‘गामिनी’ और 4 शावकों को मिली आजादी… Kuno के खुले जंगल में अब 17 चीते

 श्योपुर भारत की महत्वाकांक्षी चीता संरक्षण परियोजना के तहत सोमवार को मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क (KNP) में एक और बड़ा कदम उठाया गया. दक्षिण अफ्रीकी मादा चीता गामिनी और उसके 4 शावकों को पार्क के खजूरी वन क्षेत्र में खुले जंगल में सफलतापूर्वक छोड़ दिया गया. सिंह परियोजना के डायरेक्टर ने बताया कि मां और चारों शावक पूरी तरह स्वस्थ हैं. खजूरी वन क्षेत्र अहेरा पर्यटन जोन का हिस्सा है, जिसके कारण अब पर्यटकों को सफारी के दौरान चीतों को देखने का मौका मिल सकता है. 17 चीते अब खुले जंगल में गामिनी और उसके चार शावकों को जंगल में छोड़े जाने के बाद अब कूनो नेशनल पार्क में 17 चीते खुले में स्वतंत्र रूप से विचरण कर रहे हैं. अधिकारियों ने पुष्टि की कि सभी चीते स्वस्थ हैं गामिनी ने 10 मार्च, 2024 को छह शावकों को जन्म दिया था, लेकिन बाद में दो शावकों की मौत हो गई. इससे पहले, 21 फरवरी 2025 को नामीबियाई मादा चीता ज्वाला और उसके चार शावकों को भी केएनपी के जंगल में छोड़ा गया था. चीता परियोजना की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 17 सितंबर 2022 को अपने जन्मदिन के अवसर पर नामीबिया से लाए गए 8 चीतों (पांच मादा और तीन नर) को कूनो नेशनल पार्क में छोड़कर इस ऐतिहासिक परियोजना की शुरुआत की थी. इसके बाद फरवरी 2023 में दक्षिण अफ्रीका से 12 अतिरिक्त चीतों को केएनपी में स्थानांतरित किया गया. इस परियोजना का उद्देश्य भारत में चीतों की विलुप्त प्रजाति को पुनर्जनन करना और वन्यजीव संरक्षण के साथ-साथ पर्यटन को बढ़ावा देना है. KNP में चीतों की कुल संख्या 26 वर्तमान में कूनो नेशनल पार्क में चीतों की कुल संख्या 26 हो गई है, जिसमें भारतीय धरती पर जन्मे 14 शावक शामिल हैं. यह परियोजना न केवल जैव विविधता को संरक्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है, बल्कि क्षेत्र में पर्यटन और रोजगार के नए अवसर भी पैदा कर रही है. गामिनी और उसके शावकों को जंगल में छोड़ने से चीता संरक्षण के प्रयासों को और मजबूती मिली है. खाजुरी वन क्षेत्र में छोड़ा गया गामिनी और उसके शावकों को अतिरिक्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक उत्तम कुमार शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि गामिनी और उसके 12 माह के चार शावकों (दो नर और दो मादा) को श्योपुर जिले के खाजुरी वन क्षेत्र में छोड़ा गया है। यह क्षेत्र अहेरा टूरिज्म ज़ोन का हिस्सा है, जिससे अब पर्यटकों को जंगल सफारी के दौरान चीतों को देखने का मौका मिल सकता है। वन्यजीव संरक्षण और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि कूनो नेशनल पार्क में चीतों की बढ़ती संख्या से पर्यटकों को उनके प्राकृतिक आवास में देखने का अवसर मिलेगा, जिससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार वन्यजीव संरक्षण और पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है। गामिनी के पहले शावकों की जानकारी गामिनी ने 10 मार्च 2024 को अपने पहले लिटर में छह शावकों को जन्म दिया था, लेकिन बाद में दो शावकों की मृत्यु हो गई थी। recent visitors 31

अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट ने 400 करोड़ सरकार को दिए टैक्स, 5 साल में खर्च किए 2150 करोड़

