महाकवि कालिदास की अमर कृतियां मानव तथा प्रकृति के अटूट संबंधों का अनुपम उदाहरण : उप राष्ट्रपति धनखड़

उज्जैन उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कहा है कि अद्भुत प्रतिभा के धनी महाकवि कालिदास की अमर कृतियां मानव तथा प्रकृति के अटूट संबंधों का अनुपम उदाहरण है। महाकवि की रचनाएं देश की अमूल्य सांस्कृतिक धरोहर हैं। अखिल भारतीय कालिदास समारोह के गरिमामय आयोजन द्वारा म.प्र. शासन हमारी संस्कृति एवं विरासत को सहेजने और संरक्षित करने का सराहनीय कार्य कर रहा है। महाकवि कालिदास की रचनाएं हमारे जीवन मूल्यों को सदैव प्रेरित करती रहेंगी। उप राष्ट्रपति धनखड़ मंगलवार को उज्जैन में अखिल भारतीय कालिदास समारोह का शुभारंभ कर मुख्य अतिथि के रुप में संबोधित कर रहे थे। उप राष्ट्रपति धनखड ने 66 वें भव्य अखिल भारतीय कालिदास समारोह का विद्वतजनों की उपस्थिति में गरिमामय शुभारंभ किया। समारोह की अध्यक्षता राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने की। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की समारोह में गरिमामय उपस्थिति रही। इस अवसर पर सारस्वत अतिथि के रुप में राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास अयोध्या के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंददेव गिरीजी महाराज उपस्थित थे। सांसद अनिल फिरोजिया, संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र सिंह लोधी, कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल भी मंचासीन थे। उप राष्ट्रपति धनखड़ ने कहा कि महाकवि कालिदास की अमर कृतियां मानवीय भावों को अद्भुत रूप से प्रदर्शित करती है और मानवीय मूल्य के लिए सदैव प्रेरणा स्रोत है। महाकवि कालिदास की रचनाओं में मानव तथा प्रकृति के बीच अद्भुत एवं अटूट संबंध देखने को मिलता है। महाकवि कालिदास ने अपनी रचनाओं में पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया है जो सदैव प्रासंगिक है। मेघदूतम जैसी उनकी कालजयी रचनाओं से प्रेरणा लेकर हमें अपनी पृथ्वी को बचाना होगा। पर्यावरण-संरक्षण, जलवायु-संरक्षण की दिशा में गंभीरता से प्रयास करने होंगे, क्योंकि रहने के लिए कोई दूसरी पृथ्वी उपलब्ध नहीं है। उप राष्ट्रपति धनखड़ ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि अखिल भारतीय कालिदास समारोह हमारी सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। इस गरिमामय आयोजन के लिए मध्यप्रदेश शासन एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव साधुवाद के पात्र हैं। राज्य शासन द्वारा कला, साहित्य एवं संस्कृति के संरक्षण में उल्लेखनीय योगदान दिया जा रहा है। उप राष्ट्रपति ने देश की सांस्कृतिक धरोहरों को सहेजने का आहवान करते हुए कहा कि हमें अपनी सांस्कृतिक विरासत और धरोहरों को सदैव संभालकर रखना होगा। देश की सांस्कृतिक विरासत अत्यन्त प्राचीन है, हमारी संस्कृति की जड़े अत्यंत गहरी हैं जो जीवन के उद्देश्य को बताती हैं। उप राष्ट्रपति ने अपने उद्बोधन में कुटुंब प्रबंधन पर जोर देते हुए कहा कि कुटुंब प्रबंधन पर ध्यान देने से ही राष्ट्र का भी ध्यान हमारे मन-मस्तिष्क में सदैव रहेगा। अपने बच्चों के चारित्रिक एवं नैतिक विकास के लिए भी सदैव गंभीर रहना होगा। हमारे बच्चे अच्छे नागरिक बने, राष्ट्र निर्माण के साथ अपने कर्तव्यों का पूर्णता से निर्वहन