मुख्यमंत्री श्री साय सीएम ट्राफी इंडिया इंटरनेशनल चैलेंज बैडमिंटन स्पर्धा 2024 के समापन समारोह में हुए शामिल

रायपुर  मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के मोवा स्थित आई स्पोर्टज़ बैडमिंटन अरीना में आयोजित सीएम ट्राफी इंडिया इंटरनेशनल चैलेंज बैडमिंटन स्पर्धा 2024 के समापन समारोह में शामिल हुए। मुख्यमंत्री श्री साय ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश की खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। खिलाड़ियों को बेहतर से बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं और बेहतर खेल अधो-संरचनाएं विकसित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने वाले छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी को 3 करोड़ रुपए, रजत पदक विजेता को 2 करोड़ व कांस्य पदक विजेता को एक करोड़ रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी । मुख्यमंत्री श्री साय ने सीएम ट्राफी इंडिया इंटरनेशनल चैलेंज बैडमिंटन स्पर्धा 2024 के समापन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि यह बहुत खुशी की बात है कि छत्तीसगढ़ में बैडमिंटन का यह टूर्नामेंट आयोजित किया जा रहा है, जिसमें 10 देशों के प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं। खेल केवल प्रतिस्पर्धा का माध्यम नहीं है, बल्कि यह एकता, अनुशासन और समर्पण का प्रतीक है। यह युवाओं को सकारात्मक और ऊर्जावान बनाता है। भावनात्मक रूप से मजबूत बनाता है। छत्तीसगढ़ में हम लगातार खेलों को आगे बढ़ा रहे हैं। हमारे राज्य में अनेक प्रतिभावान खिलाड़ी हैं। भारत सरकार की खेलो-इंडिया योजना को भी हम छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में लागू कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब भी मुझे अवसर मिलता है। मैं खिलाड़ियों से बातचीत करके उनकी अपेक्षाओं को जानने समझने का प्रयास करता हूं। उनकी उपलब्धियों के लिए उन्हें प्रोत्साहित करता हूं। कल ही मैंने धमतरी की बैडमिंटन खिलाड़ी रीतिका ध्रुव से वीडियो कॉल पर बात करके राष्ट्रीय स्तर पर उन्हें मिली उपलब्धियों के लिए बधाई दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि रीतिका ने मुझे बताया कि उनके पिता जीवन-यापन के लिए मजदूरी करते हैं और मां आंगनवाड़ी सहायिका हैं। संघर्षों के बावजूद रीतिका ने बैडमिंटन में शानदार प्रदर्शन किया है। मैंने रितिका को आश्वस्त किया कि आप खूब आगे बढ़िये और अपने माता-पिता के साथ-साथ पूरे छत्तीसगढ़ का नाम रोशन करिये। हम आपका पूरा सहयोग करेंगे। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इसी तरह कुछ दिन पहले भी छत्तीसगढ़ की एक पर्वतारोही बिटिया निशा से मैंने फोन पर बात की। निशा पूर्वी-अफ्रीकी देश तंजनिया का किलीमंजारों पर्वत फतह करना चाहती है। वह माउंट एवेरेस्ट भी फतह करना चाहती है। उसके पिता रिक्शा-चालक हैं। मुझे पता चला कि आर्थिक स्थिति कमजोर होने की वजह से वह बेटी पर्वतारोहण के लिए नहीं जा पा रही है। मैंने उसे सरकार की ओर से सभी तरह के सहयोग का भरोसा दिया और कल मैंने पौने चार लाख की राशि निशा बेटी के लिए स्वीकृत कर दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने हमारी सरकार प्रतिबद्ध