सीएम ने कहा- MP में सरकारी कर्मचारियों को दिवाली का तोहफा, 28 तक खातों में आ जाएगी सैलरी

भोपाल मध्यप्रदेश के सरकारी कर्मचारियों को सरकार दिवाली का तोहफा देने जा रही है। सीएम मोहन यादव ने सोशल मीडियो प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर बड़ा ऐलान किया है। दिवाली के चलते इस बार सरकारी कर्मचारियों को वेतन जल्दी मिल जाएगा। इस बार कर्मचारियो के खाते में 28 अक्टूबर को ही वेतन आ जाएगा। बता दें इस बार 31 अक्टूबर को दीपावली मनाई जा रही है। इसी के चलते सीएम ने ये घोषणा की है। दीपावली पर्व को दृष्टिगत रखते हुए प्रदेश के सभी शासकीय सेवकों के 1 नवम्बर को देय अक्टूबर माह का वेतन 28 अक्टूबर की स्थिति में आहरण करने हेतु संबंधित सभी विभागों को आदेशित किया है। सीएम मोहन यादव ने दीपावली पर्व की अग्रिम शुभकामनाएं देते हुए सोशल मीडियो प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि, "दीपावली पर्व को दृष्टिगत रखते हुए प्रदेश के सभी शासकीय सेवकों के 1 नवम्बर को दिया जानें वाला अक्टूबर माह का वेतन 28 अक्टूबर की स्थिति में आहरण करने हेतु संबंधित सभी विभागों को आदेशित किया है। समस्त शासकीय सेवकों को त्यौहार पूर्व वेतन भुगतान होने से निश्चित ही दीपोत्सव अधिक आनंददायक होगा, मेरी ओर से दीपावली पर्व की अग्रिम शुभकामनाएं।" recent visitors 92

ठेकेदार पर अनदेखी का आरोप, छत्तीसगढ़-भिलाई इस्पात संयत्र प्रबंधन और निर्माणाधीन कंपनी के खिलाफ उतरे 500 मजदूर

बालोद. जिले के लौहनगरी के नाम से पहचान बनाने वाले दल्लीराजहरा में भिलाई इस्पात संयत्र अंतर्गत नवनिर्मित पैलेट एंड पावर प्लांट के मजदूरों ने बीएसपी प्रबंधन और निर्माणाधीन कंपनी जगन्नाथ पैलेट एंड पावर के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। वहीं मजदूर निर्माण कार्य को बंदकर प्लांट के सामने धरने पर बैठ गए हैं। पूरे मामले को लेकर आंदोलन कर रहे मजदूरों कि मानें तो जगन्नाथ पैलेट प्लांट कम्पनी के प्रबंधन द्वारा लगातार मजदूरों का शोषण किया जा रहा है। मजदूरों को श्रम कानून के तहत निर्धारित छह घंटे के बजाय आठ घंटे काम लिया जाता है। यही नहीं कंपनी द्वारा यहां काम कर रहे मजदूरों के सुरक्षा को लेकर किसी तरह का ध्यान नहीं दिया जा रहा है और इसी के चलते बीते दिनों दो मजदूर लोमेश्वर मसीह एवं योगेश बारेझर करीब 60 फ़ीट की ऊंचाई पर काम करते समय नीचे गिरने से गंभीर रूप से घायल हो गए। जिसके बाद भी प्रबंधन द्वारा घायल मजदूरों को समुचित इलाज सुविधा उपलब्ध नही करने के चलते मजदूरों द्वारा अपने साथियों का इलाज दल्लीराजहरा के एक निजी अस्पताल में कराया जा रहा है। मजदूर सुरेंद्र कुमार बंसोड़े ने बताया कि एक मजदूर का हड्डी टूट गया है, और एक का पैर के घुटने की हड्डी टूट गई है। तहसीलदार, टीआई भी धमकी देकर गए है। न ही प्रशासन और न ही बीएसपी मैनेजमेंट मजदूरो का साथ दे रहा हैं। सेफ्टी