Thursday, July 9, 2026 9:40 pm

चिकित्सा क्षेत्र में मध्यप्रदेश की बन रही है नई पहचान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि चिकित्सा के क्षेत्र में मध्यप्रदेश की नई पहचान बन रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी मंगलवार, 29 अक्टूबर को नीमच, मंदसौर और सिवनी में चिकित्सा महाविद्यालयों का वर्चुअल लोकार्पण कर रहे हैं। इस अवसर पर प्रधानमंत्री श्री मोदी प्रदेश के 81 लाख किसानों के खातों में 1624 करोड़ रूपये अंतरित करेंगे और 512 आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारियों को नियुक्ति-पत्र वितरण भी करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिस गति से प्रदेश के जिलों में चिकित्सा महाविद्यालय प्रारंभ किये जा रहे हैं, शीघ्र ही हर जिले में चिकित्सा महाविद्यालय होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रदेश में चिकित्सा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए आगामी दो वर्ष में लगभग 25 हजार पदों को भरने की कार्य-योजना है। प्रदेश में मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए 200-250 एकड़ के क्षेत्र में मेडिकल पार्क विकसित होंगे, जिससे विभिन्न सुपर स्पेशलिटी सेवाएं आमजन को एक ही स्थान पर उपलब्ध हो सकेंगी। प्रदेश के कुल 346 सामुदायिक केन्द्रों को एफ.आर. यू. में उन्नत करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ किए जाने की कार्य योजना तैयार की गई है। प्रदेश में सिकल सेल एनीमिया की रोकथाम एवं बचाव के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। समस्त जनजातीय बहुल जिलों में सिकल सेल एनीमिया की जांच की जा रही है। गंभीर रोगियों के लिए हवाई सेवा पीएमश्री एयर एम्बुलेंस सेवा के अंतर्गत प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों से अत्यंत गंभीर रूप से बीमार और दुर्घटनाग्रस्त लोगों को एयरलिफ्ट कर समय पर उपचार उपलब्ध करवाने के लिए राज्य सरकार ने संवेदनशील पहल की है। इस सेवा में प्रयुक्त होने वाले हेलीकाप्टर में स्ट्रेचर और पैरामेडिकल स्टॉफ की व्यवस्था रखी गई है। चिकित्सा शिक्षा विभाग और लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के विलय का निर्णय सुशासन और कार्यदक्षता का उदाहरण बना है। आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत प्रदेश में अब तक 4 करोड़ से अधिक आयुष्मान कार्ड वितरित किए जा चुके हैं।   recent visitors 91

मुख्यमंत्री डॉ. यादव दिलाएंगे राष्ट्रीय एकता दिवस की शपथ, रन फॉर यूनिटी का करेंगे शुभारंभ

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 29 अक्टूबर को प्रात: 9 बजे टी.टी. नगर स्टेडियम भोपाल में राष्ट्रीय एकता दिवस की शपथ दिलाएंगे। साथ ही "रन फॉर यूनिटी" को हरी झंडी दिखाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने अपने "मन की बात" कार्यक्रम में लौह पुरूष सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती "राष्ट्रीय एकता दिवस पर होने वाली रन फॉर यूनिटी" इस बार 29 अक्टूबर को आयोजित करने की घोषणा की है। टी.टी. नगर खेल स्टेडियम में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग, अपर मुख्य सचिव श्रीमती स्मिता भारद्वाज घाटे सहित अन्य जन-प्रतिनिधि शामिल होंगे। उल्लेखनीय है कि 31 अक्टूबर को सरदार पटेल की जयंती के दिन ही दीपावली का पर्व भी है। इस वजह से 29 अक्टूबर को रन ऑफ यूनिटी का आयोजन किया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों को ज्यादा से ज्यादा संख्या में शामिल होने और देश की एकता के मंत्र के साथ ही फिटनेस के मंत्र को भी हर तरफ फैलाने की अपील की है। राष्ट्रीय एकता दिवस पर होने वाली शपथ और रन फॉर यूनिटी के संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जिलों में भी इन आयोजन को और आमजन की भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा है। जिन जिलों में विधानसभा उप चुनाव की प्रक्रिया चल रही है, वहाँ आदर्श आचरण संहिता का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये है। तैयारियों संबंधी बैठक खेल संचालक श्री रवि कुमार गुप्ता की अध्यक्षता में टी.टी. नगर खेल स्टेडियम में जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक हुई। बैठक में रन फॉर यूनिटी का रूट तय किया गया है कि खेल स्टेडियम से कमला नेहरू स्कूल होकर टॉप एण्ड टाउन, रोशनपुरा चौराहा से वापस अपैक्स बैंक होते हुये खेल स्टेडियम पर समापन होगा। रन फॉर यूनिटी में हजारों की संख्या में युवा, खिलाड़ी, कोच, स्कूली बच्चे, टीचर्स आदि शामिल होंगे। बैठक में संचालक जनसम्पर्क श्री अंशुल गुप्ता, उप सचिव श्री संजय सिंह, संयुक्त संचालक खेल श्री बी.एस. यादव और स्कूल शिक्षा, नगर निगम सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।   recent visitors 75