है। बैडमिंटन के क्षेत्र में खिलाड़ी आगे बढ़ें इसके लिए भी हम सभी सुविधाएं देंगे। मुख्यमंत्री ने मेंस डबल्स विजेता श्री हरिहरन व श्री रुबन कुमार को बधाई दी। उन्होंने सीएम ट्राफी इंडिया इंटरनेशनल चौलेंज बैडमिंटन स्पर्धा 2024 के सभी प्रतिभागियों और आयोजकों को भी बधाई दी। मुख्यमंत्री ने विदेश से आए खिलाड़ियों और उनकी टीम के सभी सदस्यों का छत्तीसगढ़ में स्वागत किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ बैडमिंटन एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री विक्रम सिसोदिया, महासचिव श्री संजय मिश्रा, श्री राकेश शेखर, श्री गौतम महंता सहित बैडमिंटन संघ के पदाधिकारीगण, खिलाड़ी व बड़ी संख्या में खेलप्रेमी उपस्थित थे। recent visitors 145

मुख्यमंत्री निवास में गुरू नानक जी के प्रकाश पर्व पर गुरूग्रंथ साहब जी का सजाया गया दरबार

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के आग्रह पर गुरू नानक जी के 555 वें प्रकाश पर्व पर मुख्यमंत्री निवास में गुरूग्रंथ साहब जी का भव्य दरबार सजाया गया और लंगर की व्यवस्था की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के पगड़ी धारण कर दरबार में प्रवेश करते ही सभी उपस्थित जन ने "जो बोले सो निहाल – सत अकाल" के घोष के साथ पुष्प वर्षा कर उनका स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के लगभग सभी जिलों से आए सिख समुदाय के प्रतिनिधियों से सजी संगत के बीच बैठकर गुरूवाणी के वचनों का आनंद लिया और कीर्तन में सहभागिता की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिख गुरूओं की वाणी अद्भुत है। उन्होंने संगत और पंगत की बात कही। सिख गुरूओं ने विपरित परिस्थितियों में भी महत्वपूर्ण मार्गदर्शन दिया। उन्होंने एक मार्ग तय किया कि परमात्मा के बंदों में हम अंतर नहीं कर सकते। यहां किसी पाखंड की जगह नहीं है। इस देश के लिए सभी समान हैं। यही वेद वाक्य है। चारों वेदों का भी निचोड़ यही है कि हम परमेश्वर की सत्ता पर विश्वास रखें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मैं 10 सिख गुरूओं को प्रणाम करता हूँ। उन्होंने धर्म और आध्यात्म की परम्परा के माध्यम से सनातन संस्कृति बचाई। सिखों का बलिदान कोई भूल नहीं सकता। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पाकिस्तान स्थित गुरू नानक जी की जन्मस्थली के दर्शन के लिए समाधान निकाला। सिख गुरूओं और 4 साहबजादों का त्याग और बलिदान इतिहास का अमिट हिस्सा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा मध्यप्रदेश के स्कूल शिक्षा के पाठ्यक्रम में कक्षा 7वीं में इस शहादत का विस्तृत उल्लेख है। इसी तरह उच्च शिक्षा के स्तर पर सिखों की शहादत पर अनुसंधान कार्य को प्रोत्साहित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज हमारे इतिहास को शिक्षा से जोड़ने की जरूरत है। प्रदेश सरकार सिख समाज के जरूरतमंद व्यक्तियों को रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य करेगी। इसी तरह अरेरा कालोनी भोपाल के गुरूद्वारे से जुड़ी व्यवस्थाओं और अन्य गुरूद्वारों के लिए आवश्यक प्रबंध किए जाएंगे। सांसद वी.