मुख्यमंत्री ने भोपाल पुलिस कमिश्नर कार्यालय से तिरंगा रैली को किया रवाना

प्रधानमंत्री मोदी ने तिरंगा लहराने को बनाया जन-जन का अभियान – मुख्यमंत्री डॉ. यादव “आजादी के रंग – खाकी के संग” थीम पर प्रदेश में पुलिस परिवार मना रहा है हर घर तिरंगा- मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने भोपाल पुलिस कमिश्नर कार्यालय से तिरंगा रैली को किया रवाना 300 से अधिक बाइकर्स ने राजधानी के मार्गों पर दिया राष्ट्रीय एकता और अखंडता का संदेश भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से आरंभ हुए “हर घर तिरंगा” अभियान से पूरा देश नए उत्साह और उमंग से गुजर रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने आजादी के अमृत महोत्सव के समय से आम आदमी द्वारा तिरंगा फहराने के संबंध में विशेष छूट दिलवाई थी। इसी का परिणाम है अब तिरंगा लहराना पूरे देश में जन-जन का अभियान बन गया है। हर घर तिरंगा अभियान में राज्य सरकार, केंद्र सरकार के साथ कदम से कदम मिलाकर चल रही है। नगरीय निकाय, पंचायती राज संस्थाएं भी इस दिशा में सक्रिय हैं। हम सब अपने घर पर पवित्र तिरंगा लगाए और इसकी मर्यादा का भी ध्यान रखें। यही हमारी क्रांतिकारी, शहीदों और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को श्रद्धांजलि होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल पुलिस की तिरंगा रैली का शुभारंभ कर संबोधित कर रहे थे। ग्राम-नगर रक्षा समिति, सामाजिक संगठनों के सदस्य और विद्यार्थी रैली में हुए शामिल मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोपाल पुलिस कमिश्नर कार्यालय से तिरंगा ध्वज लहराकर तिरंगा रैली को रवाना किया। उन्होंने तिरंगे गुब्बारे भी आसमान में छोड़े। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने तिरंगे झंडों से सजी पुलिस की वाहन रैली को देशभक्ति गीतों के बीच झंडी दिखाई। साथ ही नगर रक्षा समिति, ग्राम रक्षा समिति के सदस्यों और विभिन्न सामाजिक संगठनों के सदस्यों द्वारा निकाली जा रही तिरंगा रैली को भी रवाना किया। तिरंगा रैली में 300 से अधिक बाइकर्स वर्दी में राजधानी के विभिन्न मार्गों पर राष्ट्रीय एकता और अखंडता का संदेश देने रवाना हुए। ग्राम रक्षा समिति, नगर रक्षा समिति, सामाजिक संगठनों के सदस्य और स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थी बड़ी संख्या में रैली में शामिल हुए। पुलिस महानिदेशक सुधीर कुमार सक्सेना ने परिचयात्मक उद्बोधन में बताया कि पुलिस परिवार द्वारा “आजादी के रंग-खाकी के संग” थीम पर पूरे प्रदेश में हर घर तिरंगा अभियान का आयोजन जारी है। कार्यक्रम में विधायक भगवान दास सबनानी, भोपाल महापौर श्रीमती मालती राय, अपर मुख्य सचिव गृह एस.एन. मिश्रा, पुलिस कमिश्नर हरिनारायण चारी मिश्र और बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी उपस्थित थे।   recent visitors 74

“हर घर तिरंगा” अभियान के तहत आयोजित तिरंगा महारैली को माननीय मुख्यमंत्री ने दिखाई हरी झंडी

