शिंदे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में ऐलान किया कि मैं अपने आप को कभी मुख्यमंत्री नहीं समझता हूं, मैं हमेशा अपने आपको कॉमन

मुंबई महाराष्ट्र में अगले मुख्यमंत्री को लेकर महायुति में खींचतान जारी है. इसी बीच शिवसेना नेता एकनाथ शिंदे ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इस दौरान उन्होंने ऐलान किया कि मैं अपने आप को कभी मुख्यमंत्री नहीं समझता हूं. मैं हमेशा अपने आपको कॉमन मैन समझता हूं. शिंदे ने कहा कि मैंने प्रधानमंत्री नरेंद्र को फोन किया था. मैंने उनसे कहा कि हमारी तरफ से मुख्यमंत्री को लेकर कोई अड़चन नहीं आएगी. हमारा पूरा सहयोग रहेगा. शिंदे के इस बयान के बाद अब माना जा रहा है कि बीजेपी देवेंद्र फडणवीस के नाम का ऐलान कर सकती है. दरअसल, महाराष्ट्र का चुनाव एकनाथ शिंदे के चेहरे पर लड़ा गया था. लेकिन बीजेपी को महायुति में सबसे ज्यादा 132 सीटें मिलीं तो सीएम को लेकर खींचतान जारी हो गई. आखिरकार अब एकनाथ शिंदे ने खुद ये ऐलान कर दिया है कि वह बीजेपी के हर फैसले को मानने के लिए तैयार हैं. ऐसे में अब सीएम के लिए चल रहा गतिरोध खत्म होता दिख रहा है.    एकनाथ शिंदे ने इस दौरान शाह और मोदी की जमकर तारीफ की. उन्होंने कहा कि बीजेपी और शाह-मोदी ने मेरा पूरा साथ दिया. वो चट्टान बनकर मेरे साथ खड़े रहे. मैंने पीएम मोदी को फोन करके कहा है कि हमारी तरफ से कोई दिक्कत नहीं है. आप जिसे भी सीएम के लिए चुनेंगे उसे मेरा सपोर्ट है. मैंने राज्य की बेहतरी के लिए काम किया इस दौरान शिंदे ने कहा कि मैंने हमेशा राज्य की बेहतरी के लिए काम किया है. उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र की लाडली बहनों का मैं लाडला भाई हूं. अभी बहुत काम करना है. मैंने ढाई साल में राज्य के लिए खूब काम किया है. आगे भी हम इसी रफ्तार से काम करेंगे.महायुति मजबूत है और हम सब मिलकर काम करने को तैयार हैं. एकनाथ शिंदे ने कहा कि हमने पिछले ढाई साल में लगातार काम किया है. मैं लाडली बहनो का लाडला भाई हूं. मैं हमेशा तत्पर रहता हूं. मैं आगे भी काम करने के लिए तैयार हूं. दरअसल, महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद से ही नए मुख्यमंत्री को लेकर खींचतान जारी है. चाहे एकनाथ शिंदे हों, देवेंद्र फडणवीस हों या फिर अजित पवार… तीनों के ही समर्थक अपने नेता को मुख्यमंत्री बनते देखना चाहते हैं. इसकी बानगी नतीजे वाले दिन भी देखने को मिली थी, जब तीनों नेताओं के समर्थकों ने खुलकर अपने लीडर को सीएम बनाने की मांग शुरू कर दी थी. बता दें कि एकनाथ शिंदे इस समय कार्यवाहक मुख्यमंत्री हैं. दिल्ली बुलाए गए महायुति के नेता शिंदे, फडणवीस और पवार को बुलाया गया दिल्ली बता दें कि शिवसेना एनसीपी के प्रमुख नेताओं और देवेंद्र फडणवीस को दिल्ली बुलाया गया है. बीजेपी के हाईकमान ने कल प्रफुल्ल पटेल, अजीत पवार, देवेंद्र फडणवीस और एकनाथ शिंदे के साथ अहम बैठक तय की है. बता दें कि महाराष्ट्र की 288 सीटों में से महायुति को 230 सीट मिली थी. बीजेपी ने 132 सीटों पर जीत हासिल की है. शिंदे, फडणवीस और पवार को बुलाया गया दिल्ली बता दें कि शिवसेना एनसीपी के प्रमुख नेताओं और देवेंद्र फडणवीस को दिल्ली बुलाया गया है. बीजेपी के हाईकमान ने कल प्रफुल्ल पटेल, अजीत पवार, देवेंद्र फडणवीस और एकनाथ शिंदे के साथ अहम बैठक तय की है. माना जा रहा है कि इस बैठक में महाराष्ट्र की राजनीति