Thursday, July 16, 2026 10:50 pm

मुख्यमंत्री योगी 3 दिवसीय उत्तराखंड दौरे के चलते कल भतीजी की शादी में होंगे शामिल

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 3 दिवसीय उत्तराखंड दौरे पर जाएंगे। वह अपनी भतीजी की शादी में शामिल होने के लिए पौड़ी जिले के अपने पैतृक गांव पंचूर जा रहे हैं। शादी समारोह में भाग लेने के बाद वह अपने गांव के पास आयोजित कुछ स्थानीय कार्यक्रमों में भी शामिल होंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शाम 5 बजे पंचूर पहुंचने की उम्मीद है, जहां वह रात्रि विश्राम करेंगे। 6 फरवरी को यमकेश्वर ब्लॉक के बनास तल्ला गांव का दौरा करेंगे CM योगी मिली जानकारी के मुताबिक, 6 फरवरी को वह यमकेश्वर ब्लॉक के बनास तल्ला गांव का दौरा करेंगे। जहां वह यमकेश्वर महादेव मंदिर में दर्शन करेंगे, और इसके बाद पौड़ी जिले के विथ्याणी गांव स्थित गुरु गोरखनाथ राजकीय महाविद्यालय में आयोजित किसान मेले में भाग लेंगे। इस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ महाविद्यालय में 100 फीट ऊंचे तिरंगे का उद्घाटन भी करेंगे और एक जनसभा को संबोधित करेंगे। वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का 8 फरवरी की शाम लखनऊ लौटने का कार्यक्रम है। 2022 में उन्होंने अपनी मां से आशीर्वाद लिया था, लेकिन कोविड महामारी के कारण वह अपने पिता के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो सके थे। 5 जून 1972 को पौड़ी के पंचूर गांव में हुआ था सीएम योगी का जन्म योगी आदित्यनाथ का जन्म 5 जून 1972 को पौड़ी के पंचूर गांव में हुआ था। उनका असली नाम अजय मोहन सिंह बिष्ट था। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा चामकोटखाल के स्कूल से प्राप्त की थी और फिर हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय से गणित में स्नातक की डिग्री पूरी की। योगी आदित्यनाथ ने 1990 के दशक में अयोध्या राम मंदिर आंदोलन में शामिल होने के बाद संन्यास ले लिया था और गोरखपुर स्थित गुरु गोरक्षनाथ मठ में निवास करने लगे। CM के 7 भाई-बहन हैं, जिनमें 3 बहनें और 4 भाई शामिल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 7 भाई-बहन हैं। उनकी तीन बहनें और चार भाई हैं। उनके बड़े भाई मानवेंद्र मोहन सरकारी कॉलेज में नौकरी करते हैं, जबकि शैलेंद्र मोहन भारतीय सेना में सेवा दे रहे हैं और महेंद्र मोहन एक स्कूल में कार्यरत हैं। यह दौरा योगी आदित्यनाथ के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि वह अपने पैतृक गांव में अपनी भतीजी की शादी में शामिल होने के बाद परिवार और राज्य के कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। recent visitors 42

महाकुंभ भगदड़ पर अखिलेश के एक-एक वार पर सीएम योगी का पलटवार, कहा- सनातन धर्म के खिलाफ ली गई है सुपारी

