अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने कुंभ मेले में गैर-सनातनी लोगों के फूड स्टॉल पर रोक लगाने और उर्दू शब्दों को बदलने का निर्णय लिया

प्रयागराज  अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद (एबीएपी) ने देशभर के महामंडलेश्वरों, मंडलेश्वरों और संतों के साथ-साथ भक्तों और अनुयायियों को निर्देश दिया है। वे ऐसे दुकानदारों से सामान खरीदें जो 'सनातनी' हों। परिषद ने आगे कहा कि सामान केवल उसी दुकान से खरीदा जाना चाहिए, जिस पर मालिक का नाम लिखा हो और यह सत्यापित करने के बाद कि दुकान, ढाबा, रेस्टोरेंट या किसी अन्य प्रतिष्ठान के अंदर देवी-देवताओं की मूर्ति या तस्वीर है या नहीं। ऐसा इसलिए जरूरी था क्योंकि 'एक खास धर्म के लोग' दुर्भावनापूर्ण इरादे से काम कर रहे थे। परिषद ने कहा कि एक खास धर्म के लोग उनकी पवित्रता और पवित्रता को खत्म करना चाहते हैं। इसके लिए खाने-पीने की चीजें, यहां तक कि पूजा में इस्तेमाल होने वाले फूल, प्रसाद, कंठी-माला आदि थूक लगाकर बेचा जाता है। सब्जियों को बेचने से पहले गंदे पानी में डुबोया जाता है। देशभर में ऐसे मामले सामने आए हैं। सोशल मीडिया पर कई वीडियो शेयर किए गए हैं। एबीएपी के अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी ने कहा, 'इसे देखते हुए खुद को इससे अलग करने का फैसला किया गया।' महाकुंभ में अखाड़ों समेत सभी संप्रदायों के संतों के शिविरों में भंडारे का आयोजन किया गया। भंडारे के लिए प्रयागराज में हिंदुओं के अलावा सिख, जैन और बौद्ध दुकानदारों को फल, सब्जी, दूध, अनाज, दोना-पत्तल और कुल्हड़ की व्यवस्था की गई। रवींद्र पुरी ने आगे कहा कि अखाड़ा परिषद किसी जाति या वर्ग के खिलाफ नहीं है, लेकिन वे अपनी पवित्रता और परंपरा से समझौता नहीं कर सकते। उन्होंने कहा, 'हम देख रहे थे कि हमारी परंपरा और साधना को तोड़ने के लिए लगातार साजिश रची जा रही थी। खाने और पूजा सामग्री में थूक और मूत्र मिलाया जा रहा था। यह देखकर दिल बेचैन हो गया कि कोई ऐसा घृणित काम कैसे कर सकता है।' उन्होंने कहा, 'इसके बावजूद हिंदुओं ने किसी को नुकसान नहीं पहुंचाया, उन्होंने सिर्फ अपना रास्ता बदल लिया।' उन्होंने मांग की, 'हिंदू संतों और भक्तों की साधना को बाधित करने के ऐसे प्रयासों को रोकने के लिए सरकार को सख्त कानून बनाने चाहिए।' पुरी ने यह भी सवाल उठाया कि मुस्लिम समुदाय के किसी धार्मिक नेता ने इस तरह की हरकतों के खिलाफ आवाज क्यों नहीं उठाई। उन्होंने कहा, 'इसलिए यह तय हुआ कि हम हिंदू दुकानदारों से ही सामान खरीदेंगे। हिंदुओं के साथ-साथ सिखों, जैनियों और बौद्धों से भी सामान लिया जाएगा।' एबीएपी अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि परिषद ने महाकुंभ में मुसलमानों को आने से रोकने की मांग नहीं की। यह अनुचित है। उन्होंने कहा, 'सनातन धर्म वसुधैव कुटुंबकम का संदेश देता है। हमारे धर्म को बदनाम करने के लिए अखाड़ा परिषद के नाम पर फर्जी एजेंडा चलाया जा रहा है। हम चाहते थे कि हर कोई श्रद्धा के साथ महाकुंभ में आए।' उन्होंने कहा कि अगर वे आएंगे और हमारा त्याग, भजन-पूजन और सेवा देखेंगे तो उन्हें सद्बुद्धि आएगी और हमारे आचरण से उनका वैचारिक शुद्धिकरण होगा। recent visitors 121

राफेल नडाल ने किया संन्यास का ऐलान, 22 ग्रैंड स्लैम के साथ टेनिस को कहा अलविदा

