इंदौर की है प्रदेश में एक विशिष्ट पहचान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि इंदौर प्रदेश में विकास, उन्नति, प्रगति, व्यापार- व्यवसाय, कला, साहित्य और संस्कृति के लिए एक विशेष पहचान रखता हैं। इंदौर से मध्यप्रदेश की पहचान है जो हमारे लिए गर्व और आनंद की बात हैं। इंदौर जो करता है सबसे अलग करता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दशहरे के मौके पर इंदौर को आज 4 फ्लाय-ओवर की बड़ी सौगात मिली हैं। यातायात की समस्या को हल करते हुए इंदौर को प्रायोरिटी पर लिया गया है। इंदौर में ट्रैफिक समस्या को देखते हुए फ्लाय-ओवर की श्रृंखला बनी है, जो निरंतर जारी रहेगी। विकास के नए पैमाने पर इंदौर के मास्टर प्लान को लेकर काम किया जा रहा है, जिसके परिणाम जल्द आएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यात्रियों की समस्या को देखते हुए लोकार्पण करने का नया तरीका निकाला हैं। पहले ब्रिज बनने के बाद लोकार्पण करते थे, हमने थोड़ा बदलाव किया हैं। जनता की समस्या को देखते हुए अभी जितना ब्रिज बना है उतना ही शुरू कर रहे हैं। इससे लोगों को राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि विकास निरंतर जारी रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोमवार को इन्दौर प्रवास के दौरान मीडिया से चर्चा करते हुए यह बात कही।   recent visitors 70

मुख्यमंत्री डॉ. यादव को गौरंगी शर्मा ने भेंट की पेंटिंग

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को यूनिसेफ इंडिया यूथ कंटेंट क्रिएटर गौरंगी शर्मा ने निवास कार्यालय में स्वयं के द्वारा बनाई हुई पेंटिंग भेंट की। यह पेंटिंग मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा किशोरी बालिकाओं में माहवारी स्वास्थ्य व स्वच्छता प्रबंधन के लिए की जा रही पहल पर केंद्रित है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सेनिटेशन हाईजीन अन्तर्गत माहवारी प्रबंधन में सुविधा व सहायता के लिए हाल ही में प्रदेश की 19 लाख स्कूली छात्राओं के खातों में 57 करोड़ 58 लाख रुपए अंतरित किए थे।   recent visitors 105

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि यह हमारा सौभाग्य है कि देश की प्रमुख नदियों का मध्यप्रदेश मायका है

