मुख्यमंत्री साय ने कहा- देश को आजादी दिलाने में जनजातीय समाज के वीर सपूतों का अमूल्य योगदान

रायपुर हमारा देश और समाज हमेशा प्रगतिशील सोच के साथ आगे बढ़ेे, समाज की नई पीढ़ी शिक्षा के क्षेत्र में तरक्की करे, उद्यमशीलता की तरफ बढ़े, इसके लिए समाज को निरंतर जागरूक होकर युवाओं को प्रोत्साहित करना चाहिए। हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी हमेशा इसी एकजुटता पर बल देते हैं। हम सब एकजुट रहेंगे और माँ भारती की सेवा करने संकल्पित रहेंगे तो हमारा प्रदेश और देश मजबूत होगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज जशपुर जिले के विकासखण्ड बगीचा के ग्राम घुघरी में आयोजित छत्तीसगढ़ स्तरीय नागवशी समाज के महासम्मेलन को संबोधित करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि जनजातीय समाज के भगवान बिरसा मुंडा, गुण्डाधुर, रानी दुर्गावती, वीर नारायण जैसे वीर सपूतों ने अपनी वीरता से देश को आजादी दिलाने का कार्य किया है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में जनजातीय समाज की इन महान विभूतियों के गौरव को लोगों तक पहुंचाने एवं उनका मान बढ़ाने के लिए जनजातीय गौरव दिवस के आयोजन की शुरूआत की गई है। उन्होंने कहा कि इतिहास के पन्नों में गुम इन शहीदों के योगदान को सामने लाने के लिए  नवा रायपुर में जनजातीय योद्धाओं को समर्पित स्मारक का निर्माण किया जा रहा है। इसमें छत्तीसगढ़ के आदिवासी जन नायकों द्वारा लड़े गए 13 महान संग्रामों का वर्णन भी किया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस मौके पर घुघरी में सामाजिक भवन निर्माण हेतु 50 लाख, खड़ा नाला में पुल निर्माण, ढ़ोड़की में व्यपवर्तन योजना के जीर्णाेद्धार एवं बगीचा में एक करोड़ रुपये की लागत से मंगल भवन निर्माण की घोषणा की। उन्होंने नागवंशी समाज की बहु प्रतीक्षित मांग को पूरा करते हुए घुघरी में उनकी देवभूमि को संरक्षित करने हेतु सामुदायिक वनाधिकार पट्टा प्रदान किया गया। इसके साथ ही मात्रात्मक त्रुटि के कारण वंचित रह गए 40 बच्चों को मुख्यमंत्री ने जाति प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री साय ने नागवंशी समाज के आराध्य भगवान महादेव-पार्वती एवं नाग देव की पूजा कर प्रदेश की जनता के लिए सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम में भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी का स्मरण करते हुए कहा कि उनके द्वारा ही जनजातीय कल्याण और उत्थान के लिए सर्वप्रथम आदिमजाति कल्याण विभाग का निर्माण किया गया था। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विशेष पिछड़ी जनजातीय लोगों के उत्थान के लिए पीएम जनमन योजना संचालित की जा रही है, जिसके माध्यम से राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र माने जाने वाले विशेष पिछड़ी जनजाति के लोगों के कल्याण हेतु बिजली, पानी, राशन वितरण, आवास, स्वास्थ्य, आयुष्मान कार्ड निर्माण आदि का कार्य किया जा रहा है। सरगुजा विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एवं विधायक पत्थलगांव श्रीमती गोमती साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में डबल इंजन की सरकार द्वारा प्रदेश के विकास को दुगुनी गति प्रदान की गई है। जनजातीय समाज के उत्थान के लिए हमारे जनजातीय समाज के मुख्यमंत्री द्वारा निरन्तर कार्य किया जा रहा है। कार्यक्रम में सीतापुर विधायक श्री रामकुमार टोप्पो, जिला पंचायत उपाध्यक्ष उपेंद्र यादव, जनप्रतिनिधि कृष्ण कुमार राय, नागवंशी समाज के अध्यक्ष सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक  उपस्थित थे। recent visitors 55

सरकार धान उत्पादक किसानों को प्रति हेक्टेयर 2000 रुपये प्रोत्साहन राशि देगी, एमपी कैबिनेट बैठक में लगी मुहर

