PM मोदी से डरा पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव से तनाव कम करने की अपील की

नई दिल्ली जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव अपने चरम पर है. पाकिस्तान को भारत की संभावित जवाबी कार्रवाई का अंदेशा है और इस वजह से वह सहमा हुआ है. वह कभी पहलगाम आतंकी हमले की तीसरे पक्ष से निष्पक्ष जांच करवाने और इसमें सहयोग करने, तो कभी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में इस मुद्दे को उठा रहा है. पाकिस्तान ने शुक्रवार को कहा कि पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद भारत के साथ तनाव बढ़ने पर उसे उचित समय पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक बुलाने का अधिकार है. संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के स्थायी प्रतिनिधि असीम इफ्तिखार अहमद ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि यह सबकुछ जम्मू-कश्मीर में हुए आतंकी हमले की पृष्ठभूमि में हो रहा है. अहमद इस सवाल का जवाब दे रहे थे कि क्या पाकिस्तान जम्मू एवं कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के मद्देनजर सुरक्षा परिषद की बैठक बुलाने की योजना बना रहा है. इस हमले में 26 लोग मारे गए थे. पाकिस्तान वर्तमान में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का एक अस्थायी सदस्य है और जुलाई में 15 देशों वाली संयुक्त राष्ट्र संस्था की अध्यक्षता करेगा. PAK को सता रहा भारत की जवाबी कार्रवाई का डर उन्होंने कहा, 'यह स्पष्ट है कि पहलगाम में एक घटना हुई है, लेकिन अब जो स्थिति उत्पन्न हुई है उससे क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय शांति एवं सुरक्षा के लिए वास्तविक खतरा है. हमारा मानना ​​है कि सुरक्षा परिषद को वास्तव में ऐसा करने का अधिकार है. पाकिस्तान सहित परिषद के किसी भी सदस्य के लिए यह पूरी तरह उचित होगा कि वह सुरक्षा परिषद की बैठक और चर्चा का अनुरोध करे, ताकि इस गंभीर स्थिति पर विचार किया जा सके.' अहमद ने कहा, 'हमने परिषद के सदस्यों के साथ इस पर चर्चा की है. हमने पिछले महीने की अध्यक्षता और इस महीने की अध्यक्षता के साथ इस पर चर्चा की है. हम स्थिति पर बहुत बारीकी से नजर रख रहे हैं और हमें उचित लगने पर बैठक बुलाने का अधिकार है.' पाकिस्तानी उच्चायुक्त ने अपने रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ की उस टिप्पणी के बारे में पीटीआई द्वारा पूछे गए सवाल का सीधे जवाब देने से परहेज किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि पाकिस्तान तीन दशक से अमेरिका और पश्चिमि देशों के लिए 'गंदा काम' करता रहा है. पाकिस्तान तीन दशक से आतंकवाद को दे रहा पराश्रय दरअसल, पहलगाम हमले के परिप्रेक्ष्य में स्काई न्यूज के एंकर यल्दा हाकिम ने ख्वाजा आसिफ से सवाल किया था, 'आप स्वीकार करते हैं कि पाकिस्तान का इन आतंकवादी संगठनों को समर्थन, प्रशिक्षण और वित्तपोषण देने का एक लंबा इतिहास रहा है?' इसके जवाब में पाकिस्तान के रक्षा मंत्री आसिफ ने कहा था, 'आप जानते हैं कि हम संयुक्त राज्य अमेरिका