प्रयागराज महाकुंभ में भगदड़ और मौतों को लेकर विपक्ष खासकर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के बयानों को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को खूब बरसे। अखिलेश यादव के एक-एक वार पर पलटवार किया। सीएम योगी ने यहां तक कहा कि सनातन धर्म के खिलाफ सुपारी लेकर झूठ फैलाया जा रहा है। अखिलेश यादव और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का नाम लेकर सीएम योगी ने जबरदस्त हमला किया। अखिलेश यादव ने सरकार पर भगदड़ के बाद हुई मौतों का आंकड़ा छिपाने, शाही स्नान की परंपरा टूटने, बिना स्नान ही महाकुंभ से लाखों लोगों के लौटने जैसे आरोप लगाए थे। इन आरोपों का सीएम योगी ने एक-एक कर जवाब दिया। प्रयागराज में मीडिया से बात करते हुए सीएम योगी ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जन खरगे और सपा के अध्यक्ष अखिलेश यादव का बयान न केवल इनके सनातन विरोधी चरित्र को उजागर करता है बल्कि इनकी उस गिद्ध दृष्टि की ओर भी सभी का ध्यान आकर्षित करता है जो लगातार महाकुंभ को लेकर पहले दिन से दुष्प्रचार कर रहे हैं। उनका यह बयान न केवल सनातन धर्म पर प्रहार है बल्कि निंदनीय भी है और शर्मनाक भी है। सीएम योगी ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष का यह कहना कि महाकुंभ में मौनी अमावस्या के दिन हजारों लोग मर गए, इस पर अफसोस होता है। उनसे अपेक्षा की जाती है कि वह मर्यादित बयान संसद में रखें। इतना गुमराह करने वाला बयान और झूठ पर झूठ बोले गए। इसी तरह सपा अध्यक्ष का बयान है। दोनों दलों के बीच झूठ बोलने की प्रतिस्पर्धा चल रही है। सीएम योगी ने कहा कि यह कहना कि आंकड़े नहीं दिए गए की सच्चाई सभी को पता है। यहां के प्रशासन ने आंकड़े दिए। उन आंकड़ों को मैंने भी सभी के सामने रखा है। घटना दुखद थी। हर व्यक्ति दुखी था। लेकिन जितने क्विक रिस्पांस से मेला प्रशासन, पुलिस, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, सिविल डिफेंस सभी ने मिलकर घायलों को अस्पताल पहुंचाने का काम किया है। यह अपने आप में एक मिसाल है। सीएम योगी ने कहा कि करोड़ों लोग उस दिन प्रयागराज में उपस्थित थे। दोनों दल और सनातन विरोधी चाहते थे कि महाकुंभ में बड़ा हादसा हो जाए। हमारी पहली प्राथमिकता थी कि किसी भी स्थिति में इसको हम जीरो हादसे तक लेकर जाएं। इसके बाद भी कुछ लोग हादसे का शिकार हुए। हम लोगों ने घायलों का प्रापर इलाज कराया। कहा कि आज भी कुछ घायल मेडिकल कॉलेज में हैं। कई अपने परिजनों के साथ चले गए हैं। सभी घायलों से हम लोगों ने मुलाकात की है। सभी ने कहा कि व्यवस्था में खामी नहीं थी। हमारी किस्मत है कि ऐसी स्थिति पैदा हुई। सीएम योगी ने कहा कि उनसे बात के बाद सभी पहलुओं को लेकर सरकार जांच करा रही है। इसके लिए न्यायिक आयोग गठित किया गया। हमारी पहली प्राथमिकता थी कि जो आठ से नौ करोड़ लोग प्रयागराज में उपस्थित थे, उन्हें उनके घरों तक सुरक्षित भेजना। इन दोनों दलों और सनातन धर्म विरोधी लोगों के बयान कि लाखों लोगों ने स्नान नहीं किया और शाही स्नान नहीं हुआ, कहना गुमराह करने वाला बयान है। यह सनातन धर्म की अवमानना ही नहीं उसे बदनाम करने का एक हिस्सा है। सीएम योगी ने कहा कि कोई परंपरा बाधित नहीं हुई है। मौनी अमावस्या का स्नान पहले दिन शाम साढ़े सात बजे से प्रारंभ हो गया था। अगले दिन पूरे दिन भर देर शाम तक मौनी अमावस्या का मुर्हूत था। स्वाभाविक रूप से अखाड़ों ने मेला प्रशासन से बातचीत करके अपने शाही स्नान को कुछ देर के लिए स्थगित किया था। दोपहर में मेरी बात