केन-बेतवा लिंक परियोजना से बुंदेलखंड में 2.51 लाख हेक्टेयर भूमि को सिंचित किया जाएगा, 2030 तक परियोजना को पूरा करने का लक्ष्य

छतरपुर  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 दिसंबर को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के ड्रीम प्रोजेक्ट केन-बेतवा लिंक परियोजना का शुभारंभ किया । यह परियोजना बुंदेलखंड के लिए ऐतिहासिक बदलाव का मार्ग प्रशस्त करेगी। बांदा सहित यूपी के चार जिलों के लगभग 2.51 लाख हेक्टेयर भूमि को सिंचित किया जाएगा। अधीक्षण अभियंता सिंचाई मंडल बांदा श्याम जी चौबे ने बताया कि बांदा और पैलानी में केन नदी पर दो नए बैराज बनाए जा रहे हैं। वर्तमान में यहां केन नहर प्रणाली से 87 हजार हेक्टेयर भूमि सिंचित होती है। इस परियोजना के माध्यम से इसे बढ़ाकर लगभग दो लाख हेक्टेयर किया जाएगा। इससे बांदा के किसान खुशहाल होंगे। अन्य जिलों को भी लाभ परियोजना से महोबा, झांसी और ललितपुर के हजारों हेक्टेयर भूमि को भी सिंचित किया जाएगा। महोबा में 37 हजार हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि को सिंचाई का लाभ मिलेगा। झांसी में 17 हजार हेक्टेयर भूमि संचित होगी। जबकि ललितपुर में 3 हजार हेक्टेयर भूमि को सिंचित किया जाएगा। पुराने बांधों का होगा जीर्णोद्धार बुंदेलखंड के ऐतिहासिक बांधों का पुनर्निर्माण भी परियोजना का हिस्सा है। बरुआ सागर बांध जो 300 साल पहले 1700 में निर्मित हुआ था, अब जीर्णोद्धार होगा। बरियारपुर वियर 1906 में बना था, इसका भी पुनर्निर्माण कराई जाने की योजना है। पारीक्षा वियर 1910 में निर्मित हुआ था इसे नए रूप में संवारा जाएगा। इसी तरह परियोजना के तहत यूपी में 21 किमी लंबी लिंक चैनल बनाई जाएगी। इसके लिए 271 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। 2030 तक पूरा होगा सपना बांदा और पैलानी में दो बैराज बनाए जाएंगे। इनमें करीब 2,000 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इसका निर्माण कार्य जून 2029 तक पूरा करने का लक्ष्य है। योगी सरकार ने परियोजना को 2030 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है। इसके अलावा महोबा में 510 करोड़ रुपये की लागत से 15 बांध और तालाबों के जीर्णोद्धार का कार्य भी मार्च 2028 तक पूरा किया जाएगा। recent visitors 156

बाबा साहब वंचित, शोषित व गरीबों की बात करते थे, कांग्रेस को यह खलता था- डॉ. मोहन यादव

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भाजपा प्रदेश कार्यालय में पत्रकार-वार्ता को किया संबोधित – बाबा साहब को चुनाव हराने वाले को पद्म भूषण देने जैसे अनेकाें अन्याय कांग्रेस ने किए – बाबा साहब वंचित, शोषित व गरीबों की बात करते थे, कांग्रेस को यह खलता था – कांग्रेस ने बाबा साहब को न भारत रत्न दिया, न स्मारक बनवाएं, सिर्फ अपने परिवार का ध्यान रखा – बाबा साहब कांग्रेस के लिए सिर्फ वोट बैंक, उनके विचारों की वाहक भाजपा – अमित शाह जी के भाषण को एडिट कर कांग्रेस झूठ प्रसारित कर रही है – पं. नेहरू के जमाने से आज तक कांग्रेस अंबेडकर विरोधी रही, जनता के सामने उसका दोहरा चरित्र उजागर – डॉ. मोहन यादव भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भारत रत्न स्व. डॉ. भीमराव अंबेडकर जी के प्रति