हीरे के बाद अब सोना भी निकालेगा मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

दो दिवसीय माईनिंग कॉन्क्लेव खनिज कॉन्क्लेव में 20 हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश में खनिज क्षेत्र में निवेश को पूर्ण प्रोत्साहन,11 औद्योगिक संस्थान निवेश के लिये आगे आये  : मुख्यमंत्री डॉ. यादव हीरे के बाद अब सोना भी निकालेगा मध्यप्रदेश  : मुख्यमंत्री डॉ. यादव अयोध्या में रामलला के मंदिर में उपयोग में लाए गए मध्यप्रदेश के मंडला के पत्थर मुख्यमंत्री दो दिवसीय माईनिंग कॉन्क्लेव के समापन सत्र में हुए शामिल भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश खनिज संपदा से समृद्ध राज्य है। इस संपदा के दोहन के लिए प्रयास बढ़ाते हुए खनिज क्षेत्र में नए निवेश को पूरा प्रोत्साहन दिया जाएगा। खनन क्षेत्र के उद्यमियों को राज्य सरकार सभी आवश्यक सुविधाएं प्रदान करेगी। प्रदेश की खनिज संपदा का दोहन करते हुए उत्पाद भी प्रदेश में ही हो, ऐसे प्रयास किए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को 2 दिवसीय माईनिंग कॉन्क्लेव के समापन सत्र को संबोधित कर रहे थे। कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में सम्पन्न कॉन्क्लेव में विभिन्न 11 औद्योगिक संस्थानों की ओर से 19,650 करोड़ रूपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में एमओआईएल (भारत सरकार का उपक्रम) और मध्यप्रदेश राज्य खनिज निगम लिमिटेड के मध्य खनिज ब्लॉक से संबंधित "संयुक्त उद्यम समझौता" हस्ताक्षरित भी हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस कॉन्क्लेव को सफल आयोजन बताते हुए कहा कि प्रदेश के खनिज राजस्व में भी 5 गुना वृद्धि का लक्ष्य आने वाले समय में प्राप्त किया जाएगा। उद्यमियों के साथ भू-गर्भ शास्त्री, वैज्ञानिक, खनिज विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, भारत सरकार के खनिज मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के अधिकारी कॉन्क्लेव में शामिल हुए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे देश की संस्कृति विश्व में सबसे अलग है। जहां अन्य देश राष्ट्र को पिता मानते हैं, हमारे देश में हम भारत माता की जय का उद्घोष करते हैं। मातृ प्रधान व्यवस्था को प्राचीन काल से प्रश्रय मिला। हम देश को भी मातृ संस्था मानते हैं। शरीर की रचना भी ब्रम्हांड की तरह होती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहाकि इस वसुंधरा की नदियां मनुष्य के रक्त प्रवाह के समान हैं। पृथ्वी में भी प्राण होते हैं और वनस्पति में भी प्राण होते हैं, यह हमारी मान्यता अन्य देशों से काफी पुरानी हैं। प्रकृति के दोहन और शोषण के अंतर को समझने की आवश्यकता है। खनिज संपदा की दृष्ट से ईश्वर की कृपा मध्यप्रदेश पर है। माईनिंग कॉन्क्लेव में प्रमुख निवेश प्रस्ताव क्र फर्म/कम्पनी का नाम प्रोजेक्ट का विवरण स्थान 1 ल्यूगांग इंडिया, नई दिल्ली प्रदेश में माइनिंग उपकरण निर्माण इकाई स्थापना निवेश राशि 250 करोड़ – 2 इंडियन रेयर अर्थस, मुंबई रेयर मेटल्स क्लस्टर की स्थापना औद्योगिक क्षेत्र अचारपुर, जिला भोपाल 3 द कमोडिटी हब, गुरूग्राम हरियाणा कॉपर, रॉकफास्फेट तथा सिलीकॉन बेनीफिकेशन प्लांट की स्थापना, निवेश राशि 2000 करोड़ बालाघाट एवं खरगौन 4 श्री बजरंग पावर एंड इस्पात लिमिटेड, रायपुर छत्तीसगढ़ इंट्रीगेटेड स्टील प्लांट,-निवेश राशि 1000 करोड़ उमरिया 5 व्रिज आयरन एवं स्टील लिमि. जल विहार कालोनी रायपुर इंट्रीगेटेड स्टील प्लांट,-निवेश राशि 1000 करोड़ कोतमा शहडोल 6 बैर्री अलायज, कोलकाता प्रदेश में फेरो अलायज इकाई की स्थापना निवेश राशि 400 करोड़ – 7 इन्विनायर पेट्रोडाइन लिमिटेड कोल बेड मीथेन और कोल गैसीफिकेशन में निवेश राशि 5000 करोड़ बैतूल और छिंदवाड़ा 8 डालमिया सीमेंट, नई दिल्ली प्रदेश में सीमेंट प्लांट की स्थापना निवेश राशि 3000 करोड़ सतना 9 जे.