भोपाल /सूरत मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि यह हमारा सौभाग्य है कि देश की प्रमुख नदियों का मध्यप्रदेश मायका है. मध्यप्रदेश की नर्मदा और ताप्ती नदी अपने मायके अर्थात मध्यप्रदेश को तो आनंदित और प्रफुल्लित करती ही है, साथ ही वह गुजरात को भी धन-धान्य से परिपूर्ण कर रही है. सोन नदी का उद्गम मध्यप्रदेश के अमरकंटक से है, जो बिहार में गंगा जी से मिलती हैं और गंगा जी की धारा को समृद्ध करती है. मध्यप्रदेश से निकलने वाली चंबल नदी राजस्थान को जीवन प्रदान करती है यह नदियां मध्यप्रदेश की जीवनदायिनी हैं. सूरत से आरंभ हुआ यह अभियान जीवन देने का अभियान है. उन्होंने कहा कि जल संचय- जन भागीदारी कार्यक्रम के उद्देश्य की प्राप्ति के लिए मध्यप्रदेश कदम से कदम मिलाकर चलने को तत्पर है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राज्यों के परस्पर संबंधों की सौहाद्रता और नर्मदा जल की एक-एक बूंद का उपयोग सुनिश्चित करते हुए नर्मदा नदी का जल राजस्थान को भी उपलब्ध करने का मार्ग प्रशस्त किया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि पानी के लिए गुजरात में समस्या रहती है और उनकी सहायता करना हम सब का कर्तव्य है. CM यादव राष्ट्रीय जल मिशन के अंतर्गत चल रहे 'कैच द रेन' अभियान के तहत गुजरात के सूरत में 'जल संचय- जन भागीदारी- जन आंदोलन' कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे.  बड़े पात्र में जल अर्पित कर किया कार्यक्रम का शुभारंभ उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्षा जल संचयन को बढ़ाने और दीर्घकालिक जल स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए जल संचय-जन भागीदारी-जन आंदोलन कार्यक्रम की पहल की थी. जल संरक्षण और जल संग्रहण को बढ़ावा देने की सकारात्मक पहल के तहत सूरत में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र भाई पटेल, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, वरिष्ठ जन-प्रतिनिधि, केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय तथा राज्यों के अधिकारी उपस्थित थे. कार्यक्रम में मुख्यमंत्री यादव का पुष्प-गुच्छ और अंगवस्त्रम भेंट कर तथा स्मृति-चिन्ह प्रदान कर स्वागत किया गया. मुख्यमंत्री को "जल संचय -जन भागीदारी -जन आंदोलन कार्यक्रम" का संकल्प पत्र भी भेंट किया गया. कार्यक्रम में विद्यमान अतिथियों ने जल संरक्षण और जल संग्रहण के प्रतीक स्वरूप बड़े पात्र में जल अर्पित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया. भारतीय सनातन संस्कृति में जल ही जीवन है का विचार सर्वमान्य मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारतीय सांस्कृतिक और पौराणिक संदर्भों का उल्लेख करते हुए कहा कि महादेव ने गंगा को जटाओं में धारण कर और भगवान श्रीकृष्ण ने गोवर्धन पर्वत धारण कर जल संरक्षण के महत्व को दर्शाया. जिस प्रकार धरती पर मां गंगा को लाने में भागीरथ की भूमिका थी, इस प्रकार गंगाजल को सहेजने में केंद्रीय मंत्री सीआर पाटिल की महत्वपूर्ण भूमिका रही है. गुजरात की भूमि यश- कीर्ति और समृद्धि की भूमि है. भगवान श्रीकृष्ण को भी गुजरात स्थित द्वारका से ही यश प्राप्त हुआ. गुजरात ने ही देश को महात्मा गांधी और सरदार वल्लभ भाई पटेल जैसे राजनेता प्रदान किए. इसी क्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश प्रगति पथ पर निरंतर अग्रसर हैं. विश्व में भारत की साख स्थापित हुई है और दुनिया के सभी देश प्रधानमंत्री  मोदी से मधुर और जीवंत संपर्क और संबंध बनाने के लिए आतुर रहते हैं. भारतीय सनातन संस्कृति में जल ही जीवन है का विचार सर्वमान्य है. सूरत में जल-संचयन और जल-संरक्षण पर आयोजित यह कार्यक्रम देश को नई दिशा और जन-जन को ऊर्जा प्रदान करेगा. मध्यप्रदेश में हुआ 10 हजार से अधिक पोखर, तालाब, कुएं, बावड़ी का जीर्णोद्धार मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य बना है, जहां नदी जोड़ो अभियान के अंतर्गत दो परियोजनाओं का क्रियान्वयन आरंभ हो रहा है. मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश के बीच केन-बेतवा नदी जोड़ो अभियान तथा मध्यप्रदेश और राजस्थान के मध्य चंबल- पार्वती- काली सिंध लिंक परियोजनाएं शीघ्र ही मूर्त रूप लेंगी. मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में लगभग 3 हजार 500 गांव के 13 हजार से अधिक लोगों ने संकल्प लेकर जल गंगा अभियान के अंतर्गत जल भंडारण क्षमता में वृद्धि के लिए 10 हजार से अधिक पोखर, तालाब, कुएं, बावड़ी का जीर्णोद्धार किया.  भूजल संचयन के लिए संकल्पबद्ध होना अभिनंदनीय: केंद्रीय मंत्री श्री पाटिल केंद्रीय जल शक्ति मंत्री  सी. आर. पाटिल ने नदी जोड़ो अभियान में मध्यप्रदेश द्वारा प्रदान किए जा रहे सहयोग की सराहना की. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में नदियों के जोड़ने की परियोजना शीघ्र ही आरंभ होगी. उन्होंने मध्यप्रदेशवासियों द्वारा जल-संरक्षण के क्षेत्र में की जा रही पहल की भी सराहना करते हुए कहा कि भू-जल संचयन के लिए मध्यप्रदेश के 3500 गांवों में 14 हजार बोर कराने का संकल्प लिया गया है जो अभिनन्दनीय है. कार्यक्रम को गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र भाई पटेल, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी संबोधित किया.   recent visitors 60

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महर्षि वाल्मीकि जयंती पखवाड़े का किया शुभारंभ