और पश्चिमी देशों के लिए यह गंदा काम लगभग तीन दशकों से कर रहे हैं, और ब्रिटेन भी इसमें शामिल है.' प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहलगाम आतंकी हमले के दो दिन बाद 24 अप्रैल को बिहार में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा था, 'आतंकवादियों और आकाओं और इस हमले के साजिशकर्ताओं को उनकी कल्पना से भी कड़ी सजा देंगे. देश के दुश्मनों ने न केवल निहत्थे पर्यटकों को निशाना बनाया, बल्कि भारत की आत्मा पर हमला करने का दुस्साहस किया है.' गत 29 अप्रैल को एक उच्चस्तरीय बैठक में पीएम मोदी ने भारतीय सेना को खुली छूट दी थी और कहा था कि पहलगाम आतंकवादी हमले पर भारत की प्रतिक्रिया क्या होनी चाहिए इसका तरीका, लक्ष्य और समय सेना तय करे. भारत को रोको, हमें बचाओ; UNSC में रोया पाकिस्तान तो अब चर्चा की तैयारी भारत के साथ बढ़ते तनाव के बीच पाकिस्तान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से कश्मीर मुद्दे पर हस्तक्षेप करने और तनाव को कम कराने की गुहार लगाई है। पाकिस्तान के अमेरिका में राजदूत रिजवान सईद शेख ने चेतावनी दी कि "कोई भी गलत कदम या गलत अनुमान परमाणु संघर्ष की ओर ले जा सकता है।" शेख ने कश्मीर को "विश्व का सबसे खतरनाक परमाणु फ्लैशपॉइंट" करार देते हुए ट्रंप से इस मुद्दे पर निर्णायक भूमिका निभाने का आग्रह किया है। Fox News Digital से बातचीत में शेख ने कश्मीर को "परमाणु फ्लैशपॉइंट" करार देते हुए कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप इस मुद्दे को हल करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने कहा, "यह राष्ट्रपति ट्रंप की विरासत का एक अहम हिस्सा बन सकता है, यदि वे इस मसले को सतही उपायों से नहीं बल्कि कश्मीर विवाद जैसे मूल कारणों को संबोधित करके हल करें।" राजदूत शेख ने भारत के केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत की प्रतिक्रिया को "खतरनाक और भड़काऊ" बताया। उन्होंने कहा कि हमले के महज 10 मिनट बाद ही भारत की ओर से पाकिस्तान पर आरोप लगाए गए। उन्होंने कहा, "भारत ने आरोप लगाने में एक मिनट भी नहीं गंवाया और बिना किसी जांच के ही पाकिस्तान को दोषी ठहराया। हमने सबूत शेयर करने की मांग की और निष्पक्ष व पारदर्शी जांच में भाग लेने की पेशकश की, लेकिन हमें कोई जवाब नहीं मिला।" "परमाणु युद्ध की संभावना को नजरअंदाज न करें" पाकिस्तानी राजदूत को भारत की संभावित प्रतिक्रिया से डर लग रहा है। यही वजह है कि वे दूसरे देशों के आगे गुहार लगा रहे हैं कि भारत को रोका जाए। राजदूत ने कहा कि यह क्षेत्र 1.5 अरब से ज्यादा लोगों का घर है और इस तरह के युद्धोन्माद भरे बयानात क्षेत्र को एक बार फिर से "युद्ध की मानसिकता का बंधक" बना रहे हैं। पाकिस्तानी दूत ने गीदड भभकी देते हुए कहा कि "कोई भी गलतफहमी या गलत निर्णय, परमाणु युद्ध में बदल सकता है – जो इस घनी आबादी वाले क्षेत्र के लिए विनाशकारी होगा।" उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के लिए बहने वाली नदियों के जल प्रवाह को एकतरफा रोकने की धमकी, अंतरराष्ट्रीय संधियों का खुला उल्लंघन है। उन्होंने इंडस वॉटर ट्रीटी का हवाला देते हुए कहा, "यह संधि भारत-पाकिस्तान के बीच हुए युद्धों के दौरान भी कायम रही, इसे तोड़ना अंतरराष्ट्रीय कानून की घोर अवहेलना है।" पहलगाम हमले के बाद भारत ने सिंधु जल समझौता निलंबित … Read more