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- समग्र विकास से सभी की खुशहाली के द्वार खुलेंगे

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि उज्जैन की पहचान साधु-संतों से है। उज्जैन में हरिद्वार के तर्ज पर साधु-संतों, महंत, अखाड़ा प्रमुखों और महामंडलेश्वर आदि को स्थायी आश्रम बनाने की अनुमति दी जाएगी। प्रत्येक 12 वर्षों में एक बार होने वाला सिहंस्थ का आयोजन वर्ष 2028 में किया जाएगा। साधु-संतों को उज्जैन में आने, ठहरने, कथा, भागवत इत्यादि अन्य आयोजन के लिए पर्याप्त रूप से भूमि-भूखंड की आवश्यकता पड़ती है। इसे ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार द्वारा साधु-संतों के हित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए स्थायी आश्रम बनाए जाने की योजना बनाई गई हैं। निजी होटल्स में साधु-संतों और श्रद्धालुओं को इस प्रकार के आयोजनों के लिए चुनौतियां आती हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव  मेला कार्यालय, उज्जैन के ऑडिटोरियम में सिंहस्थ के संबंध में पत्रकारों से संवाद कर रहे थे। सांसद श्री अनिल फिरोजिया, राज्यसभा सांसद बालयोगी उमेशनाथ जी महाराज, विधायक श्री अनिल जैन कालूहेड़ा, विधायक श्री सतीश मालवीय, महापौर श्री मुकेश टटवाल, नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव, संभागायुक्त श्री संजय गुप्ता, आईजी श्री संतोष कुमार सिंह, कलेक्टर श्री नीरज कुमार सिंह, एसपी श्री प्रदीप शर्मा सहित मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हरिद्वार में जिस प्रकार साधु-संतों के अच्छे आश्रम बने हुए हैं, उसी प्रकार उज्जैन में भी साधु-संतों के स्थायी आश्रम बनवाने के प्रयास किए जाएंगे। उज्जैन विकास प्राधिकरण के माध्यम से योजना को आकार दिया जाएगा। सिंहस्थ के दृष्टिगत सड़क, बिजली, पेयजल, जल-निकासी इत्यादि मूलभूत सुविधाओं के लिए भी स्थायी अधोसंरचना का निर्माण भी होगा, जिससे अस्थायी निर्माण से होने वाली समस्याएं निर्मित न हों। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हरिद्वार की तरह उज्जैन को धार्मिक शहर के रूप में विकसित करने के लिए सभी जन-प्रतिनिधियों के साथ मिलकर कार्य-योजना तैयार की गई है। सुगम यातायात के दृष्टिगत फोर-लेन, सिक्स-लेन और ब्रिज जैसे स्थायी अधोसंरचना विकास के कार्य किए जाएंगे। सभी मूलभूत सुविधाओं के विकास