सामान्य प्रशासन विभाग की ट्रांसफर पॉलिसी 2025 बनाकर तैयार, किसको कितना रहेगा ट्रांसफर का पावर

भोपाल  तबादलों के लिए इंतजार कर रहे मध्य प्रदेश के कर्मचारी-अधिकारियों के लिए यह राहत भरी खबर है। तबादलों से बैन हटाने के लिए सामान्य प्रशासन विभाग ने ट्रांसफर पॉलिसी 2025 बनाकर तैयार कर ली है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की सलाह पर कुछ आंशिक बदलावों के बाद अप्रैल माह में ही कैबिनेट में तबादला नीति लाने की तैयारी चल रही है। पिछले 3 साल से तबादले की बाट जोह रहे सरकारी कर्मचारी-अधिकारियों के लिए एक अच्छी खबर आई है। प्रदेश में तबादला एक्सप्रेस को जल्द ही हरी झंडी मिलने जा रही है। सामान्य प्रशासन विभाग ने तबादला नीति का मसौदा तैयार कर लिया है। सीएम डॉ मोहन की सलाह पर कुछ बिंदुओं में बदलाव किया जा सकता है। इस माह के अंत तक तबादला नीति को राज्य शासन की मंजूरी मिल सकती है। अप्रैल माह में ही मंत्री परिषद की बैठक में तबादला नीति 2025 का अनुमोदन किया जा सकता है। पॉलिसी के अनुसार, करीब 15 दिन से एक महीने तक तबादलों से प्रतिबंध हटाया जा सकता है। आपको बता दें कि मध्य प्रदेश में आखिरी बार तबादला नीति 2021-22 में लागू की गई थी। उसके बाद अब तक कोई नई नीति नहीं आई है। अब डॉ मोहन सरकार में नई तबादला नीति 2025 लागू होगी। तबादला नीति में ये बिंदू हो सकते हैं शामिल     तबादला नीति में इस बात का प्रावधान रहेगा कि 3 साल से ज्यादा समय से एक ही स्थान पर जमे अधिकारी-कर्मचारियों को हटाया जाए। ऐसे अधिकारियों को दूसरे जिलों में भी भेजा जाएगा।     माना जा रहा है कि किसी भी विभाग में अधिकतम 10 फीसदी कर्मचारियों के तबादले ही हो सकेंगे।     जो अधिकारी-कर्मचारी स्वयं के व्यव पर ट्रांसफर करवाएंगे, उन्हें किसी भी प्रकार का भत्ता नहीं दिया जाएगा।     प्रशासनिक आधार पर होने वाले तबादले में सरकार भत्ता प्रदान करेगी।     मंत्रियों को उनके विभाग के कर्मचारियों के तबादले को लेकर अधिकार प्रदान किए जाएंगे।     जिले के अंदर ट्रांसफर करने का अधिकार प्रभारी मंत्री को दिया जाएगा। प्रभारी मंत्री की अनुशंसा के आधार पर जिला कलेक्टर जिले के अंदर ट्रांसफर कर सकेंगे।     जिले के बाहर तबादला विभागीय मंत्रियों की अनुशंसा पर होंगे, लेकिन राजपत्रित अधिकारियों का तबादला करने के लिए मुख्यमंत्री समन्वय की प्रक्रिया अपनाना होगी।     स्वास्थ्य विभाग और शिक्षा विभाग से जुड़े तबादलों में ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया अपनाई जा सकती है।     विशेष परिस्थितियों में कर्मचारियों को मांगी गई लोकेशन पर ट्रांसफर दिया जाएगा।   recent visitors 25

घर में बेंगलुरु ने लगाई हार की हैट्रिक, पंजाब ने 5 विकेट से दी मात