भारत समेत G4 देशों ने संयुक्‍त राष्‍ट्र सुरक्षा परिषद में मुस्लिम देश के आरक्षण के प्रस्‍ताव को खारिज कर दिया

वॉशिंगटन  भारत समेत जी 4 देशों ने संयुक्‍त राष्‍ट्र सुरक्षा परिषद में मुस्लिम देश के आरक्षण के प्रस्‍ताव को खारिज कर दिया है। जी 4 देशों ने धार्मिक आधार पर स्‍थायी सदस्‍यता देने के किसी भी प्रस्‍ताव को संयुक्‍त राष्‍ट्र के नियमों के खिलाफ बताया। संयुक्‍त राष्‍ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार को लेकर लंबे समय से मांग चल रही है। भारत समेत जी 4 के देशों ब्राजील, जर्मनी और जापान ने तुर्की के राष्‍ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगान, पाकिस्‍तानी पीएम शहबाज शरीफ और सऊदी प्रिंस मोहम्‍मद बिन सलमान के इस्‍लामिक सपने को तोड़ दिया है। संयुक्‍त राष्‍ट्र में भारत के स्‍थायी प्रतिनिधि पी हारिश ने मंगलवार को जी4 देशों की ओर से कहा कि धर्म के आधार पर सुरक्षा परिषद में प्रतिन‍िध‍ित्‍व मंजूर नहीं है। भारतीय प्रतिनिधि ने तुर्की या उसके इस्‍लामिक दुनिया का खलीफा बनने का सपना देख रहे राष्‍ट्रपति एर्दोगान का नाम नहीं लिया। इससे पहले पिछले महीने तुर्की के राष्‍ट्रपति एर्दोगान ने मांग की थी कि सुरक्षा परिषद में एक इस्‍लामिक देश को भी स्‍थायी सदस्‍यता दी जाए। भारतीय प्रतिनिधि ने पाकिस्‍तान या सऊदी के नेतृत्‍व वाले इस्‍लामिक संगठन ओआईसी का भी नाम नहीं लिया। इन दोनों ने मांग की थी कि 'इस्‍लामिक उम्‍मा' को भी सुरक्षा परिषद के सभी वर्गो में सदस्‍यता दी जाए। हारिश ने कहा कि धार्मिक फैक्‍टर को लाने से सुरक्षा परिषद के अंदर सुधारों को लेकर चल रही प्रक्रिया में और ज्‍यादा जटिलता आ जाएगी। तुर्की के राष्‍ट्रपति ने खेला इस्‍लामिक कार्ड हारिश ने जी4 देशों की ओर से संयुक्‍त राष्‍ट्र के अंदर सुधारों को लेकर एक अंतरसरकारी वार्ता के दौरान यह बयान दिया। उन्‍होंने भारत के प्रतिनिधि होने के नाते जोर देकर कहा कि मुस्लिम आरक्षण क्षेत्रीय प्रतिनिध‍ित्‍व के सिद्धांत को कमजोर करेगा जिसे संयुक्‍त राष्‍ट्र ने स्‍वीकार किया है। तुर्की के ऑटोमन साम्राज्‍य को फिर से लाने की कोशिश में लगे एर्दोगान ने एक इफ्तार पार्टी में पिछले महीने कहा था, 'संयुक्‍त राष्‍ट्र सुरक्षा परिषद के अंदर वीटो पावर के साथ एक इस्‍लामिक देश का होना न केवल आवश्‍यकता है, बल्कि एक दायित्‍व भी है।' जी4 देशों का यह समूह सकारात्‍मक और आशावादी सोच वाले तथा सुधार समर्थक देशों का समूह है जो कई साल सुरक्षा परिषद के स्‍थायी सदस्‍यों की संख्‍या को बढ़ाने पर जोर दे रहा है। हारिश ने कहा कि जी4 एक सिफारिशी ग्रुप है जो सार्थक सुधार के लिए काम कर रहा है और किसी खास सुझाव को नहीं देता है कि किसे स्‍थायी सदस्‍य बनाया जाए। जी4 इसे संयुक्‍त राष्‍ट्र महासभा