मुख्यमंत्री यादव ने प्रदेश में निवेश बढ़ाने उद्योगपतियों के साथ वन-ऑन-वन मीटिंग कर व्यक्तिगत तौर पर निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यूके यात्रा में मध्यप्रदेश में निवेश बढ़ाने के लिए लंदन के प्रमुख उद्योगपतियों के साथ वन-ऑन-वन मीटिंग कर व्यक्तिगत तौर पर निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की। उन्होंने सेक्टर केंद्रित राउंड-टेबल मीटिंग कर निवेश संबंधी विस्तृत चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने वन-ऑन-वन बैठकों में प्रत्येक निवेशक की परियोजना और आवश्यकताओं को ध्यानपूर्वक सुना और मध्यप्रदेश में निवेश के लिए बेहतर अवसर और नीतिगत समर्थन का भरोसा दिलाया। राउंड-टेबल चर्चाओं में इलेक्ट्रिक वाहन, नवकरणीय ऊर्जा, शिक्षा और खाद्य प्रसंस्करण जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर विशेषज्ञों और सरकारी अधिकारियों के साथ विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंडोरामा ग्रुप, एसआरएएम एंड एमआरएएम ग्रुप, सायनकॉननोड, हाइब्रिड एयर व्हीकल्स लिमिटेड, क्लिनीसप्लाईज, औरोरा एनर्जी रिसर्च, एल्सेवियर, वीडिलीवर, कैपरो, वेबसाइट, द मोंटकैल्म लग्ज़री होटल्स, फाइला अर्थ, एम्पर्जिया लिमिटेड, अयाना कंसल्टिंग, पैंजिया डेटा लिमिटेड, इनवर्जी, बीईएम ग्रुप लिमिटेड, डैक्स फर्स्ट, रैनसैट ग्रुप, कोगो इकोटेक सॉल्यूशंस, एम्पैटी.एआई, मनी फॉर बिजनेस लिमिटेड, डीएएम हेल्थकेयर लिमिटेड और हेलियन जैसी कंपनियों के प्रतिनिधियों से चर्चा की। बैठक में औद्योगिक विकास को गति देने और संभावित सहयोग के अवसरों पर विस्तृत चर्चा हुई। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने निवेशकों को मध्यप्रदेश में अनुकूल व्यावसायिक माहौल और निवेश के लिए उपलब्ध सुविधाओं के बारे में जानकारी दी। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने विभिन्न क्षेत्रों पर केंद्रित राउंड-टेबल परिचर्चाओं में भाग लिया। इन परिचर्चाओं में इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी), ऑटोमोबाइल और नवीकरणीय ऊर्जा, शिक्षा और फूड प्रोसेसिंग जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की यह पहल राज्य को एक वैश्विक निवेश स्थल बनाने और उद्योगपतियों के साथ मजबूत साझेदारी विकसित करने में परिणामोन्मुखी साबित होगी। साथ ही ये बैठकें औद्योगिक विशेषज्ञों और निवेशकों के साथ मध्यप्रदेश के विकास के लिए नई संभावनाओं को आकार देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होंगी।   recent visitors 40

कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने संविधान दिवस पर सुप्रीम कोर्ट के राम जन्म भूमि फैसले का हिंदी संस्करण जारी किया