कांग्रेस पार्टी के दोहरे रवैये को लेकर मंगलवार को प्रदेश भाजपा कार्यालय में पत्रकार-वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर वंचित, शोषित व गरीबों की बात करते थे, कांग्रेस पार्टी और उनके नेता जवाहरलाल नेहरू इसी कारण बाबा साहब का विरोध करते थे। कांग्रेस ने बाबा साहब को पहले 1952 का लोकसभा चुनाव हरवाया, इसके बाद उपचुनाव में भी हराने का कार्य किया। जवाहरलाल नेहरू और कांग्रेस का बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के प्रति दोहरा चरित्र इसी बात से उजागर होता है कि जिन काजरोलकर ने बाबा साहब को उपचुनाव में कांग्रेस की मदद से हराया, उन्हें कांग्रेस की सरकार ने पद्म भूषण दे दिया। बाबा साहब की वैश्विक स्तर पर पहचान और नाम होने के बाद भी उन्हें भारत रत्न व कोई सम्मान नहीं मिला। डॉ. अंबेडकर जी के मामले में कांग्रेस का दोहरा चरित्र उजागर जनता के सामने उजागर हो चुका है। कांग्रेस बाबा साहब को सिर्फ वोट बैंक मानती है, चुनावों के समय याद करती है। कांग्रेस को देश से माफी मांगना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि कांग्रेस चुनावों में मिल रही लगातार हार से बौखला रही है और वह केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी के भाषण को एडिट कर जनता के बीच झूठ प्रसारित कर षड्यंत्र कर रही है। कांग्रेस को मध्यप्रदेश की जनता ने पहले विधानसभा फिर लोकसभा चुनाव में नकार कर बता दिया है कि बाबा साहब के विचारों का सच्चा सम्मान करने वाली भाजपा के साथ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा साहब के विचारों का सच्चा सम्मान भाजपा ने किया है। कांग्रेस को विपक्ष में रहकर जनता के विश्वास हासिल करने के लिए कार्य करना चाहिए। कांग्रेस ने बाबा साहब को देश के कानून मंत्री के पद से इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया। कांग्रेस को अपने नेताओं और पं. नेहरू द्वारा किए गए बाबा साहब अंबेडकर के अपमान के लिए पूरे देश से बिना शर्त माफी मांगना चाहिए। कांग्रेस ने बाबा साहब को परेशान किया, मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि कांग्रेस की सोच हमेशा अंबेडकर विरोधी रही है। जब भी कोई व्यक्ति मंत्रिपरिषद से इस्तीफा देता है, तो सदन में उसे बोलने का मौका दिया जाता है। लेकिन बाबासाहब अंबेडकर जी के इस्तीफे के बाद सदन में उन्हें बोलने तक नहीं दिया गया। अपने त्याग पत्र में बाबा साहब अंबेडकर ने पंडित नेहरू के खिलाफ लिखा था कि “मैं वित्त और उद्योग क्षेत्र में शिक्षित था, मगर मुझे उससे जुड़ा एक भी विभाग नहीं दिया गया और न ही संसदीय कमेटी का हिस्सा बनाया गया। मुझे कानून मंत्रालय दिया मगर ईमानदारी से काम नहीं करने दिया गया। मुझे हिंदू कोड बिल के कार्य को पूरा नहीं करने दिया गया। केवल मुसलमानों की चिंता की गई, लेकिन एससी और एसटी को उचित संरक्षण प्रदान नहीं किया गया। प्रधानमंत्री का सारा ध्यान सिर्फ मुस्लिम समुदाय पर केंद्रित रहता है। मुसलमानों के संरक्षण से मुझे कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन क्या देश में केवल मुसलमानों को ही सुरक्षा की आवश्यकता है? बाबा साहब के इस सच से घबराई कांग्रेस पार्टी और पं. नेहरू ने उनके त्यागपत्र को जनता के बीच नहीं