के. सीमेंट पन्ना जिले में स्थापित सीमेंट प्लांट का विस्तारीकरण निवेश राशि 2500 करोड़ पन्ना सिंगरौली एवं शहडोल जिले में आवंटित कोल ब्लॉक निवेश राशि 1000 करोड़ सिंगरौली एवं शहडोल 10 अंबुजा सीमेंट अहमदाबाद, गुजरात प्रदेश में सीमेंट प्लांट की स्थापना निवेश राशि 3000 करोड़ रीवा 11 सागर स्टोन इंडस्ट्रीज, जबलपुर फोस्फोराईट से खाद विनिर्माण इकाई की स्थापना, निवेश राशि 500 करोड़ छतरपुर   कुल 19650   प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में जेट की गति से बढ़ रहा देश मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हमारा देश जेट की गति से आगे बढ़ रहा है। खनिज के क्षेत्र में प्रधानमंत्री की कल्पना के अनुसार भारत वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है। मध्यप्रदेश भी विकास के सभी क्षेत्रों में आगे बढ़ रहा है। जहां कृषि के साथ ही पशुपालन और अन्य क्षेत्रों में नए प्रकल्प आ रहे हैं, वहीं खनिज क्षेत्र में मध्यप्रदेश उल्लेखनीय उपलब्धियां अर्जित करेगा। भारत सरकार द्वारा खनिजों की नीलामी में पुरस्कृत मध्यप्रदेश विविध प्रकार की खनिज संपदा के समुचित दोहन के लिए संकल्पबद्ध है। मध्यप्रदेश सरकार खनिज क्षेत्र में निवेश को भरपूर प्रोत्साहन देगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि खनन क्षेत्र में उद्यमियों को सरकार का पूरा साथ मिलेगा। खनिज क्षेत्र मध्यप्रदेश को प्रगति के नए आयामों को छूने में सहयोगी बनेगा। हर महीने रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में हर महीने अलग-अलग क्षेत्रों में रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव हो रही हैं। इस वर्ष अब तक हुई 4 कॉन्क्लेव के फलस्वरूप लगभग 2 लाख 50 हजार करोड़ रूपए के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। आने वाली 23 अक्टूबर को रीवा में "रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव" उद्योग के विभिन्न सेक्टर्स में नए निवेश लाने में सहयोगी होगी। एक ही दिन में दो बड़े आयोजनों में भागीदारी का सौभाग्य मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में औद्योगिक प्रगति को अग्रसर रखने एवं युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिये रीजनल इंडस्ट्री कान्क्लेव की जा रही है। इसी क्रम में मध्यप्रदेश की पूरी क्षमता को विकसित करने हमने पर्यटन की भी कॉन्क्लेव की। आज मैं दो कॉन्क्लेव में शामिल हुआ। सुबह पेट्रोकेमिकल एवं फार्मा इंडिया केम मुंबई में शामिल हुआ और अभी माइनिंग कॉन्क्लेव में शामिल हुआ हूँ। विभागवार कॉन्क्लेव की श्रंखला जारी रहेगी। अगले वर्ष फरवरी में जीआईएस का आयोजन करेंगे। मध्यप्रदेश में चहुँमुंखी औद्योगिक विकास और रोजगार बढ़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ेगे। अयोध्या के राम मंदिर तक पहुंचा मध्यप्रदेश का पत्थर, हीरे के बाद सोना भी निकालेंगे मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि निश्चित ही यह गर्व का विषय है कि गोंडवाना अंचल के मंडला जिले में खनन से प्राप्त पत्थर का उपयोग अयोध्या में श्रीरामलला मंदिर के गर्भ गृह में लगाने का सौभाग्य मध्यप्रदेश को मिला। निश्चित ही यह पत्थर गुणवत्ता की दृष्टि से इस योग्य … Read more