नई दिल्ली कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने 75वें संविधान दिवस के मौके पर सुप्रीम कोर्ट के राम जन्म भूमि फैसले का हिंदी संस्करण जारी किया है। 2019 में सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों की बेंच ने राम जन्मभूमि पर ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। इस फैसले का हिंदी संस्करण कानून एवं न्याय मंत्रालय के अंतर्गत विधि साहित्य प्रकाशन द्वारा किया गया है। इस मौके पर सरकार ने भारतीय संविधान पर एक ऑनलाइन पाठ्यक्रम की भी घोषणा की है। राजधानी के विज्ञान भवन में आयोजित इस समारोह में कानून मंत्री अर्जुन मेघवाल ने कहा कि राम जन्मभूमि पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हिंदी में अनुवाद कानूनी साहित्य को अधिक आसान, समावेशी और समझने योग्य बनाने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि यह पहल हमारे राष्ट्र की भावना का प्रतीक है। इस मौके पर अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमानी, कानून सचिव राजीव मणि और अतिरिक्त सचिव डॉ. मनोज कुमार सहित कई अन्य अधिकारी और वकील उपस्थित थे। समारोह का आयोजन कानून एवं न्याय मंत्रालय के विधायी विभाग द्वारा किया किया गया था। इस अवसर पर विभाग ने भारतीय संविधान पर एक ऑनलाइन पाठ्यक्रम की भी घोषणा की। यह पाठ्यक्रम लोगों को भारतीय संविधान के प्रमुख पहलुओं से परिचित होने की सुविधा देगा। मनोज कुमार ने कहा कि इस पहल को बड़े पैमाने पर जनता के बीच संविधान की समझ बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है।  राम मंदिर निर्माण में मजदूर बने चुनौती अयोध्या में राम मंदिर निर्माण समिति की बैठक का आज दूसरा दिन है। राम मंदिर निर्माण में अब तक 800 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। निर्माण पूरा होने में लगभग 1800 करोड़ रुपये खर्च होंगे। राम मंदिर निर्माण में अभी भी मजदूरों की कमी है। मजदूरों की संख्या को दोगुनी करने के लिए निर्माण समिति ने एलएंडटी से अनुरोध किया है। 22 जनवरी 2025 को रामलला के प्राण प्रतिष्ठा की पहली वर्षगांठ पर रामलला के अलावा अतिरिक्त मंदिरों के दर्शन पर अभी संशय बना हुआ है। आज भी बनी मजदूरों की चुनौती राम मंदिर भवन निर्माण समिति के चेयरमैन नृपेंद्र मिश्र ने बताया कि शिखर को छोड़कर इसी माह के अंत तक पत्थर लगाने का कार्य पूरा हो जाएगा। राम मंदिर के शिखर  में 55000 क्यूबिक फीट पत्थर अभी और लगने हैं।  8,20,000 क्यूबिक फीट पत्थर परकोटा में लगेंगे। निर्माण कार्य में चुनौती आज भी मजदूरों की है। महापुरुषों के दर्शन पर संशय मजदूरों की संख्या जब तक दोगनी नहीं होगी, तब तक कार्य की गति धीमी रहेगी। इस समय लगभग  800 मजदूर निर्माण कार्य में लगे हुए हैं। जब तक 1500 के आसपास मजदूर कार्य नहीं करेंगे तब तक निर्माण में पीछे रहेंगे। 2025 को भगवान रामलला के प्राण प्रतिष्ठा की प्रथम वर्षगांठ पर रामलला के अलावा किसी और महापुरुषों के दर्शन पर संशय है।   recent visitors 118

बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमले और धर्मगुरु चिन्मय की गिरफ्तारी के बाद ISKCON पर बैन लगाने की तैयारी, हाईकोर्ट में याचिका दायर