बेंगलुरु आईपीएल 2025 के 34वें मैच में पंजाब किंग्स ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को 5 विकेट से हरा दिया। पंजाब की इस जीत में गेंदबाजों के बाद बल्लेबाजी में नेहल वढ़ेरा ने कमाल किया। नेहल ने अपनी टीम के लिए मुश्किल परिस्थितियों में संभल कर बल्लेबाजी करते हुए 19 गेंद में नाबाद 33 रनों की पारी खेली। अपनी इस पारी में उन्होंने 3 चौके और इतने ही छक्के भी लगाए। हालांकि, इसके बावजूद उन्हें मैन ऑफ द मैच नहीं चुना गया। आरसीबी और पंजाब के बीच खेले गए इस मैच में टिम डेविड को उनके 26 गेंद में नाबाद 50 रनों की पारी के लिए मैन ऑफ द मैच चुना गया। टिम डेविड की वजह से ही आरसीबी की टीम पंजाब किंग्स को एक लड़ने लायक स्कोर दे पाई थी। अपनी इस पारी में टिम डेविड ने 5 चौके और 3 छक्के भी लगाए। इसी वजह से टिम डेविड को हारे हुए मैच में भी मैन ऑफ द मैच चुना गया। आरसीबी को घर में मिली तीसरी हार पंजाब किंग्स और आरसीबी के बीच खेला गया यह मुकाबला बारिश के से प्रभावित रहा था। मैच में बारिश के कारण देर से शुरू हुआ। ऐसे में खेल को 14-14 ओवर का निर्धारित किया था। एम चिन्नास्वामी में क्रिकेट स्टेडियम में पंजाब किंग्स के कप्तान श्रेयस अय्यर ने टॉस जीतने के बाद पहले गेंदबाजी का फैसला किया था। अय्यर का फैसला सुपर हिट साबित हुआ। पंजाब किंग्स के गेंदबाजों ने पहले ओवर से विकेट लेना शुरू कर दिया। फिर क्या था आरसीबी के बल्लेबाज ताश के पत्तों की तरह बिखरते चले गए। हालांकि, टिम डेविड ने जरूर एक छोर पर मोर्चा संभालने का काम किया। टिम डेविड के अलावा कप्तान रजत पाटीदार ने 24 रनों की पारी खेली। इसके अलावा और कोई भी बल्लेबाज दहाई के आंकड़े को भी नहीं छू पाए। इस तरह आरसीबी 14 ओवर में 95 रन पर रुक गई। इसके जवाब में पंजाब ने 12.1 ओवर में 98 रन बनाकर मैच को जीत लिया। टारगेट का पीछा करते हुए पंजाब किंग्स की शुरुआत अच्छी नहीं रही. प्रियांश आर्य और 'इम्पैक्ट सब के तौर पर उतरे प्रभसिमरन सिंह कुछ खास नहीं कर पाए. प्रभसिमरन 13 रन बनाकर भुवनेश्वर कुमार का शिकार बने. वहीं प्रियांश को 16 रनों के निजी स्कोर पर जोश हेजलवुड ने चलता किया. प्रियांश के आउट होने के समय पंजाब का स्कोर दो विकेट पर 32 रन था. यहां से श्रेयस अय्यर और जोश इंगलिस ने मिलकर पंजाब का स्कोर 50 के पार पहुंचाया. जोश हेजलवुड ने 8वें ओवर में श्रेयस अय्यर और जोश इंगलिस को आउट करके पंजाब किंग्स का स्कोर चार विकेट पर 53 रन कर दिया. श्रेयस ने 7 और इंगलिस ने 14 रन बनाए. यहां से नेहाल वढेरा और शशांक सिंह के बीच 28 रनों की पार्टनरशिप हुई, जिसने पंजाब को जीत के करीब पहुंचाया. शशांक हालांकि 1 ही रन बना सके और उनका विकेट भुवनेश्वर कुमार ने लिया. यहां से नेहाल वढेरा और मार्कस स्टोइनिस ने पंजाब को कोई और नुकसान नहीं होने दिया. नेहाल वढेरा ने तीन चौके और इतने ही छक्के की मदद से 19 बॉल पर नाबाद 33 रन बनाए. वहीं स्टोइनिस 7 रनों पर नााबद लौटे. recent visitors 44

भारत 2047 तक दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर … जर्मनी और जापान को पीछे छोड़ देगी इंड‍ियन इकोनॉमी