करें। हम सबको मिलकर नागरिक दायित्वों का निर्वहन करना होगा। भारतीयता हमारी पहचान है, राष्ट्र सर्वोपरि है, इसके लिए नागरिक कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए प्रत्येक नागरिक को अपनी आहुति देना होगी। नारी सशक्तिकरण का जिक्र करते हुए उप राष्ट्रपति ने कहा कि महाकवि कालिदास की रचनाएं नारी सशक्तिकरण का महत्वपूर्ण उदाहरण है। उनकी रचना अभिज्ञान शाकुंतलम् को संदर्भ के रूप में देखा जा सकता है। उप राष्ट्रपति धनखड़ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आज देश में प्रत्येक व्यक्ति के पास अपनी प्रतिभा के प्रदर्शन का अवसर है। देश में तकनीक का विकास सारी दुनिया को अचंभित कर रहा है। पर्यावरण-संरक्षण के लिए प्रधानमंत्री द्वारा “एक पेड़ मां के नाम’’ अभियान संचालित किया गया है। यह अभियान वैसी ही क्रांति लाएगा जैसी स्वच्छता के क्षेत्र में आई है। आने वाले वर्ष 2047 में हमारा भारत दुनिया का सिरमौर बनेगा। कार्यक्रम में अखिल भारतीय कालिदास सम्मान से अलंकृत होने वाली प्रतिभाओं को बधाई देते हुए उप राष्ट्रपति ने कहा कि इन प्रतिभाशाली व्यक्तियों के द्वारा हमारी संस्कृति के श्रेष्ठ तत्वों को सहेजने के साथ प्रदर्शित करने का उत्कृष्ट कार्य किया जा रहा है। उप राष्ट्रपति ने अवंतिका नगरी के पौराणिक, आध्यात्मिक, धार्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उज्जैन में भगवान कृष्ण ने सांदीपनि आश्रम में शिक्षा ग्रहण की है। यहां कालिदास और भृतहरि को ज्ञान का प्रकाश मिला है। सम्राट विक्रमादित्य के जग प्रसिद्ध न्याय का आदर्श उदाहरण उज्जैन है। उप राष्ट्रपति ने कहा कि वे स्वयं उज्जैन आकर धन्य हुए हैं। यहां से प्राप्त अद्भुत अनुभव को जीवनभर संजोकर रखेंगे, यहां से एक नवीन ऊर्जा मिली है। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि आध्यात्मिक चेतना के केंद्र उज्जैन में उप राष्ट्रपति धनखड़ का हृदय से स्वागत है। उनकी उपस्थिति ने आयोजन को और अधिक भव्यता प्रदान की है। राज्यपाल ने कहा कि अखिल भारतीय कालिदास समारोह के माध्यम से महाकवि कालिदास की महान रचनाओं तथा सांस्कृतिक विरासत को विश्व पटल पर प्रस्तुत करने का सराहनीय प्रयास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि एक महत्वपूर्ण गौरवशाली परंपरा के रूप में उज्जैन में अखिल भारतीय कालिदास समारोह का आयोजन किया जाता रहा है। आज इस समारोह में विभिन्न क्षेत्रों की जिन प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया है वे बधाई की पात्र हैं। उज्जैन आगमन पर उप राष्ट्रपति का हृदय से स्वागत एवं अभिनंदन है। मुख्यमंत्री डा. यादव ने कहा कि महाकवि कालिदास और विक्रमादित्य की उज्जयैनी नगरी का प्रत्येक काल एवं युग में सदैव अस्तित्व रहा है। कई जन्मों के पुण्य, फलों के बाद हमें यह गौरव मिला है कि यहां आकर कुछ समय बिताएं। उप राष्ट्रपति ने आज अखिल भारतीय कालिदास समारोह का शुभारम्भ कर समारोह के गौरव में अभिवृद्धि की है। हम सबका यह सौभाग्य है कि इस समारोह के आयोजन का अवसर उज्जैन को सदैव मिलता है। मुख्यमंत्री ने समारोह के सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं। समारोह में स्वामी गोविंददेव गिरी ने अपने उद्बोधन में महाकवि कालिदास के व्यक्तित्व एवं कृतित्व का वर्णन करते हुए कहा कि ऐसा कोई अन्य कवि विश्व में नहीं हो सकता जिसकी महाकवि कालिदास से तुलना की जा सके, कालिदास अद्भुत एवं अनुपम है। स्वामीजी ने अपने उद्बोधन में कालिदास की विभिन्न रचनाओं का वर्णन करते हुए महाकवि द्वारा रचित साहित्य को अमूल्य बताया। उप राष्ट्रपति धनखड़ ने दीप प्रज्ज्वलन तथा महाकवि कालिदास के चित्र पर माल्यार्पण कर समारोह का शुभारंभ किया। समारोह में राष्ट्रगान भी हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव … Read more