"हर घर तिरंगा" अभियान के तहत आयोजित तिरंगा महारैली को माननीय मुख्यमंत्री ने दिखाई हरी झंडी रैली में पुलिसकर्मी, छात्र/छात्राएं, नगर रक्षा समिति एवं आमजन समेत लगभग 1500 लोग हुए सम्मिलित भोपाल           "हर घर तिरंगा" अभियान के तहत कमिश्नर कार्यालय प्रांगण में आयोजित ’’ वाहन तिरंगा रैली एवं पैदल तिरंगा रैली’’ को माननीय मुख्यमंत्री डाॅ. मोहन यादव ने आज दोपहर हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर  माननीय मुख्यमंत्री डाॅ. मोहन यादव ने रैली में उपस्थित पुलिस अधिकारी/कर्मचारियों एवं आमजनों को  संबोधित करते हुए कहा कि हम सब संकल्पित हों कि भारत माँ की शान और स्वाभिमान पर कभी आँच नहीं आने देंगे। हमें अपने देश की रक्षा करने की प्रेरणा देने वाला यह अद्भुत कार्यक्रम है। मध्यप्रदेश पुलिस का गौरवशाली इतिहास है। हमें अपने इरादों को आगे बढ़ाने से कोई नहीं रोक सकता। देश की एकता और अखण्डता को कम नहीं होने देंगे। हर घर तिरंगा अभियान को 15 अगस्त तक निरंतर जारी रखना है एवं सभी को अपने-अपने घरों में भी तिरंगा फहराना है।            इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक श्री सुधीर कुमार सक्सेना, एसीएस होम श्री एसएन मिश्रा, एडीजी लॉ & ऑर्डर श्री जयदीप प्रसाद, पुलिस कमिश्नर श्री हरिनारायणाचारी मिश्र, महापौर श्रीमती मालती राय, विधायक श्री भगवानदास सबनानी, अति. पुलिस आयुक्त श्री अवधेश गोस्वामी. अति. पुलिस आयुक्त श्री पंकज श्रीवास्तव, समस्त पुलिस उपायुक्त एवं पुलिस अधिकारी/कर्मचारी, मीडिया साथी एवं आमजन मौजूद रहे।            रैली में लगभग 300 बाइक शामिल थी, जिसमें प्रत्येक बाईक पर 2 पुलिसकर्मी बैठे हुए थे, जो कमिश्नर कार्यालय से राजभवन होते हुए पॉलिटेक्निक चौराहा, कमला पार्क, रेत घाट, वीआईपी रोड होते हुए लालघाटी चौराहे से वापस वीआईपी रोड, रेत घाट, कमला पार्क, रविन्द्र भवन के सामने से होते हुए राजभवन होते हुए वापस कमिश्नर कार्यालय पर समाप्त हुई।           इसी तरह पैदल तिरंगा रैली कमिश्नर कार्यालय से प्रारंभ हो कर राजभवन तिराहे के सामने से होते हुए रोशनपुरा चौराहा, रंगमहल चौराहा होते हुए वापस राजभवन तिराहा होते हुए कमिश्नर कार्यालय पर समाप्त हुई, जिसमें पुलिसकर्मी, सामुदायिक पुलिसिंग इंटर्नशिप करने वाले विद्यार्थी, स्कूली छात्र/छात्राएं, नगर रक्षा समिति, शक्ति समिति के सदस्य, एनसीसी के विद्यार्थी, स्वयं सेवी संगठन के सदस्य सहित लगभग 1500 लोग सम्मिलित हुए। recent visitors 73

सीएम यादव महिला उद्यमियों से करेंगे संवाद, 100 उद्योगों का होगा भूमिपूजन -लोकार्पण

