मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सीएम राइज़ स्कूल रतलाम को सम्मानित होने पर दी बधाई

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शिक्षा व्यवस्था में नवाचार की श्रेणी में रतलाम के विनोबा भावे सीएम राइज़ स्कूल को लंदन के T-4 एजुकेशन इंस्टीट्यूट द्वारा आयोजित विश्व के सर्वश्रेष्ठ स्कूल पुरस्कार-2024 से सम्मानित किए जाने पर देश व प्रदेवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश के सीएम राइज़ स्कूल ने विश्व में भारतीय शिक्षा की पताका फहराई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव कहा कि प्रदेश सरकार सदैव विद्यार्थियों के उज्जवल भविष्य और शिक्षा के क्षेत्र में नए कीर्तिमान रचने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेगी। उल्लेखनीय है कि लंदन के T-4 एजुकेशन इंस्टीट्यूट द्वारा आयोजित ये पुरस्कार उन स्कूलों को दिया जाता है, जिन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार और सामुदायिक प्रभाव का प्रदर्शन किया है। लंदन की संस्था T-4 एजुकेशन ने गुरुवार को वर्चुअल कार्यक्रम में विश्व के सर्वश्रेष्ठ स्कूल की घोषणा की।   recent visitors 84

भोपाल के प्रशासन अकादमी के स्वर्ण जंयती सभागार में राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह समारोह

राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह राज्यपाल और मुख्यमंत्री 14 शिक्षकों को प्रदान करेंगे राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह : 54 लाख विद्यार्थियों के खातों में सीधे अंतरित होगी 324 करोड़ रूपये की गणवेश राशि भोपाल के प्रशासन अकादमी के स्वर्ण जंयती सभागार में राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह समारोह भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह में 14 शिक्षकों को सम्मानित करेंगे। समारोह में नि:शुल्क गणवेश योजना अंतर्गत प्रदेश के शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों में अध्ययनरत 54 लाख विद्यार्थियों के बैंक खातों में करीब 324 करोड़ रूपये की राशि सिंगल क्लिक से अंतरित की जायेगी। इस अवसर पर स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह भी उपस्थित रहेंगे। इस वर्ष का राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह 25 अक्टूबर को भोपाल के आरसीव्हीपी नरोन्हा प्रशासन अकादमी के स्वर्ण जयंती हॉल में प्रात: 10:30 बजे आयोजित किया जा रहा है। राज्य स्तरीय सम्मान से विभूषित सभी शिक्षकों को समारोह में सम्मान राशि 25 हजार रूपये, शॉल, श्रीफल एवं प्रशस्ति-पत्र से सम्मानित किया जाएगा। वहीं विगत वर्ष के राष्ट्रीय शिक्षक पुरूस्कार विजेता शिक्षकों को विशेष सम्मान राशि 11 हजार रूपये, शॉल, श्रीफल एवं प्रशस्ति-पत्र से सम्मानित किया जाएगा। समारोह में अतिथियों द्वारा राष्ट्रीय इंस्पायर अवार्ड प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले भिंड जिले के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय उद्योतगढ़ के कक्षा 10वीं के विद्यार्थी दीपक वर्मा को 25 हजार रूपये की विशेष सम्मान निधि राष्ट्रीय स्तर पर पाँचवे स्थान पर रहीं बालाघाट जिले के शासकीय उत्कृष्ट उ.मा.वि लांजी की छात्रा सुशिरोमणी दहीकर तथा 31वाँ स्थान प्राप्त करने वाले भोपाल जिले के कक्षा 7वीं के विद्यार्थी आरूष नाग को 15-15 हज़ार रूपयों की विशेष सम्मान निधि प्रदान की जायेगी। इन विद्यार्थियों के साथ ही उनके गाइड शिक्षकों को भी सम्मानित किया जायेगा। अंतर्राष्ट्रीय संस्था T-4 ऐजूकेशन के द्वारा नवाचार श्रेणी में विश्व में प्रथम स्थान प्राप्त विद्यालय सी.