मुख्यमंत्री डॉ. यादव का विजन राज्य में संतुलित और समान आर्थिक विकास को मजबूती प्रदान करना है

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दूरदर्शी नेतृत्व और उनके सतत प्रयासों से मध्यप्रदेश में औद्योगिक विकास को नई दिशा मिली है। चार संभागों में सफल आरआईसी के बाद 23 अक्टूबर 2024 को रीवा में 5वीं आरआईसी आयोजित की जा रही है, जिसमें "वाइब्रेंट विंध्य" बायर-सेलर मीट होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का विजन राज्य में संतुलित और समान आर्थिक विकास को मजबूती प्रदान करना है। आरआईसी के माध्यम से प्रदेश औद्योगिक हब के रूप में विकसित हो रहा है। रीवा में होने वाली आरआईसी इसमें महत्वपूर्ण योगदान देगी। रीवा में बायर-सेलर मीट: व्यापारिक अवसरों को नई दिशा रीवा में होने वाली बायर-सेलर मीट विंध्य क्षेत्र के औद्योगिक विकास को नई दिशा देगी। इस मीट में 2500 से अधिक उद्यमी शामिल होंगे। यह आयोजन न केवल व्यावसायिक साझेदारियों को बढ़ावा देने का मंच है, बल्कि विभिन्न राज्यों के उद्यमियों के बीच महत्वपूर्ण मंच साबित होगा। व्यावसायिक साझेदारियों के लिए बैठकें इस मीट का प्रमुख आकर्षण व्यावसायिक साझेदारियों के लिए बैठकें हैं। जहां विंध्य क्षेत्र के स्थानीय उद्यमी और बाहरी राज्यों के उद्यमी बिज़नेस अपॉर्चूनिटीज़ पर चर्चा कर करेंगे। इसमें विचारों का आदान-प्रदान होगा और व्यवसाय के नए रास्ते खुलेंगे। राज्य स्तर पर भागीदारी इस बायर-सेलर मीट में 10 से अधिक राज्य उत्तर प्रदेश, गुजरात, राजस्थान, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और हरियाणा से उद्यमी शामिल होंगे। यह विविधता न केवल मौके को और रोचक बनाएगी, बल्कि व्यावसायिक नेटवर्क को भी मजबूत करेगी। स्थानीय उद्यमियों के लिए अवसर स्थानीय उद्यमियों को बाहरी राज्यों के उद्यमियों से सीधे मिलकर व्यापारिक अवसरों पर चर्चा करने का मौका मिलेगा। यह मंच न केवल नई व्यापारिक संभावनाओं को उजागर करेगा, बल्कि क्षेत्रीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में भी सहायक होगा। अपनी सांस्कृतिक धरोहर के लिए प्रसिद्ध विंध्य अब व्यावसायिक अवसरों का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है। यह बायर-सेलर मीट स्थानीय उत्पादों और सेवाओं को नए बाजारों तक पहुँचाने का महत्वपूर्ण मंच साबित होगी, जिससे व्यापारिक संभावनाएँ और मजबूत होंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की इस पहल से क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी और नए निवेशकों को आकर्षित करने में सहायता मिलेगी।  मेहमान बघेलखंड के पारंपरिक व्यंजनों का लेंगे आनंद रीवा में 23 अक्टूबर को होने जा रही कॉन्क्लेव की एक विशेषता होगी, जिसमें विंध्य क्षेत्र की समृद्ध और पारंपरिक खाद्य संस्कृति से प्रतिनिधियों को परिचय कराया जायेगा। बघेलखंड के विशिष्ट व्यंजनों का स्वाद लेकर मेहमान स्थानीय स्वाद का आनंद उठाएंगे, जो न केवल स्वादिष्ट, बल्कि अत्यधिक पौष्टिक भी होंगे। बघेलखंड के प्रमुख व्यंजन      बगजा: बेसन से बनी जलेबी जैसी सेवई, जिसे दही के मट्ठे में डुबोकर तैयार किया जाता है, स्वाद और पौष्टिकता से भरपूर।      पनबुड़ा: चावल के आटे से बनी रोटी, जिसमें दाल का मिश्रण भरकर भाप में पकाया जाता है।      रिचमच की सब्जी: विभिन्न दालों से बने पकौड़ों को दही की करी में पकाया जाता है, जो एक अनोखा और पौष्टिक व्यंजन है।      रसाज की कढ़ी: हल्की और पाचक बेसन और दही से बनी कढ़ी, जो स्वाद और स्वास्थ्य का संतुलन बनाए रखने में मदद करती है।      