पर छोड़ता है। उन्‍होंने कहा कि महासभा को लोकतांत्रिक आधार पर सुरक्षा परिषद में सुधार करके नए स्‍थायी सदस्‍य को शामिल करना चाहिए। सुरक्षा पर‍िषद में सुधार का जी4 प्रस्‍ताव हारिश ने यह भी कहा कि जी4 देशों का मानना है कि सुरक्षा परिषद के सदस्‍यों की संख्‍या को बढ़ाना चाहिए और क्षेत्रीय प्रतिनिध‍ित्‍व को देना चाहिए। भारत ने कहा कि सुरक्षा परिषद के सदस्‍यों की संख्‍या को 15 से 25 या 26 करना चाहिए। जी4 के प्रस्‍ताव के मुताबिक सुरक्षा परिषद में स्‍थायी सदस्‍यों की संख्‍या को बढ़ाकर 5 से 11 करना चाहिए, वहीं अस्‍थायी सदस्‍यों की संख्‍या को 10 से बढ़ाकर 14 या 15 करनी चाहिए। उन्‍होंने कहा कि 6 नए स्‍थायी सदस्‍यों में प्रत्‍येक को एशिया-प्रशांत, लैट‍िन अमेरिका, कैरेबियाई देश और पूर्वी यूरोप को एक-एक सीट दी जाए। वहीं अफ्रीका को कम से कम एक या दो सीट दी जाए। भारतीय प्रतिनिधि ने पाकिस्‍तान को भी जमकर फटकार लगाई जो सुरक्षा परिषद में सुधार का विरोध कर रहा है। पाकिस्‍तान स्‍थायी सदस्‍यता दिए जाने का विरोध कर रहा है ताकि भारत को रोका जा सके। पाकिस्‍तान इस्‍लामिक उम्‍मा को भी भड़काने का काम कर रहा है। अगर धर्म के आधार पर देखें तो चीन जहां आंशिक रूप से वामपंथी देश है, वहीं बाकी 4 स्‍थायी सदस्‍य ईसाई बहुल देश अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस और रूस हैं। recent visitors 70

रूस ने भारत की वर्षों से चली आ रही संयुक्‍त राष्‍ट्र सुरक्षा परिषद की स्‍थायी सदस्‍यता मांग का खुलकर समर्थन किया

नई दिल्ली/ मास्‍को  भारत और रूस की राजनयिक दोस्‍ती के 78 साल पूरे हो गए हैं। शीत युद्ध से लेकर पाकिस्‍तान युद्ध तक रूस ने भारत के साथ दोस्‍ती निभाई है। अब एक बार फिर से रूस ने भारत की वर्षों से चली आ रही मांग का खुलकर समर्थन किया है। रूस ने संयुक्‍त राष्‍ट्र सुरक्षा परिषद में भारत को स्‍थायी सदस्‍यता देने की मांग को फिर से दोहराया है। साथ ही रूस ने भारत के साथ आने वाले वर्षों में भी अच्‍छे रिश्‍ते बरकरार रखने की उम्‍मीद जताई है। रूस के विदेश मंत्रालय ने अपने संदेश में दोनों देशों के बीच राजनयिक रिश्‍ते स्‍थापित होने के 78 साल पूरे होने की बधाई दी। इस बीच स्‍लोवाकिया ने भी भारत की संयुक्‍त राष्‍ट्र सुरक्षा परिषद में स्‍थायी सदस्‍यता का समर्थन किया है। टेलिग्राम पर दिए अपने संदेश में रूस के विदेश मंत्रालय ने कहा कि हम भारत के साथ रणनीतिक भागीदारी को और मजबूत करना चाहते हैं। रूसी मंत्रालय ने कहा कि दोनों देशों के बीच राजनीतिक संवाद मजबूत बना रहेगा और दोनों देशों के नेताओं के बीच मुलाकातों का दौर जारी रहेगा। साल 2024 में पीएम मोदी और रूसी राष्‍ट्रपति पुतिन के बीच दो शिखर सम्‍मेलन हुए थे। इस साल भी पुतिन भारत आने वाले हैं। रूस ने विक्‍ट्री डे परेड में पीएम मोदी को न्‍योता दिया था। इसमें हिस्‍सा लेने के लिए विदेश मंत्री एस जयशंकर जा रहे हैं। भारत और रूस बढ़ाएं दोस्‍ती रूसी विदेश मंत्रालय ने यह भी कहा कि दोनों देशों के बीच व्‍यापार लगातार तेजी से बढ़ रहा है और यह 60 