मुख्यमंत्री की बड़ी घोषणा चारों साहिबजादों की शहादत प्रदेश के स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल होगी

भोपाल मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने आज वीर बाल दिवस के अवसर पर राजधानी भोपाल स्थित गुरुद्वारे पहुंचकर मत्था टेका। सीएम ने गुरु गोविंद सिंह को याद किया, उनकी शहादत को नमन किया, मुख्यमंत्री ने गुरु गोविंद सिंह जी के चारों साहिबजादों की वीरता और शौर्य को याद करते हुए एक बड़ी घोषणा की, उन्होंने कहा प्रदेश में अब गुरु गोविंद सिंह जी के चार साबिहजादों की वीरता को स्कूली पाठ्यक्रम में पढ़ाया जाएगा। सीएम डॉ मोहन यादव राजधानी में हमीदिया रोड स्थित गुरुद्वारे पहुंचे उन्होंने वहां मत्था टेका, गुरुवाणी का पाठ सुना, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चारों साहिबजादों की शहादत पर वीर बाल दिवस के रूप में मनाने के लिए धन्यवाद देते हुए डॉ मोहन यादव ने कहा कि सिख समाज ने भारत की आजादी के लिए जो बलिदान दिया उसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। चारों साहिबजादों की शहादत एमपी के स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल होगी मुख्यमंत्री ने कहा हमने गुरु गोविंद सिंह के शौर्य और वीरता की गाथा को स्कूली पाठ्यक्रम में पढ़ाने का फैसला पहले ही किया है अब हम उनके चारों साहिबजादों की शहादत को भी स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल करेंगे, जिससे नई पीढ़ी मानवता और धर्म के प्रति उनके समर्पण भाव को समझ सके। 2022 से 26 दिसंबर को मनाया जा रहा वीर बाल दिवस   गौरतलब है कि पीएम मोदी ने 2022 में गुरु गोविंद सिंह जी के चारों साहिबजादों की शहादत को वीर बाल दिवस के रूप में मनाने की शुरुआत की थी तभी से पूरा देश आज 26 दिसंबर के दिन को इस रूप में मनाता आ रहा है। इस दिन गुरु गोविंद सिंह जी के साहिबजादों अजीत सिंह जी, साहिबजादा जुझार सिंह जी, साहिबजादा जोरावर सिंह जी एवं साहिबजादा फतेह सिंह जी के शौर्य को याद किया जाता है इन चारों भाइयों ने मानवता और धर्म की रक्षा के लिए 26 दिसंबर 1705 में अपने प्राणों की आहुति दे दी थी।     परम श्रद्धेय गुरु गोबिंद सिंह जी के पुत्रों साहिबजादा अजीत सिंह जी, साहिबजादा जुझार सिंह जी, साहिबजादा जोरावर सिंह जी एवं साहिबजादा फतेह सिंह जी को वीर बाल दिवस पर सादर नमन करता हूं। recent visitors 43

विराट कोहली पर लगा जुर्माना, कोहली ने अपना अपराध स्वीकारा, ICC का स‍िर्फ 5 घंटे के अंदर एक्शन

मेलबर्न भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच टेस्ट सीरीज का चौथा मुकाबला मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड में खेला जा रहा है. मुकाबले में पहले दिन स्टम्प के समय तक ऑस्ट्रेलिया ने अपनी पहली पारी में 6 विकेट पर 311 रन बना लिए. स्टीव स्मिथ 68 और पैट कमिंस 8 रन बनाकर क्रीज पर हैं. मुकाबले में ऑस्ट्रेलियाई टीम के कप्तान पैट कमिंस ने टॉस जीतकर पहले बैटिंग का फैसला किया था. कोहली पर ICC का एक्शन मुकाबले के पहले दिन ही बवाल देखने को मिला, जिसके केंद्र में सैम कोंस्टास और विराट कोहली रहे. सैम कोंस्टास को कोहली ने उस समय