महेरी: चावल और मट्ठे से तैयार एक हल्का और पौष्टिक व्यंजन, जो विंध्य क्षेत्र का विशेष भोजन है।      दरभरी पूरी और गुड़म: दरभरी पूरी के साथ गुड़ की पारंपरिक मिठाई, जो ठंड के मौसम में लाभकारी मानी जाती है।      खुरचन रोल: मलाई से बने इस मीठे रोल में कैल्शियम और प्रोटीन की भरपूर मात्रा होती है, जो इसे विशेष बनाती है।      लवंग लता: सूखे मेवों और घी से बनी यह मिठाई खास अवसरों पर बनाई जाती है।      लाटा: महुआ के फल और तिल से बना लड्डू, जो बघेलखंड की विशेष मिठाई के रूप में जाना जाता है। यह सभी व्यंजन स्वादिष्ट होने के साथ पोषक गुणों के कारण विंध्य क्षेत्र की खाद्य संस्कृति में खास स्थान रखते हैं। इनमें स्थानीय मसालों और शुद्ध सामग्रियों का उपयोग किया जाता है, जो स्वास्थ्यवर्धक होते हैं और शरीर को ऊर्जा प्रदान करते हैं। यह कॉन्क्लेव औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के साथ देश और विदेश से आए प्रतिनिधियों को बघेलखंड की समृद्ध खाद्य परंपरा से परिचित कराएगा, जो इस क्षेत्र की सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक है।   recent visitors 63

रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव विंध्य क्षेत्र के औद्योगिक विकास को एक नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा- CM मोहन यादव

 रीवा /भोपाल  मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा है कि 23 अक्टूबर को रीवा में होने वाली प्रदेश की 5वीं रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव राज्य के साथ विंध्य क्षेत्र के औद्योगिक विकास को एक नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इस मंच से उद्योग, व्यापार, पर्यटन, और कृषि क्षेत्रों को सशक्त बनाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे। इससे राज्य एवं विशेष रूप से विंध्य क्षेत्र में औद्योगिक उन्नति और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे, जो राज्य के समग्र आर्थिक विकास को सशक्त और सुदृढ़ करेगा। कॉन्क्लेव में बिजनेस प्रमोशन सेंटर रीवा इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में व्यापारिक और औद्योगिक हितधारकों के लिए बिज़नेस प्रमोशन सेंटर की स्थापना की जा रही है, जहां 16 से अधिक प्रमुख सरकारी और निजी विभाग अपने उत्पादों, सेवाओं और नीतियों को प्रदर्शित करेंगे। इसका उद्देश्य व्यापार को सरल बनाने के साथ निवेशकों और उद्यमियों के बीच संवाद को बढ़ावा देना है, जिससे औद्योगिक वातावरण को सुदृढ़ किया जा सके। कॉन्क्लेव में बिजनेस प्रमोशन सेंटर रीवा इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में व्यापारिक और औद्योगिक हितधारकों के लिए बिज़नेस प्रमोशन सेंटर की स्थापना की जा रही है, जहां 16 से अधिक प्रमुख सरकारी और निजी विभाग अपने उत्पादों, सेवाओं और नीतियों को प्रदर्शित करेंगे। इसका उद्देश्य व्यापार को सरल बनाने के साथ निवेशकों और उद्यमियों के बीच संवाद को बढ़ावा देना है, जिससे औद्योगिक वातावरण को सुदृढ़ किया जा सके। व्यापारिक सुगमता और औद्योगिक विकास पर ध्यान कॉन्क्लेव में एमपी इंडस्ट्रियल डेव्लपमेंट कॉरपोरेशन की प्रमुख भूमिका रहेगी, जो ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत व्यापारिक प्रक्रियाओं को सरल और सुगम बनाकर निवेशकों को व्यापार स्थापित करने में सहयोगी की भूमिका निभाएगा। एमपी स्टेट इलेक्ट्रॉनिक डेव्लपमेंट कॉर्पोरेशन