रूल्स रेगुलेशन की अनदेखी संबंधित ठेकेदार के द्वारा सेफ्टी रूल्स रेगुलेशन की अनदेखी की जा रही है, सुरक्षा मानकों के नाम पर सिर्फ मजदूरो की जिंदगी से खिलवाड़ किया जा रहा हैं, जिसमें बीएसपी प्रबंधन भी कोई हस्तक्षेप नहीं कर रहा है और न किसी प्रकार की कार्यवाही। यहां यह कहना गलत नहीं होगा कि बीएसपी प्रबंधन की ठेकेदार से मिलीभगत हैं। बिना सेफ्टी बेल्ट के मजदूर ऊंचाई पर काम कर रहे हैं। जिसके कारण इस तरह के हादसे हो रहे हैं। करोड़ों की लागत से बन रहे प्लांट में काम कर रहे मजूदरों की सुरक्षा का जिम्मा ठेकेदार व बीएसपी प्रबंधन का है। लेकिन उन्हें मजदूरों की सुरक्षा से कोई लेना-देना नहीं है। इतने दिनों से माइंस के अंदर काम कर रहे किसी भी मजदूर का गेट पास नहीं बनाया गया है। कलेक्ट्रेट जनदर्शन में ग्रामीण मजदूर कर चुके हैं शिकायत आपको बता दे एक माह पूर्व ही इस कंपनी में कार्यरत क्षेत्र मजदूर के जिसमे धोबेदंड के आश्रित ग्राम कोडेकसा, झीकाटोला, दर्रेकसा और कुंजामटोला के ग्रामीणों ने बालोद कलेक्ट्रेट में कम्पनी प्रबंधन के खिलाफ शिकायत किया था। जिसमे कम्पनी पर यहां काम कर रहे ग्रामीण मजदूरों को गेट पास ट्रेनिंग उपलब्ध नही करने की शिकायत की गई थी। जिसके चलते इन मजदूरों को समुचित सुविधा नही मिल पा रही हैं। वही हाल ही में हुए हादसे ने मजदूरों के शिकायत पर मुहर लगा दी। वही मामले को लेकर जब मीडिया द्वारा कम्पनी के प्रबंधक से बात करने का प्रयास किया तो प्रबंधक ने मीडिया से मिलने से ही मना कर दिया गया। बहरहाल मजदूरों का यह आंदोलन आगे क्या रुख इख्तियार करती है, यह देखना होगा। बीएसपी के अफसरों को देखने तक की फुर्सत नहीं कार्यरत ग्रामीण मजदूरो को सुरक्षा ट्रेनिंग नहीं दी गई हैं। ए-फार्म रजिस्ट्रेशन नहीं किया गया है। मजदूरों से 8 की जगह 12 घंटे काम लिया जा रहा है। इस दौरान बीएसपी प्रबंधन का अड़ियल रवैय्या सामने आया है। और यह आज की बात नहीं है, बीएसपी प्रबंधन के द्वारा लगातार मजदूरों का शोषण किया जा रहा है। मजदूरों को दी जाने वाली सुविधाएं से उन्हें वंचित किया जा रहा है। बीएसपी प्रबंधन ठेकेदारों से मिलीभगत कर मजदूरो का अहित में करने में लगा हुआ है। इस दौरान भारतीय मजदूर संघ के अध्यक्ष मुश्ताक अहमद ने कहा है कि ठेकेदार मनमानी कर रहा है, 60 फीट ऊंचाई में मजदूर बिना सेफ्टी बेल्ट लगाए काम कर रहे है। इसे देखने बीएसपी के अधिकारियों को फुर्सत नहीं है। मनमानी के विरोध में 500 मजदूर धरने पर बैठ गए ठेकेदार की मनमानी व अधिकारियों की अनदेखी के चलते विरोध में गुरुवार से लगभग 400 मजदूर धरने पर बैठ गए। यह सिलसिला शनिवार तक अनवरत जारी रहा। मजदूर सुरेंद्र कुमार हंसर, नमन बंसोड़े, विकास कुमार साहू का कहना है कि मजदूरों की सुरक्षा को लेकर ठेकेदार ध्यान नहीं दे रहा है। सुरक्षा ट्रेनिंग नहीं कराया गया है। वेतन भुगतान कर मस्टर रोल में हस्ताक्षर नहीं कराया जाता है। मजदूरो की माने तो जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होगी, तब तक धरना समाप्त नहीं किया जाएगा। मजदूरो ने आगे बताया कि उन्हें धोखे में रखकर काम करवाया जा रहा है, प्लांट बता फैक्ट्री का निर्माण किया जा रहा है। न आज तलक रजिस्ट्रेशन हुआ है। recent visitors 76

