केंद्र के समान हुआ राज्य सरकार के शासकीय सेवकों को महंगाई भत्ता

शासकीय सेवकों की अन्य अपेक्षाओं और समस्याओं के संबंध में भी करेंगे शीघ्र कार्रवाई : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने की शासकीय सेवकों को पांच प्रतिशत महंगाई भत्ते किस्त की घोषणा केंद्र के समान हुआ राज्य सरकार के शासकीय सेवकों को महंगाई भत्ता मध्यप्रदेश राजपत्रित अधिकारी संघ के प्रांतीय सम्मेलन में हुए शामिल भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के सभी शासकीय कर्मचारियों को एक जुलाई 2024 से 3 प्रतिशत और एक जनवरी 2025 से 2 प्रतिशत महंगाई भत्ते का लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी शासकीय कर्मचारियों को केन्द्र सरकार के कर्मचारियों के समान ही 55 प्रतिशत महंगाई भत्ता दिया जाएगा। महंगाई भत्ते में वृद्धि के फलस्वरुप एरियर राशि का भुगतान 5 समान किस्तों में जून 2025 से अक्टूबर 2025 तक किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह घोषणा मध्यप्रदेश राजपत्रित अधिकारी संघ भोपाल के नार्मदीय भवन में आयोजित प्रांतीय सम्मेलन में की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का वृहद पुष्पाहार, शॉल, श्रीफल तथा स्मृति चिन्ह भेंट स्वागत किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक भगवान दास सबनानी विशेष रूप से उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शासकीय सेवकों के परिश्रम और समर्पण ने प्रदेश को बेहतर भविष्य की ओर बढ़ाया है। कर्मचारियों का जीवन खुशहाल और भविष्य सुरक्षित हो यह राज्य सरकार की प्राथमिकता है। सरकार की व्यवस्थाओं और जनहित की योजनाओं को हितग्राही तक पहुंचाकर लाभान्वित करने में राजपत्रित अधिकारी ग्रोथ इंजन का कार्य करते हैं। इनकी कर्मठता, निष्ठा और संवेदनशीलता ही प्रदेश के सुशासन का आधार है। योजनाओं और कार्यक्रमों के क्रियान्वयन से शासन की लोकहित व लोककल्याण की मंशा को समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंचाने में शासकीय योजनाओं का महत्वपूर्ण योगदान है। राज्य सरकार इनके भविष्य और कार्य सुविधा के लिए हर संभव प्रयास करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मंशा के अनुरूप विकसित मध्यप्रदेश के निर्माण के लक्ष्य के प्रति शासन-प्रशासन सभी मिलकर निरंतर समर्पित रहेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 2016 से अवरूद्ध पदोन्नति के मामले में समाधान के लिए भी राज्य सरकार द्वारा प्रयास किया जा रहा है। शासकीय अधिकारियों-कर्मचारियों की अन्य अपेक्षाओं और समस्याओं के संबंध में भी शीघ्र कार्यवाही की जाएगी। सभी विभागों में जो पद रिक्त है उनकी त्वरित पदपूर्ति की व्यवस्था की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन बड़ी उपलब्धि थी। भोपाल में सम्पूर्ण प्रदेश के गौरवशाली अतीत की झलक मिले, राजधानी प्रदेश की समृद्धशाली विरासत को समेटे हुए दिखाई दे, इस दिशा में राज्य सरकार प्रयास कर रही है। राजधानी में प्रवेश कर रहे सभी मुख्य मार्गों पर महापुरूषों को समर्पित द्वारों का निर्माण होगा, इस क्रम में शीघ्र ही राजा भोज को समर्पित द्वार का भूमि-पूजन किया जाएगा। सम्राट विक्रमादित्य सुशासन का उत्कृष्ट उदाहरण थे, राजधानी से अवंतिका की ओर जाने वाले मार्ग पर बनने वाला द्वार उनको समर्पित होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पहलगाम में हुई आतंकी वारदात पर खेद व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश इस हमले के दोषियों और साजिश रचने वालों को कठोरतम जवाब देगा।   recent visitors 48

कॉन्क्लेव का सफल आयोजन हमारी प्रॉमिस्ड डिलीवरी की प्रतिबद्धता को दर्शाता है: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