मध्यप्रदेश 160 से अधिक देशों को निर्यात कर रहा है दवाएं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

राज्य सरकार बनाने जा रही है आकर्षक फार्मा पॉलिसी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश 160 से अधिक देशों को निर्यात कर रहा है दवाएं वर्ष 2023-24 में प्रदेश से 11 हजार 889 करोड़ रुपये के फार्मा प्रोड्क्ट का हुआ एक्सपोर्ट पेट्रो-केमिकल इकाइयों को प्रशिक्षित मानव संसाधन उपलब्ध कराने प्रदेश में की जा रही है पहल प्रदेश में केमिकल-फार्मा-पेट्रो-केमिकल और प्लास्टिक जैसे उद्योगों के लिए है बेहतरीन इकोसिस्टम भारत पेट्रोलियम की 50 हजार करोड़ और गैल की 35 हजार करोड़ लागत की पेट्रो-केमिकल परियोजनाओं का कार्य जारी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुंबई में इंडिया केम- 2024 के 13वें संस्करण को किया संबोधित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में केमिकल, फार्मा, पेट्रो-केमिकल और प्लास्टिक जैसे उद्योगों के लिए बेहतरीन इको-सिस्टम विद्यमान है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा बीना में भारत पेट्रोलियम की 50 हजार करोड़ रुपये से अधिक की पेट्रो-केमिकल परियोजना का भू्मि-पूजन किया गया, जिसका कार्य आरंभ हो गया है। प्रदेश में 35 हजार करोड़ की गेल इंडिया की वृहद पेट्रो-केमिकल परियोजना का काम तेजी से जारी है, इससे 25 हजार व्यक्तियों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। प्रदेश में केमिकल और पेट्रो-केमिकल क्षेत्र की देश की सबसे बड़ी निजी और सार्वजनिक क्षेत्र की प्रमुख कंपनियां कार्यरत हैं। प्रदेश में 275 फार्मा यूनिट्स स्थापित हैं, जिनसे 160 से अधिक देशों को दवाएं निर्यात हो रही हैं। दवा निर्यात में मध्यप्रदेश का देश में चौथा स्थान है। वर्ष 2023-24 में 11 हजार 889 करोड़ रुपये के फार्मा प्रोड्क्ट का एक्सपोर्ट हुआ है। इस क्षेत्र में और अधिक निवेश आकर्षित करने तथा गतिविधियों को विस्तार देने के लिए राज्य सरकार आकर्षक फार्मा पॉलिसी बनाने जा रही है। हम एक फ्यूचर रेडी स्टेट हैं, रसायन और उर्वरक के क्षेत्र में राज्य सरकार के प्रयास, आने वाले समय में विकास की नई कहानी लिखने वाले हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को मुंबई में इंडिया केम- 2024 के 13वें संस्करण को संबोधित कर रहे थे। केमिकल एंड पेट्रो-केमिकल स्ट्रेटजीज पर "नॉलेज पेपर" का विमोचन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण और रसायन व उर्वरक मंत्री जगत प्रकाश नड्डा के साथ "इंडिया केम-2024 एडवांटेज भारत : इंडियन केमिकल्स एंड पेट्रो-केमिकल्स पेविंग द फ्यूचर" के 13वें द्वि-वार्षिक सम्मेलन का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण एवं रसायन-उर्वरक राज्य मंत्री श्रीमती अनुप्रिया पटेल, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र रजनीकांत पटेल, ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी सहित फिक्की के पदाधिकारी और विभिन्न उद्योग समूहों के प्रतिनिधि उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव कैटालाइजिंग इंडिया ऑन केमिकल एंड पेट्रो-केमिकल स्ट्रेटजीज फॉर ग्लोबल इंटीग्रेशन एंड ग्रोथ विषय पर फिक्की और अर्नेस्ट एंड यंग द्वारा तैयार "नॉलेज पेपर" के विमोचन में