मैड्रिड स्पेन के महान टेनिस खिलाड़ी राफेल नडाल ने इस खेल को अलविदा कह दिया है। उन्होंने गुरुवार 10 अक्टूबर को सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी करते हुए अपने रिटायरमेंट की जानकारी दी। सिंगल्स में 22 ग्रैंड स्लैम खिताब जीतने वाले राफेल नडाल ने कहा कि वह अपने प्रोफेशनल टेनिस करियर को समाप्त कर रहे हैं। यह निर्णय डेविस कप फाइनल के बाद प्रभावी होगा। 38 वर्षीय खिलाड़ी ने रिकॉर्ड 14 बार फ्रेंच ओपन का खिताब जीता है और इसी वजह से उनको लाल बजरी का बादशाह कहा जाता, क्योंकि फ्रेंच ओपन क्ले कोर्ट (लाल मिट्टी) पर होता है। राफेल नडाल ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी किया, जिसमें उन्होंने कहा, "यह कुछ कठिन वर्ष रहे हैं, खासकर पिछले दो साल। मैं बहुत उत्साहित हूं कि मेरा आखिरी टूर्नामेंट मेरे देश का प्रतिनिधित्व करने वाला डेविस कप होगा। यह चक्र पूरा हो रहा है, क्योंकि मेरी पहली खुशियों में से एक 2004 में सेविला में फाइनल था।" डेविस कप के नॉकआउट मैच 19 नवंबर से शुरू होंगे। 24 नवंबर को फाइनल मुकाबला खेला जाएगा। इस टूर्नामेंट में जहां तक स्पेन की टीम खेलेगी, वही मैच राफेल नडाल का आखिरी मैच होगा। नडाल का करियर चोटों से प्रभावित रहा है और वह 2023 फ्रेंच ओपन से चूक गए थे और इस साल उन्हें पहले दौर में जर्मन अलेक्जेंडर ज्वेरेव ने हराया था। उन्होंने अपना आखिरी रोलैंड गैरोस खिताब 2022 में जीता और पेरिस क्ले को 112-4 की जीत-हार के रिकॉर्ड के साथ छोड़ा है। recent visitors 84

बीजेपी सरकार से अच्छे रिश्तों से ही जम्मू-कश्मीर को फायदा: उमर अब्दुल्ला

श्रीनगर  जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव जीतते ही उमर अब्दुल्ला का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने कहा है कि पहली ही कैबिनेट बैठक में जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा देने वाला प्रस्ताव पारित किया जाएगा। नेशनल कॉन्फ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने कहा कि मुझे उम्मीद है कि सरकार गठन के बाद पहली बैठक में मंत्रिमंडल, राज्य का दर्जा बहाल करने के लिए केंद्र पर दबाव डालने के वास्ते एक प्रस्ताव पारित करेगा। इसके बाद सरकार इस प्रस्ताव को प्रधानमंत्री के पास भेजेगी। जम्मू-कश्मीर चुनाव में पूर्व राज्य का दर्जा बहाली मुद्दा सबसे बड़ा था। एनसी-कांग्रेस के घोषणापत्र में भी इसका वादा किया गया था। उमर अब्दुल्ला ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि दिल्ली के विपरीत जम्मू-कश्मीर में सरकार सुचारू रूप से काम कर पाएगी। उन्होंने कहा, 'हमारे और दिल्ली के बीच एक फर्क है। दिल्ली कभी एक राज्य नहीं रहा। किसी ने दिल्ली को राज्य का दर्जा देने का वादा नहीं किया। जम्मू-कश्मीर 2019 से पहले राज्य था। हमसे प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और अन्य वरिष्ठ मंत्रियों ने राज्य का दर्जा बहाल करने का वादा किया, जिन्होंने कहा है कि जम्मू-कश्मीर में तीन कदम उठाए जाएंगे – परिसीमन, चुनाव और फिर राज्य का दर्जा।' केंद्र के प्रति उमर का रुख नरम उमर अब्दुल्ला ने कहा, 'परिसीमन हो गया, अब चुनाव भी हो गए हैं। इसलिए केवल राज्य का दर्जा देना बाकी है जिसे जल्द ही बहाल किया जाना चाहिए।' यह पूछे जाने पर कि जम्मू-कश्मीर सरकार और केंद्र के बीच समन्वय कितना जरूरी है, इस पर उन्होंने कहा कि नई दिल्ली से टकराव लेकर कुछ भी हासिल नहीं किया जा सकता। एनसी नेता ने कहा, 'पहले सरकार बनने दीजिए। यह सवाल मुख्यमंत्री से पूछा जाना चाहिए। नयी दिल्ली के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध होने चाहिए। मेरी उन्हें (मुख्यमंत्री) सलाह होगी कि हम केंद्र के साथ टकराव करके किसी भी मुद्दे का समाधान नहीं कर सकते।' 