मध्यप्रदेश 160 से अधिक देशों को निर्यात कर रहा है दवाएं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

राज्य सरकार बनाने जा रही है आकर्षक फार्मा पॉलिसी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश 160 से अधिक देशों को निर्यात कर रहा है दवाएं वर्ष 2023-24 में प्रदेश से 11 हजार 889 करोड़ रुपये के फार्मा प्रोड्क्ट का हुआ एक्सपोर्ट पेट्रो-केमिकल इकाइयों को प्रशिक्षित मानव संसाधन उपलब्ध कराने प्रदेश में की जा रही है पहल प्रदेश में केमिकल-फार्मा-पेट्रो-केमिकल और प्लास्टिक जैसे उद्योगों के लिए है बेहतरीन इकोसिस्टम भारत पेट्रोलियम की 50 हजार करोड़ और गैल की 35 हजार करोड़ लागत की पेट्रो-केमिकल परियोजनाओं का कार्य जारी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुंबई में इंडिया केम- 2024 के 13वें संस्करण को किया संबोधित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में केमिकल, फार्मा, पेट्रो-केमिकल और प्लास्टिक जैसे उद्योगों के लिए बेहतरीन इको-सिस्टम विद्यमान है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा बीना में भारत पेट्रोलियम की 50 हजार करोड़ रुपये से अधिक की पेट्रो-केमिकल परियोजना का भू्मि-पूजन किया गया, जिसका कार्य आरंभ हो गया है। प्रदेश में 35 हजार करोड़ की गेल इंडिया की वृहद पेट्रो-केमिकल परियोजना का काम तेजी से जारी है, इससे 25 हजार व्यक्तियों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। प्रदेश में केमिकल और पेट्रो-केमिकल क्षेत्र की देश की सबसे बड़ी निजी और सार्वजनिक क्षेत्र की प्रमुख कंपनियां कार्यरत हैं। प्रदेश में 275 फार्मा यूनिट्स स्थापित हैं, जिनसे 160 से अधिक देशों को दवाएं निर्यात हो रही हैं। दवा निर्यात में मध्यप्रदेश का देश में चौथा स्थान है। वर्ष 2023-24 में 11 हजार 889 करोड़ रुपये के फार्मा प्रोड्क्ट का एक्सपोर्ट हुआ है। इस क्षेत्र में और अधिक निवेश आकर्षित करने तथा गतिविधियों को विस्तार देने के लिए राज्य सरकार आकर्षक फार्मा पॉलिसी बनाने जा रही है। हम एक फ्यूचर रेडी स्टेट हैं, रसायन और उर्वरक के क्षेत्र में राज्य सरकार के प्रयास, आने वाले समय में विकास की नई कहानी लिखने वाले हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को मुंबई में इंडिया केम- 2024 के 13वें संस्करण को संबोधित कर रहे थे। केमिकल एंड पेट्रो-केमिकल स्ट्रेटजीज पर "नॉलेज पेपर" का विमोचन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण और रसायन व उर्वरक मंत्री जगत प्रकाश नड्डा के साथ "इंडिया केम-2024 एडवांटेज भारत : इंडियन केमिकल्स एंड पेट्रो-केमिकल्स पेविंग द फ्यूचर" के 13वें द्वि-वार्षिक सम्मेलन का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण एवं रसायन-उर्वरक राज्य मंत्री श्रीमती अनुप्रिया पटेल, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र रजनीकांत पटेल, ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी सहित फिक्की के पदाधिकारी और विभिन्न उद्योग समूहों के प्रतिनिधि उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव कैटालाइजिंग इंडिया ऑन केमिकल एंड पेट्रो-केमिकल स्ट्रेटजीज फॉर ग्लोबल इंटीग्रेशन एंड ग्रोथ विषय पर फिक्की और अर्नेस्ट एंड यंग द्वारा तैयार "नॉलेज पेपर" के विमोचन में शामिल हुए। मध्यप्रदेश, औद्योगिक गतिविधियों और निवेश को प्रोत्साहित करने की दिशा में प्रयासरत मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश प्रगति पथ पर निरंतर अग्रसर