शामिल हुए। मध्यप्रदेश, औद्योगिक गतिविधियों और निवेश को प्रोत्साहित करने की दिशा में प्रयासरत मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश प्रगति पथ पर निरंतर अग्रसर है। भारत विश्व की 11वीं अर्थव्यवस्था से बढ़कर 5वें पायदान पर आया है। मध्यप्रदेश, औद्योगिक गतिविधियों और निवेश को प्रोत्साहित करने की दिशा में निरंतर प्रयासरत है। प्रदेश में वर्तमान में 250 फार्मेसी और 35 मेडिकल कॉलेज संचालित हैं। केमिकल पेट्रो-केमिकल उद्योग के लिए प्रदेश में आवश्यक अधोसंरचना तैयार है। रायसेन जिले के तामोट, ग्वालियर के बिलोवा में प्लास्टिक पार्क तथा रतलाम में वृहद फार्मा बायोटेक केमिकल जोन का विकास हो रहा है। झाबुआ में मेघनगर के औद्योगिक क्षेत्र में केमिकल उद्योग के लिए आधुनिक अधोसंरचना, धार के पास बदनावर में पीएम मित्रा पार्क और भोपाल तथा ग्वालियर में केंद्रीय पेट्रो रसायन अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान सीपेट की शाखाएं स्थापित की गई हैं। रीजनल इंड्रस्ट्री कॉन्क्लेव में उद्योग समूहों ने निवेश के लिए की पहल मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में औद्योगिकीकरण तथा निवेश के क्षेत्र में केंद्र सरकार के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने के लिए प्रदेश में रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव का आयोजन आरंभ किया गया है। अब तक उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर और सागर में रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव हो चुकी हैं। अगली इंडस्ट्री कॉन्क्लेव शीघ्र ही रीवा में होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में सभी प्रकार के उद्योगों के लिए संभावनाएं विद्यमान हैं। उद्योग समूहों तथा निवेशकों को इससे अवगत कराने और राज्य सरकार की नीतियों के बारे में बताने के उद्देश्य से मुम्बई सहित कोयंबटूर, बैंगलुरू और कोलकाता में रोड-शो किए गए हैं। प्रदेश में निवेश के लिए कई उद्योग समूहों ने पहल की है। रतलाम, झाबुआ और इन्दौर में फार्मा क्षेत्र की गतिविधियों के विस्तार के कार्य जारी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पेट्रो-केमिकल क्षेत्र में मध्यप्रदेश प्रगति करेगा। राज्य सरकार "स्टेट ऑफ दी आर्ट पेट्रो-केमिकल इन्वेस्टमेंट रीजन" बनाने की योजना पर भी कार्य कर रही हैं। सीहोर-आष्टा एक प्रकार से देश का मध्य क्षेत्र है जहां विमानतल और रेल लाइन सहित उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए आवश्यक सभी व्यवस्थाएं विद्वमान हैं। रतलाम, झाबुआ और इन्दौर में भी फार्मा क्षेत्र में गतिविधियों के विस्तार के लिए कार्य किया जा रहा है। केन्द्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा ने इंडिया केम – 2024 में किया मध्यप्रदेश का उल्लेख केन्द्रीय रसायन और उर्वरक मंत्री जे.पी. नड्डा ने प्रदेश के बीना की भारत पेट्रोलियम पेट्रो-केमिकल परियोजना का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा पेट्रो-केमिकल, फार्मा, रसायन और उर्वरक क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार के लिए किए जा रहे प्रयासों से निवेश और रोजगार के क्षेत्र में सकारात्मक परिणाम प्राप्त होंगे। कार्यक्रम को केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण और रसायन-उर्वरक राज्य मंत्री श्रीमती अनुप्रिया पटेल, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र रजनीकांत पटेल और ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी ने भी संबोधित किया। फिक्की के पदाधिकारियों और विभिन्न उद्योग समूहों के प्रतिनिधियों ने भी इंडिया केम-2024 में अपने विचार रखे।   recent visitors 74