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मंगलवार 13 अगस्त को महिला उद्यमी सम्मेलन सह रक्षाबंधन कार्यक्रम में लगभग 850 सूक्ष्म, लघु, मध्यम उद्यम को 274 करोड़ 88 लाख रुपए की प्रोत्साहन सिंगल क्लिक से उनके खातों में अंतरित करेंगे। डॉ. यादव प्रदेश की महिला उद्यमियों से संवाद भी करेंगे। सूक्ष्म, लघु, मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य कुमार कश्यप ने बताया है कि कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर भोपाल में होने वाले इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव महिला उद्यमियों द्वारा संचालित करीब लगभग 100 से अधिक उद्योगों का लोकार्पण और भूमि-पूजन करेंगे। मंत्री काश्यप ने बताया कि सम्मेलन की सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई है और यह सम्मेलन प्रदेश के उद्योगों को एक नई दिशा देगा। सम्मेलन में प्रदेश की 800 से अधिक महिला उद्यमी बहनें शामिल होंगी, जो मुख्यमंत्री को राखी भी बांधेंगी। कार्यक्रम में महिला उद्यमियों की सफलता और स्टार्टअप पर केंद्रित लघु फिल्म का प्रसारण किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव उद्यमियों को प्रतीकात्मक रूप से ऋण वितरित करेंगे। सूक्ष्म, लघु, मध्यम उद्यम मंत्री चेतन्य कुमार कश्यप कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव महिला उद्यमियों द्वारा संचालित करीब लगभग 100 से अधिक उद्योगों का लोकार्पण और भूमि-पूजन करेंगे। यह है कार्यक्रम का मकसद एमएसएमई विभाग के मंत्री चेतन काश्यप ने बताया कि महिला सशक्तिकरण के राज्य सरकार के संकल्प को पूरा करने के लिये यह आयोजन किया जा रहा है। इसमें तीन-तीन सफल महिला स्टार्ट-अप के साथ महिला संगठनों के प्रतिनिधियों द्वारा अपने अनुभव साझा किये जाएंगे। इन संगठनों की महिला उद्यमी होंगी शामिल महिला उद्यमी सम्मेलन में मध्यप्रदेश एसोसिएशन ऑफ वूमेन इंटरप्राइजेज, फिक्की, सीआईआई का इंडियन वूमेन नेटवर्क, लघु उद्योग भारती, डिक्की, बीआईसीबीआई, पीएचडी चैंबर, बीएनआई और आईएम स्टार्ट-अप संगठन की महिला उद्यमी और पदाधिकारी शामिल होंगे। recent visitors 144

मोहन सरकार ने मंत्रियों को सौंपे जिलों के प्रभार, लिस्ट में दिखा सिंधिया समर्थक मंत्रियों का दबदबा!…

