जीतू ने पीसीसी कार्यालय में ध्वज फहराया, सीएम ने इंदौर में फहराया तिरंगा: भोपाल में राज्यपाल ने किया झंडावंदन

Jitu hoisted the flag at the PCC office, CM hoisted the tricolor in Indore: Governor saluted the flag in Bhopal भोपाल । मध्यप्रदेश में आज 76वां गणतंत्र दिवस मनाया जा रहा है।  पीसीसी कार्यालय में मना गणतंत्र दिवस गणतंत्र दिवस पर मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने पीसीसी कार्यालय में ध्वज फहराया। इसके बाद वे लोगों से मिले। सीएम डॉ. मोहन यादव ने इंदौर के नेहरू स्टेडियम में सुबह 9 बजे तिरंगा फहराया। राष्ट्रगान के बाद खुली जीम में परेड की सलामी ली। सीएम इसके बाद बाल विनय विद्या मंदिर उत्कृष्ट विद्यालय में आयोजित भोज कार्यक्रम में भी शामिल होंगे। भोपाल में राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने तिरंगा फहराकर संयुक्त परेड की सलामी ली। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर मुरैना में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। वहीं, डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा देवास और राजेंद्र शुक्ल रीवा में हैं। recent visitors 171

एमपी में 1 फरवरी से मावठा गिरेगा: जबलपुर, ग्वालियर-चंबल समेत 7 संभाग भीगेंगे; भोपाल-इंदौर में ठंड बढ़ेगी

Mawtha will fall in MP from February 1: 7 divisions including Jabalpur, Gwalior-Chambal will get wet; Cold will increase in Bhopal-Indore भोपाल। मध्यप्रदेश में 1 फरवरी से मावठा गिरेगा। इससे जबलपुर, ग्वालियर, चंबल समेत 7 संभाग के जिलों में असर रह सकता है, जबकि भोपाल, इंदौर और उज्जैन में हल्की ठंड रहेगी। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. वेदप्रकाश सिंह ने बताया, वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) की वजह से फरवरी के शुरुआती 4 दिन तक मौसम बदला रहेगा। कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है। मौसम वैज्ञानिक डॉ. सिंह ने बताया कि, प्रदेश में उत्तरी हवाएं आ रही हैं। वहीं, जेट स्ट्रीम हवा राजस्थान, पश्चिम उत्तरप्रदेश, पश्चिम-उत्तर मध्यप्रदेश और गुजरात में चल रही है। इस वजह से पारे में गिरावट हुई है, जो अगले 2 दिन बनी रहेगी। फिर 1-2 डिग्री की बढ़ोतरी होगी। 29 जनवरी से वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव हो रहा है। जिसका असर 2 दिन बाद से प्रदेश में देखने को मिलेगा। इस कारण 1 से 4 फरवरी के बीच पूर्वी और दक्षिणी हिस्से में बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार, रीवा, शहडोल, जबलपुर, सागर, ग्वालियर, चंबल और नर्मदापुरम में कहीं-कहीं बारिश हो सकती है। इंदौर, भोपाल और उज्जैन संभाग में मौसम साफ रहेगा। दक्षिण-पूर्वी हवा से गायब हो गई थी ठंड इससे पहले दक्षिण-पूर्वी हवाओं ने प्रदेश से ठंड जैसे गायब कर दी थी। 6 दिन से दिन-रात के तापमान में खासी बढ़ोतरी देखने को मिली। यहां शुक्रवार से तापमान में गिरावट शुरू हो गई। रात में भी पारा लुढ़का। वहीं, शनिवार को भी मौसम में ठंडक देखने को मिली। 2 दिन ऐसा रहेगा मौसम 26 जनवरी: प्रदेश के सभी हिस्से में ठंड का असर रहेगा। खासकर सुबह और रात में मौसम सर्द रहेगा। 27 जनवरी: दिन-रात में ठंड का असर रहेगा। कुछ शहरों में हल्का कोहरा भी रह सकता है। recent visitors 148