इंडिया केम : 2024 में उर्वरक मंत्री जगत प्रकाश नड्डा सहित केन्द्र सरकार और अनेक राज्यों के प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं

मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुंबई में इंडिया केम : 2024 को करेंगे संबोधित मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज 18 अक्टूबर को मुंबई में इंडिया केम : 2024 में हिस्सा लेंगे इंडिया केम : 2024 में उर्वरक मंत्री जगत प्रकाश नड्डा सहित केन्द्र सरकार और अनेक राज्यों के प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं मुंबई में 17-19 अक्टूबर 2024 तक हो रहे सम्मेलन में मुख्यमंत्री भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार 18 अक्टूबर को मुंबई में इंडिया केम : 2024 में हिस्सा लेंगे। सम्मेलन की थीम "एडवांटेज भारत : इंडियन केमिकल्स एंड पेट्रोकेमिकल्स पेविंग द फ्यूचर" है। इस अवसर पर 13वीं द्विवार्षिक अंतर्राष्ट्रीय प्रदर्शनी और सम्मेलन का आयोजन किया गया है। सम्मेलन में केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण और रसायन और उर्वरक मंत्री जगत प्रकाश नड्डा सहित केन्द्र सरकार और अनेक राज्यों के प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं। मुंबई में 17-19 अक्टूबर 2024 तक हो रहे सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. यादव के अलावा केद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण और रसायन और उर्वरक राज्य मंत्री श्रीमती अनुप्रिया पटेल, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र रजनीकांत पटेल, ओडिशा के उद्योग राज्य मंत्री संपद चंद्र स्वैन, सचिव रसायन एवं पेट्रो रसायन विभाग सुनिवेदिता शुक्ला वर्मा, अध्यक्ष फिक्की और सीएमडी दीपक नाइट्राइट लिमिटेड दीपक मेहता, कार्यकारी निदेशक रिलायंस लिमिटेड निखिल मेसवानी, एवोनिक इंडस्ट्रीज के कार्यकारी बोर्ड के सदस्य और एशिया प्रशांत के अध्यक्ष डॉ. क्लॉस रेटिग, अध्यक्ष फिक्की राष्ट्रीय पेट्रोकेमिकल्स समिति और एमडी और सीईओ, एचएमईएल मित्तल एनर्जी लिमिटेड प्रभा दास हिस्सा लेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव इस सम्मेलन में मध्यप्रदेश में केमिकल और पेट्रो केमिकल क्षेत्र में बीना स्थित भारत पेट्रोलियम पेट्रो केमिकल परियोजना सहित देश की प्रतिष्ठित कम्पनियों द्वारा प्रदेश में किए जा रहे उत्पादन और गेल इंडिया की वृहद पेट्रो केमिकल परियोजना सहित इस क्षेत्र में मजबूत की जा रही अधोसंरचना से संबंधित विवरण देंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव देखेंगे एमपी पवेलियन मुख्यमंत्री डॉ. यादव बाम्बे एग्जिबिशन सेंटर में सम्मेलन के सत्र को पूर्वान्ह 11.30 बजे संबोधित करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदर्शनी सभागार में एमपी पवेलियन भी देखेंगे। मुंबई में इंडिया केम : 2024 के अवसर पर मध्यप्रदेश में उद्योगों के विस्तार और निवेश बढ़ाने के प्रयासों का ब्यौरा भी प्रदर्शित किया गया है।   recent visitors 138