बिहार में सितंबर में खुदरा महंगाई की दर 7.5 फीसदी रही जो 5.5 फीसदी के राष्ट्रीय औसत से कहीं ज्यादा

नई दिल्ली  बिहार में सितंबर में लगातार तीसरे महीने सबसे ज्यादा महंगाई देखने को मिली। राज्य में सितंबर में खुदरा महंगाई की दर 7.5 फीसदी रही जो 5.5 फीसदी के राष्ट्रीय औसत से कहीं ज्यादा है। बिहार के बाद छत्तीसगढ़ (7.4%) दूसरे, उत्तर प्रदेश (6.7%) तीसरे, ओडिशा (6.6%) चौथे और हरियाणा (6.2%) पांचवें नंबर पर रहे। ताजा आंकड़ों के मुताबिक खुदरा महंगाई सितंबर में 5.5 फीसदी रही जो इसका नौ महीने का उच्चतम स्तर है। खानेपीने की चीजों खासकर सब्जियों, खाद्य तेल और दालों की कीमत में तेजी से खुदरा मंहगाई बढ़ी है। आंकड़ों के मुताबिक सितंबर में सबसे कम महंगाई दिल्ली में रही। यहां खुदरा महंगाई की दर 3.7 फीसदी रही। पश्चिम बंगाल (4.3%) दूसरे, तेलंगाना (4.4%) तीसरे, हिमाचल (4.6%) चौथे और उत्तराखंड (4.7%) पांचवें नंबर पर रहे। ग्रामीण इलाकों में खुदरा महंगाई की बात करें तो इसमें छत्तीसगढ़ (8%) पहले, उत्तर प्रदेश (7.6%) दूसरे और बिहार (7.6%) तीसरे नंबर पर है। शहरी इलाकों में खुदरा महंगाई के मामले में बिहार (7.1%) पहले नंबर पर है। ब्याज दरों में कटौती 2023-24 के इकनॉमिक सर्वे के मुताबिक ग्रामीण इलाकों में कंजम्पशन बास्केट में फूड आइटम्स् का वेटेज 47.3 फीसदी है जबकि शहरी इलाकों में यह 29.6 फीसदी है। इस महंगाई को देखते हुए जानकारों का कहना है कि आरबीआई ब्याज दरों में कटौती को फिलहाल टाल सकता है। आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने भी संकेत दिया है कि दिसंबर में होने वाली एमपीसी बैठक में ब्याज दरों में कटौती की संभावना नहीं है। अगर नीतिगत दरों में कटौती नहीं होती है तो लोन पर भी ब्याज नीचे नहीं आएगा। दास ने कहा कि वर्तमान स्थिति में ब्याज दरों में कटौती जल्दबाजी और बहुत जोखिम भरी होगी क्योंकि खुदरा महंगाई अभी भी ऊंचे स्तर पर है। उन्होंने यह भी बताया कि भविष्य की मौद्रिक नीतियों का निर्धारण आय और अन्य आर्थिक आंकड़ों पर निर्भर करेगा। महीने की शुरुआत में, आरबीआई ने महंगाई संबंधी चिंताओं के कारण नीतिगत दरों में कोई बदलाव नहीं किया था और मौद्रिक नीति का रुख न्यूट्रल कर दिया था। अगले द्विमासिक मौद्रिक नीति की घोषणा 6 दिसंबर को होगी। recent visitors 98

याह्या सिनवार की मौत से भी संघर्ष रुकता नहीं दिख रहा, मोहम्मद सिनवार अब गाजा में हमास पर करेंगा कंट्रोल