उद्योग मंदिर की तरह हैं जिससे लाखों लोगों को मिलता है रोजगार के रूप में आशीर्वाद : मुख्यमंत्री डॉ. यादव जीआईएस में आईटी से संबंधित हुये 99 एमओयू में से 25 प्रतिशत का आज हुआ है भूमि-पूजन “टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव" है प्रदेश की तकनीकी-परक औद्योगिक यात्रा का स्वर्णिम पड़ाव म.प्र. अब मात्र वादों का नहीं, वादों को पूरा कर विकास के पथ पर अग्रसर होने वाला राज्य है प्रदेश में स्पेस टेक्नोलॉजी नीति पर होगा कार्य कॉन्क्लेव का सफल आयोजन हमारी प्रॉमिस्ड डिलीवरी की प्रतिबद्धता को दर्शाता है प्रदेश की तकनीकी-परक अर्थव्यवस्था को मिलेंगी नई ऊंचाईयाँ मध्यप्रदेश अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी का प्रमुख केन्द्र बनेगा, 1500 करोड़ का मिला निवेश हम “इरादों को निवेश में” और नीतियों को क्रियान्वयन में बदल रहें हैं कॉन्क्लेव में 20 हजार करोड़ रूपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, 75 हजार रोजगार होंगे सृजित निवेशकों को एकीकृत सुविधा देने के लिये "प्रोत्साहन पोर्टल" लॉन्च मध्यप्रदेश टेक ग्रोथ 2025 में शामिल हुये आईटी क्षेत्र के प्रमुख उद्योगपति इन्दौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेन्टर में हुआ "टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव-2025" का आयोजन अनेक उद्योगों का हुआ लोकार्पण और भूमि-पूजन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि उद्योगों का निर्माण किसी मंदिर के बनने की तरह है। उद्योग ऐसे मंदिर हैं जो भगवान की तरह दर्शन जीविका का प्रसाद और आशीर्वाद देते हैं। श्रम शक्ति से लाखों व्यक्तियों को रोजी-रोटी मिलती है। आज के तकनीकी दौर में छोटे देश भी प्रगति कर रहे हैं। युद्धों से विकास में पिछड़ने वाले देश भी उद्यमशीलता से विकसित हो जाते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हम आज बदलते दौर का भारत देख रहे हैं, जहां कई क्षेत्रों में तीव्र प्रगति हो रही है। इंदौर ने उद्योगों के विकास का कीर्तिमान बनाया है, इंदौर आईटी क्षेत्र की राजधानी है। इंदौर में अतुल पंचशील जैसे उद्योगपति विशिष्ट कार्य कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया प्रदेश में पाँच बड़े नगरों में इण्डस्ट्री पार्क प्रारंभ किये जा रहे हैं। कोरिया जैसे देश जिनसे भारत का पुराना सांस्कृतिक नाता है, वे भी मध्यप्रदेश में निवेश के लिये इच्छुक हैं। आज की कॉन्क्लेव में कोरिया और जापान से भी प्रतिनिधि आये हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कॉन्क्लेव से लगभग 20 हजार करोड़ रूपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिससे लगभग 75 हजार रोजगार सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि मुझे बताते हुए बहुत खुशी हो रही है कि आज के टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव में विभिन्न औद्योगिक इकाइयों के भूमि-पूजन एवं शिलान्यास भी हुए हैं। इसमें से जीआईएस-भोपाल में आईटी सेक्टर में प्राप्त 99 प्रस्तावों में से 25 प्रतिशत का आज भूमि-पूजन हुआ है, जो इस बात का द्योतक है कि हम बस वादे नहीं करते, उन्हें धरातल पर उतारकर भी दिखाते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में मध्यप्रदेश टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव-2025 को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भोपाल जिले के बैरसिया में मोबाईल, सेमीकंडक्टर डिवाइस पार्क बनाने वाले प्रतिष्ठान विश्व स्तरीय अधोसंरचना का लाभ प्राप्त करेंगे। लगभग 209 एकड़ क्षेत्र में इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग के इस मेगा प्रोजेक्ट से बड़ी संख्या में रोजगार उपलब्ध कराना संभव होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल के बैरसिया में महत्वपूर्ण निवेश करीब 1500 करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित करने में सफलता मिली है। स्पेस टेक नीति के अंतर्गत यह कार्य होगा। इससे सायबर सुरक्षा के क्षेत्र में नया दौर सामने आयेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंदौर में एग्रीटेक उत्कृष्टता केन्द्र बनेगा। ड्रोन तकनीक सहित विभिन्न क्षेत्रों में निवेश आयेगा। परदेशीपुरा आईटी पार्क से नई संभावनाएँ विकसित होंगी। इंदौर आईटी क्षेत्र की नई राजधानी बन गयी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में प्रधानमंत्री मोदी ने मध्यप्रदेश सरकार द्वारा तैयार की गयी 18 उद्योग हितैषी नीतियों का लोकार्पण किया था। ये नीतियाँ उद्योगों के विकास में उपयोगी सिद्ध हो रही हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने देश में अद्भूत कार्य किया है। उनके विकसित भारत@2047 के संकल्प के अनुसार मध्यप्रदेश में निरंतर कार्य हो रहा है। जीआईएस-भोपाल से उद्योग स्थापना के सभी रिकार्ड टूटे हैं। उद्योगपति स्वयं यह कह रहे हैं कि मध्यप्रदेश में एक माह में उद्योग लगाने का कार्य संभव हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश तेज गति से कृषि विकास दर प्राप्त कर रहा है। आगामी 3 मई को कृषि मेला आयोजित किया जा रहा है। प्रदेश में प्रति व्यक्ति आय 11 हजार से बढ़कर एक लाख 52 हजार रुपये तक पहुंच गयी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंदौर में आज हुई कॉन्क्लेव में एमओयू करने वाले सभी औद्योगिक संस्थान बधाई के पात्र हैं। कॉन्क्लेव के दौरान चार नई औद्योगिक नीतियों की गाइड लाईन जारी की गयी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश अब मात्र वादों का नहीं, जनता से किये गये वादों को पूरा कर विकास के पथ पर अग्रसर होने वाला राज्य है। “टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव-2025” मध्यप्रदेश की तकनीकी-परक औद्योगिक यात्रा का स्वर्णिम पड़ाव है। आज का दिन मध्यप्रदेश के टेक्नो-इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के इतिहास में मील का पत्थर साबित होगा। इन्दौर में टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव का सफल आयोजन हुआ है। यह सिर्फ एक कॉन्क्लेव नहीं है, बल्कि प्रदेश की तकनीकी-परक अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए ऐतिहासिक कदम है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025 में हमने दुनिया को मध्यप्रदेश की प्रौद्योगिकी क्षमता से रूबरू करवाया था। यह कॉन्क्लेव उसी संकल्प का जीवंत उदाहरण है, जहां हम “इरादों को निवेश में” और 'नीतियों को क्रियान्वयन' में बदल रहे हैं। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट को हुए अभी 60 दिन ही हुए हैं और इस अल्प समय में टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव का सफल आयोजन हमारी 'प्रॉमिस्ड डिलीवरी' की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इस कॉन्क्लेव का उद्देश्य ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025 के निवेश इरादों को ठोस निवेश में बदलना, राज्य में तकनीकी विकास के लिए सक्षम पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करना, नए आईटी पार्क, सेन्टर ऑफ एक्सीलेंस, इनक्यूबेटर्स की स्थापना करना, प्रमुख बुनियादी ढांचागत परियोजनाओं के लिए भूमि-पूजन कर आधारशिला रखना एवं पूर्ण हो चुकी परियोजनाओं का लोकार्पण करना, जीसीसी, आईटी, आईटीईएस सेमीकंडक्टर्स, ड्रोन, और एवीजीसी-एक्सआर पर चर्चा करके इन नीतियों का सफल क्रियान्वयन कराना, मुख्यमंत्री डॉ. यादव और उद्योगपतियों के बीच विशेष बैठकें … Read more