नई दिल्‍ली जाने-माने निवेशक मार्क मोबियस का मानना है कि भारत में दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ताकत है। अगर भारत अपनी मजबूत नीतियों पर टिका रहता है तो वह यह लक्ष्य हासिल कर सकता है। मोबियस ने ट्रेड वॉर पर कहा कि दुनिया की अर्थव्यवस्था में कुछ दिक्कतें आ सकती हैं। लेकिन, अगले कुछ महीनों में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप कई देशों के साथ व्यापार समझौते करेंगे। इससे बाजार शांत हो जाएगा और बड़ी मंदी का खतरा टल जाएगा। उन्होंने भारत से क्वालिटी कंट्रोल जैसी बाधाओं को हटाने और अमेरिका के साथ मुक्त व्यापार समझौता करने की सलाह दी है। नीति आयोग के सीईओ बीवीआर सुब्रमण्यम ने भी कहा है कि भारत अगले तीन सालों में जर्मनी और जापान को पीछे छोड़ देगा। 2047 तक भारत दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है। ये दावे ऐसे समय किए गए हैं जब ट्रंप की टैरिफ नीतियों से पूरी दुनिया में हलचल है। मार्क मोबियस के अनुसार, भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है। कुछ सालों में भारत 11वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था से पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। अभी अमेरिका, चीन, जर्मनी और जापान ही भारत से आगे हैं। आईएमएफ के अनुसार, भारत की अर्थव्यवस्था 4.3 ट्रिलियन डॉलर की है। यह जापान (4.4 ट्रिलियन डॉलर) और जर्मनी (4.9 ट्रिलियन डॉलर) से थोड़ी ही कम है। अनुमान है कि भारत इस साल जापान से और 2027 तक जर्मनी से आगे निकल जाएगा। मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में ऐसे आएगी तेजी मोबियस ईएम ऑपर्च्युनिटीज फंड चलाते हैं। उन्होंने कहा कि अगर भारत आयात पर लगी रोक हटा दे तो मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में तेजी आएगी। इससे अर्थव्यवस्था और भी मजबूत होगी। उन्होंने भारतीय शेयर बाजार के बारे में कहा कि अमेरिकी टैरिफ लगने से पहले भी भारतीय शेयर बाजार में गिरावट आई थी। मोबियस ने कहा, 'बाजार में रिकवरी जरूर आएगी। ऐसे में अच्छे शेयरों को एवरेज करने का यह सही समय है। अगर किसी निवेशक के पास शेयर पहले से हैं तो उसे होल्ड करने का यह सबसे अच्छा समय है।' इसका मतलब है कि अगर आपके पास पहले से शेयर हैं तो उन्हें अभी बेचना नहीं चाहिए। हाल ही में भारतीय शेयर बाजार में तेजी आई है। पिछले पांच दिनों में सेंसेक्स और निफ्टी करीब 4 फीसदी बढ़ चुके हैं। 3 साल में जर्मनी और जापान से आगे निकल जाएगा भारत उधर, नीति आयोग के सीईओ बीवीआर सुब्रमण्यम ने भी भारत की आर्थिक तरक्की के बारे में कई बातें कही हैं। उन्होंने कहा कि भारत अगले तीन सालों में जर्मनी और जापान से आगे निकल जाएगा। 2047 तक भारत दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है। सुब्रमण्यम ने कहा कि भारत के पास युवा लोगों की बड़ी संख्या है। यह भारत के लिए अच्छी बात है। भारत दुनिया के लिए काम करने वाले लोगों का भरोसेमंद स्रोत बन सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत शिक्षा का केंद्र बन सकता है। उन्होंने भारतीय कंपनियों से दुनिया में सबसे आगे रहने का लक्ष्य रखने को कहा है। मार्क मोबियस ने