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में हुई कैबिनेट की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। सरकार धान उत्पादक किसानों को प्रति हेक्टेयर 2000 रुपये प्रोत्साहन राशि देगी। विधानसभा चुनाव के समय भाजपा ने धान उत्पादक किसानों को बोनस देने का संकल्प लिया था। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय कैबिनेट बैठक में हुए निर्णयों के बारे में जानकारी देते हुए कहा, किसान हित में यह बड़ा कदम उठाया गया है। केन- बेतवा, पार्वती, कालीसिंध और चंबल परियोजनाओं से जुड़ी 19 अन्य सिंचाई परियोजनाओं को कैबिनेट ने स्वीकृति दी है।   कैबिनेट में यह भी फैसला हुआ है कि मध्य प्रदेश में लोग ऑनलाइन जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बना सकेंगे। भारत के महा रजिस्ट्रार कार्यालय ने इसके लिए प्रारूप नियम तैयार किया है। इसी के आधार पर मध्य प्रदेश जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रीकरण नियम 2024 तैयार किया गया है। इसके अनुसार जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र के डिजिटल रजिस्ट्रीकरण और इलेक्ट्रॉनिक का उपबंध किया गया है। इसमें गलत जानकारी देने पर कार्रवाई होगी। क्षिप्रा किनारे बनेगा 29 किमी लंबा घाट कैबिनेट बैठक में यह भी तय किया गया कि 2028 में होने वाले सिंहस्थ को देखते हुए उज्जैन में क्षिप्रा नदी के किनारे 29 किलोमीटर लंबा घाट बनाया जाएगा। यह क्षिप्रा नदी के दायीं किनारे पर शनि मंदिर से नागदा बाय पास तक बनेगा। इसकी लागत 771 करोड रुपये आएगी।   मध्य प्रदेश कैबिनेट के अन्य अहम फैसले प्रदेश में 100 प्रतिशत कृषि क्षेत्र को संचित बनाए जाने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। केन बेतवा, पार्वती कालीसिंध चंबल लिंक परियोजना की 19 में से 16 योजनाओं को कैबिनेट ने मंजूरी दी है। जनजाति क्षेत्र के समेकित विकास के लिए धरती आबा जनजाति ग्राम उत्कर्ष योजना के अंतर्गत प्रदेश के 52 जिलों के आदिवासियों को लाभान्वित किया जाएगा। सभी पंचायत में अटल ग्रामीण सेवा सदन बनाए जाएंगे, जहां ग्रामीणों को सभी शासकीय योजनाओं की जानकारी मिलेगी। पॉलिटेक्निक यूनानी चित्र सहित शिक्षण संस्थानों में इंटर्नशिप करने वाले विद्यार्थियों किसी से बस्ती को महंगाई सूचकांक से जोड़ने का निर्णय भी बैठक में लिया गया है। इससे पहले प्रदेश के सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि हर पंचायत में पैक्स, सभी को रोजगार और सुव्यवस्थित सहकारी आंदोलन ही हमारा लक्ष्य है। सहकारिता को आगे बढ़ाने के लिए इसका विस्तार पंचायत स्तर पर करना होगा। सहकारिता के हर एक मूल भाव को आत्मसात करते हुए देश को समृद्ध बनाना ही हमारा लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में आमूलचूल परिवर्तन हुए हैं। समृद्ध राष्ट्र के लिए समाज को जोड़ने की जरूरत है और समाज को जोड़ने का केवल एक ही प्रकल्प है सहकारिता। समाज का निर्माण सहकारिता के माध्यम से ही होता है। सभी की भागीदारी के साथ लक्ष्य को साधने का नाम ही सहकारिता है। recent visitors 63

प्रदेश में स्थापित 11 के.वी. फीडर्स को सौर ऊर्जा से ऊर्जीकृत किये जाने की स्वीकृति

मध्यप्रदेश जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रीकरण नियम, 2024 लागू किये जाने की स्वीकृति क्षिप्रा नदी के तट पर घाट निर्माण की स्वीकृति 11 के.वी. फीडर्स को सौर ऊर्जा से ऊर्जीकृत किये जाने की स्वीकृति संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चम्बल नदी लिंक परियोजना का हुआ प्रशासकीय अनुमोदन मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद के निर्णय भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक गुरूवार को मंत्रालय में हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा मध्यप्रदेश जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रीकरण नियम, 2024 लागू किये जाने की स्वीकृति दी है। महा-रजिस्ट्रार कार्यालय, भारत सरकार से