है। भारत विश्व की 11वीं अर्थव्यवस्था से बढ़कर 5वें पायदान पर आया है। मध्यप्रदेश, औद्योगिक गतिविधियों और निवेश को प्रोत्साहित करने की दिशा में निरंतर प्रयासरत है। प्रदेश में वर्तमान में 250 फार्मेसी और 35 मेडिकल कॉलेज संचालित हैं। केमिकल पेट्रो-केमिकल उद्योग के लिए प्रदेश में आवश्यक अधोसंरचना तैयार है। रायसेन जिले के तामोट, ग्वालियर के बिलोवा में प्लास्टिक पार्क तथा रतलाम में वृहद फार्मा बायोटेक केमिकल जोन का विकास हो रहा है। झाबुआ में मेघनगर के औद्योगिक क्षेत्र में केमिकल उद्योग के लिए आधुनिक अधोसंरचना, धार के पास बदनावर में पीएम मित्रा पार्क और भोपाल तथा ग्वालियर में केंद्रीय पेट्रो रसायन अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान सीपेट की शाखाएं स्थापित की गई हैं। रीजनल इंड्रस्ट्री कॉन्क्लेव में उद्योग समूहों ने निवेश के लिए की पहल मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में औद्योगिकीकरण तथा निवेश के क्षेत्र में केंद्र सरकार के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने के लिए प्रदेश में रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव का आयोजन आरंभ किया गया है। अब तक उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर और सागर में रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव हो चुकी हैं। अगली इंडस्ट्री कॉन्क्लेव शीघ्र ही रीवा में होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में सभी प्रकार के उद्योगों के लिए संभावनाएं विद्यमान हैं। उद्योग समूहों तथा निवेशकों को इससे अवगत कराने और राज्य सरकार की नीतियों के बारे में बताने के उद्देश्य से मुम्बई सहित कोयंबटूर, बैंगलुरू और कोलकाता में रोड-शो किए गए हैं। प्रदेश में निवेश के लिए कई उद्योग समूहों ने पहल की है। रतलाम, झाबुआ और इन्दौर में फार्मा क्षेत्र की गतिविधियों के विस्तार के कार्य जारी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पेट्रो-केमिकल क्षेत्र में मध्यप्रदेश प्रगति करेगा। राज्य सरकार "स्टेट ऑफ दी आर्ट पेट्रो-केमिकल इन्वेस्टमेंट रीजन" बनाने की योजना पर भी कार्य कर रही हैं। सीहोर-आष्टा एक प्रकार से देश का मध्य क्षेत्र है जहां विमानतल और रेल लाइन सहित उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए आवश्यक सभी व्यवस्थाएं विद्वमान हैं। रतलाम, झाबुआ और इन्दौर में भी फार्मा क्षेत्र में गतिविधियों के विस्तार के लिए कार्य किया जा रहा है। केन्द्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा ने इंडिया केम – 2024 में किया मध्यप्रदेश का उल्लेख केन्द्रीय रसायन और उर्वरक मंत्री जे.पी. नड्डा ने प्रदेश के बीना की भारत पेट्रोलियम पेट्रो-केमिकल परियोजना का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा पेट्रो-केमिकल, फार्मा, रसायन और उर्वरक क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार के लिए किए जा रहे प्रयासों से निवेश और रोजगार के क्षेत्र में सकारात्मक परिणाम प्राप्त होंगे। कार्यक्रम को केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण और रसायन-उर्वरक राज्य मंत्री श्रीमती अनुप्रिया पटेल, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र रजनीकांत पटेल और ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी ने भी संबोधित किया। फिक्की के पदाधिकारियों और विभिन्न उद्योग समूहों के प्रतिनिधियों ने भी इंडिया केम-2024 में अपने विचार रखे।   recent visitors 66