आने दिया। उन्होंने कहा कि बाबा साहब देश के विभाजन के पक्ष में नहीं थे, धारा 370 थोपने के भी पक्ष में नहीं थे। पूर्वी बंगाल में हिंदुओं पर हुए अत्याचारों पर भी बाबा साहब अंबेडकर ने टिप्पणी की थी। सम्मान तो दूर, बाबा साहब का मजाक उड़ाती थी कांग्रेस मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बाबा साहब का सम्मान करना तो दूर की बात है, कांग्रेस के नेता और पं. नेहरू उनका मजाक उड़ाया करते थे। बाबा साहब ने जब इस्तीफा दिया था, तो पं. नेहरू ने डॉ. बी.सी. राय को लिखे पत्र में कहा था कि भीमराव अंबेडकर जी के इस्तीफे से कोई फर्क नहीं पड़ेगा। यही नहीं, बल्कि पंडित जवाहरलाल नेहरू ने तो एडविना माउंटबेटन को पत्र लिखकर बाबा साहब अंबेडकर के कैबिनेट में न रहने की खुशी जाहिर की थी। डॉ. यादव ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने बाबा साहब को तो भारत रत्न, पद्म भूषण या पद्मश्री नहीं दिया, लेकिन बाबा साहब अंबेडकर को चुनाव में हराने वाले नारायण सदोबा काजरोलकर को 1970 में पद्म भूषण देकर सम्मानित किया। काजरोलकर के पक्ष में पंडित नेहरू भी प्रचार भी किया था। ये है कांग्रेस की असली हकीकत। उन्होंने कहा कि ऐसी सोच और चरित्र वाली कांग्रेस पार्टी आज बाबा साहब के सम्मान की बात कर रही है, जो एक बहुत ही शर्मनाक है। कांग्रेस पार्टी को अपना यह ढोंग बंद करना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिस तरह से पंडित नेहरू और कांग्रेस के नेताओं ने बाबा साहब अंबेडकर के साथ बदसलूकी की, उनका अपमान किया, जिसके साक्ष्य भी मौजूद हैं, उसके लिए कांग्रेस को बिना शर्त माफी मांगी मांगनी चाहिए। कांग्रेस ने की उपेक्षा, भाजपा सरकार ने दिया सम्मान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जब भी कोई बड़ा नेता जाता है, तो उनकी विरासत को संजोया जाता है। लेकिन कांग्रेस की सरकार ने बाबा साहब का एक भी स्मारक बनाने की अनुमति नहीं दी। कांग्रेस ने खुद तो बाबा साहब की स्मृतियाँ संजोने के लिए कोई कदम नहीं उठाए, अड़चनें डालती रही। कांग्रेस पार्टी तो देश में सैकड़ों स्मारक, अस्पताल, सड़कों के नाम पं. नेहरू, इंदिरा गांधी, संजय गांधी और राजीव गांधी के … Read more

टोल बैरियर हमारी सरकार ने खत्म किए, भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति – डॉ. मोहन यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भारतीय जनता पार्टी प्रदेश कार्यालय में मंगलवार को श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी के जन्म शताब्दी वर्ष पर आधारित प्रदर्शनी का उद्घाटन कर अवलोकन किया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि कहा कि हम सबके लिए और सौभाग्य की बात है कि जनसंघ के जमाने से पूरे देश में श्रद्धेय अटल जी ने अपनी बड़ी भूमिका निभाई। मध्यप्रदेश में संविद सरकार के समय श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी, श्रीमती राजमाता विजयाराजे सिंधिया, श्रद्धेय कुशाभाऊ ठाकरे के साथ राष्ट्रवादी विचारधारा को आगे बढ़ाने में अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया। राष्ट्र धर्म के वैचारिक अनुष्ठान के लिए पूर्णकालिक बनकर भारत रत्न श्रद्धेय अटल जी जब संयुक्त राष्ट में पहुंचे तो हिंदी में