मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में मध्यप्रदेश को अग्रणी बनाया जाएगा

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में मध्यप्रदेश को अग्रणी बनाया जाएगा। इस दिशा में प्रदेश में निरंतर कार्य हो रहा है। सरकार के साथ समाज को भी स्वास्थ्य क्षेत्र में सक्रिय करना है। शासकीय, अशासकीय और अर्द्धशासकीय स्तर पर नागरिकों के स्वास्थ्य रक्षा और बेहतर स्वास्थ्य के लिए प्रदेश में अनेक प्रकल्प संचालित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को विश्व स्वास्थ्य दिवस पर होटल कोर्टयार्ड मैरियट में हुए कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मातृ-शिशु संजीवन मिशन रणनीति दस्तावेज एवं अनमोल 2.0 पोर्टल का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्व स्वास्थ्य दिवस पर इस अभिनव कार्यक्रम की रचना के लिए स्वास्थ्य विभाग को बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में यह बदलते दौर का भारत है और पूरी दुनिया इसे देख रही है। कोरोना काल में प्रधानमंत्री मोदी की नेतृत्व क्षमता सामने आई, जब आपदा के अवसर के मंत्र पर काम करके भारत ने वैक्सीन तैयार की और अपने राष्ट्र के नागरिकों के साथ ही अनेक राष्ट्रों को भी सहायता दी। अथक अनुसंधान से देश की नागरिकों को नि:शुल्क वैक्सीन मिल जाने से जहां उनके स्वास्थ्य को ठीक करने में सहायता मिली, वहीं यह वैक्सीन सभी का मनोबल बढ़ाने में भी उपयोगी थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वह काफी कठिन दौर था, जब हमारी जनता कष्ट में थी, लेकिन श्रेष्ठ प्रबंधन से राष्ट्र में टीकाकरण का प्रभावी कार्य हुआ और रोग पर नियंत्रण हुआ। पूरा विश्व सशंकित होकर भारत को देख रहा था। उस कठिन दौर में प्रधानमंत्री मोदी ने समाधान की राह निकाल ली थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए व्यवस्थाएं बेहतर बनाई जाएं। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को अनमोल 2.0 पोर्टल प्रारंभ करने के लिए बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पूर्व में स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा दो मंत्रालय विभाग होते थे, जिन्हें एकीकृत कर आम जनता के हित को सुनिश्चित किया गया है। प्रदेश में मेडिकल कॉलेज की संख्या निरंतर बढ़ रही है। साल दर साल नए मेडिकल कॉलेज खुल रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पीपीपी मॉडल अपनाकर अस्पतालों के संचालन में सुधार करने की पहल की गई है। इस दिशा में अनुकूल वातावरण भी तैयार हुआ है। मेडिकल पर्यटन बढ़ाएंगे मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा मध्यप्रदेश में मेडिकल पर्यटन की काफी संभावना है। इन संभावनाओं को साकार करने के लिए प्रयास बढ़ाए जाएंगे । प्रदेश में जो रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव हुई हैं, उसमें सेवा क्षेत्र को भी जोड़ा गया है। प्रारंभ में प्रदेश के इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर जैसे बड़े नगरों में निजी क्षेत्र में अस्पतालों को भी प्रमोट करेंगे। इसमें ‘ए’ श्रेणी में बड़े नगर शामिल होंगे। नए अस्पताल प्रारंभ करने पर 40 प्रतिशत तक सब्सिडी प्रदान की जाएगी। तीन श्रेणियों में अस्पतालों को सब्सिडी प्रदान कर लाभान्वित किया जाएगा। इससे अस्पतालों के संचालन में सहयोग मिलेगा। सब्सिडी के प्रावधान से अस्पताल समर्थ होंगे और नागरिकों के उपचार के कार्य में व्यापक स्तर पर सहयोग मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एयर एंबुलेंस का संचालन भी दो स्तर पर हो रहा है। प्रदेश में जहां हवाई पट्टियां हैं, वहां जहाज की व्यवस्था कर गंभीर और दुर्घटनाग्रस्त रोगियों को बड़े चिकित्सा संस्थानों तक पहुंचाने का कार्य हो रहा है और जहां हेलीपैड हैं वहां से हेली सेवा प्रारंभ की गई है। हाल ही में भोपाल एम्स के