मध्य प्रदेश का राज भवन घूमने का सुनहरा अवसर , जाने नियम

Golden opportunity to visit Raj Bhavan of Madhya Pradesh, know the rules MP News: मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगू भाई पटेल के निर्देश पर गणतंत्र दिवस के अवसर पर तीन दिनों के लिए राजभवन के दरवाजे आम लोगों के लिए खुले रहेंगे. राजभवन में कई ऐसे दर्शनीय स्थान है जो इतिहास से जुड़े हुए हैं. इनका भ्रमण और अवलोकन आम लोगों द्वारा किया जा सकता है. राजभवन के अपर मुख्य सचिव के सी गुप्ता ने बताया कि राज्यपाल मंगू भाई पटेल के निर्देश पर राजभवन को आम लोगों के अवलोकन के लिए तीन दिनों तक खोला जाएगा. उन्होंने बताया कि आम नागरिक 25 से 27 जनवरी 2025 तक की निर्धारित समय अवधि में राजभवन देख सकते हैं. इसके लिए समय भी तय किया गया है. आम लोगों के लिए दोपहर 2:00 बजे से शाम 7:00 बजे तक राजभवन खुला रहेगा. इसी प्रकार 26 जनवरी को प्रातः 11 से दोपहर 2:00 बजे तक राजभवन का भ्रमण किया जा सकेगा. संभावना जुटाए जा रही है कि तीन दिन की अवधि में हजारों की संख्या में लोग राजभवन को देखने के लिए जा सकते हैं. उन्हें गेट नंबर 2 से आवागमन की अनुमति मिलेगी. इतिहास को संजोए हुए है राजभवनराजभवन राज्यपाल का निवास होने के साथ-साथ इतिहास को अपने आप में संजोए हुए हैं. यहां पर तोप, आकर्षक प्राचीन‌ वस्तुओं के साथ-साथ एक विशाल वेंकट हाल भी है, जो कि काफी पुराना है. राजभवन की कई प्राचीन वस्तुएं आम लोगों को अपनी और आकर्षित करती है. इसके अलावा प्राचीन समय के लगे हुए झूमर भी राजभवन की खूबसूरती के साथ-साथ लोगों के आकर्षण का केंद्र माने जाते हैं. जिस क्षेत्र में राजभवन स्थित है वह 1880 तक एक सैन्य छावनी क्षेत्र था. इस क्षेत्र में किसी भी निजी निर्माण की अनुमति नहीं थी. 1880 में वर्तमान राजभवन का निर्माण भोपाल की नवाब शाहजहां बेगम ने ब्रिटिश अधिकारियों के ठहरने के लिए किया था. इसे शुरू में लाल कोठी नाम दिया गया था. 1880 के बाद से लाल कोठी भोपाल में तैनात ब्रिटिश राजनीतिक एजेंटों का आधिकारिक निवास बन गया. recent visitors 202