अपनी बात रखकर वैश्विक स्तर पर हिंदी व भारत का मान बढ़ाने का कार्य किया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में हमारी सरकार ने टोल बैरियर खत्म किए। मध्यप्रदेश में भाजपा सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य कर रही है। मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार भ्रष्टाचार को लेकर सख्त है। कोई भी भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हमारी सरकार लगातार कार्रवाई कर रही है। ऐसी कार्रवाई की जाएगी कि नजीर बनेगी। अटल जी ने समाज सेवा के साथ कुशल विचारक की भूमिका निभाई मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी ने राजनीति में रहते हुए समाज सेवा, देश सेवा के साथ एक कुशल विचारक की भूमिका निभाई है। अटल जी जब विदेश मंत्री बने तो उनका कार्यकाल अद्भुत रहा। इसके बाद संयुक्त सरकार चलाकर परमाणु परीक्षण करके दुनिया के सामने अपनी प्रतिबद्धता को भी रखा। दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की बात करते हैं तो देश का नाम आता है। हमें याद रखना होगा कि श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी ने पड़ोसी धर्म निभाते हुए पाकिस्तान के साथ रिश्ते अच्छे रखने का पूरा प्रयास किया, लेकिन जब उसने गलत किया तो तत्काल कार्रवाई कर दुश्मन देश व दुनिया के सामने अपनी दृढ़ता को भी स्पष्ट कर दिया। यह प्रदर्शनी श्रद्धेय अटल जी के व्यक्तित्व व कृतित्व को लेकर एक प्रयास है। अटलजी के सपने को पूरा कर रहे मोदी जी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी जी के नदियों को जोड़कर सूखाग्रस्त क्षेत्रों में पानी पहुचाने के सपने को पूर्ण करने का बीड़ा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने उठाया है, जो अब साकार होने वाला है। श्रद्धेय अटलजी के जन्मदिवस 25 दिसम्बर को प्रधानमंत्री मोदी जी इस परियोजना की आधारशिला रखेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब में इस परियोजना की आधारशिला के लिए प्रधानमंत्री जी से मिला तो उन्होंने कहा कि यह परियोजना श्रद्धेय अटल जी को समर्पित होगी और उनकी जन्म शताब्दी पर 25 दिसंबर को किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केन-बेतवा लिंक परियोजना छतरपुर, पन्ना जिले में केन नदी पर बनाई जा रही है। इस परियोजना से मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश में सिंचाई एवं पेयजल की सुविधा प्रदाय करते हुये केन नदी के जल को बेतवा नदी तक पहुंचाया जाएगा। इस परियोजना से मध्यप्रदेश के पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, सागर, रायसेन, विदिशा, शिवपुरी एवं दतिया सहित कुल 10 जिलों के लगभग 2000 ग्रामों में 8.11लाख हेक्टेयर क्षेत्र में लगभग 7 लाख किसान परिवारों को सिंचाई सुविधा प्राप्त होगी। वहीं,  उत्तरप्रदेश में 59 हज़ार क्षेत्र में वार्षिक सिंचाई सुविधा प्राप्त होगी एवं 1.92 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में मौजूदा सिंचाई का स्थिरीकरण किया जाएगा। इससे उत्तरप्रदेश के महोबा, झांसी, ललितपुर एवं बांदा जिलों में सिंचाई सुविधा प्राप्त होगी। उन्होंने बताया कि परियोजना से मध्यप्रदेश की कुल 44 लाख एवं उत्तरप्रदेश की 21 लाख आबादी को पेयजल की