ढाका पड़ोसी मुल्क बांग्लादेश इस समय भारी उथल-पुथल से गुजर रहा है. हिंदुओं पर हमले और धर्मगुरु चिन्मय प्रभु की गिरफ्तारी के बाद ISKCON पर बैन लगाने की तैयारी की जा रही है. इस संबंध में हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है. इस बीच बांग्लादेश सरकार ने ISKCON को धार्मिक कट्टरपंथी संगठन बता दिया है. हाईकोर्ट में बांग्लादेश के अटॉर्नी जनरल ने कहा कि यह सरकार का मुख्य एजेंडा है और इसके लिए जरूरी तैयारी शुरू कर दी गई है. इसका मतलब है कि ISKCON पर जल्द ही बैन लगेगा. अटॉर्नी जनरल ने कोर्ट को बताया कि ISKCON एक धार्मिक कट्टरपंथी संगठन है. इस पर कोर्ट ने उन्हें निर्देश दिया कि वह इस्कॉन पर सरकार के रुख और देश की मौजूदा स्थिति का खाका पेश करे. कोर्ट ने सरकार को सचेत रहने को कहा है ताकि देश में कानून एवं व्यवस्था की स्थिति नहीं बिगड़े. हाईकोर्ट की जस्टिस फराह महबूब और जस्टिस देबाशीष रॉय की पीठ ने इस संबंध में कहा कि इससे पहले एक वकील ने इस्कॉन पर बैन लगाने के लिए याचिका दायर की और चटगांव में वकील सैफुल आलम की हत्या सहित पूरी स्थिति को कोर्ट के संज्ञान में लेकर आया. इस पर अब कोर्ट ने सरकार से पूछा है कि इस्कॉन संगठन क्या है? यह कहां से आया है? इस पर अटॉर्नी जनरल ने कहा कि यह कोई राजनीतिक दल नहीं है बल्कि धार्मिक कट्टरपंथी संगठन है. बता दें कि कुछ दिन पहले ही उन्होंने संविधान से धर्मनिरपेक्षता शब्द को हटाने की मांग की थी. बता दें कि बांग्लादेश की लॉ एंफोर्समेंट एजेंसी ने चिन्मय कृष्ण दास को देशद्रोह के आरोप में 25 नवंबर को गिरफ्तार किया था. बांग्लादेश की अदालत ने उन्हें मंगलवार को उन्हें जमानत नहीं दी और जेल भेज दिया. इसके बाद चिन्मय दास के समर्थक सड़कों पर उतर आए और उग्र विरोध प्रदर्शन शुरू किया. सुरक्षाकर्मियों के साथ झड़प के दौरान पत्रकारों सहित कम से कम 10 लोग घायल हो गए. बांग्लादेश से किन अधिकारों के लिए लड़ रहे हैं चिन्मय प्रभु विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा, अल्पसंख्यकों के घरों और दुकानों में आगजनी और लूटपाट के साथ-साथ मंदिरों को अपवित्र करने के कई मामले दर्ज किए गए हैं. इन घटनाओं के अपराधी अभी भी खुलेआम घूम रहे हैं, जबकि शांतिपूर्ण तरीके से वैध मांगें करने वाले धार्मिक नेता के खिलाफ आरोप लगाए जा रहे हैं. चिन्मय दास की गिरफ्तारी क्यों? चिन्मय दास को तब गिरफ्तार किया गया था, जब वो ढाका से चटगांव आ रहे थे. उन्हें ढाका एयरपोर्ट पर गिरफ्तार कर लिया गया था. इस दौरान सादे कपड़ों में आए कुछ लोगों ने उन्हें जबरदस्ती वैन में बैठा लिया. उन लोगों ने खुद को बांग्लादेशी पुलिस का जासूस बताया था. इस्कॉन के उपाध्यक्ष राधा रमन दास ने बताया कि बिना कुछ कारण बताए ही चिन्मय दास को जबरदस्ती वैन में डाल दिया गया. बांग्लादेशी पुलिस ने चिन्मय दास पर देशद्रोह का आरोप लगाया है. उनपर अक्टूबर में एक विरोध प्रदर्शन के दौरान बांग्लादेशी झंडे का अपमान करने का आरोप है. ऐसा दावा है कि इस विरोध प्रदर्शन में भगवा ध्वज को बांग्लादेशी झंडे से ज्यादा ऊंचा फहराया गया था. हालांकि, राधा रमन दास ने इन आरोपों को खारिज किया है. चिन्मय दास की गिरफ्तारी के बाद उनकी रिहाई की मांग को लेकर देशभर में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. इन प्रदर्शनों को दबाया जा रहा है. बांग्लादेश में जब से मोहम्मद युनूस की सरकार आई है तब से हिंदुओं पर हमले बढ़ गए हैं. ऐसी क्या मांगें कर रहे थे चिन्मय दास? 1. अल्पसंख्यकों के उत्पीड़न से जुड़े मामले में तुरंत सुनवाई के लिए स्पेशल ट्रिब्यूनल बनाए जाए. पीड़ितों को मुआवजा और पुनर्वास मिले. 2. अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा के लिए एक कानून बनाया जाए. 3. अल्पसंख्यकों के लिए एक मंत्रालय बनाया जाए, ताकि अल्पसंख्यक समुदाय के मुद्दे और परेशानियों को उठाया जा सके. 4. कब्जाई गई देबोत्तर (मंदिर) की संपत्तियों को वापस किया जाए. मंदिरों और अल्पसंख्यकों के पूजा स्थलों की सुरक्षा के लिए कानून बने. 5. सभी स्कूलों, कॉलेजों और हॉस्टलों में अल्पसंख्यकों के लिए पूजा स्थल बनाए जाएं, ताकि वो भी पूजा कर सकें. 6. अल्पसंख्यक समुदायों के शैक्षणिक संस्थानों को बढ़ाया जाए. साथ ही साथ पाली और संस्कृत बोर्डों का आधुनिकिकरण किया जाए. 7. दुर्गा पूजा के लिए पांच दिन का पब्लिक हॉलीडे घोषित किया जाए, क्योंकि ये हिंदुओं के लिए काफी अहम त्योहार है. बांग्लादेश में किस हालत में हैं अल्पसंख्यक? बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों को निशाना बनाने का इतिहास लंबा रहा है, खासकर हिंदू समुदाय को. याद होगा कि दो साल पहले भी बांग्लादेश में हिंदू विरोधी भावनाएं भड़क गई थीं, जिसके बाद कई हिंदुओं की हत्या भी कर दी गई थी. हाल ही में, शेख हसीना के इस्तीफे के बाद सैकड़ों जगहों से हिंदुओं पर हमले के मामले सामने आए हैं. इस्कॉन टेम्पल और दुर्गा मंदिरों को निशाना बनाया गया है. हिंदुओं के घरों और दुकानों में तोड़फोड़ की गई है. दिनाजपुर में उपद्रवियों ने एक श्मशान घाट पर भी कब्जा कर लिया था. अभी तो हिंदुओं पर हो रही हिंसा के मामले सामने आ भी जा रहे हैं, लेकिन वहां दशकों से इनके साथ उत्पीड़न हो रहा है. हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन का दावा है कि 1964 से 2013 के बीच एक करोड़ से ज्यादा हिंदू बांग्लादेश छोड़कर भाग गए हैं. फाउंडेशन का कहना है कि हर साल 2.30 लाख हिंदू बांग्लादेश छोड़ रहे हैं. बांग्लादेश में गैर-मुस्लिमों की आबादी तेजी से घटी है. 1951 में बांग्लादेश (तब पूर्वी पाकिस्तान) में गैर-मुस्लिम आबादी 23.2% थी. यहां आखिरी बार 2011 में जनगणना हुई थी. उसमें सामने आया था कि बांग्लादेश में गैर-मुस्लिमों की आबादी घटकर 9.4% हो गई है.   recent visitors 62

पाकिस्तान के बाद बांग्लादेश भी IPL से हो रहा ‘साइड लाइन’, किसी ने नहीं खरीदा एक भी खिलाडी

