही सबसे अच्छा तरीका है। वहीं केरल बीजेपी अध्यक्ष के. सुरेंद्रन ने श्रीलेखा को एक बहादुर अधिकारी बताते हुए कहा कि पूर्व आईपीएस अधिकारी केरल से परिचित थीं और उन्होंने पुलिस में कई सुधार किए। उन्होंने पुलिस बल में महिलाओं के अधिकारों के लिए लड़ाई लड़ी। श्रीलेखा ऐसे समय में भाजपा में शामिल हुई हैं जब केरल में एडीजीपी एमआर अजीत कुमार की हाल के वर्षों में आरएसएस नेताओं के साथ बैठकों पर बहस हो रही है। वह पूर्व डीजीपी जैकब थॉमस के बाद सेवानिवृत्ति के बाद पार्टी में शामिल होने वाली दूसरी पूर्व आईपीएस अधिकारी हैं। फरवरी 2021 में भाजपा में शामिल होने के बाद, जैकब थॉमस ने इरिंजालकुडा विधानसभा क्षेत्र से राज्य विधानसभा चुनाव लड़ा था लेकिन भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के आर. बिंदु से हार गए थे। 1987 बैच की आईपीएस अधिकारी श्रीलेखा के अपने करियर के अंत में केरल की माकपा सरकार के साथ संबंध तनावपूर्ण हो गए थे। अपने सेवानिवृत्ति के दिन, उन्होंने डीजीपी-रैंक के अधिकारियों को दी जाने वाली औपचारिक विदाई पार्टी और गार्ड ऑफ ऑनर से परहेज किया था। तिरुवनंतपुरम की रहने वाली श्रीलेखा सिविल सेवा में शामिल होने से पहले एक कॉलेज लेक्चरर और एक बैंक अधिकारी थीं। उन्होंने विभिन्न जिलों में एसपी और बाद में डीआईजी और आईजी के रूप में कार्य किया। केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर रहते हुए उन्होंने चार साल तक सीबीआई के साथ काम किया था। उन्होंने नौ पुस्तकें भी लिखी हैं। recent visitors 110