सुविधा उपलब्ध होगी। इस दौरान भाजपा की प्रदेश उपाध्यक्ष श्रीमती सीमा सिंह जादौन, प्रदेश महामंत्री व विधायक भगवानदास सबनानी, रणवीर सिंह रावत, विधायक रामेश्वर शर्मा, प्रदेश मंत्री राहुल कोठारी, लोकेन्द्र पाराशर, प्रदेश कार्यालय मंत्री डॉ. राघवेन्द्र शर्मा, प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष उषा अग्रवाल, जिला अध्यक्ष सुमित पचौरी, नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी सहित पार्टी पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि व कार्यकर्ता उपस्थित रहे। recent visitors 62

नए साल पर महाकाल भस्म आरती की ऑनलाइन बंद, बदली दर्शन व्यवस्था

उज्जैन बाबा महाकाल के भक्तों के लिए महत्वपूर्ण खबर है। 2024 के आखिरी और नए साल 2025 के शुरुआती दिनों में उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए महाकालेश्वर मंदिर समिति ने बड़ा फैसला लिया है। उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन को सुगम बनाने के लिए समिति ने नई व्यवस्था लागू की है। समिति अध्यक्ष व कलेक्टर नीरजकुमार सिंह ने निर्धारित किया है कि 31 दिसंबर और 1 जनवरी को ऑनलाइन-ऑफलाइन भस्मआरती बुकिंग बंद रहेगी। दोनों दिन चलित भस्मआरती का विकल्प रखा है। सुबह 4.15 बजे से श्रद्धालु कार्तिकेय मंडपम् से आरती का लाभ ले सकेंगे। 45 मिनट में दर्शन होने का दावा श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति का दावा है कि नई व्यवस्था के मुताबिक, 40 से 45 मिनट में श्रद्धालु बाबा महाकाल के दर्शन कर पाएंगे। मंदिर प्रबंध समिति ने महाशिवरात्रि पर आए दर्शनार्थियों को देखते हुए दिसंबर के आखिरी दिनों और नए साल के पहले सप्ताह में 10 से 15 लाख दर्शनार्थी आने की उम्मीद जताई है। कालभैरव मंदिर में प्रवेश बंद इधर उज्जैन के श्री कालभैरव मंदिर में 25 दिसंबर से 5 जनवरी तक गर्भगृह में प्रवेश पूर्ण रूप से बंद रहेगा। मंदिरों में ड्यूटीरत कर्मियों को बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं के साथ अच्छा व्यवहार करने की सीख दी गई है। कलेक्टर ने 29 दिसंबर से 5 जनवरी तक श्री महाकालेश्वर मंदिर में शिफ्टवार ड्यूटी लगाई जाने के निर्देश दिए हैं। कहां से होगी एंट्री, कैसे आएंगे बाहर सामान्य दर्शनार्थियों के लिए व्यवस्था सामान्य श्रद्धालु चारधाम मंदिर पार्किंग से प्रवेश करेंगे। यहां से संग्रहालय के पास नंदी द्वार भवन, फेसेलिटी सेंटर 1 टनल, शक्ति पथ, त्रिवेणी, श्री महाकाल, मानसरोवर, नवीन टनल 1, और गणेश मंडपम् होते हुए श्री महाकालेश्वर के दर्शन करेंगे। दर्शन के बाद आपातकालीन निर्गम द्वार से बाहर निकलकर बड़ा गणेश मंदिर के पास हरसिद्धि मंदिर तिराहे पहुंचेंगे और अंत में चारधाम मंदिर पर वापस आकर अपने गंतव्य की ओर रवाना होंगे। जब श्रद्धालुओं की संख्या बढ़े यदि दर्शनार्थियों की संख्या अधिक हो जाती है, तो फेसेलिटी सेंटर 1 से मंदिर परिसर के निर्गम रैंप, गणेश मंडपम् और नवीन टनल के दोनों ओर से दर्शन की व्यवस्था की जाएगी। भीड़ और अधिक होने पर श्रद्धालुओं को सीधे फेसेलिटी सेंटर 1 से कार्तिकेय मंडपम् में प्रवेश दिलाया जाएगा। दर्शन के बाद द्वार नंबर 10 या निर्माल्य द्वार से बाहर निकलने की व्यवस्था रहेगी। वीआईपी दर्शनार्थियों के लिए व्यवस्था विशेष श्रेणी के दर्शनार्थी नीलकंठ द्वार से प्रवेश करेंगे। यहां से त्रिनेत्र (महाकाल लोक कंट्रोल रूम के सामने) होते हुए शंख द्वार, कोटितीर्थ कुंड और सभा मंडपम् के जरिए मंदिर में प्रवेश किया जाएगा। दर्शन के बाद, सभा मंडपम् से कोटितीर्थ कुंड, शंख द्वार, त्रिनेत्र और नीलकंठ द्वार के माध्यम से बाहर जाने का मार्ग तय होगा। recent visitors 140