भारत के बारे में कुछ चिंताएं भी जताईं। उन्होंने कहा कि भारत में क्वालिटी कंट्रोल जैसी कई बाधाएं हैं। अगर भारत इन बाधाओं को हटा दे तो यह और भी तेजी से तरक्की कर सकता है। उन्होंने अमेरिका के साथ मुक्त व्यापार समझौता करने की भी सलाह दी है। इससे दोनों देशों को फायदा होगा। भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौता करने की बात चल रही है। दोनों देश 2025 से पहले टैरिफ कम करने पर काम कर रहे हैं। इससे दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ेगा। मोबियस ने ट्रेड वार के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा कि दुनिया की अर्थव्यवस्था में कुछ दिक्कतें आ सकती हैं। लेकिन, डोनाल्‍ड ट्रंप कई देशों के साथ व्यापार समझौते करेंगे। इससे बाजार शांत हो जाएगा और बड़ी मंदी का खतरा टल जाएगा। recent visitors 58

प्रदेश में अब सरकारी स्कूलों के टीचर्स की अटेंडेंस चेहरा दिखाकर लगेगी

भोपाल  अब सरकारी स्कूलों से शिक्षक गायब नहीं रह पाएंगे। इसके लिए स्कूल शिक्षा विभाग ने नई पहल की है। प्रदेश के करीब चार लाख शिक्षकों की उपस्थिति सार्थक एप के माध्यम से ऑनलाइन दर्ज होगी। यह एप शिक्षकों की लोकेशन दर्ज करेगा साथ ही आनलाइन चेहरा दिखाई देने पर ही उपस्थिति लगेगी। गर्मी की छुट्टियों के बाद स्कूल खुलेंगे तो जुलाई से शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति अनिवार्य कर दी जाएगी।     प्रदेश के 99,145 स्कूलों में से केवल 8,051 स्कूलों में ही शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति एम शिक्षा मित्र एप से दर्ज की जा रही है यानी 91,094 स्कूलों में इसका उपयोग ही नहीं हो रहा है।     जबकि यह व्यवस्था अनिवार्य की गई थी। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति को लेकर सवाल खड़े होते रहते हैं।     स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह भी इस बात को कई बार स्वीकार कर चुके हैं कि प्रदेश में कुछ जिलों में शिक्षक स्कूल नहीं जाते हैं।     उनके स्थान पर दूसरे लोग पढ़ाने जाते हैं। वहीं कुछ शिक्षक स्कूलों के निर्धारित समय पर नहीं पहुंचते हैं।     तीन बार व्यवस्था बनाई गई लेकिन फेल हो गई।     स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से वर्ष 2017, वर्ष 2020 और वर्ष 2022 में प्रयास किया।     ऑनलाइन उपस्थिति एम शिक्षा मित्र एप के जरिए शुरू की गई थी।     लेकिन शिक्षकों ने इस प्रक्रिया का विरोध किया।     कभी स्मार्ट फोन न होने तो कभी नेटवर्क न मिलने का बहाना बनाया गया।     ऑनलाइन उपस्थिति से कन्नी काटी जाती रही।     कई कारणों से यह प्रक्रिया ठीक से लागू नहीं हो पाई। नए एप में गड़बड़ियों को किया गया दूर     एम शिक्षा मित्र एप से उपस्थिति लगानी अनिवार्य की गई थी लेकिन इसके माध्यम से नेटवर्क मिलने पर ही उपस्थिति लगती थी।     