प्राप्त प्रारूप नियम के अनुरूप मध्यप्रदेश जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रीकरण नियम, 2024 तैयार किया गया है। इसके अंतर्गत मध्यप्रदेश जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रीकरण नियम, 1999 की विभिन्न धाराओं में संशोधन किया गया है। मध्यप्रदेश जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रीकरण नियम, 2024 के मुख्य बिंदुओं में जन्म और मृत्यु प्रमाण-पत्र के डिजिटल रजिस्ट्रीकरण और इलेक्ट्रॉनिक परिदान का उपबंध, रजिस्ट्रीकृत जन्म और मृत्यु का राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय डाटाबेस तैयार करना, दत्तक ग्रहण किये गये, अनाथ, परित्यक्त, सरोगेट बच्चे और एकल माता-पिता या अविवाहित माता से बच्चे के रजिस्ट्रीकरण प्रक्रिया को सुगम बनाया जाना आदि शामिल है। जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रीकरण (संशोधन) अधिनियम, 2023 के प्रारंभ की तारीख को या उसके पश्चात् जन्म लेने वाले किसी व्यक्ति के जन्म की तारीख और स्थान को प्रमाणित करने के लिए जन्म प्रमाण-पत्र उपयोगी है। किसी आपदा या महामारी में मृत्यु के त्वरित रजिस्ट्रीकरण और प्रमाण पत्र जारी करने के लिये विशेष "उप-रजिस्ट्रार" की नियुक्ति का उपबंध किया गया है। किसी जन्म या मृत्यु के 30 दिन के पश्चात् किंतु एक वर्ष के भीतर विलंबित सूचना की दशा में नोटरी या राज्य सरकार द्वारा प्राधिकृत किसी अन्य अधिकारी के समक्ष किसी शपथ-पत्र के स्थान पर स्व-अनुप्रमाणित दस्तावेज को प्रस्तुत करने का उपबंध किया गया है। किसी जन्म या मृत्यु के एक वर्ष के पश्चात् रजिस्ट्रार को विलंबित सूचना की दशा में आदेश करने वाले प्राधिकारी प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट के स्थान पर जिला मजिस्ट्रेट या उपखंड मजिस्ट्रेट या जिला मजिस्ट्रेट द्वारा प्राधिकृत कार्यपालक मजिस्ट्रेट का उपबंध किया गया है। लोकहित में जन शिकायत निवारण के लिए रजिस्ट्रार/जिला रजिस्ट्रार द्वारा की गई कार्यवाही से व्यथित होने पर अपील का प्रावधान है और उपबंधित शास्तियों में वृद्धि की गई हैं। प्रदेश में स्थापित 11 के.वी. फीडर्स को सौर ऊर्जा से ऊर्जीकृत किये जाने की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश के कृषकों की ऊर्जा आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए प्रदेश में स्थापित 11 के.वी. फीडर्स को सौर ऊर्जा से ऊर्जीकृत (सोलराईजेशन) किये जाने की स्वीकृति दी गई। इसके क्रियान्वयन से किसान को सिंचाई के लिये दिन में बिजली उपलब्ध होगी, जिससे उनकी जीवन शैली व्यवस्थित हो सकेगी। सौर संयंत्र से 33/11 किलोवॉट विद्युत वितरण उप केन्द्रों पर स्थापित पॉवर ट्रांसफार्मर पर ओवर-लोडिंग और परिणामतः लो-वोल्टेज एवं पावर कट की समस्या कम होगी। साथ ही विद्युत उप केन्द्रों के उन्नयन पर आने वाले वित्तीय भार को बचाया जा सकेगा। उल्लेखनीय है कि कृषकों की सिंचाई आवश्यकताओं की प्रतिपूर्ति, उनके करीब सौर ऊर्जा का उत्पादन एवं आय के अवसर उपलब्ध करवाने के लिए केन्द्रीय नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्रालय, (MNRE) द्वारा प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (पीएम- कुसुम) योजना लागू की गयी है। योजना के अंतर्गत सोलर संयंत्र स्थापना के लिए 1.05 करोड़ रूपये प्रति मेगावाट केन्द्रीय सहायता राशि दी जानी प्रावधानित है। प्रदेश में कुसुम-सी के अंतर्गत पृथक कृषि फीडर्स पर स्थापित कृषि पंप को विद्युत प्रदाय करने के लिए सौर ऊर्जा से ऊर्जीकृत (सोलराईजेशन) किया जायेगा। मंत्रि-परिषद द्वारा आगामी सिंहस्थ में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए क्षिप्रा नदी के तट पर शनि मंदिर से नागदा बायपास तक 29.215 कि.