अयोध्या  श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सचिव चंपत राय ने रविवार को कहा कि ट्रस्ट ने धार्मिक पर्यटन में उछाल के बीच पिछले पांच वर्षों में सरकार को लगभग 400 करोड़ रुपये का कर चुकाया है। उन्होंने कहा कि यह राशि पांच फरवरी 2020 से पांच फरवरी 2025 के बीच चुकाई गई। उन्होंने कहा कि इसमें से 270 करोड़ रुपये माल और सेवा कर (जीएसटी) के रूप में भुगतान किए गए, जबकि शेष 130 करोड़ रुपये अन्य विभिन्न कर श्रेणियों के तहत भुगतान किए गए। उन्होंने कहा कि अयोध्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या में 10 गुना वृद्धि हुई है, जिससे यह एक प्रमुख धार्मिक पर्यटन केंद्र बन गया है और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं। उन्होंने कहा कि महाकुंभ के दौरान 1.26 करोड़ श्रद्धालु अयोध्या आए थे। राय ने कहा कि ट्रस्ट के वित्तीय रिकार्ड का नियमित रूप से नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) के अधिकारियों द्वारा ऑडिट किया जाता है। जीएसटी में 272 करोड़ रुपये दिए गए राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक मणिरामदास छावनी में संपन्न हुई। न्यास की बैठक संपन्न हुई। सात सदस्य मौके पर रहे उपस्थित, चार सदस्य विशेष आमंत्रित के तौर पर बैठक में उपस्थित थे। बैठक में सदस्य कामेश्वर चौपाल और पुजारी सत्येंद्र दास जी श्रद्धांजलि दी। बैठक में अकाउंट में जानकारियां दी गईं। 5 फरवरी 2020 को ट्रस्ट का गठन हुआ था। 5 वर्षों में ट्रस्ट के अकाउंट से सरकार के विभिन्न एजेंसियों में 396 करोड़ का भुगतान हुआ है। अकेले जीएसटी 272 करोड़ रुपये दी गई। 2150 करोड़ कुल खर्च किया गया अयोध्या विकास प्राधिकरण को जन्मभूमि के नक्शे के लिए 5 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। जमीन रजिस्ट्रेशन फीस रिवेन्यू टैक्स के तौर पर 29 करोड़ का भुगतान किया गया है। 10 करोड़ का बिजली का बिल का भरा गया है। वहीं पिछले 5 वर्षों में 2150 करोड़ कुल खर्च का भुगतान किया है। वहीं उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम को राम मंदिर ट्रस्ट की तरफ से200 करोड़ रुपये का काम दिया गया है। जून तक पूरा हो जाएगा राम मंदिर मंदिर निर्माण को लेकर के भी बैठक में जानकारी दी गई। रामलला का मंदिर जून तक तैयार हो जाएगा। परकोटा निर्माण का कार्य लगभग अक्टूबर तक चलेगा। शबरी निषाद और ऋषियों के सप्त मंदिर मई महीने में पूरे हो जाएगा। शेषा अवतार मंदिर का निर्माण अगस्त में पूरा होगा। मंदिर निर्माण का कार्य 96 प्रतिशत हो गया है। 30 अप्रैल तक राम मंदिर में बनाए जाने वाले सभी मंदिर की मूर्तियां अपने स्थान पर स्थापित हो जाएगी। राम मंदिर में मुख्य पुजारी नहीं होगा राम मंदिर में यात्रियों की सुविधा के लिए गेस्ट हाउस बनाया जाएगा। यात्रियों के सहयोग से नॉमिनल खर्च देकर के यात्री इसका लाभ ले सकते हैं। वहीं लार्सन टुब्रो को मंदिर निर्माण के लिए 1200 करोड़ रुपये भुगतान किया गया। साथ ही बताया गया कि आचार्य सत्येंद्र दास के बाद अब राम मंदिर में कोई मुख्य पुजारी नहीं होगा। recent visitors 27

मंडला विधायक ओमकार सिंह मरकाम ने कहा कि सरकार मंडला एनकाउंटर की जांच कराने को तैयार नहीं

भोपाल  मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र का आज सोमवार को 5वां दिन है। सदन में प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस विधायकों ने मंडला में हुए नक्सली एनकाउंटर को फर्जी बताया। साथ ही, उस एनकाउंटर की जांच की मांग करते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा है। यही नहीं, सदन में काफी देर नारेबाजी करते हुए कांग्रेस ने वॉकआउट कर दिया।  