Monday, July 6, 2026 10:11 pm

केन्द्र सरकार ने दी मंजूरी, एमपी के 10 शहरों में ‘कचरे’ से बनेगी ‘बिजली’

electricity will be produced from waste in 10 urban bodies of mp नगरीय विकास विभाग ने घरेलू कचरे के निस्तारण के मामले में बड़े जुर्माने से बचने के लिए प्रयास शुरू किए हैं। इसके तहत कहीं कचरे से सीएनजी बनाने के प्लांट लगाए जा रहे हैं तो कहीं कंपोस्टिंग के प्लांट लग रहे हैं। इसी सिलसिले में अब मध्यप्रदेश के 10 शहरों में कचरे से बिजली बनाने के प्लांट लगाए जा रहे हैं। इन्हें केन्द्र से अनुमति मिल गई है। यह वर्ष 2026 तक शुरू होने की संभावना है। सरकार ने प्रदेश में नगरीय निकायों को वर्ष 2027 तक कचरा प्रबंधन में आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य तय किया है। यहां पहले से बनाई जा रहीरीवा, जबलपुर में कचरे से बिजली बनाने की यूनिट संचालित हैं। प्रतिदिन 950 टन कचरे का प्र-संस्करण कर 18 मेगावॉट बिजली पैदा की जा रही है। लीगेसी वेस्ट खत्म करने में मिलेगी मदद एनजीटी ने 2022 में सॉलिड वेस्ट प्रबंधन में लापरवाही के लिए 3 हजार करोड़ का जुर्माना लगाया था। तत्कालीन सीएस ने छह माह में प्रबंधन करने का शपथ-पत्र दिया था। इसके बाद जुर्माना स्थगित किया गया, लेकिन अब भी निकायों की डंपिंग साइट पर 25 लाख टन से ज्यादा लीगेसी वेस्ट जमा है। बिजली प्लांट बनने से वेस्ट भी खत्म करने में मदद मिलेगी। जुर्माने से बचा जा सकेगा। हाल ही में गीले कचरे की कंपोस्टिंग के लिए कटनी, सागर में स्वचालित यूनिट लगाई गई हैं। इन 10 नई इकाइयों को अनुमति 10 नगरीय निकायों के लिए क्लस्टर आधार पर 1018.85 टन प्रतिदिन क्षमता की इकाइयों के लिए मंजूरी मिली है। इन निकायों में सांची, हरदा, नया हरसूद, शाहगंज, आलीराजपुर, देपालपुर, उन्हेल, बाबई, धारकोटि और इंदौर शामिल हैं। इनमें आसपास के स्थानों को भी जोड़ा गया है। जहां कचरा कम निकलता है वहां समीपस्थ अन्य शहरों को जोड़ा गया है। इंदौर-उज्जैन को मिलाकर 607 टन कचरे से बिजली बनाने की यूनिट्स का काम प्रस्तावित है। इसके शुरू होने से 12.15 मेगावाट बिजली बन सकेगी। recent visitors 125

बिजली उपभोक्ताओं के लिए खुशखबरी: एक क्लिक में नया बिजली कनेक्शन

भोपाल। नए साल में मध्य प्रदेश के लोगों को बिजली विभाग की ओर से बड़ी सौगात मिली है। अब उपभोक्ता एमपी ऑनलाइन के माध्यम से भी नए बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन कर सकेंगे। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने जानकारी दी कि मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने अपने कार्यक्षेत्र के 16 जिलों के उपभोक्ताओं के लिए यह सुविधा शुरू की है। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने एमपी ऑनलाइन के साथ अनुबंध किया है, जिससे उपभोक्ताओं को जनवरी के अंतिम सप्ताह से यह सुविधा उपलब्ध होगी। इस सेवा के तहत उपभोक्ता न केवल नए बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन कर सकेंगे, बल्कि गैर-कृषि उपभोक्ताओं का ईकेवाईसी, पीएम-सीएम किसान सम्मान निधि लाभार्थियों का सत्यापन, भार वृद्धि, और नाम परिवर्तन जैसे कार्य भी ऑनलाइन ही करवा सकेंगे। यह अनुबंध कंपनी मुख्यालय में प्रबंध संचालक क्षितिज सिंघल, निदेशक (वाणिज्य) सुधीर कुमार श्रीवास्तव, मुख्य महाप्रबंधक (वाणिज्य) स्वाति सिंह, और एमपी ऑनलाइन के बिजनेस हेड संदीप राजपाल की उपस्थिति में संपन्न हुआ। इस नई सुविधा के साथ बिजली उपभोक्ताओं के काम और भी सरल हो जाएंगे। ऊर्जा मंत्री ने इसे डिजिटल युग में उपभोक्ताओं की सहूलियत के लिए एक बड़ा कदम बताया है। recent visitors 141