इंडिया केम : 2024 में उर्वरक मंत्री जगत प्रकाश नड्डा सहित केन्द्र सरकार और अनेक राज्यों के प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं

मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुंबई में इंडिया केम : 2024 को करेंगे संबोधित मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज 18 अक्टूबर को मुंबई में इंडिया केम : 2024 में हिस्सा लेंगे इंडिया केम : 2024 में उर्वरक मंत्री जगत प्रकाश नड्डा सहित केन्द्र सरकार और अनेक राज्यों के प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं मुंबई में 17-19 अक्टूबर 2024 तक हो रहे सम्मेलन में मुख्यमंत्री भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार 18 अक्टूबर को मुंबई में इंडिया केम : 2024 में हिस्सा लेंगे। सम्मेलन की थीम "एडवांटेज भारत : इंडियन केमिकल्स एंड पेट्रोकेमिकल्स पेविंग द फ्यूचर" है। इस अवसर पर 13वीं द्विवार्षिक अंतर्राष्ट्रीय प्रदर्शनी और सम्मेलन का आयोजन किया गया है। सम्मेलन में केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण और रसायन और उर्वरक मंत्री जगत प्रकाश नड्डा सहित केन्द्र सरकार और अनेक राज्यों के प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं। मुंबई में 17-19 अक्टूबर 2024 तक हो रहे सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. यादव के अलावा केद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण और रसायन और उर्वरक राज्य मंत्री श्रीमती अनुप्रिया पटेल, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र रजनीकांत पटेल, ओडिशा के उद्योग राज्य मंत्री संपद चंद्र स्वैन, सचिव रसायन एवं पेट्रो रसायन विभाग सुनिवेदिता शुक्ला वर्मा, अध्यक्ष फिक्की और सीएमडी दीपक नाइट्राइट लिमिटेड दीपक मेहता, कार्यकारी निदेशक रिलायंस लिमिटेड निखिल मेसवानी, एवोनिक इंडस्ट्रीज के कार्यकारी बोर्ड के सदस्य और एशिया प्रशांत के अध्यक्ष डॉ. क्लॉस रेटिग, अध्यक्ष फिक्की राष्ट्रीय पेट्रोकेमिकल्स समिति और एमडी और सीईओ, एचएमईएल मित्तल एनर्जी लिमिटेड प्रभा दास हिस्सा लेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव इस सम्मेलन में मध्यप्रदेश में केमिकल और पेट्रो केमिकल क्षेत्र में बीना स्थित भारत पेट्रोलियम पेट्रो केमिकल परियोजना सहित देश की प्रतिष्ठित कम्पनियों द्वारा प्रदेश में किए जा रहे उत्पादन और गेल इंडिया की वृहद पेट्रो केमिकल परियोजना सहित इस क्षेत्र में मजबूत की जा रही अधोसंरचना से संबंधित विवरण देंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव देखेंगे एमपी पवेलियन मुख्यमंत्री डॉ. यादव बाम्बे एग्जिबिशन सेंटर में सम्मेलन के सत्र को पूर्वान्ह 11.30 बजे संबोधित करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदर्शनी सभागार में एमपी पवेलियन भी देखेंगे। मुंबई में इंडिया केम : 2024 के अवसर पर मध्यप्रदेश में उद्योगों के विस्तार और निवेश बढ़ाने के प्रयासों का ब्यौरा भी प्रदर्शित किया गया है।   recent visitors 129

खनिज कॉन्क्लेव मध्यप्रदेश के साथ ही विकसित एवं आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में मील का पत्थर साबित होगा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल खनन कॉन्क्लेव के दूरगामी परिणाम होंगे ऐतिहासिक: मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज कॉन्क्लेव में मुख्यमंत्री होंगे शामिल, खनन कॉन्क्लेव के परिणाम ऐतिहासिक होंगे खनिज कॉन्क्लेव मध्यप्रदेश के साथ ही विकसित एवं आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में मील का पत्थर साबित होगा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि खनन कॉन्क्लेव के परिणाम ऐतिहासिक होंगे। कॉन्क्लेव में आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल पर होने वाली चर्चा के परिणाम भावी रणनीति के निर्माण की नींव रखेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में हो रही दो दिवसीय खनन कॉन्क्लेव के समापन सत्र में शामिल होंगे। राजधानी भोपाल में आयोजित दो दिवसीय खनिज कॉन्क्लेव में होने वाले मंथन से निकलने वाला अमृत मध्यप्रदेश के साथ ही विकसित एवं आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में मील का पत्थर साबित होगा। कॉन्क्लेव के विषयों में खनिज अन्वेषण, खनिज प्रसंस्करण, नवीन तकनीकों के उपयोग और पर्यावरण सुरक्षा शामिल है। इसमें आर्टिफिशियल इन्टेलीजेंसी और मशीन लर्निंग आधारित डिजिटलाइजेशन जैसे विषय भी चर्चा में शामिल है। खनिज क्षेत्र में जरूरी नीतिगत सुधारों को लागू करने के लिये भी कॉन्क्लेव जैसी संगोष्ठियों का होना आवश्यक है। मध्यप्रदेश प्रचुर खनिज संसाधनों से समृद्ध है। मध्यप्रदेश को देश का एक मात्र हीरा उत्पादन क्षेत्र होने का गौरव प्राप्त है। प्रदेश का मलाजखंड क्षेत्र देश का तांबा खनन का सबसे बड़ा क्षेत्र है। मध्यप्रदेश मध्य में होने से निवेशकों के लिये आवागमन की सुविधाएँ सुगम और सहज उपलब्ध होती है। इस प्रकार की कॉन्क्लेव से मध्यप्रदेश का खनन क्षेत्र तो बुस्ट-अप होगा ही, देश की समृद्धि में भी प्रदेश महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगा।   recent visitors 59