मंडला विधायक ओमकार सिंह मरकाम ने कहा कि सरकार मंडला एनकाउंटर की जांच कराने को तैयार नहीं है। विधानसभा अध्यक्ष ने भी हमारी मांग खारिज कर दी। भाजपा सरकार के इस तानाशाह रवैये के विरोध में हमने विधानसभा की कार्यवाही का बहिष्कार किया है। बजट पर चर्चा हुई वहीं, सदन में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मध्य प्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश संशोधन विधेयक पेश किया। इसके बाद बजट पर चर्चा शुरु हुई। कमलनाथ पहुंचे विधानसभा इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ भी सोमवार को विधानसभा पहुंचे। उन्होंने मऊगंज में एएसआई की हत्या और इंदौर में वकील-पुलिस झड़प को लेकर कहा कि मध्य प्रदेश कानून-व्यवस्था की नहीं, अव्यवस्था की राजधानी बन चुका है। भ्रष्टाचार की राजधानी बन चुका है। पूरा देश मध्य प्रदेश की ओर देख रहा है। जल जीवन मिशन में 17,136 करोड़ का प्रावधान रहली से भाजपा विधायक गोपाल भार्गव ने बजट पर चर्चा के दौरान कहा कि एक दौर था, जब पानी का संकट गंभीर रूप धारण कर चुका था। लोगों को 15 किलोमीटर दूर तक सिर पर गागर रखकर पानी लाने के लिए जाना पड़ता था। लेकिन, अब स्थिति में बड़ा बदलाव आया है। सरकार ने जल जीवन मिशन के तहत 17,136 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। अब घर-घर में नल से पानी मिलेगा। भार्गव के अनुसार, पानी के संकट से जूझ रहे कई गांवों में तो बेटों के विवाह तक नहीं हो पाते थे। लोग ऐसे गांवों में अपनी बेटियों का विवाह करने से कतराते थे। लेकिन अब हालात पूरी तरह बदल गए हैं और इन गांवों में भी सुविधाएं उपलब्ध होने लगी हैं। मंडला एनकाउंटर की जांच की मांग कांग्रेस विधायकों ने मंडला में हुए नक्सली एनकाउंटर को फर्जी बताते हुए जांच की मांग की। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर नारेबाजी करने के बाद सदन से वॉकआउट किया। इसपर मंडला विधायक ओमकार सिंह मरकाम ने कहा कि सरकार मंडला एनकाउंटर की जांच कराने को तैयार नहीं है। विधानसभा अध्यक्ष ने भी हमारी मांग खारिज कर दी है। भाजपा सरकार के इस तानाशाह रवैये के विरोध में हमने विधानसभा की कार्यवाही का बहिष्कार किया है। लोकायुक्त से मिलने पहुंची कांग्रेस नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में कांग्रेस विधायकों का एक प्रतिनिधिमंडल भोपाल में लोकायुक्त से मिलने पहुंचा है। यह प्रतिनिधिमंडल ने लोकायुक्त को परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा घोटाले से संबंधित सबूत सौंपे। साथ ही, प्रतिनिधिमंडल लोकायुक्त से इस मामले की जांच में तेजी लाने की मांग की। लाल बसों का मुद्दा गर्माया भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने भोपाल में संचालित लाल बसों के संचालन पर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि भोपाल की किन-किन रूटों पर लाल बसों का संचालन हो रहा है और किन एजेंसियों से इन बसों का संचालन किया जा रहा है। शर्मा ने यह भी सवाल किया कि अगर लाल बसों का परिचालन सफलतापूर्वक नहीं हो रहा है, तो इसके लिए जिम्मेदार एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है। भोपाल से आसपास के इलाकों तक बसें नहीं चल रही रामेश्वर ने बताया कि भोपाल से मंडीदीप, सांची, झगरिया, सीहोर, रायसेन और भोजपुर जैसे इलाकों तक बसें नहीं चल रही हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में 100 नई बसें आने वाली हैं, और यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि पहले की तरह कोई गड़बड़ी न हो। उन्होंने जोर देकर कहा कि, नई बसों के संचालन की पूरी निगरानी होनी चाहिए। साथ ही, पहले बस संचालन में हुई अनियमितताओं की जांच के लिए एक समिति गठित की जानी चाहिए। इसपर परिवहन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने जवाब देते हुए कहा- प्रमुख सचिव को जांच के निर्देश दे दिए जाएंगे। recent visitors 30