कूनो नेशनल पार्क से निकलकर रिहायशी इलाके में पहुंची अग्नि चीता, किया कुत्ते का शिकार

 श्योपुर कूनो नेशनल पार्क के खुले जंगल से निकलकर 90 किलोमीटर दूर श्योपुर के नजदीक पहुंचे चीते ने चार दिनों बाद शहर के रास्ते वापस जंगल की ओर रवानगी ले ली है. खास बात यह है कि चीता जंगल लौटते समय आधी रात को शहर की सड़कों पर दौड़ लगाता कैमरे में कैद हुआ है. अब चीता वापस जंगल की ओर रुख कर गया है. बताया जा रहा है कि वह अब कूनो के बफर जोन में जा पहुंचा है. पिछले शनिवार को कूनो की हद छोड़ 90 किलोमोटर की दूरी तय कर चीता अग्नि श्योपुर शहर से सटे ढेंगदा गांव और शहरी सीमा में पॉलिटेक्निक कॉलेज के पास अमराल नदी के किनारे लगी क्रेशर के कुछ दूर आया और बीते 4 दिन तक आसपास ही चहल कदमी करता रहा. चीते की निगरानी में ट्रेकिंग टीमें 24 घंटे लगी थी. वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक अग्नि चीता गोरस कलमी के बीच भीमलत गांव के पास है। उधर अग्नि साथ छोड़ा गया वायु चीता मुरैना की ओर घूम रहा है। अभी दो ही चीते बाहर हैं, बाकी 10 चीते और 12 शावक बाड़े में हैं। इसके पहले भी चीता अग्नि श्योपुर में सीएम राइज स्कूल के करीब देखी गई थी। इसका वीडियो तब भी वायरल हो रहा था। इसी बीच, मंगलवार-बुधवार की दरम्यानी रात चीता शहर के वीर सावरकर स्टेडियम के पास देखा गया. फिर आधी रात को ही श्योपुर शिवपुरी हाइवे पर निकल पड़ा. और चीता स्टेडियम, कलेक्ट्रेट और ईको सैंटर होते हुए बावंदा नाले तक सड़क पर दौड़ लगाता कैमरे के कैद हुआ. चीता के पीछे ट्रेकिंग टीम की गाड़ी लगी रही. बुधवार को चीता अग्नि को लोकेशन भेला भीम लत गांव के पास बताई जा रही है. इस इलाके से सामान्य और कूनो वन मंडल का बफर जोन का जंगल लगा हुआ है. कयास लगाए जा रहे हैं कि चीता अब कूनो वापस लौट जाएगा. पता हो कि कूनो नेशनल पार्क के खुले जंगल में अग्नि और वायु नाम के दो चीतों को छोड़ा गया था. यह दोनों चीते साउथ अफ्रीका से कूनो लाए गए थे जिन्हें पिछले 4 दिसम्बर को खुले जंगल में छोड़ा गया था. दोनों चीते रिश्ते में सगे भाई हैं, जो हमेशा एक साथ रहते हैं और एक साथ शिकार करते हैं और मिल बांटकर उस शिकार को खाकर अपना पेट भरते हैं. पहली दफा यह दोनों अलग हुए थे. दोनों अलग-अलग दिशा में कूनो के रिज़र्व जोन से बाहर निकल गए थे. अब उम्मीद जताई जा रही है कि दोनों एक दूसरे को तलाशते हुए कूनो वापस पहुंच जाएंगे. recent visitors 56

मध्य प्रदेश सरकार फिर बाजार से पांच हजार करोड़ रुपये का कर्ज लेगी, बजट से ज्यादा हुआ लोन