मध्य प्रदेश को कैपिटल ऑफ माइंस बनाने की तैयारी, जानें क्या है सीएम मोहन यादव का प्लान, माइनिंग कॉन्क्लेव में क्या हो…

 भोपाल राजधानी भोपाल में आज से दो दिवसीय माइनिंग कॉन्क्लेव शुरू हो रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव माइनिंग कॉन्क्लेव में उद्योगपतियों से चर्चा करेंगे। मुख्यमंत्री का कहना है कि माइनिंग कॉन्क्लेव से विकसित भारत 2047 का सपना पूरा होगा। मध्य प्रदेश सरकार राज्य को खनन की राजधानी बनाने की दिशा में कदम बढ़ा रही है। इसके लिए 17-18 अक्टूबर को भोपाल में माइनिंग कॉन्क्लेव का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव माइनिंग क्षेत्र के उद्योगपतियों से संवाद करेंगे। भोपाल के कुशाभाऊ इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में आयोजित होने वाले इस माइनिंग कॉन्क्लेव का उद्देश्य मध्य प्रदेश को खनन क्षेत्र में प्रमुख केंद्र बनाना है। मुख्यमंत्री मोहन यादव का कहना है कि प्रदेश में खनन की असीमित संभावनाएं हैं और यह आयोजन राज्य को आर्थिक विकास और रोजगार सृजन के नए अवसरों की ओर ले जाएगा। उनका मानना है कि इस कॉन्क्लेव से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य की प्राप्ति में मदद मिलेगी। प्रदेश में खनन की संभावनाएं मध्य प्रदेश खनिज संसाधनों के मामले में देश का एक प्रमुख राज्य है। यह भारत का एकमात्र राज्य है जो हीरे का उत्पादन करता है। इसके अलावा, मैग्नीज, तांबा अयस्क, चूना पत्थर, रॉक-फास्फेट, और कोयला उत्पादन में भी प्रदेश अग्रणी है। माइनिंग कॉन्क्लेव के माध्यम से राज्य सरकार खनन और खनिज आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। 600 से अधिक निवेशक होंगे शामिल इस कॉन्क्लेव में केंद्रीय खनन मंत्री जी. किशन रेड्डी, राज्य मंत्री एससी दुबे, और केंद्रीय खान मंत्रालय के सचिव वीएल कांता राव शामिल होंगे। साथ ही एनसीएल, एचसीएल, एनएमडीसी, ओएनजीसी और जीएआईएल जैसी प्रमुख कंपनियों के प्रतिनिधि और अन्य राज्यों के उद्योगपतियों सहित 600 से अधिक प्रतिभागी इस कार्यक्रम का हिस्सा होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस आयोजन से राज्य में खनन क्षेत्र को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा, जिससे आर्थिक विकास और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। recent visitors 110

केन्द्र सरकार द्वारा छह रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि का निर्णय