वक्फ बोर्ड अध्यक्ष सनवर पटेल का कांग्रेस पर आरोप, बिल पर बढ़ा विवाद, जंतर-मंतर धरना गैरजरूरी…

भोपाल मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष सनवर पटेल ने जंतर-मंतर पर वक्फ संशोधन बिल के खिलाफ चल रहे धरने को गैरजरूरी करार दिया है. उन्होंने कहा कि हर किसी को अपना मत रखने का अधिकार है, लेकिन इस प्रदर्शन की कोई जरूरत नहीं है. पटेल ने इस मुद्दे पर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पार्टी समाज को गुमराह और बांटने में माहिर है, जो कि वह बरसों से करती आ रही है और अब भी पर्दे के पीछे से ऐसा प्रयास कर रही है. सनवर पटेल ने कहा, "जंतर-मंतर पर वक्फ बिल को लेकर जो प्रदर्शन हो रहा है, उसकी कोई जरूरत नहीं है. जेपीसी (संयुक्त संसदीय समिति) में जो संशोधन प्रस्तावित हैं, वे अभी अंतिम रूप से तय नहीं हुए हैं. फिर भी लोगों को डराने का काम किया जा रहा है कि वक्फ की संपत्ति पर कब्जा हो जाएगा. सच यह है कि अगर वक्फ की संपत्ति वैधानिक है, तो एक इंच भी संपत्ति कोई नहीं ले सकता. सुप्रीम कोर्ट भी कह चुका है कि 'Once Waqf is always Waqf'." कांग्रेस पर तीखा प्रहार उन्होंने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा, "समाज को गुमराह करना और समाज को बांटने में कांग्रेस को महारथ हासिल है. यह पार्टी बरसों से ऐसा करती आ रही है और आज भी पर्दे के पीछे से इस काम को अंजाम देने की कोशिश कर रही है." पटेल ने दावा किया कि वक्फ बिल से गरीबों को लाभ होगा, जो अब तक इस व्यवस्था से वंचित रहे हैं. गरीबों और कब्जाधारियों पर टिप्पणी वक्फ बोर्ड अध्यक्ष ने कहा, "इस बिल से हमारे समाज के गरीब लोगों को लाभ मिलेगा, जो अब तक इस व्यवस्था से अछूते रहे हैं. लेकिन जिनके पेट में दर्द हो रहा है, उन लोगों ने बड़ी-बड़ी संपत्तियों पर कब्जा कर रखा है और गरीबों को लाभ नहीं मिलने दिया. ऐसे करीब 95% लोग हमारे ही समाज से हैं." उन्होंने जोर देकर कहा कि वैधानिक वक्फ संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित रहेगी और कोई भी उस पर अतिक्रमण नहीं कर सकता. माहौल और आगे की राह पटेल के बयान के बाद इस मुद्दे पर सियासी बहस और तेज हो गई है. जंतर-मंतर पर ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड समेत कई संगठनों द्वारा आयोजित धरना आज भी जारी है, जहां वक्फ संशोधन बिल को लेकर सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश हो रही है. दूसरी ओर, कैबिनेट मंत्री दर्जा प्राप्त मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड अध्यक्ष पटेल का यह बयान सरकार के रुख का समर्थन करता नजर आ रहा है, जो बिल को पारदर्शिता और गरीबों के कल्याण से जोड़ रही है. अब यह देखना होगा कि जेपीसी की रिपोर्ट और बिल पर आगे की कार्रवाई कैसे होती है.   recent visitors 40

भारत और चीन अब 2020 से पहले की स्थितियों को बहाल करने के लिए काम कर रहे हैं: पीएम मोदी

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मशहूर अमेरिकी पॉडकास्टर लेक्स फ्रिडमैन के साथ पॉडकास्ट रिलीज हो चुका है। पॉडकास्ट के दौरान पीएम मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के साथ भारत के रिश्तों को लेकर भी बात की। डोनाल्ड ट्रंप की ‘विनम्रता’ की प्रशंसा करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उनके दिमाग में एक स्पष्ट रोडमैप है, जिनमें से प्रत्येक उन्हें उनके लक्ष्यों की ओर ले जाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। पीएम मोदी ने कहा कि ट्रंप ‘अमेरिका फ़र्स्ट’ के पक्षधर हैं जबकि ‘मैं इंडिया फ़र्स्ट’ के पक्ष में हूं। हाउडी मोदी कार्यक्रम में ट्रंप ने