विजयपुर उपचुनाव में पुलिस कस्टडी में BJP-कांग्रेस प्रत्याशी

विजयपुर  मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले की विजयपुर विधानसभा सीट पर बुधवार सुबह 7 बजे से मतदान शुरु हो चुका है। यहां सुबह 9 बजे तक 17.86 फीसदी वोट डाले जा चुके हैं। इसी कड़ी में भाजपा प्रत्याशी रामनिवास रावत ने अपने गांव सुनवई में वोट डाला, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी मुकेश मल्होत्रा को पुलिस कस्टडी में अपने गांव के मतदान केंद्र पर वोट डालना पड़ा। बताया जा रहा है कि कांग्रेस प्रत्याशी को नजर बंद किया गया है। बता दें कि, श्योपुर पुलिस ने कांग्रेस प्रत्याशी मुकेश मल्होत्रा को नजर बंद कर दिया है। हालांकि, पुलिस की ओर से अबतक इस संबंध में कोई अधिकृत बयान सामने नहीं आया है कि आखिर कांग्रेस प्रत्याशी को पुलिस कस्टडी में क्यों रखा गया है। लूत्रों की मानें तो क्षेत्र में बढ़ रहे तनाव को मद्देनजर रखते हुए ये फैसला लिया गया है। वहीं कांग्रेसियों में इससे आक्रोश देखने को मिल रहा है। उनका कहना है कि अगर स्थिति इतनी ही तनावपूर्ण है तो कांग्रेस प्रत्याशी के साथ भाजपा प्रत्याशी को भी नजरबंद किया जाना चाहिए। ये आयोग का दोहरा चरित्र दर्शाता है। वहीं, दूसरी ओर अंधूपुरा पोलिंग बूथ कुछ मतदाताओं द्वारा शिकायत भी की गई है कि उन्हें मतदान नहीं करने दिया जा रहा। रामनिवास रावत के गृह ग्राम में झड़प भाजपा प्रत्याशी रामनिवास रावत के गृह गांव सुनवई में सुरक्षा कर्मियों और ग्रामीणों के बीच झड़प हो गई। पोलिंग बूथ पर कुछ युवक घुसकर जबरन वोट डालने का प्रयास करने लगे। सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। इसी दौरान उनकी झड़प युवकों समेत ग्रामीणों से हो गई। इससे गांव में तनाव पैदा हो गया। सूचना मिलते ही मौके पर पुलिस और प्रशासन के अफसर भी पहुंचे। शाम 6 बजे तक चलेगा मतदान भाजपा व कांग्रेस के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बन चुकी विजयपुर विधानसभा सीट के लिए बुधवार सुबह 7 बजे से मतदान चल रहा है। हालांकि, शुरुआत में पोलिंग बूथों पर मतदाताओं की कमी देखने को मिली, लेकिन 8 बजे के बाद से मतदाताओं की संख्या में बढ़ोतरी होने लगी। विजयपुर सीट के सभी पोलिंग बूथों पर सुबह 9 बजे तक औसत 17.86 फीसदी वोट डाले जा चुके हैं। इनमें पुरुष मतदाताओं का फीसद 17.47 रहा, जबकि महिला मतदाताओं का फीसद 18.29 है। बता दें कि, शाम 6 बजे तक मतदाता वोटिंग के लिए अपने मतदान केंद्र पहुंच सकते हैं। विजयपुर में पुलिस अलर्ट  विजयपुर विधानसभा सीट के कई मतदान केंद्रों को पुलिस ने अतिसंवेदनशील घोषित किया है, क्योंकि यहां पर बूथ केप्चरिंग की आशंका जताई जा रही है. ऐसे में पुलिस यहां पूरी तरह से अलर्ट नजर आ रही है. कई पोलिंग बूथों से मतदाताओं को मतदान करने से रोकने का आरोप भी लगा है. हालांकि पुलिस ने अब तक सभी जगह आराम से मतदान होने की बात कही है. वहीं इस बीच बीजेपी और कांग्रेस के कार्यकर्ता भी हर एक पोलिंग बूथ पर जमे हुए हैं.  