तेल अवीव  इजरायल ने हमास के चीफ याह्या सिनवार को मार दिया है। 7 अक्तूबर 2023 के हमले का यह मास्टरमाइंड था। 'गाजा का लादेन' के नाम से मशहूर इजरायल का यह सबसे बड़ा दुश्मन था। इजरायल इसे मारने के लिए लंबे समय से खोज रहा था। लेकिन इजरायल की मुश्किलें अभी भी कम नहीं होने वाली हैं। एक एक्सपर्ट ने चेतावनी दी है कि याह्या सिनवार का भाई हमास का नेतृत्व संभाल सकता है। अगर ऐसा होता है तो वह याह्या से भी ज्यादा आतंक ला सकता है। याह्या सिनवार को बुधवार को इजरायल ने मार डाला था। अब पूरा फोकस इसके भाई मोहम्मद सिनवार पर है। मोहम्मद सिनवार के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है, लेकिन संभावित रूप से खतरनाक है। इजरायली अधिकारियों के मुताबिक मोहम्मद सिनवार अगर पावर में आता है तो वह एक बड़े खतरे को भी साथ लाएगा। अपने भाई के समर्थन से मोहम्मद सिनवार गाजा में हमास का दूसरे नंबर का कमांडर बन गया। मोहम्मद याह्या का खास था। वह उन कुछ लोगों में था, जो जानते थे कि हमास का चीफ कहां छिपा है। भाई की ले सकता है जगह अपने पारिवारिक संबंधों के कारण उसे हमास के अंदर किसी भी विश्वासघात के संदेह का सामना नहीं करना पड़ा। इसी कारण उसे हमास के टॉप पर पहुंचने में आसानी हुई। पूर्व वरिष्ठ इजरायली सैन्य अधिकारी और फिलिस्तीनी मामलों के एक्सपर्ट ग्रिशा याकूबोविच ने बताया कि मोहम्मद सिनवार को ताकत मिलना किस तरह खतरनाक हो सकता है। द सन की रिपोर्ट के मुताबिक मोहम्मद सिनवार अपने भाई जितना ही कट्टरपंथी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक वही हमास के चीफ-ऑफ-स्टाफ का पद संभालेगा। दोनों भाइयों ने हमास को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है। क्या है मोहम्मद सिनवार से खतरा याकूबोविच ने कहा कि मोहम्मद सिनवार का नेतृत्व इजरायल के साथ और भी अधिक हिंसक टकराव शुरू कर सकता है। उन्होंने कहा कि याह्या अपनी गतिविधियों के कारण सुर्खियों में बना रहा। वहीं 49 साल का मोहम्मद एकदम सीक्रेट तरीके से अपना काम करता है। इसके बावजूद उसका हमास पर प्रभाव है। इजरायल को इस बात की चिंता है कि मोहम्मद का नेतृत्व स्थिति को गंभीर बना सकता है। मोहम्मद को याह्या की तुलना में पहुत कम व्यावहारिक बताया जाता है। वह ज्यादा हिंसा करता है और समझौता न करने वाली रणनीति से लड़ता है। इसके लिए वह नागरिकों को भी जोखिम में डालने से पीछे नहीं हटेगा। कौन है मोहम्मद सिनवार? मोहम्मद सिनवार का जन्म खान यूनिस में हुआ था। कम उम्र में ही वह हमास में शामिल हो गया। इजरायल की जेल में 9 महीने और फिलिस्तीनी प्राधिकरण की कैद में वह तीन साल रहा। सन 2000 में वह जेल से भागने में कामयाब रहा। पहली बार मोहम्मद सिनवार की भागीदारी 2005 में सामने आई। तब हमास ने 2005 में IDF बलों के खिलाफ हमला करने वाले अपने सात कमांडरों की पहचान जारी की। सिनवार का नाम भी 7 में से था। तीन बार इजरायल इसे मारने की कोशिश कर चुका है। एक बार स्नाइपर, एक बार एयर स्ट्राइक और एक बार उसकी दीवार में लगे बम से मारने की कोशिश की गई, जिसे उसने खोज लिया था। recent visitors 112