हुई तो उसके बाद सभी ने परंपरागत तरीके से स्नान किए। तीनों शाही स्नान हुए और सभी अखाड़े उसमें शामिल हुए। सीएम योगी ने कहा कि सपा अध्यक्ष का यह बयान कि सरकार ने सौ करोड़ लोगों के आने की घोषणा की थी, हास्यास्पद है। इन्हें बयान थोड़ा पढ़ना चाहिए। यह लोग 12 बजे सोकर उठते हैं। कार्यालय स्टाफ जिस तरह का नोट बनाकर देता है, उसे पढ़ देते हैं। यह लोग एक लीडर की जगह एक रीडर की तरह उसे पढ़कर अपनी जगहंसाई कराते हैं। मैने बार-बार कहा कि 40 से 45 करोड़ लोग इस महाकुंभ में भागीदार बनेंगे। पिछले 22 दिन के अंदर 38 करोड़ श्रद्धालु यहां आ चुके हैं। कल बसंत पंचमी पर अंतिम शाही स्नान संपन्न हुआ है। पूरी दुनिया यहां आ रही है लेकिन जो लोग सनातन धर्म के खिलाफ सुपारी लेकर साजिश कर रहे हैं, इनकी साजिश कामयाब नहीं होगी। 29 जनवरी की साजिश की तह तक जाएंगे। साजिश करने वालों को बेनकाब करेंगे। साजिश करने वालों को सजा कैसे दिलाई जाती है, सब ने पहले भी देखा होगा। आगे भी सभी देखेंगे। recent visitors 48

‘जल जीवन मिशन’ के तहत ‘हर घर नल योजना’ में सामुदायिक अंशदान का वहन अब योगी सरकार करेगी, बड़ी सौगात

लखनऊ योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश के ग्रामीणों को बड़ी सौगात दी है। 'जल जीवन मिशन' के तहत 'हर घर नल योजना' में सामुदायिक अंशदान का वहन अब योगी सरकार करेगी। 'हर घर तक नल' पहुंचाने में पूंजी लागत का 10 फीसदी भाग सामुदायिक अंशदान के रूप में ग्रामीणों से लिए जाने की योजना थी, लेकिन योगी सरकार ने तय किया है कि इस राशि का बोझ आमजन पर न पड़े। इसके लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। गौरतलब है कि यूपी में 'जल जीवन मिशन' के तहत 40,951 योजनाएं स्वीकृत हैं। कुल कार्य की लागत 1,52,521.82 करोड़ है। इसमें केंद्रांश 71,714.68 और राज्यांश 71,714.68 करोड़ रुपये है। लागत के सापेक्ष यूपी का सामुदायिक अंशदान 9,092.42 करोड़ रुपये होता है। योगी सरकार की तरफ से 2024-25 में इसके लिए 2,000 करोड़ रुपये के बजट की व्यवस्था भी की गई है। इसका लाभ उत्तर प्रदेश के लगभग 2,32,95,697 परिवारों को मिलेगा। 'जल जीवन मिशन' के अंतर्गत उत्तर प्रदेश की ग्रामीण आबादी को शुद्ध पेयजल की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इसमें निर्माण लागत के सापेक्ष सामुदायिक अंशदान की व्यवस्था थी। सामुदायिक अंशदान के तहत एससी/एसटी आबादी वाले गांवों में पूंजीगत लागत का 5 फीसदी व अन्य गांवों में 10 प्रतिशत भाग आमजन से लिया जाना तय था। लेकिन, सरकार ने आमजन को पेयजल उपलब्ध कराने को लोक कल्याणकारी दायित्व के रूप में मानते हुए चालू वित्तीय वर्ष 2024-25 में 2,000 करोड़ रुपये की व्यवस्था कराने का निर्णय लिया है। इससे ग्रामीणों को सामुदायिक अंशदान नहीं देना होगा। वर्तमान में हरियाणा, बिहार, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में राज्य सरकार द्वारा सामुदायिक अंशदान वहन किया जा रहा है। राजस्थान में भी मुख्यमंत्री ने इसे राज्य सरकार द्वारा वहन किए जाने की घोषणा की है, जबकि मध्य प्रदेश में यह राज्य सरकार द्वारा विचाराधीन है। उत्तर प्रदेश में ग्रामीणों को 'जल जीवन मिशन' के तहत हर घर