 मुंबई इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2025 सीजन का मेगा ऑक्शन सोमवार (25 नवंबर) को सऊदी अरब के जेद्दा में खत्म हुआ. दो दिन तक चले इस मेगा ऑक्शन में 10 टीमों ने 639.15 करोड़ रुपये खर्च कर कुल 182 खिलाड़ी खरीदे. इस बार जहां ऋषभ पंत और श्रेयस अय्यर ने इतिहास रच दिया है. लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) ने 27 करोड़ में खरीदा. इस तरह वो IPL इतिहास के सबसे मंहगे क्रिकेटर बन गए हैं. दूसरे सबसे मंहगे क्रिकेटर श्रेयस बने, जिन्हें पंजाब किंग्स ने 26.75 करोड़ में खरीदा. वहीं दूसरी ओर एक देश ऐसा भी रहा है, जिसका कोई खिलाड़ी नहीं बिका. बड़ी बात तो यह रही कि इस देश के 12 प्लेयर नीलामी में उतरे थे, लेकिन 2 खिलाड़ियों को छोड़कर किसी और का नाम भी बोली के लिए नहीं लिया गया. पाकिस्तान के बाद बांग्लादेश भी हो रहा 'साइड लाइन' इस तरह कह सकते हैं कि इस देश को 'चुपचाप' साइड लाइन कर दिया गया. हम बात कर रहे हैं बांग्लादेश की, जहां तख्तापलट के बाद हिंदुओं पर अत्याचार का मामला काफी गहराता जा रहा है. हाल ही में बांग्लादेश में हिंदू पुजारी और इस्कॉन के पूर्व प्रमुख चिन्मय कृष्ण दास ब्रह्मचारी को गिरफ्तार किया गया है, जिस पर हंगामा मचा हुआ है. इसी बीच IPL का मेगा ऑक्शन आ गया, जिसमें 12 बांग्लादेशी क्रिकेटर्स को शॉर्टलिस्ट किया गया था. इनमें मुस्ताफिजुर रहमान और रिशाद हुसैन का नाम ही बोली के लिए आया था, लेकिन उन्हें किसी ने नहीं खरीदा. बाकी 10 खिलाड़ियों में लिटन दास, तस्कीन अहमद, शाकिब अल हसन, मेहदी हसन मिराज, शोरिफुल इस्लाम और तंजीम हसन साकिब जैसे स्टार भी शामिल रहे. मगर इनमें से किसी का भी नाम बोली तक नहीं पहुंचा. किसी ने भी इनको नहीं खरीदा. इस तरह कह सकते हैं कि पाकिस्तान के बाद अब बांग्लादेश भी IPL से साइड लाइन होता जा रहा है. यदि ऐसा ही चलता रहा तो भविष्य में बांग्लादेशी क्रिकेटर्स पर भी IPL में बाहर रहने का खतरा मंडरा सकता है. इस लिस्ट के जरिए जानिए कौन सा बांग्लादेशी प्लेयर किस बेस प्राइस के साथ IPL नीलामी में उतरा था. IPL मेगा ऑक्शन में उतरने वाले बांग्लादेशी क्रिकेटर बांग्लादेशी प्लेयर बेस प्राइस (INR) मुस्ताफिजुर रहमान (अनसोल्ड) 2 करोड़ तस्कीन अहमद 1 करोड़ शाकिब अल हसन 1 करोड़ मेहदी हसन मिराज 1 करोड़ शोरिफुल इस्लाम 75 लाख तंजीम हसन साकिब 75 लाख मेहदी हसन 75 लाख नाहिद राणा 75 लाख रिशाद हुसैन (अनसोल्ड) 75 लाख लिटन दास 75 लाख तौहीद हृदोय 75 लाख हसन महमूद 75 लाख एक ही IPL सीजन खेल सके पाकिस्तानी क्रिकेटर बता दें कि IPL का पहला सीजन 2008 में खेला गया था. तब पाकिस्तान के कुल 11 खिलाड़ी आईपीएल में खेले थे. 2008 आईपीएल सीजन के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच रिश्ते अच्छे नहीं रहे और राजनीतिक तनाव के चलते पाकिस्तानी प्लेयर्स को आईपीएल में मौका नहीं दिया गया है. इस तरह पाकिस्तानी खिलाड़ियों को आईपीएल के पहले यानी 2008 सीजन में पहली और आखिरी बार मौका मिला था. IPL के पहले सीजन में 11 पाकिस्तानी खिलाड़ियों ने धमाल मचाया था. यह प्लेयर सलमान बट, शोएब अख्तर, मोहम्मद हफीज, उमर गुल, कामरान अकमल, यूनुस खान, सोहेल तनवीर, मोहम्मद आसिफ, शोएब मलिक, शाहिद आफरीदी और मिस्बाह उल हक हैं. तो क्या बांग्लादेशी क्रिकेटर्स को जान-बूझकर अनदेखा किया गया है, क्योंकि ऑक्शन के बाद उनकी बोली तक नहीं लगाई गई। शाकिब अल हसन जैसे क्रिकेटर, जो