भोपाल    मंत्रियों को जिलों के प्रभार का इंतजार सोमवार रात खत्म हो गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रियों को आठ महीने बाद जिलों का प्रभार सौंप दिया। सोमवार रात को मंत्रियों के प्रभार की सूची जारी कर दी गई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर का प्रभार अपने पास रखा है। वहीं, नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को सतना और धार दो जिलों का प्रभार सौंपा है।  इसके अलावा उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा को जबलपुर, देवास और राजेंद्र शुक्ल को सागर व शहडोल का जिम्मा दिया गया। मंत्री कुंवर विजय शाह को रतलाम, झाबुआ, प्रहलाद पटेल को भिंड, रीवा, राकेश सिंह को छिंदवाड़ा, नर्मदापुरम, मंत्री करण सिंह वर्मा को मुरैना, सिवनी, मंत्री उदय प्रताप सिंह को बालाघाट, कटनी, मंत्री संपतिया उइके को सिंगरौली, अलीराजपुर, तुलसी सिलावट को ग्वालियर, बुरहानपुर, एदल सिंह कंसाना को दतिया, छतरपुर, निर्मला भूरिया को मंदसौर, नीमच, गोविंद सिंह राजपूत को नरसिंहपुर, गुना, विश्वास सारंग को खरगोन, हरदा, नारायण सिंह कुशवाह को शाजापुर, निवाड़ी, नागर सिंह चौहान को आगर और उमरिया, प्रद्युम सिंह तोमर को शिवपुरी, पांढूर्ना, चैतन्य कुमार काश्यप को भोपाल, राजगढ़, इंदर सिंह परमार को पन्ना, बड़वानी, राकेश शुक्ला को श्योपुर, अशोकनगर, रामनिवास रावत को मंडला, दमोह, कृष्णा गौर को सीहोर, टीकमगढ़ का प्रभारी बनाया गया है। वहीं धर्मेंद्र सिंह लोधी को खंडवा, दिलीप जायसवाल को सीधी, गौतम टेटवाल को उज्जैन, लखन पटेल को विदिशा, मऊगंज, नारायण सिंह पवार को रायसेन, नरेंद्र शिवाजी पटेल को बैतूल, प्रतिभा बागरी को डिंडौरी, दिलीप अहिरवार को अनुपपूर और राधा सिंह को मैहर का प्रभार सौंपा है। इंदौर है मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी दरअसल, मध्य प्रदेश में 55 जिले हैं। इनमें सबसे अहम और रेवन्यू वाला जिला इंदौर ही है। इंदौर संभाग भी है और मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी है। इस वजह से इंदौर एमपी का मिनी मुंबई भी कहा जाता है। इंदौर मध्य प्रदेश का आइना है। इसलिए प्रदेश में सबसे अहम माना जाता है। सीएम मोहन यादव का गृह जिला उज्जैन है। वह इंदौर की कार्यप्रणाली से वाकिफ हैं। ऐसे में उन्होंने नई सरकार में एक नई परंपरा शुरू की है औऱ जिले का प्रभार भी खुद के पास रखा है। इंदौर के प्रभारी सीएम खुद होंगे।   कद्दावर कैलाश विजयवर्गीय को धार और सतना का प्रभार वहीं, मोहन सरकार में कैलाश विजयवर्गीय की गिनती कद्दावर मंत्रियों में होती है। जिलों के प्रभार बंटने से पहले यह कयास लगाए जा रहे थे कि उन्हें राजधानी भोपाल का प्रभार मिल सकता है। प्रभारी मंत्रियों की अंतिम सूची आने के बाद कैलाश विजयवर्गीय को सतना और धार जिले के प्रभार मिला है। हालांकि प्रदेश की सियासत में देखें तो उन जिलों की उतनी दमदारी नहीं है। भोपाल न मिलने पर सियासी पंडितों को अनुमान था कि किसी संभाग वाले जिले का प्रभार तो मिलेगा ही लेकिन ऐसा नहीं हुआ। अब इसके अलग-अलग सियासी मायने निकाले जा रहे हैं।   