को लेकर बड़े फैसले लिए जा सकते हैं. इस मीटिंग में राज्य के मौजूदा सियासी हालात और आगे की रणनीति पर चर्चा होने की संभावना है. इसके साथ ही बीजेपी-शिवसेना (शिंदे गुट) और एनसीपी (अजीत पवार गुट) के गठबंधन से जुड़े कुछ अहम मुद्दे भी उठ सकते हैं. सीएम पद को लेकर कोई कन्फ्यूजन नहीं: म्हस्के सीएम पद को लेकर कुछ देर पहले ही एकनाथ शिंदे की पार्टी शिवसेना के नेता नरेश म्हस्के का बयान आया. उन्होंने कहा कि सीएम पद को लेकर कोई कन्फ्यूजन नहीं है. सरकार दो दिनों में नहीं बनती है. प्रक्रिया चल रही है. जल्द ही सीएम के नाम का ऐलान हो जाएगा. महायुति के नेता फैसला कर लेंगे. हालांकि, हमने सीएम पद की मांग की है. जैसे बिहार में छोटी पार्टी को सीएम पद दिया गया है, वैसे ही हमने भी सीएम पद मांगा हैं. सभी हमारे नेता, सबका सम्मान है: केसरकर शिवसेना के एक और नेता दीपक केसरकर ने इस मुद्दे पर बयान दिया है. दीपक केसरकर ने कहा,'सभी हमारे नेता हैं. हम सभी का सम्मान करते हैं. ये महायुति गुट है. हम विधानसभा चुनाव महायुति के फॉर्मूले से जीते हैं. चेहरा पीएम मोदी का है. मोदी के नाम पर मेंडेट आया है. वहीं, देवेंद्र फडणवीस ने कहा,'तीनों पक्ष मिलकर सरकार बनाएंगे.' जल्दबाजी के मूड में नहीं है BJP नेतृत्व कहा जा रहा है कि सत्तारूढ़ महायुति नए मुख्यमंत्री का चेहरा फाइनल नहीं कर पाई है. अलांयस के तीनों सहयोगी दलों में सत्ता का संतुलन बनाए रखने के लिए लगातार मंथन चल रहा है. बीजेपी के सूत्र बताते हैं कि अलायंस के नेता बड़ी जीत से उत्साहित हैं. इसलिए इस बार ज्यादा जल्दबाजी के मूड में नहीं हैं. बीजेपी नेतृत्व का मानना है कि सरकार बनने के बाद किसी भी अलांयस में सबसे ज्यादा खींचतान हैवीवेट मंत्रालयों के बंटवारे को लेकर होती है, इसलिए पहले पोर्टफोलियो फाइनल किए जाने चाहिए, उसके बाद सीएम फेस घोषित किया जाएगा. यानी एनडीए, पहले विवादों की जड़ें खत्म करना चाहता है, उसके बाद सरकार के चेहरे को उजागर करने का फैसला लिया गया है. क्या रहे चुनावी नतीजे राज्य में 20 नवंबर को हुए चुनाव में बीजेपी ने 132 सीटें, शिवसेना ने 57 और एनसीपी ने 41 सीटें जीतीं हैं. परिणाम 23 नवंबर को घोषित किए गए थे.     recent visitors 114

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने फोटोयुक्त मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण-2025 के संबंध में दी जानकारी

भोपाल मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुखवीर सिंह ने बुधवार को निर्वाचन सदन में मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की और उन्हें फोटोयुक्त मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण-2025 के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। बैठक में मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को मतदाता सूची के प्रारूप प्रकाशन की जानकारी पेन ड्राइव में प्रदान की गई। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सिंह ने बताया कि उप निर्वाचन होने के कारण प्रदेश के विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र क्रं.