एम. राइज विनोवा रतलाम के शिक्षकों का सम्मान किया जाएगा। राज्य स्तर की शैक्षिक संगोष्ठी से चयनित प्रथम प्रतिभागी को 11 हजार रूपये, द्वितीय प्रतिभागी को 7 हजार एवं तृतीय को 5 हजार रूपये राशि के साथ शॉल, श्रीफल, प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया जाएगा। राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार प्राप्त शिक्षक भी होंगे सम्मानित शिक्षक सम्मान समारोह में पिछले वर्ष के राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार-2023 से सम्मानित प्रदेश के चयनित शिक्षकों का भी सम्मान किया जायेगा। इनमें श्रीमती सारिका घारू माध्यमिक शिक्षक शासकीय हाई स्कूल सांडिया, होशंगाबाद और रतलाम की श्रीमती सीमा अग्निहोत्री शिक्षक सीएम राइज स्कूल विनोबा हायर सेकेण्डरी स्कूल शामिल हैं। समारोह में इन शिक्षकों को विशेष सम्मान राशि 11 हजार रुपये, शॉल, श्रीफल एवं प्रशस्ति-पत्र से सम्मानित किया जायेगा। स्कूल शिक्षा मंत्री ने सम्मानित होने वाले शिक्षकों को दी बधाई स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह में सम्मानित होने वाले शिक्षकों को बधाई दी है। उन्होंने कहा है कि शिक्षक में वह ताकत होती है, जो आदर्श राष्ट्र का निर्माण करने में सहायक होती है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि शिक्षक भविष्य की आदर्श पीढ़ियों की निर्माता है। सम्मानित होने वाले शिक्षकों एवं उनके उल्लेखनीय कार्यों पर हम सब को गर्व है।   recent visitors 95

ब्रिटानिया वेफर बिस्किट बनाने वाली उत्तर भारत की पहली यूनिट बनेगी ग्वालियर की यह इकाई

 ग्वालियर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी में ग्वालियर में गत अगस्त माह में हुई रीजनल इण्डस्ट्री कॉन्क्लेव में किए गए वायदे के अनुरूप जेबी मंघाराम फूड प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ग्वालियर में निवेश बढ़ाने जा रही है। इस सिलसिले में जेबी मंघाराम फैक्ट्री प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों ने कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान से मुलाकात कर उन्हें निवेश के बारे में जानकारी दी। ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज का हिस्सा बन चुकी मंघाराम कंपनी के प्रबंधन ने जानकारी दी कि ब्रिटानिया उत्तर भारत में ग्वालियर स्थित अपनी इकाई में वेफर बिस्किट निर्माण के लिए बड़ा निवेश करने जा रही है। ब्रिटानिया इस बिस्किट का निर्माण अभी केवल दक्षिण भारत में करती है। वेफर बिस्किट बच्चों के सबसे पसंदीदा बिस्किट में शामिल हैं। मंघाराम फूड प्राइवेट लिमिटेड प्रबंधन के अधिकारियों ने बताया कि मध्यप्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप ग्वालियर इकाई में होने जा रहा नया निवेश महिलाओं के लिये समर्पित रहेगा। इकाई में वेफर बिस्किट निर्माण का काम पूरी तरह महिला विंग करेगी। इससे ग्वालियर अंचल की महिलाओं का आर्थिक व सामाजिक सशक्तिकरण होगा। साथ ही उनके परिवारों में भी खुशहाली आयेगी। कलेक्टर श्रीमती चौहान ने मंघाराम फैक्ट्री प्रबंधन को आश्वस्त किया कि राज्य शासन व जिला प्रशासन से उन्हें फैक्ट्री के विस्तार में हर संभव मदद उपलब्ध कराई जायेगी। आउटसोर्स कर्मचारियों का भी बीमा करायेगी जेबी मंघाराम फैक्ट्री ग्वालियर में निवेश बढ़ाने को लेकर जिला प्रशासन से चर्चा के लिये कलेक्ट्रेट पहुँचे जेबी मंघाराम फैक्ट्री प्रबंधन से कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने कंपनी के आउटसोर्स कर्मचारियों को भी स्वास्थ्य बीमा सहित अन्य बीमा सेवाओं का लाभ दिलाने के लिए कहा। फैक्ट्री प्रबंधन ने इसे सहर्ष स्वीकार कर लिया और कहा कि फैक्ट्री में आउटसोर्स से लगभग 700 से 800 कर्मचारी काम करते हैं। इन सभी के स्वास्थ्य और टर्म इंश्योरेंस का प्रीमियम कंपनी भरेगी, जिससे सभी का बीमा हो सके।   