के साथ साधु-संतों के लिए आश्रम निर्माण के कार्य समानांतर रूप से होंगे। समाज के इच्छुक सनातन धर्मावलंबियों के माध्यम से अन्न क्षेत्र, धर्मशाला, आश्रम, चिकित्सा केंद्र, आयुर्वेद केंद्र आदि सार्वजनिक गतिविधियों के संचालन को भी प्राथमिकता दी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन सहित प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए प्रदेश सरकार निरंतर आगे बढ़ रही है। समग्र विकास से सभी की खुशहाली के द्वार खुलेंगे। सभी देव-स्थानों के आसपास हमारे धर्माचार्य आ जाए यह हमारी प्राथमिकता हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महंत, अखाड़ा प्रमुखों, महामंडलेश्वर को ही आश्रम निर्माण के लिए अनुमति इस प्रकार दी जाएगी कि एक हेक्टेयर के भूखंड पर 25 प्रतिशत पर ही भवन का निर्माण किया जा सकेगा। शेष 75 प्रतिशत भूखंड खुला रहेगा, जिसमें पार्किंग आदि व्यवस्थाओं के लिए पर्याप्त खुला स्थान रहे। आवासीय और कमर्शियल उपयोग के लिए इस प्रकार की अनुमति नहीं रहेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महाकाल महालोक बनने के बाद से बड़ी संख्या में श्रद्धालु उज्जैन आते हैं। निरंतर धार्मिक आयोजनों का क्रम जारी रहता है, जो कि इसी को ध्यान में रखते हुए पूरी योजना तैयार की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन-इंदौर सिक्स-लेन कार्य की टेंडर प्रक्रिया हो गई है। वहीं उज्जैन- जावरा ग्रीन फील्ड फोर-लेन मार्ग का शीघ्र भूमि-पूजन किया जाएगा। इस वृहद् योजना में इंदौर, उज्जैन, धार, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर आदि को विकसित किया जाएगा। उज्जैन के धार्मिक मूल स्वरूप को ध्यान में रखते हुए विकास कार्य किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंदौर-उज्जैन मेट्रो ट्रेन संचालन की सैद्धांतिक स्वीकृति भी दी गई है। इसी के साथ उज्जैन, देवास, फतेहाबाद, इंदौर को जोड़ते हुए सर्किल वंदे मेट्रो ट्रेन का भी संचालन किया जाएगा। इसकी गति मेट्रो ट्रेन की तुलना में अधिक होगी। रेल रूट के साथ उज्जैन के सभी मार्गों का भी सुदृढ़ीकरण किया जा रहा है। उज्जैन से निकलने वाले सभी मार्ग फोर-लेन किए जाएंगे। वर्तमान एयर-स्ट्रिप का भी उन्नयन कर टेक्निकल रूप से एयरपोर्ट बनाया जायेगा, जिससे 12 महीने हवाई यातायात सुविधा भी उज्जैन को मिल सके।   recent visitors 72