विजयपुर में बीजेपी कांग्रेस में कड़ी टक्कर  दरअसल, विजयपुर विधानसभा सीट पर हो रहे उपचुनाव में बीजेपी और कांग्रेस में कड़ी टक्कर दिख रही है. विजयपुर विधानसभा सीट पर 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को जीत मिली थी, लेकिन कांग्रेस रामनिवास रावत कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हो गए, जिससे यहां उपचुनाव हो रहा है. रामनिवास रावत बीजेपी की तरफ से चुनाव लड़ रहे हैं, जबकि कांग्रेस ने मुकेश मल्होत्रा को प्रत्याशी बनाया है. मुकेश मल्होत्रा ने 2023 का चुनाव निर्दलीय लड़ा था, लेकिन इस बार कांग्रेस ने उन्हें प्रत्याशी बनाया है.  recent visitors 76

लाखों बेटियों को बालिका वधू बनने से बचा रही मुख्यमंत्री लाडली लक्ष्मी योजना

भोपाल मध्यप्रदेश में बाल विवाह (Child Marriage) रोकथाम के लिये कई महत्वपूर्ण कदम उठाये गये हैं. इसमें मुख्यमंत्री लाडली लक्ष्मी योजना (Ladli Laxmi Yojana) की अहम भूमिका है. इस योजना का प्रभाव यह है कि समाज में बेटियों के प्रति नज़रिया बदल रहा है. लोग अब अपनी बेटियों की शिक्षा और कल्याण को प्राथमिकता देने लगे हैं. यह बाल विवाह को रोकने के लिये एक सकारात्मक कदम साबित हो रहा है. राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS-5) के अनुसार वर्ष 2019-21 में मध्यप्रदेश में 20 से 24 वर्ष की महिलाओं में से 18 वर्ष से पहले विवाह की दर 23.1 प्रतिशत थी. यह दर पिछले वर्ष की तुलना में कम हुई है. NFHS-4 में वर्ष 2015-16 के दौरान यह दर 32.4 प्रतिशत थी. लाडली लक्ष्मी योजना से आए ये सकारात्मक बदलाव लाडली लक्ष्मी जैसी योजनाओं के कारण बालिकाओं का स्कूल में अधिक समय तक रहना संभव हुआ है. देर से विवाह के कारण माध्यमिक शिक्षा में नामांकन में वृद्धि हुई है. विवाह और मातृत्व में देरी से, किशोर गर्भावस्था के जोखिमों में कमी आयी है, जो राज्य में मातृ और शिशु स्वास्थ्य में सुधार लाने में सहायक है. प्रदेश में बाल विवाह न हो, इसके लिये योजना में प्रारंभ से ही यह प्रावधान है कि बालिका के 21 वर्ष पूर्ण होने पर दिया जाने वाला लाभ उस स्थिति में देय होगा, जब बालिका का विवाह 18 वर्ष से पहले न हुआ हो. मुख्यमंत्री लाड़ली लक्ष्मी योजना प्रारंभ करने का मुख्य उद्देश्य लिंगानुपात में सुधार, बाल विवाह की रोकथाम, बालिका शिक्षा को प्रोत्साहन और बालिकाओं के प्रति समाज के व्यवहार में परिवर्तन को प्रोत्साहित करना था. योजना में बालिकाओं की शिक्षा सुनिश्चित करने के लिये छात्रवृत्ति के रूप में कक्षा-6वीं में 2 हजार रुपये, कक्षा-9वीं में 4 हजार, कक्षा-11वीं एवं 12वीं में 6-6 हजार की आर्थिक सहायता का प्रावधान है. बालिकाओं की उच्च शिक्षा सुनिश्चित हो सके, इसके लिये 12वीं कक्षा के बाद व्यावसायिक एवं स्नातक पाठ्यक्रम में शिक्षा प्राप्त करने के लिये 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दिये जाने का प्रावधान है. recent visitors 128

रिलायंस बायोगैस प्लांट आंध्र प्रदेश में लगाएगी, 65 हजार करोड़ रुपये का निवेश करेगी