recent visitors 103

देश के साधु-संत, महंत, अखाड़ा प्रमुखों और महामंडलेश्वर आदि ने प्रसन्नता व्यक्त कर मुख्यमंत्री की घोषणा को सराहा है

साधु-संतों ने उज्जैन में भी स्थायी आश्रम बनाने के मुख्यमंत्री के निर्णय को सराहा स्वामी अवधेशानंद जी ने संतों के प्रति संवेदनशीलता के लिए मुख्यमंत्री को दिया साधुवाद देश के साधु-संत, महंत, अखाड़ा प्रमुखों और महामंडलेश्वर आदि ने प्रसन्नता व्यक्त कर मुख्यमंत्री की घोषणा को सराहा है अखाड़ा परिषद ने निर्णय को बताया विकासोन्मुखी भोपाल उज्जैन में वर्ष 2008 में होने वाले वैश्विक सिंहस्थ की तैयारियां राज्य शासन ने अभी से शुरू कर दी है। सिंहस्थ में पूरे देश से आने वाले साधु-संतों से भी उज्जैन की पहचान सदैव से रही है। साधु-संतों के हित में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा स्थायी आश्रम निर्माण के लिए की गई घोषणा को पूरे देश के साधु-संत, महंत, अखाड़ा प्रमुखों और महामंडलेश्वर आदि ने प्रसन्नता व्यक्त कर मुख्यमंत्री की घोषणा को सराहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि हरिद्वार में जिस प्रकार साधु-संतों के अच्छे आश्रम बने हुए हैं, उसी प्रकार उज्जैन में भी साधु-संतों के स्थायी आश्रम बनवाने के प्रयास किए जाएंगे। उज्जैन विकास प्राधिकरण के माध्यम से योजना को आकार दिया जाएगा। सभी मूलभूत सुविधाओं के विकास के साथ साधु-संतों के लिए आश्रम निर्माण के कार्य समानांतर रूप से होंगे। समाज के इच्छुक सनातन धर्मावलंबियों के माध्यम से अन्न क्षेत्र, धर्मशाला, आश्रम, चिकित्सा केंद्र, आयुर्वेद केंद्र आदि सार्वजनिक गतिविधियों के संचालन को भी प्राथमिकता दी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा की गई इस महत्वपूर्ण पहल का उज्जैन से लेकर हरिद्वार तक संत समाज ने स्वागत किया है। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष मां मनसा देवी ट्रस्ट हरिद्वार के अध्यक्ष पंचायती निरंजनी अखाड़ा के सचिव महंत रवींद्र पुरी महाराज ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्णय को अत्यंत ही महत्वपूर्ण बताते हुए विकास के लिये नये आयाम स्थापित करने वाला बताया है। महांमडलेश्वर और अखाड़ों के प्रमुखों ने इस पहल पर प्रसन्नता व्यक्त की है। जूना अखाड़ा के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद जी ने कहा कि सनातन धर्म संस्कृति में चिरकाल से अंतर्निहित “सर्वं खल्विदं ब्रह्म नेह नानास्ति किंचन” व “आत्मवत सर्व भूतेषु” जैसे दिव्य भावों के संपोषक, लोक कल्याणकारी योजनाओं तथा पारमार्थिक प्रवृत्तियों के प्रसारक संत सत्पुरुष ही हैं। स्वामी अवधेशानंद जी ने कहा कि मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा लिये गये निर्णय अनुसार उज्जैन में हरिद्वार की भाँति साधु संतों, महंत, अखाड़ा प्रमुखों, महामंडलेश्वर इत्यादि को स्थाई आश्रम बनाने की अनुमति दी जाना, अत्यंत प्रशंसनीय है। उन्होंने उज्जैन तीर्थ विकास एवं संतों के प्रति उनकी इस