-2 विजयपुर एवं क्रं-156 बुधनी की मतदाता सूची के प्रारूप का प्रारंभिक प्रकाशन 27 नवम्बर को किया गया। इसी दिन से दोनों विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में मतदाता सूची में नाम जुड़वाने, वोटर आईडी कार्ड में संशोधन कराने और मृत मतदाताओं के नाम हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक प्रारूप पर दावे-आपत्तियां 12 दिसम्बर तक प्राप्त की जायेंगी। आगामी 30 नवम्बर एवं 8 दिसम्बर 2024 को दोनों विधानसभा क्षेत्रों में कैम्प लगाकर नाम जुड़वाने, हटाने, संशोधन कराने के लिये विशेष अभियान चलाया जाएगा। दोनों विधानसभा क्षेत्रों के सभी मतदान केंद्रों पर कार्यालयीन समय में बीएलओ उपस्थित रहेंगे। प्राप्त सभी दावे-आपत्तियों का 24 दिसम्बर तक निराकरण किया जाएगा। इसके उपरांत मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 6 जनवरी 2025 को किया जाएगा। बैठक में सीईओ सिंह ने सभी मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे दोनों विधानसभा क्षेत्रों के सभी मतदान केंद्रों के लिये अपने-अपने बीएलए (बूथ लेवल एजेंट) की नियुक्ति अवश्य कर दें। यदि बीएलए नियुक्त हैं, तो उन्हें और अधिक सक्रिय होने के लिये निर्देशित करें। बैठक में संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी बसंत कुर्रे, विवेक श्रोतिय, भारतीय जनता पार्टी से एस.एस. उप्पल, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी से जे.पी. धनोपिया, आम आदमी पार्टी से सुमित सिंह चौहान एवं बहुजन समाज पार्टी से पूर्णेंद्र अहिरवार उपस्थित रहे। एक जनवरी 2025 को 18 साल की आयु पूरी करने वाले मतदाता सूची में नाम जुड़वाने करें आवेदन मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुखवीर सिंह ने बताया कि इन दोनों विधानसभा क्षेत्रों के निवासी, जो युवा 1 जनवरी 2025 को 18 साल की आयु पूरी कर रहे हैं, वे मतदाता सूची में अपना नाम जुड़वाने के लिए अग्रिम रूप से आवेदन कर सकते हैं। नये मतदाताओं का वोटर आईडी कार्ड स्पीड पोस्ट के जरिये आसानी से उनके घर तक पहुंच जाएगा। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सिंह ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों प्रकार की नि:शुल्क सुविधाएं प्रदान की गई हैं। ऑनलाइन आवेदन वोटर हेल्पलाइन एप और https://voters.eci.gov.in/ के माध्यम से किया जा सकता है। ऑफलाइन आवेदन के लिए बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) से संपर्क किया जा सकता है। मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के संबंध में किसी भी प्रकार की शंका या जानकारी के लिये निर्वाचन हेल्पलाईन के टोल फ्री नं.-1950 में कार्यालयीन समय पर कॉल करके समाधान प्राप्त किया जा सकता है।   recent visitors 34

इज्तिमा स्थल की तरफ भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित

भोपाल  मुस्लिम समाज का धार्मिक सम्मेलन (इज्तिमा) का आयोजन राजधानी के ईंटखेड़ी में 29 नवंबर से शुरू होगा। दो दिसंबर तक आयोजित इस कार्यक्रम की तैयारियां लगभग पूर्ण हो चुकी हैं। इसी सिलसिले में यातायात पुलिस ने मार्ग परिवर्तन योजना जारी की है। इस कार्यक्रम में भोपाल-बैरसिया मार्ग सबसे ज्यादा प्रभावित होगा। साथ ही नरसिंहगढ़ और नजीराबाद की ओर से भोपाल आने वाले वाहन भी प्रभावित होंगे। उन्हें गांधीनगर क्षेत्र से होकर गंतव्य की ओर भेजा जाएगा। मार्ग परिवर्तन व्यवस्था इस प्रकार रहेगी ईंटखेडी थानांतर्गत ग्राम घासीपुरा में आलमी तब्लीगी इज्तिमा का आयोजन होगा। इसमें पूरे देश भर से आने वाली हजारों जमातें सम्मिलित होंगी। विदेश से भी जमाती आएंगे। समापन दिवस पर दो दिसंबर को दुआ की नमाज अदा की जाएगी। जिसमें