25 अक्टूबर से 1400 से अधिक केन्द्रों पर होगा सोयाबीन का उपार्जन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

जिले, तहसील, विकासखंड और संभागों के पुनर्गठन की प्रक्रिया की जा रही है आरंभ : मुख्यमंत्री डॉ. यादव जन-प्रतिनिधि और आमजन से आमंत्रित हैं सुझाव विभागों में लगभग एक लाख पदों पर होंगी भर्तियां 11 विभाग समन्वित रूप से चलाएंगे रोजगार के लिए अभियान 25 अक्टूबर से 1400 से अधिक केन्द्रों पर होगा सोयाबीन का उपार्जन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सड़कों के लिए प्रदेश को लगभग 30 हजार करोड़ की सौगात देने केन्द्रीय मंत्री गडकरी का माना आभार माईनिंग कॉन्क्लेव में 11 औद्योगिक घरानों से प्राप्त हुए 19 हजार करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव दीपावली के दूसरे दिन गोवर्धन पूजा पर गौ-शालाओं में होंगे कार्यक्रम गोवंश की सेवा में बेहतर कार्य करने वालों को किया जाएगा पुरस्कृत मंत्रीगण गृह जिलों के कार्यक्रमों में होंगे शामिल शासकीय अधिकारी-कर्मचारियों को 28 अक्टूबर को मिलेगा वेतन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले किया संबोधित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मार्च 2024 में प्रदेश की प्रशासनिक इकाइयों के पुनर्गठन का प्रस्ताव किया था। इस क्रम में प्रदेश के संभाग, उप संभाग, जिले, तहसील, विकासखंडों के पुनर्गठन की प्रक्रिया आरंभ की जा रही है। आमजन और जन-प्रतिनिधि अपने सुझाव, आवेदन और अभ्यावेदन के रूप में पुनर्गठन आयोग को प्रस्तुत कर सकेंगे। आवेदनों पर विचार के बाद अनुशंसाएं पुनर्गठन आयोग द्वारा राज्य शासन को प्रस्तुत की जाएंगी। नगरीय क्षेत्र की सीमाओं के प्रस्ताव भी आयोग को दिए जा सकेंगे। आयोग नवंबर माह से विभिन्न संभागों में अपने दौरे प्रारंभ करेगा, आवेदन अभ्यावेदन के लिए 4 से 6 माह तक का समय रहेगा। जन-सुविधा की दृष्टि से इसका व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया जाएगा, जिससे लोग सरलता से अपने सुझाव आयोग को पहुंचा सकें। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यह जानकारी मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले अपने संबोधन में दी। मंत्रि-परिषद की बैठक वंदे-मातरम गान के साथ मंत्रालय में आरंभ हुई। औद्योगिक इकाइयों के लिए उपलब्ध होगी स्किल्ड लेबर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रोजगार सृजन, राज्य सरकार की प्राथमिकता है। प्रदेश में रोजगार के अधिक से अधिक अवसरों के सृजन के लिए 11 विभाग समन्वित रूप से प्रयास कर रहे हैं। उद्योग, एमएसएमई, कृषि -उद्यानिकी आदि विभागों के साथ तालमेल करते हुए अगले 4 साल में रोजगार के अवसरों के सृजन के लिए कार्य योजना बनाई जा रही है। प्रदेश में जारी इंडस्ट्रियल कॉन्क्लेव के परिणाम स्वरुप स्थापित हो रही औद्योगिक इकाइयों के लिए स्किल्ड लेबर उपलब्ध हो और प्रदेश के युवाओं को रोजगार भी मिले इस उद्देश्य से कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कर्मचारी चयन आयोग और लोक सेवा आयोग की भर्ती प्रक्रिया भी आरंभ की जा रही है। सभी विभागों में लगभग 1 लाख तक भर्तियां होंगी, जिसकी प्रक्रिया अभियान के रूप में आरंभ की जा रही हैं। सुखद है आमजन को 999 रूपए में विमान यात्रा का अवसर प्रदान करना मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा रीवा में प्रदेश के छठवें विमानतल का लोकार्पण करने पर बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह बघेलखंड, बुंदेलखंड और विंध्य क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि है। इससे जन-सुविधा प्राप्त होने के साथ विकास की प्रक्रिया