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प्रदेश में शिक्षा का व्यापारीकरण कर रहे शिक्षा माफिया, भाजपा के लोग इस कार्य में शामिल, सरकार दे रही उन्हें संरक्षण

Education mafia is commercializing education

Education mafia is commercializing education in the state, BJP people are involved in this work, government is giving them protection Headline भोपाल। Education mafia is commercializing education मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश प्रवक्ता विवेक त्रिपाठी ने कांग्रेस कार्यालय में पत्रकारवार्ता को संबोधित कर प्रदेशभर में निजी स्कूलों द्वारा की जा रही मनमानी और नियमों का उल्लघंन कर अत्यंत महंगी किताबों और ड्रेस की अपनी चहेती ( कमीशन देने वाली ) दुकान से बिक्री तथा फीस वृद्धिके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की, वहीं त्रिपाठी ने पीले चावल के साथ मुख्य सचिव अनुराग जैन को स्मरण पत्र भेजा है। पत्र के माध्यम से त्रिपाठी ने समस्त जिलों के कलेक्टरों को निजी स्कूलों की अनियमितताओं पर सख्त कार्रवाई करने हेतु तत्काल निर्देश जारी करने की मांग की । विवेक त्रिपाठी ने कहा कि निजी स्कूलों द्वारा की जा रही अनुचित शुल्क वसूली, महंगी निजी प्रकाशनों की किताबों की अनिवार्यता, तथा आरटीई नियमों के उल्लंघन जैसी गंभीर समस्याओं को कांग्रेस द्वारा समय समय पर उजागर किया गया। जिसकी विधिवत शिकायत हमारे द्वारा शासन एवं प्रशासन के जिम्मेदार व्यक्तियों को लगातार की जा रही हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी शिक्षा माफियाओं के दबाव में कोई कार्यवाही नहीं कर रहें । जिसके कारण मध्यप्रदेश के पीड़ित अभिभावकों में रोष व्याप्त हैं। जबलपुर कलेक्टर की कार्रवाई का दिया उदाहरण विवेक त्रिपाठी ने कहा कि हाल ही में जबलपुर कलेक्टर द्वारा निजी स्कूलों पर की गई कार्रवाई एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे शिक्षा माफियाओं पर अंकुश लगा है। कांग्रेस पार्टी मांग करती है कि ऐसी कार्रवाई पूरे प्रदेश में सुनिश्चित होनी चाहिए, ताकि अन्य जिलों में निजी स्कूलों की मनमानी रोकी जा सके और छात्रों व अभिभावकों को राहत मिले, निजी स्कूलों के खिलाफ दर्ज सीएम हेल्पलाइन में शिकायतों का 15 कार्य दिवस में निराकरण कर उचित कार्यवाही करें। Read more: शिवराज के एक -एक फैसले को रह-रहकर बदल रही मोहन सरकार पीले चावल देकर सरकार को चेतावन विवेक त्रिपाठी ने पीले चावल के साथ मुख्य सचिव अनुराग जैन को स्मरण पत्र भेजकर सांकेतिक रूप से सरकार को चेतावनी दी कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई, तो कांग्रेस प्रदेशभर में व्यापक आंदोलन करेगी। उन्होंने कहा कि शिक्षा कोई व्यापार नहीं, बल्कि समाज का अधिकार है, इसके व्यवसाय कारण का हम पुरजोर विरोध करेंगे और कांग्रेस हर स्तर पर छात्रों व अभिभावकों के अधिकारों की लड़ाई लड़ेगी। शासन से इन बिंदुओं पर कार्यवाही की मांग Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 30

एमपी में हजारों शिक्षकों को हटाने का आदेश जारी, हाईकोर्ट के निर्देश पर इन्हें मिली थी नियुक्ति