कंधा मारा, जब वह भारतीय खिलाड़ी के पास से गुजर रहे थे. कोंस्टास को यह बिल्कुल भी पसंद नहीं आया और उन्होंने कोहली से कुछ कहा. अंपायर और उस्मान ख्वाज ने किसी तरह मामला शांत कराया. कोहली पर अब आईसीसी ने चंद घंटों में ही एक्शन लिया है. उनपर मैच फीस का 20 प्रतिशत जुर्माना लगाया है. सबसे पहले जान लेते हैं कि आखिर मैदान पर हुआ क्या था? दरअसल पारी के 11वें ओवर में जसप्रीत बुमराह गेंदबाजी कर रहे थे. डेब्यू करने वाले ऑस्ट्रेलियाई स्टार सैम कोंस्टस ना केवल मोहम्मद सिराज बल्कि बुमराह की गेंदों पर भी बड़े-बड़े हिट लगा रहे थे. ऐसे में 11वें ओवर के दौरान विराट कोहली गेंद को साफ करते हुए कोंस्टस की तरफ बढ़ रहे थे, तभी दोनों की टक्कर हो गई. वीडियो को गौर से देखने पर पता चलता है कि विराट खुद गेंद उठाने के बाद कोंस्टस की दिशा में बढ़ रहे थे, तभी दोनों की टक्कर हुई. क्या कहता है ICC का नियम? ICC की नियमावली में आर्टिकल 2.1 कहता है कि किसी खिलाड़ी, खिलाड़ी के सपोर्ट स्टाफ, अंपायर, मैच रेफरी या मैदान पर किसी अन्य व्यक्ति के साथ अनुचित शारीरिक संपर्क (फिजिकल कॉन्टैक्ट) होने पर खिलाड़ी को सजा सुनाई जा सकती है. क्रिकेट इतिहास में ऐसी घटनाएं पहले भी होती रही हैं और इतिहास उठाकर देखें तो कोहली को एक मैच का प्रतिबंध या सस्पेंशन जैसी सजा नहीं मिलेगी. हालांकि मैच रेफरी सजा के तौर पर उनकी मैच फीस में कटौती या डिमेरिट पॉइंट जरूर दे सकता है. recent visitors 144

अपने धर्म को छोड़कर किसी दूसरे धर्म की जूठन मत खाइए : प्रदीप मिश्रा

रायपुर  सीहोर स्थित कुबेरेश्वर धाम के संस्थापक और प्रसिद्ध कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा का कहना है कि क्रिसमस के दिन अपने बच्चों को लाल कपड़े और टोपी पहनाकर उन्हें जोकर मत बनाइए। बल्कि अगर बनाना है तो उन्हें वीर शिवाजी, महाराणा प्रताप या रानी लक्ष्मीबाई बनाइए। इसके अलावा उन्होंने कहा कि अपने धर्म को छोड़कर किसी दूसरे धर्म की जूठन मत खाइए। उन्होंने कहा, 'अभी हम आ रहे थे तो रास्ते में हमने देखा कि बहुत सारी दुकानें यहां पर रायपुर के इन रास्तों पर लगी हुई थी, लाल कलर के कपड़े पहने बच्चों की ड्रेस में पुतले और उसके ऊपर टोपी। बहुत सारे कपड़े बिक रहे थे, कोई कुछ बेच रहा था, कोई कुछ बेच रहा था। जिसके बाद हमने अपने पीएसओ से पूछा कि ये आज क्या बिक रहा है, तो उसने हमें बताया कि आज लोग लेते हैं बच्चों को पहनाने के लिए। तो हमने कहा बताओ दुनिया कहां चली गई।' आगे पंडित मिश्रा ने कहा, 'अगर भारत की भूमि पर किसी को पहनाना है तो वीर शिवाजी के कपड़े पहना दो, भारत की भूमि पर पहनाना है तो महाराणा प्रताप के कपड़े पहना दो, भारत की भूमि पर अगर पहनाना है तो अपने बच्चों को वीर शिवाजी, महाराणा प्रताप, झांसी की रानी और मां अहिल्या बाई बना दो, पर अपने बच्चों को ऐसे कपड़े पहना के जोकर मत बनाइए जिससे उनकी हंसी उड़ जाए।' साथ ही उन्होंने नया साल मनाने वाले सनातनी लोगों से कहा कि वे नया साल शराब की दुकानों पर जाकर नहीं बल्कि शिव मंदिरों में पूजा-पाठ कर मनाएं। उन्होंने कहा कि अंग्रेजी नए साल के मौके पर लोग जमकर पीते हैं और गटर में मिलते हैं। कथावाचक पं. प्रदीप मिश्रा ने ये बातें रायपुर के सेजबहार में आयोजित कथा में कहीं। यहां 24 से 30 दिसंबर तक कथा का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भारतीय नववर्ष चैत्र नव वर्ष में गंगाजल खुलता है, जबकि 31 दिसंबर को शराब की बोतलें खुलती है। उन्होंने कहा, सनातनी लोग चैत्र नव वर्ष में मंदिर और शिवालय में मिलते हैं। recent visitors 27

पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल जी की 100वीं जयंती पर ग्वालियर में लगा मानव सेवा का मेला

एम्स के सहयोग से नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन अटलजी के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि – मुख्यमंत्री डॉ. यादव शिविर में पहले दिन 13,800 मरीजों का हुआ स्वास्थ्य परीक्षण पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल जी की 100वीं जयंती पर ग्वालियर में लगा मानव सेवा का मेला उद्घाटन समारोह में विधानसभा अध्यक्ष तोमर और सांसद शर्मा भी हुए शामिल भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि अटल जी जब भारत के प्रधानमंत्री थे तब उन्होंने दिल्ली के एम्स की तर्ज पर भोपाल सहित देश के अन्य राज्यों में एम्स खोलने की शुरूआत की थी, खुशी की बात है उसी भोपाल एम्स की टीम आज ग्वालियर में आयोजित तीन दिवसीय नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर में जरूरतमंद मरीजों का इलाज करने आई है। यह अटल जी के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को ग्वालियर के एलएनआईपीई में पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी की शताब्दी जयंती के अवसर पर एम्स के सहयोग से आयोजित हो रहे नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर का उदघाटन कर संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वास्थ्य शिविर में बड़ी तादाद में आए मरीजों को ध्यान में रखकर कहा कि ग्वालियर में एम्स खोलने के लिये राज्य सरकार गंभीरता से पहल करेगी। साथ ही यह भी प्रयास किए जायेंगे कि प्रदेश के सरकारी मेडीकल कॉलेज एम्स की तरह स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने में सक्षम हों। उन्होंने ग्वालियर में अटल जी की जयंती पर एम्स के सहयोग से विशाल नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने की संरचना तैयार करने के लिये क्षेत्रीय सांसद भारत सिंह कुशवाह की सराहना की। साथ ही चिकित्सकों की बड़ी टीम लेकर शिविर में आने के लिये एम्स प्रबंधन के प्रति भी आभार जताया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा पिछले 20 साल में स्वास्थ्य सेवाओं में क्रांतिकारी विस्तार किया गया है। वर्ष 2003 तक प्रदेश में केवल 5 मेडीकल कॉलेज और प्रथम वर्ष में सीटों की संख्या मात्र 400 थी। वर्ष 2024 तक प्रदेश में मेडीकल कॉलेज की संख्या 50 हो गई है, जिनमें 17 सरकारी मेडीकल कॉलेज शामिल हैं। साथ ही एमबीबीएस प्रथम वर्ष में सीटों की संख्या 400 से बढ़कर 5 हजार हो गई है। उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश के सभी 55 जिलों में मेडीकल कॉलेज खोलने के लिये पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार नए मेडीकल कॉलेज खोलने