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज अंबिकापुर में मां महामाया एयरपोर्ट का उद्घाटन करेंगे

रायपुर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में नए एयरपोर्ट का शुभारंभ करेंगे। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री अरुण साव के मुताबिक इससे प्रदेश प्रगति के पथ पर अग्रसर होगा। उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज अंबिकापुर में मां महामाया एयरपोर्ट का उद्घाटन करेंगे। यह एयर कनेक्टिविटी की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि होगी, जिससे छत्तीसगढ़ को और अधिक विकास की राह पर ले जाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि लोगों की सुविधा के लिए चाहे सड़क मार्ग हो या वायु मार्ग, हम लगातार इस दिशा में काम कर रहे हैं। कल (रविवार) का दिन छत्तीसगढ़ के लिए एक और बड़ी उपलब्धि लेकर आएगा। एयरपोर्ट के शुभारंभ को राज्य के विकास के लिए महत्वपूर्ण कदम बताते हुए उन्होंने कहा कि इससे स्थानीय लोगों को यात्रा करने में आसानी होगी। बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी रविवार को वर्चुअल माध्यम से अंबिकापुर के मां महामाया एयरपोर्ट का उद्घाटन करेंगे। एयरपोर्ट के उद्घाटन कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, केन्द्रीय उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू सहित अन्य मंत्री भी उपस्थित होंगे। उद्घाटन की तैयारी अब अंतिम चरण में चल रही है। हवाई पट्टी अंबिकापुर शहर से 13 किमी की दूरी पर दरिमा ग्राम में स्थित है। इसका पूरा क्षेत्रफल 365 एकड़ है और यह हवाई पट्टी समुद्र तल से 1924 फीट की ऊंचाई पर है। वहीं, रायपुर दक्षिण विधानसभा के होने वाले उपचुनाव को लेकर अरुण साव ने कहा कि रायपुर दक्षिण की जनता का आशीर्वाद हमेशा भारतीय जनता पार्टी को मिलता रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस बार भी जनता का समर्थन पार्टी को मिलेगा और रायपुर दक्षिण में फिर से कमल खिलेगा। कांग्रेस पार्टी द्वारा बिना प्रत्याशी घोषित किए एक नेता के नामांकन दाखिल करने पर उन्होंने कहा कि यह कांग्रेस का विषय है। उन्होंने तंज कसा कि कांग्रेस में आपसी झगड़े लगातार देखने को मिल रहे हैं, जो पार्टी की अंदरूनी स्थिति को दर्शाते हैं।   recent visitors 94

विंध्य क्षेत्र के लिये गेम चेंजर साबित होगा रीवा एयरपोर्ट, मोदी आज करेंगे शुभारंभ