लाखों की संख्या मे मुस्लिम धर्मावलंबी सम्मिलित होंगे। जिसके चलते इज्तिमा स्थल के आसपास के मार्ग पर यातायात का काफी दबाव रहता है। जाम लगने की भी आशंका बनी रहती है। इस वजह से 29 नवंबर को सुबह 10 बजे से दो दिसंबर की रात आठ बजे तक इत्जिमा स्थल ईंटखेड़ी तक सभी प्रकार के भारी वाहनों एवं यात्री बसों का आवागमन प्रतिबंधित रहेगा। साथ ही एक दिसंबर की रात आठ बजे से दो दिसंबर की रात आठ बजे तक सभी प्रकार के वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित रहेगा। इज्तिमा के दौरान इन मार्गों से गुजरेंगे भारी वाहन एवं बसें – इज्तिमा स्थल (घासीपुरा-ईटखेड़ी) की ओर आने वाले सवारी बसों का बैरसिया से ईटखेड़ी तक के मार्ग पर प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। भोपाल में मेट्रो की राह में रुकावट बन रहीं 18 दुकानें हटाईं, अब आरा मशीनों की होगी शिफ्टिंगभोपाल में मेट्रो की राह में रुकावट बन रहीं 18 दुकानें हटाईं, अब आरा मशीनों की होगी शिफ्टिंग – गुना-शिवपुरी अशोकनगर से बैरसिया होकर भोपाल आने वाली यात्री बसें मकसूदनगढ़-गुना ब्यावरा से होकर भोपाल आ-जा सकती हैं। इसी प्रकार नजीराबाद, सिरोंज, विदिशा से आने वाली बसें, भोजपुरा जोड़ से होकर अहमदपुर-दोराहा होकर परवलिया-मुबारकपुर से होकर से भोपाल जा आ सकती हैं। – भोपाल से गुना-शिवपुरी-अशोकनगर-बैरसिया होकर जाने वाली यात्री बसें मुबारकपुर-परवलिया-दोराहा-अहमदपुर-भोजपुरा जोड़ से आ-जा सकेंगी। – गुनगा, बैरसिया ईंटखेड़ी क्षेत्र के क्रेशरों व अन्य निर्माण सामग्री लेकर चलने वाले डंपर, ट्रक और सभी व्यावसायी लोडिंग वाहन पूर्ण रूप से प्रतिबंधित रहेंगे। शहर में स्टेशन/एयरपोर्ट के लिए यह रहेगा वैकल्पिक मार्ग     एयरपोर्ट की ओर जाने वाले वाहन भदभदा चौराहा, नीलबड़, रातीबड़, झागरिया रोड से खजूरी बायपास, मुबारकपुर बायपास होकर एयरपोर्ट जा सकेंगे।     भोपाल शहर से मुख्य रेलवे स्टेशन की ओर जाने वाले वाहन रोशनपुरा, लिंक रोड 2, बोर्ड ऑफिस, चेतक ब्रिज से प्रभात चौराहा, 80 फीट रोड होकर प्लेटफॉर्म-1 की तरफ आ सकेंगे। शहर मे आने वाली यात्री बसों का डायवर्सन     सागर, छतरपुर, दमोह, रायसेन, होशंगाबाद, जबलपुर, छिंदवाड़ा और बैतूल की ओर से आने वाली बसें 11 मील, मिसरोद, आरआरएल तिराहा, हबीबगंज नाका, सांची दुग्ध संघ होते हुए आईएसबीटी की ओर आवाजाही करेंगी। आईएसबीटी से आगे यात्री बसों का नादरा बस स्टैंड की ओर प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।     इंदौर से भोपाल आने वाली बसें हलालपुर बस स्टैंड का उपयोग करेंगी। इंदौर और उज्जैन की ओर से आने वाली बसें खजूरी बायपास, बैरागढ़ से हलालपुर बस स्टैंड पर अपनी यात्रा समाप्त करेंगी। हलालपुर बस स्टैंड से आगे लालघाटी की ओर प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।     गुना, राजगढ़ और ब्यावरा की ओर से आने वाली बसें श्यामपुर, परवलिया होते हुए मुबारकपुर बायपास से खजूरी रोड, बैरागढ़ होकर हलालपुर बस स्टैंड की ओर जा सकेंगी।     विदिशा की ओर से आने वाली बसें सूखीसेवानिया, चोपड़ा बायपास से भानपुर रोटरी पर समाप्त होंगी।     बैरसिया की ओर से आने वाली बसें गोलखेड़ी से तारासेवानिया, परवलिया रोड, मुबारकपुर बायपास, खजूरी बायपास से बैरागढ़ हलालपुर बस स्टैंड पर समाप्त होंगी। 