संवेदनशीलता के लिये मुख्यमंत्री को साधुवाद दिया। पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर 1008 आनंद विभूषित अवधूत बाबा अरुण गिरी जी महाराज (एनवायरमेंट बाबा) ने कहा कि संतों में बड़ा उल्लास और खुशी है। सिंहस्थ क्षेत्र उज्जैन में जो अखाड़ों की जगह है, संतों की जमीन है, उसमें पर्यावरण को बचाते हुए स्थायी निर्माण के लिए सभी संत समाज के लोग उनका स्वागत करते हैं। इससे हरिद्वार जैसा विकास उज्जैन का भी हो जाएगा, जब सभी संत महापुरुषों का वहां आश्रम बनेगा। राज्यसभा सांसद बाल योगी उमेश नाथ जी महाराज, पीठाधीश्वर वाल्मिकी धाम ने कहा कि मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपनी सूझबूझ और विवेक से अभुतपूर्व और ऐतिहासिक निर्णय लिया है। कुंभ मेला भारत के चार पवित्र स्थानो पर लगता है उसमें एक अवंतिका पुरी उज्जैन भी है। प्रसन्नता की बात है कि कुंभ, अवंतिका और मध्यप्रदेश के शासनकाल के इतिहास में डॉ. यादव के निर्णय से कुंभ-2028 में देश के उच्च कोटि के महात्मा तंबूओ में न रहकर पक्के आश्रम में रहेंगे। बाल योगी उमेश नाथ जी महाराज ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह निर्णय इस लिये लिया है कि अयोध्या में भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर बन गया है। डॉ. यादव ने संकल्प लिया है कि 2028 में जो कुंभ आएगा उसमें हम देश के जितने भी निर्धारित अखाड़े हैं, उन सभी अखाड़ों का स्थायी निर्माण करके दिया जाएगा। उसके लिए एक हेक्टेयर के भू-खंड पर 25 प्रतिशत पर भवन निर्माण किया जा सकेगा। शेष भू-खंड अन्य जरूरी व्यवस्थाओं के लिये खुला रहेगा। उन्होंने सन्यासी होने के नाते देश के तमाम साधु-संतों की ओर से मुख्यमंत्री डॉ. यादव के उज्ज्वल भविष्य की कामना की और आशीर्वाद दिया। आचार्य महामंडलेश्वर श्रीपंचदशनाम आव्हान अखाडा हरिद्वार के अरुण गिरी जी महाराज (अवधूत बाबा), बाल योगी उमेश नाथ जी महाराज, पीठाधीश्वर वाल्मिकी धाम, (राज्यसभा सांसद), महंत रामेश्वर गिरी महाराज, सचिव श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़ा, अध्यक्ष, शैव मंडल उज्जैन, पीर रामनाथ जी महाराज, गादीपति, भर्तहरि गुफा, उज्जैन एवं महंत डॉ. रामेश्वर दास महाराज अध्यक्ष रामादल अखाड़ा परिषद उज्जैन ने भी मुख्यमंत्री के निर्णय पर प्रसन्नता व्यक्त की है।   recent visitors 123

देश के उद्योगपतियों को प्रोत्साहित करना हमारी प्राथमिकता है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्रदेश को समृद्ध और संपन्न बनाना हमारा संकल्प : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा प्रदेश को समृद्ध और संपन्न बनाना हमारा संकल्प है देश के उद्योगपतियों को प्रोत्साहित करना हमारी प्राथमिकता है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश को समृद्ध और संपन्न बनाना हमारा संकल्प है। उद्योग और निवेश गतिविधियों को विस्तार देने के लिए आवश्यक सभी व्यवस्थाएँ मध्यप्रदेश में विद्यमान हैं। प्रदेश के उद्योगपतियों को प्रोत्साहित करना हमारी प्राथमिकता है। राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कार्यरत उद्योग समूहों को प्रदेश में अपनी गतिविधियों के विस्तार के लिए आमंत्रित किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश और प्रदेश विकास पथ पर निरंतर अग्रसर हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव रीवा के लिए प्रस्थान करने से पहले निवास पर अपने संदेश में यह बात कही। प्रदेश में गतिविधियों के