मी. लंबाई के घाट-निर्माण कार्य के लिये 778 करोड़ 91 लाख रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई। मंत्रि-परिषद द्वारा संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चम्बल नदी लिंक परियोजना के अंतर्गत परियोजना समूह की लागत 28,798 करोड़ 02 लाख रूपये, सैंच्य क्षेत्र 4 लाख 72 हजार 970 हेक्टेयर का प्रशासकीय अनुमोदन प्रदान किया गया। स्वीकृति परियोजनाओं से मध्यप्रदेश में मालवा एवं चम्बल क्षेत्र के 10 जिले गुना, शिवपुरी, मुरैना, उज्जैन, सीहोर, इन्दौर, देवास, आगर-मालवा, शाजापुर एवं राजगढ़ में कुल 4.73 लाख हेक्टेयर नवीन सिंचित क्षेत्र और चम्बल की दाईं मुख्य नहर प्रणाली के आधुनिकीकरण से भिण्ड, मुरैना एवं श्योपुर के 1205 ग्रामों में 3.62 लाख हैक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। जनजातीय क्षेत्रों में धरती आबा-जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान प्रारंभ करने की सैधान्तिक स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों में पंचायत एवं ग्रामीण विकास, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, ऊर्जा, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण, महिला एवं बाल विकास, स्कूल शिक्षा, आयुष, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, तकनीकी शिक्षा कौशल विकास एवं रोजगार, किसान कल्याण तथा कृषि विकास, मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास, पशु पालन एवं डेयरी, पर्यटन एवं जनजातीय कार्य विभाग की चिन्हित योजना अंर्तगत शत-प्रतिशत सेचुरेशन के लिए नवीन योजना धरती आबा- जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान (DAJGUA) प्रारंभ करने की सैधान्तिक स्वीकृति प्रदान की गई है। अन्य निर्णय मंत्रि-परिषद द्वारा आयुष विभाग के अंतर्गत संचालित शासकीय और स्वशासी आयुर्वेद/यूनानी/होम्योपैथी के 9 महाविद्यालयों में स्नातक प्रशिक्षु (इंटर्नशिप) एवं स्नातकोत्तर अध्येताओं की शिष्यवृत्ति एवं गृह चिकित्सकों के समेकित वेतन की वृद्धि को उपभोक्ता मूल्य सूचकांक से जोड़े जाने की सैद्धांतिक सहमति प्रदान की है।   recent visitors 57

शैक्षणिक संस्थानों में जागरूकता अभियान चलाना तंबाकू नियंत्रण के लिए अत्यंत आवश्यक : एमडी एनएचएम डॉ. सिडाना

तंबाकू नशा-मुक्ति के लिए वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाएं : एमडी एनएचएम डॉ. सिडाना युवाओं में तंबाकू सेवन की प्रवृति चिंताजनक, समन्वित प्रयास से निकालेंगे हल : एमडी एनएचएम डॉ. सिडाना शैक्षणिक संस्थानों में जागरूकता अभियान चलाना तंबाकू नियंत्रण के लिए अत्यंत आवश्यक : एमडी एनएचएम डॉ. सिडाना राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम में राज्य स्तरीय स्मॉल वर्किंग ग्रुप की हुई बैठक भोपाल राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की प्रबंध संचालक डॉ. सलोनी सिडाना ने कहा कि युवाओं में तंबाकू सेवन की प्रवृत्ति एक गंभीर समस्या है। बच्चों को बचपन में जो संस्कार मिलते हैं, वे जीवनभर उनके साथ रहते हैं। शैक्षणिक संस्थानों में जागरूकता अभियान चलाना तंबाकू नियंत्रण के लिए अत्यंत आवश्यक है। डॉ. सिडाना ने कहा कि एनएचएम, ‘उमंग कार्यक्रम’ में स्कूलों में तंबाकू नियंत्रण के लिए शिक्षा विभाग के साथ मिलकर व्यापक जागरूकता अभियान चलाएगा। एनएचएम कार्यालय भोपाल में गुरूवार को राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के तहत राज्य स्तरीय स्मॉल वर्किंग ग्रुप की बैठक में संचालित गतिविधियों, वर्तमान स्थिति और भविष्य की कार्य योजना पर मंथन किया गया। एम.