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। इसके अलावा दोनों देश परमाणु ऊर्जा पर भी सहयोग कर रहे हैं और तमिलनाडु के कुंडनकुलम में परमाणु ऊर्जा संयंत्र लगाया जा रहा है। रूस ने कहा कि दोनों देशों को रक्षा, स्‍पेस, तकनीक और सांस्‍कृतिक आदान-प्रदान को जारी रखना चाहिए ताकि एक बहुध्रुवीय दुनिया को बनाया जा सके। यह वैश्विक प्रशासन में ग्‍लोबल साऊथ की भागीदारी को बढ़ाएगा। सुरक्षा परिषद की दावेदारी में कहां फंसा पेंच? संयुक्‍त राष्‍ट्र सुरक्षा परिषद में स्‍थायी सदस्‍यता के लिए कई साल से भारत मांग कर रहा है। यह दुनिया का सबसे शक्तिशाली निकाय है लेकिन दुनिया की सबसे बड़ी आबादी वाला देश भारत इसका स्‍थायी सदस्‍य नहीं है। साल 1945 में बनाए गए संयुक्‍त राष्‍ट्र सुरक्षा पर‍िषद 15 सदस्‍य हैं और इसमें केवल 5 ही स्‍थायी सदस्‍य हैं। ये देश हैं- अमेरिका, रूस, फ्रांस, चीन और ब्रिटेन। 10 गैर अस्‍थायी सदस्‍य होते हैं जिन्‍हें दो साल के लिए चुना जाता है। स्‍थायी सदस्‍यों के पास वीटो पावर होता है लेकिन अस्‍थायी सदस्‍यों के पास यह ताकत नहीं होती है। भारत को रूस, अमेरिका, फ्रांस समेत दुनिया के कई ताकतवर देशों का समर्थन हासिल है लेकिन नई दिल्‍ली की राह में सबसे बड़ी बाधा चीन बना हुआ है। चीन नहीं चाहता है कि एशिया में उसके एकाधिकार को भारत चुनौती दे। इसी वजह से चीन सुरक्षा परिषद में एशिया से अकेले प्रतिनिधित्‍व करना चाहता है।   recent visitors 55

भारत अब दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा चाय निर्यातक बन गया, 25 से अधिक देशों को चाय निर्यात

नई दिल्‍ली भारत अब दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा चाय निर्यातक बन गया है। उसने श्रीलंका को पीछे छोड़ दिया है। भारतीय चाय बोर्ड के अनुसार, भारत ने 2024 में 25.5 करोड़ किलो चाय का निर्यात किया। केन्या पहले स्थान पर है। भू-राजनीतिक तनावों के बावजूद भारत का चाय निर्यात बढ़ा है। 2024 में निर्यात 10 साल के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया। चाय निर्यात से भारत को अच्छी कमाई हुई है। इराक को भेजे जाने वाले शिपमेंट में बढ़ोतरी हुई है। भारत 25 से ज्‍यादा देशों को चाय निर्यात करता है। भारत दुनिया के शीर्ष पांच चाय निर्यातकों में से एक है। भारतीय चाय बोर्ड के आंकड़ों से पता चला है कि भारत ने चाय निर्यात में बड़ी सफलता हासिल की है। भारत अब श्रीलंका से आगे निकल गया है और दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा चाय निर्यातक बन गया है। 2024 में भारत ने 25.5 करोड़ किलो चाय का निर्यात किया। इससे देश को 7111 करोड़ रुपये की आय हुई। चाय निर्यात पर कोई खास असर नहीं दुनिया में कई तरह की परेशानियां चल रही हैं। इसके बाद भी भारत के चाय निर्यात पर कोई खास असर नहीं पड़ा। यह पिछले 10 सालों में सबसे ज्यादा है। 2023 में यह आंकड़ा 23.16 करोड़ किलो था। इसका मतलब है कि 2024 में 10 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। चाय के निर्यात से भारत को खूब फायदा हुआ है। 2023 में भारत ने 6,161 करोड़ रुपये की चाय निर्यात की थी। 