महर्षि वाल्मीकि ने प्रत्येक व्यक्ति के रोम-रोम तक भगवान श्रीराम की भावना को पहुंचाया: मुख्यमंत्री डॉ. यादव रामराज्य की अवधारणा से महर्षि वाल्मीकि ने कराया समाज को अवगत : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महर्षि वाल्मीकि जयंती पखवाड़े का किया शुभारंभ भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने  क्षेत्र वाल्मीकि धाम में महर्षि वाल्मीकि जयंती पखवाड़े का शुभारंभ किया। उल्लेखनीय है 17 अक्टूबर को शरद पूर्णिमा एवं महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर एक पखवाड़े तक विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर राज्य सभा सांसद बालयोगी उमेशनाथ जी महाराज, प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल, विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव, महापौर मुकेश टटवाल, बहादुर सिंह बोरमुंडला, विवेक जोशी, संजय अग्रवाल, रवि सोलंकी, संभागायुक्त संजय गुप्ता, कलेक्टर नीरज कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा, एवं अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद थे । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यह हम सब का सौभाग्य है कि 17 अक्टूबर से लेकर 21 अक्टूबर तक महर्षि वाल्मीकि जयंती के अंतर्गत विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। बालयोगी उमेशनाथ जी महाराज राज्यसभा सांसद के लिए नामांकित हुए हैं । उन्होंने पूरे उज्जैन को गौरवान्वित किया है। हमारे समाज में राम राज्य की संपूर्ण भावना महर्षि वाल्मीकि ने प्रस्तुत की है। उन्होंने राम राज्य को परिभाषित किया और भारतीय संस्कृति और सभ्यता के पूरे रोम-रोम और वायुमंडल तक महर्षि वाल्मीकि ने भगवान श्रीराम को पहुंचाया है। हमारे समाज में संत जन स्वयं जलकर हमारी प्रगति के मार्ग को आलोकित करते हैं । भारतीय संस्कृति और सभ्यता में संत जनों का विशेष महत्व है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपनी ओर से सभी को महर्षि वाल्मीकि जयंती की शुभकामनाएं दीं । मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सर्वप्रथम वाल्मीकि धाम पहुंचकर स्वामी सोहन दास जी महाराज की समाधि पर पुष्प अर्पित किए तथा समाधि पर माथा टेका। इसके बाद उन्होंने आश्रम में धूनी के स्थान के दर्शन भी किये । महर्षि वाल्मीकि के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया। उज्जैन उत्तर के विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा ने स्वागत भाषण दिया। सांसद बाल योगी उमेश नाथ जी महाराज ने कहा कि प्रतिवर्ष शरद पूर्णिमा के अवसर पर महर्षि वाल्मीकि जयंती का आयोजन किया जाता है। उन्होंने एक पखवाड़े तक विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किए जाने का सुझाव मुख्यमंत्री के समक्ष रखा तो उन्होंने कहा कि यह अत्यंत हर्ष का विषय है और इस प्रकार के आयोजन निरंतर किये जाते रहना चाहिए। बालयोगी उमेश नाथ जी महाराज ने कहा कि प्रधानमंत्री ने सभी वर्गों का विश्वास अर्जित किया है। यह देश ऋषि मुनियों का देश रहा है। हर समाज में संतों का जन्म हुआ है। हम सब मिलकर महर्षि वाल्मीकि जयंती मना रहे हैं। एक पखवाड़े पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। रामायण के अनुसार जहां पुष्पक विमान उतरा था वहां पर महर्षि वाल्मीकि इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनाया गया। इसके लिए वाल्मीकि समाज सदैव देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का ऋणी रहेगा। प्रधानमंत्री द्वारा अंतिम व्यक्ति के लोगों को प्रथम पंक्ति में लेकर आने का अद्वितीय व अतुलनीय प्रयास किया गया है। बालयोगी उमेश नाथ जी महाराज ने कहा कि आगामी 21 अक्टूबर को महर्षि वाल्मीकि जयंती पखवाड़े का समापन भोपाल में भव्य स्तर पर आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर संजय कोरट, जितेंद्र भाटी , सत्यनारायण खोईवाल एवं अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद थे।   recent visitors 84

बुराई का प्रतीक कितना ही बड़ा और बलिष्ठ क्यों न हो सच्चाई के तीर से उसकी डूठी का अमृत जलता है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