डी. डॉ. सिडाना ने निर्देश दिए कि COTPA (सिगरेट्स एंड अदर टोबैको प्रोडक्ट्स एक्ट) और ToFEI (टोबैको-फ़्री एजूकेशनल इंस्टीट्यूशंस) गाइडलाइन्स का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिये विभागीय समन्वय से प्रयास किये जाए। उन्होंने कहा कि तंबाकू की लत छुड़ाने के लिए वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाया जाए और राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य नीति के अनुरूप नशा मुक्ति अभियान में तंबाकू सेवन करने वालों को भी सहयोग प्रदान किया जाये। आयुष विभाग के वेलनेस कार्यक्रम से भी तंबाकू सेवन करने वालों को मार्गदर्शन प्रदान किया जाये। वेलनेस गतिविधियाँ योग, ध्यान आदि मानसिक रूप से मजबूत बनाने और तंबाकू सेवन की लत से मुक्ति दिलाने में सहयोगी होंगी। एमडी एनएचएम ने जिलों में टीबी नियंत्रण सेल को तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रमों से समन्वय करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही नेशनल ओरल हैल्थ प्रोग्राम और राष्ट्रीय कैंसर नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत तंबाकू सेवन करने वालों की प्राथमिकता से स्क्रीनिंग करने को कहा। वरिष्ठ संयुक्त संचालक डॉ. प्रज्ञा तिवारी, मध्यप्रदेश वालिंटियरी हेल्थ एसोसिएशन के कार्यकारी निदेशक मुकेश कुमार सिन्हा सहित विभिन्न विभागों के राज्य स्तरीय स्मॉल वर्किंग ग्रुप के अधिकारी उपस्थित थे।   recent visitors 78

प्रदेश के 10 शहरों को भिखारी मुक्त करने की मुहिम, उज्जैन पुलिस ने दो दर्जन भिक्षुकों को उठाया

भोपाल  मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल को भिखारियों से मुक्त शहर बनाने की कवायद शुरू हो गई है। समाज कल्याण विभाग ने इसके लिए तीन हजार भिखारियों को चिह्नित किया है, जिनका पुनर्वास किया जाना है। इनमें से 200 की पूरी प्रोफाइल बना ली गई है। प्रशासन भीक्षावृत्ति को हतोत्साहित करने के लिए भीख देने वालों पर भी जुर्माना लगाने की योजना बना रहा है। मप्र सामाजिक न्याय विभाग ने शहर में भिक्षुक गृह बनाने का प्रस्ताव भेजा है। इसको गैर सरकारी संगठनों की मदद से संचालित किया जाएगा। सामाजिक न्याय विभाग की ओर से बताया गया है कि फिलहाल भिक्षुक गृह शुरू करने के लिए निजी संस्था को जिम्मा दिया गया है। एक साल का समय लगेगा संस्था ने भवन की तलाश शुरू कर दी है। इसमें आदतन भिखारियों को रखकर उनको शासकीय योजनाओं से जोड़ा जाएगा। उनको रोजगार के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा, ताकि वे सक्षम बनकर मेहनत की कमाई से खुद का और परिवार का पालन पोषण कर सकें। बताया जा रहा है कि शहर को भिक्षावृत्ति से मुक्त बनाने में कम से कम एक साल का समय लगेगा। 141 भिखारी गोविंदपुरा क्षेत्र में भोपाल के कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि शहर को भिक्षावृत्ति मुक्त करने की कवायद चल रही है। भिक्षुक गृह के साथ आम लोगों को जागरूक करने का अभियान चलाया जाएगा, जिससे शहर को भिक्षावृत्ति मुक्त कराया जा सके। भोपाल शहर से भिक्षावृत्ति के काम में लगे जिन 200 लोगों की प्रोफाइल तैयार की गई है, उनमें सबसे अधिक 141 भिखारी गोविंदपुरा क्षेत्र में हैं। कई के आधार ही नहीं बने हैं टीटी नगर, एमपी नगर, हुजूर और कोलार सर्कल क्षेत्र में भीख मांगने वाले बच्चे, महिलाएं और अन्य पुरुषों को चिह्नित किया गया है। ये सभी चौक, चौराहों, तिराहों, धार्मिक स्थल, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और सभी प्रकार के सामाजिक स्थलों पर मिले हैं। भीख मांगने वालों कई ऐसे बच्चे और महिलाएं मिली हैं, जिनके आधार ही नहीं बने है। पुलिस की मदद से लगाएंगे जुर्माना वहीं, शहर में भीख देने वालों पर नजर रखने के लिए पुलिस, नगर निगम, प्रशासन की टीम तैयार की जाएगी, जो चौक, चौराहों, तिराहों, धार्मिक स्थल सहित अन्य स्थानों पर नजर रखेगी। यहां भीख देने वालों को पहले समझाया जाएगा। इसके बाद भी यदि नहीं मानते हैं तो उन पर जुर्माना की कार्रवाई की जाएगी। इंदौर में की जा चुकी है भीख देने वालों पर कार्रवाई इंदौर को भिक्षावृत्ति मुक्त शहर बनाने के लिए सार्वजनिक जगहों पर भीख देने वाले लोगों पर जुर्माना लगाने की कार्रवाई की जा चुकी है। इसके साथ ऐसे भिखारी जो बार-बार समझाइश के बाद भी नहीं माने, उन्हें भिक्षुक