भोपाल मध्य प्रदेश सरकार फिर रिजर्व बैंक के माध्यम से बाजार से पांच हजार करोड़ रुपये का कर्ज लेगी। यह कर्ज दो हिस्सों में लिया जाएगा। पहला कर्ज ढाई हजार करोड़ रुपये का होगा, जिसे 21 साल बाद चुकाया जाएगा। दूसरा कर्ज भी ढाई हजार करोड़ रुपये का रहेगा, पर इसे 17 साल में चुकाया जाएगा। इसके लिए गवर्नमेंट सिक्योरिटीज का विक्रय किया जाएगा, जिस पर साल में दो बार ब्याज का भुगतान भी किया जाएगा। बता दें कि राज्य सरकार वर्तमान वित्तीय वर्ष में 25 हजार करोड़ रुपयों का कर्ज ले चुकी है। नया कर्ज मिलाकर यह 30 हजार करोड़ रुपये हो जाएगा। मध्य प्रदेश सरकार पर कर्ज चार लाख करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है। कर्ज की राशि और अवधि: कुल कर्ज: 30,000 करोड़ रुपये पहला कर्ज: 2,500 करोड़ रुपये (21 साल बाद चुकाया जाएगा) दूसरा कर्ज: 2,500 करोड़ रुपये (17 साल में चुकाया जाएगा) जीडीपी का तीन प्रतिशत तक ऋण ले सकती है सरकार राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन अधिनियम के प्रविधान के अनुसार, सरकार राज्य सकल घरेलू उत्पाद का तीन प्रतिशत तक ऋण ले सकती है। इस वित्तीय वर्ष 2024-25 में सरकार 65 हजार करोड़ रुपये तक कर्ज ले सकती है। इसका उपयोग विकास परियोजना और आर्थिक गतिविधियों को गति देने के लिए किया जा सकता है। राज्य सरकार ने वित्तीय स्थिति ठीक बताई वहीं, बाजार से कर्ज लेने के लिए राज्य सरकार ने अपनी वित्तीय स्थिति ठीक बताई है। आधा प्रतिशत ऋण ऊर्जा सहित अन्य क्षेत्रों के लिए विशेष परिस्थिति में लिया जा सकता है। राज्य सरकार द्वारा लिए जाने वाले कर्ज का एक बड़ा हिस्सा मुफ्त की योजनाओं को पूरा करने में ही चला जाता है। कुल कर्ज: अब तक लिया गया कर्ज: 25,000 करोड़ रुपये नया कर्ज: 5,000 करोड़ रुपये (कुल 30,000 करोड़ रुपये) कुल कर्ज: 4 लाख करोड़ रुपये से अधिक सरकार पर कुल चार लाख करोड़ रुपये से अधिक कर्ज प्रदेश पर अब चार लाख करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज हो गया है। इसके साथ मध्य प्रदेश का प्रत्येक व्यक्ति 50 हजार रुपये से अधिक का कर्जदार होगा। स्थिति यह है कि मध्य प्रदेश का कुल बजट 3.65 लाख करोड़ रुपये का है, लेकिन इससे अधिक मध्य प्रदेश सरकार पर कर्ज है। recent visitors 53

धीरेंद्र शास्त्री बोले – भारत में रहने वाले ईसाई और मुसलमान हिंदू, 8वी-9वी पीढ़ी से पहले रामलाल, श्यामलाल थे

छतरपुर हिंदू राष्ट्र की मांग करने वाले बागेश्वर धाम के पीठधीश पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने भारत में रहने वाले ईसाई और मुस्लिमों को हिंदू बताया है। साथ ही कहा कि उनकी 8वी-9वी पीढ़ी के लोग पहले रामलाल, श्यामलाल थे। क्रिसमस से एक दिन पहले आयोजित कथा में उन्होंने यह बयान दिया जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।   दरअसल, कल बागेश्वर धाम से महाराष्ट्र के जलगांव यात्रा के पहले धीरेंद्र शास्त्री की कथा का आयोजन हुआ था। इस दौरान उन्होंने कहा, “देश में रहने वाले ईसाई और मुस्लिम भी हिन्दू हैं। ईसाई और मुसलमानों की 8 वीं 9 वीं पीढी हिन्दू थी। सभी पहले राम लाल,श्याम लाल थे। सब सनातनी हैं। कोई पराया नहीं है।” उन्होंने आगे कहा, “हमनें प्रण कर लिया है की जब तक जिएगे हम नहीं सुधरेंगे। हम हिन्दू राष्ट्र बनाकर ही मानेंगे। हम तो अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। अपने लिए नहीं लड़ रहे। तुम्हारी जिम्मेदारी है कि आने वाली पीढ़ी और अपनी बहन-बेटियों को सुरक्षित रखना है तो घर से बाहर निकलना पड़ेगा।” recent visitors 29