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने देश के साथ मध्यप्रदेश को भी अनेक अनूठी सौगातें दी है, जिससे मध्यप्रदेश तेजी से विकसित राज्य की ओर अग्रसर हो रहा है। विकास की इसी कड़ी प्रधानमंत्री श्री मोदी विंध्य क्षेत्र को एयरपोर्ट की सौगात देने जा रहे हैं। रविवार 20 अक्टूबर विंध्य क्षेत्र के लिये ऐतिहासिक होगा। इस दिन प्रधानमंत्री श्री मोदी रीवा एयरपोर्ट का वर्चुअल शुभारंभ करेंगे। रीवा एयरपोर्ट पूरे विंध्य क्षेत्र के लिये गेम चेंजर साबित होगा, इससे रीवा अंचल में पर्यटन के साथ निवेश को भी बढ़ावा मिलेगा। प्रदेश का 6वां एयरपोर्ट, जिसे डीजीसीए ने दिया लायसेंस मध्यप्रदेश के एक बड़े हिस्से के लिए यह अच्छी खबर है कि डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (डीजीसीए) ने रीवा एयरपोर्ट को लाइसेंस दे दिया है। इसके अंतर्गत अब यहां से एयरक्राफ्ट आसानी से उड़ान भर सकेंगे। भोपाल, जबलपुर, खजराहो, इंदौर और ग्वालियर के बाद रीवा प्रदेश का 6वां एयरपोर्ट है, जिसे डीजीसीए ने लाइसेंस दिया है। इस एयरपोर्ट पर उड़ानें शुरू होने से प्रदेश के 65 लाख से ज्यादा लोगों को फायदा होगा। साथ ही रीवा की सीमा से लगे उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ के लोगों को भी राहत मिलेगी। उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ की सीमा से लगे क्षेत्र भी होंगे लाभान्वित उल्लेखनीय है कि रीवा से मऊगंज, सीधी, सतना, मैहर जिले सीधे जुड़े हुए हैं। इन जिलों के साथ ही उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ की सीमा से लगे लोग भी काम के सिलसिले में रीवा आते हैं। रीवा की आबादी करीब 15 लाख, मऊगंज की 8 लाख, सीधी की 12 लाख, सिंगरौली की 12 लाख और सतना जिले की आबादी 18 लाख है। इन जिलों की जनता को रीवा एयरपोर्ट बनने से सीधा फायदा होगा। एयर कनेक्टिविटी होने से यहां विकास को भी रफ्तार मिलेगी। रीवा एयरपोर्ट सरकार की उड़ान (उड़े देश का आम नागरिक- UDAN) योजना के तहत बनाया गया है। इसका उद्देश्य विमान यात्रा को आम जनता के लिए आसान बनाना है। इससे छोटे शहरों के बीच एयर कनेक्टिविटी बेहतर होगी. इसके अलावा अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। निवेश-टूरिज्म को मिलेगा फायदा लाइसेंस मिलने के बाद अब रीवा एयरपोर्ट पर फ्लाइट का आना-जाना, यात्रियों और कार्गो सुविधा का विस्तार होगा. इस एयरपोर्ट को नए ढंग से बनाया गया है। यह अच्छा-खासा टर्मिनल भी बनाया गया है। इस एयरपोर्ट पर एटीआर-72 विमान संचालित किया जा सकता है। ये सभी सुविधाएं एयरलाइंस को अपनी ओर आकर्षित कर सकता है। इस एयरपोर्ट के संचालन से एक ओर पर्यटन को फायदा होगा वहीं दूसरी ओर निवेश को भी बढ़ावा मिलेगा।  अगले 50 सालों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया प्लान रीवा एयरपोर्ट को अगले 50 सालों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। रीवा से हवाई यात्रा करने वाले यात्री बिना किसी असुविधा के रीवा एयरपोर्ट तक पहुंच सकेंगे। रीवा में पहले से बनाए गए रिंग रोड के चलते सीधी और सतना जिले से यात्रियों का आना-जाना काफी बढ़ गया है। सिंगरौली का पॉवर प्लांट, विंध्य की 29 बड़ी इकाइयां, बेहतरीन हाई-वे, मुकुंदपुर व्हाइट सफारी, बंधावगढ़ नेशनल पार्क, संजय नेशनल पार्क, एशिया का सबसे बड़ा सोलर पावर प्लांट, खूबसूरत जलप्रपात, भगवान श्रीराम की तपोवन भूमि चित्रकूट, मैहर की शारदा मां और सीमेंट के बड़े उद्योग होने से रीवा एयरपोर्ट की महत्वता और भी बढ़ जायेगी। रीवा एयरपोर्ट – एक नजर में 450 करोड़ रूपये की लागत। 