गृह भेजा गया। शहर के लोगों को जागरुक करने के लिए अभियान चलाया गया, जिसमें एनजीओ की मदद ली गई। उज्जैन को भिखारी मुक्त बनाने की पहल तेज हो गई है. पुलिस प्रशासन ने मंगलवार को इस मिशन के तहत विशेष अभियान की शुरुआत की. इसी कड़ी में महाकाल थाना पुलिस ने रामघाट क्षेत्र से 25 भिखारियों को पकड़ा और उन्हें गाड़ियों में भर कर रैन बसेरों में भेज दिया. उज्जैन, जो बाबा महाकाल की नगरी के रूप में जानी जाती है. इसे केंद्र सरकार के स्माइल प्रोजेक्ट के तहत भिक्षुक मुक्त करने के लिए करीब एक साल पहले चुना गया था. हालांकि, शहर में भिखारियों के रहने की व्यवस्था तय नहीं होने के कारण मिशन अधूरा रह गया था. अब इंदौर में इस पहल की सफलता को देखते हुए, उज्जैन में भी अभियान तेज कर दिया गया है. रामघाट पर 25 भिक्षुकों को रैन बसेरों में भेजा  महाकाल थाना पुलिस ने मंगलवार को शिप्रा नदी के किनारे रामघाट पर अभियान चलाया. यहां नालियों के किनारे भिक्षावृत्ति कर रहे 25 महिलाओं और पुरुषों को पकड़कर पुलिस वैन में ले जाया गया. कई भिखारियों ने जबरन ले जाने का विरोध किया, लेकिन पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए सभी को रैन बसेरों में भेज दिया. पुनर्वास के लिए सेवाधाम आश्रम से बातचीत महाकाल थाने के टीआई नरेंद्र सिंह परिहार ने जानकारी दी कि भिखारियों के पुनर्वास के लिए सेवाधाम आश्रम से चर्चा चल रही है. जब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक सभी को रैन बसेरों में रखा जाएगा. भिक्षावृत्ति के अंत के साथ रोजगार का अवसर कलेक्टर नीरज सिंह ने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य केवल भिक्षावृत्ति को समाप्त करना नहीं है, बल्कि उनके पुनर्वास और रोजगार की व्यवस्था भी करना है. एनजीओ के माध्यम से भिखारियों को रोजगार के अवसर प्रदान किए जाएंगे, जिससे वे समाज का हिस्सा बन सकें. recent visitors 59

एमपी का सिंचाई रकबा बढ़ेगा, सौ फीसदी सिंचाई रकबा बनाने प्लान

भोपाल मोहन सरकार की साल 2024 की आखिरी कैबिनेट मीटिंग गुरुवार को आयोजित हुई है। बैठक में मोहन कैबिनेट ने फैसला किया है कि प्रदेश में बिजली की डिमांड में कमी लाने के लिए 11 केवी फीडर्स को सोलराइज किया जाएगा। सरकार ने यह भी तय किया है कि एमपी में सौ फीसदी एरिया को सिंचित बनाया जाएगा। इसके लिए अधिकारियों को प्लान बनाने के निर्देश दिए गए हैं। नगरीय विकास और आ‌वास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि किसानों की डिमांड को देखते हुए 11 केवी फीडर्स को सोलराइज किया जाएगा। इन्हें सोलर प्लांट से जोड़ना है। प्राइवेट सेक्टर भी इन्वेस्ट कर सकता है। भारत सरकार की ओर से प्रति मेगावाट एक करोड़ की सहायता दी जाएगी। इस काम में प्रति मेगावाट 4 करोड़ का खर्च आएगा। योजना में सौ फीसदी लोन मिल जाता है। इसके बाद किसानों को दिन में भी पर्याप्त बिजली दी जा सकेगी। साथ ही कार्बन क्रेडिट का लाभ प्रदेश को मिल सके। इस पर भी काम कर रहे हैं। एमपी में सौ फीसदी सिंचाई रकबा बनाने प्लान बनेगा केन बेतवा और पार्वती कालीसिंध चंबल नदी परियोजना से प्रदेश का सिंचाई रकबा बढ़ने की स्थिति को देखते हुए मोहन कैबिनेट ने तय किया है कि एमपी को सौ फीसदी सिंचित एरिया बनाया जाएगा। केन बेतवा और पार्वती चंबल कालीसिंध परियोजना से सिंचाई और पीने के लिए पानी मिलेगा। एमपी का सिंचाई रकबा बढ़ेगा। इन परियोजनाओं में 90 फीसदी राशि केंद्र और दस फीसदी राज्य सरकार राशि देगी। नदी परियोजनाओं को मिली मंजूरी मंत्री विजयवर्गीय ने बताया कि पार्वती कालीसिंध चंबल नदी जोड़ो परियोजना में 13 जिलों को लाभ मिलेगा। 