जल के लिए सामुदायिक अंशदान नहीं देना होगा। ग्रामीणों को सिर्फ रखरखाव के लिए 50 रुपये (वाटर टैरिफ कलेक्शन) अपनी ग्राम पंचायत को देने होंगे। नमामि गंगे व जलापूर्ति विभाग के अपर मुख्य सचिव अनुराग श्रीवास्तव ने बताया कि उत्तर प्रदेश के ग्रामीणों पर बोझ न पड़े, इसके लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर यूपी में सामुदायिक अंशदान का वहन सरकार द्वारा करने के निर्देश दिए गए हैं। वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए 2,000 करोड़ रुपये का बजट भी जारी कर दिया गया है। सरकार हर घर तक पेयजल पहुंचाने को संकल्पित है। हर घर नल में बुंदेलखंड की प्रगति :- जिला – नल कनेक्शन (परिवार) – प्रतिशत महोबा – 1,39,621 – 99.71 झांसी – 2,49,100 – 99.15 ललितपुर – 2,05,865 – 99.46 चित्रकूट – 1,63,698 – 99.83 बांदा – 2,67,198 – 99.34 जालौन – 2,03,309 – 95.87 हमीरपुर – 1,85,261 – 99.32 विंध्य क्षेत्र में प्रगति की स्थिति :- जिला – नल कनेक्शन (परिवार) – प्रतिशत मिर्जापुर – 3,49,292 – 98.34 सोनभद्र – 2,53,938 – 80.83   recent visitors 146

मुख्यमंत्री योगी ने कहा- पूरे प्रदेश में तेज ठंड का मौसम है, शीतलहर चल रही है, सुरक्षा के दृष्टिगत विशेष सतर्कता बरतने वाले है

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ठंड के मौसम में आमजन की स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुख्ता इंतजाम रखने के निर्देश दिए हैं। वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरे प्रदेश में तेज ठंड का मौसम है। शीतलहर चल रही है। यह समय बुजुर्गों, बच्चों और गंभीर रोग से ग्रस्त लोगों की सुरक्षा के दृष्टिगत विशेष सतर्कता बरतने वाले है। सर्दी, खांसी, श्वांस से जुड़े मरीजों की संख्या में बढ़ोत्तरी संभावित है। ऐसे में स्वास्थ्य तंत्र को अलर्ट रहने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी सरकारी अस्पतालों में मरीजों को अच्छी चिकित्सा सुविधा मिलनी चाहिए। जांच हो या दवाओं की उपलब्धता, सब कुछ चाक-चौबंद हो। आम आदमी को परेशान न होना पड़े। महाकुंभ में तीर्थयात्रियों की स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सुविधाओं की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी सेक्टरों में इलाज के पुख्ता इंतजाम हों। एम्बुलेंस की सुविधा उपलब्ध रहे। सर्दी, खांसी, बुखार जैसी मौसमी समस्या हो अथवा कोई अन्य गंभीर बीमारी, सभी को समुचित चिकित्सकीय सहायता मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बीमार लोगों को सहायता उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम सभी सेक्टरों में सतत भ्रमण करे और लोगों का हाल-चाल ले, जरूरत हो तो उन्हें उचित चिकित्सकीय सहायता दिलाई जाए।   recent visitors 67

मनरेगा श्रमिकों का बिल्डिंग एंड अदर कंस्ट्रक्शन वेलफेयर बोर्ड पोर्टल पर अनिवार्य रूप से पंजीकरण हो, योगी सरकार ने दिए निर्देश