एमपी में शराबबंदी, अब उज्जैन काल भैरव का क्या होगा, संतों,,,,,

मध्यप्रदेश के उज्जैन में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की ओर से शराबबंदी का एलान करने के बाद बाबा महाकाल के सेनापति भगवान कालभैरव मंदिर, After prohibition of liquor in Ujjain जहां भगवान को श्रद्धालु शराब का भोग लगाते हैं, इस परंपरा के चलते मंदिर के बाहर आबकारी विभाग की दो सरकारी शराब दुकानें संचालित होती हैं। इन दुकानों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु शराब खरीदकर भगवान को अर्पित करते हैं और कई लोग इसे प्रसाद के रूप में भी ग्रहण करते हैं। लेकिन अब इस नई नीति से यह दोनो दुकाने बंद हो जाएगी। 17 दुकानों पर लग जाएगा तालाउज्जैन कलेक्टर नीरज सिंह ने कहा कि इस मुद्दे पर फिलहाल कोई निर्णय नहीं लिया गया है। आदेश आने के बाद नई आबकारी नीति के अनुसार ही निर्णय लिया जाएगा। वहीं उज्जैन शहर के नगर निगम क्षेत्र में 17 शराब की दुकान आती हैं, जिससे आबकारी विभाग को 242 करोड़ रुपए का रेवेन्यू मिलता है, After prohibition of liquor in Ujjainलेकिन अब मोहन सरकार कैबिनेट के फैसले के बाद इन 17 दुकानों पर ताला लग जाएगा और 242 करोड़ रुपए का नुकसान आबकारी विभाग को होगा। कलेक्टर नीरज सिंह ने बताया कि कालभैरव के इस मुद्दे पर फैसला अभी बाकी है और जब आदेश जारी होगा, तब काल भैरव मंदिर के आसपास शराब बंदी के आदेश पर विचार किया जाएगा। इन 17 शहरों में लगा बैनमोहन यादव सरकार ने मध्य प्रदेश के 17 शहरों में शराबबंदी का फैसला किया। इन शहरों में उज्जैन, ओंकारेश्वर, मैहर, खजुराहो, महेश्वर, ओरछा, सांची, नलखेड़ा, सलकनपुर, जबलपुर, मंदसौर सहित अन्य जिलों का नाम शामिल है। सीएम मोहन ने कहा कि ये सभी क्षेत्र हमारी धार्मिक आस्था के केंद्र हैं। इसी नीति के आधार पर इन सभी क्षेत्रों में सरकार ने शराबबंदी का निर्णय लिया है। खास बात ये है कि, शराबबंदी वाले क्षेत्रों से हटाई जाने वाली सभी शराब दुकानों को अन्य किसी स्थानों या शहरों में विस्थापित भी नहीं किया जाएगा। यानी ये सभी दुकानें पूरी तरह से बंद होंगी। Read more: MP Cabinet Meeting: 17 धार्मिक स्थलों पर शराबबंदी पर मुहर, विशेष परिस्थितियों में मंत्री कर सकेंगे तबादले महाकाल के सेनापति है काल भैरवधार्मिक मान्यताओं के अनुसार काल भैरव बाबा महाकाल के सेनापति है। महाकाल दर्शन से पहले काल भैरव मंदिर में दर्शन किए जाते हैं। भगवान काल भैरव को आदिकाल से ही शराब का भोग लगाकर सबके सामने पिलाई जाती है। यही वजह है कि मंदिर के पास दो शराब की दुकानें हैं, जहां से प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु करीब 5 लाख रुपए की शराब लेते है। उज्जैन में शराब बंदी को लेकर सवाल उठ रहा है कि काल भैरव मंदिर में दर्शन करने आने वाले भक्तों को शराब चढ़ाने के लिए शराब कहां से मिलेगी….? ऐसे में यहां शराब बंदी के आदेश को कैसे लागू किया जाएगा? संतों ने कहा लोगों को सीमित मात्रा में ही मिलेउज्जैन अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रामेश्वर दास जी महाराज ने कहा कि सरकार शराब बंदी लागू करे, लेकिन काल भैरव मंदिर में ख़ास ध्यान देकर नई नीति बनाए, ताकि लोग इसे सिर्फ चढ़ाने के उद्देश्य से ही खरीद सके। साथ ही भक्तों को दुकान से शराब सीमित मात्रा में ही मिले। [/more] recent visitors 187

MP Cabinet Meeting: 17 धार्मिक स्थलों पर शराबबंदी पर मुहर, विशेष परिस्थितियों में मंत्री कर सकेंगे तबादले

MP Cabinet Meeting Decisions: मध्यप्रदेश के महेश्वर में आज 24 जनवरी को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (CM Mohan Yadav) की अध्यक्षता में पहली डेस्टिनेशन कैबिनेट बैठक आयोजित की गई। बैठक नर्मदा किनारे स्थित नर्मदा रिट्रीट में आयोजित हुई, जिसे अहिल्याबाई किले की थीम पर सजाया गया है। महेश्वर में हो रही यह ऐतिहासिक बैठक देवी अहिल्याबाई की 300वीं जयंती वर्ष को समर्पित की गई है। लिए गए ये फैसले (MP Cabinet Meeting Decision): महू में भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय को 50 हजार करोड़ की राशि देने की घोषणा।विधि सेंटर आफ एक्सीलेंस के हिसाब से विकसित किया जाएगा।विस्तारित रूप से स्थापित करने के लिए​कल्याणी विभागों को प्रोत्साहित करने का प्रावधानविशेष परिस्थितियों में मंत्री कर सकेंगे तबादले2 लाख किसानों को 3 से 5 हार्स पावर की मशीनों के लिए 10 प्रतिशत की राशि देने पर पंप फ्री दिए जाएंगेभोपाल में बावड़िया कला पर नया सेतू के लिए 180 करोड़ की लागत से नया सेतू मिलेगापहले चरण में 17 नगर नगर पालिका, नगर पंचायत की दुकाने बंद होंगी। इन्हें दूसरी जगह शिफ्ट नहीं किया जाएगा। recent visitors 133