102 हेक्टेयर भूमि पर निर्मित। 30 मीटर चौड़ा और 800 मीटर लंबा रन-वे। रन-वे के दोनों तरफ़ 3.5 मीटर के दो शेल्टर। टर्मिनल में बैठने की अच्छी व्यवस्थाएँ। साफ़-सुथरे शौचालय। यात्री सहायता के लिए सूचना डेस्क। स्क्रीनिंग उपकरण और प्रशिक्षित कर्मियों से लैस सुरक्षा उपाय। यात्री और कार्गो विमान भर सकेंगे उड़ान। भोपाल के लिए 72 सीटर विमान सेवाएं शुरू होंगी। भविष्य में अन्य बड़े शहरों तक होगा इसका विस्तार। जनरेटिव एआई की सुविधा एक्सपेरिमेंट के तौर पर उपलब्ध।   recent visitors 68

करवा चौथ पर भोपाल -इंदौर में कितने बजे निकलेगा चांद? जानें यूपी के हाल

भोपाल हिन्दू धर्म में करवा चौथ का व्रत सबसेअधिक महत्वपूर्ण माना जाता है. इस दिन सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और अच्छे जीवन में के लिए निर्जला उपवास रखती है. ये व्रत हर साल कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को रखा जाता है. इस दिन महिलाएं पूरे दिन बिना अन्न और जल ग्रहण किए पति की लंबी आयु के लिए उपवास करती है और रात को चांद देखने के बाद अपना व्रत तोड़ती करती हैं. करवा चौथ का पर्व पूरे उत्तर भारत में मनाया जाता है. उत्तर प्रदेश में भी इस पर्व की धूम देखने को मिलती है. देश में हर साल की तरह इस बार भी करवाचौथ का त्योहार आज धूमधाम से मनाया जा रहा है. आज के दिन महिलाएं अपने पतियों की लंबी आयु के लिए निर्जला व्रत रखती हैं. दिन भर निर्जला व्रत रखने के बाद महिलाएं रात को चांद दिखने पर चंद्रमा को अर्ध्य देकर उपवास तोड़ती हैं.  करवा चौथ व्रत की शुरुआत सुबह सरगी खाने के साथ होती है. सूर्योदय से शुरू हुआ यह व्रत रात में महिलाओं द्वारा चंद्रमा की पूजा और छलनी से चांद को देखने के बाद होती है. इस दौरान महिलाएं अपने पति की आरती भी उतारती हैं. पति अपने हाथों ने पत्नी को पानी पिलाते हैं.  करवा चौथ का व्रत गणपति जी और करवा माता को समर्पित है. यहां पर आपको ये भी बता दें कि यह व्रत चांद की पूजा के बिना अधूरा माना जाता है. करवा चौथ 2024 पूजा मुहूर्त  करवा चौथ पूजा समय- शाम 05.46 – रात 07.09 (अवधि 1 घंटा 16 मिनट) करवा चौथ व्रत समय – सुबह 06.25 – रात 07.54 (अवधि 13 घंटे 29 मिनट) हिन्दू धर्म में करवा चौथ को सुहागिन स्त्रियों को सबसे बड़ा माना जाता है. ये व्रत सूर्योदय से लेकर रात में चंद्रोदय तक चलता हैं. महिलाएं इस दिन सोलह श्रृंगार करती है और अपने पति की लंबी आयु के लिए निर्जला व्रत करती है. महिलाएं पूरा दिन न तो अन्न ग्रहण करती और न ही जल. रात को जब चंद्रोदय होता है तब महिला चांद अर्घ्य देकर पति की लंबी