राज्य के आईटी एवं ईएसडीएम उद्योग में विकास और निवेश के अवसरों को साझा करेगा। एमएसएमई विभाग सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों को प्रोत्साहन देने के लिए अपनी योजनाओं और सहायता कार्यक्रमों की जानकारी प्रदान करेगा, जिससे इन उद्यमों का राज्य के औद्योगिक ढांचे में और भी मजबूत योगदान हो सके। निर्यात और अंतरराष्‍ट्रीय व्यापार को मिलेगी रफ्तार अंतरराष्‍ट्रीय व्यापार और निर्यात को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने के उद्देश्य से डायरेक्टोरेट ऑफ फॉरेन ट्रेड निर्यात के अवसरों पर मार्गदर्शन प्रदान करेगा, जबकि कस्टम विभाग आयात-निर्यात प्रक्रियाओं और नियमों पर जानकारी देगा। इस दिशा में ईसीजीसी द्वारा निर्यातकों के लिए क्रेडिट बीमा और वित्तीय सेवाओं पर भी व्यापक जानकारी दी जाएगी, जिससे राज्य के निर्यातकों को वैश्विक स्तर पर अपनी पकड़ मजबूत करने का अवसर मिलेगा। पर्यटन और हस्तशिल्प उद्योग में निवेश के अवसर कॉन्क्लेव में मध्यप्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा राज्य के पर्यटन स्थलों और उद्योग में निवेश की संभावनाओं पर विशेष जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा हस्तशिल्प विकास निगम राज्य के हस्तशिल्प उद्योग को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से अपने उत्पादों को बाजार में लाने के नए तरीकों पर जानकारी देगा। कृषि और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के लिए सुनहरे अवसर कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण द्वारा कृषि उत्पादों के निर्यात के अवसरों की जानकारी दी जाएगी, जो राज्य के कृषि उद्योग के लिए अंतरराष्‍ट्रीय बाजारों तक पहुंच को और अधिक सुगम बनाएगा। यह कॉन्‍क्लेव कृषि और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र के उद्यमियों को वैश्विक निर्यात का हिस्सा बनने का सुनहरा मौका प्रदान करेगा। बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं का समर्थन बिजनेस और उद्योग को वित्तीय सहयोग प्रदान करने के लिए यूनियन बैंक एवं फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (FICCI) बैंकिंग और वित्त पोषण से संबंधित सेवाओं की जानकारी देंगे। साथ ही इंजीनियरिंग एक्सपोर्ट प्रमोशन कॉउंसिल (EEPC India) द्वारा इंजीनियरिंग उत्पादों के निर्यात और संबंधित सहायता कार्यक्रमों की जानकारी दी जाएगी। recent visitors 51

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने धर्मपत्नी के साथ उज्जैन में मनाया करवा चौथ पर्व

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने धर्मपत्नी श्रीमती सीमा यादव के साथ आज उज्जैन स्थित निज निवास पर करवा चौथ का पर्व मनाया। करवा चौथ के पावन पर्व पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव की धर्मपत्नी श्रीमती सीमा यादव ने चंद्रोदय के बाद चंद्रमा को अर्घ्य देकर पूजा की और पति डॉ. यादव के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पत्नी श्रीमती सीमा को जल ग्रहण करवाकर व्रत खुलवाया। इसके पूर्व यादव दंपति ने विधि-विधान से करवा माता पूजा की। इस अवसर पर करवा माता की कथा भी हुई। recent visitors 74

रीवा में 23 अक्टूबर को होगी अगली रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव

विंध्य क्षेत्र में औद्योगिक विकास के नए अवसरों का केंद्र बनेगा रीवा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री मोदी 21 अक्टूबर को रीवा को देंगे हवाई अड्डे की सौगात रीवा में 23 अक्टूबर को होगी अगली रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि 23 अक्टूबर को रीवा में होने वाली प्रदेश की 5वीं रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के दो दिन पहले 21 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी रीवा को एक बड़ी सौगात देंगे। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा 102 हेक्टेयर जमीन पर 300 करोड़ रूपये की लागत से रीवा में बने हवाई अड्डे का वर्चुअली शुभारंभ किया जायेगा। इससे पर्यटक और निवेशकों के लिये आवागमन सहज और सुगम हो जायेगा। यह विंध्य क्षेत्र के लिये ऐतिहासिक उपलब्धि होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रीवा की रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव राज्य के औद्योगिक विकास को एक नई दिशा देगी। इस कॉनक्लेव से रीवा और विंध्य क्षेत्र में निवेश आने से औद्योगिक परिदृश्य में महत्वपूर्ण बदलाव आयेंगे। रीवा संभाग के उद्योगपतियों से रविवार को होगा संवाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव रीवा में होने वाली रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के पहले रविवार 20 अक्टूबर को रीवा संभाग के उद्योगपतियों के साथ वर्चुअल संवाद करेंगे। मुख्यमंत्री द्वारा विंध्य क्षेत्र में उपलब्ध संसाधनों की जानकारी देने के साथ सरकार की उद्योग नीति, प्रावधानों और उद्योगपतियों के लिये की गई व्यवस्थाओं से अवगत कराया जायेगा। उन्होंने कहा कि विंध्य क्षेत्र में औद्योगिक विकास, कृषि, खाद्य प्र-संस्करण, हस्तशिल्प और पर्यटन के क्षेत्र में निवेश की अपार संभावनाएं हैं। कॉन्क्लेव में बिजनेस प्रमोशन सेंटर रीवा इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में व्यापारिक और औद्योगिक हितधारकों के लिए बिज़नेस प्रमोशन सेंटर की स्थापना की जा रही है, जहाँ 16 से अधिक प्रमुख सरकारी और निजी विभाग अपने उत्पादों, सेवाओं और नीतियों को प्रदर्शित करेंगे। इसका उद्देश्य व्यापार को सरल बनाने के साथ निवेशकों और उद्यमियों के बीच संवाद को बढ़ावा देना है, जिससे औद्योगिक वातावरण को सुदृढ़ किया जा सके। व्यापारिक सुगमता और औद्योगिक विकास पर ध्यान कॉन्क्लेव में एमपी इंडस्ट्रियल डेव्लपमेंट कॉरपोरेशन की प्रमुख भूमिका रहेगी, जो "ईज ऑफ डूइंग बिजनेस" के तहत व्यापारिक प्रक्रियाओं को सरल और सुगम बनाकर निवेशकों को व्यापार स्थापित करने में सहयोगी की भूमिका निभाएगा। एमपी स्टेट इलेक्ट्रॉनिक डेव्लपमेंट कॉरपोरेशन राज्य के आईटी एवं ईएसडीएम उद्योग में विकास और निवेश के अवसरों को साझा करेगा। एमएसएमई विभाग सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों को प्रोत्साहन देने के लिए अपनी योजनाओं और सहायता कार्यक्रमों की जानकारी प्रदान करेगा, जिससे इन उद्यमों का राज्य के औद्योगिक ढाँचे में और भी मजबूत योगदान हो सके। निर्यात और अंतर्राष्ट्रीय व्यापार को मिलेगी रफ्तार अंतर्राष्ट्रीय व्यापार और निर्यात को नई ऊँचाइयों पर पहुँचाने के उद्देश्य से डायरेक्टोरेट ऑफ फॉरेन ट्रेड निर्यात के अवसरों पर मार्गदर्शन प्रदान करेगा, जबकि कस्टम विभाग आयात-निर्यात प्रक्रियाओं और नियमों पर जानकारी देगा। इस दिशा में ईसीजीसी द्वारा निर्यातकों के लिए क्रेडिट बीमा और वित्तीय सेवाओं पर भी व्यापक जानकारी दी जाएगी, जिससे राज्य के निर्यातकों को वैश्विक स्तर पर अपनी पकड़ मजबूत करने का अवसर मिलेगा। पर्यटन और हस्तशिल्प उद्योग में निवेश के अवसर