के साथ जिला चिकित्सालयों, प्राथमिक एवं सामुदायिक अस्पतालों को भी अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं से सुसज्जित कर रही है। सरकार द्वारा एलोपैथी के साथ आयुर्वेदिक और होम्योपैथिक पद्धति को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा केन-बेतवा नदी जोड़ो राष्ट्रीय परियोजना का शुभारंभ कर पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्रद्धेय अटल जी को सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा आयुष्मान भारत योजना में अब 70 साल से अधिक आयु के बुजुर्गों को भी शामिल किया गया है। उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद जन-प्रतिनिधियों एवं प्रशासनिक अधिकारियों से कहा कि 70 वर्ष से अधिक आयु के सभी बुजुर्गों को इस योजना से जुड़वाएं, जिससे उन्हें भी 5 लाख रूपए तक नि:शुल्क इलाज की सुविधा मिल सके। विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा प्रसन्नता की बात है कि श्रद्धेय अटल जी गाँव, गरीब और किसान के प्रति अत्यंत संवेदनशील थे। हम सबके प्रेरणास्त्रोत स्व. वाजपेयी की जयंती पर मानवता की सेवा के लिये स्वास्थ्य शिविर लगाकर क्षेत्रीय सांसद भारत सिंह कुशवाह ने सराहनीय पहल की है। अटल जी ने देश भर में एम्स का विस्तार करने का जो निर्णय लिया था उसका फायदा आज ग्वालियर और चंबल सहित अन्य समीपवर्ती जिलों के निवासियों को मिल रहा है, आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के जो मरीज दिल्ली व भोपाल जाकर एम्स या अन्य बड़े अस्पतालों में इलाज नहीं करवा पाते हैं उनका इलाज करने के लिये एम्स भोपाल ग्वालियर आया है। विधानसभा अध्यक्ष तोमर ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव से ग्वालियर में एम्स खोलने के लिये राज्य सरकार की ओर से केन्द्रीय स्तर पर पहल करने का आग्रह किया, जिसे मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सहर्ष स्वीकार कर भरोसा दिलाया कि प्रदेश सरकार इस दिशा में गंभीरता के साथ प्रयास करेगी। सांसद वी.डी. शर्मा ने कहा कि ग्वालियर की माटी के सपूत अटलजी ने देश का नेतृत्व कर पूरी दुनिया में ग्वालियर का नाम रोशन किया। उनके सपनों को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में साकार किया जा रहा है। सांसद शर्मा ने ग्वालियर में एम्स के सहयोग से विशाल स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने की सराहना की। सांसद भारत सिंह कुशवाह ने ग्वालियर में एम्स के सहयोग से विशाल नि:शुल्क शिविर आयोजित करने में भरपूर मदद के लिये मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रति आभार जताया। साथ ही कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश विकास की ऊँचाईयाँ छू रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संकल्पों को मुख्यमंत्री डॉ. यादव पूरी शिद्दत के साथ धरातल पर ला रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के सहयोग से ग्वालियर में यह शिविर आयोजित हो सका है। उन्होंने कहा कि इस शिविर में ग्वालियर-चंबल संभाग के सभी जिलों सहित मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश व राजस्थान के समीपवर्ती