इंदौर को ‘हांगकांग’ बनाने को हरी झंडी, हजारों मकान व दुकानों पर मंडराया संकट

INDORE MASTER PLAN GREEN SIGNAL इंदौर ! देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर को हांगकांग जैसा बनाने की तैयारी शुरू हो गई है. स्वच्छता में नंबर वन इंदौर को अब ट्रैफिक में भी नंबर वन बनाने के लिए नगरी प्रशासन विभाग ने कमर कस ली है. शहर में करीब 3 हजार करोड़ की मास्टर प्लान की सड़कों और ड्रेनेज समेत विभिन्न विकास कार्यों को मंजूरी दे दी गई है. समीक्षा बैठक में तमाम जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की मौजूदगी में शहर की सड़कों के मास्टर प्लान के तहत सड़के के साथ ही ड्रेनेज लाइन और पेयजल की व्यवस्था पर चर्चा की गई. मास्टर प्लान को लेकर मैराथन मीटिंगदरअसल, इंदौर को ट्रैफिक की दृष्टि से और भविष्य में विकास के मद्देनजर ये बैठक हुई. बैठक में चर्चा के बाद फैसला लिया कि शहर की 23 सड़कों को 468.41 करोड़ की लागत से तैयार किया जाएगा. साथ करीब इतनी ही राशि से अन्य सड़कें बनाई जाएंगी. करीब 1000 करोड़ की लागत से नमामि गंगे योजना के तहत पानी की सप्लाई और 1000 करोड़ की राशि से अमृत 2 योजना अंतर्गत ड्रेनेज और अन्य विकास कार्य किए जाएंगे. यह पहला मौका है जब इंदौर में एक साथ 3000 करोड़ के कार्यों को आगामी 30 महीने में पूरा करने का फैसला लिया गया है. व्यापक स्तर पर टूटेंगे मकान व दुकानेंइंदौर में अपने तरीके के पहले कायाकल्प अभियान के तहत जिन सड़कों का निर्माण होगा, उनके आसपास मौजूद मकान और दुकानों को बड़े पैमाने पर तोड़ा जाएगा. ऐसे मकान मालिकों और भूमि स्वामी को नगरी प्रशासन विभाग द्वारा वैकल्पिक रूप से फ्लैट दिए जाएंगे. इसके अलावा निर्माण के दायरे में जो मकान व दुकानें आएंगी, उनके लिए फिलहाल कोई वैकल्पिक व्यवस्था का प्रावधान नहीं किया गया है. नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने इंदौर नगर निगम और जिला प्रशासन के तमाम अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा “सभी 23 सड़कें ढाई साल में बनाई जाएंगी. इनके लिए टेंडर होने के बाद हर 15 दिन में प्रोग्रेस रिपोर्ट भी देनी पड़ेगी.” 25 सड़कों के चौड़ीकरण में 3000 मकान टूटेंगेइंदौर शहर में मास्टर प्लान के तहत बनाई जा रही 25 सड़कों चौड़ाई अलग-अलग निश्चित है. सड़कों को चौड़ा करके बनाने के दौरान शहर के विभिन्न इलाकों में करीब 3000 मकान तोड़ने होंगे. इन मकानों में अधिकांश ऐसे हैं, जो पूरी तरह सड़क में जा रहे हैं, जबकि 75 फ़ीसदी मकान आधे से ज्यादा तोड़े जाएंगे. इनमें कई दुकानें और व्यापारिक प्रतिष्ठान सड़कों के चौडीकरण के कारण पूरी तरह से हटा दिए जाएंगे. ऐसे अतिक्रमण और मकान तोड़े जाने के बदले नगरीय प्रशासन विभाग अब फ्लैट देने की तैयारी में है. इन फ्लैट में 1 बीएचके के स्थान पर 2 और 3 बीएचके फ्लैट देने की नीति नगरीय प्रशासन विभाग तैयार कर रहा है. मास्टर प्लान में टूटने वाले धार्मिक स्थल बनाकर देंगेइंदौर में मास्टर प्लान की सड़कों को नए सिरे से बनाने और चौड़ा करने के मार्ग में कई धार्मिक स्थल भी आ रहे हैं. इसको लेकर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का कहना है “धार्मिक स्थलों को लेकर लोगों को समझाकर और आमराय बनाकर काम करेंगे, जितने भी धार्मिक स्थल हटाए जाएंगे, उनके स्थान पर नए बनाकर दिए जाएंगे. इस बारे में निर्देश दिए गए हैं.” recent visitors 124