'केंद्र से अच्छे रिश्ते जम्मू-कश्मीर के लिए फायदेमंद' अब्दुल्ला ने कहा, 'ऐसा नहीं है कि हम भाजपा की राजनीति स्वीकार करेंगे या भाजपा हमारी राजनीति स्वीकार करेगी। हम भाजपा का विरोध करते रहेंगे लेकिन केंद्र का विरोध करना हमारी मजबूरी नहीं है।' उन्होंने कहा, 'केंद्र के साथ अच्छे रिश्ते रखना जम्मू-कश्मीर और उसके लोगों के लिए फायदेमंद होगा। लोगों ने टकराव के लिए वोट नहीं किया है। जम्मू-कश्मीर के लोगों ने इसलिए वोट दिया है क्योंकि वे रोजगार चाहते हैं, वे विकास चाहते हैं, वे राज्य का दर्जा बहाल कराना चाहते हैं, वे बिजली तथा अन्य समस्याओं से छुटकारा चाहते हैं और नयी दिल्ली से टकराव करके इनका समाधान नहीं निकलेगा।' विधायक दल की बैठक आज अब्दुल्ला ने कहा कि एनसी सरकार गठन की प्रक्रिया शुरू करने के लिए गुरुवार को विधायक दल की एक बैठक बुलाई गई है। इसके बाद गठबंधन के सहयोगियों की बैठक होगी जिसमें गठबंधन का नेता चुना जाएगा और फिर हम सरकार गठन का दावा जताने के लिए राज भवन जाएंगे। मुझे उम्मीद है कि अगले कुछ दिन में नई सरकार बन जाएगी। पीडीपी से गठबंधन पर क्या बोले उमर अब्दुल्ला? यह पूछने पर कि क्या पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) गठबंधन सरकार का हिस्सा होगी, इस पर एनसी नेता ने कहा कि अभी तक इस पर कोई चर्चा नहीं हुई है। उन्होंने कहा, 'पीडीपी ने हमसे या हमने उनसे कोई संपर्क नहीं किया है। इस चुनाव के नतीजों को देखते हुए मुझे लगता है कि कुछ अंदरुनी चर्चा चल रही होगी। मुझे लगता है कि चुनावी नतीजे उनके लिए झटका हैं। recent visitors 90

नायब सिंह सैनी का ही मुख्यमंत्री बनना तय, बनेगा एक दलित डेप्युटी सीएम

नई दिल्ली  हरियाणा में बीजेपी लगातार तीसरी बार सरकार बनाने जा रही है। बुधवार को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी के सीनियर नेताओं से मुलाकात की। पार्टी के हरियाणा अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली ने कहा कि सैनी और उनकी पार्टी के सीनियर नेताओं से मुलाकात शिष्टाचार मुलाकात है। सरकार बनाने को लेकर दशहरे के बाद बात होगी। मुख्यमंत्री और शपथ ग्रहण के साथ ही मंत्रिमंडल को लेकर तभी बात होगी। उधर, सैनी ने कहा कि केंद्रीय पर्यवेक्षक जल्द ही राज्य का दौरा करेंगे और विधायक दल के नेता का चयन करेंगे। इसके बाद संसदीय बोर्ड फैसला लेगा कि कौन सीएम होगा। क्या बनेगा दलित डेप्युटी सीएम? नायब सिंह सैनी का ही मुख्यमंत्री बनना तय माना जा रहा है। बीजेपी ने चुनाव सैनी को ही सामने रखकर लड़ा था। लोकसभा चुनाव से पहले बीजेपी ने मनोहर लाल खट्टर की जगह सैनी को मुख्यमंत्री बनाया था। मंगलवार को हरियाणा जीत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब पार्टी कार्यालय में कार्यकर्ताओं को संबोधित किया था तब भी खट्टर और सैनी का जिक्र किया था। चर्चा चल रही है कि बीजेपी हरियाणा में डेप्युटी सीएम भी बना सकती है। बीजेपी सर्कल में यह भी कहा जा रहा है कि पार्टी दो डिप्टी सीएम बना सकती है और एक डेप्युटी सीएम दलित समाज से होगा। 