आयु की मंगल कामना करते हुए अपना उपवास पूरा करती है. करवा चौथ पर चतुर्थी तिथि 20 अक्टूबर को सुबह 06 बजकर 46 मिनट से प्रारंभ होगी और 21 अक्टूबर को सुबह 04 बजकर 16 मिनट पर समाप्त होगी. ऐसे में शाम होने के बाद से ही महिलाओं को चांद के निकलने का इंतजार रहता है. लेकिन, इस बार चांद देखने के लिए महिलाओं को ज्यादा इंतजार नहीं करना होगा. इस बार रविवार को चंद्रमा का उदय शाम 7 बजकर 40 मिनट पर हो जाएगा. राजधानी दिल्ली-नोएडा से लेकर प्रयागराज और अयोध्या तक तमाम बड़े शहरों में चांद इस समय दिखाई देगा. किस शहर में कब दिखेगा चांद शहर का नाम चांद निकलने का समय लखनऊ 07 बजकर 42 मिनट कानपुर 07 बजकर 47 मिनट नोएडा 07 बजकर 52 मिनट दिल्ली 9 बजकर 10 मिनट प्रयागराज 07 बजकर 42 मिनट अयोध्या 07 बजकर 38 मिनट वाराणसी 07 बजकर 32 मिनट बरेली 07 बजकर 46 मिनट गाजियाबाद 07 बजकर 52 मिनट आगरा 07 बजकर 55 मिनट कोलकाता 07 बजकर 46 मिनट देहरादून 07 बजकर 09 मिनट अमृतसर 07 बजकर 54 मिनट भोपाल 08 बजकर 29 मिनट अहमदाबाद 07 बजकर 38 मिनट चेन्नई 08 बजकर 43 मिनट मुंबई 08 बजकर 59 मिनट कुरुक्षेत्र 08 बजे शिमला 07 बजकर 47 मिनट जम्मू 07 बजकर 52 मिनट पंजाब 07 बजकर 48 मिनट बिहार 08 बजकर 29 मिनट झारखंड 08 बजकर 35 मिनट कुछ ऐसी है मान्यता ऐसा माना जाता है कि पूजा के दौरान करवा (मिट्टी का पात्र) का प्रयोग किया जाता है, जिसे पति की प्रतीकात्मक सुरक्षा के रूप में देखा जाता है. महिलाएं करवा को भगवान गणेश और चंद्रमा के सामने रखकर पूजा करती हैं. फिर चंद्रमा को अर्घ्य देकर अपने पति के हाथ से पानी पीकर व्रत का समापन करती हैं. पति पत्नी को आवश्यक रूप से विशेष उपहार देते हैं, इसमें आभूषण, कपड़े और अन्य उपहार शामिल होते हैं. करवा चौथ 2024 मून टाइम  20 अक्टूबर 2024 को रात 7 बजकर 54 मिनट पर चांद निकलेगा. दिल्ली में चांद दिखने का सही समय सात बजकर 53 मिनट है. नोएडा में यह समय 7 बजकर 52 मिनट है. शहर के अनुसार चंद्रोदय समय कुछ मिनट के अंतर से अलग-अलग हो सकता है.  क्या है करवा चौथ की अहमियत? दिल्ली सहित पूरे देश में करवा चौथ का व्रत पति-पत्नी के अखंड प्रेम, सम्मान और त्याग की चेतना का प्रतीक है. ये व्रत दांपत्य जीवन में अपार खुशियां लेकर आता है. करवाचौथ की सबसे पहले शुरुआत सावित्री की पतिव्रता धर्म से हुई. महिलाएं चंद्रमा को अर्घ्य देकर ही व्रत खोलती हैं.  करवा चौथ के पीछे मान्यता यह है कि देवी पार्वती ने भी ये व्रत किया था. दूसरी मान्यता है कि करवा चौथ व्रत महाभारत काल में द्रोपदी ने भी किया था. जब पांडवों पर संकट के बादल मंडराए थे तो श्रीकृष्ण के कहे अनुसार द्रोपदी ने करवा चौथ का व्रत पूजन किया था, जिसके प्रभाव से पांडवों का संकट टल गया था.  इस त्योहार को लेकर एक मान्यता यह है जो सुहागिन स्त्री इस दिन अन्न-जल का त्याग कर व्रत रखती हैं, उसके सुहाग पर कभी कोई आंच नहीं आती. recent visitors 170