कॉन्क्लेव में मध्यप्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा राज्य के पर्यटन स्थलों और उद्योग में निवेश की संभावनाओं पर विशेष जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा, हस्तशिल्प विकास निगम राज्य के हस्तशिल्प उद्योग को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से अपने उत्पादों को बाजार में लाने के नए तरीकों पर जानकारी देगा। कृषि और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के लिए सुनहरे अवसर कृषि और प्र-संस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण द्वारा कृषि उत्पादों के निर्यात के अवसरों की जानकारी दी जाएगी, जो राज्य के कृषि उद्योग के लिए अंतर्राष्ट्रीय बाजारों तक पहुँच को और अधिक सुगम बनायेगा। यह कॉनक्लेव कृषि और खाद्य प्र-संस्करण क्षेत्र के उद्यमियों को वैश्विक निर्यात का हिस्सा बनने का सुनहरा मौका प्रदान करेगा। बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं का समर्थन बिजनेस और उद्योग को वित्तीय सहयोग प्रदान करने के लिए यूनियन बैंक एवं फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (FICCI) बैंकिंग और वित्तपोषण से संबंधित सेवाओं की जानकारी देंगे। साथ ही इंजीनियरिंग एक्सपोर्ट प्रमोशन कॉउंसिल (EEPC India) द्वारा इंजीनियरिंग उत्पादों के निर्यात और संबंधित सहायता कार्यक्रमों की जानकारी दी जाएगी। रीवा कॉन्क्लेव: औद्योगिक उन्नति की नई उम्मीद यह कॉन्क्लेव न केवल रीवा बल्कि पूरे राज्य के उद्योग और निवेश परिदृश्य को एक नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इस मंच से उद्योग, व्यापार, पर्यटन, और कृषि क्षेत्रों को सशक्त बनाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे। इससे राज्य एवं विशेष रूप से विंध्य क्षेत्र में औद्योगिक उन्नति और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे, जो राज्य के समग्र आर्थिक विकास को सशक्त और सुदृढ़ करेगा।   recent visitors 56

भारतीय सड़क कांग्रेस भोपाल में सड़क और पुल निर्माण की नवीन तकनीकों पर मंथन, CM मोहन यादव और नितिन गडकरी ने किया शुभारंभ

भोपाल केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी और सीएम मोहन यादव ने शनिवार, 19 अक्टूबर को भोपाल के विकास का विजन साझा किया। इस दौरान उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी और सुंदरलाल पटवा से जुड़ा रोचक किस्सा सुनाते हुए कहा कैसे उनके एक निर्णय से देश 6 लाख गांवों में क्रांतिकारी बदलाव आया है। भोपाल के रवींद्र भवन में सड़क और पुल निर्माण की नवीन तकनीकों पर आधारित दो दिवसीय सेमिनार आयोजित किया गया है। इसके शुभारंभ समारोह में केंद्रीय मंत्री गड़करी ने कहा, भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सड़क नेटवर्क वाला देश है। यहां 16 लाख किलोमीटर सड़कों बड़ा नेटवर्क है। सेमिनार में सड़क और पुल निर्माण की नई तकनीक, सामग्री और एग्रीमेंट प्रोसेस से जुड़े पहलुओं पर एक्सपर्ट्स अपने अनुभव और सुझाव साझा कर रहे हैं। यहां एक प्रदर्शनी भी लगाई गई है, जिसमें सड़क और पुल निर्माण में लगने वाली नई मशीनरी समेत अन्य सामग्री का प्रदर्शित की गई हैं। सेमिनार में विभिन्न तकनीकी-सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें देशभर से आए हुए विशेषज्ञ नई तकनीकों, निर्माण सामग्रियों और ईपीसी (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट, कंस्ट्रक्शन) एग्रीमेंट प्रक्रिया की चुनौतियों पर अपने विचार रखेंगे। लोक