नई दिल्ली  देश के सबसे अमीर और रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी गुजरात के बाहर बायोगैस प्लांट लगाने जा रहे हैं। रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) अगले पांच वर्षों में 500 कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट (सीबीजी) लगाएगी। इसके लिए कंपनी 65 हजार करोड़ रुपये का निवेश करेगी। इकनॉमिक टाइम्स के अनुसार रिलायंस ये बायोगैस प्लांट आंध्र प्रदेश में लगाएगी। क्लीन एनर्जी पहल के तहत गुजरात के बाहर कंपनी की ओर से किया गया यह सबसे बड़ा निवेश होगा। इस योजना को मुंबई में अनंत अंबानी और आंध्र प्रदेश के आईटी मंत्री नारा लोकेश के बीच अंतिम रूप दिया गया। अनंत अंबानी आरआईएल की स्वच्छ ऊर्जा पहल के प्रमुख हैं। विजयवाड़ा में मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू की मौजूदगी में आरआईएल और आंध्र प्रदेश उद्योग विभाग के बीच एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। लाखों लोगों को मिलेगा रोजगार इस मामले से अवगत लोगों ने बताया कि प्रत्येक प्लांट में 130 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा और इन्हें राज्य की बंजर भूमि पर बनाया जाएगा। राज्य सरकार के अनुमान के अनुसार इन प्लांट से 2.50 लाख लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलने की उम्मीद है। बायोफ्यूल प्रोजेक्ट्स के लिए प्रोत्साहन आंध्र प्रदेश सरकार ने राज्य की हाल ही में अधिसूचित इंटीग्रेटेड क्लीन एनर्जी पॉलिसी के तहत बायोफ्यूल प्रोजेक्ट्स के लिए प्रोत्साहन शुरू किए हैं। इसमें पांच साल के लिए CBG प्लांट पर निश्चित पूंजी निवेश पर 20% की सब्सिडी के साथ-साथ पांच साल के लिए राज्य माल और सेवा कर (SGST) और बिजली शुल्क की पूरी प्रतिपूर्ति शामिल है। 'नौकरियां पैदा करना प्रमुख लक्ष्य' मंत्री नारा लोकेश ने कहा, 'नौकरियां पैदा करना हमारा प्रमुख लक्ष्य है। इसके लिए हम निवेशकों को आकर्षित करने और रोजगार सृजन के लिए अपनी इंटीग्रेटेड क्लीन एनर्जी पॉलिसी में कई प्रोत्साहन लेकर आए हैं। रिलायंस ने पहले ही आंध्र प्रदेश में व्यापक निवेश किया है और हम उन्हें आगे भी निवेश करने के लिए उत्सुक हैं।' किसानों की बढ़ेगी इनकम एक सरकारी अधिकारी ने कहा, 'अनुमानों से पता चलता है कि किसान सालाना 30 हजार रुपये प्रति एकड़ की दर से अपनी इनकम बढ़ाने में सक्षम होंगे।' साथ ही, कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट का मतलब राज्य के लिए कई वित्तीय और गैर-वित्तीय लाभ होंगे। शुरुआती अनुमानों में एसजीएसटी कलेक्शन, बिजली शुल्क और 25 वर्षों में रोजगार के कारण टैक्स के माध्यम से 500 संयंत्रों के लिए इसे 57,650 करोड़ रुपये बताया गया है। recent visitors 130

MP में जनवरी से एक लाख पदों पर भर्ती, मुख्य सचिव अनुराग जैन ने विभागों से मांगी जानकारी

 भोपाल  प्रदेश में एक लाख सरकारी पदों पर भर्ती की प्रक्रिया जनवरी 2025 से प्रारंभ होगी। मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने सभी मंत्रियों को स्वयं इस कार्य को देखने और समय सीमा के भीतर प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए कहा है तो मुख्य सचिव अनुराग जैन ने सभी विभागों से रिक्त पदों की जानकारी मांगी है। प्रदेश में इस समय लगभग सात लाख नियमित कर्मचारी हैं। रिक्त पदों की पूर्ति नहीं होने के कारण विभाग आउटसोर्स या फिर संविदा कर्मचारियों से काम चला रहे हैं। इससे काम की गुणवत्ता भी प्रभावित हो रही है। इसे देखते हुए मुख्यमंत्री ने रिक्त पदों को प्राथमिकता से भरने का निर्णय लिया है। रिक्त पदों की मांगी गई जानकारी मुख्य सचिव कार्यालय ने सभी विभागों को पत्र जारी कर 2024 में रिक्त पदों की जानकारी मांगी है। साथ ही यह भी पूछा है कि अगस्त 2022 तक किस श्रेणी के कितने पदों की भर्ती की गई। परिणाम इनके जारी हुए या नहीं और चयनित अभ्यर्थियों ने पदभार ग्रहण किया है या नहीं। 