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उड़ान के 8 वर्ष पूर्ण होने पर दी नागरिकों को बधाई

भोपाल   मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भारत की विकास यात्रा में "उड़ान" (उड़े देश के आम नागरिक) योजना के अभूतपूर्व 8 वर्ष पूर्ण होने पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का अभिनंदन करते हुए नागरिकों को बधाई और शुभकामनाएँ दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृतव में भारत अब दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा घरेलू विमानन बाजार बन गया है। केंद्र सरकार की इस पहल में 2.8 लाख उड़ानें, 1.5 करोड़ यात्री, किफायती हवाई यात्रा एवं विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचे ने क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को समृद्ध किया है। विमानन क्षेत्र की ये उपलब्धियां वैश्विक स्तर पर भारत का मान बढ़ाती हैं।   recent visitors 72

मुख्यमंत्री ने कहा- 23 अक्टूबर को रीवा में होगी अगली रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव, विकास को एक नई दिशा मिलेगी

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि 23 अक्टूबर को रीवा में होने वाली प्रदेश की 5वीं रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव राज्य के साथ विंध्य क्षेत्र के औद्योगिक विकास को एक नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इस मंच से उद्योग, व्यापार, पर्यटन, और कृषि क्षेत्रों को सशक्त बनाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे। इससे राज्य एवं विशेष रूप से विंध्य क्षेत्र में औद्योगिक उन्नति और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे, जो राज्य के समग्र आर्थिक विकास को सशक्त और सुदृढ़ करेगा। कॉन्क्लेव में बिजनेस प्रमोशन सेंटर रीवा इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में व्यापारिक और औद्योगिक हितधारकों के लिए बिज़नेस प्रमोशन सेंटर की स्थापना की जा रही है, जहाँ 16 से अधिक प्रमुख सरकारी और निजी विभाग अपने उत्पादों, सेवाओं और नीतियों को प्रदर्शित करेंगे। इसका उद्देश्य व्यापार को सरल बनाने के साथ निवेशकों और उद्यमियों के बीच संवाद को बढ़ावा देना है, जिससे औद्योगिक वातावरण को सुदृढ़ किया जा सके। व्यापारिक सुगमता और औद्योगिक विकास पर ध्यान कॉन्क्लेव में एमपी इंडस्ट्रियल डेव्लपमेंट कॉरपोरेशन की प्रमुख भूमिका रहेगी, जो "ईज ऑफ डूइंग बिजनेस" के तहत व्यापारिक प्रक्रियाओं को सरल और सुगम बनाकर निवेशकों को व्यापार स्थापित करने में सहयोगी की भूमिका निभाएगा। एमपी स्टेट इलेक्ट्रॉनिक डेव्लपमेंट कॉरपोरेशन राज्य के आईटी एवं ईएसडीएम उद्योग में विकास और निवेश के अवसरों को साझा करेगा। एमएसएमई विभाग सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों को प्रोत्साहन देने के लिए अपनी योजनाओं और सहायता कार्यक्रमों की जानकारी प्रदान करेगा, जिससे इन उद्यमों का राज्य के औद्योगिक ढाँचे में और भी मजबूत योगदान हो सके। निर्यात और अंतर्राष्ट्रीय व्यापार को मिलेगी रफ्तार अंतर्राष्ट्रीय व्यापार और निर्यात को नई ऊँचाइयों पर पहुँचाने के उद्देश्य से डायरेक्टोरेट ऑफ फॉरेन ट्रेड निर्यात के अवसरों पर मार्गदर्शन प्रदान करेगा, जबकि कस्टम विभाग आयात-निर्यात प्रक्रियाओं और नियमों पर जानकारी देगा। इस दिशा में ईसीजीसी द्वारा निर्यातकों के लिए क्रेडिट बीमा और वित्तीय सेवाओं पर भी व्यापक जानकारी दी जाएगी, जिससे राज्य के निर्यातकों को वैश्विक स्तर पर अपनी पकड़ मजबूत करने का अवसर मिलेगा। पर्यटन और हस्तशिल्प उद्योग में निवेश के अवसर कॉन्क्लेव में मध्यप्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा राज्य के पर्यटन स्थलों और उद्योग में निवेश की संभावनाओं पर विशेष जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा, हस्तशिल्प विकास निगम राज्य के हस्तशिल्प उद्योग को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से अपने उत्पादों को बाजार में लाने के नए तरीकों पर जानकारी देगा। कृषि और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के लिए सुनहरे अवसर कृषि और प्र-संस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण द्वारा कृषि उत्पादों के निर्यात के अवसरों की जानकारी दी जाएगी, जो राज्य के कृषि उद्योग के लिए अंतर्राष्ट्रीय बाजारों तक पहुँच को और अधिक सुगम बनायेगा। यह कॉनक्लेव कृषि और खाद्य प्र-संस्करण क्षेत्र के उद्यमियों को वैश्विक निर्यात का हिस्सा बनने का सुनहरा मौका प्रदान करेगा। बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं का समर्थन बिजनेस और उद्योग को वित्तीय सहयोग प्रदान करने के लिए यूनियन बैंक एवं फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (FICCI) बैंकिंग और वित्तपोषण से संबंधित सेवाओं की जानकारी देंगे। साथ ही इंजीनियरिंग एक्सपोर्ट प्रमोशन कॉउंसिल (EEPC India) द्वारा इंजीनियरिंग उत्पादों के निर्यात और संबंधित सहायता कार्यक्रमों की जानकारी दी जाएगी।   recent visitors 66

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रीवा में किया उद्योगपतियों से संवाद, उद्योगपति अपने लिए ही नहीं प्रदेश और देश के लिए चला रहे हैं उद्योग