पहले आईपीएल में बांग्लादेश का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं, उन्हें इस बार खरीदार नहीं मिल पाए, जिससे निराशा और बढ़ गई। हालांकि, कई प्रशंसकों का कहना है, कि बांग्लादेशी क्रिकेटर्स ने पिछले दिनों काफी खराब खेल दिखाया है और ना बिकने की वजह उनका प्रदर्शन है, ना की बांग्लादेश की मौजूदा हालात से कोई लेना देना है। बांग्लादेश ने पिछले दिनों जब भारत के साथ तीन टी-20 मैच खेले थे, उस दौरान उनका काफी खराब प्रदर्शन रहा था और ना ही बल्लेबाज अपना कोई प्रभाव छोड़ पाए थे और ना ही गेंदबाज। बांग्लादेश में हिंदुओं पर लगातार हो रहे हैं हमले विवाद को और हवा देने वाली बात यह है कि ढाका में हिंदू नेता चिन्मय कृष्ण दास प्रभु की हाल ही में हुई गिरफ़्तारी ने बांग्लादेश में हिंदुओं के साथ हो रहे व्यवहार को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। पिछले कुछ सालों में बांग्लादेश में हिंदू समुदाय को हमलों, उनकी संपत्ति के विनाश और व्यवस्थागत भेदभाव का सामना करना पड़ा है, जिससे अशांति बढ़ रही है।     भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। कई लोग आईपीएल फ्रैंचाइजी से अल्पसंख्यकों पर हमलों में कथित मिलीभगत के कारण बांग्लादेशी खिलाड़ियों का बहिष्कार करने का आग्रह कर रहे हैं। एक यूजर ने कहा, "अगर आतंकवाद के कारण पाकिस्तान को आईपीएल से बाहर रखा जाता है, तो बांग्लादेश को हिंदुओं पर अत्याचार करने के लिए इसी तरह के परिणाम भुगतने चाहिए।" बांग्लादेशी खिलाड़ियों को बाहर रखने से खेल और राजनीति के बीच के संबंध की ओर ध्यान खिंचा है। आईपीएल ने सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए पाकिस्तानी खिलाड़ियों को बाहर रखा है, लेकिन यह घटना इस बात पर प्रकाश डालती है, कि किस तरह व्यापक सामाजिक-राजनीतिक मुद्दे खिलाड़ियों के चयन को प्रभावित कर सकते हैं।   recent visitors 82

धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा वह देश में एक करोड़ ‘कट्टर हिंदू’ चाहते हैं, ऐसा हो गया तो हजार सालों तक कोई सनातन की ओर अंगुली नहीं उठा सकता

 निवाड़ी हिंदू एकता यात्रा पर निकले बागेश्वर बाबा धीरेंद्र कृष्ण ने कहा है कि गजवा-ए-हिंद या भगवा-ए-हिंद जो होना है जल्दी हो जाए। बाबा बागेश्वर ने यह भी कहा कि वह आरपार के मूड में निकले हैं। हिंदुओं के बीच जाति प्रथा को खत्म करने की अपील कर रहे धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि देश में एक करोड़ 'कट्टर हिंदू' चाहते हैं और ऐसा हो गया तो हजार सालों तक कोई सनातन की ओर अंगुली नहीं उठा सकता है। धीरेंद्र शास्त्री ने मंगलवार रात मध्य प्रदेश के निवाड़ी में अपने साथ चल रहे लोगों को संबोधित करते हुए ये बातें कहीं। मध्य प्रदेश के छत्तरपुर जिले से प्रारंभ हुई बागेश्वरधाम के संत पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की 'हिंदू सनातन पदयात्रा' छठवें दिन निवाड़ी जिले के घुघसी ग्राम पहुंची। यहां रात्रि विश्राम से पहले शास्त्री ने मंच से संबोधित किया। उन्होंने कहा, 