जिलों के मरीजों को लाभ मिल रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मरीजों के हालचाल जाने मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वास्थ्य शिविर की व्यवस्थाओं का जायजा भी लिया। उन्होंने विभिन्न काउण्टर पर जाकर एम्स के चिकित्सकों को शाबाशी दी। साथ ही मरीजों से भेंट कर उनके हालचाल जाने। उन्होंने लीवर की बीमारी से पीड़ित बाबूलाल को आश्वस्त किया कि आप चिंता न करें एम्स के चिकित्सक आपका हर संभव इलाज करेंगे। हजारों मरीज हुए लाभान्वित एलएनआईपीई में आयोजित हो रहे तीन दिवसीय शिविर में बड़ी संख्या में मरीज स्वास्थ्य परीक्षण कराने आ रहे हैं। पहले ही दिन विभिन्न बीमारियों से ग्रसित लगभग 13 हजार 800 मरीजों का एम्स के चिकित्सकों द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। साथ ही उन्हें नि:शुल्क दवाएं उपलब्ध कराई गईं। स्वास्थ्य परिसर में ईको, ईसीजी, अल्ट्रासाउण्ड व लीवर की जाँच सहित अन्य प्रकार की बीमारियों की पैथोलॉजिकल जाँच भी की जा रही है। शिविर में अब तक लगभग 40 हजार मरीज पंजीकृत हो चुके हैं। यह शिविर 26 व 27 दिसम्बर को भी प्रात: 10 बजे से सायंकाल 5 बजे तक … Read more

रात 10 बजे के बाद धीरे बजेंगे म्यूजिक सिस्टम, न्यू ईयर पार्टी के दौरान रात 12.30 बजे से एक बजे तक आयोजन करना होगा बंद

रायपुर राजधानी में 31 दिसंबर की रात नए साल के जश्न पार्टी के लिए 15 से ज्यादा होटल, रेस्टोरेंट और क्लब ने अनुमति मांगी है। पार्टी के दौरान एक दिन शराब पिलाने के लिए भी अनुमति मांगी जा रही है। इसके लिए आबकारी विभाग में अर्जी दी गई है। प्रशासन और पुलिस की ओर से जारी गाइडलाइन के अनुसार सभी को अनुमति तो दी जा रही है। मगर, म्यूजिक सिस्टम रात 10 बजे बंद करने की चेतावनी दी जा रही है। वहीं, म्यूजिक सिस्टम बंद न करने की दशा में साउंड इतना धीमा करना होगा, ताकि उसकी आवाज बाहर तक सुनाई न दे। म्यूजिक सिस्टम के साउंड से आसपास रहने वालों को किसी तरह से कोई तकलीफ नहीं होनी चाहिए। न्यू ईयर पार्टी के दौरान रात 12.30 बजे से एक बजे तक शराब पिलाने की अनुमति देने का प्रावधान रखा गया है। मंगलवार को एसएसपी डॉ. लाल उम्मेद सिंह ने होटल, क्लब और रेस्टोरेंट संचालकों की बैठक लेकर जानकारी दी। शहर में नए साल में जिन-जिन बड़े होटलों और रेस्टोरेंट में नए साल के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, उन सभी की निगरानी सीसीटीवी कैमरों से की जाएगी। चौक-चौराहों पर आइटीएमएस के कैमरों से नजर रखी जाएगी। तीन सवारी या नशे में गाड़ी चलाने वालों की सीधे गाड़ी जब्त की जाएगी। पुलिस ने शहर के 20 ऐसी जगहों की पहचान कर ली है, जहां नए साल में हुड़दंग मचाया जाता है या युवा वहां पहुंचकर नशा करते हैं। इन सभी जगहों पर इस तरह के लोगों को रोकने के लिए 20 चेक प्वाइंट बनाए जाएंगे।     सख्ती और होगी कार्रवाई 20 चेक प्वाइंट पर ब्रीथ एनालाइजर से नशे में गाड़ी चलाने वालों की जांच होगी। होटल, रेस्टोरेंट, बार और ढाबे तय समय पर बंद नहीं हुए, तो लाइसेंस निरस्त। जहां आयोजन होंगे, वहां के संचालकों को ही पार्किंग की व्यवस्था करनी होगी। सड़कों पर या कार में शराब पीने वालों के खिलाफ तुरंत दर्ज होगी एफआइआर। होटल में रुकने वालों की जानकारी रखनी होगी, नहीं रखने पर होगी कार्रवाई।   recent visitors 160