विस्तार के लिए उद्योगपति रूचि प्रकट कर रहे हैं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर और सागर में हुई रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव से 3 लाख 25 हजार से अधिक रोजगार के अवसर सॄजित करने में मदद मिली और लगभग 2 लाख 45 हजार करोड़ रूपये के निवेश प्रस्ताव भी तैयार हैं। प्रदेश में निवेश की संभावनाओं के दृष्टिगत निवेशक और उद्योगपति अपनी गतिविधियों के विस्तार में रुचि प्रकट कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के युवाओं को अपनी बौद्धिक क्षमता के अनुरूप स्थानीय स्तर पर कार्य करने का अवसर मिले, ब्रेन ड्रेन रुके, इस उद्देश्य से भी राज्य सरकार कार्य कर रही है। साथ ही प्रदेश में विभिन्न विभागों में 1 लाख से अधिक नौकरियों के लिए भर्ती प्रक्रिया आरंभ हो रही है।   recent visitors 94

5वीं रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव का M मोहन ने किया शुभारंभ करेंगे, झोली भरकर विंध्य आये खास मेहमान

रीवा  मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि 5वीं रीजनल इंडस्ट्री कांन्क्लेव आज रीवा में है, जो सबसे ज्यादा सफल होगी। अभी तक मप्र में 2.45 लाख करोड़ का निवेश मिला… तीन लाख से ज्यादा लोगों को रोजगार के अवसर मिले। रोजगार की दिशा में लगातार युवाओं को अवसर मिलेंगे मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार अपने गठन के साथ ही लगातार मध्य प्रदेश के औद्योगिक निवेश और रोजगार की दिशा में लगातार युवाओं को अवसर मिले, हमारे हर युवा के हाथ में काम मिले इसलिए सभी सेक्टर में समान रूप से काम कर रही है। खासकर के हमारे आईटी का सेक्टर हो या एमएसएमई उद्योग का सेक्टर हो, हेवी इंडस्ट्री से लेकर फूड इंडस्ट्री तक सभी क्षेत्रों में लगातार रोजगार निवेश के अभियान में हम लगे हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि अभी तक प्रदेश के अंदर उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर और सागर में हम रीजनल इंडस्ट्री कांन्क्लेव कर चुके हैं और इसे सफल बनाने के लिए मुंबई, कोयंबतूर, बेंगलुरु और कोलकाता इत्यादि स्थानों पर रोड शो करके भी आए हैं, जिसके सुखद परिणाम भी मिले हैं। डॉक्टर यादव ने कहा कि आज रीवा में पांचवीं रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित हो रही है। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि रीवा महत्वपूर्ण अंचल हैं जो विंध्य और बुंदेलखंड को जोड़ते हुए विकास के लिए एक नया कीर्तिमान बनाएगा। निवेश प्रस्तावों के संबंध में उद्योगपतियों से वन टू वन चर्चा करेंगे उद्घाटन समारोह के बाद मुख्यमंत्री विन्ध्य क्षेत्र में निवेश प्रस्तावों के संबंध में उद्योगपतियों से वन टू वन चर्चा करेंगे। कार्यक्रम के समापन के बाद मुख्यमंत्री शाम 6 बजे एयरपोर्ट रीवा से वायुयान से प्रस्थान कर शाम 6.50 बजे एयरपोर्ट भोपाल पहुंचेगे। विन्ध्य क्षेत्र में औद्योगिक विकास की अपार संभावनाएं: उप मुख्यमंत्री मध्यप्रदेश के उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि विन्ध्य क्षेत्र में औद्योगिक विकास की अपार संभावनाएँ हैं और इसे साकार करने के लिए राज्य सरकार द्वारा प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव (आरआईसी) जैसे आयोजन आज के समय में अत्यंत प्रासंगिक हैं। मुख्यमंत्री के विजनरी नेतृत्व में प्रदेश के समग्र विकास को मिल रही है नई दिशा यह क्षेत्रीय विशेषताओं के आधार पर निवेश संभावनाओं को प्रस्तुत कर औद्योगिक विकास में संतुलन लाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बन रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के विजनरी नेतृत्व में यह पहल प्रदेश के समग्र विकास को एक नई दिशा प्रदान कर रही है। इसका पाँचवां संस्करण 23 अक्टूबर को रीवा में आयोजित किया जा रहा है। यह क्षेत्र निवेशकों के लिए एक आदर्श गंतव्य बन गया पहले उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर और सागर में सफलतापूर्वक कॉन्क्लेव आयोजित किए जा चुके हैं। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने मंत्रालय वल्लभ भवन में मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा की।उप मुख्यमंत्री ने कहा कि विन्ध्य क्षेत्र में औद्योगिक विकास के लिए आधुनिक और सशक्त इंफ्रास्ट्रक्चर, सड़क, रेलवे और हवाई मार्ग का निरंतर विस्तार किया जा रहा है, जिससे यह क्षेत्र निवेशकों के लिए एक आदर्श गंतव्य बन गया है। सहयोगी पहलों से निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण बना क्षेत्र में सीमेंट, खनिज और सरप्लस पावर जैसी प्राकृतिक संपदाओं की प्रचुरता इसे औद्योगिक गतिविधियों के लिए अत्यंत उपयुक्त बनाती हैं।उप मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस और सिंगल विंडो क्लीयरेंस और औद्योगिक सहयोगी पहलों से निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण बना है। विन्ध्य क्षेत्र में उद्योगों के लिए 9,000 हेक्टेयर से अधिक का भूमि बैंक उपलब्ध इसी सकारात्मक माहौल के चलते अब तक 4,000 से अधिक निवेशकों ने रीवा में होने वाले इस कॉन्क्लेव के लिए पंजीकरण कराया है।उप मुख्यमंत्री ने कहा कि विन्ध्य क्षेत्र में उद्योगों के लिए 9,000 हेक्टेयर से अधिक का भूमि बैंक उपलब्ध है। यह कॉन्क्लेव विन्ध्य क्षेत्र के विकास में एक नया अध्याय लिखेगी कॉन्क्लेव में आईटी, पर्यटन, माइनिंग, एमएसएमई, कुटीर उद्योग, और कृषि क्षेत्र में निवेश पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। विन्ध्य क्षेत्र में पर्यटन की अपार संभावनाएँ हैं, जिनका विकास प्रदेश के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगा। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने विश्वास जताया कि यह कॉन्क्लेव विन्ध्य क्षेत्र के विकास में एक नया अध्याय लिखेगी। मध्यप्रदेश के उत्तर-पूर्वी क्षेत्र में औद्योगिक विकास का नया केंद्र बना रीवा संभाग रीवा संभाग, जो मध्य प्रदेश के उत्तर-पूर्वी क्षेत्र में स्थित है, आज तेजी से एक उभरते औद्योगिक केंद्र के रूप में अपनी पहचान बना रहा है। अपनी सांस्कृतिक धरोहर, प्राचीनता, प्राकृतिक संसाधनों की प्रचुरता और खनिज भंडारों के साथ यह क्षेत्र निवेशकों के लिए अनगिनत अवसर प्रस्तुत करता है। यहां न सिर्फ औद्योगिक विकास के लिए मजबूत आधारभूत संरचना तैयार की गई है, बल्कि इसके पर्यटन और ऐतिहासिक महत्व ने भी इसे और अधिक आकर्षक बना दिया है। रीवा संभाग के औद्योगिक क्षेत्र चोरहटा, गुढ़, बाईपास, और त्योथर जैसे प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र राज्य के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इन क्षेत्रों में निर्माण सामग्री, कृषि आधारित उद्योग, धातु उद्योग, और खाद्य प्रसंस्करण जैसे उद्योग प्रमुखता से उभर रहे हैं। रीवा का हवाई संपर्क जुड़ने के बाद इन क्षेत्रों में व्यापारिक गतिविधियों की रफ्तार और भी बढ़ गई है, जिससे निवेशकों को माल की ढुलाई और उत्पादों की आपूर्ति में आसानी हो रही है। सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहर रीवा संभाग का सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व इसे पर्यटन के नजरिए से भी महत्वपूर्ण बनाता है। यहां स्थित रीवा किला, गोविंदगढ़ का किला, और मुक्ति धाम जैसे स्थान न केवल ऐतिहासिक धरोहर हैं, बल्कि सांस्कृतिक रूप से भी अत्यधिक महत्वपूर्ण हैं। इसके अलावा, रीवा के साथ जुड़ी बघेलखण्ड की संस्कृति ने भी इस क्षेत्र को एक विशिष्ट पहचान दी है। खनिज और प्राकृतिक संसाधनों की प्रचुरता रीवा संभाग खनिज संसाधनों से समृद्ध है। यहां प्रचुर मात्रा में चूना पत्थर, डोलोमाइट, और बॉक्साइट जैसे खनिज पाए जाते हैं, जो औद्योगिक गतिविधियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। इन खनिज संसाधनों का दोहन स्थानीय उद्योगों को कच्चा माल उपलब्ध कराता है, जिससे क्षेत्रीय आर्थिक विकास को बल मिलता है। पर्यटन और पौराणिक महत्व रीवा संभाग अपने प्राकृतिक सौंदर्य और पर्यटक स्थलों के लिए भी प्रसिद्ध है। केऊटी जलप्रपात, चित्रकूट और सिद्ध बाबा जैसे स्थानों का पर्यटन महत्व है, जो न सिर्फ स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाते हैं बल्कि सांस्कृतिक रूप से भी महत्वपूर्ण हैं। इसके अलावा, इस क्षेत्र … Read more

वाइब्रेंट विंध्य: रीवा में प्रदेश की 5वीं रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव

विंध्य क्षेत्र को निवेश और औद्योगिक केन्द्र के रूप में करेंगे स्थापित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव  औद्योगिक परिदृश्य को सशक्त बनाने रीवा में प्रदेश की पांचवीं रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव आज  : मुख्यमंत्री डॉ. यादव वाइब्रेंट विंध्य: रीवा में प्रदेश की 5वीं रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश के औद्योगिक परिदृश्य को और सशक्त बनाने के उद्देश्य से आज 23 अक्टूबर को रीवा में प्रदेश की पांचवीं रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव होने जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य विंध्य क्षेत्र को निवेश और औद्योगिक अवसरों के केंद्र के रूप में स्थापित करना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष 2025 को ‘उद्योग एवं रोजगार वर्ष’ घोषित किया गया है। इसके दृष्टिगत प्रदेश में हुई आरआईसी को एक महत्वपूर्ण पड़ाव के रूप में देखा जा रहा है। रीवा स्थित कृष्णा राज कपूर ऑडिटोरियम में होने वाली कॉन्क्लेव में 4 हजार से अधिक प्रतिभागियों ने पंजीकरण कराया है, जिसमें 50 से अधिक प्रमुख निवेशक और 3 हजार से अधिक एमएसएमई उद्यमी शामिल होंगे। सम्मेलन का मुख्य फोकस राज्य के प्रमुख क्षेत्रों— ऊर्जा, खनन, कृषि, डेयरी, खाद्य प्र-संस्करण, पर्यटन एवं हस्तशिल्प में निवेश को प्रोत्साहित करने पर होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की इस पहल का उद्देश्य राज्य में निवेशकों और उद्यमियों के बीच एक सार्थक संवाद स्थापित करना है, जिससे औद्योगिक विकास के नए द्वार खुलेंगे। प्रेजेन्टेशन के साथ राउंडटेबल और सेक्टोरल-सत्र कॉन्क्लेव में राज्य सरकार के विभिन्न विभाग औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन, एमएसएमई, आईटी, खनन, ऊर्जा और पर्यटन विभागों द्वारा प्रमुख प्रस्तुतियां दी जाएंगी। इसके अलावा नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा पर एक विशेष राउंडटेबल-सत्र भी आयोजित किया जाएगा, जिसमें उद्योग के उभरते अवसरों और चुनौतियों पर विचार-विमर्श