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का रबी विपणन सीजन 2025-26 के लिए छह रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में वृद्धि के लिए आभार माना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि अन्नदाता को प्राथमिकता मोदी सरकार का संकल्प है। नई दिल्ली में बुधवार को हुई केन्द्रीय मंत्री-मंडल की बैठक में रेपसीड और सरसों के लिए एमएसपी में सबसे अधिक वृद्धि 300 रुपए प्रति क्विंटल और मसूर के लिए 275 रुपए प्रति क्विंटल की घोषणा की गई है। चने में 210 रुपए प्रति क्विंटल, गेहूं में 150 रुपए प्रति क्विंटल, कुसुम में 140 रूपये प्रति क्विंटल एवं जौ में 130 रुपए प्रति क्विंटल की वृद्धि की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश और देश के किसानों की ओर से इस फैसले का अभिन्नदन किया है। मख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में किसानों के लिए विगत 10 वर्षों में केंद्र सरकार ने अनेक ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं, जिससे अन्नदाता निरंतर खुशहाल और समृद्ध हो रहा है। बुधवार को केन्द्रीय मंत्री-मंडल की बैठक में गेहूँ का समर्थन मूल्य प्रति क्विंटल 2275 रूपये से बढ़ाकर 2425 रूपये, जौ का समर्थन मूल्य प्रति क्विंटल 1850 रूपये से बढ़ाकर 1980 रूपये, चने का समर्थन मूल्य प्रति क्विंटल 5440 रूपये से बढ़ाकर 5650 रूपये, मसूर का समर्थन मूल्य प्रति क्विंटल 6425 रूपये से बढ़ाकर 6700 रूपये, रेपसीड और सरसों का समर्थन मूल्य प्रति क्विंटल 5650 रूपये से बढ़ाकर 5950 रूपये और कुसुम का समर्थन मूल्य प्रति क्विंटल 5800 रूपये से बढ़ाकर 5940 रूपये किया गया है।   recent visitors 74

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्व खाद्य दिवस पर किया अन्नदाता किसानों का किया अभिवादन

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 'विश्व खाद्य दिवस' पर 'सबको भोजन' की सुनिश्चितता के लिए दिन-रात परिश्रम करने वाले अन्नदाता किसान भाई-बहनों और समाजसेवी बंधुओं का अभिवादन किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोशल मीडिया पर अपने जारी संदेश में लिखा है कि भारतीय संस्कृति में हमारे ऋषियों-पूर्वजों ने प्राणीमात्र को सम्मानपूर्वक भोजन कराने से परमात्मा की सेवा हो जाने की विराट दृष्टि प्रदान की है। उन्होंने 'बेहतर जीवन और भविष्य के लिए भोजन का अधिकार' के मंत्र के साथ भूख व कुपोषण से मुक्त भारत बनाने का प्रण लेंने का आव्हान किया है।   recent visitors 53

इंदौर के आवागमन को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिये पर्याप्त संख्या में बनाये जाएंगे अंडरपास और फ्लाय-ओवर मुख्यमंत्री डॉ. यादव