ऐसा क्या किया? राष्ट्रपति ट्रंप का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “सितंबर 2019 में ह्यूस्टन में हुए हाउडी मोदी कार्यक्रम में ट्रंप और मैं दोनों वहां थे और पूरा स्टेडियम पूरी तरह से भरा हुआ था। हम दोनों ने भाषण दिया और वह नीचे बैठे, मेरी बातें सुनते रहे। अब यह उनकी विनम्रता है। जब मैं मंच से बोल रहा था, तब अमेरिका के राष्ट्रपति दर्शकों में बैठे थे, यह उनकी ओर से एक इशारा था। भाषण के बाद मैंने ट्रंप को स्टेडियम का चक्कर लगाने के लिए कहा और बिना किसी हिचकिचाहट के वह सहमत हो गए और मेरे साथ चलने लगे। उनकी पूरी सुरक्षा व्यवस्था चौंक गई, लेकिन मेरे लिए वह क्षण वास्तव में दिल को छू लेने वाला था। इसने मुझे दिखाया कि इस आदमी में साहस है। वह अपने फैसले खुद लेता है। यह आपसी विश्वास की भावना थी, हमारे बीच एक मजबूत बंधन था जिसे मैंने उस दिन वास्तव में देखा और जिस तरह से मैंने राष्ट्रपति ट्रंप को उस दिन सुरक्षाकर्मियों से पूछे बिना हजारों की भीड़ में चलते हुए देखा, वह वास्तव में आश्चर्यजनक था।” ‘जब ट्रंप पर हुआ हमला’ पिछले साल जुलाई में ट्रंप पर हुए जानलेवा हमले का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “मैंने उसी दृढ़ निश्चयी और दृढ़निश्चयी राष्ट्रपति ट्रंप को देखा, जो उस स्टेडियम में मेरे साथ हाथ में हाथ डालकर चल रहे थे। गोली लगने के बाद भी वे अमेरिका के प्रति अडिग रहे। उनका जीवन उनके राष्ट्र के लिए है। उनमे अमेरिका फर्स्ट भावना दिखाई दी, ठीक वैसे ही जैसे मैं नेशन फर्स्ट में विश्वास करता हूं। मैं इंडिया फर्स्ट के लिए खड़ा हूं और यही कारण है कि हम इतने अच्छे से जुड़ते हैं।” अपनी पहली मुलाकात को याद करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “जिस क्षण मैंने व्हाइट हाउस में कदम रखा, उन्होंने तुरंत सभी औपचारिक प्रोटोकॉल तोड़ दिए। फिर, वे व्यक्तिगत रूप से मुझे व्हाइट हाउस के दौरे पर ले गए। जब ​​उन्होंने मुझे चारों ओर दिखाया, तो मैंने एक खास बात देखी, उनके हाथ में कोई नोट या क्यू कार्ड नहीं था, न ही उनकी सहायता के लिए कोई उनके साथ था। उन्होंने खुद ही चीजों को दिखाया। मुझे यह अविश्वसनीय रूप से प्रभावशाली लगा। इससे पता चलता है कि वे राष्ट्रपति पद का कितना सम्मान करते थे और अमेरिका के इतिहास से कितने सम्मानजनक और गहरे जुड़े हुए थे। बाइडेन शासन के दौरान जब भी हम दोनों को जानने वाला कोई व्यक्ति उनसे (ट्रंप) मिलता था और ऐसा दर्जनों बार हुआ होगा, तो वे कहते थे, मोदी मेरे मित्र हैं, मेरा अभिवादन कहना। इस तरह का इशारा दुर्लभ है। भले ही हम वर्षों तक शारीरिक रूप से नहीं मिले, लेकिन हमारा प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष कम्युनिकेशन, हमारी निकटता और हमारे बीच का विश्वास अडिग रहा।” चीन के साथ रिश्तों को लेकर बोले पीएम मोदी पीएम मोदी ने चीन को लेकर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि भारत और चीन अब 2020 से पहले की स्थितियों को बहाल करने के लिए काम कर रहे हैं। पीएम मोदी ने कहा, “यह सच है कि हमारे बीच सीमा विवाद चल रहे हैं। 2020 में सीमा पर हुई घटनाओं ने हमारे देशों के बीच काफी तनाव पैदा किया। हालांकि राष्ट्रपति शी के साथ मेरी हालिया बैठक के बाद, हमने सीमा पर सामान्य स्थिति की वापसी देखी है। अब हम 2020 से पहले की स्थितियों को बहाल करने के लिए काम कर रहे हैं। धीरे-धीरे लेकिन निश्चित रूप से विश्वास, उत्साह और ऊर्जा वापस आ जाएगी। लेकिन निश्चित रूप से इसमें कुछ समय लगेगा, क्योंकि पांच साल का अंतराल रहा है। हमारा सहयोग न केवल फायदेमंद है, बल्कि वैश्विक स्थिरता और समृद्धि के लिए भी आवश्यक