को भी गति मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विमान सेवा को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से आमजन को 999 रूपए में विमान यात्रा का अवसर प्रदान करना सुखद है। इंदौर से उज्जैन के बीच भी 1500 रुपए में विमान यात्रा की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने मंत्रीगण और जन-प्रतिनिधियों से प्रदेश में विमान सेवा को प्रोत्साहित करने की अपील करते हुए कहा कि इससे जन-सामान्य को विमान यात्रा का अनुभव प्राप्त करने का अवसर प्राप्त होगा। 4892 रुपए प्रति क्विंटल एमएसपी पर होगा सोयाबीन का उपार्जन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में सोयाबीन उपार्जन 25 अक्टूबर से आरंभ हो रहा है, अब तक 3 लाख 44 हजार से अधिक किसानों द्वारा पंजीयन करवा लिया गया है। किसानों से 4892 रुपए प्रति क्विंटल एमएसपी पर सोयाबीन का उपार्जन 1400 से अधिक केन्द्रों पर आरंभ हो रहा है। उन्होंने सभी मंत्रीगण को उपार्जन केंद्रों पर व्यवस्थाओं का निरीक्षण करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि दीपावली के दृष्टिगत प्रदेश के सभी अधिकारी-कर्मचारियों का वेतन आहरण 28 अक्टूबर को कर दिया जाएगा। खनन सामग्री पर आधारित निर्माण इकाइयों की प्रदेश में स्थापना को किया जाएगा प्रोत्साहित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की उपस्थिति में 19 अक्टूबर को भोपाल में इंडियन रोड कांग्रेस का शुभारंभ हुआ, जिसमें प्रदेश को 7 सड़कों के लिए 9390 करोड़ की स्वीकृति प्राप्त हुई। साथ ही 27 सड़कों के लिए 20 हजार 403 करोड़ रुपए की स्वीकृतियां केन्द्र सरकार से शीघ्र ही प्राप्त होने वाली हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय मंत्री गडकरी का आभार माना। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल में हुई माइनिंग कॉन्क्लेव में 11 औद्योगिक घरानों से प्रदेश में 19 हजार करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। प्रदेश में खनन प्रक्रिया में नवीनतम तकनीक का उपयोग करने और खनन सामग्री पर आधारित निर्माण इकाइयों की प्रदेश में स्थापना पर भी कॉन्क्लेव में विचार-विमर्श हुआ। दुग्ध उत्पादन की उन्नत तकनीकों पर दी जाएगी जानकारी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दीपावली के दूसरे दिन गोवर्धन पूजा के अवसर पर शासकीय तथा अनुदान प्राप्त गौ-शालाओं में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने सभी मंत्रियों को अपने-अपने गृह जिलों की गौ-शालाओं के कार्यक्रमों में शामिल होने के निर्देश दिए। इन कार्यक्रमों में गोवंश की सेवा में बेहतर कार्य करने वालों को पुरस्कृत किया जाएगा। साथ ही दुग्ध उत्पादन की उन्नत तकनीकों और विकास एवं जन-कल्याण के कार्यक्रमों तथा योजनाओं की जानकारी जन-सामान्य को प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन में आश्रमों और साधु-संतों के अखाड़ों के लिए की जा रही नवीन व्यवस्था के संबंध में भी जानकारी दी।   recent visitors 106

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद के निर्णय, लैंगिक अपराध से पीडितों को संरक्षण एवं वित्तीय सहायता की स्वीकृति