विकास को नई गति देकर लिखा जाएगा नया अध्याय : मुख्यमंत्री डॉ. यादव इंदौर में रचा गया विकास का स्वर्णिम इतिहास, मुख्यमंत्री ने एक साथ 222 करोड़ रुपये लागत के 4 फ्लाय-ओवर का किया लोकार्पण इंदौर के आवागमन को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिये पर्याप्त संख्या में बनाये जाएंगे अंडरपास और फ्लाय-ओवर  मुख्यमंत्री डॉ. यादव संत सेवालाल के नाम पर होगा फूटी कोठी ओवर ब्रिज और चौराहा इंदौर इंदौर में आज स्वर्णिम इतिहास रचा गया। सोमवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक ही दिन में एक साथ लगभग 222.25 करोड़ रुपये लागत के 4 फ्लाय-ओवर का लोकार्पण किया। यह पहली बार हो रहा है जब इंदौर में एक ही दिन में एक साथ 4 फ्लाय-ओवर का लोकार्पण हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने फूटी कोठी (संत सेवालाल चौराहा) सहित भंवरकुंआ, खजराना और लवकुश चौराहे के फ्लाय-ओवर का लोकार्पण किया। चारों फ्लाय-ओवर इंदौर के आवागमन को सुगम और सुरक्षित बनाने में मददगार होंगे। फ्लाय-ओवर के प्रारंभ होने से इंदौर के लाखों नागरिकों को सुगम एवं निर्बाध आवागमन की सुविधा मिलेगी। फूटी कोठी फ्लाय-ओवर का नाम प्रसिद्ध संत सेवालाल जी महाराज के नाम पर किया गया है। फ्लॉय-ओवर लोकार्पण अवसर पर नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, सांसद शंकर लालवानी, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, इंदौर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष और विधायक और पूर्व मंत्री सुउषा ठाकुर, महेन्द्र हार्डिया, रमेश मेंदोला, गोलू शुक्ला, महेन्द्र हार्डिया और मनोज पटेल, अनुसूचित जाति वित्त विकास निगम के अध्यक्ष सावन सोनकर,जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रीना मालवीय, पूर्व महापौर कृष्णमुरारी मोघे, गौरव रणदिवे, चिन्टू वर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि विशेष रूप से मौजूद थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने फूटी कोठी (संत सेवालाल चौरहा) में आयोजित फ्लाय-ओवर के लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश में विकास को नई गति देकर विकास का नया अध्याय लिखा जाएगा। विकास के सभी अवरोधों को हटाकर प्रदेश के सर्वांगीण विकास का मार्ग प्रशस्त किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंदौर का चहुँमुखी विकास और सुरक्षित यातायात हमारी प्राथमिकता है। हमारा प्रयास है कि इंदौर के किसी भी चौराहे पर यातायात बाधित न हो और वाहन चालकों को किसी भी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। उन्होंने इंदौर की यातायात संबंधी परेशानियों के निराकरण के लिए कहा कि यहाँ जितने भी अंडरपास/ओवर ब्रिज की आवश्यकता होगी, वह सभी बनाए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने इंदौर में 400 करोड़ रुपए की लागत से सीवरेज लाइन का कार्य करने की बात भी कही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नशे का अवैध कारोबार करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। नशे के अवैध कारोबार करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि मनुष्यों की सोच जहां समाप्त होती है, वहीं से संतों की सोच शुरू होती है। मनुष्यों एवं देवताओं के बीच संत सेतु के रूप में होते हैं। समाज के किसी भी संत के योगदान को भुलाया नहीं जाएगा। उन्होंने प्रदेश में गायों के संरक्षण, दुग्ध उत्पादन बढ़ाने तथा गौ-शालाओं के संचालन के संबंध में राज्य शासन द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि फूटी कोठी चौराहे का नाम संत सेवालाल चौराहा होगा। इंदौर के चौराहों पर आवश्यकतानुसार अंडर-पास और ओवर ब्रिज बनाए जाएंगे। आगामी 3 वर्षों में एक कार्य-योजना बनाकर लगभग 20 से 25 अंडरपास/ओवर ब्रिज बनाए जाएंगे। इंदौर शहर में यातायात सुधार के लिए लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने मादक पदार्थों के अवैध कारोबार करने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने की बात भी कही। उन्होंने कहा कि नशा मुक्त समाज बनाना हमारा संकल्प है। जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने लोकार्पित हुए 4 ओवर ब्रिज के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम को संत गोपाल चैतन्य महाराज ने भी संबोधित किया। एकलव्य सिंह गौड़ ने आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने इंदौर भ्रमण के दौरान सबसे पहले फूटी कोठी फ्लाय-ओवर का लोकार्पण किया। यह फ्लाय-ओवर 610 मीटर लंबा है। इसकी चौड़ाई 24 मीटर एवं 6 लेन है। इसके निर्माण पर 57.70 करोड़ रूपये लागत आयी है। इसी तरह उन्होंने भवर कुआं के फ्लाय-ओवर का लोकार्पण भी किया। भंवरकुंआ में 625 मीटर लंबे और 24 मीटर चौड़ाई के 6 लेन फ्लाय-ओवर का निर्माण 55.77 करोड़ रूपये की लागत से किया गया है। इसी तरह लवकुश चौराहा और खजराना चौराहा के फ्लाय-ओवर की एक-एक भुजा का लोकार्पण भी किया गया। खजराना के फ्लाय-ओवर की लागत 41.19 करोड़ और लवकुश चौराहे के फ्लाय-ओवर की लागत 66.88 करोड़ रूपये हैं। उक्त दोनों फ्लाय-ओवर भी 6 लेन हैं। इन दोनों फ्लाय-ओवर की दूसरी भुजाओं का कार्य भी लगभग 90 प्रतिशत से अधिक हो चुका है। शेष कार्य भी जल्द ही पूरा हो जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौरी जायके का लिया स्वाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव इंदौर भ्रमण के दौरान विजय नगर स्थित एक रेस्टॉरेंट पर रूके। यहाँ उन्होंने अपने मंत्री के साथी कैलाश विजयवर्गीय और तुलसीराम सिलावट सहित अन्य जन-प्रतिनिधियों के साथ इंदौरी जायके का स्वाद लिया। उन्होंने रेस्टॉरेंट में पानीपुरी, भजिये और छोले भटूरे भी खाये।   recent visitors 60