है। चूंकि 21वीं सदी एशिया की सदी है, इसलिए हम चाहते हैं कि भारत और चीन स्वस्थ और स्वाभाविक तरीके से प्रतिस्पर्धा करें। प्रतिस्पर्धा कोई बुरी चीज नहीं है, लेकिन इसे कभी भी संघर्ष में नहीं बदलना चाहिए।” पीएम मोदी ने आगे कहा, “देखिए भारत और चीन के बीच संबंध कोई नई बात नहीं है। दोनों देशों की संस्कृति और सभ्यताएं प्राचीन हैं। आधुनिक दुनिया में भी, वे महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। अगर आप ऐतिहासिक रिकॉर्ड देखें, तो सदियों से भारत और चीन एक-दूसरे से सीखते आए हैं। साथ मिलकर उन्होंने हमेशा किसी न किसी तरह से वैश्विक भलाई में योगदान दिया है। पुराने रिकॉर्ड बताते हैं कि एक समय में भारत और चीन अकेले दुनिया के GDP का 50% से अधिक हिस्सा थे। भारत का योगदान इतना बड़ा था।” पीएम मोदी ने कहा कि मेरा मानना ​​है कि हमारे संबंध बहुत मजबूत रहे हैं, गहरे सांस्कृतिक जुड़ाव के साथ। उन्होंने कहा, “अगर हम सदियों पीछे देखें, तो हमारे बीच संघर्ष का कोई वास्तविक इतिहास नहीं है। यह हमेशा एक-दूसरे से सीखने और एक-दूसरे को समझने के बारे में रहा है। एक समय में बौद्ध धर्म का चीन में गहरा प्रभाव था, और वह दर्शन मूल रूप से यहीं से आया था। हमारे रिश्ते भविष्य में भी उतने ही मजबूत रहने चाहिए। इसे आगे बढ़ना जारी रखना चाहिए। बेशक, मतभेद स्वाभाविक हैं। जब दो पड़ोसी देश होते हैं, तो कभी-कभी असहमति होना लाजिमी है। यहां तक ​​कि एक परिवार के भीतर भी सब कुछ हमेशा सही नहीं होता है। लेकिन हमारा ध्यान यह सुनिश्चित करने पर है कि ये मतभेद विवाद में न बदल जाएं। हम इसी दिशा में सक्रिय रूप से काम करते हैं। मतभेद के बजाय हम संवाद पर जोर देते हैं, क्योंकि केवल संवाद के माध्यम से ही हम एक स्थिर संबंध 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कांग्रेस आज मुसलमानों को 4% आरक्षण दे रही , कल वह खुद के लिए राजनीति में 4% आरक्षण मांगेगी: रामेश्वर शर्मा

भोपाल  कर्नाटक की सिद्धारमैया सरकार ने सार्वजनिक खरीद पारदर्शिता (KTPP) अधिनियम में संशोधन को मंजूरी दे दी है। इसका मकसद मुस्लिम ठेकेदारों को टेंडर में चार प्रतिशत आरक्षण प्रदान करना है। इस पर बीजेपी हमलावर हो गई है। मध्य प्रदेश के बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा ने  मुस्लिम ठेकेदारों को 4% आरक्षण देने की नीति की कड़ी आलोचना की है। शर्मा ने कहा कि कांग्रेस संविधान विरोधी होती जा रही है।   कांग्रेस ‘एक कांग्रेस थी’ की स्थिति में आ जाएगी- रामेश्वर शर्मा    बीजेपी विधायक शर्मा ने कहा कि कांग्रेसियों को ये समझ लेना चाहिए कि सोनिया जी ने तो अपने परिवार को लोकसभा और राज्यसभा भेजकर उनके भरण-पोषण की व्यवस्था कर ली है। लेकिन आने वाले राजनीतिक दिनों में यदि यही हालात रहे तो हिन्दुस्तान की राजनीति में जो कांग्रेस ‘एक कांग्रेस थी’ की स्थिति में आ जाएगी। उन्होंने कहा कि जो कांग्रेस आज मुसलमानों को 4% आरक्षण दे रही है, कल वह खुद के लिए राजनीति में 4% आरक्षण मांगेगी। रामेश्वर शर्मा ने कहा कि हिन्दुस्तान की राजनीति जग चुकी है, हर नागरिक सशक्त और सावधान है। वह यह देख रहा है कि कौन तुष्टिकरण करके भारत की संस्कृति के साथ खिलवाड़ कर रहा है। कांग्रेस ये खिलवाड़ बंद करे अन्यथा हिन्दू समाज जागेगा और कांग्रेस का प्रतिकार करेगा। कर्नाटक सरकार ने लिया है ये फैसला कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया ने मुस्लिम ठेकेदारों को 4 प्रतिशत रिजर्वेशन देने का फैसला किया है। सिद्धारमैया की अध्यक्षता में हुई कर्नाटक कैबिनेट की बैठक में सरकारी टेंडरों में मुस्लिम ठेकेदारों को 4 प्रतिशत आरक्षण देने का फैसला किया गया। कैबिनेट ने कर्नाटक सार्वजनिक खरीद पारदर्शिता (KTPP) अधिनियम में संशोधन को मंजूरी दे दी है, जिसका मकसद मुस्लिम ठेकेदारों को टेंडर में चार प्रतिशत आरक्षण प्रदान करना है।  recent visitors 46