प्राइवेट नौकरी या सरकारी सभी के लिए PF खाते से जुड़े 5 नए नियम: नए साल 2025 से New Rules

नई दिल्ली साल 2024 खत्म होने में महज छह दिन बचे हैं और नए साल 2025 (New Year) के आगाज की तैयारियां देशभर में शुरू हो गई हैं. नए साल के साथ 1 जनवरी 2025 से ही देश में कई बड़े बदलाव (Rule Change From 1st January) लागू होने जा रहे हैं. जिसका असर हर घर और हर जेब पर देखने को मिलेगा. इन बदलावों में रसोई में इस्तेमाल होने वाले एलपीजी सिलेंडर की कीमतों (LPG Cylinder Price) से लेकर यूपीआई पेमेंट (UPI Payment) तक के रूल शामिल हैं.   LPG से UPI तक बदलाव हर महीने देश में कई फाइनेंशियल चेंज देखने को मिलते हैं और इस बात नया महीना ही नहीं 1 जनवरी से नया साल भी शुरू होने वाला है.  साल के पहले ही दिन से देश में पांच बड़े बदलाव लागू होने जा रहे हैं. इनमें पहला एलपीजी सिलेंडर की कीमतों (LPG Price) से लेकर हवाई ईंधन तक के दाम (ATF Rates) में संशोधन देखने को मिलेगा. क्योंकि महीने की पहली तारीख को ऑयल मार्केटिंग कंपनियां ये बदलाव करती हैं. तो वहीं पहली जनवरी से ही UPI 123Pay पेमेंट के नियम भी लागू होने जा रहे हैं. तो EPFO के पेंशनर्स के लिए लाया गया नया नियम भी इसी दिन से लागू होगा. इसके अलावा किसानों को बिना गारंटी के लोन तक इस लिस्ट में शामिल हैं. पहला बदलाव- LPG के दाम हर महीने की पहली तारीख की तरह ही 1 जनवरी 2025 को ऑयल मार्केटिंग कंपनियां रसोई और कॉमर्शियल एलपीजी गैस की कीमतों में संशोधन करेंगी और नए रेट जारी करेंगी. बीते कुछ समय से जहां कंपनियों ने 19 किलोग्राम वाले कॉमर्शियल LPG Cylinder की कीमतों में कई बदलाव किए हैं, तो लंबे समय से देश में 14 किलो वाले रसोई सिलेंडर के दाम स्थिर हैं. ऐसे में इस बार लोगों को इसके भाव में बदलाव की उम्मीद है. इसके अलावा हवाई ईंधन की कीमतों में भी बदलाव देखने को मिल सकता है. दूसरा बदलाव- EPFO का नया रूल नए साल के पहले दिन 1 जनवरी 2025 को ही कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी EPFO द्वारा पेंशनर्स के लिए नया नियम लागू किया जाएगा, जो उनके लिए बड़ा तोहफा है. दरअसल, ईपीएफओ पेंशनर्स के लिए नए साल में एक बड़ा बदलाव करने जा रहा है, जिसके तहत अब पेंशनर्स अपनी पेंशन (Pension) राशि देश के किसी भी बैंक से निकाल सकेंगे और इसके लिए उन्हें किसी अतिरिक्त वेरिफिकेशन की जरूरत नहीं होगी. तीसरा बदलाव- UPI 123Pay के नियम रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) द्वारा फीचर फोन से ऑनलाइन पेमेंट की सुविधा देने के लिए यूपीआई 123पे की शुरुआत की थी. इस इसकी ट्रांजैक्शन लिमिट को बढ़ाने का फैसला किया है, जो कि 1 जनवरी से लागू होगा. इसके बाद यूजर्स अब आप 10,000 रुपये तक की रकम का ऑनलाइन पेमेंट कर पाएंगे. इससे पहले तक यह लिमिट 5,000 रुपये तक ही थी. चौथा बदलाव- शेयर मार्केट से जुड़ा नियम सेंसेक्स, सेंसेक्स-50 और बैंकेक्स से मंथली एक्सपायरी में बदलाव किया है. अब ये हर सप्ताह शुक्रवार को नहीं, बल्कि मंगलवार को होगी. वहीं