प्रदेश में संचालित 12,670 मिनी आंगनवाड़ी केन्द्रों को पूर्ण आंगनवाड़ी केन्द्रों में उन्नयन का निर्णय 12 हजार 670 मिनी आंगनवाड़ी केन्द्रों को पूर्ण आंगनवाड़ी केन्द्र में उन्नयन किये जाने का निर्णय लिया गया मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद के निर्णय, लैंगिक अपराध से पीडितों को संरक्षण एवं वित्तीय सहायता की स्वीकृति भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंत्रालय में हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश में वर्तमान में संचालित 12 हजार 670 मिनी आंगनवाड़ी केन्द्रों को पूर्ण आंगनवाड़ी केन्द्र में उन्नयन किये जाने का निर्णय लिया गया। उल्लेखनीय है कि मिनी आंगनवाड़ी केन्द्रों में एक आंगनवाड़ी कार्यकर्ता का प्रावधान है। निर्णय अनुसार इन मिनी आंगनवाड़ी केन्द्रों के उन्नयन के बाद एक पद आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं एक पद आंगनवाड़ी सहायिका का होगा। उन्नयित 25 आंगनवाड़ी केन्द्रों पर एक पर्यवेक्षक के मान से कुल 476 पर्यवेक्षक के पद स्वीकृत किये गये। केन्द्र सरकार के निर्धारित मापदण्ड उन्नयित आंगनवाड़ी केन्द्रों पर लागू होंगे। मिनी आंगनवाड़ी केन्द्रों को पूर्ण आंगनवाड़ी केन्द्रों में उन्नयन किए जाने पर केन्द्रांश राशि रूपये 3401.90 लाख एवं राज्यांश राशि 17945.82 लाख होगा। इस प्रकार कुल राशि रूपये 21347.71 लाख अतिरिक्त वार्षिक व्यय भार आयेगा। लैंगिक अपराध से पीडितों को संरक्षण एवं वित्तीय सहायता की स्वीकृति मंत्रि-परिषद् द्वारा केन्द्र सरकार द्वारा संचालित मिशन वात्सल्य अंतर्गत बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 (संशोधित 2019) की धारा 4 एवं 6 के तहत "Scheme for Care and Support to Victims under Section 4 & 6 of the Protection of Children from Sexual Offences (POCSO) Act, 2012" को प्रदेश के 55 जिलों में लागू किया गया है। योजना का उद्देश्य 18 वर्ष तक लैंगिक अपराध से पीड़ितों को POCSO Act के अंतर्गत संरक्षण एवं भारत सरकार के निर्भया फण्ड से वितीय सहायता प्रदान करना एवं उनके सामने आने वाली चुनौतियों का समाधान करना है। निर्भया फण्ड से प्रत्येक जिले को 10 लाख रूपये आवंटित किये जायेंगे। लैंगिक अपराध से पीड़ितों को सहायता के लिए जिले आवश्यकता के अनुसार राशि का उपयोग कर सकेंगे। स्वास्थ्य संस्थाओं अंतर्गत 6388 नवीन पदों के सृजन की स्वीकृति मंत्रि-परिषद ने लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग अंतर्गत वर्ष 2022-23 एवं 2023-24 में स्वीकृत कुल 454 स्वास्थ्य संस्थाओं में कुल 6388 नवीन पदों (5936 नियमित एवं 452 संविदा) के सृजन की स्वीकृति दी। इसके अतिरिक्त 1589 आउट सोर्सिंग एजेन्सी से कार्य पर रखे जाने की स्वीकृति भी दी गई। पदों के सृजन पर होने वाले वार्षिक अनुमानित व्यय राशि 351 करोड़ 17 लाख रूपये की स्वीकृति दी गई। नवीन सृजित पदों का सृजन कर समस्त पदों को वर्ष 2024-25 में भरें जाने की स्वीकृति दी है। अन्य निर्णय मंत्रि-परिषद् द्वारा 1 जनवरी 2016 के पूर्व एवं 01/01/2016 को या इसके उपरांत सेवानिवृत्त विश्वविद्यालयीन पेंशनर्स (सेवानिवृत्त अधिकारी, शिक्षक एवं कर्मचारी) को वित्त विभाग के परिपत्र अनुसार सातवें वेतनमान के अनुरूप पेंशन देने की स्वीकृति दी गई।   recent visitors 80

जन्मदिन पर यादव ने दीं शाह को शुभकामनाएं

भोपाल केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के जन्मदिन के अवसर पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने उन्हें शुभकामनाएं प्रेषित की हैं। डॉ यादव ने एक्स पोस्ट में कहा, 'मां भारती के परम वैभव के लिए समर्पित एवं संकल्पित, आदरणीय केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह जी, आपको जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। देश के विकास, संगठन की सुदृढ़ता एवं जनकल्याण के प्रति आपका समर्पण सदैव प्रेरणादायक है। बाबा महाकाल जी से प्रार्थना है कि आपको दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य एवं प्रसन्नता प्रदान करें।'   recent visitors 85