1 दिसंबर को भारी एवं अन्य वाहनो के लिए डायवर्सन व्यवस्था     1 दिसंबर रात 10 बजे से भोपाल के सीमावर्ती जिलों से शहर में सभी प्रकार के भारी मालवाहक वाहनों का प्रवेश पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।     इंदौर और सीहोर की ओर से आने वाले भारी मालवाहक वाहन भोपाल में प्रवेश नहीं कर सकेंगे। इन्हें सीहोर जिले की सीमा पर रोका जाएगा या डायवर्ट कर दिया जाएगा।     गुना और राजगढ़ की ओर से आने वाले वाहनों को ब्यावरा पर रोककर श्यामपुर और सीहोर के रास्ते डायवर्ट किया जाएगा।     रायसेन, सलामतपुर और मंडीदीप से आने वाले भारी वाहनों को मंडीदीप और रायसेन सीमा पर रोका जाएगा।     इंदौर की ओर से आने वाले हल्के वाहन, जो होशंगाबाद जाना चाहते हैं, वे सीहोर से झागरिया, भदभदा, डिपो चौराहा, माता मंदिर, लिंक रोड नंबर-2, बीजेपी कार्यालय और मानसरोवर होते हुए मिसरोद रोड की ओर जा सकेंगे।     बैरसिया से भोपाल की ओर आने वाले आम यात्री वाहन गोलखेड़ी, राताताल, तारासेवनिया और परवलिया होते हुए भोपाल में प्रवेश कर सकेंगे।     कार्यक्रम के दौरान मुबारकपुर से पटेल नगर नया बायपास, गांधी नगर से अयोध्या नगर, रतनागिरी, लाम्बाखेड़ा से करोंद, भोपाल टाकीज, रेलवे स्टेशन आदि क्षेत्रों में भारी संख्या में जनसमुदाय के सड़कों पर होने के कारण इन स्थानों पर यातायात को आवश्यकतानुसार परिवर्तित मार्गों पर चलाया जाएगा। इज्तिमा में शिरकत करने वाले वाहनों के लिए मार्ग एवं पार्किंग व्यवस्था     विदिशा की ओर से आने वाले वाहन लाम्बाखेडा बाइपास चौराहा होकर निर्धारित इज्तिमा पार्किंग में वाहन पार्क कर सकेगें।     सीहोर, राजगढ़ की ओर से आने वाले वाहन मुबारकपुर चौराहा से मीना चौराहा बाइपास होकर निर्धारित इज्तिमा पार्किंग में वाहन पार्क कर सकेगें।     भोपाल शहर की ओर से आने वाले वाहन लाम्बाखेडा बाइपास चैराहा होकर निर्धारित इज्तिमा पार्किंग में वाहन पार्क कर सकेगें।     बैरसिया की ओर से आने वाले वाहन गोलखेडी जोड होकर निर्धारित इज्तिमा पार्किंग में वाहन पार्क कर सकेगें। recent visitors 39

CM यादव ने निवेश आकर्षित करने UK में किया रोड-शो, कहा मध्यप्रदेश में देश का सबसे बड़ा लैंड बैंक

लंदन दुनिया भर के उद्योगपतियों को मध्यप्रदेश में निवेश के लिए फरवरी-2025 को भोपाल में हो रही ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में आमंत्रित करने के अभियान पर निकले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यूके (लंदन) के रोड-शो में उद्योगपतियों के इंटरैक्टिव सेशन को संबोधित किया। डॉ. यादव ने देश भर में औद्योगिक विकास में आई तेजी के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के डायनामिक व्यक्तित्व की सराहना की। उन्होंने आमंत्रित उद्योगपतियों को मध्यप्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित करते हुए बताया कि प्रदेश का लैंड बैंक देश के सबसे बड़े लैंड बैंक्स में से एक है। मध्यप्रदेश में निवेश नीतियां स्पष्ट और निवेशकों के लिए अनुकूल हैं। माइनिंग एवं कृषि क्षेत्र में मध्यप्रदेश देश में सबसे आगे है। यूके की राजधानी लंदन में उद्योगपतियों के साथ इंटरैक्टिव सेशन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आपदाओं के बाद भी भारत और यूके के संबंधों में निरंतरता है क्योंकि लोकतंत्र की हमारी साझी विरासत है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भारत में राजनीतिक स्थिरता और तेज विकास के लिए प्रधानमंत्री मोदी के चमत्कारी