2024 में यह बढ़कर 7,111 करोड़ रुपये हो गई। यह 15 फीसदी की बढ़ोतरी है। 2024 में उत्तरी भारत (असम और पश्चिम बंगाल) ने 15.5 करोड़ किलो चाय का निर्यात किया। इससे 4833 करोड़ रुपये मिले। वहीं, दक्षिणी भारत ने 9.98 करोड़ किलो चाय का निर्यात किया। इससे 2278 करोड़ रुपये की आय हुई। उत्तरी भारत का योगदान मात्रा के हिसाब से 60.79% और मूल्य के हिसाब से 67.96% रहा। दक्षिणी भारत का योगदान मात्रा के हिसाब से 39.21% और मूल्य के हिसाब से 32.04% रहा। भारत 25 से ज्यादा देशों को चाय बेचता है। यूएई, इराक, ईरान, रूस, अमेरिका और ब्रिटेन भारत के प्रमुख ग्राहक हैं। श्रीलंका में चाय की फसल कम होने के कारण कई भारतीय व्यापारियों को पश्चिम एशिया के बाजारों में जाने का मौका मिला। अब वे वहां पर अपनी पकड़ बनाए रखने में सफल हो रहे हैं। दुनिया के टॉप पांच चाय निर्यातकों में शामिल भारत भारत दुनिया के टॉप पांच चाय निर्यातकों में शामिल है। पूरी दुनिया में जितनी चाय का निर्यात होता है, उसका लगभग 10 फीसदी भारत से होता है। असम, दार्जिलिंग और नीलगिरी की चाय को दुनिया की सबसे अच्छी चाय माना जाता है। भारत से ज्यादातर 'ब्लैक टी' चाय का निर्यात होता है। यह कुल निर्यात का लगभग 96 फीसदी है। इसके अलावा, रेगुलर टी, ग्रीन टी, हर्बल चाय, मसाला चाय और लेमन टी भी निर्यात की जाती हैं। भारत सरकार चाय के उत्पादन को बढ़ाने के लिए कई कदम उठा रही है। सरकार चाहती है कि भारतीय चाय की एक खास पहचान बने। इसके साथ ही, सरकार चाय उद्योग से जुड़े परिवारों की मदद भी करना चाहती है। असम में दो मुख्य चाय उत्पादक क्षेत्र हैं: असम घाटी और कछार। पश्चिम बंगाल में तीन प्रमुख चाय उत्पादक क्षेत्र हैं: दोआर्स, तराई और दार्जिलिंग। दक्षिण भारत देश के कुल चाय उत्पादन का लगभग 17 फीसदी उत्पादन करता है। तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक यहां के मुख्य चाय उत्पादक राज्य हैं। छोटे चाय उत्पादक भी चाय के उत्पादन में बड़ा योगदान दे रहे हैं। कुल उत्पादन का लगभग 52 फीसदी हिस्सा छोटे चाय उत्पादकों का होता है। अभी लगभग 2.30 लाख छोटे चाय उत्पादक हैं जो चाय के कारोबार से जुड़े हैं।   recent visitors 58

फाइनल जीतते ही टीम इंडिया क्रिकेट इतिहास में सबसे ज्यादा 3 बार आईसीसी चैम्पियंस ट्रॉफी जीतने का रिकॉर्ड अपने नाम करेगी

दुबई पाकिस्तान की मेजबानी में खेली जा रही आईसीसी चैम्पियंस ट्रॉफी 2025 अब फाइनल दौर में पहुंच गई है. रोहित शर्मा की कप्तानी में भारतीय टीम ने अजेय रहकर ICC चैम्प‍ियंस ट्रॉफी 2025 के फाइनल में एंट्री कर ली है. यह खिताबी मुकाबला 9 मार्च को दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा. जहां भारत की भ‍िड़ंत न्यूजीलैंड से होगी. इस बार यदि भारतीय टीम खिताब जीतती है, तो वो एक खास रिकॉर्ड अपने नाम कर लेगी. साथ ही इस मामले में ऑस्ट्रेलियाई टीम को पछाड़ेगी. दरअसल, फाइनल जीतते ही टीम इंडिया क्रिकेट इतिहास में सबसे ज्यादा 3 बार आईसीसी चैम्पियंस ट्रॉफी जीतने का रिकॉर्ड अपने नाम करेगी. इस बार चैम्पियंस ट्रॉफी