इसमें लोकेशन व चेहरा पहचान कर उपस्थिति लगाने का विकल्प नहीं होने से बहुत गड़बड़ियां होती थीं। सार्थक एप में इन्हें दूर कर लिया गया है। अवकाश के लिए भी कर सकेंगे आवेदन     सार्थक एप की नई व्यवस्था में कर्मचारी व शिक्षक छुट्टी के लिए भी आवेदन कर सकेंगे और शासन से किसी भी प्रकार का कार्यालयीन पत्राचार इस एप से हो जाएगा।     दरअसल, सार्थक एप मध्य प्रदेश सरकार के पोर्टल से जुड़ा नवीनतम मोबाइल एप्लीकेशन है।     सरकारी स्कूलों में अब शिक्षकों की सार्थक एप के माध्यम से आनलाइन उपस्थिति दर्ज की जाएगी। इस बार इसे बेहतर तरीके से लागू किया जाएगा। जुलाई से यह अनिवार्य कर दिया जाएगा।     – उदय प्रताप सिंह, मंत्री, स्कूल शिक्षा विभाग   recent visitors 54

इंदौर शहर के मुख्य मार्ग पर पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लग्जरी एसी इलेक्ट्रिक बस चलाई जाएंगी, नौ बस डिपो होंगे अपडेट

इंदौर  एबी रोड पर 12 वर्ष पहले बनाए गए 11.5 किमी लंबे बीआरटीएस कॉरिडोर को तोड़कर रोड साइड 40 बस स्टाप बनाए जाएंगे। इसके साथ ही एआईसीटीएसएल (अटल इंदौर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेस लिमिटेड) अब धीरे-धीरे कॉरिडोर से बनी सेवाएं भी बंद करने जा रही है, जिसकी शुरुआत सीएनजी आई-बसों को बंद करने के साथ हो चुकी है। गुरुवार को हुई बोर्ड बैठक में निर्णय लिया गया कि जल्द ही टेंडर अवार्ड होते ही कॉरिडोर को तोड़ने का काम भी शुरू हो जाएगा। उल्लेखनीय है कि 27 फरवरी को हाई कोर्ट ने बीआरटीएस को तोड़ने की अनुमति दे दी थी। आदेश के बाद शिवाजी वाटिका से जीपीओ चौराहे के बीच रेलिंग भी हटा दी गई थी। बीआरटीएस पर बने बस स्टाप बंद हो जाएंगे एआईसीटीएसएल अब बीआरटीएस पर सीसीटीवी कैमरों, आटोमैटिक डोर के संचालन व रखरखाव संबंधी कार्य, ट्रैफिक सिग्नल मेंटेनेंस, आई-बस स्टाप, रेलिंग, लॉलीपाप, यूनिपोल, स्ट्रीट लाइट पोल पर कियोस्क के माध्यम से विज्ञापन का काम कर रही एजेंसी को नोटिस जारी कर बंद किया जा रहा है। आगामी माह से बस स्टाप पर तमाम सुविधाएं बंद हो जाएंगी। वर्तमान में बीआरटीएस पर बने 20 मीडियन बस स्टाप को हटाकर एबी रोड पर दोनों 20-20 बस स्टाप बनाए जाने हैं, जिसके लिए टेंडर जारी किया जाएगा। इसके साथ ही एआईसीटीएसएल अपनी आय बढ़ाने के लिए एबी रोड के इस हिस्से में विज्ञापन योजना बनाएगा। मुख्य रूट पर दौड़ेगी लग्जरी एसी ई-बस बैठक तय किया गया कि शहर के मुख्य मार्ग पर पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लग्जरी एसी इलेक्ट्रिक बस चलाई जाएंगी। इसके लिए टेंडर जारी किए जाएंगे। इसके साथ ही शहर में बने नौ बस डिपो को अपडेट करने के लिए नगर निगम और आईडीए से फंड लेकर काम किया जाएगा। सिटी बस के रूट रेशनलाइजेशन कर बसों की संख्या बढ़ाई जाएगी। बैठक में एआईसीटीएसएल सीईओ दिव्यांक सिंह सहित अन्य अफसर मौजूद थे। recent visitors 33

मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड ‘एक्सेसिबिलिटी इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट’ प्रोजेक्ट पर काम कर रहा, मिलेंगी ये खास सुविधाएं