व्यक्तित्व को आधार बताया। मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि प्रधानमंत्री मोदी ने कोविड की आपदा को कम समय में निपटने की चुनौती में सक्षम भारत प्रमाणित करने का अवसर बना दिया था। उनके नेतृत्व ने न सिर्फ देश को बचाया था, बल्कि पूरी दुनिया को बचाने में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया और विश्व में भारत की साख बनाई। उनकी साफगोई और दृढ़ संकल्प ने देश में औद्योगिक निवेश के लिए माहौल विकसित किया। यूके रोड शो में "इन्वेस्टमेंट अपॉर्च्युनिटीज इन मध्यप्रदेश" विषय पर हुए इन्टरैक्टिव सेशन में उद्योगपतियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि विदेश में निकलने से पहले हमने राज्य की स्थितियों को सुधारा और देश भर के उद्योगपतियों को मध्यप्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित करने का अभियान चलाया। परिणामस्वरूप प्रदेश में हजारों करोड़ का निवेश संभव हुआ। मुख्यमंत्री ने बताया कि स्टील किंग के नाम से जाने जाने वाले उद्योगपति लक्ष्मी मित्तल ने भी मुलाकात के दौरान मध्यप्रदेश में निवेश के खुले अवसरों की सरहाना की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रसन्नता जाहिर करते हुए बताया कि यूके के एक भारतवंशी रीयल एस्टेट कारोबारी ने मध्यप्रदेश में सेमीकंडक्टर चिप उद्योग शुरू करने के लिए 25 हजार करोड़ रुपए निवेश करने की मंशा जाहिर की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यूके के भारतवंशी उद्योगपतियों को मध्यप्रदेश में निवेश करने के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि इससे प्रदेश में रोज़गार की उम्मीदें बढ़ेंगीं, आपका व्यवसाय बढ़ेगा और आप हमेशा के लिए प्रदेश के सहयोगी बनेंगे। मध्यप्रदेश में औद्योगिक निवेश की अपार संभावनाएं- भारत के उच्चायुक्त विक्रम के दोराईस्वामी ने मध्यप्रदेश को औद्योगिक निवेश के अवसरों के लिए आदर्श बताया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए कहा उनके कार्यकाल में भारत व्यापार करने के लिए सबसे बेहतर स्थलों में से एक सिद्ध हुआ है। अब सिर्फ केंद्रीय प्रशासन ही नहीं राज्य भी उद्योग मित्र नीतियां बना रहे हैं। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश ईज-ऑफ-डूइंग बिजिनेस की दृष्टि से देश के टॉप-5 राज्यों में शामिल है। दोराईस्वामी ने कहा कि भूमि की उपलब्धता, सबसे अधिक कृषि विकास दर और उद्योग प्रेरक नीतियों को देखते हुए मध्यप्रदेश औद्योगिक निवेश की सफलता के लिए उम्मीदों से भरपूर है। दोराईस्वामी ने कहा कि मध्यप्रदेश सचमुच देश का हृदय है और यहां निवेश करने पर देश ही नहीं निवेशक दुनिया भर में आसानी से व्यापार का प्रसार कर सकता है। प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश संवर्द्धन राघवेन्द्र कुमार सिंह ने बताया कि मध्यप्रदेश अपनी भौगोलिक, प्राकृतिक और आर्थिक क्षमताओं के चलते निवेश के लिए एक आदर्श स्थल है। प्रदेश में भारत का सबसे बड़ा भूभाग (308 हजार वर्ग किमी), 77.5 हजार वर्ग किमी का विशाल वन क्षेत्र और हीरे, तांबे तथा मैंगनीज अयस्क जैसे खनिज संसाधनों की प्रचुरता है। साथ ही यह देश का दूसरा सबसे बड़ा खाद्यान्न उत्पादक और सबसे बड़ा गेहूं निर्यातक प्रदेश है। प्रदेश पॉवर सरप्लस राज्य है, यहां 31 गीगावाट विद्युत उत्पादन होता है। यहां किफायती दरों पर बिजली आपूर्ति की जाती है। प्रदेश में इन सब आधारभूत