का 9वां सीजन खेला जा रहा है. अब तक भारतीय टीम और ऑस्ट्रेलिया ने 2-2 बार खिताब जीते हैं. कंगारू टीम सेमीफाइनल में भारत के ही हाथों हारकर बाहर हो गई है. ऐसे में अब तीसरा खिताब जीतने का रिकॉर्ड बनाने का मौका टीम इंडिया के पास ही है. भारत ने 2002 (संयुक्त रूप से) और 2013 में जीता खिताब भारतीय टीम सबसे पहले श्रीलंका में खेले गए इस तीसरे यानी 2002 सीजन में चैम्पियन बनी थी. तब भारतीय टीम और श्रीलंका ने संयुक्त रूप से खिताब अपने नाम किया था. जबकि 2013 सीजन में महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी वाली भारतीय टीम ने खिताब जीता. 2013 के बाद 2017 में भी चैम्पियंस ट्रॉफी को इंग्लैंड में कराया गया. तब पहली बार पाकिस्तान ने इसे अपने नाम किया. इसके बाद 2021 में टूर्नामेंट होना था, लेकिन कोरोना के कारण इसे टाल दिया गया. अब करीब 8 साल बाद यह टूर्नामेंट दोबारा कराया जा रहा है. अब तक चैम्पियंस ट्रॉफी जीतने वाली टीमें साल विनर नतीजा 1998 साउथ अफ्रीका वेस्टइंडीज को 4 विकेट से हराया 2000 न्यूजीलैंड भारत को 4 विकेट से हराया 2002 भारत-श्रीलंका संयुक्त विजेता मैच बेनतीजा रहा 2004 वेस्टइंडीज इंग्लैंड को 2 विकेट से हराया 2006 ऑस्ट्रेलिया वेस्टइंडीज को 8 विकेट से हराया 2009 ऑस्ट्रेलिया न्यूजीलैंड को 6 विकेट से हराया 2013 भारत इंग्लैंड को 5 रनों से हराया 2017 पाकिस्तान भारत को 180 रनों से हराया चैम्पियंस ट्रॉफी 2025 में भारतीय स्क्वॉड: रोहित शर्मा (कप्तान), शुभमन गिल (उप-कप्तान), विराट कोहली, श्रेयस अय्यर, केएल राहुल (विकेटकीपर), ऋषभ पंत (विकेटकीपर), हार्दिक पंड्या, रवींद्र जडेजा, अक्षर पटेल, कुलदीप यादव, वरुण चक्रवर्ती, हर्षित राणा, मोहम्मद शमी, अर्शदीप सिंह और वॉशिंगटन सुंदर. recent visitors 41

एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के कीर्तिमानों की सूची, जानें पहले नंबर पर कौन सा देश काबिज

मुंबई क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट का अपना-अपना अलग अंदाज है, लेकिन क्रिकेट प्रेमी तीनों ही फॉर्मेट को पसंद करते हैं। हालांकि, तीनों फॉर्मेट में अलग-अलग टीमें टॉप स्थान पर हो सकती हैं। इस समय आईसीसी की टॉप टीमों में वनडे और टी20 में भारत का नाम शामिल है, जबकि टेस्ट में इस समय ऑस्ट्रेलिया की टीम कब्जा जमाए हुए है। इस समय आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी खेली जा रही है, जो वनडे फॉर्मेट में आयोजित हो रही है। वनडे फॉर्मेट का हमेशा से ही अलग जलवा रहा है। वनडे वर्ल्ड कप का बेसब्री से फैंस इंतजार करते हैं। दरअसल, वनडे मैचों में कई ऐसे रिकॉर्ड बने हैं जो टूटे हैं। कई महान बल्लेबाज हुए हैं, जिन्होंने वनडे में शतकों का अंबार लगाया है। कई ऐसी टीमें भी हैं, जिन्होंने वनडे में शतकों के मामले में रिकॉर्ड बनाया है। पाकिस्तान की टीम ने लगाए कुल 229 शतक पाकिस्तान की टीम में कई बड़े खिलाड़ी रहे हैं। आज के समय में बाबर आजम और मोहम्मद रिजवान जैसे खिलाड़ी हैं। एक समय पर शाहिद अफरीदी, मोहम्मद यूनुस और मिस्बाह-उल-हक जैसे खिलाड़ी भी इस