डी. शर्मा ने कहा कि यह इस तरह के शानदार कार्यक्रम का प्रथम अवसर है। आज यहां गुरूग्रंथ साहब आसीन हुए। सम्पूर्ण सिख समाज हर्षित है। कार्यक्रम में उज्जैन के सुरेंद्र सिंह अरोरा ने कहा कि प्रदेश में कई ऐतिहासिक गुरूद्वारे हैं जो धरोहर हैं। इनके रख-रखाव के लिए आवश्यक पहल की जाना चाहिए। इंदौर के नरेंद्र सिंह सलूजा ने कहा कि मुख्यमंत्री निवास में सिख बहनों ने अरदास का दायित्व निभाया है। यह एक ऐतिहासिक अवसर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी के हृदय में स्थान बनाया है। सुनेहा बग्गा ने कहा कि सिखों की शहादत की जानकारी शिक्षण संस्थाओं में देने की पहल प्रशंसनीय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव जब उच्च शिक्षा मंत्री थे, तब सिखों की शहादत का विवरण पाठ्यपुस्तकों में जोड़े जाने का कार्य प्रारंभ हुआ। सुरजीत सिंह टुटेजा ने कहा कि आज मुख्यमंत्री निवास में 555 वें प्रकाश महोत्सव का अवसर बहुत विशेष है। मुख्यमंत्री को भेंट की गई कृपाण मुख्यमंत्री निवास में आयोजित प्रकाश पर्व में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का मध्य प्रदेश के सिख समाज की ओर से सम्मान किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को कृपाण भी भेंट की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरु नानक देव जी के 555 वें प्रकाश पर्व पर मुख्यमंत्री निवास में आयोजित कार्यक्रम में राजधानी सहित प्रदेश के विभिन्न स्थानों से आए सिख समाज के प्रतिनिधियों और धर्म प्रेमियों का स्वागत किया। कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री डॉ. यादव अरदास में भी शामिल हुए। इस अवसर पर सिख समाज की बहनों ने विशेष प्रार्थना (अरदास) की रस्म अदा की। कार्यक्रम में पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री श्रीमती कृष्ण गौर, विधायक रामेश्वर शर्मा, पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश पचौरी, प्रदेश के विभिन्न नगरों से आए जनप्रतिनिधियों में पूर्व मंत्री हरदीप सिंह डंग, हरजीत सिंह बब्बू, जसपाल अरोरा, इंदरजीत सिंह खनूजा, सुमित पचौरी एवं राजधानी के विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी, सिख समाज के प्रतिनिधि, गुरूद्वारा प्रबंध समितियों के सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित थे।   recent visitors 157

पहले मोबाइल से प्रश्न पत्र लीक होने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, अब बोर्ड परीक्षा में केंद्राध्यक्ष भी नहीं रख पाएंगे मोबाइल

भोपाल भोपाल मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) की 10वीं व 12वीं की बोर्ड परीक्षा 25 फरवरी, 2025 से शुरू होगी। इस बार प्रश्न पत्र लीक जैसी घटनाओं को रोकने और गड़बड़ी करने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की तैयारी है। केंद्राध्यक्ष, सहायक केंद्राध्यक्ष, पर्यवेक्षक सहित किसी भी स्टाफ के पास मोबाइल पाया गया तो संबंधित थाना क्षेत्र में उनके विरुद्ध प्रकरण दर्ज करवाया जाएगा। ऐसे सख्त प्रविधान के लिए परीक्षा अधिनियम में संशोधन विधेयक विधानसभा के 16 दिसंबर से शुरू होने जा रहे शीतकालीन सत्र में प्रस्तुत किया जाएगा। संशोधित विधेयक में प्रतिबंध के बावजूद केंद्र में मोबाइल ले जाने पर 10 वर्ष तक कैद की सजा का प्रविधान प्रस्तावित किया गया है। इस संशोधन का आधार भारत सरकार के सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम-2024 को बनाया गया है। पहले तीन वर्ष की सजा का प्रविधान था दो वर्ष पहले प्रश्न पत्र लीक होने की घटनाएं सामने आने पर माशिमं की कार्यपालिका समिति ने ऐसा करने वाले के लिए 10 साल कैद की सजा और दस लाख रुपये अर्थदंड का प्रस्ताव बनाया था। दरअसल, मध्य प्रदेश मान्यता प्राप्त परीक्षाएं अधिनियम- 1937 की धारा-3 (डी) में परीक्षा में अनुचित साधन का प्रयोग करने या करवाने वाले के लिए तीन वर्ष के कारावास और पांच हजार रुपये अर्थदंड का प्रविधान है। माशिमं की परीक्षाओं में इसी अधिनियम के तहत कार्रवाई होती है। भारत सरकार के सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम-2024 के नियम जारी होने के बाद अधिनियम में संशोधन का प्रस्ताव तैयार किया गया है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि पहले मोबाइल प्रचलन में नहीं थे इसलिए इनके दुरुपयोग को रोकने संबंधी प्रविधान भी नहीं थे। प्रश्न पत्र के फोटो खींचकर सोशल मीडिया पर किए गए थे वायरल दो साल पहले प्रश्न पत्र लीक मामले में मोबाइल के उपयोग की बात सामने आई थी। पुलिस थाना से प्रश्न पत्र परीक्षा कक्ष तक पहुंचने के दौरान मोबाइल से फोटो खींचकर सोशल मीडिया पर वायरल किया गया था। इसे देखते हुए यह प्रविधान लाया जा रहा है कि केंद्राध्यक्ष, सहायक केंद्राध्यक्ष, पर्यवेक्षक सहित अन्य स्टाफ परीक्षा के समय मोबाइल नहीं रख सकेंगे। माशिमं के सचिव केडी त्रिपाठी के अनुसार यदि ऐसा पाया जाता है तो उन्हें 10 वर्ष तक की कैद की सजा हो सकेगी और जुर्माना भी लगेगा। ऐसे अधिकारी- कर्मचारियों को माशिमं के परीक्षा कार्य से प्रतिबंधित भी कर दिया जाएगा। बता दें, पहले भी परीक्षा केंद्र के अंदर मोबाइल ले जाना प्रतिबंधित था, लेकिन केंद्राध्यक्ष, सहायक केंद्राध्यक्ष, पर्यवेक्षक और स्टाफ इसे लेकर जाते थे। बस परीक्षार्थियों के लिए सख्ती बरती जाती थी। बाहर ही जमा करने होंगे मोबाइल परीक्षा केंद्रों के बाहर लोहे की पेटी रखी जाएगी। इसमें मोबाइल जमा करना होगा। परीक्षा केंद्रों से माशिमं को सूचना देने या परीक्षा की निगरानी करने के लिए मोबाइल के बदले वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। इसमें लैंडलाइन फोन के उपयोग के साथ-साथ पोर्टल भी तैयार किया गया है, ताकि परीक्षा केंद्रों से सूचनाओं का आदान-प्रदान हो सके। इसमें ई-मेल के माध्यम से मंडल का पूरा नियंत्रण और संचालन होगा। साथ ही आफलाइन प्रक्रिया को बंद कर आनलाइन प्रक्रिया अपनाई जाएगी। recent visitors 88

मुख्यमंत्री श्री साय बस्तर को 265 करोड़ 22 लाख की लागत के 115 विकास कार्यों की देंगे सौगात

जगदलपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की बैठक सोमवार 18 नवंबर को चित्रकोट में होगी। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री साय बस्तर को 265 करोड़ 22 लाख की लागत के 115 विकास कार्यों की सौगात देंगे। जिसमें लगभग 138 करोड़ 7 लाख रुपए की लागत वाली 55 विकास कार्यों का लोकार्पण तथा 127 करोड़ 15 लाख 46 हजार लागत राशि के 60 विकास कार्यों का भूमिपूजन करेंगे। लोकार्पण के तहत लोक निर्माण विभाग बस्तर संभाग 1 के द्वारा जगदलपुर बाईपास मार्ग, तोकापाल से करंजी मार्ग, छोटेदेवड़ा से आवराभाटा पाहुरबेल मार्ग, परपा में खनन से प्रत्येक प्रभावित व्यक्तियों हेतु आजिविका संवर्धन एवं प्रशिक्षण केंद्र भवन, स्वामी आत्मानंद स्कूल धरमपुरा व दरभा सहित अन्य विकास कार्य की 78 करोड़ 67 लाख 93 हजार रूपए की लागत से 14 निर्माण कार्य, लोक निर्माण विभाग बस्तर संभाग क्रमांक 2 के द्वारा सोरगांव से जामगांव मार्ग, भैंसगांव ठोटीपारा से अलवाही मार्ग, गुलपुर से गुटीगुडापारा मार्ग, भानपुरी नवीन तहसील कार्यालय सहित 32 करोड़ 46 लाख 94 हजार रूपए की लागत से 13 कार्य, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत भरसागुड़ा से पखनाकोंगेरा ने 5 करोड़ 68 लाख  23 हजार रूपए की लागत से एक वृहद पूर्ण निर्माण कार्य, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग के 79 लाख 79 हजार रूपए की लागत से 02 कार्य, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के 19 करोड़ 94 लाख हजार रूपए की लागत से रेट्रो फिटिंग जल प्रदाय योजना के तहत 23 गांवों में विकास कार्य और स्वास्थ्य विभाग के 50 लाख रूपए की लागत से 2 विकास कार्य का लोकार्पण करेंगे। भूमिपूजन के तहत लोक निर्माण विभाग बस्तर संभाग 1 के द्वारा जगदलपुर चित्रकोट मार्ग का चैड़ीकरण सहित अन्य 3 कार्य की लागत 38 करोड़ 13 लाख 34 हजार रूपए की 4 कार्य, लोक निर्माण विभाग बस्तर संभाग क्रमांक 2 के द्वारा कुम्हराकोट मोंगरापाल मार्ग की लागत 2 करोड़ 29 लाख 20 हजार रूपए की एक कार्य, आदिवासी विकास विभाग के द्वारा 5 आदिवासी बालक छात्रावास भवन 9 करोड़ 57 लाख 55 हजार रूपए की लागत, जल संसाधन विभाग के द्वारा एनीकट और स्टाप डेम हेतु 60 करोड़ 81 लाख 92 हजार रूपए की लागत से 21 कार्य, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के द्वारा महतारी सदन निर्माण हेतु 3 करोड़ 50 लाख 40 हजार रूपए की लागत से 12 कार्य, नगर पालिक निगम के 1 करोड़ 28 लाख 61 हजार रूपए की लागत से 4 कार्य, कृषि विभाग के 30 लाख रूपए की लागत से एक विकास कार्य, स्वास्थ्य विभाग के एक करोड़ 6 लाख रूपए की लागत से 3 विकास कार्य, जिला निर्माण समिति के 10 करोड़ 18 लाख 44 हजार रूपए की लागत से 9 विकास कार्य का भूमिपूजन करेंगे। मुख्यमंत्री इसके अलावा हितग्राहीमूलक योजनाओं के तहत कुल 37 हितग्राहियों को चेक एवं सामग्री का वितरण करेंगे। जिसके तहत पशु चिकित्सा विभाग के 8 हितग्राहियों को राज्य डेयरी उद्यमिता विकास एवं मादा वल्स भरण पोषण योजना के तहत 2 लाख 97 हजार रुपए की अनुदान राशि, उद्यानिकी विभाग के चार हितग्राहियों को राष्ट्रीय बागवानी मिशन के तहत 22 लाख 88 हजार रुपए का राशि, मछली पालन विभाग के 12 हितग्राहियों को नाव-जाल सहायता योजनांतर्गत 1 लाख 20 हजार रुपए की सामग्री, समाज कल्याण विभाग के दिव्यांग विवाह प्रोत्साहन योजना के तहत एक हितग्राही को 1 लाख रुपए प्रोत्साहन राशि और 2 हितग्राहियों को बैटरी चलित ट्रायसायकल, महिला एवं बाल विकास विभाग के द्वारा लघु व्यवसाय हेतु ऋण योजना एवं सक्षम योजनांतर्गत 5 हितग्राहियों को 4 लाख 10 हजार रुपए की राशि का चेक वितरण किया जाएगा। साथ ही श्रम विभाग के श्रमिक कार्ड वितरण योजनांतर्गत 5 हितग्राहियों को सामग्री वितरण किया जाएगा। recent visitors 73