सुविधाओं से उद्योग को आसानी से स्थापित और संचालित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश का कुशल मानव संसाधन भी इसकी ताकत है। प्रति वर्ष 2 लाख से अधिक स्नातक और एक सक्षम कार्यबल प्रदेश के औद्योगिक विकास को गति प्रदान करते हैं। प्रदेश की 4600 से अधिक डीपीआईआईटी मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स और 1.4 करोड़ एमएसएमई इकाइयां यह साबित करती हैं कि मध्यप्रदेश में नवाचार और उद्यमिता के लिए अपार संभावनाएं है। इसके अतिरिक्त, औद्योगिक गलियारों, मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक पार्क्स और अंतरराष्ट्रीय हवाई कनेक्टिविटी से मध्यप्रदेश निवेशकों को उत्पादों की निर्बाध आपूर्ति और परिवहन की सुविधा प्रदान करता है। recent visitors 62

आईसीसी टेस्ट रैंकिंग में जसप्रीत बुमराह फिर बने नंबर-1 टेस्ट बॉलर, यशस्वी जायसवाल को भी मिला बंपर फायदा

नई दिल्ली आईसीसी टेस्ट रैंकिंग में भारतीय टीम के स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह को फायदा मिला है और पर्थ टेस्ट मैच में कुल आठ विकेट चटकाने के बाद वह एक बार फिर से नंबर-1 टेस्ट बॉलर बन गए हैं। वहीं टीम इंडिया के युवा सलामी बैटर यशस्वी जायसवाल को भी पर्थ टेस्ट की दूसरी पारी में 161 रनों की यादगार पारी खेलने का इनाम मिला है। जायसवाल आईसीसी टेस्ट बैटर्स की रैंकिंग में दूसरे नंबर पर पहुंच गए हैं। यशस्वी को दो पायदान का फायदा मिला है और अब वह महज जो रूट से पीछे हैं। विराट कोहली ने भी पर्थ की दूसरी पारी में शतक लगाया था और इसका उन्हें रैंकिंग में भयंकर फायदा मिला है। विराट कोहली 9 पायदान की छलांग लगाकर 13वें नंबर पर आ गए हैं। केएल राहुल को भी पर्थ टेस्ट में पचासा ठोकने का फायदा रैंकिंग में मिला है। राहुल 13 पायदान की छलांग लगाकर 49वें पायदान पर पहुंच गए हैं। वहीं ऋषभ पंत छठे नंबर पर बने हुए हैं और वहीं पहला टेस्ट नहीं खेल पाने वाले शुभमन गिल को रैंकिंग में एक पायदान का नुकसान हुआ है। गिल 17वें नंबर पर फिसल गए हैं। वहीं कप्तान रोहित शर्मा भी पहला टेस्ट मैच नहीं खेल पाए थे, उनको रैंकिंग में कोई नुकसान नहीं उठाना पड़ा है। रोहित 26वें पायदान पर बने हुए हैं। गेंदबाजों की टेस्ट रैंकिंग की बात करें तो बुमराह एक बार फिर नंबर-1 टेस्ट गेंदबाज बन गए हैं। पर्थ टेस्ट की पहली पारी में पांच और दूसरी पारी में बुमराह ने तीन विकेट चटकाए थे, जिसके लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच भी चुना गया था। साउथ अफ्रीका के कगीसो रबाडा दूसरे जबकि ऑस्ट्रेलिया के जोश हेजलवुड तीसरे पायदान पर खिसक गए हैं। भारत के आर अश्विन को रैंकिंग में एक स्थान का फायदा मिला है और वह चौथे नंबर पर आ गए हैं, हालांकि अश्विन पर्थ टेस्ट में नहीं खेले थे। रविंद्र जडेजा एक पायदान खिसकर सातवें नंबर पर पहुंच गए हैं। पर्थ टेस्ट में कुल पांच विकेट चटकाने वाले मोहम्मद सिराज को भी रैंकिंग में तीन स्थान का फायदा मिला है और वह 25वें नंबर पर पहुंच गए हैं। recent visitors 176

भोपाल से निवाड़ी जा रहा मंत्री सारंग का काफिला बीना में हुआ दुर्घटनाग्रस्त