'एक करोड़ कट्टर हिंदू बना लेंगे तो हजार वर्ष तक सनातन धर्म को कोई उंगली नहीं दिखा सकता, इतनी सी बात है समझ जाए तो ठीक है, नहीं तो तुम्हारी बहन बेटी को लव जिहाद से बचा नहीं सकता है, चाहे अधिकारी हो, नेता हो, अभिनेता हो, खास हो या आम हो। लव जिहाद, लैंड जिहाद से तुम अपनी पीढ़ी को बचा नहीं सकते।' बाबा बागेश्वर ने कहा, 'हिंदुओं को मंजिल तब प्राप्त होगी जब नारी नारायणी बन जाएगी, हिंदुओं को मंजिल तब प्राप्त होगी जब मंदिर में बनी हुई जितनी मस्जिदे है वहा फिर से मंदिर बन जाएंगे। हिंदुओं को मंजलि तब प्राप्त होगी जब गीता और रामायण की बातें बच्चे से लेकर वृद्ध बोलने लग जाएंगे। जब राम पर अंगुली उठाने वाले की अंगुली उसे मुंह में कर दी जाए, हिंदुओं को मंजिल तब मिलेगी कहीं से भी बहन बेटी गुजर जाएं तो धर्म विरोधी, लव जिहाद वाले टेढ़ी निगाह से ना देखें। हिंदुओं को मंजिल तब मिलेगी जब हिंदू हिन्दुस्तान में हिंदू राष्ट्र का झंडा फहरा देंगे।' हिंदुओं से जागने की अपील करते हुए धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि जो होना है जल्दी हो जाए। उन्होंने कहा, 'हिंदू जग जाए तो बढ़िया हैं ना जगे तो और बढ़िया हैं, जल्दी से इस्लामिक राष्ट्र बन जाए। हम तो आरपार के मूड में निकले हैं, गजवा ए हिंद हो जाए या भगवा ए हिंद हो जाए। कौन हिंदू मुसलमान करता रहे, यह होना चाहिए वह होना चाहिए, जो होना है जल्दी हो जाए।' recent visitors 160

पदाधिकारियों के लिए संगठन ने तय कर दी है गाइड लाइन, 40 वर्ष तक उम्र के कार्यकर्ता ही मंडल अध्यक्ष बनेंगे

भोपाल  मध्य प्रदेश में संगठन चुनाव के तहत दिसंबर में भाजपा के मंडल और जिला अध्यक्ष बना दिए जाएंगे। चुनाव दो चरणों में होंगे। इसकी तैयारी के लिए बुधवार शाम प्रदेश कार्यालय में कार्यशाला आयोजित की जाएगी। पार्टी संगठन ने केंद्रीय नेतृत्व की तय गाइडलाइन के तहत कार्ययोजना बनाई है। जिन पर आर्थिक और आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं, ऐसे नेताओं को जिला और मंडल अध्यक्ष नहीं बनाया जाएगा। ऐसे नेता संगठन चुनाव में ही हिस्सा नहीं ले सकेंगे। आयुसीमा तय वहीं, मंडल और जिला अध्यक्ष के लिए क्रमश: 40 और 60 वर्ष की आयु सीमा भी निर्धारित की गई है, यानी पार्टी युवा और वरिष्ठता दोनों ही श्रेणी के नेताओं को अवसर देगी। इसी तरह, अपने चहेतों को मंडल और जिला अध्यक्ष बनाने के लिए सांसद, विधायक या मंत्री की अनुशंसा भी नहीं चलेगी। इसको लेकर पार्टी संगठन ने पहले ही गाइड लाइन तय कर दी है। कार्यशाला में ये रहेंगे उपस्थित भाजपा के प्रदेश महामंत्री भगवानदास सबनानी ने बताया कि बुधवार को होने वाली कार्यशाला को पार्टी के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश, पार्टी राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सरोज पांडे, प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल, प्रदेश प्रभारी डा. महेंद्र सिंह एवं प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद संबोधित करेंगे। कार्यशाला में प्रदेश कोर कमेटी, पार्टी