लखनऊ योगी सरकार श्रमिक कल्याण के क्षेत्र में अहम कदम उठाते हुए भवन एवं अन्य सन्निर्माण श्रमिकों और मनरेगा श्रमिकों के पंजीकरण को प्राथमिकता दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी सम्बन्धित अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि मनरेगा श्रमिकों का उत्तर प्रदेश बिल्डिंग एंड अदर कंस्ट्रक्शन वेलफेयर बोर्ड (BOCW) पोर्टल पर अनिवार्य रूप से पंजीकरण हो। जिससे कई भी श्रमिक बीओसीडब्ल्यू बोर्ड की योजनाओं के लाभ से वंचित न रहें। 1.29 लाख से अधिक श्रमिकों का हुआ पंजीकरण योगी सरकार का यह कदम न केवल श्रमिकों को योजनाओं का सीधा लाभ पहुंचाने में सहायक है, बल्कि उनके जीवन स्तर को ऊपर उठाने और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में भी एक महत्त्वपूर्ण प्रयास है। इस दिशा में, मनरेगा योजना के अंतर्गत जॉब कार्ड धारकों को पोर्टल पर पंजीकरण कराने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। ग्राम्य विकास मुख्यालय स्तर से जनपदों के अधिकारियों को पंजीकरण के कार्य को तेज गति से पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं साथ ही इसी बकायदा मॉनिटरिंग भी की जा रही है। आंकड़ों पर नजर डालें तो प्रदेश में वित्तीय वर्ष 2024-25 में अब तक 1.29 लाख से अधिक श्रमिकों का पंजीकरण कराया जा चुका है। शेष श्रमिकों का पंजीकरण शीघ्र कराने के लिए अधिकारी सक्रिय रूप से कार्यरत हैं। श्रमिक पंजीकरण प्रक्रिया की हो रही नियमित समीक्षा योगी सरकार श्रमिकों के कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। पंजीकरण प्रक्रिया में पारदर्शिता और सुगमता सुनिश्चित करने के लिए तकनीकी साधनों का उपयोग किया जा रहा है। सभी अधिकारियों को यह निर्देश दिए गए हैं कि श्रमिकों के पंजीकरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो। साथ ही, नियमित समीक्षा बैठकों के माध्यम से प्रगति की निगरानी की जा रही है। बीओसीडब्ल्यू बोर्ड के तहत चलाई जा रही योजनाएं श्रमिकों और उनके परिवारों को सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से बनाई गई हैं। इनमें मातृत्व, शिशु एवं बालिका मदद योजना शामिल है, जो महिलाओं और बालिकाओं को स्वास्थ्य और आर्थिक सहायता प्रदान करती है। कन्या विवाह सहायता योजना गरीब श्रमिक परिवारों की बेटियों के विवाह में आर्थिक मदद प्रदान करती है। संत रविदास शिक्षा प्रोत्साहन योजना श्रमिकों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करती है, जबकि अटल आवासीय विद्यालय योजना उन्हें बेहतर शिक्षा और आवासीय सुविधा प्रदान करती है। निर्माण कामगार मृत्यु एवं दिव्यांगता सहायता योजना दुर्घटनाओं की स्थिति में आर्थिक सहायता प्रदान करती है। महात्मा गांधी पेंशन योजना आर्थिक रूप से कमजोर श्रमिकों को नियमित पेंशन सुविधा प्रदान करती है। आपदा राहत सहायता योजना प्राकृतिक आपदाओं में श्रमिकों को राहत प्रदान करती है, और गंभीर बीमारी सहायता योजना श्रमिकों को इलाज के लिए वित्तीय सहायता देती है। इसके अतिरिक्त, पंडित दीनदयाल उपाध्याय चेतना योजना श्रमिकों के सशक्तिकरण और कल्याण के लिए विशेष सहायता प्रदान करती है। श्रमिकों की सामाजिक-आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित कर रही योगी सरकार श्रमिकों को योजनाओं का लाभ पहुंचाना केवल आर्थिक सहायता प्रदान करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उन्हें आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने का प्रयास है। सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि श्रमिक अपने अधिकारों और योजनाओं की जानकारी से अवगत हों। इसके लिए जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में उत्तर प्रदेश सरकार श्रमिकों की भलाई के लिए ठोस कदम उठा रही है। यह पहल न केवल श्रमिकों को सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा प्रदान करेगी, बल्कि उनके जीवन को भी सरल और सम्मानजनक बनाएगी। श्रमिक पंजीकरण और योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने की यह रणनीति प्रदेश में समग्र विकास और समृद्धि की दिशा में एक बड़ा कदम है। recent visitors 68

देश, धर्म के लिए बलिदान होने वाली लंबी श्रृंखला सदैव से समाज को नया जीवन देती रही है: सीएम योगी

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि शहीद का बलिदान कौम की जिंदगी होती है। देश, धर्म के लिए बलिदान होने वाली लंबी श्रृंखला सदैव से समाज को नया जीवन देती रही है। आजादी के अमृत महोत्सव कार्यक्रम के अवसर पर पीएम मोदी ने आगामी 25 वर्ष का लक्ष्य रखते हुए कहा कि देश को 2047 तक 'विकसित भारत' बनाना है। उन्होंने पंच प्रण की बात कही। इसमें मुख्यतः गुलामी के अंशों को सर्वथा समाप्त करना, महापुरुषों पर गौरव की अनुभूति, सुरक्षा बलों के जवानों का सम्मान करना है। उन्होंने सोमवार को होटल ताज में आयोजित 'शौर्य सम्मान-2025' कार्यक्रम का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। उन्होंने शहीदों के परिजनों सहित उत्तर प्रदेश का गौरव बढ़ाने वाली प्रतिभाओं को सम्मानित किया। सीएम योगी ने कहा कि जवान सर्दी, गर्मी, बरसात की परवाह किए बिना देश की सीमाओं की रक्षा करते हैं। इस समय भी जब माइनस 20, 25, 10 तापमान है, तब देश की सीमाओं पर भारत मां के जवान दिन-रात खड़े होकर, पुलिस बल के जवान निरंतर पेट्रोलिंग में रहकर आमजन के मन में सुरक्षा का भाव पैदा करते हैं। यदि समाज आर्मी, पैरामिलिट्री, पुलिस बल के जवानों का सम्मान नहीं करेगा या शहीद परिवारों के बारे में नहीं सोचेगा तो इसका मतलब हम राष्ट्रीय दायित्वों का निर्वहन नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यहां 1965-1971 में पाकिस्तान के खिलाफ हुए युद्ध में भागीदार, शहीदों के परिजनों, भारतीय सेना के जवानों, देश के अंदर विभिन्न ऑपरेशन में भाग लेने वाले स्मृतिशेष जवानों के परिजनों का सम्मान हुआ। सुरक्षा के बिना सभ्य समाज की कल्पना नहीं की जा सकती है। स्वतंत्रता का अहसास हो, लेकिन हमारी स्वतंत्रता दूसरे की स्वतंत्रता में बाधा न बने। बाबा साहेब ने जो संविधान दिया, उसके अनुसार सुरक्षा की पहली शर्त सुशासन है। सुशासन की स्थापना के लिए जो जवान दिन-रात लगे रहते हैं, उन्हें सम्मान देना राष्ट्रीय दायित्वों के निर्वहन जैसा है। सीएम योगी ने 2017 के पहले और अब के उत्तर प्रदेश का अंतर बताते हुए कहा कि 2017 के पहले कोई सुरक्षित नहीं था। नौजवानों के भविष्य से खिलवाड़ होता था। उनके पास नौकरी और रोजगार नहीं था। यूपी की पहचान दंगाग्रस्त और अराजक प्रदेश के रूप में थी। आज उत्तर प्रदेश सुरक्षित है। स्वत:स्फूर्त भाव के साथ प्रदेश में सभी कार्यक्रम संचालित हो रहे हैं। तंत्र वही है, बस सरकार का चेहरा बदल गया। यह वही प्रदेश है, जहां पहले कोई निवेश नहीं करता था। 