खनिज कॉन्क्लेव मध्यप्रदेश के साथ ही विकसित एवं आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में मील का पत्थर साबित होगा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल खनन कॉन्क्लेव के दूरगामी परिणाम होंगे ऐतिहासिक: मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज कॉन्क्लेव में मुख्यमंत्री होंगे शामिल, खनन कॉन्क्लेव के परिणाम ऐतिहासिक होंगे खनिज कॉन्क्लेव मध्यप्रदेश के साथ ही विकसित एवं आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में मील का पत्थर साबित होगा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि खनन कॉन्क्लेव के परिणाम ऐतिहासिक होंगे। कॉन्क्लेव में आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल पर होने वाली चर्चा के परिणाम भावी रणनीति के निर्माण की नींव रखेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में हो रही दो दिवसीय खनन कॉन्क्लेव के समापन सत्र में शामिल होंगे। राजधानी भोपाल में आयोजित दो दिवसीय खनिज कॉन्क्लेव में होने वाले मंथन से निकलने वाला अमृत मध्यप्रदेश के साथ ही विकसित एवं आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में मील का पत्थर साबित होगा। कॉन्क्लेव के विषयों में खनिज अन्वेषण, खनिज प्रसंस्करण, नवीन तकनीकों के उपयोग और पर्यावरण सुरक्षा शामिल है। इसमें आर्टिफिशियल इन्टेलीजेंसी और मशीन लर्निंग आधारित डिजिटलाइजेशन जैसे विषय भी चर्चा में शामिल है। खनिज क्षेत्र में जरूरी नीतिगत सुधारों को लागू करने के लिये भी कॉन्क्लेव जैसी संगोष्ठियों का होना आवश्यक है। मध्यप्रदेश प्रचुर खनिज संसाधनों से समृद्ध है। मध्यप्रदेश को देश का एक मात्र हीरा उत्पादन क्षेत्र होने का गौरव प्राप्त है। प्रदेश का मलाजखंड क्षेत्र देश का तांबा खनन का सबसे बड़ा क्षेत्र है। मध्यप्रदेश मध्य में होने से निवेशकों के लिये आवागमन की सुविधाएँ सुगम और सहज उपलब्ध होती है। इस प्रकार की कॉन्क्लेव से मध्यप्रदेश का खनन क्षेत्र तो बुस्ट-अप होगा ही, देश की समृद्धि में भी प्रदेश महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगा।   recent visitors 68

मध्य प्रदेश को कैपिटल ऑफ माइंस बनाने की तैयारी, जानें क्या है सीएम मोहन यादव का प्लान, माइनिंग कॉन्क्लेव में क्या हो…

 भोपाल राजधानी भोपाल में आज से दो दिवसीय माइनिंग कॉन्क्लेव शुरू हो रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव माइनिंग कॉन्क्लेव में उद्योगपतियों से चर्चा करेंगे। मुख्यमंत्री का कहना है कि माइनिंग कॉन्क्लेव से विकसित भारत 2047 का सपना पूरा होगा। मध्य प्रदेश सरकार राज्य को खनन की राजधानी बनाने की दिशा में कदम बढ़ा रही है। इसके लिए 17-18 अक्टूबर को भोपाल में माइनिंग कॉन्क्लेव का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव माइनिंग क्षेत्र के उद्योगपतियों से संवाद करेंगे। भोपाल के कुशाभाऊ इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में आयोजित होने वाले इस माइनिंग कॉन्क्लेव का उद्देश्य मध्य प्रदेश को खनन क्षेत्र में प्रमुख केंद्र बनाना है। मुख्यमंत्री मोहन यादव का कहना है कि प्रदेश में खनन की असीमित संभावनाएं हैं और यह आयोजन राज्य को आर्थिक विकास और रोजगार सृजन के नए अवसरों की ओर ले जाएगा। उनका मानना है कि इस कॉन्क्लेव से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य की प्राप्ति में मदद मिलेगी। प्रदेश में खनन की संभावनाएं मध्य प्रदेश खनिज संसाधनों के मामले में देश का एक प्रमुख राज्य है। यह भारत का एकमात्र राज्य है जो हीरे का उत्पादन करता है। इसके अलावा, मैग्नीज, तांबा अयस्क, चूना पत्थर, रॉक-फास्फेट, और कोयला उत्पादन में भी प्रदेश अग्रणी है। माइनिंग कॉन्क्लेव के माध्यम से राज्य सरकार खनन और खनिज आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। 