निर्माण विभाग के मंत्री राकेश सिंह ने कहा- लोक निर्माण से लोक कल्याण हमारी टैगलाइन है, जिसका उद्देश्य केवल संरचनाओं का निर्माण करना भर नहीं है बल्कि ऐसी परियोजनाओं का विकास करना है जो समाज के सतत विकास में अपना योगदान दें। इसलिए हमारा लक्ष्य है कि भविष्य की सभी परियोजनाएं, इफेक्टिव मैनेजमेंट, कम लागत और समयबद्ध कार्य की दृष्टि से आदर्श बने। मुख्यमंत्री यादव ने कहा है कि इस दो दिवसीय सेमिनार से मध्य प्रदेश के अवसंरचना विकास को नई ऊर्जा मिलेगी और यह आयोजन राज्य की निर्माण परियोजनाओं में नई ऊंचाइयों को प्राप्त करने में सहायक सिद्ध होगा। सेमिनार में विभिन्न तकनीकी-सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें देशभर से आए हुए विशेषज्ञ नई तकनीकों, निर्माण सामग्रियों और ईपीसी (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट, कंस्ट्रक्शन) अनुबंध निष्पादन की चुनौतियों पर अपने विचार रखेंगे। सेमिनार में लोक निर्माणमंत्री राकेश सिंह सहित अन्य विशिष्टजन उपस्थित रहेंगे। पहले दिन प्रमुख चर्चा में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत नई तकनीकों का कार्यान्वयन, पुल निर्माण में नई मशीनरी का उपयोग और सड़क निर्माण में उपयोग होने वाली नई सामग्रियों पर फोकस रहेगा। सड़क सुरक्षा, परियोजनाओं की मॉनिटरिंग के लिए आईटी तकनीकों का उपयोग और सीमांत सामग्रियों के उपयोग पर भी गहन मंथन किया जाएगा। आखिरी दिन रविवार को ईपीसी (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट, कंस्ट्रक्शन) अनुबंधों की संरचना शेड्यूलिंग, अनुबंध निष्पादन में ठेकेदारों की भूमिका और सहायक अभियंताओं की भूमिका पर विस्तृत चर्चा होगी। इसमें अनुबंधों से जुड़े विवादों और चुनौतियों के समाधान पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा। समापन सत्र में विभिन्न विशेषज्ञ और प्रतिनिधि पैनल चर्चा के माध्यम से सड़क और पुल निर्माण में नई तकनीकों के उपयोग पर अपने विचार रखेंगे। सेमिनार का उद्देश्य प्रदेश में सड़क और पुल निर्माण की गुणवत्ता को बढ़ाने और नवीनतम तकनीकों से समयबद्ध और टिकाऊ अवसंरचना का विकास सुनिश्चित करना है। recent visitors 80

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दी भारतीय टीम को जीत की बधाई

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दी भारतीय टीम को जीत की बधाई प्रदेश के धार जिले की बिटिया भी है टीम की सदस्य भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नेपाल की राजधानी काठमांडू में दक्षिण एशियाई फेडरेशन(सैफ) महिला फुटबॉल चैम्पियनशिप में भारतीय महिला फुटबॉल टीम की जीत पर टीम को बधाई दी है। भारत ने पाकिस्तान पर 5-2 से जीत हासिल की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह मध्यप्रदेश के लिए गर्व का विषय है कि भारत की टीम में मध्यप्रदेश के धार जिले के सरदारपुर की बेटी ज्योति चौहान भी शामिल हैं। अंतर्राष्ट्रीय मुकाबले में भारत की इस विजय में ज्योति के किए गए गोल का भी योगदान है। ज्योति सहित सभी बेटियों की कड़ी मेहनत और संघर्ष से यह जीत मिली है जो देश के साथ प्रदेश की बेटियों के लिए भी प्रेरणादायक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी खिलाड़ियों को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं भी दी हैं।   recent visitors 62

हीरे के बाद अब सोना भी निकालेगा मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