2017 के पहले हर परीक्षा की शुचिता और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े होते थे। प्रत्येक सप्ताह दो से तीन बड़े दंगे होते थे, लेकिन आज प्रदेश दंगामुक्त है। सर्वाधिक निवेश को आमंत्रित करने वाला प्रदेश है। बिना भेदभाव के योग्यता के आधार पर सरकारी-निजी क्षेत्र में नौकरी और रोजगार की गारंटी देने वाला प्रदेश है। सीएम योगी ने कहा कि जिस प्रदेश में 40 हजार करोड़ का निवेश नहीं आता था, उस प्रदेश में आज 40 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिससे 1.25 करोड़ नौकरी की गारंटी मिली। बदली परिस्थितियों की नींव में सुरक्षा, कानून-व्यवस्था की बेहतर स्थिति है। इसके लिए हमने अपने जवान भी खोए हैं। 2017 में प्रदेश सरकार ने पॉलिसी बनाई कि कोई जवान (सेना, अर्धसेना, पुलिस बल) शहीद होता है तो उसके परिवार की जिम्मेदारी सरकार की होगी। हमने 1.50 लाख से अधिक पुलिसकर्मियों के खाली पदों को भरा। उन्होंने कहा कि 2017 के पहले पुलिस भागती थी, अपराधी दौड़ाता था। आज अपराधी हांफते-हांफते मर रहा है। पुलिस, अपराधी और उनके आकाओं को सही जगह पहुंचा रही है। यह नए भारत के नए उत्तर प्रदेश का बदला स्वरूप है। यहां सुरक्षा, सम्मान, पहचान भी है। इस साल के अंत तक जब गंगा एक्सप्रेसवे बन जाएगा तो देश का 55 फीसदी एक्सप्रेसवे यूपी के पास होगा। सबसे अधिक रेलवे नेटवर्क, एयरपोर्ट, मेट्रो संचालित, सर्वाधिक नगर निकाय, आस्था को गौरव के साथ आगे बढ़ाने वाला प्रदेश उत्तर प्रदेश होगा। सीएम ने कहा कि 13 जनवरी से 26 फरवरी तक प्रयागराज की धरती पर महाकुंभ-2025 होने जा रहा है। यह मुहूर्त 144 वर्ष बाद आया है। महाकुंभ के बहाने प्रयागराज और आसपास के शहरों का भी कायाकल्प हुआ है। 200 से अधिक सड़कों को सिंगल से डबल, डबल से फोरलेन, फोरलेन से सिक्सलेन बनाया गया। एक वर्ष में एक शहर में 14 नए फ्लाईओवर बनकर तैयार हुए। रेलवे स्टेशनों का पुनरुद्धार हुआ, एयरपोर्ट नए सिरे से देखने को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि अक्षयवट, सरस्वती देवी, बड़े हनुमान, महर्षि भारद्वाज, श्रृंगवेरपुर, पातालपुरी कॉरिडोर आदि पहली बार देखने को मिलेंगे। दुनिया की तीसरी बड़ी आबादी के बराबर श्रद्धालु प्रयागराज आएंगे। एक दिन में 10 करोड़ श्रद्धालु भी आ गए तो आसानी से स्नान कर पुण्य प्राप्त करेंगे। 'स्वच्छ महाकुंभ' के लिए जीरो लिक्विड डिस्चार्ज की व्यवस्था है। 1.50 लाख से अधिक शौचालय बनाए गए हैं। पीएम मोदी के नेतृत्व में इस सदी का महाकुंभ 'डिजिटल महाकुंभ' के रूप में जाना जाएगा। प्रयागराज महाकुंभ आस्था और आधुनिकता का संगम होगा। अयोध्या, काशी, मां विंध्यवासिनी धाम, चित्रकूट, लखनऊ, श्रृंगवेरपुर आदि आध्यात्मिक विरासत से जुड़ने का अवसर प्राप्त होगा। उन्होंने भारतीय संस्कृति के समागम में सभी को आमंत्रित किया।   recent visitors 73

सीएम योगी करेंगे 11 जनवरी को 11 बजे रामलला का अभिषेक, भजन भी होगा लॉन्च, 13 जनवरी तक प्रतिष्ठा द्वादशी का आयोजन