31 मार्च 2025 तक कितने पद किस संवर्ग के रिक्त हो जाएंगे।वित्त विभाग को प्रस्ताव भेजकर भर्ती के लिए कब स्वीकृति ली गई। लक्ष्य है कि साल 2025 के अंत तक नियुक्तियाँ प्रारंभ हो जाए रिपोर्ट के मुताबिक मुख्य सचिव ने सभी विभागों से यह जानकारी भी साझा करने को कहा है कि गत 31 मार्च 2024 तक कितने पद के संबद्ध के रिक्त हो जाएंगे और वित्त विभाग को प्रस्ताव भेज कर भर्ती के लिए कब स्वीकृति ली गई. मालूम हो, जनवरी से ही भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की प्लानिंग की गई है ,लक्ष्य है कि साल 2025 के अंत तक नियुक्तियाँ प्रारंभ हो जाए. उधर, भर्ती प्रक्रिया को लेकर मुख्य सचिव राज्य लोक सेवा आयोग और कर्मचारी चयन मंडल के अधिकारियों के साथ बैठक भी कर चुके हैं। सूत्रों का कहना है कि सरकार जनवरी से भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ कर देगी और। लक्ष्य यह है कि वर्ष 2025 के अंत तक नियुक्तियां प्रारंभ हो जाएं। बजट 2025-26 में किया जाएगा प्रावधान इधर, जानकारी सामने आ रही है कि साल 2025-26 के बजट की प्रक्रिया भी शुरु हो गई है। इसमें कर्मचारियों के वेतन-भत्ते के लिए प्रावधान किया जाएगा। एक लाख पदों की भर्ती के हिसाब से बजट का प्रावधान रखा जाएगा। recent visitors 77

मध्य प्रदेश विधानसभा उपचुनाव 2024: बुधनी और विजयपुर में आज मतदान, दोनों ही दलों ने झोंकी ताकत

बुधनी / विजयपुर मध्यप्रदेश के दो विधानसभा क्षेत्रों बुधनी और विजयपुर में हो रहे उपचुनाव के तहत कल मतदान होगा, जिसके लिए निर्वाचन आयोग ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं।मध्यप्रदेश मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी की ओर से सोशल मीडिया पर दी गई जानकारी के अनुसार बुधनी विधानसभा उप निर्वाचन के लिए एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, बांसापुर से आज सुबह मतदान दलों को निर्वाचन सामग्री का वितरण किया गया। वहीं विजयपुर के लिए शासकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज श्योपुर से मतदान दलों को निर्वाचन सामग्री का वितरण हुआ। दोनों निर्वाचन क्षेत्रों में कल सुबह सात बजे से शाम पांच बजे के बीच मतदान होगा। 23 नवंबर को मतों की गणना होगी। श्योपुर जिले की विजयपुर विधानसभा उपचुनाव में मतदान शुरू,  वहीं प्रशासन की ओर से मतदान के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। 327 मतदान केंद्रों की होगी लाइव स्ट्रीमिंग इस बार सभी 327 मतदान केंद्र कैमरों की निगरानी में रहेंगे और वेबकास्टिंग के माध्यम से कंट्रोल कमांड सेंटर पर लाइव स्ट्रीमिंग होगी। वहीं क्रिटिकल मतदान केंद्रों पर सशस्त्र बल तैनात रहेगा, साथ ही सुरक्षा के लिए पूरे क्षेत्र में 2 हजार सुरक्षाकर्मी तैनात रहेंगे। 