दो दिवसीय माईनिंग कॉन्क्लेव खनिज कॉन्क्लेव में 20 हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश में खनिज क्षेत्र में निवेश को पूर्ण प्रोत्साहन,11 औद्योगिक संस्थान निवेश के लिये आगे आये  : मुख्यमंत्री डॉ. यादव हीरे के बाद अब सोना भी निकालेगा मध्यप्रदेश  : मुख्यमंत्री डॉ. यादव अयोध्या में रामलला के मंदिर में उपयोग में लाए गए मध्यप्रदेश के मंडला के पत्थर मुख्यमंत्री दो दिवसीय माईनिंग कॉन्क्लेव के समापन सत्र में हुए शामिल भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश खनिज संपदा से समृद्ध राज्य है। इस संपदा के दोहन के लिए प्रयास बढ़ाते हुए खनिज क्षेत्र में नए निवेश को पूरा प्रोत्साहन दिया जाएगा। खनन क्षेत्र के उद्यमियों को राज्य सरकार सभी आवश्यक सुविधाएं प्रदान करेगी। प्रदेश की खनिज संपदा का दोहन करते हुए उत्पाद भी प्रदेश में ही हो, ऐसे प्रयास किए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को 2 दिवसीय माईनिंग कॉन्क्लेव के समापन सत्र को संबोधित कर रहे थे। कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में सम्पन्न कॉन्क्लेव में विभिन्न 11 औद्योगिक संस्थानों की ओर से 19,650 करोड़ रूपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में एमओआईएल (भारत सरकार का उपक्रम) और मध्यप्रदेश राज्य खनिज निगम लिमिटेड के मध्य खनिज ब्लॉक से संबंधित "संयुक्त उद्यम समझौता" हस्ताक्षरित भी हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस कॉन्क्लेव को सफल आयोजन बताते हुए कहा कि प्रदेश के खनिज राजस्व में भी 5 गुना वृद्धि का लक्ष्य आने वाले समय में प्राप्त किया जाएगा। उद्यमियों के साथ भू-गर्भ शास्त्री, वैज्ञानिक, खनिज विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, भारत सरकार के खनिज मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के अधिकारी कॉन्क्लेव में शामिल हुए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे देश की संस्कृति विश्व में सबसे अलग है। जहां अन्य देश राष्ट्र को पिता मानते हैं, हमारे देश में हम भारत माता की जय का उद्घोष करते हैं। मातृ प्रधान व्यवस्था को प्राचीन काल से प्रश्रय मिला। हम देश को भी मातृ संस्था मानते हैं। शरीर की रचना भी ब्रम्हांड की तरह होती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहाकि इस वसुंधरा की नदियां मनुष्य के रक्त प्रवाह के समान हैं। पृथ्वी में भी प्राण होते हैं और वनस्पति में भी प्राण होते हैं, यह हमारी मान्यता अन्य देशों से काफी पुरानी हैं। प्रकृति के दोहन और शोषण के अंतर को समझने की आवश्यकता है। खनिज संपदा की दृष्ट से ईश्वर की कृपा मध्यप्रदेश पर है। माईनिंग कॉन्क्लेव में प्रमुख निवेश प्रस्ताव क्र फर्म/कम्पनी का नाम प्रोजेक्ट का विवरण स्थान 1 ल्यूगांग इंडिया, नई दिल्ली प्रदेश में माइनिंग उपकरण निर्माण इकाई स्थापना निवेश राशि 250 करोड़ – 2 इंडियन रेयर अर्थस, मुंबई रेयर मेटल्स क्लस्टर की स्थापना औद्योगिक क्षेत्र अचारपुर, जिला भोपाल 3 द कमोडिटी हब, गुरूग्राम हरियाणा कॉपर, रॉकफास्फेट तथा सिलीकॉन बेनीफिकेशन प्लांट की स्थापना, निवेश राशि 2000 करोड़ बालाघाट एवं खरगौन 4 श्री बजरंग पावर एंड इस्पात लिमिटेड, रायपुर छत्तीसगढ़ इंट्रीगेटेड स्टील प्लांट,-निवेश राशि 1000 करोड़ उमरिया 5 व्रिज आयरन एवं स्टील लिमि. जल विहार कालोनी रायपुर इंट्रीगेटेड स्टील प्लांट,-निवेश राशि 1000 करोड़ कोतमा शहडोल 6 बैर्री अलायज, कोलकाता प्रदेश में फेरो अलायज इकाई की स्थापना निवेश राशि 400 करोड़ – 7 इन्विनायर पेट्रोडाइन लिमिटेड कोल बेड मीथेन और कोल गैसीफिकेशन में निवेश राशि 5000 करोड़ बैतूल और छिंदवाड़ा 8 डालमिया सीमेंट, नई दिल्ली प्रदेश में सीमेंट प्लांट की स्थापना निवेश राशि 3000 करोड़ सतना 9 जे.