भोपाल 18 अप्रैल 2025 को पूरी दुनिया में विश्व धरोहर दिवस मनाया . भारत हमेशा से ही पूरी दुनिया में धार्मिक और ऐतिहासिक धरोहरों का गढ़ रहा है. लेकिन, Madhya Pradesh में प्राकृतिक सौंदर्य, ऐतिहासिक धरोहरें, संस्कृति और गौरवशाली परंपराएं हमेशा से ही दुनिया भर के Tourists को आकर्षित करती रही हैं. प्रदेश के ये स्थल न केवल मन को सुकून देते हैं, बल्कि मानव सभ्यता, कला, कौशल से आज की पीढ़ी को अवगत कराते हैं. प्रदेश की इन धरोहरों तक प्रत्येक व्यक्ति की पहुंच को सुलभ बनाने के उद्देश्य से MP Tourism Board एक्सेसिबिलिटी इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट परियोजना पर काम कर रहा है, जिसके तहत महेश्वर, मांडू, धार व ओरछा में रैंप, ब्रेल साइन बोर्ड, व्हीलचेयर, आदि सुविधाओं से दिव्यांगों की पहुंच आसान व सुलभ बनाई जाएगी. दिव्यांगों के लिए खास सुविधा प्रमुख सचिव, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग और प्रबंध संचालक एमपी टूरिज्म बोर्ड शिव शेखर शुक्‍ला ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन और पर्यटन, संस्कृति और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश के अधिक से अधिक स्थलों को यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थलों की स्थायी सूची में शामिल कराने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं. ऐतिहासिक धरोहरों के सुलभता से दर्शन के अभिलाषी दिव्यांगों के लिए टूरिज्म बोर्ड पर्यटन स्थलों का कायाकल्प करेगा. बोर्ड प्रारंभिक तौर पर महेश्वर, मांडू, धार और ओरछा में एक्सेसिबिलिटी इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट परियोजना पर कार्य कर रहा है. इन स्थानों पर मिलेंगी विशेष सुविधाएं       महेश्वर : महेश्वर में मध्य प्रदेश टूरिज्म नर्मदा रिसॉर्ट, राम कुंड, देवी संग्रहालय, कालेश्वर मंदिर, जलेश्वर मंदिर और कमानी गेट पर  विभिन्न विकास कार्य किए जाएंगे.     मांडू : मांडू में मध्य प्रदेश टूरिज्म रिसॉर्ट, सात कोठरी मंदिर, दिल्ली दरवाजा, मालवा रिसॉर्ट, मलिक दीनार मस्जिद, धर्मशाला, होशंगशाह का मकबरा, जामी मस्जिद, अशरफी महल, नीलकंठ मंदिर, दरिया खान का मकबरा, दाई का महल, लाल महल, संग्रहालय, ईको–पॉइंट, बाज बहादुर और रूपमति पेवेलियन में दिव्यांगों की सुविधा के दृष्टिगत कायाकल्प किया जाएगा.       धार : धार में “बाघ की गुफाओं” के अंतर्गत अलग–अलग गुफाओं और बाघ संग्रहालय में  निर्माण कार्य किए जाएंगे.         ओरछा : ओरछा में राजा महल, तमिरत की कोठी, जहांगीर महल, तीन दासियों की छतरी, पंचमुखी महादेव मंदिर और राय प्रवीण महल में  दिव्यांगजनों के लिए विशेष व्यवस्था की जाएगी. प्रदेश के 18 स्थल यूनेस्को सूची में एमपी में यूनेस्को द्वारा घोषित 18 धरोहरों है, जिसमें तीन स्थाई और 15 टेंटेटिव सूची में है. यूनेस्को की स्थायी विश्व धरोहर स्थल की सूची में प्रदेश के खजुराहो के मंदिर समूह, भीमबेटका की गुफाएं एवं सांची स्तूप शामिल हैं. गौरतलब है कि यूनेस्को ने इस वर्ष प्रदेश की चार ऐतिहासिक धरोहरों को सीरियल नॉमिनेशन के तहत टेंटेटिव लिस्ट