327 केंद्रों पर 2 लाख 54 हजार मतदाता मतदान करेेगे। चुनाव की तैयारियों को लेकर सोमवार को कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी किशोर कुमार कन्याल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जिसमें प्रेक्षक संजीव गडकर और पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन भी मौजूद रहे। शांतिपूर्ण मतदान के लिए सभी व्यवस्थाएं पूरी-कलेक्टर प्रेस कॉन्फ्रेंस में कलेक्टर कन्याल ने बताया कि विजयपुर विधानसभा में निर्विघ्न, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण मतदान के लिए सभी व्यवस्थाएं पूर्ण कर ली गई है। उन्होंने कहा कि निर्वाचन के दौरान विघ्न फैलाने वाले अराजक तत्वों पर कड़ी कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने बताया कि विधानसभा में 164 मतदान केंद्र क्रिटिकल के रूप में चिन्हित किए गए हैं। क्रिटिकल सहित सभी केदं्रों की वेबकास्टिंग होगी। 8 मतदान केंद्र शेडो एरिया (मोबाइल नेटवर्क विहीन) में है, यहां वायरलेस सिस्टम लगाए गए हैं। मतदान केन्द्रों पर सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध सुनिश्चित किए गए हैं, किसी भी स्थिति में सेक्टर अधिकारी 15 मिनट से कम समय में मतदान केंद्र पर रेस्पोंड करेंगे। कुल 44 सेक्टर अधिकारी और 16 कार्यपालिक मजिस्ट्रेट बनाए गए हैं। सुरक्षा व्यवस्था के लिए तैनात होंगे 2 हजार जवान-एसपी प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन ने बताया कि सभी मतदान केन्द्रों पर सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए हैं। चिन्हित मतदान केन्द्रों पर आम्र्ड फोर्स तैनात किया जाएगा। इसके लिए केंद्रीय सशस्त्र सुरक्षा बलों की 5 कंपनी, एसएएफ की 7 कंपनियां मिली है। वहीं जिला पुलिस बल के 650 जवान तैनात रहेंगे। अन्य जिलों से पुलिस के 250 जवान और होमगार्ड के 100 जवान मिले हैं। साथ ही 300 विशेष पुलिस अधिकारी भी नियुक्त किए जा रहे हैं। 47 सेक्टर पुलिस मोबाइल बनाई गई है, जो हर 5-6 मतदान केन्द्रों को कवर करेंगी। 27 क्यूआरटी टीमें भी मतदान दिवस पर तैनात रहेंगी। सुरक्षा व्यवस्था के लिए लगभग 2 हजार सुरक्षाकर्मी तैनात होंगे। वहीं श्योपुर जिले के विजयपुर में मुख्य तौर पर भाजपा प्रत्याशी रामनिवास रावत और कांग्रेस के मुकेश मल्होत्रा चुनावी मैदान में हैं। इन दोनों समेत यहां से कुल 11 प्रत्याशी चुनावी समर में उतरे हैं। विजयपुर में मतदाताओं की संख्या दो लाख 54 हजार 817 है। दोनों विधानसभा क्षेत्रों पर कल शाम छह बजे चुनाव प्रचार थम गया, जिसके बाद अब प्रत्याशी केवल घर-घर जाकर संपर्क कर रहे हैं। प्रचार के अंतिम दिन बुधनी में जहां केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मोर्चा स्वयं संभाला, वहीं विजयपुर में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी भी लगातार मतदाताओं के बीच पहुंचने में जुटे रहे। वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में विजयपुर सीट से कांग्रेस के रामनिवास रावत जीते थे। लोकसभा चुनाव के दौरान उन्होंने कांग्रेस से इस्तीफा देकर भाजपा का दामन थाम लिया। उन्हें इसके बाद राज्य में वन मंत्री बनाया गया। कुछ समय बाद उन्होंने विधानसभा से भी त्यागपत्र दे दिया। इसके बाद विजयपुर विधानसभा सीट खाली हो गई और यहां उपचुनाव कराना पड़ा। वहीं बुधनी से 2023 का विधानसभा चुनाव राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जीते थे। बाद में लोकसभा चुनाव के दौरान पार्टी ने उन्हें विदिशा से सांसद पद का टिकट दिया, जिस पर जीत हासिल करने के बाद उन्हें केंद्र में मंत्री बनाया गया। इसके चलते उन्होंने बुधनी विधानसभा से इस्तीफा दे दिया। recent visitors 103