प्रहलाद सिंह पटेल को मिला भिंड और रीवा का प्रभार इसके साथ ही मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल भी मोहन सरकार में कद्दावर नेता हैं। उन्हें भिंड और रीवा जिले का प्रभार मिला है। रीवा संभाग भी है। रीवा संभाग में ही सतना जिला आता है। इसके साथ ही चंबल अंचल में आने वाले भिंड जिले का प्रभार भी प्रहलाद पटेल को मिला है। ऐसे में उनकी स्थिति ठीक दिख रही है।   दोनों डेप्युटी सीएम को मिले अहम जिले वहीं, मोहन सरकार में दो डेप्युटी सीएम हैं। दोनों को अहम जिले मिले हैं। डेप्युटी सीएम जगदीश देवड़ा के पास जबलपुर और देवास का प्रभार है। दोनों ही जिले आर्थिक दृष्टिकोण से काफी अहम हैं। इसके साथ ही डेप्युटी सीएम राजेंद्र शुक्ल को सागर और शहडोल जिले का प्रभार मिला है। दोनों ही जिले संभाग हैं। ऐसे में यह साफ है कि सभी अहम जिले सरकार में की रोल की भूमिका वाले लोगों को ही मिला है। सिंधिया के करीबी के पास ही रहा ग्वालियर इसके अलावे ग्वालियर जिले के प्रभार में कथित रूप से सिंधिया की पसंद का ख्याल रखा गया है। उनके करीबी तुलसी सिलावट को इंदौर का प्रभारी मंत्री बनाया गया है। इसके साथ ही कद्दावर मंत्री राकेश सिंह को छिंदवाड़ा और नर्मदापुरम का प्रभारी बनाया गया है। उद्योग मंत्री चेतन्य काश्यप को भोपाल और राजगढ़ का प्रभारी बनाया गया है। क्या कैलाश विजयवर्गीय का कद घट गया? हालांकि सियासी गलियारों जो चर्चा चल रही है, उस पर वरिष्ठ पत्रकार अरुण दीक्षित ने नवभारत टाइम्स.कॉम से बात करते हुए कहा कि कैलाश विजयवर्गीय का कद बहुत बड़ा है लेकिन उनको धार और सतना जैसे जिले का प्रभार दिया गया है। उनको इतनी दूर भेजा गया, जिससे लगता है कि प्रसनैलिटी क्लैश है। उन्हें संभाग स्तर पर भी नहीं रखा गया है। वहीं, सीएम ने खुद के पास इंदौर रखकर यह संदेश दिया है कि वह किसी को छूट नहीं देना चाहते हैं। हालांकि इस तरह की चर्चाएं हैं कि कुछ मंत्री नाखुश हैं। आने वाले दिनों मतभेद सामने आ सकते हैं।   यहां देखें किसे किस जिले का मिला प्रभार   क्रमांक मंत्री का नाम मंत्री के प्रभार वाला जिला 1 डॉ मोहन यादव इंदौर 2 जगदीश देवड़ा जबलपुर और देवास 3 राजेन्द्र शुक्ला सागर औऱ शहडोल 4 कुंवर विजय शाह रतलाम और झाबुआ 5 कैलाश विजयवर्गीय सतना और धार 6 प्रहलाद पटेल भिंड और रीवा 7 राकेश सिंह छिंदवाड़ा और नर्मदापुरम 8 करण सिंह वर्मा मुरैना और सिवनी 9 उदय प्रताप सिंह बालाघाट और कटनी 10 संपतिया उइके सिंगरोली और अलीराजपुर 11 तुलसी सिलावट ग्वालियर और बुरहानपुर 12 एंदल सिंह कंसाना दतिया और छतरपुर 13 निर्मला भूरिया मंदसौर और नीमच 14 गोविंद सिंह राजपूत नरसिंहपुर और गुना 15 विश्वास सारंग खरगोन और हरदा 16 नारायण सिंह कुशवाहा शाजापुर और निवाड़ी 17 नागर सिंह चौहान आगर और उमरिया 18 प्रद्युमन सिंह तोमर शिवपुरी और पांढ़ूर्णा 19 चेतन्य कश्यप भोपाल और राजगढ़ 20 इंदर सिंह परमार पन्ना और बड़वानी 21 राकेश शुक्ला श्योपुर और अशोकनगर 22 रामनिवास रावत मंडला और दमोह 23 कृष्णा गौर सीहोर और टीकमगढ़ 24 धर्मेंद्र सिंह लोधी खंडवा 25 दिलीप जायसवाल सीधी 26 गौतम टेटवाल उज्जैन 27 लखन पटेल विदिशा और मऊगंज 28 नारायण सिंह पंवार रायसेन 29 नरेन्द्र शिवाजी पटेल बैतूल 30 प्रतिमा बागरी डिंडोरी 31 दिलीप अहिरवार अनूपपुर 32 … Read more