6.13 लाख हेक्टेयर में नई सिंचाई क्षमता बढे़गी। कैबिनेट में प्रस्ताव आया है। इसमें बताया गया कि केन-बेतवा और पार्वती कालीसिंध से जुड़ी हुई 19 परियोजनाएं हैं, उसमें से 16 को आज कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। दो को पहले ही मंजूरी दी जा चुकी है। एक परियोजना पर काम चल रहा है जिसे जल्द ही मंजूरी दी जाएगी। वीर बाल दिवस मनाने के फैसले पर पीएम मोदी का अभिनंदन कैबिनेट मीटिंग में वीर बाल दिवस मनाने की पीएम नरेंद्र मोदी ने घोषणा की है। दसवें गुरु गोविन्द सिंह के बच्चों ने सनातन धर्म के लिए आहुति दी है। इस पर पीएम मोदी का अभिनंदन किया गया है। उधम सिंह का जन्म दिन है जिन्होंने जलियां वाला बाग कांड के आरोपी जनरल डायर को लंदन में जाकर मारा था। उन्हें भी श्रद्धांजलि अर्पित की गई है। उज्जैन में शिप्रा नदी के किनारे 29 किमी लंबा घाट कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि उज्जैन में सिंहस्थ की तैयारियों के मद्देनजर सरकार ने तय किया है कि शिप्रा नदी के किनारे 29 किमी का घाट बनाएंगे। चूंकि सिंहस्थ के दौरान एक दिन में दो करोड़ लोग आएंगे। इसलिए श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान रख 29 किमी का घाट बनाया जाएगा। जो शनि मंदिर उज्जैन से शुरू होगा। इसकी लागत 771 करोड़ होगी। यह शिप्रा नदी से दाए साइड में शनि मंदिर से नागदा बायपास तक बनेगा। धरती आबा योजना को कैबिनेट में मंजूरी विजयवर्गीय ने बताया कि, ट्राइबल एरिया के लिए समेकित योजना के माध्यम से धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष योजना में पंचायत भवन, आंगनबाड़ी स्कूल भवन का पंजीयन और शत प्रतिशत लाभ दिलाने के लिए काम करना है। केंद्र सरकार की योजना के अंतर्गत प्रदेश में 52 जिलों के आदिवासियों को इसका लाभ मिलेगा। इन गांवों में आदिवासियों की संख्या 50 फीसदी से अधिक है। कैबिनेट में इन पर भी हुए फैसले – पॉलिटेक्निक, यूनानी कालेज के डॉक्टर्स को इंटर्नशिप मिलती है। इसमें लाभ देने के लिए महंगाई सूचकांक से जोड़ा है। महंगाई बढ़ने के साथ इन्टर्नशिप बढ़ती जाएगी। – जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र जल्दी मिले, इस व्यवस्था को ऑनलाइन करेंगे। खुद सर्टिफाइड कर लोग प्रमाण पत्र हासिल कर सकेंगे। इसके लिए भटकना नहीं पड़ेगा। गलत सर्टिफाइड करने पर संबंधित व्यक्ति दंडित होगा। – पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत अटल ग्रामीण सेवा सदन सभी पंचायतों में बनाया जाएगा। जिसमें गांवों की सभी समस्याओं का निराकरण हो सके। – मोहन सरकार के एक साल पूरे होने पर प्रदेश के 70 फीसदी जिलों में जन कल्याण शिविर लगाए गए हैं। इस दौरान सबसे अधिक 94 हजार फॉर्म योजनाओं के लिए उज्जैन में मिले हैं। recent visitors 61

MP में मौसम का नया वेदर सिस्टम एक्टिव, भोपाल, इंदौर समेत कई जिलों में बारिश के साथ ओले गिरने का अलर्ट

भोपाल मध्य प्रदेश के मौसम का मिजाज पल-पल बदल रहा है. हवाओं के साथ लगातार आ रही नमी के कारण लगभग पूरे प्रदेश के तापमान में एक बार फिर गिरावट देखने मिल रहा है. पूरे प्रदेश में घना कोहरा छाया हुआ है. इन सब के बीच आज यानी गुरुवार को उत्तर भारत में एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है. इसके प्रभाव से भोपाल, इंदौर, जबलपुर समेत कई जिलों में बारिश की संभावना है. इस दौरान कई जगहों पर ओलावृष्टि भी हो सकती है. भोपाल में सबसे घना कोहरा मौसम विभाग के मुताबिक, हवाओं का रुख दक्षिण-पूर्वी बने रहने की वजह से हवाओं के साथ अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से नमी आ रही है। जिससे मध्य प्रदेश में कोहरा और कुहासा बना हुआ है। राजधानी भोपाल में सीजन का सबसे घना कोहरा छाया हुआ है। इन जिलों में बारिश के आसार मौसम विभाग के मुताबिक, आज से बारिश का नया सिस्टम प्रदेश में एक्टिव हो सकता है. जिसके प्रभाव से 27 और 28 दिसंबर को कई जिलों में बारिश होने की संभावना है. नए वेदर सिस्टम के एक्टिव होने से