के. सीमेंट पन्ना जिले में स्थापित सीमेंट प्लांट का विस्तारीकरण निवेश राशि 2500 करोड़ पन्ना सिंगरौली एवं शहडोल जिले में आवंटित कोल ब्लॉक निवेश राशि 1000 करोड़ सिंगरौली एवं शहडोल 10 अंबुजा सीमेंट अहमदाबाद, गुजरात प्रदेश में सीमेंट प्लांट की स्थापना निवेश राशि 3000 करोड़ रीवा 11 सागर स्टोन इंडस्ट्रीज, जबलपुर फोस्फोराईट से खाद विनिर्माण इकाई की स्थापना, निवेश राशि 500 करोड़ छतरपुर   कुल 19650   प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में जेट की गति से बढ़ रहा देश मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हमारा देश जेट की गति से आगे बढ़ रहा है। खनिज के क्षेत्र में प्रधानमंत्री की कल्पना के अनुसार भारत वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है। मध्यप्रदेश भी विकास के सभी क्षेत्रों में आगे बढ़ रहा है। जहां कृषि के साथ ही पशुपालन और अन्य क्षेत्रों में नए प्रकल्प आ रहे हैं, वहीं खनिज क्षेत्र में मध्यप्रदेश उल्लेखनीय उपलब्धियां अर्जित करेगा। भारत सरकार द्वारा खनिजों की नीलामी में पुरस्कृत मध्यप्रदेश विविध प्रकार की खनिज संपदा के समुचित दोहन के लिए संकल्पबद्ध है। मध्यप्रदेश सरकार खनिज क्षेत्र में निवेश को भरपूर प्रोत्साहन देगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि खनन क्षेत्र में उद्यमियों को सरकार का पूरा साथ मिलेगा। खनिज क्षेत्र मध्यप्रदेश को प्रगति के नए आयामों को छूने में सहयोगी बनेगा। हर महीने रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में हर महीने अलग-अलग क्षेत्रों में रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव हो रही हैं। इस वर्ष अब तक हुई 4 कॉन्क्लेव के फलस्वरूप लगभग 2 लाख 50 हजार करोड़ रूपए के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। आने वाली 23 अक्टूबर को रीवा में "रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव" उद्योग के विभिन्न सेक्टर्स में नए निवेश लाने में सहयोगी होगी। एक ही दिन में दो बड़े आयोजनों में भागीदारी का सौभाग्य मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में औद्योगिक प्रगति को अग्रसर रखने एवं युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिये रीजनल इंडस्ट्री कान्क्लेव की जा रही है। इसी क्रम में मध्यप्रदेश की पूरी क्षमता को विकसित करने हमने पर्यटन की भी कॉन्क्लेव की। आज मैं दो कॉन्क्लेव में शामिल हुआ। सुबह पेट्रोकेमिकल एवं फार्मा इंडिया केम मुंबई में शामिल हुआ और अभी माइनिंग कॉन्क्लेव में शामिल हुआ हूँ। विभागवार कॉन्क्लेव की श्रंखला जारी रहेगी। अगले वर्ष फरवरी में जीआईएस का आयोजन करेंगे। मध्यप्रदेश में चहुँमुंखी औद्योगिक विकास और रोजगार बढ़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ेगे। अयोध्या के राम मंदिर तक पहुंचा मध्यप्रदेश का पत्थर, हीरे के बाद सोना भी निकालेंगे मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि निश्चित ही यह गर्व का विषय है कि गोंडवाना अंचल के मंडला जिले में खनन से प्राप्त पत्थर का उपयोग अयोध्या में श्रीरामलला मंदिर के गर्भ गृह में लगाने का सौभाग्य मध्यप्रदेश को मिला। निश्चित ही यह पत्थर गुणवत्ता की दृष्टि से इस योग्य … Read more