Order issued to remove thousands of teachers in MP, they were appointed on the instructions of High Court Vocational Teachers Remove Order : मध्य प्रदेश में व्यवसायिक शिक्षकों की मुश्किलें बढ़ाने वाला आदेश लोक शिक्षण संचालनालय की ओर से जारी किया गया है। राज्य के लगभग 6 हजार व्यवसायिक शिक्षकों को हटाने का आदेश विभाग द्वारा किया गया है। दरअसल, लोक शिक्षण संचालनालय ने प्रदेश के सरकारी स्कूलों में वोकेशनल ट्रेनिंग दे रहे करीब 6 हजार व्यावसायिक शिक्षकों को हटाने के निर्देश दे दिए हैं। व्यावसायिक शिक्षकों की सेवाएं 30 अप्रैल 2025 तक ही होंगी। राजधानी भोपाल के गौतम नगर स्थित लोक संचालनालय विभाग की ओर से सेकेंड्री एजुकेशन मध्य प्रदेश के सत्र 2024-25 में कार्यरत व्यवसायिक प्रशिक्षकों की सेवाओं के संबंध में आदेश जारी करते हुए कहा है कि, इस कार्यालय एवं कार्यरत सभी वी.पी.टी के बीच किए गए अनुबंध के आधार पर स्पष्ट किया जाता है कि, आपकी ओर से विद्यालय में उपस्थित कराए गए सभी व्यवसायिक प्रशिक्षकों की सेवाएं 30 अप्रैल 2025 तक रहेंगी। शेष निर्देश पृथक से जारी किए जाएंगे। आदेश में कही गई ये खास बातपिछले साल हाईकोर्ट के निर्देश पर इन शिक्षकों को नियुक्ति दी गई थी। अब अचानक उनकी सेवाएं खत्म करने के आदेश जारी हो गए है। फिलहाल, सिर्फ हटाने का आदेश है। आदेश में लिखा है कि, शेष निर्देश आगे जारी किए जाएंगे। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 27

मध्य प्रदेश सरकार बच्चों के भविष्य से कर रही खिलवाड़ ? महज एक-एक शिक्षक से चलाए जा रहे 22 हजार विद्यालय

Madhya Pradesh government playing with the future of children

Is Madhya Pradesh government playing with the future of children? 22 thousand schools are being run with just one teacher each. कमलेश ( विशेष संवादाता )भोपाल ! मध्य प्रदेश में स्कूली शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के तमाम दावे किए जा रहे हैं, लेकिन हकीकत में यह दावे केवल कागजों ही शोभा बढ़ा रहे हैं. मध्य प्रदेश में 1275 स्कूल ऐसे हैं, जिनमें एक भी शिक्षक नहीं है, जबकि 22 हजार स्कूलों में महज एक-एक शिक्षक के भरोसे पढ़ाई चल रही है. मध्य प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए राज्य सरकार ने सीएम राईज स्कूल की शुरुआत की है. यह स्कूल सुविधाओं से युक्त है. इन स्कूलों में बच्चों को आने-जाने के लिए नि:शुल्क बस सुविधा भी उपलब्ध की है, लेकिन दूसरी ओर स्थिति यह है कि 46 जिलों के 1275 स्कूलों में एक भी शिक्षक नहीं है, जबकि करीब 22 हजार स्कूल एक-एक शिक्षक के भरोसे चल रहे हैं और साढ़े तीन हजार स्कूल ऐसे हैं, जहां एक भी बच्चा नहीं है. 79 हजार शिक्षक पद खाली प्रदेश में माध्यमिक और प्राथमिक शिक्षकों के करीब 79 हजार पद खाली हैं. हालांकि इस साल 9 हजार पदों पर भर्ती होने के बाद भी करीब 70 हजार पद खाली रह जाएंगे. जिसका सीध असर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था पर पड़ रहा है तो वहीं दूसरी ओर देखें तो शहरों में स्थित स्कूलों में शिक्षकों की भरमार है तो गांवों में टोटा पड़ा हुआ है. जिसकी वजह से गांवों में शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है. शहरों में जरूरत से ज्यादा शिक्षक हर शिक्षक अपने आपको शहर में पदस्थ करने की जुगाड़ में लगा रहता है. यही कारण है कि शहरों के स्कूलों में जरूरत से ज्यादा शिक्षक हैं. इंदौर में 1,337, ग्वालियर में 1,153, भोपाल में 1,115 और जबलपुर में 887 शिक्षक पदस्थ हैं, वहीं सतना, बालाघाट, रीवा, सागर, छिंदवाड़ा, उज्जैन, राजगढ़, भिंड, मुरैना और देवास जिलों में भी शिक्षकों की संख्या अत्याधिक है. शौचालय विहिन 20 प्रतिशत स्कूल केन्द्र सरकार के आह्वान व प्रयासों के बाद हर घर शौचालय की जरूरत तो पूरी हो गई है, लेकिन स्कूलों में इस सुविधा का अभाव है. प्रदेश में 20 प्रतिशत स्कूल शौचालयविहिन है. जहां शौचालय है वहां पानी की व्यवस्था नहीं है, ऐसे में 35.9 प्रतिशत शौचालयों का इस्तेमाल ही नहीं हो पाता. 28.4 प्रतिशत स्कूलों में छात्राओं के लिए अलग से शौचालय नहीं है. इसी राज्य प्रदेश के 5176 स्कूलों में पेयजल के इंतजाम नहीं है. 44 हजार 754 स्कूलों में खेल मैदान का अभाव है. Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 89