डॉ. मोहन यादव सरकार ने किया बड़ा फैसला, युवाओं को देने जा रही बड़ी सौगात, बदलेंगे तीनों निगमों का स्वरूप

भोपाल  मध्य प्रदेश की डॉ मोहन यादव सरकार एक बड़ा फैसला लेने जा रही है। इसके तहत प्रदेश में अनुसूचित जाति-जनजाति और पिछड़ा वर्ग के युवाओं को बहुत सुविधाएं मिलेगी। अब उनको स्वरोजगार के लिए पूंजी की व्यवस्था कराने वाले वित्त विकास निगमों का स्वरूप बदला जाएगा। तीन अलग-अलग निगमों को एक किया जाएगा। दरअसल, सरकार का मानना है कि तीनों निगमों का काम एक ही है। तीनों बैंकों को अभ्यर्थियों के आवेदन आगे बढ़ाते करते हैं और ग्रांट देते हैं। पिछले दिनों मुख्य सचिव वीरा राणा की अध्यक्षता में हुई बैठक में इस संबंध में कार्ययोजना तैयार करने का निर्णय लिया गया है। अब अपर मुख्य सचिव स्तर के अधिकारी की अध्यक्षता में समिति गठित की जा रही है। एस एसटी को मिलेगा रोजगार प्रदेश में अनुसूचित जाति-जनजाति और पिछड़ा वर्ग के युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित करने और उनकी आर्थिक तौर पर मदद करने के लिए सरकार ने आर्थिक कल्याण योजना लागू की हैं। स्वरोजगार के लिए दे रही 50 लाख का लोन सरकार की इस स्वरोजगार योजना में 50 लाख रुपये तक लोन दिलाया जाता है। इस राशि पर लगने वाले ब्याज का आधे से अधिक भार सरकार अनुदान के रूप में उठाती है। तत्कालीन सीएम शिवराज सिंह चौहान ने इस व्यवस्था को और अच्छा बनाने के लिए मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना लागू की थी। आपको बता दें कि अनुसूचित जाति-जनजाति वित्त विकास निगम द्वारा दो प्रतिशत अतिरिक्त ब्याज अनुदान दिया जाता है। आसानी से मिल पाएगा लोन पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के अधिकारियों का कहना है कि केंद्र सरकार से कम ब्याज दर पर लंबी अवधि के लिए राशि मिल जाती है। केंद्र सरकार की विभिन्न योजना के माध्यम से वैसे ही राशि दिलाई जा रही है। अगर बदलाव किया जाता है तो अलग-अलग के स्थान पर एक व्यवस्था होने से अधिक लाभ दिलाया जा सकता है। इससे स्थापना व्यय भी घटेगा और निगरानी करना भी आसान होगा। आपको बता दें कि डॉ मोहन यादव सरकार ने बजट में मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना अधिक प्रभावी और व्यापक बनाने की घोषणा की है। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग इसकी तैयारी कर रहा है। मुख्यमंत्री खुद इस केंद्रीकृत व्यवस्था को जल्द से जल्द लागू करने के पक्ष में हैं। recent visitors 90

प्रदेश के 7.5 लाख अधिकारी और कर्मचारियों के लिए मध्य प्रदेश सरकार बड़ा का ऐलान, महंगाई भत्ते को लेकर अपडेट

भोपाल  मध्य प्रदेश के सरकारी अधिकारी और कर्मचारियों को अगस्त के महीने में बड़ा तोहफा मिलने जा रहा है. प्रदेश के करीब 7.5 लाख अधिकारी और कर्मचारियों के लिए मध्य प्रदेश की मोहन सरकार बड़ा ऐलान कर सकती है. दरअसल, प्रदेश सरकार एमपी के कर्मचारियों का डीए (dearness allowance) केंद्रीय कर्मचारियों के बराबर करने की घोषणा कर सकती है. लंबे समय से कर्मचारियों द्वारा ये मांग की जा रही थी, जिसे जल्द ही पूरा किया जा सकता है. केंद्रीय कर्मचारियों बराबर हो जाएगा डीए? लोकसभा चुनाव से ठीक पहले मध्य प्रदेश के सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों का महंगाई भत्ता बढ़ाकर 46 प्रतिशत किया गया था. राज्य सरकार के कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में 4% की बढ़ोतरी की गई थी. केंद्रीय कर्मचारियों का डीए 50 प्रतिशत है, यही वजह है कि एमपी के कर्मचारी केंद्रीय कर्मचारियों बराबर डीए की मांग कर रहे हैं. ऐसे में जल्द ही मध्य प्रदेश सरकार द्वारा इस पर फैसला लिया जा सकता है. इतने महीनों का एरियर मिलेगा लोकसभा चुनाव से ठीक पहले डीए में 4 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई थी. लेकिन डीए का एरियर जारी नहीं किया था, जो अब जारी किया जाएगा. जानकारी के मुताबिक, 15 अगस्त तक  एक साथ चार माह की एरियर की राशि कर्मचारियों के खाते में पहुंच सकती है. जुलाई 2023 से लेकर फरवरी 2024 तक का एरियर क्रमशः जुलाई, अगस्त और सितंबर महीने में दिया जा रहा है. इसके लिए प्रक्रिया शुरू हो गई है. फिर बढ़ेगा महंगाई भत्ता? मध्य प्रदेश की मोहन सरकार ने 15 मार्च 2024 को सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के महंगाई भत्ते (DA) में 4% की बढ़ोतरी की थी, जिसके आदेश भी जारी कर दिए गए थे. पहले महंगाई भत्ता 42% था, जो बढ़ाकर 46% किया गया था. अब इसमें 4 प्रतिशत की और बढ़ोतरी की जा सकती है और डीए 50 प्रतिशत हो सकता है. recent visitors 68