रोजगार और कारोबार के साथ-साथ परिवार भी जिम्मेदारी से संभाल रही हैं महिलाएं: मुख्यमंत्री डॉ.यादव

कामकाजी महिलाओं के छात्रावास निर्माण के लिए 100 करोड़ रुपए का प्रावधान: मुख्यमंत्री डॉ.यादव बहन-बेटियों की पढ़ाई और रोजगार में सुगमता के लिए हर संभव की जा रही हैं व्यवस्थाएं: मुख्यमंत्री डॉ.यादव रोजगार और कारोबार के साथ-साथ परिवार भी जिम्मेदारी से संभाल रही हैं महिलाएं: मुख्यमंत्री डॉ.यादव मुख्यमंत्री ने उज्जैन में आयोजित महिला केंद्रित रोजगार पर्व का भोपाल से किया वर्चुअली शुभारंभ भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के कुल स्टार्ट-अप में से 45 प्रतिशत से अधिक की मालकिन महिलाएं हैं। ड्रोन दीदी के रूप में स्वसहायता समूह की बहनें नई पहचान बना रही हैं। शासकीय नौकरियों में 35 प्रतिशत आरक्षण ने बहन-बेटियों को सफलता के नए पंख दिए हैं। प्रदेश में महिलाओं के नाम जमीन, दुकान और घर की रजिस्ट्री में अतरिक्त छूट मिल रही है, इससे बहनों के पास सम्पत्ति की शक्ति आई है। बहनों का मान तो बढ़ा ही है, घर के फैसलों में भी अब महिलाओं को महत्व मिल रहा है। यह सब संकेत समाज के सशक्त होने के संकेत हैं क्योंकि समाज का सशक्तिकरण महिलाओं में सशक्तिकरण के बिना अधूरा है। हम यदि अपने राज्य को प्रगति की राह पर आगे बढ़ता देखना चाहते हैं तो बहन-बेटियों को शिक्षा, उनके कौशल उन्नयन और उन्हें रोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराना जरूरी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव कालिदास अकादमी, उज्जैन में सत्यज फाउंडेशन द्वारा आयोजित महिला केंद्रित रोजगार पर्व को मुख्यमंत्री निवास से वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बहन-बेटियों को पढ़ाई और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए हर संभव व्यवस्थाएं की जा रही हैं। कामकाजी महिलाओं के छात्रावास निर्माण के लिए 100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। महिला एवं बाल विकास के लिए कुल 27 हजार 147 करोड़ रुपए का बजट निर्धारित है। इसमें छह साल में जेंडर बजट का आकार दोगना हो गया है। व्यापार में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए कई प्रकार की रियायतें प्रदान की गई हैं। यह हम सबके लिए गर्व का विषय है कि बहन -बेटियां रोजगार और कारोबार में अपने सभी कार्य जिम्मेदारी से संपादित कर रही हैं और परिवार भी संभाल रही हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बहन-बेटियों के जीवन के हर पड़ाव पर उनके साथ है। उज्जैन में आयोजित कार्यक्रम में रोजगार पर्व में विभिन्न कम्पनियां शामिल हुईं। कार्यक्रम में कौशल विकास एवं रोजागर राज्य मंत्री तथा उज्जैन जिले के प्रभारी गौतम टेटवाल, विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव तथा पूर्व केंद्रीय डॉ. सत्यनाराण जटिया उपस्थित थे। कार्यक्रम में 25 से अधिक कम्पनियों ने सहभागिता की।   recent visitors 38