2019 में दुष्यंत चौटाला का बनाना पड़ा था डेप्युटी सीएम 2014 में जब पहली बार बीजेपी हरियाणा में सत्ता में आई थी तब कोई डेप्युटी सीएम नहीं बनाया था। 2019 में जब जेजीपी के साथ मिलकर सरकार बनाई तब जेजेपी नेता दुष्यंत चौटाला को डेप्युटी सीएम बनाया था। हरियाणा में मुख्यमंत्री समेत कुल 14 मंत्री हो सकते हैं। पिछली सरकार के 8 मंत्री चुनाव हार चुके हैं। 3 मंत्रियों को इस बार टिकट ही नहीं मिला था और दो मंत्री चुनाव नहीं जीत पाए। पीएम से मिले सैनी नायब सिंह सैनी बुधवार को दिल्ली पहुंचे। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। मोदी ने सैनी को बीजेपी की जीत के लिए बधाई दी और विश्वास जताया कि विकसित भारत के संकल्प में हरियाणा की भूमिका और अहम होने जा रही है। सैनी ने प्रधानमंत्री मोदी के अलावा गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और बीजेपी अध्यक्ष जे पी नड्डा से भी मुलाकात की। मोदी ने सोशल मीडिया मंच X पर मुलाकात की तस्वीरें साझा करते हुए पोस्ट किया, ‘हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी जी से मिला और विधानसभा चुनाव में बीजेपी को मिली ऐतिहासिक जीत के लिए उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दीं। मुझे विश्वास है कि विकसित भारत के संकल्प में हरियाणा की भूमिका और अहम होने जा रही है।’ नायब सैनी ने जीत का श्रेय़ पीएम मोदी की नीतियों को दिया प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद पत्रकारों से बात करते हुए सैनी ने पार्टी की सफलता का श्रेय प्रधानमंत्री मोदी की नीतियों को दिया। उन्होंने कहा कि चुनाव विश्लेषकों ने भले ही कांग्रेस के चुनाव जीतने की संभावनाओं का दावा किया हो लेकिन उन्होंने हमेशा जोर दिया कि लोग बीजेपी सरकार की नीतियों के कारण उस पर भरोसा करेंगे। EVM पर कांग्रेस की ओर से संदेह जताए जाने के मसले पर उन्होंने कहा कि विपक्षी पार्टी झूठ का बवंडर खड़ा कर रही है। recent visitors 73

इजरायल ने एयर स्ट्राइक कर हिज्बुल्लाह की पूरी कमर तोड़ी, अब तक 11 टॉप कमांडर ढेर हो चुके

तेल अवीव इजरायल ने लगातार एयर स्ट्राइक कर हिज्बुल्लाह की पूरी कमर तोड़ दी है. हसन नसरल्लाह, हाशिम सफीद्दीन और फौद शुक्र सहित अब तक हिज्बुल्लाह के 11 टॉप कमांडर ढेर हो चुके हैं. इजरायल के इन हमलों ने हिज्बुल्लाह के दूसरे लड़ाकों का मनोबल भी तोड़कर रख दिया है. इस बीच अब लड़ाकों की उम्मीदें हिज्बुल्लाह के तीन टॉप कमांडर्स पर टिकी हुई हैं. ये टॉप कमांडर अभी कहां हैं और इनकी आगे की प्लानिंग क्या है, ये किसी को नहीं पता है. इन तीन कमांडर्स के नाम हैं. नईम कासिम, तलाल हामिह और अबु अली रिदा. नईम कासिम शेख नईम कासिम को 1991 में तब हिज्बुल्लाह के जनरल सेक्रेट्री अब्बास अल-मुसावी ने डिप्टी लीडर नियुक्त किया था. बता दें कि अगले ही साल अल मुसावी के काफिले को 1992 में इजरायली अपाचे हेलिकॉप्टर ने निशाना बनाया था, जिसमें उसकी मौत हो गई थी. इसके बाद नसरल्लाह ने कमान संभाली, लेकिन नईम कासिम अपनी भूमिका में बने रहे. पिछले साल कासिम ने इजरायल के साथ तनाव पर विदेशी मीडिया को इंटरव्यू भी दिया था. तलाल हामिह तलाल हामिह