में शामिल किया है. सम्राट अशोक के शिलालेख, चौंसठ योगिनी मंदिर, गुप्तकालीन मंदिर और बुंदेला शासकों के महल और किले को यूनेस्को की टेंटेटिव लिस्ट में घोषित होना प्रमाणित करता है कि एमपी अपनी सांस्कृतिक विरासत और ऐतिहासिक महत्व के कारण देश में विशेष स्थान रखता है. ग्वालियर किला, बुरहानपुर का खूनी भंडारा, चंबल घाटी के शैल कला स्थल, भोजपुर का भोजेश्वर महादेव मंदिर, मंडला स्थित रामनगर के गोंड स्मारक और धमनार का ऐतिहासिक समूह, मांडू में स्मारकों का समूह, ओरछा का ऐतिहासिक समूह, नर्मदा घाटी में भेड़ाघाट-लमेटाघाट, सतपुड़ा टाइगर रिजर्व और चंदेरी भी टेंटेटिव लिस्ट में शामिल हैं. मौर्य कालीन अशोक के शिलालेख मौर्य कालीन शासक सम्राट अशोक को भला कौन नहीं जानता, जिन्होंने न केवल बौद्ध धर्म का प्रचार किया बल्कि कुशल शासन और नैतिकता का संदेश भी दिया. यही संदेश प्रदेश के शिलालेखों में नजर आते हैं. इन शिला और स्तंभ लेखों में सम्राट अशोक से संबंधित संदेश 2200 से अधिक वर्षों से संरक्षित हैं. सांची स्तंभ अभिलेख, जबलपुर में रूपनाथ लघु शिलालेख, दतिया में गुज्जरा लघु शिलालेख और सीहोर में पानगुरारिया लघु शिलालेख को इसमें शामिल किया गया है. चौंसठ योगिनी मंदिर हिन्दू धर्म में मां जगतजननी को सुख और समृद्धि दायिनी माना जाता है. हजारों वर्षों से धर्म स्थलों में मां की प्रतिमा को स्थापित कर श्रद्धालु उनके प्रति आस्था भाव से पूजन–अर्चन करते आए हैं. माता की आराधना का ऐसे ही स्थल हैं चौंसठ योगिनी मंदिर. 9वीं से 12वीं शताब्दी के बीच निर्मित यह मंदिर तांत्रिक परंपराओं का प्रतीक है. इन मंदिरों की गोलाकार, खुले आकाश के नीचे बनी संरचनाएं, जटिल शिल्पकला और आध्यात्मिक महत्व अद्वितीय हैं. इसमें खजुराहो, मितावली (मुरैना), जबलपुर, बदोह (जबलपुर), हिंगलाजगढ़ (मंदसौर), शहडोल और नरेसर (मुरैना) के चौसठ योगिनी मंदिर को शामिल किया गया है. गुप्तकालीन मंदिर प्रदेश में सांची, उदयगिरि (विदिशा), नचना (पन्ना), तिगवा (कटनी), भूमरा (सतना), सकोर (दमोह), देवरी (सागर) और पवाया (ग्वालियर) में स्थित गुप्तकालीन मंदिर को यूनेस्को द्वारा शामिल किया गया है. गुप्तकालीन मंदिर भारतीय मंदिर वास्तुकला में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि को दर्शाते हैं. मंदिर उत्कृष्ट नक्काशी, शिखर शैली और कलात्मक सौंदर्य को प्रदर्शित करते हैं. बुंदेला काल के किला-महल बुंदेला काल के गढ़कुंडार किला, राजा महल, जहांगीर महल, दतिया महल और धुबेला महल, राजपूत और मुगल स्थापत्य कला के बेहतरीन संगम को दर्शाते हैं. ये महल बुंदेला शिल्पकला, सैन्य कुशलता और सांस्कृतिक आदान-प्रदान की अद्भुत मिसाल हैं recent visitors 35

महू तहसील के 18 गांव से होकर गुजरेगी इंदौर-मनमाड़ रेल लाइन, 30 लाख आबादी का रेल सेवाओं से सीधा संपर्क होगा

