लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई: हजारों की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार महिला अधिकारी

Lokayukta takes major action: Woman officer arrested red-handed while accepting bribe worth thousands Lokayukta Action: प्रदेश में रिश्वतखोरी के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। आए दिन कोई न कोई रिश्वतखोर अधिकारी-कर्मचारी घूस लेते लोकायुक्त पुलिस द्वारा गिरफ्तार हो रहे है। ऐसा ही मामला मंदसौर जिले से सामने आया है। यहां बुधवार को लोकायुक्त ने सहकारिता उपायुक्त कार्यालय की महिला अधिकारी हिमांगनी शर्मा को 15 हजार रूपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा है। खबर लिखे जाने तक रिश्वतखोर अधिकारी पर लोकायुक्त पुलिस की कार्रवाई जारी रही। लोकायुक्त पुलिस कार्रवाई से एक बार फिर शासकीय विभागों में रिश्वतखोर अधिकारियों कर्मचारियों के बीच हड़कंप मच गया है। जानकारी के मुताबिक, बुधवार को मंदसौर के काला खेत में सोसाइटियां में प्रबंधक प्रभुलाल वर्मा की शिकायत पर लोकायुक्त पुलिस ने सहकारिता उपायुक्त कार्यालय की महिला अधिकारी हिमांगनी शर्मा रिश्वत लेते ट्रैप किया। प्रभुलाल वर्मा ने शिकायत की थी कि, सहकारिता उपायुक्त कार्यालय में बिल पास करने के एवज में महिला अधिकारी हिमांगनी शर्मा ने 40 हजार रूपए की मांग की। लोकायुक्त डीएसपी दिनेस पटेल के नेतृत्व में कार्रवाई फरियादी ने बुधवार से पहले 5 हजार रुपये रिश्वत की पहली किस्त के रूप में हिमांगनी शर्मा को दी थी। वहीं रिश्वत की दूसरी किस्त 15 हजार देते समय लोकायुक्त पुलिस ने महिला अधिकारी को रंगे हाथों पकड़ लिया। रिश्वतखोर अधिकारी को ट्रैप करने के बाद अग्रिम कार्रवाई की जारी है। लोकायुक्त डीएसपी दिनेस पटेल के नेतृत्व में ये कार्रवाई हुई है recent visitors 168

लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई: 15 हजार की रिश्वत लेते आरक्षक को रंगे हाथों दबोचा, इस मामले में ले रहा था घूस

मंदसौर। मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार थमने का नाम नहीं ले रहा है, प्रदेश में आए दिन अलग-अलग विभागों में सरकारी अधिकारी और कर्मचारियों के रिश्वतखोरी के मामले सामने आ रहे हैं। अब मंदसौर में उज्जैन लोकायुक्त की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 15 हजार की रिश्वत लेते एक पुलिस कांस्टेबल को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। जानकारी के मुताबिक जिले के भानपुरा थाना में लोकायुक्त की टीम ने 15 हजार की रिश्वत लेते प्रधान आरक्षक मुकेश चौहान को रंगे हाथों दबोचा है। फरियादी पप्पू सिंह के अनुसार उसके भाई की जमानत की लिखापढ़ी के एवज में आरक्षक द्वारा रिश्वत की मांग की गई थी। उज्जैन लोकायुक्त टीम ने आरोपी आरक्षक के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की है। पप्पू सिंह सौंधिया पिता मानसिंह सौंधिया निवासी ग्राम मानपुरा ने लोकायुक्त में बताया था कि उसके भाई ईश्वर सिंह, अन्य व्यक्ति तूफान सिंह और बंशीलाल के खिलाफ भानपुरा थाने में केस दर्ज किया गया था। उसमें जमानत देने की लिखापढ़ी के एवज में प्रधान आरक्षक मुकेश चौहान ने 15 हजार रुपए मांगे थे। शिकायत का सत्यापन प्रभारी एसपी राजेश पाठक ने डीएसपी सुनील तालान से कराया, तो शिकायत सही पाई गई। इस पर से 16 दिसंबर को टीम ने छापा मारा। रुपए देते समय टीम ने रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। recent visitors 100

रिश्वतखोर ड्रग इंस्पेक्टर लोकायुक्त टीम के हफ्ते चढ़ा , मेडिकल स्टोर लाइसेंस के मांगे 26000

मंदसौर ! मध्‍यप्रदेश के सरकारी विभागों में रिश्वत लेने के मामले बढ़ते जा रहे हैं। बिना पैसे खिलाए कोई काम नहीं होता है। हालांकि ऐसे मामलों की शिकायत मिलते ही लोकायुक्त भी गंभीरता से एक्शन लेती है। ताजा मामला एमपी के मंदसौर जिले में का है, जहां शुक्रवार को उज्‍जैन लोकायुक्‍त ने बड़ी कार्रवाई की है। लोकायुक्त ने ड्रग इंस्‍पेक्‍टर को 26 हजार रुपए की रिश्‍वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। ड्रग इंस्‍पेक्‍टर ने मेडिकल स्टोर का लाइसेंस बनाने के बदले रिश्वत मांगी थी। उज्जैन लोकायुक्त डीएसपी राजेश पाठक ने बताया कि फरियादी लखन पिता कृष्ण कुमार पाटीदार निवासी नारायणगढ़ रोड हरसोल ने शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत में बताया कि उसे मेडिकल स्टोर का लाइसेंस बनवाना था। इसके बदले ड्रग इंस्पेक्टर जयप्रकाश कुम्हार 26 हजार रुपए की रिश्वत मांग रहा था। जांच में शिकायत सही पाई जाने पर उज्जैन लोकायुक्त टीम ने शुक्रवार को मेडिकल एसोसिएशन के अध्यक्ष को रिश्वत के 26 हजार रुपए लेते रंगे हाथों पकड़ा है। साथ ही उसने ड्रग इस्पेक्टर के लिए रुपए लिए थे। इसलिए उनको भी अरेस्ट किया गया है। ड्रग इंस्पेक्टर जय प्रकाश ने फरियादी लखन को रुपए लेकर मंदसौर एसपी कार्यालय के सामने बुलाया। रुपए मनीष चौधरी को देने की बोला। इसके बाद फरियादी 26 हजार रुपए लेकर एसपी कार्यालय के सामने पहुंचा। यहां फरियादी को दलाल के रूप में मेडिकल एसोसिएशन का जिलाध्यक्ष मनीष चौधरी मिला। उसने जैसे ही ड्रग इंस्पेक्टर के नाम के रुपए लिए वैसे ही लोकायुक्त टीम ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया। मामले में डीएसपी पाठक ने बताया कि ड्रग इंस्पेक्टर जयप्रकाश कुम्हार और उसके साथी मनीष चौधरी के खिलाफ भ्रष्‍टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं में मामला दर्ज किया है। इसके साथ ही मामले में विभिन्‍न स्‍तर पर जांच जारी है। recent visitors 123