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण के लिये सरकार प्रतिबद्ध

राज्य सरकार दिव्यांगजनों के कल्याण और आत्म सम्मान की रक्षा के लिये पूरी तरह से है प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री डॉ.यादव मुख्यमंत्री डॉ. इंदौर में 300 दिव्यांगजनों को बैटरीयुक्त ट्राईसिकल सहित अन्य सहायक उपकरण किये वितरित मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण के लिये सरकार प्रतिबद्ध इंदौर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण के लिये सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने इंदौर में दिव्यांगजनों के हित में आयोजित एक गरिमामय समारोह में 300 दिव्यांगजनों को कुल 749 बैटरीयुक्त ट्रायसिकल सहित अन्य तरह के सहायक उपकरणों का वितरण किया। जिला प्रशासन की पहल पर आईडीबीआई बैंक के सामाजिक दायित्व कार्यक्रम तथा भारतीय रेडक्रास सोसाइटी के वित्तीय सहयोग से यह कार्यक्रम संपन्न हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दिव्यांगजन समाज का अभिन्न हिस्सा हैं। हमारी सरकार उनका आत्मसम्मान बढ़ाने, उन्हें स्वावलंबी बनाने और मुख्यधारा से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि बैटरीयुक्त ट्राईसिकल  और सहायक उपकरणों से दिव्यांगजनों की गतिशीलता बढ़ेगी और वे अधिक स्वतंत्रता के साथ सुविधाजनक रूप से अपने कार्यों को सहजता से कर सकेंगे। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने निजी क्षेत्र में कार्यरत विभिन्न संस्थानों से भी आह्वान किया कि वे दिव्यांगजनों को रोजगार उपलब्ध कराने में प्राथमिकता दें जिससे कि वे समावेशी विकास का हिस्सा बनें। उन्होंने आश्वस्त किया कि प्रदेश सरकार दिव्यांगजनों के जीवन को आसान और सम्मानजनक बनाने के लिए भविष्य में भी अनेक योजनाएँ लेकर आएगी। इस अवसर पर नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, महापौर पुष्यमित्र भार्गव,विधायक महेन्द्र हार्डिया, रमेश मेंदोला,  श्रीमती मालिनी गौड़ तथा मनोज पटेल,सुमित मिश्रा, सावन सोनकर और अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद थे। दिव्यांगजनों को मिली यह सहायता  मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने इंदौर के 105 से अधिक दिव्यांगजनों को बैटरीयुक्त ट्राईसाइकिले नि:शुल्क प्रदान कीं। उन्होंने जिला प्रशासन, इंदौर द्वारा दिव्यांगजनों की निजी क्षेत्र में भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए "दिव्यांग रोजगार पोर्टल" की भी शुरुआत की।   समारोह में 4 दिव्यांगजनों को निजी क्षेत्र की प्रतिष्ठित इकाइयों में नियुक्ति पत्र भी प्रदान किए गए। कार्यक्रम में 300 दिव्यांगजनों को 70 लाख 50 हजार रुपये से अधिक लागत के 105 मोट्रेड ट्राईसिकल,41 सामान्य ट्राईसिकल, 44 व्हील चेयर,154 डिजिटल हियरिंग एड (कान की मशीन) तथा 405 दिव्यांगजनों को अन्य सहायक उपकरण वितरित किये गये। मुख्यमंत्री ने दिव्यांगजनों का पुष्पवर्षा कर किया अभिनंदन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिव्यांगजनों का पुष्प वर्षा कर अभिनंदन किया। दिव्यांगजनों को जीवन सुरक्षा हेतु हेलमेट भी दिये गये। समारोह का माहौल अत्यंत भावुक और उत्साहपूर्ण रहा। दिव्यांगजनों के चेहरों पर प्रसन्नता और आत्मविश्वास झलक रहा था। आयोजन स्थल को आकर्षक ढंग से सजाया गया था और विशेष सुविधाओं की भी समुचित व्यवस्था की गई थी। तेज गर्मी को देखते हुये दिव्यांगजनों के लिये वातानुकूलित व्यवस्था भी की गयी थी। मुख्यमंत्री डॉ.यादव द्वारा ट्राईसिकल वितरण के समय कई दिव्यांगजन भावुक हो उठे और पूरे वातावरण में एक सकारात्मक ऊर्जा का संचार हो गया। लाभार्थियों का है यह कहना कार्यक्रम में बैटरीयुक्त ट्राईसिकल प्राप्त करने वाले  भागीरथपुरा के लक्ष्मण रावल ने कहा कि के एम.वाय.अस्पताल में सेवा भारती में कार्य करते है। उन्हें अपने घर से कार्य स्थल तक पहुंचने में बहुत परेशानी थी। अब यह बैटरीयुक्त ट्राईसिकल मिल गयी है। इससे बेहद सुविधा होगी। आने-जाने में कोई परेशानी नहीं होगी। समय भी बचेगा। बिजलपुर निवासी सुरेश काशीमा ने कहा कि मैं फूल माला बनाने का काम करता हूं। मुझे फूल माला बेचने के लिये जगह-जगह जाना पड़ता था। हाथ से चलने वाली ट्राईसिकल थी। परेशानी होती थी, अब आसानी होगी और अपनी फूल माला आसानी से दुकानों पर पहुँचा पाऊंगा। आमदनी बढ़ेगी। इसी तरह पंडिताई करने वाले श्रीधर जोशी ने कहा कि पहले छोटी दूरी तय करने में भी कठिनाई होती थी, अब ट्राईसिकल से स्वतंत्रता का अहसास हो रहा है। मैं मुख्यमंत्री डॉ. यादव का दिल से धन्यवाद करता हूँ। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने 4 युवाओं को निजी क्षेत्र की प्रतिष्ठित कम्पनी में नौकरी के लिये नियुक्ति-पत्र सौंपे। इनमें रविन्द्र खराड़ी, ज्योति कोहली, मीना बालोदिया और अंकित वर्मा शामिल हैं। इन्हें टॉयस एण्ड ट्रीट्स कम्पनी में नौकरी मिली है। रोजगार पत्र प्राप्त करने वाली सुमीना बालोदिया ने खुशी व्यक्त करते हुए कहा,पहली बार महसूस हो रहा है कि हमारी क्षमताओं को पहचाना गया है। अब मैं अपने सपनों को पूरा करने के और करीब आ गई हूँ।   recent visitors 33