उज्जैन में सिंहस्थ से पहले शिप्रा के लिए 1533 करोड़ रुपए की परियोजनाएं, सीवरेज पानी रोकना बड़ी चुनौती

उज्जैन मोक्षदायिनी शिप्रा नदी को निर्मल एवं अविरल बनाने को बनी जल संसाधन विभाग की इकाई का दावा है कि उज्जैन में साल 2028 में लगने वाले महाकुंभ ‘सिंहस्थ’ से पहले शिप्रा का पानी शुद्ध हो जाएगा। नदी में नालों का दूषित पानी मिलना पूरी तरह बंद होगा। इसकी शुरूआत 919 करोड़ रुपये की कान्ह डायवर्शन क्लोज डक्ट परियोजना को धरातल पर उतारने के साथ कर दी गई है। अगले चरण में 614 करोड़ 53 लाख रुपये की सेवरखेड़ी- सिलारखेड़ी मध्यम सिंचाई परियोजना का टेंडर भी गुरुवार को स्वीकृत कर दिया गया है। 30 महीनों में पूरा करना होगा 468 करोड़ की परियोजना ग्वालियर की फर्म करण डेवलपमेंट प्राइवेट लिमिटेड अगले 30 महीनों में 468 करोड़ से परियोजना को आकार देगी। इसके पहले सरकार जल शुद्धि के लिए 438 करोड़ रुपये की भूमिगत सीवरेज पाइपलाइन परियोजना 1.0 का काम भी शुरू करवा चुकी है और जल्द ही 474 करोड़ की दूसरी सीवरेज पाइपलाइन परियोजना का काम शुरू कराने वाली है। इतना ही नहीं शहर के दो बड़े नालों (भैरवगढ़, पिलियाखाल) का पानी शिप्रा में सीधे मिलने से रोकने को पीलियाखाल में 78 करोड़ रुपये से भैरवगढ़ में 2.4 एमएलडी का ईटीपी (एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट) और पिलियाखाल में 22 एमएलडी का एसटीपी (सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट) लगाने को ठेकेदार चयन की कार्रवाई भी प्रचलन में है।   एक दशक में साढ़े तीन हजार करोड़ से अधिक खर्च किए शिप्रा को निर्मल एवं अविरल बनाने पर बीते एक दशक में साढ़े तीन हजार करोड़ रुपये से अधिक खर्चे जा चुके हैं। सबसे बड़ी शुरूआत 25 फरवरी 2014 को भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने नर्मदा को शिप्रा से जोड़ने के साथ की थी। तब दो नदियों का संगम कराने पर 432 करोड़ रुपए खर्चे थे। तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने कहा था कि नर्मदा-शिप्रा के संगम से पूरे मालवा की धरती समृद्ध होगी। नर्मदा का जल लोगों को पेयजल के साथ सिंचाई, औद्योगिक जरूरतों के लिए भी मिलेगा। उज्जैन के लोगों को नर्मदा का पानी उपलब्ध नहीं इसके बाद महाकुंभ सिंहस्थ और उसके बाद अब तक पेयजल और पर्व स्नान के लिए जरूरत पड़ने पर नर्मदा का जल शिप्रा में छोड़ा जाता रहा। वर्ष 2018 तक केवल प्राकृतिक प्रवाह से ही ये जल छोड़े जाने की सुविधा थी, मगर वर्ष 2019 में 139 करोड़ रुपये ओर खर्च कर पाइपलाइन के माध्यम से नर्मदा का पानी शिप्रा में छोड़ने की व्यवस्था बनाई। खास बात यह है कि सिंचाई और औद्योगिक जरूरत के लिए अभी भी उज्जैन के लोगों को नर्मदा का पानी उपलब्ध नहीं हो पाया है। नालों का पानी शिप्रा में मिलने से रोकने डायवर्शन परियोजना इसके बाद वर्ष 2016 में इंदौर का सीवेज युक्त नालों का पानी शिप्रा में मिलने से रोकने के लिए 95 करोड़ रुपये की कान्ह डायवर्शन परियोजना को धरातल पर उतारा। हालांकि ये योजना पूरी तरह सफल न हो सकी। डायवर्शन पाइपलाइन के बावजूद शिप्रा में बारह माह कान्ह का प्रदूषित पानी मिलता रहा। फिर 2018 में 1856 करोड़ रुपये की नर्मदा- शिप्रा बहुउद्देशीय योजना का शिलान्यास किया, जो अब तक पूरी नहीं हो सकी है। जबकि इसे जनवरी 2022 में पूरा हो जाना था। recent visitors 75