बीना  प्रदेश के खेल व युवा कल्याण एवं सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग के काफिले के साथ बीना में हादसा हो गया। काफिले में शामिल कुछ गाड़ियां टकरा गईं। मंत्री सारंग पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की सनातन हिंदू एकता पद यात्रा में शामिल होने भोपाल से निवाड़ी जा रहे थे। गनीमत रही कि इस हादसे में किसी को चोट नहीं आई। हालांकि टक्कर की वजह से एक गाड़ी बेहद क्षतिग्रस्त हो गई, जिस कारण उसे वहीं छोड़ मंत्रीजी का काफिला आगे निवाड़ी की ओर रवाना हो गया। भोपाल से निवाड़ी के लिए निकले थे मंत्री प्राप्त जानकारी अनुसार मंत्री विश्वास सारंग बुधवार सुबह भोपाल से निवाड़ी जाने के लिए निकले थे। उनका काफिला सुबह 8:00 बजे के लगभग बीना से होकर गुजर रहा था। तभी महावीर चौक से थोड़े आगे अचानक एक वाहन उनके काफिले के सामने आ गया। उसे बचाने के चक्कर में चालक ने इमरजेंसी ब्रेक लगाया। सबसे आगे चल रहे वाहन के ब्रेक लगने से पीछे से आ रही गाड़ियां आकर आपस में टकरा गईं। एक गाड़ी ज्यादा क्षतिग्रस्त हुई जिसे मौके पर छोड़ काफिला निवाड़ी की ओर रवाना हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हादसा पीछे की तरफ से आ रही गाड़ियों के साथ हुआ है। हादसे में मंत्री को किसी तरह की चोट नहीं आई है। इस मामले में बीना थाना प्रभारी अनूप यादव से बात करने की कोशिश की गई, लेकिन उनका फोन रिसीव नहीं हुआ। recent visitors 95

भाजपा नेतृत्व कुछ अन्य नामों पर भी विचार कर रही, ओबीसी और मराठा समुदाय से किसी नेता को CM बनाने के विकल्प भी शामिल

मुंबई महाराष्ट्र में भाजपा नेतृत्व वाली महायुति की सरकार के गठन में अभी कुछ समय लग सकता है। भाजपा नेतृत्व में मुख्यमंत्री के नाम को लेकर मंथन जारी है। जैसे ही नाम तय होगा, भाजपा विधायक दल की बैठक बुलाई जाएगी। इसके बाद नई सरकार के गठन का रास्ता साफ हो जाएगा। इस बीच, शिवसेना और एनसीपी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि मुख्यमंत्री के नाम का निर्णय भाजपा नेतृत्व पर छोड़ दिया है। दोनों दलों ने कहा है कि जो भी निर्णय लिया जाएगा वह दोनों घटक दलों के लिए मान्य होगा। महायुति की भारी जीत के बाद भाजपा के पास मुख्यमंत्री पद के लिए पूर्व मुख्यमंत्री और महायुति सरकार में उपमुख्यमंत्री रहे देवेंद्र फडणवीस का नाम प्रमुख रूप से सामने आ रहा है। हालांकि, पार्टी नेतृत्व अभी तक इस पर किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सका है और अटकलें हैं कि भाजपा नेतृत्व कुछ अन्य नामों पर भी विचार कर रहा है। इनमें ओबीसी और मराठा समुदाय से किसी नेता को मुख्यमंत्री बनाने के विकल्प भी शामिल हैं। यह लगभग स्पष्ट है कि मुख्यमंत्री भाजपा का ही होगा, जबकि एनसीपी और शिवसेना से उपमुख्यमंत्री पद पर नेता होंगे। भाजपा के मुख्यमंत्री रहे देवेंद्र फडणवीस पिछली सरकार में उपमुख्यमंत्री रहे थे। अब यह संभावना जताई जा रही है कि नई सरकार में एकनाथ शिंदे को उपमुख्यमंत्री बनाया जा सकता है। हालांकि, इस बारे में अभी तक केंद्रीय स्तर पर औपचारिक विचार-विमर्श नहीं हुआ है। सूत्रों के अनुसार, शिवसेना अपने विधायकों को साधने के लिए एकनाथ शिंदे को राज्य के नेतृत्व में बनाए रखना चाहती है। शिंदे को केंद्र में भेजने से शिवसेना को नुकसान हो सकता है। इसलिए संभावना है कि शिंदे राज्य सरकार में भी शामिल रहें। इसके अलावा, एक फॉर्मूला यह भी चर्चा में है कि शिंदे को केंद्र में भेजा जाए और राज्य में उनके बेटे को उपमुख्यमंत्री बना दिया जाए। अब देखना यह है कि भाजपा और महायुति के अन्य घटक दलों के बीच इस मुद्दे पर अंतिम निर्णय कब और कैसे लिया जाएगा। recent visitors 74