को तलाल होस्नी हामिह, इस्मत मजरानी या अबू जाफर के नाम से भी जाना जाता है. वह हिज्बुल्लाह के बाहरी संचालन का इंचार्ज है, जिसे यूनिट 910 के नाम से भी जाना जाता है, जो दुनिया भर में गुप्त अभियानों की देखरेख करता है. तलाल हामिह को हिज्बुल्लाह की पहली पीढ़ी का हिस्सा माना जाता है, जो 1980 के दशक के मध्य में संगठन से जुड़े. तलाल उन कुछ लोगों में शामिल हैं, जिनका हसन नसरल्लाह से सीधा संपर्क था. अबु अली रिदा हिज्बुल्लाह के लड़ाके जिस तीसरे शख्स की तरफ उम्मीद भरी निगाहों से देख रहे हैं, उसका नाम है अबु अली रिदा. अबु हिज्बुल्लाह की बदर डिवीजन का कमांडर है. इजरायल की सेना उसका पता लगाने के लिए लगातार ऑपरेशन चला रही है, लेकिन उसका ठिकाना किसी को नहीं पता है. बताया जा रहा है कि हिज्बुल्लाह के टॉप कमांडर पर एक के बाद एक होते हमले को देखते हुये, वह किसी अज्ञात ठिकाने पर छिपा हुआ है. अमेरिका इन लड़ाकों को IDF ने किया ढेर > हसन नसरल्लाह: इजरायल ने सीक्रेट बंकर में छिपे हिज्बुल्लाह चीफ को एयरस्ट्राइक कर ढेर कर दिया था. > हाशिम सफीद्दीन: हसन नसरल्लाह के उत्तराधिकारी माने जा रहे हाशिम सफीद्दीन को भी हवाई हमलों में मार गिराया. > इसके अलावा इब्राहिम अकील (ऑपरेशन हेड), मोहम्मद कबीसी (मिसाइल और रॉकेट यूनिट हेड), फौद शुक्र (हिज्बुल्लाह का सर्वोच्च कमांडर), अली कराकी (साउथ फ्रंट कमांडर) को भी मार गिराया. > इजरायल ने हिज्बुल्लाह की दूसरी पंक्ति के नेताओं में विसम अल तवील (रादवां फोर्स कमांडर), अबू हसन समीर (रादवां फोर्स का ट्रेनिंग हेड), मोहम्मद हुसैन सरौर (एरियल कमांड कमांडर), सामी तालेब अब्दुल्लाह (नासेर यूनिट कमांडर) और मोहम्मद नासेर (अजीज यूनिट कमांडर) को हवाई हमले में ढेर कर दिया था.   recent visitors 78

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सुरजनपुर में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र का किया उद्घाटन, स्व. अमर सिंह डण्डोतिया की समाधि पर पुष्प अर्पित किये

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में प्रदेश के चहुँमुखी विकास के लिये हरसंभव कार्य किये जा रहे हैं। चंबल की पवित्र भूमि में विकास की गंगा बहेगी। चंबल का कोई भी क्षेत्र विकास के किसी भी पहलू में पीछे नहीं रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुरैना के सुरजनपुर में विकास कार्यों के लोकार्पण और भूमि-पूजन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने यहाँ 35 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले सीएम राइज़ स्कूल का भूमि-पूजन और लगभग डेढ़ करोड़ रुपये की लागत के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र का लोकार्पण भी किया। उन्होंने कहा कि दिमनी में 2 करोड़ रुपये की लागत से सामुदायिक भवन बनाया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सुरजनपुर में स्व. अमर सिंह डण्डोतिया की समाधि पर पुष्प अर्पित किये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष और क्षेत्रीय सांसद ने इस क्षेत्र के लिये जो मांगे रखी है, उन सभी मांगो को पूर्ण करने की घोषणा की जाती है। दिमनी में 2 करोड़ की लागत से सामुदायिक भवन, क्वारी नदी को रोककर कमतरी बिरहरूआ-गोपी कंचनपुर के मध्य बांध निर्माण कार्य, बड़ेगांव से महेबा का पुरा होकर अजनौधा बाया सिरमिती डोंगरपुर मार्ग, दोहाटी, बरगमां, कटेलापुरा पी.