तिमाही और छमाही कॉन्ट्रैक्ट्स की एक्सपायरी आखिरी मंगलवार को होगी. वहीं दूसरी ओर NSE इंडेक्स ने Nifty 50 मंथली कॉन्ट्रैक्ट्स के लिए गुरुवार का दिन तय किया है. पांचवा बदलाव- किसानों को लोन 1 जनवरी 2025 से जो अगला बदलाव होने जा रहा है, वो किसानों से जुड़ा हुआ है. साल के पहले दिन से RBI द्वारा किसालों को बिना गारंटी 2 लाख रुपये तक का लोन मिलेगा. बीते दिनों आरबीआई ने किसानों के लिए बिना गारंटी लोन की लिमिट में इजाफा करने का ऐलान किया था. जिसके चलते अब उन्हें 1.6 लाख रुपये नहीं, बल्कि दो लाख रुपये तक का लोन मिल पाएगा.   recent visitors 216

एमपी में स्वास्थ्य विभाग में 46491 भर्तियों पर कैबिनेट की लगी मोहर

भोपल  मध्य प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं में इजाफा करने के लिए मोहन सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सरकार राज्य स्तरीय मानक अनुसार स्वास्थ्य संस्थाओं में नए पदों के सृजन को मंजूरी दे दी है। पदों का सृजन होते ही इन पर भर्ती प्रक्रिया भी जल्द शुरू की जाएगी। बता दें कि स्टाफ की कमी के कारण आए दिन मरीजों को परेशानी और मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। स्वास्थ्य सेवाओं को और प्रभावी तथा सुलभ बनाया जा सके। मोहन कैबिनेट ने ये फैसला लिया है। 46 हजार से ज्यादा नए पदों का सृजन मध्य प्रदेश सरकार अब अस्पतालों में स्टाफ की कमी दूर करने में लग गई है। मोहन कैबिनेट ने स्वास्थ्य सुविधाओं को सशक्त करने के लिए संशोधित मानव संसाधन मानदंडों (आईपीएचएस) को मंजूरी दी। इसके तहत राज्य स्तरीय मानक अनुसार स्वास्थ्य संस्थाओं में 46491 नवीन पदों (नियमित, संविदा, आउटसोर्स) के सृजन की स्वीकृति दी गई है। दो साल में भरे जाएंगे पद डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने स्वास्थ्य संस्थानों और चिकित्सा सेवाओं की स्थिति की समीक्षा के दौरान जानकारी देते हुए बताया कि 27 हजार 838 पदों की पूर्ति एनएचएम के और शेष 18 हजार 653 पदों की पूर्ति स्वास्थ्य विभाग द्वारा की जाएगी। इन पदों पर आगामी दो वित्तीय वर्षों में की जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने IPHS मानकों के अनुरूप नए पदों पर भर्ती प्रक्रिया को समय सीमा में पूरा करने के निर्देश भी दिए। इसके साथ ही उन्होंने नवीन जिला चिकित्सालयों में रिक्त पदों की पूर्ति और निर्माणाधीन कार्यों की सतत निगरानी करने की बात की है। स्वास्थ्य संस्थानों में पूर्व में 47 हजार 949 नियमित पद स्वास्थ्य संस्थानों में पूर्व में 47 हज़ार 949 नियमित पद स्वीकृत थे. कैबिनेट द्वारा स्वास्थ्य संस्थानों के लिए नए 18 हज़ार 653 (जो लगभग 39 प्रतिशत की वृद्धि है) पदों की स्वीकृति से कुल 66 हज़ार 602 नियमित पद हो जाएंगे. प्रदेश के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में 7 हज़ार 182, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में 5 हज़ार 346, सिविल अस्पतालों में 2 हज़ार 712 और जिला चिकित्सालयों में 3 हज़ार 458 नवीन पद की स्वीकृति कैबिनेट द्वारा प्रदान की गयी है. स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त करने के हैं प्रयास आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश विज़न में भारतीय लोक स्वास्थ्य मानकों के आधार पर स्वास्थ्य संस्थाओं में मानव संसाधन की पूर्ति करना प्रदेश की सर्वोच्च प्राथमिकता में रखा गया है. सशक्त आत्मनिर्भर प्रदेश के लिए नागरिकों का स्वास्थ्य आधारशिला है. गुणवत्तापूर्ण लोक स्वास्थ्य सेवाओं को प्रदान सुनिश्चित करना इसके लिए महत्वपूर्ण है. इन उद्देश्यों को पूरा करने के लिए आई.