अयोध्या भव्य मंदिर में रामलला के विराजमान होने के एक वर्ष पूरे होने पर अयोध्या में 11 से 13 जनवरी तक प्रतिष्ठा द्वादशी का आयोजन होगा। 11 जनवरी को पहले दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 11 बजे गर्भगृह में श्रीरामलला का अभिषेक करेंगे। उसके बाद अंगद टीला पर होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम का उद्घाटन कर श्रद्धालुओं को संबोधित भी करेंगे। उसी दिन सोनू निगम, शंकर महादेवन और मालिनी अवस्थी समेत कई मशहूर कलाकारों द्वारा गाया गया भजन भी रिलीज किया जाएगा। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि भारतीय संस्कृति और सनातन धर्म के अधिष्ठाता मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्री राम जी के जन्म स्थान अयोध्या धाम में नवनिर्मित मंदिर की स्थापना का एक वर्ष 11 जनवरी को संपन्न हो रहा है। इस दौरान 13 जनवरी तक उत्सव मनाया जाएगा। इसकी तैयारियां तेजी से चल रही हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 11 जनवरी को रामलला का अभिषेक करेंगे। महोत्सव के मद्देनजर नगर के प्रमुख चौराहों लता चौक, जन्मभूमि पथ, श्रृंगार हाट, राम की पैड़ी, सुग्रीव किला, छोटी देवकाली समेत अन्य स्थलों पर कीर्तन भी होगा। इसमें युवा कलाकार वाद्य यंत्रों से नगरी को मंत्रमुग्ध कर देंगे। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि इस अवसर पर तीन दिवसीय श्रीराम राग-सेवा का कार्यक्रम मंदिर परिसर में गर्भगृह के निकट मंडप में संपन्न होगा। इसमें प्रभु श्रीराम की भक्ति के प्रति विनीत भाव से संगीत, नृत्य और वादन से उन्हें सेवा प्रदान करने का उपक्रम होगा। अनुष्ठान के परिकल्पनाकार और समन्वयक अयोध्या के कलाविद् यतीन्द्र मिश्र हैं। इस कार्य में उनका सहयोग संगीत नाटक अकादमी कर रहा है। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि सभी संतों को बुलाया गया है। अयोध्या से बड़ी संख्या में लोग महाकुंभ में गए हैं। उन्होंने आग्रह किया कि तीन दिन के कार्यक्रम में एक दिन लोग अयोध्या पहुंचकर कार्यक्रम में शामिल हों। पहला दिन : 11 जनवरी को लता मंगेशकर की बहन व प्रख्यात गायिका उषा मंगेशकर और मयूरेश पई भगवान के सम्मुख भजन से राग-सेवा का आरंभ करेंगी। इसके बाद साहित्य नाहर सितार व संतोष नाहर वायलिन की जुगलबंदी से भक्ति का कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे। पहले दिन का समापन डॉ. आनंदा शंकर जयंत के भरतनाट्यम नृत्य की प्रस्तुति से होगा। दूसरा दिन : 12 जनवरी को महोत्सव की शुरुआत राग सेवा प्रसिद्ध लोक गायिका शैलेश श्रीवास्तव के बधावा, सोहर गायन से होगी। इसके बाद प्रख्यात शास्त्रीय गायिका कलापिनी कोमकली श्री राम भजन व निर्गुण गायन से राग-सेवा प्रस्तुत करेंगी। कार्यक्रम का समापन विश्वविख्यात बांसुरी वादक राकेश चौरसिया के बांसुरी वादन से होगा। तीसरा दिन : तीसरे व अंतिम दिन 13 जनवरी को राग-सेवा का आरंभ आरती अंकलिकर के शास्त्रीय गायन से होगा, जिसके बाद प्रख्यात कथक नृत्यांगना शोभना नारायण की कथक प्रस्तुति होगी। अंत में दक्षिण के गायक श्रीकृष्ण मोहन एवं श्रीराम मोहन त्रिचूर ब्रदर्स के शास्त्रीय गायन व श्रीराम भजन से कार्यक्रम संपन्न होगा। recent visitors 64