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि विन्ध्य में औद्योगिक विकास की अपार संभावनाएं हैं। इन्हें गति देने के लिए 23 अक्टूबर को रीवा में रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव का आयोजन किया जा रहा है। उद्योगों के विकास की सभी बाधाएं दूर की जाएंगी। सभी उद्योगपति अपनी कठिनाइयों को उद्योग विभाग अवगत कराएं। हर जिले में निवेश संवर्धन केन्द्र खोल दिये गये है। इसके माध्यम से भी सरकार तक अपनी बात पहुंचाएं। उद्योगपतियों की स्थानीय कठिनाइयों को दूर करने की जिम्मेदारी कमिश्नर और कलेक्टर की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विन्ध्य के उद्योगपतियों को उत्पादों के निर्यात के लिए कंटेनर की सुविधा मिलेगी। अब रेल के साथ मालवाहक हवाई जहाजों से भी परिवहन होगा। उद्योगपति केवल अपने लिए उद्योग नहीं चलाते हैं। उनके द्वारा संचालित उद्योग से प्रदेश और देश का विकास भी होता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रीवा में 23 अक्टूबर को होने वाली रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के संदर्भ में स्थानीय उद्योगपतियों के साथ चर्चा कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के औद्योगिक विकास को गति देने के लिए हर माह संभागीय मुख्यालयों में रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव का आयोजन किया जा रहा है। जब कुँआ खुद प्यासे के पास जा रहा है तब उद्योगों को भला कौन सी कठिनाई होगी। उद्योगपतियों से संवाद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि धान की मिलिंग के संबंध में जो कठिनाईयाँ हैं उन्हें दूर करने के लिए शीघ्र निर्णय लिया जाएगा। मिलिंग नीति में राइस मिलर्स के हितों का पूरा ध्यान रखा जाएगा। उद्योगों के लिये वर्ष 2022-23 के अनुदान की राशि जारी कर दी गई है। अब अनुदान की राशि सीधे उद्योगपति के खाते में जारी की जाएगी। विन्ध्य क्षेत्र के विकास की हर बाधा दूर की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मैं रीवा का दामाद हूँ, रीवा के विकास में कोई कोर कसर नहीं रखूंगा।  उद्योगों पर नहीं होगा दोहरा कराधान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैठक में उपस्थित रीवा तथा मऊगंज के उद्योगपतियों से चर्चा की और सिंगरौली, सीधी, मैहर तथा सतना के उद्योगपतियों से वर्चुअल संवाद किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र के उद्योगों पर दोहरा कराधान नहीं होगा। आगामी 23 अक्टूबर को रीवा में पूरे विन्ध्य के औद्योगिक विकास के लिए विचार-मंथन के लिए कॉन्क्लेव होगा। इसमें शामिल होने के लिए 50 बड़े उद्योगपतियों के साथ 3 हजार से अधिक उद्योगपतियों ने पंजीयन किया है। इसी दिन औद्योगिक केन्द्र चोरहटा में विद्युत सब-स्टेशन के निर्माण तथा रीवा में आईटी पार्क के निर्माण का भूमि-पूजन भी किया जायेगा। विन्ध्य में कई बड़े उद्योगों की स्थापना के प्रस्ताव रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में मिलेंगे। बैठक में उद्योगपतियों ने औद्योगिक विकास के अनुसार जिलों के श्रेणीकरण, रीवा को विशेष औद्योगिक जोन का दर्जा देने, धान मिलिंग तथा बारदाने की राशि के भुगतान, छोटे शहरों के औद्योगीकरण को प्राथमिकता देने, सिंगरौली में उद्योगों के लिए पर्याप्त पानी की उपलब्धता, पॉवर, एल्युमिनियम और सीमेंट प्लांट सहित विभिन्न सुझाव दिए। मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री राघवेन्द्र कुमार सिंह ने रीजनल इंडस्ट्री कान्क्लेव की रूपरेखा प्रस्तुत की। उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा, उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल, सांसद रीवा श्री जनार्दन मिश्र, सांसद सीधी डॉ. राजेश मिश्रा, विधायक त्योंथर श्री सिद्धार्थ तिवारी, विधायक मनगवाँ श्री नरेन्द्र प्रजापति, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. नीता कोल, प्रबंध संचालक औद्योगिक विकास निगम श्री चन्द्रमोली शुक्ला, कमिश्नर रीवा श्री बी.एस. जामोद और कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल उपस्थित रहीं। बैठक में उद्योग संघ रीवा के अध्यक्ष श्री राजीव खन्ना, श्री जी.एस. साहनी, श्री दिलीप सिंह, श्री आर.के. रोघटा, श्री आदित्य प्रताप सिंह, श्रीमती विभा व्रिकांत द्विवेदी सहित अन्य उद्योगपति शामिल हुए।   recent visitors 75