PM मोदी के नेतृत्व में स्वदेशी और आत्मनिर्भरता का विचार पूरे देश में तेज़ी से फैल रहा है, जो अत्यंत गर्व की बात : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

समाज मेक इन इंडिया और मेड इन इंडिया को बढ़ावा दे: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि स्वदेशी का भाव भारत की आत्मा में रचा-बसा PM मोदी के नेतृत्व में स्वदेशी और आत्मनिर्भरता का विचार पूरे देश में तेज़ी से फैल रहा है, जो अत्यंत गर्व की बात : मुख्यमंत्री डॉ. यादव इंदौर लाल बाग में स्वदेशी मेले का समापन समारोह संपन्न इंदौर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि स्वदेशी का भाव भारत की आत्मा में रचा-बसा है। वर्षों पूर्व शुरू हुई स्वदेशी जागृति आज 'मेक इन इंडिया' और 'मेड इन इंडिया' जैसे अभियानों के रूप में देश को आत्मनिर्भर बनाने का सशक्त माध्यम बन रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में स्वदेशी और आत्मनिर्भरता का विचार पूरे देश में तेज़ी से फैल रहा है, जो अत्यंत गर्व की बात है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव  लालबाग परिसर में स्वदेशी जागरण मंच द्वारा आयोजित स्वदेशी मेले के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भारत ने समय-समय पर अनेक चुनौतियों का सामना किया, लेकिन स्वावलंबन और स्वदेशी की भावना कभी क्षीण नहीं हुई। हमें इस भावना को और सशक्त बनाना है ताकि भारत हर क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लोकमाता अहिल्याबाई होलकर का श्रद्धापूर्वक स्मरण करते हुए कहा कि उन्होंने महेश्वर जैसे स्थान पर स्थानीय कारीगरी और वस्त्र निर्माण को प्रोत्साहित कर स्वदेशी विचार को नई ऊंचाइयों तक पहुँचाया। समारोह में नगरीय प्रशासन एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, सांसद शंकर लालवानी, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, विधायक श्रीमती मालिनी गौड़, रमेश मेंदोला, गोलू शुक्ला, श्रवण चावड़ा, सुमित मिश्रा, स्वदेशी मेला प्रमुख योगेश मेहता एवं सिख समाज के बाबा तेजा सिंह सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित थे। समारोह में सिकल सेल बीमारी के प्रति जागरूकता हेतु एक पोस्टर का विमोचन भी किया गया। विभिन्न संस्थाओं द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. यादव का सम्मान भी किया गया।   recent visitors 34

‘मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार के लिए वर्ष 2024-25 में किये गए नवाचारों हेतु आवेदन आमंत्रित किए गये