उज्जैन सहित प्रदेश के विकास में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे: मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में खुशहाली लाने के लिए राज्य सरकार कृत संकल्पित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव  बुराई का प्रतीक कितना ही बड़ा और बलिष्ठ क्यों न हो सच्चाई के तीर से उसकी डूठी का अमृत जलता है  : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव दशहरा महोत्सव कार्यक्रम में शामिल हुए भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव  उज्जैन के खाकचौक और डालडा मैदान मक्सी रोड में आयोजित दशहरा महोत्सव कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने भगवान श्रीराम, माता सीता और हनुमान जी की पूजा-अर्चना की और सभी को दशहरे पर्व की शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि आज यहां हो रही आतिशबाजियां हमारे हिंदू संस्कृति की यश गाथा गा रही हैं। उन्होंने कहा कि बुराई का प्रतीक कितना ही बड़ा और बलिष्ठ क्यों न हो सच्चाई के तीर से उसकी डूठी का अमृत जलता है। उसके प्राण नष्ट होते हैं। राम राज्य की अवधारणा दुनिया का सर्वश्रेष्ठ उदाहरण है। भगवान श्रीराम और श्रीकृष्णा बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक के रूप में जाने जाते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन सहित प्रदेश के विकास में कोई कसर बाकी नहीं रहेगी। प्रत्येक व्यक्ति के जीवन से दुख के कांटे निकालकर खुशहाली लाने के लिए प्रदेश सरकार कृत संकल्पित है। प्रदेश सरकार द्वारा सभी तीज त्योहारों को पूरे धूमधाम से मनाने का निर्णय लिया हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान श्रीराम और उनका परिवार हमारे लिए आदर्श हैं। भगवान श्रीराम हमारे रोम-रोम में समाए हुए हैं। उनके नाम से ही दिन और रात होती हैं। आज भारत का कोई भी व्यक्ति दुनिया के किसी भी कोने में चले जाए और देश का नाम बताएं बिना कहें कि वह भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण की भूमि से आया है तो सामने वाला भलीभांति समझ जाएगा कि आप भारत से आए हैं। यह हमारे देश और संस्कृति की विशेषता हैं। उज्जैन के प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल, विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा , विधायक सतीश मालवीय, महापौर मुकेश टटवाल, नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव, विवेक जोशी , बहादुर सिंह बोरमुंडला, संजय अग्रवाल सहित आयोजन समिति के सदस्य और बड़ी संख्या में जनसमूह उपस्थित रहा।   recent visitors 61

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महेश्वर की गौ-शाला में किया गौ-पूजन

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को खरगौन जिले के महेश्वर में माँ भागवत रेवा गौ-शाला पहुँचकर गौ-पूजन कर गौ-माता को गुड़ के लड्डू और गौ-ग्रास खिलाया। इक्कीस वर्ष पुरानी इस गौ-शाला में वर्तमान में 126 गौ-वंश हैं। इसका संचालन क्षेत्रीय ग्रामीणों द्वारा समिति बनाकर किया जाता है। गौ-शाला संचालक समिति के विशाल गीते और दिलीप पाटीदार ने बताया कि गौ-शाला में प्रतिवर्ष नागर जी महाराज द्वारा भागवत कथा वाचन किया जाता है। उन्होंने बताया कि दुधारू गायों से प्राप्त दुध का विक्रय कर गौ-शाला को स्वावलंबी बनाने का प्रयास किया जा रहा है। इस अवसर पर क्षेत्रीय जन-प्रतिनिधि एवं गौ-सेवक मौजूद थे।   recent visitors 57

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विजयादशमी पर महेश्वर के ऐतिहासिक क़िले में लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर को माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी

महेश्वर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विजयादशमी पर महेश्वर के ऐतिहासिक क़िले में लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर को माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने विजयादशमी के पर्व अवसर पर महेश्वर के शस्त्रागार में शस्त्र-पूजन किया।  नर्मदा तट पर स्थित क़िले में पहुँचने पर देवी अहिल्या बाई के वंशज यशवंतराव होलकर तृतीय ने उनका परम्परागत रूप से  अभिनन्दन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शस्त्रागार में विशेष तौर पर उस तलवार का पूजन किया जो उनके शौर्य का प्रतीक है। यह तलवार लोकमाता देवी अहिल्या बाई स्वयं धारण करती थीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर कहा कि देवी अहिल्या पुण्य प्रताप और परोपकार की पर्याय हैं। आज विजयादशमी के अवसर पर  उनकी कर्मभूमि पहुँचकर नमन कर स्वयं को कृतार्थ महसूस कर रहा हूँ। इस अवसर पर खरगोन के स्थानीय जन-प्रतिनिधिगण मौजूद थे।   recent visitors 80