600 से अधिक निवेशक होंगे शामिल इस कॉन्क्लेव में केंद्रीय खनन मंत्री जी. किशन रेड्डी, राज्य मंत्री एससी दुबे, और केंद्रीय खान मंत्रालय के सचिव वीएल कांता राव शामिल होंगे। साथ ही एनसीएल, एचसीएल, एनएमडीसी, ओएनजीसी और जीएआईएल जैसी प्रमुख कंपनियों के प्रतिनिधि और अन्य राज्यों के उद्योगपतियों सहित 600 से अधिक प्रतिभागी इस कार्यक्रम का हिस्सा होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस आयोजन से राज्य में खनन क्षेत्र को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा, जिससे आर्थिक विकास और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। recent visitors 117

केन्द्र सरकार द्वारा छह रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि का निर्णय

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का रबी विपणन सीजन 2025-26 के लिए छह रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में वृद्धि के लिए आभार माना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि अन्नदाता को प्राथमिकता मोदी सरकार का संकल्प है। नई दिल्ली में बुधवार को हुई केन्द्रीय मंत्री-मंडल की बैठक में रेपसीड और सरसों के लिए एमएसपी में सबसे अधिक वृद्धि 300 रुपए प्रति क्विंटल और मसूर के लिए 275 रुपए प्रति क्विंटल की घोषणा की गई है। चने में 210 रुपए प्रति क्विंटल, गेहूं में 150 रुपए प्रति क्विंटल, कुसुम में 140 रूपये प्रति क्विंटल एवं जौ में 130 रुपए प्रति क्विंटल की वृद्धि की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश और देश के किसानों की ओर से इस फैसले का अभिन्नदन किया है। मख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में किसानों के लिए विगत 10 वर्षों में केंद्र सरकार ने अनेक ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं, जिससे अन्नदाता निरंतर खुशहाल और समृद्ध हो रहा है। बुधवार को केन्द्रीय मंत्री-मंडल की बैठक में गेहूँ का समर्थन मूल्य प्रति क्विंटल 2275 रूपये से बढ़ाकर 2425 रूपये, जौ का समर्थन मूल्य प्रति क्विंटल 1850 रूपये से बढ़ाकर 1980 रूपये, चने का समर्थन मूल्य प्रति क्विंटल 5440 रूपये से बढ़ाकर 5650 रूपये, मसूर का समर्थन मूल्य प्रति क्विंटल 6425 रूपये से बढ़ाकर 6700 रूपये, रेपसीड और सरसों का समर्थन मूल्य प्रति क्विंटल 5650 रूपये से बढ़ाकर 5950 रूपये और कुसुम का समर्थन मूल्य प्रति क्विंटल 5800 रूपये से बढ़ाकर 5940 रूपये किया गया है।   recent visitors 81

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्व खाद्य दिवस पर किया अन्नदाता किसानों का किया अभिवादन

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 'विश्व खाद्य दिवस' पर 'सबको भोजन' की सुनिश्चितता के लिए दिन-रात परिश्रम करने वाले अन्नदाता किसान भाई-बहनों और समाजसेवी बंधुओं का अभिवादन किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोशल मीडिया पर अपने जारी संदेश में लिखा है कि भारतीय संस्कृति में हमारे ऋषियों-पूर्वजों ने प्राणीमात्र को सम्मानपूर्वक भोजन कराने से परमात्मा की सेवा हो जाने की विराट दृष्टि प्रदान की है। उन्होंने 'बेहतर जीवन और भविष्य के लिए भोजन का अधिकार' के मंत्र के साथ भूख व कुपोषण से मुक्त भारत बनाने का प्रण लेंने का आव्हान किया है।   recent visitors 59