मध्यप्रदेश चिकित्सा के क्षेत्र में विश्व स्तरीय सेवाएं उपलब्ध कराने की ओर तेजी से बढ़ रहा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

चिकित्सा क्षेत्र में विश्व स्तरीय सेवाओं की ओर मध्यप्रदेश अग्रसर : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने इरकैड के इंदौर केंद्र के शुभारंभ समारोह को किया वर्चुअली संबोधित  मध्यप्रदेश चिकित्सा के क्षेत्र में विश्व स्तरीय सेवाएं उपलब्ध कराने की ओर तेजी से बढ़ रहा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश चिकित्सा के क्षेत्र में विश्व स्तरीय सेवाएं उपलब्ध कराने की ओर तेजी से बढ़ रहा है। मध्यप्रदेश सरकार ने चिकित्सा के क्षेत्र में निजी भागीदारी बढ़ाने के प्रयास किए हैं। वर्ष 2024-25 के बजट में स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए 20 हजार 439 करोड़ रुपए का प्रावधन किया गया है। स्वास्थ्य सेवाओं की कार्य दक्षता बढ़ाने के लिए चिकित्सा शिक्षा विभाग और लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग का विलय किया गया है। प्रदेश में अभी 17 शासकीय मेडिकल कॉलेज संचालित हैं। अगले सत्र से सिंगरौली और श्योपुर में शासकीय मेडिकल कॉलेज प्रारंभ होंगे। इसके अलावा अगले दो वर्ष में 6 अन्य नए शासकीय मेडिकल कॉलेज संचालित होने लगेंगे। चिकित्सा महाविद्यालयों को पीपीपी मोड में स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने फ्रांस की संस्था इरकैड के इंदौर में केंद्र प्रारंभ होने पर कार्यक्रम को वीडियो कॉफ्रेंसिंग से संबोधित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अरविंदो विश्वविद्यालय इंदौर के डॉ. विनोद भण्डारी को इस केंद्र की शुरूआत के लिए बधाई दी और केंद्र की सफलता की कामना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य और चिकित्सा के क्षेत्र में किए जा रहे विशेष कार्यों के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश में एमबीबीएस एवं पीजी मेडिकल सीटों की संख्या बढ़ाई जा रही है, जिससे प्रदेश में योग्य चिकित्सकों की कमी न रहे। राज्य सरकार ने विश्व स्तरीय चिकित्सा अधोसंरचना विकसित करने के प्रयास किए हैं। इसमें मेडिकल कॉलेज परिसरों में नए नर्सिंग कॉलेज और पैरामेडिकल संस्थान स्थापित किए जा रहे हैं। इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और रीवा में चार नए सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल प्रारंभ किए गए हैं। इसके अलावा ग्वालियर में एक हजार बिस्तर क्षमता का अस्पताल भी प्रारंभ किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पीपीपी माडल पर टेलिमेडिसिन सेवा से 1200 से अधिक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जोड़े गए हैं। स्वास्थ्य केंद्रों में 45 तरह की स्वास्थ्य जांचें हो रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहाकि इंदौर देश का फार्मा हब बन कर उभरा है। उज्जैन में सबसे बड़ा मेडिकल डिवाइस पार्क विकसित किया जा रहा है। प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों से गंभीर रोगियों और दुर्घटनाग्रस्त लोगों को एयर लिफ्ट कर उपचार के लिए भिजवाने की व्यवस्था की गई है। प्रदेश में हृदय की सर्जरी, कैंसर के उपचार और अंग प्रत्यारोपण के कार्य किफायती दरों पर हो रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश मेडिकल टूरिज्म क्षेत्र में निरन्तर आगे बढ़ रहा है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव की भागीदारी के लिए डॉ. भंडारी ने आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि दूरबीन से सर्जरी का ज्ञान देने और मेडिकल रिसर्च की दृष्टि से फ्रांस की संस्था इरकैड के सहयोग से की गई शुरूआत प्रदेश में अपने तरह की विशिष्ट पहल है। यह केंद्र जनोपयोगी बने इसके लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे।   recent visitors 97