9 महीने के इंतजार के बाद सुनीता विलियम्स की वापसी तय, जानें पूरा शेड्यूल

वाशिंगटन भारतीय मूल की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और उनके साथी बुच विलमोर के लिए राहत की खबर है। 9 महीने से ISS (इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन) में फंसे दोनों अंतरिक्ष यात्रियों को वापस लाने के लिए भेजा गया Crew Dragon स्पेसक्राफ्ट सफलतापूर्वक ISS से जुड़ चुका है। 16 मार्च को डॉकिंग प्रक्रिया पूरी हुई, और अब वे 19 मार्च को धरती पर वापसी करेंगे। 14 मार्च को लॉन्च हुए Crew-10 मिशन ने ISS तक पहुंचकर चार नए अंतरिक्ष यात्रियों को वहां पहुंचाया और वापसी के लिए रास्ता साफ कर दिया। सुनीता और विलमोर को सिर्फ एक हफ्ते बाद लौटना था, लेकिन बोइंग स्टारलाइनर स्पेसक्राफ्ट की तकनीकी खराबी के चलते वे 9 महीने तक फंसे रह गए। अब NASA और SpaceX के इस मिशन के जरिए उनकी वापसी संभव हो रही है, और पूरी दुनिया इस ऐतिहासिक पल का इंतजार कर रही है। कैसे हुई Crew-10 की लॉन्चिंग? 14 मार्च को स्पेसएक्स ने Crew-10 मिशन लॉन्च किया था। इस मिशन के तहत फॉल्कन-9 रॉकेट से Crew Dragon कैप्सूल को अंतरिक्ष में भेजा गया। यह मिशन NASA के कमर्शियल क्रू प्रोग्राम के तहत भेजी गई 11वीं क्रू फ्लाइट थी। इस सफल लॉन्चिंग के बाद अब सुनीता विलियम्स की वतन वापसी की उम्मीदें मजबूत हो गई हैं। क्या होती है डॉकिंग प्रक्रिया? डॉकिंग वो प्रक्रिया होती है, जिसमें स्पेसक्राफ्ट अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन से जुड़ता है। इसके पूरा होते ही अंतरिक्ष यात्री अपने स्पेससूट उतारते हैं और कार्गो को उतारने की तैयारी शुरू होती है। इसके बाद हैच खोलकर ISS में प्रवेश किया जाता है। NASA इस मौके पर Crew-10 के स्वागत समारोह का सीधा प्रसारण भी करेगा। सुनीता विलियम्स की वापसी पर डोनाल्ड ट्रंप की नजर सुनीता विलियम्स की वापसी पर अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी लगातार नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने टेस्ला के मालिक एलन मस्क से अनुरोध किया था कि इस मिशन को जल्द से जल्द पूरा किया जाए ताकि सुनीता विलियम्स और बुच विलमोर को सुरक्षित वापस लाया जा सके। स्पेसक्राफ्ट में कौन-कौन आया ISS? इस मिशन के तहत ISS में चार नए एस्ट्रोनॉट पहुंचे हैं— NASA की कमांडर: ऐनी मैक्कलेन पायलट: अयर्स जापान की JAXA एजेंसी के अंतरिक्ष यात्री: ताकुया ओनिशी रूस के कोस्मोनॉट: किरिल पेसकोव ये स्पेसक्राफ्ट वापसी में अटलांटिक महासागर में लैंड कर सकता है। 9 महीने से ISS में फंसी थीं सुनीता विलियम्स सुनीता विलियम्स और बुच विलमोर पिछले साल 5 जून को ISS गए थे। उन्हें एक हफ्ते बाद लौटना था, लेकिन बोइंग स्टारलाइनर में तकनीकी खराबी आ जाने की वजह से वे 9 महीने से अंतरिक्ष में फंसे हुए थे। अब Crew-10 मिशन उनकी वापसी सुनिश्चित करेगा। कैसा है इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन जहां 9 महीने से फंसी हैं सुनीता विलियम्स इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन वो अंतरिक्ष में मौजूद वो प्लेटफॉर्म है जहां अंतरिक्ष जाने वाली सवारियां उतरती हैं, यहां पर रहती हैं और विज्ञान के बड़-बड़े एक्सपेरिमेंट करती हैं. लेकिन धरती से यहां की जिंदगी एकदम ही अलग है. आप ये जानकर अचंभित हो सकते हैं कि इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन में 24 घंटे में 16 बार सूर्योदय और 16 बार सूर्यास्त होता है. ऐसा क्यों होता है हम आपको आगे बताएंगे? भारतीय मूल की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स इसी इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन में 9 महीने से फंसी है और धरती वापसी का इंतजार कर रही हैं. अगर आप समझते हैं कि इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन नई दिल्ली रेलवे स्टेशन अथवा दिल्ली एयरपोर्ट जैसा कोई स्थायी बना हुआ ढांचा है तो आप गलत हैं. दरअसल इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन कोई स्थिर संरचना नहीं है, बल्कि सतत घुमते रहने वाला एक बड़ा अंतरिक्ष यान है. इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन लगातार पृथ्वी का चक्कर काटते रहता है. धरती से कितना दूर है इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पृथ्वी से 403 किलोमीटर की ऊंचाई पर पृथ्वी के चक्कर लगाता रहता है. इस दौरान इसमें अंतरिक्ष यात्री मौजूद रहते हैं. यानी कि सुनीता विलियम्स पिछले 9 महीनों से लगातार पृथ्वी के चक्कर लगा रही है. इसका एक मतलब यह भी है कि इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन धरती से 403 किलोमीटर की दूरी पर है. इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन की स्पीड लेकिन सबसे दंग करने वाला है इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन की स्पीड. इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन 17500 मील प्रति घंटे की रफ्तार से पृथ्वी की परिक्रमा करता है. इसे किलोमीटर में कहें तो इसका मतलब ये होगा कि 28163 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पृथ्वी की परिक्रमा करता है. इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन की साइज अमेरिकी स्पेस एंजेसी नासा के अनुसार इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन का आकार पांच बेडरूम वाले घर या दो बोइंग 747 जेटलाइनर जितना है. यहां 6 लोगों की टीम और कुछ मेहमान रह सकते हैं. इस वक्त स्पेस स्टेशन में 8 लोग हैं. पृथ्वी पर अंतरिक्ष स्टेशन का वजन लगभग दस लाख पाउंड यानी कि 453592.37 किलोग्राम होगा. अगर इसके सभी छोर को मिलाकर इसका आकार मापा जाए तो इसकी लंबाई फुटबॉल मैदान के बराबर होगी. इस स्पेस स्टेशन में इसमें संयुक्त राज्य अमेरिका, रूस, जापान और यूरोप के प्रयोगशाला मॉड्यूल शामिल हैं. 90 घंटे का दिन और 90 घंटे की रात का राज इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन में 24 घंटे में 16 सूर्योदय और 16 सूर्यास्त देखने का अनुभव होता है. इसे आप इस तरह से भी कह सकते हैं कि यहां 90 मिनट का दिन और 90 मिनट की रात होती है और ऐसा 24 घंटे में 16-16 बार होता है. ऐसा पृथ्वी के आकार इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन की बहुत तेज गति के कारण संभव होता है. लगभग 28 हजार किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पृथ्वी की परिक्रमा करता है. इसमें उसे 90 मिनट लगते हैं. यानी कि एक चक्कर लगाने में 90 मिनट. स्पेस स्टेशन में क्रू 10 के सदस्यों ने रविवार को सुनीता विलियम्स समेत दूसरे अंतरिक्ष यात्रियों से मुलाकात की. इसका मतलब है कि 24 घंटे में ISS पृथ्वी के चारों ओर लगभग 16 चक्कर (24 घंटे ÷ 90 मिनट = 16) लगाता है. चूंकि इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन हर 90 मिनट में एक चक्कर पूरा करता है, इसका मतलब है कि हर चक्कर के दौरान ये स्पेस स्टेशन लगभग 45 मिनट दिन (सूर्य की रोशनी में) और लगभग 45 मिनट रात (पृथ्वी की छाया में) रहता है. इसलिए हर … Read more