पी.एच.एस. मानक निर्धारित किए गए हैं. मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के विजनरी नेतृत्व और उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल की प्रतिबद्धता से प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त करने के लगातार प्रयास हो रहे हैं. इसी क्रम में कैबिनेट ने स्वास्थ्य सुविधाओं को सशक्त करने के लिए संशोधित मानव संसाधन मानदंडों (आईपीएचएस) को मंजूरी दी है. 24 घंटे क्रियाशील होंगे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र समस्त स्वास्थ्य केंद्रों में स्वास्थ्य जांच सुविधा के प्रदाय में सहूलियत होगी. आई.पी.एच.एस. की अनुसंशा के अनुसार मानव संसाधन की उपलब्धता से मध्यप्रदेश में समस्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों को पूरे समय क्रियाशील रखा जा सकेगा. समस्त प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में पूरे 24 घंटे प्रसव सुविधाएं मिल सकेगी. समस्त स्वास्थ्य केन्द्रों में आवश्यक औषधियां एवं आवश्यक पैथोलॉजी जांचे और आवश्यक प्राथमिक उपचार और रेफरल सेवाएं सुनिश्चित हो सकेंगी. बीमारियों को समय से पहचाना जाएगा मरीज के स्वास्थ्य पर प्रभाव होने से पहले इलाज करने में सहायता होगी एवं बीमारियों की पहचान करने के लिए स्क्रीनिंग तथा निदान के बाद बीमारी के संक्रमण को रोकने के लिए प्रबंध करना संभव हो सकेगा. संचारी एवं असंचारी रोग तथा अन्य गंभीर बीमारी जैसे मल्टीप्ल स्क्लेरोसिस, हार्ट अटैक, पैरालिसिस आदि का गुणवत्तापूर्ण इलाज संभव हो सकेगा. नवजात एवं शिशु मृत्यु दर में आएगी कमी  गर्भवती महिलाओं को प्रसव पूर्व जांच, टीकाकरण, हाईरिस्क प्रेगनेंसी की शीघ्र पहचान एवं प्रबंधन, सुरक्षित प्रसव एवं परिवार कल्याण संबंधी परामर्श/पीपीआईयूसीडी की सुविधा सुलभ होगी. इससे लंबे समय में मातृ मृत्यु दर में गिरावट लाने में सफलता हासिल होगी. आवश्यक नवजात शिशु देखभाल, शीघ्र स्तनपान, टीकाकरण, कमजोर/बीमार शिशु की शीघ्र पहचान एवं प्रबंधन समुदाय के समीप उपलब्ध होगा. प्रदेश में नवजात एवं शिशु मृत्यु दर तथा सकल प्रजनन दर में कमी लाई जा सकेगी. मेडिकल रिकॉर्ड का डिजीटाईजेशन समस्त स्वास्थ्य संस्थाओं में डाटा डिजीटाईजेशन की दिशा में ई-हॉस्पिटल सॉफ्टवेयर संचालित किया जाने में नवीन पद सहायक होंगे. रोगियों का ऑनलाईन पंजीकरण की सुविधा मिल सकेगी साथ ही मरीजों का रिकॉर्ड (डिस्क्रिपशन, जांच तथा अन्य) का भी डिजिटल संग्रहण किया जा सकेगा. साथ ही रोगियों के मेडिकल रिकॉर्ड का डिजीटाईजेशन का कार्य किया जा सकेगा. समस्त स्वास्थ्य संस्थाओं में ई-फाईलिंग सिस्टम, सी.सी.टी.वी., पी.एस. सिस्टम इत्यादि जैसे आई.टी. टूल्स का उपयोग किया जा सकेगा. recent visitors 60