टीम का हिस्सा थे। लेकिन पाकिस्तान में अब तक सईद अनवर का रिकॉर्ड कोई नहीं तोड़ सका है। पाकिस्तान की पूरी टीम ने वनडे क्रिकेट में 229 शतक लगाए हैं। पाकिस्तान की ओर से सईद अनवर ने सबसे ज्यादा 20 शतक लगाए, जबकि बाबर आजम ने 19 शतक लगाए हैं। बाबर आजम जल्द ही सईद अनवर का रिकॉर्ड तोड़ सकते हैं। ऑस्ट्रेलिया की टीम ने लगाए कुल 252 शतक वहीं, दूसरे नंबर पर ऑस्ट्रेलिया की टीम है, जिसने पाकिस्तान से ज्यादा शतक बनाए हैं। ऑस्ट्रेलिया की पूरी टीम ने वनडे क्रिकेट में 252 शतक लगाए हैं। ऑस्ट्रेलिया का क्रिकेट हमेशा से ही शानदार रहा है। सबसे ज्यादा आईसीसी ट्रॉफियां भी ऑस्ट्रेलिया के पास ही हैं। ऑस्ट्रेलिया की ओर से वनडे क्रिकेट में सबसे ज्यादा शतक लगाने का रिकॉर्ड रिकी पोंटिंग के नाम है, जिन्होंने 30 वनडे शतक बनाए। इसके बाद मैथ्यू हेडन का नाम आता है, जिन्होंने 18 शतक जोड़े हैं। भारत की टीम ने लगाए कुल 323 शतक दुनिया में वनडे क्रिकेट की सबसे सफल टीम भारतीय टीम रही है। भारतीय खिलाड़ियों ने वनडे क्रिकेट में कुल 323 शतक लगाए हैं। भारत के सबसे सफल बल्लेबाजों में सचिन तेंदुलकर का नाम हमेशा से लिया जाता है, लेकिन अब इस रिकॉर्ड को विराट कोहली ने तोड़ दिया है। भारत की ओर से सबसे ज्यादा वनडे शतक विराट कोहली ने लगाए हैं। विराट कोहली अब तक 51 शतक लगा चुके हैं, जबकि इससे पहले सचिन तेंदुलकर ने भारत के लिए 50 वनडे शतक लगाए थे। यानी कुल मिलाकर सचिन और विराट ने मिलकर ही 100 शतक जड़ दिए हैं। recent visitors 51

Indore BRTS: इंदौर में भी टूटेगा बीआरटीएस… HC के आदेश पर बोले महापौर भार्गव- कल से ही कर देंगे काम शुरू

Indore BRTS: BRTS will be demolished in Indore too… Mayor Bhargava said on HC’s order – will start the work from tomorrow itself इंदौर। मध्य प्रदेश में भोपाल के बाद अब इंदौर में भी बीआरटीएस (इंदौर बस रैपिड ट्रांजिट सिस्टम) को हटाने का रास्ता साफ हो गया है। हाई कोर्ट ने गुरुवार को इसकी अनुमति दे दी। हाई कोर्ट का आदेश आने के बाद महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि सरकार खुद ही इसे हटाना चाहती थी, ताकि यातायात सुगम हो सके। अब हाई कोर्ट का आदेश भी आ गया है तो कल से ही हटाने का काम शुरू कर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद हाई कोर्ट ने भी लगाई मुहरइस तरह 12 साल पुराने इंदौर बीआरटीएस को तोड़ने का रास्ता साफ हो गया। बीआरटीएस को लेकर हाई कोर्ट में चल रही दो जनहित याचिकाओं में गुरुवार को सुनवाई हुई।वर्तमान परिस्थितियों में बीआरटीएस की उपयोगिता और व्यावहारिकता जांचने के लिए बनाई गई पांच सदस्यीय समिति ने अपनी रिपोर्ट कोर्ट के समक्ष रखी। इसमें कहा कि इंदौर का बीआरटीएस वर्तमान परिस्थिति में अपनी उपयोगिता खो चुका है।इसकी वजह से अक्सर जाम की स्थिति बनती है। मुख्यमंत्री खुद इसे तोड़ने की घोषणा कर चुके हैं। याचिका में भी बीआरटीएस को तोड़ने की मांग है। सभी पक्षों को सुनने के बाद हाई कोर्ट की युगलपीठ ने बीआरटीएस तोड़ने के सरकार के फैसले पर मुहर लगा दी। recent visitors 125