भोपाल शासकीय सेवाओं में नवाचार एवं उत्कृष्ट कार्यों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राज्य शासन द्वारा प्रतिवर्ष ‘मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार (नवाचार)’ प्रदान किया जाता है। इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के लिए वर्ष 2024-25 में किये गए नवाचारों हेतु आवेदन आमंत्रित किए गये हैं। आवेदन वेबसाइट www.awards.mp.gov.in के माध्यम से ऑनलाइन किये जा सकेंगे। आवेदन की अंतिम तिथि 15 जुलाई 2025 निर्धारित की गई है। शासकीय सेवाओं में नवाचार एवं उत्कृष्ट कार्यों को बढ़ावा देने प्रदान किये जाने वाले वार्षिक ‘मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार (नवाचार)’ के लिए प्रदेश के शासकीय और सार्वजनिक संस्थानों के अधिकारी-कर्मचारी एक अप्रैल 2024 से 31 मार्च 2025 तक किये गए नवाचारों के आधार पर आवेदन कर सकेंगे। पुरस्कार के लिए राज्य शासन के विभाग एवं उनके अधीनस्थ कार्यालयों के उल्लेखनीय नवाचारों को मान्यता दी जाएगी। पुरस्कार के लिए ऐसे कार्यों का चयन किया जाएगा, जिनसे जनसेवा में गुणवत्ता, दक्षता और नवाचार दृष्टिगोचर होता हो। चयन के मुख्य क्षेत्र मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार (नवाचार) महिला एवं बाल विकास, शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाएं, कृषि एवं ग्रामीण विकास, सामाजिक समावेशन और समावेशी विकास के क्षेत्र में किये गये नवाचारों को प्रदान किया जाएगा। प्रत्येक चयनित प्रविष्टि को एक लाख रूपये का नगद पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र प्रदान किया जाएगा। पुरस्कार के विषय में अधिक जानकारी के लिए सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग, मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल, मध्यप्रदेश से संपर्क किया जा सकता है। संबंधित सूचनाएं वेबसाइट www.awards.mp.gov.in पर भी प्रकाशित हैं।   recent visitors 33

आज एमपी टेक ग्रोथ कान्क्लेव का शाम 5 बजे उद्घाटन करेँगे मुख्यमंत्री डॉ. यादव

इंदौर उद्योग, निवेश और रोजगार के साथ आज  इंदौर में विकास की नई इबारत लिखने जा रही है। आज होने वाले एमपी टेक ग्रोथ कान्क्लेव की तैयारियां अंतिम चरण में हैं।  ब्रिलिएंट कन्वेंशन सेंटर में प्रशासनिक अधिकारियों ने दौरा किया और तैयारियों का जायजा लिया। यह आयोजन प्रदेश के विज्ञान, सूचना प्रौद्योगिकी एवं नवाचार क्षेत्र में निवेश को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। कान्क्लेव में देश के आईटी उद्यमों, स्टार्टअप्स, यूनिकॉर्न कंपनियों और इनोवेशन हब्स के प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है। आयोजन स्थल पर अत्याधुनिक तकनीकी प्रदर्शनियों, पैनल चर्चाओं और स्टार्टअप पिचिंग सेशन्स का आयोजन भी किया जाएगा। शाम 5 बजे उद्घाटन सत्र शाम 5 बजे मुख्यमंत्री कार्यक्रम का शुभारंभ करेंगे। इसके बाद एडिशनल चीफ सेक्रेटरी संजय दुबे प्रजेंटेशन के माध्यम से मप्र में निवेश के अवसर और संभावनाओं की जानकारी देंगे। इसके बाद प्रमुख उद्योगपतियों को उद्बोधन होगा और फिर मप्र में होने वाले निवेश प्रस्तावों की जानकारी दी जाएगी। अंत में मुख्यमंत्री मोहन यादव कार्यक्रम को संबोधित करेंगे। एमपी टेक ग्रोथ कान्क्लेव के पहले दिव्यांगजनों को उपकरण देंगे सीएम मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव दिव्यांगजनों के उपकरणों का वितरण 27 अप्रैल को शाम 4 बजे ब्रिलियंट कन्वेशन सेन्टर स्कीम नम्बर 78 विजय नगर में करेंगे। यह आयोजन आईडीबीआई बैंक के सीएसआर एक्टिविटी तथा भारतीय रेडक्रास सोसायटी के सहयोग से किया जा रहा है। यह जानकारी देते हुए कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी आशीष सिंह ने बताया कि इस आयोजन के सुचारू संचालन के लिए नगर निगम आयुक्त सहित मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आदि को विभिन्न दायित्व सौंपे गए हैं। recent visitors 29