सीएम मोहन यादव नगरीय निकायों की महिला जनप्रतिनिधियों से आज संवाद करेंगे, मुख्यमंत्री आवास में होगा कार्यक्रम

भोपाल  सावन के महीने में एमपी में सरकारी तौर पर नौ अगस्त से पंद्रह अगस्त पूरे हफ्ते ऐसे आयोजन होने जा रहे हैं. जो पूरी तरह से महिलाओं पर केंद्रित होंगे. 10 अगस्त को एक साथ 25 हजार स्थानों पर रक्षाबंधन सेलिब्रेशन और लाड़ली बहनों के खाते में 1900 करोड़ की राशि ट्रांसफर किए जाने के अलावा 9 अगस्त से 15 अगस्त तक पंचायत से लेकर नगरीय निकायों की जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित कर कार्यक्रम किए जाएंगे. सावन में शक्ति के उत्सव के तौर पर ये आयोजन होंगे.  रक्षाबंधन पर्व से पहले राज्य सरकार अलग-अलग महिलाओं के वर्ग का सम्मेलन कर रही है। इसी क्रम में 12 अगस्त को मुख्यमंत्री निवास में नगरीय निकायों की महिला जनप्रतिनिधियों का सम्मेलन और रक्षा बंधन कार्यक्रम आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रदेशभर से सम्मेलन में आने वाली करीब तीन हजार महिला जनप्रतिनिधियों के संबोधित करेंगे। मुख्यमंत्री निवास में दोपहर 12 बजे होने वाले इस कार्यक्रम को देवी अहिल्या बाई होल्कर महिला जन-प्रतिनिधि सम्मेलन का नाम दिया गया है। सम्मेलन में ये होंगी शामिल सम्मेलन के माध्यम से समाज में महिला सम्मान और उनके योगदान को सराहने का संदेश दिया जाएगा। सम्मेलन में महिला उत्थान से संबंधित विषयों पर चर्चा भी की जाएगी। इसमें महिला महापौर, निकाय अध्यक्ष, सभापति एवं महिला पार्षदों की सहभागिता रहेगी। प्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने प्रदेश के प्रत्येक नगरीय क्षेत्र की महिला जनप्रतिनिधि की सहभागिता सुनिश्चित करने को कहा है। महिलाओं को दिए जाएंगे उपहार आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं विकास भरत यादव ने नगरीय निकायों के प्रशासनिक अधिकारियों को सम्मेलन की व्यवस्था के संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए है। कार्यक्रम स्थल पर भाई के नाम बहन की पाती संबंधी हस्ताक्षर काउंटर की व्यवस्था की गई है। इस दौरान अतिथियों को महिला उद्यमियों द्वारा निर्मित प्रतीक चिह्न और उपहार दिए जाएंगे। महिला जन-प्रतिनिधियों के सम्मेलन में व्यवस्थित आवागमन और समुचित व्यवस्थाओं के लिए नगरीय निकायों के अधिकारियों को नोडल अधिकारी बनाया गया है। सम्मेलन की थीम देवी अहिल्या बाई होल्कर नगरीय महिला जनप्रतिनिधि सम्मेलन तथा रक्षाबंधन कार्यक्रम पर रखी गई है। सम्मेलन में राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन, स्वच्छ भारत मिशन, पीएम-स्वनिधि, प्रधानमंत्री आवास योजना और स्व-सहायता समूह के उत्पादों का प्रदर्शन और योजना की जानकारी दी जाएगी। बता दें कि पूर्व में यह कार्यक्रम में भोपाल के हंसध्वनि सभागार रविन्द्र भोपाल में होना प्रस्तावित था। अब यह सम्मेलन मुख्यमंत्री निवास में दोपहर 12 बजे से आयोजित किया जाएगा। recent visitors 72