भाजपा जिला अध्यक्ष : इंदौर में अब भी फंसा पेच, मंत्री विजयवर्गीय-सिलावट में तकरार

BJP District President: Trouble still stuck in Indore, dispute between Minister Vijayvargiya and Silavat BJP District President : पांच दिन के ब्रेक के बाद गुरुवार को भाजपा जिला अध्यक्षों के शेष बचे पांच में से दो जिलों की घोषणा की गई। जिसमें छिंदवाड़ा से शेषराव यादव और और नरसिंहपुर से रामस्नेही पाठक को अध्यक्ष बनाया गया है। लेकिन तीन जिलों का इंतजार अभी भी जारी है। इंदौर नगर, इंदौर ग्रामीण और निवाड़ी जिलों की घोषणा अभी शेष है। छिंदवाड़ा में सांसद बंटी विवेक साहू को तगड़ा झटका लगा है। क्योंकि पूरी ताकत लगाने के बावजूद उनके धुर विरोधी शेषराम यादव को जिला अध्यक्ष की कमान सौंपी गई है। शेषराम अभी कार्यकारी जिला अध्यक्ष भी थे। बता दें बंटी ने टीकाराम चंद्रवंशी का नाम आगे बढ़ाया था, लेकिन इस नाम को लेकर छिंदवाड़ा के पुराने भाजपा नेता लामबंद हो गए हैं। भाजपा नेताओं का आरोप था कि चंद्रवंशी पर गबन, 420 के प्रकरण दर्ज हैं। वह हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत पर बाहर हैं। ऐसे में संगठन ने विवाद से बचने के लिए चंद्रवंशी का नाम ड्रॉप कर दिया। नरसिंहपुर में अध्यक्ष के नाम की घोषणा में देरी की वजह मंत्री प्रहलाद पटेल और मंत्री राव उदय प्रताप के बीच अपने गुट का अध्यक्ष बनाने की आंतरिक खींचतान रही। लेकिन बाद में प्रहलाद पटेल की पसंद चली है।मंत्री विजयवर्गीय-सिलावट में तकरार संगठन की कई कोशिशों के बावजूद इंदौर के जिला अध्यक्षों का(BJP District President) विवाद लगातार जारी है। इंदौर ग्रामीण में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय(Minister Kailash Vijayvargiya) चिंटू वर्मा के नाम पर अड़े हुए हैं। तो सिंधिया गुट के मंत्री तुलसी सिलावट(Tulsi Silavat) अंतर दयाल के नाम की पैरवी कर रहे हैं। इसी के अलावा दूसरा पेंच ये भी है कि कैलाश इंदौर ग्रामीण के साथ-साथ शहर में भी अपना आदमी चाहते है। लिहाजा यहां पेच इतना फंस चुका है कि कई प्रयासों के बावजूद अंतिम सहमति नहीं बन पा रही है। recent visitors 155