मध्य प्रदेश पुलिस का नया फरमान जारी, अब 1 जनवरी 2025 से पेट्रोल पंप और सुपर बाजारों में नगद पेमेंट पर प्रतिबंध

भोपाल मध्य प्रदेश पुलिस के पेट्रोल पंप और सुपर बाजारों में मिल रही गबन की शिकायतों को देखते हुए यहां नकद भुगतान पर प्रतिबंध लगाया जाएगा। इसकी जगह एक जनवरी 2025 से यहां केवल कैशलेस भुगतान ही लिया जाएगा। मप्र की कई इकाइयों के पेट्रोल पंपों में गबन की घटनाएं सामने आई हैं, जिसका फाेरेंसिक आडिट कराया गया, जिसमें गबन का एक कारण इकाइयों द्वारा नकद लेन-देन करना एवं संव्यवहार का लेखा-जोखा का संधारण न करना पाया गया है। कैशलेस पेमेंट के पॉजिटिव परिणाम भोपाल पुलिस इकाई के पेट्रोल पंप में गत एक मई 2024 से नगद लेन-देन को प्रतिबंधित किया गया है, जिसके सफल परिणाम सामने आए हैं। यह लेन-देन पुलिस कल्याण के पेट्रोल पम्पों, पुलिस गैस रिफिलिंग केंद्रों, एलपीजी गैस, सुपर बाजार, पुलिस परिसरों की साफ-सफाई व्यवस्था एवं अन्य गतिविधियों जिनमें वार्षिक टर्नओवर छह लाख से अधिक है, बंद किया जाएगा। पचमढ़ी पुलिस पेट्रोल पंप को छूट हालांकि पचमढ़ी स्थित पुलिस पेट्रोल पंप को इससे छूट प्रदान की गई क्योंकि वहां मोबाइल इंटरनेट की सुविधा सीमित है। यहां के पेट्रोल पंप में नगद प्राप्ति को बंद नहीं किया जाएगा, लेकिन पेट्रोल पंप से सभी भुगतान चैक, डिजिटल माध्यम से ही किए जाएंगे। वहां के पेट्रोल पंप के नोडल अधिकारी द्वारा दैनिक स्तर पर समीक्षा की जाएगी। पुलिस मुख्यालय की कल्याण शाखा के एडीजीपी अनिल कुमार ने इस संबंध में सभी जिला पुलिस अधीक्षकों एवं सेनानियों को निर्देश जारी किए हैं। recent visitors 68

गंगा और यमुना का संगम, इसकी स्वच्छता की पहरेदारी कर रहे प्रयागराज के 500 ‘गंगा प्रहरी’

प्रयागराज प्रयागराज में गंगा और यमुना का संगम सिर्फ दो नदियों का नहीं बल्कि सनातन धर्म को मानने वाले करोड़ों लोगों की आस्था का भी संगम है। हर साल देश और विदेश से आने वाले लाखों करोड़ों लोग यहां के स्वच्छ और निर्मल जल में आस्था की डुबकी लगाकर सनातन परंपरा का निर्वहन करते हैं। तीर्थों के तीर्थ संगम के प्रति लोगों की यह आस्था यूं ही बनी रहे, इसके लिए 500 गंगा प्रहरी दिन-रात दोनों नदियों की स्वच्छता और निर्मलता को बनाए रखने में जुटे हुए हैं। महाकुंभ 2025 के दौरान जब करोड़ों लोग संगम में पवित्र स्नान करेंगे तब भी यही गंगा प्रहरी नदियों की स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए पहरेदार बनकर खड़े रहेंगे। योगी सरकार इन्हें ट्रेनिंग के साथ ही रोजगार से जोड़कर प्रोत्साहित कर रही है। प्रयागराज में छोटे बड़े करीब 25 घाट हैं। महाकुंभ के दौरान इन सभी घाटों पर आस्था का जनसैलाब उमड़ने वाला है। ऐसे में घाटों के साथ साथ गंगा और यमुना नदी की स्वच्छता को बनाए रखना एक चुनौती होगी। हालांकि, प्रत्येक घाट पर तैनात गंगा प्रहरी इसको लेकर आश्वस्त हैं। वह निरंतर नदियों और घाटों की सफाई में जुट हुए हैं और साथ ही श्रद्धालुओं को भी नदियों की स्वच्छता बनाए रखने के लिए जागरूक कर रहे हैं। प्रत्येक घाट पर 15 से 20 गंगा प्रहरी गंगा और यमुना दोनों ही नदियों की स्वच्छता को बरकरार रखने के लिए दिन रात काम कर रहे हैं। महाकुंभ के दौरान यह शिफ्ट में काम करेंगे। वहीं, पूरे