भोपाल, इंदौर, जबलपुर, उज्जैन, भिंड, दतिया, शिवपुरी, अशोकनगर, विदिशा, सीहोर, रायसेन, नरसिंहपुर, नर्मदापुरम, हरदा, बैतूल, खंडवा, बुरहानपुर, अलीराजपुर, सागर, नरसिंहपुर, दमोह, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, डिंडौरी, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, मैहर, सतना और निवाड़ी में कहीं-कहीं बारिश देखने को मिल सकती है. इस दौरान कुछ जगहों पर ओलावृष्टि भी हो सकती है. बारिश के कारण जहां एक तरफ जहां किसानों को राहत मिलेगी, तो वहीं, दूसरी ओर ओलावृष्टि के चलते फसलों को नुकसान होने की संभावना है. बारिश का अलर्ट उत्तर भारत में एक पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव है। जिसके चलते 27 और 28 दिसंबर को प्रदेश के अधिकतर जिलों में बारिश होने की संभावना है। भोपाल, इंदौर, नर्मदापुरम और जबलपुर जिलों में कई स्थानों पर ओलावृष्टि भी हो सकती है। वहीं बारिश खत्म होने के बाद कंपकंपाने वाली ठंड का एक नया दौर शुरू हो सकता है। सीजन का पहला मावठा गिरा मध्य प्रदेश में सीजन का पहला मावठा भी गिरा। प्रदेश के 7 जिले में मावठा गिरा, जबकि 12 जिलों में घना कोहरा छाया रहा। भिंड, मुरैना, ग्वालियर, देवास, सीहोर, रायसेन, नौगांव, सागर, दमोह, निवाड़ी, पन्ना, छतरपुर में कोहरा देखने को मिला। पांच सबसे कम तापमान वाले शहर नरसिंहपुर की रात सबसे ठंडी रही, यहां पारा 11.4 डिग्री दर्ज हुआ। छतरपुर, ग्वालियर में 11.5 डिग्री, पचमढ़ी (नर्मदापुरम) में 11.8 डिग्री, शिवपुरी/मंडला में 12.5 डिग्री और राजगढ़ में 12.6 डिग्री दर्ज किया गया। पिछले 24 घंटे के दौरान प्रदेश के ग्वालियर, चंबल, रीवा और सागर संभाग के जिलों में कहीं-कहीं वर्षा दर्ज की गई है। भोपाल 14 डिग्री, इंदौर 15.3, जबलपुर 13.5, ग्वालियर 11.5, उज्जैन 15.5 डिग्री न्यूनतम तामपान दर्ज हुआ है। कोहरा और धुंध के कारण AQI लेवल बढ़ा प्रदेश में कोहरे और धुंध के चलते विजिबिलिटी घटी और पॉल्युशन बढ़ी है। राजधानी भोपाल समेत मध्यप्रदेश के कई शहरों में AQI वेरी पुअर कैटिगिरी में है। भोपाल का AQI लेवल 300 के पार पहुंच गया है। शहर के ईदगाह हिल्स में 332, पर्यावरण परिसर 308, टीटी नगर में 332 AQI दर्ज हुआ। सागर में 361, देवास 356, इंदौर पीथमपुर 312, सिंगरौली में 318 AQI दर्ज किया गया है। वहीं पीएम 2.5 और पीएम 10 के कण धुंध के कारण ऊपर न जा पाने से प्रदूषण बढ़ा है। जानिए कब पड़ेगी कड़ाके की ठंड मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश से जैसे ही बारिश और ओलावृष्टि का दौर खत्म होगा, मौमस में नमी बढ़ेगी. जिसके कारण तापमान में गिरावट देखने को मिलेगा और एक बार फिर कड़ाके की ठंड वापस लौटने की संभावना है. क्योंकि, बारिश का असर जैसे ही ख्तम होगा, प्रदेश में एक बार फिर बर्फीली हवाओं का असर देखने को मिलेगा. और इसी के साथ कड़ाके ठंड पड़नी शुरू हो सकती है. किन जिलों में गिरा पारा बुधवार को प्रदेश के अधिकतम तापमान में गिरावट आई। राजधानी में अधिकतम तापमान 22.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो मंगलवार के दिन के तापमान 27 डिग्री की तुलना में 4.5 डिग्री सेल्सियस कम रहा। मावठा गिरा मध्य प्रदेश में सीजन का पहला मावठा भी गिरा। सोमवार-मंगलवार की रात में सीहोर और भिंड में बारिश हुई। वहीं, मंगलवार को पन्ना, दतिया, टीकमगढ़, बड़वानी, खजुराहो, निवाड़ी, मुरैना, भिंड, अशोकनगर, श्योपुर में बूंदाबांदी हुई। राजधानी भोपाल में दिनभर बादल छाए रहे। प्रदेश के जिलों का न्यूनतम तापमान प्रमुख स्थानों की न्यूनतम तापमान की बात करें तो पचमढ़ी में 11.8 भोपाल में 14 ग्वालियर में 11.5 इंदौर में 15.3 उज्जैन में 15.5 जबलपुर में 13.5 मंडला में 12.5 उमरिया में 13.3 नौगांव में 11.5 खजुराहो में 13.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अधिकतम तापमान देखें तो भोपाल में 22.5 ग्वालियर में 21.8 इंदौर में 24.3 पचमढ़ी में 24.5 उज्जैन में 23.5 जबलपुर में 27.4 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान दर्ज हुआ। recent visitors 126