होगा। चार सेक्टोरल-सत्र भी होंगे, जो एमएसएमई, स्टार्टअप्स, खनन एवं खनिज, पर्यटन और कुटीर उद्योगों में निवेश अवसरों पर केंद्रित होंगे। वन-टू-वन बैठकें और भूमि-पूजन मुख्यमंत्री डॉ. यादव से 20 से अधिक निवेशक वन-टू-वन बैठक करेंगे, जिससे सरकार और निवेशकों के बीच सीधा संवाद स्थापित हो सकेगा। साथ ही, मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा रीवा आईटी पार्क और चुरहटा औद्योगिक क्षेत्र में विद्युत उपकेंद्र सहित 20 से अधिक औद्योगिक प्रतिष्ठानों का वर्चुअल भूमिपूजन किया जाएगा। इसके अलावा, 80 से अधिक निवेशकों को भूमि आवंटन पत्र भी वितरित किए जाएंगे, जो प्रदेश में निवेश की प्रक्रिया को और सरल बनाएंगे। ओडीओपी और जी-2-सी प्रदर्शनी स्टॉल कॉन्क्लेव में ओडीओपी (एक जिला-एक उत्पाद) और जी-2-सी (सरकार से नागरिक) स्टॉल भी स्थापित किए जाएंगे। इनमें एमपी इंडस्ट्रियल डेवेलपमेंट कॉर्पोरेशन, एमपी स्टेट इलेक्ट्रॉनिक डेवेलपमेंट कॉर्पोरेशन, डायरेक्टोरेट ऑफ़ फ़ॉरेन ट्रेड, कस्टम विभाग, ईसीजीसी लिमिटेड, फेडरेशन ऑफ़ इंडियन एक्सपोर्ट और हस्तशिल्प विकास निगम सहित 16 से अधिक विभाग और संस्थान शामिल होंगे। यह प्रदर्शनी उद्यमियों को सरकारी योजनाओं और नीतियों की विस्तृत जानकारी प्रदान करेगी, जिससे वे अपने व्यावसायिक निर्णयों को प्रभावी ढंग से ले सकेंगे। व्यापारिक प्रोत्साहन और अवसर कॉन्क्लेव का उद्देश्य न केवल व्यापारिक अवसरों को बढ़ावा देना है, बल्कि निवेशकों और उद्यमियों के लिए राज्य में उद्योग स्थापित करने की प्रक्रिया को और आसान बनाना है। बिज़नेस प्रमोशन सेंटर के अंतर्गत, विभिन्न ट्रेड एसोसिएशन और सरकारी विभागों के प्रतिनिधि व्यापारिक संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा करेंगे। एमपी इंडस्ट्रियल डेवेलपमेंट कॉर्पोरेशन (एमपीआईडीसी) द्वारा व्यापारिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने के लिए नवीनतम नीतियों और योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। नवकरणीय ऊर्जा पर राउंड टेबल सत्र और सेक्टोरल-सत्र कॉन्क्लेव में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा पर एक विशेष राउंड टेबल-सत्र होगा, जिसमें उद्योग जगत के विशेषज्ञ पर्यावरणीय संतुलन और औद्योगिक विकास पर चर्चा करेंगे। साथ ही, चार थीमेटिक-सत्रों के माध्यम से एमएसएमई, स्टार्टअप्स, खनन, पर्यटन और कुटीर उद्योगों में उभरते अवसरों पर विचार-विमर्श होगा। वाइब्रेंट विंध्य: औद्योगिक विकास की नई दिशा रीवा में होने वाली कॉन्क्लेव विंध्य क्षेत्र के औद्योगिक विकास में मील का पत्थर साबित होगा। मुख्यमंत्री डॉ.यादव की पहल पर आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य न केवल स्थानीय उद्योगों को प्रोत्साहित करना है, बल्कि पूरे मध्यप्रदेश को एक औद्योगिक केंद्र के रूप में स्थापित करना है। 'इन्वेस्ट मध्यप्रदेश ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2025' के लिए जारी किए गए विशेष आमंत्रण के साथ, यह सम्मेलन राज्य के आर्थिक विकास और निवेश के लिए नए अवसरों का द्वार खोलने में सहायक सिद्ध होगा। वाइब्रेंट विंध्य का यह आयोजन न केवल विंध्य क्षेत्र, बल्कि पूरे मध्यप्रदेश के औद्योगिक परिदृश्य को एक नई दिशा देने का कार्य करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की नेतृत्व में प्रदेश सरकार के समर्पण और प्रयासों से राज्य जल्द ही एक औद्योगिक केंद्र के रूप में उभरने की राह पर अग्रसर है।   recent visitors 89