डब्ल्यू.डी. मार्ग पर क्वारी नदी पर पुल निर्माण कार्य, ग्राम चैटा बरैथा में 33/11 के.वी. सब स्टेशन निर्माण कार्य, ग्राम नयापुरा खिरेंटा में 33/11 के.वी. सब स्टेशन निर्माण कार्य, ग्राम लहर में 33/11 के.वी. सब स्टेशन निर्माण कार्य की घोषणा की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में नई शिक्षा नीति-2020 तय की गई थी, जिसमें भगवान श्रीराम, श्रीकृष्ण और महापुरूषों की जीवनी शामिल की गई है। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति को प्रदेश में प्रभावी रूप से लागू किया गया है। मुरैना का यह क्षेत्र मथुरा के नजदीक है। इस क्षेत्र में भगवान श्रीकृष्ण की कृपा बनी रहे। मुरैना से मथुरा ज्यादा दूर नही है, जल्दी ही यहाँ नया सिक्स लेन रोड बनना शुरू हो जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सुरजनपुर के साथ दिमनी की भूमि को पवित्र भूमि बनाना है। यह कर्मशील लोगों की भूमि है। दिमनी विधानसभा के वर्तमान विधायक एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री वर्तमान में विधानसभा अध्यक्ष और हमारी पार्टी के दो बार प्रदेश अध्यक्ष रहे नरेंद्र सिंह तोमर की कर्मभूमि है। साथ ही हमारे वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद वी.डी. शर्मा की जन्मभूमि है। यहां आकर हमको ऐसा लगा कि इस भूमि में अलग ही बात है। यहां की मिट्टी की खुशबू में भी एक अलग ही प्रकार की ऊर्जा महसूस हो रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं स्वर्गीय अमर सिंह डंडोतिया जी को भी नमन करता हूं। उन्होंने अपने सपूत को पूर्णकालिक रूप से देश की सेवा के रूप में सौंप दिया है। दिमनी की भूमि एक की कर्म-भूमि है और एक की जन्म-भूमि है। इस भूमि पर आकर जब मैं बीडी शर्मा के घर गया तो उनकी माताजी से मिल कर मुझे अपनी मां की याद आ गई। मैं यहाँ आकर अपने आप को गौरांवित महसूस कर रहा हूं। विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि ग्राम सुरजनपुर में सीएम राइज स्कूल और प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र खुलने से इस क्षेत्र की जनता को सीधा लाभ मिलेगा और बच्चों को उच्च स्तर की शिक्षा ग्रहण करने का मौका मिलेगा। उन्होंने कहा कि विकास कार्यो में प्रदेश सरकार ने कोई कमी नहीं छोड़ी है। विकास कार्य किसी से छिपे नहीं है। उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल, प्रभारी मंत्री करण सिंह वर्मा, खजुराहो सांसद वी.डी. शर्मा, स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह और सांसद शिवमंगल सिंह तोमर ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर हितानंद, विधायक, जन-प्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।   recent visitors 129

स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतरी के लिए प्राइवेट सेक्टर की भी भागीदारी जरूरी – उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिये अत्याधुनिक निजी अस्पताल भी जरूरी – मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्वालियर में किया 100 बिस्तरीय देवराज मल्टी स्पेशिलिटी हॉस्पिटल का उदघाटन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में भविष्य में आने वाली चुनौतियों का सामना करने के लिये अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से सुसज्जित निजी अस्पताल भी जरूरी हैं। खुशी की बात है ग्वालियर की धरती पर आज ऐसे ही एक बड़े अस्पताल की शुरूआत हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार की शाम ग्वालियर में 100 बिस्तरीय देवराज अस्पताल (देवराज इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस) के उदघाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अस्पतालों को आरोग्य मंदिर का नाम दिया है। प्रसन्नता का विषय है कि एक किसान परिवार ने ग्वालियर में अपने बेटे की स्मृति में एक अस्पताल अर्थात आरोग्य मंदिर की स्थापना की है। उन्होंने इसके लिये देवराज अस्पताल के संस्थापक करन सिंह किरार एवं उनके परिवार को बधाई और शुभकामनायें दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार भी इस पुनीत पहल के लिये करन सिंह के परिवार का सम्मान और आदर करती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जब पूरी दुनिया में कोरोना का हाहाकार मचा हुआ था, तब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत के संसाधनों और बौद्धिक क्षमताओं का उपयोग कर स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार किया। प्रधानमंत्री मोदी ने भारत के समस्त नागरिकों को कोरोना से बचाव के नि:शुल्क टीके लगवाए। साथ ही दुनिया भर में कोरोना वैक्सीन भेजकर “जियो और जीने दो” के सिद्धांत को चरितार्थ करके दिखाया। मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि ऋषि गालव की तपोभूमि, तानसेन की साधना स्थली, वीरांगना लक्ष्मीबाई की बलिदान स्थली एवं राजमाता विजयाराजे सिंधिया की कर्म भूमि ग्वालियर में यह अस्पताल गरीब मरीजों के इलाज में अहम योगदान देगा। परिवार में आई रिक्तता को सेवा से भरने का काम सराहनीय – विधानसभा अध्यक्ष तोमर विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि नवरात्रि के पावन पर्व पर ग्वालियर में स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक बड़ा अस्पताल जुड़ रहा है। उन्होंने कहा परिवार में किसी भी व्यक्ति के असमय चले जाने से परिवार में बड़ी रिक्तता आती है। बिरले ही लोग होते हैं जो इस रिक्तता को सेवा से भरने के प्रयासों को मूर्तरूप दे पाते हैं। ग्वालियर में स्व. शीतला सहाय जी ने अपने पुत्र की कैंसर से मृत्यु होने पर देश का प्रतिष्ठित कैंसर हॉस्पिटल स्थापित कर यह काम करके दिखाया था। उसी श्रृंखला में आज करन सिंह किरार ने अपने दिवंगत पुत्र स्व. देवराज सिंह किरार की याद को चिरस्थायी बनाने के लिये बड़े अस्पताल की स्थापना की है। उन्होंने ईश्वर से कामना की है कि यह अस्पताल उत्तरोत्तर प्रगति करे, जिससे ग्वालियर क्षेत्र के निवासियों को बेहतर से बेहतर इलाज की सुविधा मिल सके। विधानसभा अध्यक्ष तोमर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए समर्पित भाव से काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2003 में मध्यप्रदेश में केवल ग्वालियर, भोपाल, इंदौर, जबलपुर व रीवा में मेडिकल कॉलेज थे। अब प्रदेश में 14 सरकारी मेडीकल कॉलेज हो गए हैं। इसके अलावा निजी मेडिकल कॉलेज की भी स्थापना हुई है। स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतरी के लिए प्राइवेट सेक्टर की भी भागीदारी जरूरी – उप मुख्यमंत्री शुक्ल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाएँ तभी बेहतर और पर्याप्त होंगी, जब सरकार के साथ प्राइवेट सेक्टर भी बराबरी के साथ खड़ा होगा । उन्होंने दिल्ली, नागपुर व मुम्बई का उदाहरण देते हुए कहा कि प्राइवेट सेक्टर की भागीदारी से ही ये महानगर मेडिकल हब के रूप में स्थापित हुए हैं। शुक्ल ने कहा खुशी की बात है कि ग्वालियर में 100 बैड के अत्याधुनिक अस्पताल की स्थापना हुई है और यह अस्पताल आगे चलकर एक हजार बैड और मेडिकल कॉलेज के साथ तैयार होगा। इससे प्रदेश सरकार भी उत्साहित है कि इस अस्पताल में सस्ती दर पर गुणवत्तायुक्त स्वास्थ्य सेवाएँ मिलेंगीं। उन्होंने पीड़ित मानवता की सेवा के क्षेत्र में कदम बढ़ाने के लिये देवराज अस्पताल प्रबंधन को बधाई व शुभकामनाएं दीं। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के इलाज के लिये रियायत सराहनीय पहल – सांसद शर्मा सांसद एवं प्रदेश अध्यक्ष वी.डी. शर्मा ने कहा खुशी की बात है कि देवराज अस्पताल में मात्र 50 रूपए कंसलटेशन फीस पर इलाज की सुविधा मिलेगी। इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के मरीज भी एक अच्छे अस्पताल में अपना इलाज करा सकेंगे। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिये आयुष्मान भारत जैसी क्रांतिकारी योजना को मूर्तरूप दिया है। हमें आशा है कि प्रधानमंत्री मोदी की भावना के अनुरूप देवराज अस्पताल भी गरीब मरीजों के इलाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगा। भगवान गणेश का पूजन एवं फीता काटकर किया अस्पताल का उद्घाटन मुख्यमंत्री डॉ. यादव एवं अन्य सभी अतिथियों ने भगवान गणेश का पूजन कर और फीता काटकर देवराज अस्पताल का उदघाटन किया। साथ ही अस्पताल परिसर में स्व. देवराज सिंह किरार की प्रतिमा का अनावरण भी किया। अस्पताल का जायजा भी लिया मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उदघाटन करने के बाद देवराज अस्पताल का जायजा भी लिया। उन्होंने अस्पताल के ऑपरेशन थियेटर, जनरल और प्राइवेट वार्ड, आईसीयू, ओपीडी और फॉर्मेसी सहित अस्पताल में उपलब्ध अन्य स्वास्थ्य सेवाओं को देखा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव एवं अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर उदघाटन समारोह का शुभारंभ किया। ज्ञात हो राष्ट्रीय राजमार्ग क्र.-44 पर ग्राम खुरैरी – बड़ागाँव के समीप देवराज मल्टी स्पेशिलिटी हॉस्पिटल का निर्माण किया गया है। इस अस्पताल में 24 घंटे आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध हैं। साथ ही अत्याधुनिक तकनीक के साथ ऑपरेशन थियेटर बनाए गए हैं। इसके अलावा वातानुकूलित जनरल वार्ड, सेमी प्राइवेट एवं प्राइवेट वार्ड, अत्याधुनिक आईसीयू और सीसीयू, फूड कोर्ट, फॉर्मेसी (मेडिकल स्टोर), सीएससीडी रेडियो इमेजिंग सुविधाएँ (एक्सरे, सीटी स्कैन और अल्ट्रासाउण्ड) की सुविधा उपलब्ध है। हॉस्पिटल के उदघाटन कार्यक्रम में सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण मंत्री नारायण सिंह कुशवाह, ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला, लोक स्वास्थ्य राज्य मंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल, सांसद भारत सिंह कुशवाह, महापौर श्रीमती शोभा सिकरवार, विधायक नरेन्द्र सिंह कुशवाह, श्रीमती सरला रावत एवं अस्पताल के संस्थापक प्रबंधन से जुड़े अधिकारी, चिकित्सक व … Read more