पाकिस्तान इमाम ने बताया बिजली का बिल बचाने का नुक्सा, Meter पर ‘जम-जम’ लिखो

कराची कोई शख्स बिजली के बिल से परेशान है, तो उसे क्या करना चाहिए? कोई कहेगा कि बिजली का कम से कम इस्तेमाल करें, ज्यादा खपत वाले उपकरणों (जैसे AC या हीटर) को सीमित समय के लिए चलाएं. लेकिन अगर कोई इस समस्या का बिल्कुल अलग समाधान बताए. ऐसा ही एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें एक पाकिस्तान के मौलाना ने बिजली का बिल कम करने का ऐसा अनोखा तरीका बताया कि सुनने वाले हैरान रह गए. यह क्लिप अब तेजी से वायरल हो रही है. पाकिस्तान के एक प्राइवेट चैनल पर एक शो प्रसारित होता है, जिसका कॉन्सेप्ट यह है कि मौलाना आजाद जमील नाम के शख्स लोगों की समस्याएं सुनते हैं और उनके समाधान बताते हैं. बिजली के मीटर और 'जमजम' का क्या कनेक्शन?   इसी कड़ी में, कराची के एक शहरी ने शो में सवाल किया कि उसका बिजली का बिल बहुत ज्यादा आता है और उसने इसका कोई हल जानना चाहा. इस पर मौलाना आजाद जमील ने बिजली का बिल कम करने का एक अनोखा हल बताया. उन्होंने कहा कि जिन लोगों के घर में बिजली का बिल ज्यादा आता है, वे अपने बिजली के मीटर पर उंगली से 'जम-जम' लिखें, इससे उनके बिल में कमी आएगी. पाकिस्तानी मौलाना का यह बयान देखते ही देखते वायरल हो गया. कुछ लोगों ने इसे सुनकर सिर पकड़ लिया, जबकि कुछ का मानना था कि शायद यह एक तंज था. हालांकि, पाकिस्तान के कई लोगों ने इस पर मजेदार प्रतिक्रियाएं दीं. किसी ने कहा कि दरअसल, मौलाना साहब का असली मतलब यह था कि उंगली उन स्विचों पर रखें, जो बेवजह चालू हैं-जैसे पंखे या AC के स्विच पर उंगली रखें. अगर ऐसा किया जाए, तो अगले महीने तक बिजली का बिल खुद ही कम हो जाएगा! हालांकि, कई लोगों ने इस नुस्खे को आजमाया और अपने अनुभव कमेंट में अपने अनुभव भी शेयर किए. किसी ने कहा कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ा, जबकि किसी और का कहना था कि उन्होंने दो बार 'जम-जम' लिख दिया, जिससे उनका बिजली का बिल अब दोगुना आने लगा.   recent visitors 42

बकाया बिजली बिल भरेगी सरकार

Government will pay the outstanding electricity bill भोपाल। मध्य प्रदेश की सरकार ने नगरीय निकायों के करोड़ों रुपये के बकाया बिजली बिल चुकाने का निर्णय लिया है। आर्थिक संकट में फंसे इन निकायों की सहायता के लिए चुंगी क्षतिपूर्ति की राशि का उपयोग किया जाएगा, जिससे उनकी बिजली की देनदारी चुकाई जा सकेगी। 60 करोड़ रुपये की स्वीकृति मप्र नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने इस मद से 60 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है। इसमें से सबसे अधिक 31 करोड़ रुपये पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी को दिए जाएंगे, जिससे इंदौर नगर निगम के 23 करोड़ रुपये का बकाया बिल समायोजित किया जाएगा। इसके अलावा भोपाल नगर निगम के 5 करोड़, जबलपुर के 5.5 करोड़ और ग्वालियर के 2.5 करोड़ रुपये का बिल भी चुकाया जाएगा। वित्तीय स्थिति की चुनौती मध्य प्रदेश के नगरीय निकायों की वित्तीय स्थिति इस कदर बिगड़ चुकी है कि वे अपने बिजली के बिल समय पर चुकाने में असमर्थ हैं। इसके पीछे मुख्य कारण है कि इन निकायों की वसूली बेहद कम है। पेयजल, स्ट्रीट लाइट आदि के लिए विद्युत वितरण कंपनियों से बिजली की आपूर्ति की जाती है, लेकिन स्थानीय निकायों द्वारा रहवासियों से शुल्क की वसूली में कमी आई है। सरकार का निर्णय इस स्थिति को देखते हुए सरकार ने चुंगी क्षतिपूर्ति की राशि का उपयोग बिजली के बकाया बिलों का भुगतान करने का निर्णय लिया है। यह राशि अब मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति के बजाय बिजली बिल चुकाने में खर्च की जाएगी। इससे विद्युत वितरण कंपनियों पर भी दबाव कम होगा और उनकी सेवा में भी कोई बाधा नहीं आएगी। recent visitors 169