के प्रदेश पदाधिकारी, संभाग प्रभारी, लोकसभा एवं राज्यसभा सांसद, विधायक, जिला अध्यक्ष, जिला प्रभारी, महापौर, नेता प्रतिपक्ष, जिला पंचायत अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष व महामंत्री, प्रदेश निर्वाचन टोली, प्रदेश सक्रिय सदस्यता टोली, जिला निर्वाचन टोली, बूथ प्रबंधन जिला प्रभारी उपस्थित रहेंगे। बूथ समितियों के गठन की सराहना वहीं, मप्र के भाजपा संगठन की बूथ समितियों के गठन की शीर्ष नेतृत्व ने सराहना की है। अब पार्टी का फोकस मंडल और जिला अध्यक्ष के संगठन चुनाव पर है। हाल ही में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की अध्यक्षता में दिल्ली में हुई बैठक में मिली गाइडलाइन के बाद प्रदेश संगठन ने यह कार्यशाला आयोजित की है। कार्यशाला के बाद पार्टी संगठन बुधनी और विजयपुर उपचुनाव को लेकर भी चर्चा करेगा। recent visitors 128

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा हम विदेशी निवेश को मध्यप्रदेश की धरती पर आमंत्रित करने के लिए यहां आए

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि हम विदेशी निवेश को मध्यप्रदेश की धरती पर आमंत्रित करने के लिए यहां आए हैं। अनेक उद्योगपतियों ने विभिन्न सेक्टर्स में निवेश के लिए रूचि दर्शायी है। आईटी सेक्टर, शिक्षा, रिन्यूएबल एनर्जी, उद्योग, माइनिंग, फूड प्रोसेसिंग, हेल्थ और सेमी कंडक्टर के क्षेत्र में निवेश के लिए उद्योगपति आगे आए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसी भी देश की प्रगति का मुख्य आधार वहां के उद्योग धंधे हैं। औद्योगिक दृष्टि से कौन कितना अधिक संपन्न है। यह उनकी इंडस्ट्रियल ग्रोथ बताती है, जितने अधिक उद्योग धंधे होंगे उतने अधिक रोजगार के अवसर प्राप्त होते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में डबल इंजन की सरकार प्रगति के पथ पर अग्रसर है। उन्होंने निवेशकों को प्रदेश में आमंत्रित किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि चाहे अमेरिका हो या जर्मनी हो उद्योग धंधे विकास का मूल आधार है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव लंदन में स्थानीय मीडिया से संवाद कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लंदन आकर अच्छा लगा यहां हमारे कई सारे भारतवंशी मित्रों के साथ मुलाकात हुई, जो कई साल पहले भारत से इंग्लैंड में आकर बस गए थे और यहां विभिन्न क्षेत्रों में बहुत अच्छा काम कर रहे हैं। उनके साथ निवेश संबंधी संभावनाओं पर भी विचार किया गया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आहवान पर प्रवासी भारतीय भाई अपनी जड़ों से जुड़ने की ओर आगे बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी यूके यात्रा निवेश की दृष्टि से बहुत सार्थक रही है। इसके परिणाम हमें फरवरी-2025 में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में देखने को मिलेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार की ओर से सभी निवेशकों का मध्यप्रदेश में आत्मीय स्वागत है।   recent visitors 49