इंदौर संभाग में शामिल रहे जिलों को निमाड़ संभाग का तमगा मिलने वाला है, तैयारी तेज

भोपाल प्रदेश के मौजूदा 10 संभागों की संख्या में बढ़ोतरी की तैयारी तेज हो गई है। इस कवायद में प्रदेश के अंतिम छोर तक बसे जिलों को एक नई पहचान देने के प्रयास किए जा रहे हैं। मिर्ची, कपास और गन्ने की खेती के लिए प्रसिद्ध इस इलाके में बड़ी पर्वत शृंखला भी मौजूद है। अब तक इंदौर संभाग में शामिल रहे इन जिलों को निमाड़ संभाग का तमगा मिलने वाला है। प्रदेश में एक नया संभाग बढ़ाने की कवायद शुरू हो चुकी है। नए सिरे से किए जा रहे जिला सीमाओं के सीमांकन के दौरान अब निमाड़ को भी नया संभाग बनाने की तैयारी की जा रही है। जानकारी के मुताबिक, इस नए संभाग में खंडवा, खरगोन, बुरहानपुर और बड़वानी जिलों को शामिल किया जाएगा। अब तक इंदौर संभाग में शामिल इन जिलों की संभागीय मुख्यालय से दूरी अधिक होने के चलते नया संभाग गठित किया जा रहा है। निमाड़ कई मामलों में प्रसिद्ध पश्चिम और दक्षिण क्षेत्रों में बंटे निमाड़ की जमीन बहुत उपजाऊ मानी जाती है। यह क्षेत्र खासकर कपास, गन्ना और मिर्च उत्पाद के लिए पूरे प्रदेश ही नहीं बल्कि देशभर में ख्याति रखता है। इसके अलावा इस क्षेत्र की पर्वत शृंखला भी देशभर में पहचानी जाती है। पीथमपुर होगा इंदौर का धार जिले में शामिल लेकिन मुख्यालय से करीब 55 किलोमीटर दूर स्थित पीथमपुर को अब नई पहचान इंदौर जिले का हिस्से का होने की मिलने वाली है। औद्योगिक क्षेत्र में मौजूद बड़ी फैक्ट्रियों का फायदा पिछड़े जिले धार को देने की शुरुआती मंशा रही, लेकिन रेलवे, वायुयान से लेकर शहरी सुविधाओं की वजह से कॉरपोरेट को हमेशा इंदौर ही पसंद रहा। इसके अलावा कर्मचारियों, अधिकारियों और मजदूरों को भी इंदौर से पीथमपुर आवाजाही आसान रही है, उसके चलते इस औद्योगिक क्षेत्र का फायदा अब तक धार की बजाए इंदौर को ही मिलता रहा है। नए बदलाव के दौरान अब पीथमपुर, इंदौर जिले का हिस्सा बन जाएगा। बुधनी और सांची की दिक्कतें दूर जिला मुख्यालय से दूरी के साथ मौजूद कुछ नगर अब पड़ोसी जिले में शामिल होने वाले हैं। कई किलोमीटर दूर सीहोर जिले में शामिल बुदनी अब नई व्यवस्था में नर्मदापुरम के साथ दिखाई देगा। इसी तरह सांची को भी रायसेन से हटाकर विदिशा जिले में शामिल किया जाएगा। गौरतलब है कि यह दोनों नगर अपनी मौजूदगी से महज चंद किलोमीटर दूर स्थित जिला मुख्यालय की बजाए दूरस्थ जिलों में शामिल हैं। जिसके चलते जरूरी कामों के लिए लोगों लंबी दूरी की यात्रा करना पड़ती है। बनेंगे नए जिले मप्र स्थापना के समय कुल 48 जिलों का साथ रखने वाले प्रदेश में अब कुल 55 जिले हो चुके हैं। अब नए सिरे से किए जा रहे सीमांकन के साथ इस संख्या में कुछ नए जिलों का समावेश होने वाला है। इनमें विदिशा जिले से कटकर सिरोंज नया जिला बनाया जाएगा। नर्मदापुरम में शामिल पिपरिया भी अब नया जिला बनने वाला है। इसी तरह सागर जिले में शामिल बीना भी नए जिले का आकार लेगा। बदलाव यह भी होंगे     सतना की चित्रकूट बनेगी नई तहसील।     बैतूल का मुलताई होगा पांढुर्णा में शामिल।     धार जिले का कुक्षी होगा बड़वानी जिले में शामिल।     जबलपुर संभाग का नरसिंहपुर होगा नर्मदापुरम में शामिल।     जबलपुर संभाग का डिंडोरी जिला होगा शहडोल में शामिल।   recent visitors 64