 इंदौर इंदौर-मनमाड़ रेल लाइन परियोजना के लिए इस बार बजट में 267.50 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इस राशि से प्रोजेक्ट में भूमि अधिग्रहण किया जाएगा। मप्र के तीन जिलों के 77 गांव से होकर रेल लाइन गुजरेगी। नवंबर-2024 में रेल मंत्रालय ने इन 77 गांव की जमीन अधिग्रहण करने के लिए गजट नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया था। इसके बाद इसी वर्ष मंत्रालय ने इंदौर जिले की महू तहसील के 18 गांवों की सूची जारी की थी। यह नई रेल लाइन से धार(Dhar), खरगोन(Khargone) और बड़वानी(Barwani) जिलों के आदिवासी अंचल के लिहाज से महत्वपूर्ण है। परियोजना से लगभग एक हजार गांव और 30 लाख आबादी का रेल सेवाओं से सीधा संपर्क होगा। अनुमान के मुताबिक प्रोजेक्ट पूरा होने पर 16 जोड़ी से ज्यादा पैसेंजर ट्रेनों का संचालन होगा, जिनमें 50 लाख यात्री शुरुआती वर्षों में सफर करेंगे। हर साल इस प्रोजेक्ट से रेलवे को 900 करोड़ से अधिक का राजस्व मिलेगा। इंदौर से मुंबई की दूरी भी 830 किमी से घटकर 568 किमी रह जाएगी। इन गांवों में जमीन का अधिग्रहण होना है अफसरों के अनुसार रेल मंत्रालय द्वारा 14 जनवरी को जारी नोटिफिकेशन के अनुसार महू तहसील के खेड़ी, चैनपुरा, कमदपुर, खुदालपुरा, कुराड़ाखेड़ी, अहिल्यापुर, नांदेड़, जामली, कैलोद, बेरछा, गवली पलासिया, आशापुरा, मलेंडी, कोदरिया, बोरखेड़ी, चौरड़िया, न्यू गुराडिया, और महू केंटोमेंट एरिया की चिह्नित जमीन का रेल प्रोजेक्ट के लिए अधिग्रहण होना है। प्रोजेक्ट के लिए राशि आवंटित होने के बाद अब जमीनी स्तर पर काम शुरू होगा। 568 किमी. रह जाएगी इंदौर-मनमाड़ की दूरी इंदौर-मनमाड़ नई रेल लाइन प्रोजेक्ट महू से धार होते हुए धरमपुरी, ठीकरी, राजपुर, सेंधवा, सिरपुर, शिखंडी, धुले, मालेगांव होकर मनमाड़ पहुंचेगी। पूरी परियोजना में 30 नए रेलवे स्टेशन भी बनाए जाएंगे। इसके पूरा होने के बाद इंदौर और मुंबई की दूरी 568 किमी रह जाएगी। इस परियोजना में मप्र के तीन जिलों के 77 गांवों की जमीन अधिग्रहित की जाएगी। जिनमे बड़वानी जिले के 39, धार जिले के 28 और खरगोन जिले के 10 गांव शामिल हैं। आगामी पांच साल में इस प्रोजेक्ट को तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। इन गांवों की जमीन होगी अधिग्रहित धार जिला– राती तलाई, सेवरी माल, सराय तालाब, आंवलिया, चुंडीपुरा बीके, बियाघाटी, आंवलीपुरा, जामदा, झाड़ीबड़ोदा, जलवाय, नागझीरी, लुन्हेराखुर्द, सुंद्रेल, पटलावद, भीखरोन, पंधानिया, ग्यासपुर खेड़ी, एकलारा खुर्द, एकलारा, दुधी, भोंदल, चिकटयावड़, सिरसोदिया, दुंगी, कोठिदा, चौकी, भारूडपुरा बीके और भारूड़पुरा। बड़वानी जिला– सोलवान, मालवान, मालवान बीके, भामन्या, बावदड़, अजनगांव, अजनगांव बीके, नवलपुरा, बनिहार, गोई, कलालदा, जामली, सालीकलां, नांदेड़, मातमुर, बालसमुद, ओजर, सांगवी नीम, देवला, जुलवानिया रोड, निहाली, छोटी खरगोन, वासवी, कुसमारी, मुंडला, रेलवा बुजुर्ग, बंजारी, खजूरी, बघाड़ी, घाटी, अजंदी, हसनखेड़ी, सिकंदर खेड़ी, सेगवाल, उमरदा, शेरपुरा, जरवाह और जरवाह बीके। खरगोन जिला– जारोली, औरंगपुरा, नागंवा, कोठड़ा, ज्ञानपुरा, मोहिदा, मक्सी, भेडल्याबाड़ा, नीमगढ़ और कुसुम्भ्या। recent visitors 43