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 3 ईएमई सेंटर में भूतपूर्व सैनिक सम्मान कार्यक्रम को किया संबोधित

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय सेना का मनोबल बढ़ा है। सेना को नवीन तकनीक के नवीनतम हथियार उपलब्ध कराए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने विदेशी हथियारों पर भारतीय सेना की निर्भरता कम करते हुए स्वदेशी लड़ाकू विमान और हथियार निर्माण पर विशेष ध्यान दिया है। अब हम सिर्फ युद्ध का जवाब ही नहीं देते बल्कि घर में घुसकर मारते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव 3 ईएमई सेंटर भोपाल में भूतपूर्व सैनिक सम्मान कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भूतपूर्व सैनिकों की देश भक्ति और समर्पण में वर्तमान सेना की नींव रखी है। जब भी मौका पड़ा आप सभी ने वीरता और शौर्य का परिचय देकर भारतीय लोकतंत्र की रक्षा की है। भारत के साथ और भी देश आजाद हुए थे। लेकिन वर्तमान समय में विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र यदि जीवित है तो यह भारतीय सेना के कारण ही संभव हुआ है। सेना ने देश की सीमाओं की रक्षा कर लोकतंत्र को जीवित रखा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारतीय सेना के भूतपूर्व सैनिकों के अविस्मरणीय योगदान के लिए प्रदेश की जनता की ओर से अभिनंदन किया। मध्यप्रदेश सैनिक कल्याण में सदैव अग्रणी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सैनिक कल्याण में सदैव अग्रणी रहा है। यहाँ सेवारत एवं सेवानिवृत्त सैनिकों के लिये विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का सफल संचालन हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सेना और उनके परिवारों के लिए कल्याणकारी निर्णयों की जानकारी देते हुए बताया कि युद्ध एवं सैनिक कार्रवाई में शहीद होने वाले सेना/केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बल के शहीदों के आश्रितों को एक करोड़ रुपये की सहायता राशि और एक आश्रित को शासकीय सेवा में विशेष नियुक्ति दी जाएगी। सहायता राशि का आधा अंश शहीद की पत्नी को और आधा अंश आश्रित माता-पिता को दिया जाएगा। शहीदों के माता-पिता को दी जाने वाली मासिक अनुदान की राशि बढ़ाकर 10 हजार रूपये और शहीदों की पुत्रियों एवं बहनों के विवाह पर आशीर्वाद राशि भी बढ़ाकर 51 हजार रुपये की गई है। प्रदेश में निवासरत द्वितीय विश्व युद्ध के सैनिकों एवं उनकी पत्नियों की पेंशन 8 हजार रुपये से बढ़ाकर 15 हजार रुपये प्रतिमाह की गई है, जो देश में सर्वाधिक है। मध्यप्रदेश निवासी ऐसे माता-पिता, जिनकी पुत्री सेना में है, उनकी सम्मान निधि 10 हजार रुपये से बढ़ाकर 20 हजार रुपये प्रतिवर्ष की गई है। राज्य शासन द्वारा विभिन्न शौर्य एवं विशिष्ट सेवा अलंकरणों से सम्मानित सैनिकों एवं उनके आश्रितों को सर्वाधिक सम्मान राशि दी जाती है। भूतपूर्व सैनिकों, विधवाओं, विकलांग सैनिकों एवं आश्रितों को विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत आर्थिक सहायता तथा छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है, जो पूरे देश में सर्वाधिक है। भूतपूर्व सैनिकों को शासकीय नौकरियों में आरक्षण मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा किप्रदेश में पूर्व सैनिकों के बच्चों को मेडिकल, इंजीनियरिंग, टेक्निकल एजुकेशन, लॉ सहित विभिन्न कोर्सेस में आरक्षण दिया जाता है। सभी सरकारी विभागों के ग्रुप सी एवं डी पदों पर भूतपूर्व सैनिकों को आरक्षण के साथ जिला सैनिक कल्याण कार्यालयों में सहायक ग्रेड-3 स्तर पर कर्मचारियों के पदों में वृद्धि करने कानिर्णय लिया गया है। शासन की योजनाओं के अंतर्गत जमीन के लिए सैनिकों को आरक्षण दिया जाता है। recent visitors 80