मुख्यमंत्री ने कहा वाल्मीकि समाज की बेहतरी के लिए आज समाज द्वारा सौंपे गए सुझाव-पत्र पर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि महर्षि वाल्मीकि ने भगवान श्रीराम की गौरव गाथा लिपिबद्ध की। उस युग में मुद्रण सुविधा नहीं थी लेकिन ताड़ के पत्तों पर भगवान श्रीराम के विविध पक्षों को लिखकर आदर्श स्थापित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि वाल्मीकि समाज की बेहतरी के लिए आज समाज द्वारा सौंपे गए सुझाव-पत्र पर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज लालघाटी स्थित गुफा मंदिर परिसर में महर्षि वाल्मीकि जयंती पखवाड़े के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आयोजन के लिए वाल्मीकि समाज को बधाई दी। उन्होंने कहा कि महर्षि वाल्मीकि पखवाड़े के शुभारंभ और समापन अवसर पर उपस्थित होने का मुझे सौभाग्य मिला है। राज्यसभा सदस्य और राष्ट्र संत बालयोगी उमेश नाथ महाराज ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव वाल्मीकि जयंती पखवाड़े में वाल्मिकी धाम उज्जैन भी पहुंचे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महर्षि वाल्मीकि के सम्मान में हुए कार्यक्रम को प्राथमिकता दी। वे किसी को गिरिजन या हरिजन न मानकर सम्मानित नागरिक मानते हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा अयोध्या में एयरपोर्ट का नामकरण महर्षि वाल्मीकि विमानतल करने का कार्य किया गया है। इसके साथ ही उच्च सदन में वाल्मीकि समाज के व्यक्ति को बिठाया गया। प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. यादव के समर्थन से यह संभव हुआ है। कार्यक्रम में सकल वाल्मीकि समाज द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. यादव और राज्य सभा सदस्य एवं राष्ट्र संत बालयोगी उमेश नाथ जी महाराज, पीठाधीश्वर श्रीक्षेत्र वाल्मीकि धाम, उज्जैन का सम्मान किया गया। कौशल विकास एवं रोजगार मंत्री गौतम टेटवाल और नगर निगम भोपाल के अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी भी कार्यक्रम में उपस्थित थे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव को वाल्मीकि रचित “रामायण’’ की प्रति सौंपी गई। सकल वाल्मीकि पंचायत और समाज द्वारा कार्यक्रम में उपस्थित अन्य अतिथियों का स्वागत किया गया।   recent visitors 66

उज्जैन में साधु संतों, महंत, अखाड़ा प्रमुखों, महामंडलेश्वर आदि को स्थाई आश्रम बनाने की अनुमति दी जाएगी -मुख्यमंत्री डॉ. यादव

 उज्जैन मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि उज्जैन में हरिद्वार के तर्ज पर साधु संतों, महंत, अखाड़ा प्रमुखों, महामंडलेश्वर आदि को स्थाई आश्रम बनाने की अनुमति दी जाएगी। उज्जैन की पहचान साधु-संतों से है। साधु-संतों को उज्जैन में आने, ठहरने, कथा, भागवत इत्यादि और अन्य आयोजन के लिए पर्याप्त रूप से भूमि भूखंड की आवश्यकता पड़ती है। इसे ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार द्वारा साधु-संतों के हित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए स्थायी आश्रम बनाए जाने की योजना बनाई गई है। निजी होटल्स में साधु-संतों और श्रद्धालुओं को इस प्रकार के आयोजनों के लिए चुनौतियां आती हैं और महंगा भी पड़ता है। यहां 12 वर्षों में एक बार आयोजित होने वाला सिंहस्थ का आयोजन 2028 में किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव उज्जैन में सिंहस्थ के संबंध में आयोजित प्रेस-वार्ता को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर सांसद अनिल फिरोजिया, राज्यसभा सांसद बालयोगी उमेशनाथ महाराज, विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, विधायक सतीश मालवीय,महापौर मुकेश टटवाल, नगर निगम सभापति कलावती यादव, संभागायुक्त संजय गुप्ता, आईजी संतोष कुमार सिंह, कलेक्टर नीरज कुमार सिंह, एसपी प्रदीप शर्मा सहित मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरिद्वार में जिस प्रकार साधु-संतों के अच्छे आश्रम बने हुए हैं, उसी प्रकार विकास के क्रम को जारी रखते हुए उज्जैन में भी साधु संतों के स्थायी आश्रम बनाने के प्रयास किए जाएंगे। उज्जैन विकास प्राधिकरण के माध्यम से इस बड़ी योजना को आकार दिया जाएगा। सभी साधु-संतों, महंत, अखाड़ा प्रमुखों, महामंडलेश्वर सभी को आमंत्रित कर उनके स्थायी आश्रम बनाने की दिशा में काम करेंगे। सिंहस्थ के दृष्टिगत सड़क, बिजली, पेयजल, जल निकासी इत्यादि मूलभूत सुविधाओं के लिए भी स्थाई अधोसंरचना का निर्माण किया जाएगा। ताकि अस्थाई निर्माण से होने वाली समस्याएं निर्मित ना हों। उन्होंने कहा कि हरिद्वार की तरह उज्जैन को धार्मिक शहर के रूप में विकसित करने के लिए सभी जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर कार्ययोजना तैयार की गई है। सभी प्रकार के फोरलेन, सिक्सलेन ब्रिज आदि स्थायी अधोसंरचना विकास के कार्य किए जाएंगे। सभी मूलभूत सुविधाओं के विकास के साथ साधु-संतों के लिए आश्रम निर्माण के कार्य समानांतर रूप से किए जाएंगे। समाज के इच्छुक सनातन धर्मावलंबियों के माध्यम से अन्न क्षेत्र, धर्मशाला, आश्रम, चिकित्सा केंद्र, आयुर्वेद केंद्र आदि सार्वजनिक गतिविधियों के संचालन कार्य को भी प्राथमिकता दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उज्जैन सहित प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए प्रदेश सरकार निरंतर आगे बढ़ रही है। समान रूप से विकास से सभी की खुशहाली के द्वार खुलेंगे। सभी देव स्थानों के आसपास हमारे धर्माचार्य आ जाए यह हमारी प्राथमिकता हैं। उन्होंने कहा कि साधु-संतों को आश्रम निर्माण के लिए अनुमति इस प्रकार दी जाएगी कि पांच बीघा में से एक बीघा भूखंड पर ही भवन का निर्माण किया जा सकेगा। शेष चार बीघा भूखंड खुला रहेगा, जिसमें पार्किंग आदि व्यवस्थाओं के लिए पर्याप्त खुला स्थान रहे। यह अनुमति केवल साधु-संतों, महंत, अखाड़ा प्रमुखों, महामंडलेश्वर को ही दी जाएगी। व्यक्तिगत और कमर्शियल उपयोग के लिए इस प्रकार की अनुमति नहीं रहेगी। उन्होंने कहा कि महाकाल महालोक बनने के बाद से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु उज्जैन आते हैं। निरंतर यहां धार्मिक आयोजनों का क्रम जारी रहता है। ऐसे में यह योजना धर्मावलंबियों के लिए बड़ी लाभकारी सिद्ध होगी। इसी को ध्यान में रखते हुए पूरी योजना तैयार की गई है। उज्जैन-इंदौर सिक्स लेन कार्य की भी टेंडर प्रक्रिया हो गई है। वहीं उज्जैन- जावरा ग्रीन फील्ड फोरलेन मार्ग का शीघ्र भूमिपूजन किया जाएगा। इसी प्रकार बृहद योजना के तहत इंदौर, उज्जैन, धार, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर आदि को विकसित किया जाएगा। उज्जैन के धार्मिक मूल स्वरूप को ध्यान में रखते हुए विकास कार्य किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंदौर-उज्जैन मेट्रो ट्रेन का संचालन की सैद्धांतिक स्वीकृति भी दे दी गई है। इसी के साथ उज्जैन, देवास, फतेहाबाद, इंदौर को जोड़ते हुए सर्किल वंदे मेट्रो ट्रेन का भी संचालन किया जाएगा, जिसकी गति मेट्रो ट्रेन की तुलना में अधिक होगी। रेल रूट के साथ उज्जैन के सभी मार्गों का भी सुदृढ़ीकरण किया जा रहा है। उज्जैन से निकलने वाले सभी मार्ग फोरलेन किए जाएंगे। वर्तमान एयरस्ट्रिप का भी उन्नयन कर टेक्निकल रूप से एयरपोर्ट बनाया जायेगा, ताकि 12 महीने हवाई यातायात सुविधा भी उज्जैन को मिल सके।       recent visitors 71

मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने उज्जैन पुलिस स्मृति दिवस पर वीर शहीदों को पुष्पचक्र अर्पित कर किया नमन

हिम्मत और पराक्रम से भरें हैं, मध्यप्रदेश पुलिस के सशक्त कदम हर मुसीबत से बड़े हैं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव देशभक्ति और जनसेवा के ध्येय वाक्य के साथ दिन-रात जनता की सेवा में तत्पर है पुलिस : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने उज्जैन पुलिस स्मृति दिवस पर वीर शहीदों को पुष्पचक्र अर्पित कर किया नमन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर पुलिस लाइन उज्जैन में कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि प्रत्येक वर्ष 21 अक्टूबर को देश की आन्तरिक सुरक्षा, एकता, अखण्डता के लिये अपने प्राणों की आहुति देकर कर्त्तव्य-परायणता का अनूठा उदाहरण देने वाले शहीद पुलिसकर्मियों की स्मृति में पुलिस स्मृति दिवस मनाया जाता है। पुलिस देशभक्ति और जनसेवा के ध्येय वाक्य के साथ दिन-रात जनता की सेवा में तत्पर रहते हुए अपने प्राणों का उत्सर्ग कर देती है। ऐसे सभी बलिदानी पुलिसकर्मियों को मैं सैल्यूट करता हूं। पुलिसकर्मी देश की सेवाओं के संचालन में मदद करते हैं और देश की आन्तरिक सुरक्षा में सर्वोच्च योगदान देते हैं। कार्यक्रम में सांसद अनिल फिरोजिया, विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, सतीश मालवीय, महापौर उज्जैन मुकेश टटवाल, नगर निगम सभापति उज्जैन श्रीमती कलावती यादव सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कोरोना काल में कर्त्तव्य की वेदी पर पुलिस के जवान मुस्तैदी से तैनात रहे। पुलिसकर्मियों के इस अद्वितीय योगदान का स्मरण करते हुए देश-प्रदेश गौरवान्वित महसूस करता है। कोरोना काल में पुलिसकर्मियों, स्वास्थ्यकर्मियों व सफाईकर्मियों के उत्कृष्ट कार्य से देश की आबादी सुरक्षित रही। आजादी से लेकर आज तक ऐसे कई कठिन मौकों पर पुलिसकर्मियों द्वारा अपनी भूमिका को सार्थक सिद्ध किया है। उन्होंने कहा कि “हिम्मत और पराक्रम से भरें हैं, आपके सशक्त कदम हर मुसीबत से बड़े हैं, आपके शौर्य को नमन, आपके प्रताप को प्रणाम है, आप हमारी शक्ति हैं, मध्यप्रदेश का अभिमान हैं।” कार्यक्रम में पुलिस जवानों द्वारा परेड प्रदर्शन कर वीर शहीदों को सलामी दी गई। परेड का नेतृत्व रक्षित निरीक्षक रणजीत सिंह ने किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव, जन-प्रतिनिधि और अधिकारियों ने पुष्प-चक्र अर्पित कर वीर शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजली अर्पित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस दौरान वीर शहीद स्व. लालबहादुर सिंह, स्व. बलराम के परिजन को शॉल, श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने परेड कमांडर से परिचय प्राप्त किया। आईजी संतोष कुमार सिंह ने कहा कि पुलिस स्मृति दिवस हमें उन वीर पुलिसकर्मियों की याद दिलाता है, जिन्होंने समाज और देश की रक्षार्थ प्राण न्यौछावर किये हैं। आज से 65 वर्ष पूर्व 21 अक्टूबर 1959 को लद्दाख के बर्फीले क्षेत्र हॉटस्प्रिंग में 16 हजार फीट की ऊंचाई पर चीन की सशस्त्र सेना के साथ मुठभेड में केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल की पेट्रोलिंग पार्टी के 10 जवानों ने अपने प्राणों का बलिदान दिया था। तब से प्रतिवर्ष 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस के रूप में मनाया जाता है।   recent visitors 66