देश से चुनिंदा 200 से अधिक गंगा प्रहरी यहां बुलाए जा रहे हैं, ताकि गंगा और यमुना की स्वच्छता बनाए रखने में जनशक्ति की कमी न हो। प्रयागराज में ‘नमामि गंगे परियोजना’ के तहत वन्य जीव संस्थान के माध्यम से ये गंगा प्रहरी लगातार नदियों और घाटों की स्वच्छता के साथ साथ जलीय जीवों के संरक्षण में जुटे हुए हैं। जलज योजना में असिस्टेंट कॉर्डिनेटर की भूमिका निभा रहे चंद्रा कुमार निषाद के अनुसार, गंगा और यमुना नदियों में लाखों लोग डुबकी लगाते हैं, लेकिन यदि जल स्वच्छ न हो तो उनकी आस्था को ठेस पहुंचती है। हमारी टीम दिन रात घाटों पर स्वच्छता अभियान चलाती है। घाट के साथ साथ नदी में जो अपशिष्ट पदार्थ होते हैं उन्हें भी जाल के माध्यम से निकालकर नदी को स्वच्छ रखने का प्रयास किया जाता है। इसके अतिरिक्त हम श्रद्धालुओं को भी जागरूक करते हैं कि वो घाट और नदी दोनों ही जगह स्वच्छता का ध्यान रखें। इसमें कूड़ा या फूल माला न फेंकें। इसके बावजूद जो लोग फूल या अन्य गंदगी फेंकते हैं तो हम तुरान जाल और अन्य इक्विपमेंट से उठा लेते हैं। उन्होंने बताया कि डबल इंजन की सरकार नदियों की स्वच्छता पर अच्छा काम कर रही है। ‘नमामि गंगे परियोजना’ के तहत जो सबसे अच्छा काम हुआ है वो यह की नदियों की सुरक्षा और स्वच्छता की जिम्मेदारी स्थानीय लोगों को दे दी गई है। जिन लोगों की आय का प्रमुख स्रोत जलीय जीवों का शिकार था, वही अब उनके रक्षक बन गए हैं। इसकी वजह से नदी में कछुओं, डॉल्फिन, मछलियों की संख्या में वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि यदि जलीय जीवों को बचा लिया जाए तो नदी कभी गंदी नहीं होगी, क्योंकि ये जीव नदी को साफ करने का कार्य करते हैं। वन विभाग के आईटी हेड आलोक कुमार पांडेय ने बताया कि योगी सरकार ने स्थानीय लोगों को जलीय जीवों के शिकार के बजाय अन्य आय के स्रोतों से जोड़ने की पहल की है, जिससे जलीय जीवों का संरक्षण सुनिश्चित हुआ है। अर्थ गंगा योजना (जलज योजना) के अंतर्गत स्थानीय महिलाओं को सिलाई, ब्यूटी पार्लर, धूपबत्ती, जूट के थैले बनाने की ट्रेनिंग निशुल्क कराई जा रही है। अब तक 100 से 150 गांवों की 700 से ज्यादा महिलाओं को ट्रेनिंग और रोजगार से जोड़ा गया है। वहीं, पुरुषों को भी गोताखोरी के अतिरिक्त वन्य विभाग से अन्य टास्क दिए जा रहे हैं, जिससे इन्हें आर्थिक सहायता भी मिल रही है। महाकुंभ में इन्हें एक निश्चित मानदेय भी प्रदान किया जाता है। इससे नदियों पर इनकी निर्भरता कम हुई है और अब ये नदियों की सुरक्षा के सारथी बन गए हैं। यही लोग घाटों पर अभियान चलाकर लोगों को गंगा और यमुना की स्वच्छता के लिए जागरूक कर रहे हैं। चंद्रा कुमार निषाद ने बताया कि महाकुंभ के लिए योगी सरकार की ओर से उन्हें ट्रेनिंग दी गई है। स्वच्छ महाकुंभ के साथ ही उनकी टीम लोगों की मदद भी करेगी। लोगों को स्नान कराने के साथ साथ यदि घाट पर कोई खो जाता है तो उसको खोया पाया केंद्र तक पहुंचाया जाएगा। यही नहीं, स्नानार्थियों को घर पर उपलब्ध सेवाओं और सुविधाओं से भी परिचित कराया जाएगा। सुरक्षा कर्मियों के साथ ही हमारी टीम भी घाट पर स्नानार्थियों पर नजर रखेगी और किसी भी आपात स्थिति में लोगों की मदद और उनकी जान बचाने के लिए तत्परता से कार्य करेगी।   recent visitors 72