एक चिकित्सक को आपात अवस्था में विमान द्वारा चेन्नई भिजवाने की व्यवस्था की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिले में चिकित्सक के परामर्श और कलेक्टर के माध्यम से यह सेवा उपलब्ध करवाई जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आयुष्मान कार्ड धारकों को विमान और हेलीकॉप्टर सेवा नि:शुल्क उपलब्ध करवाई जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा एलोपैथी चिकित्सा के साथ ही आयुष, प्राकृतिक चिकित्सा और अन्य चिकित्सा पद्धतियों को भी समग्र दृष्टि से देखते हुए इन सभी पद्धतियों के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है। उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार हर नागरिक तक उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य पर केंद्रित यह कार्यक्रम सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। आईएमआर और एमएमआर में सुधार मध्यप्रदेश स्वास्थ्य क्षेत्र की महत्वपूर्ण चुनौती है। पूर्व में भी प्रयास हुए हैं। विगत 20 वर्षों में एमएमआर 400 से 173 हो गयी है। आईएमआर 80 से 43 हो गयी है। एनएमआर 60 से घटकर 31 हुई है। इन सभी प्रयासों से सकारात्मक परिणाम प्राप्त हुए हैं, परंतु लक्ष्य अभी दूर है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की मंशानुरूप सतत विकास के लक्ष्य की प्राप्ति के लिये मध्यप्रदेश पुरज़ोर प्रयास कर रहा है। वर्ष 2030 तक एमएमआर को 100 से कम करने और आईएमआर को 20 से कम करने के योजनाबद्ध प्रयास करेंगे। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि इन परिणामों में अपेक्षित सुधार लाने के लिए विषय विशेषज्ञों और रिसर्च प्रोफेशनल्स द्वारा समस्याओं का चिन्हांकन कर उनमे सुधार के लिए मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य संजीवन मिशन रोड मैप बनाया गया है। इसके साथ ही गर्भवती महिलाओं और शिशुओं के पंजीयन और उनके स्वास्थ्य की सघन निगरानी के लिए अनमोल 2.0 (एएनएम ऑनलाइन 2.0) ऐप और वेब पोर्टल लांच किया गया है। उन्होंने कहा कि इसमें लगभग 20 हज़ार एएनएम को मैप किया गया है। एयर प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। आगामी समय में आशा कार्यकर्ता और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को भी मैप करने के प्रयास किये जाएँ। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि गर्भवती महिलाओं के शत प्रतिशत पंजीयन और नियमित एएनसी जांच से हाई रिस्क प्रेगनेंसी का समय से चिन्हांकन कर आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं के सही समय में प्रदाय की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। इससे एमएमआर के साथ आईएमआर में भी सुधार लाने में हम सफल होंगे। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि यह चिंता का विषय है कि प्रदेश में सिर्फ 60 प्रतिशत गर्भवती महिलाओं का पंजीयन किया जा रहा है। इनमें से 20 प्रतिशत गर्भवती महिलायें समय से अपनी जांच नहीं करवा रही हैं। इसके लिए महिलाओं के साथ-साथ परिजन को भी जागरूक किया जा … Read more

केंद्रीय सहकारिता और गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में होगा अनुबंध सहकार से समृद्धि के लिए नई पहल

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सहकार से समृद्धि के विजन के अंतर्गत मध्यप्रदेश एक महत्वपूर्ण पहल कर रहा है। मध्यप्रदेश सरकार ने दुग्ध संघों और राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड, एमपी स्टेट को-आपरेटिव डेयरी फेडरेशन (एमपीसीडीएफ) के मध्य सहकार्यता अनुबंध (कोलेबोरेशन एग्रीमेंट) के माध्यम से किसानों और पशुपालकों की जिंदगी बदलने का महत्वपूर्ण कदम उठाया है। दुग्ध सहकारिता के क्षेत्र में मध्यप्रदेश ने विशेष स्थान बनाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोमवार को मंत्रालय में संपन्न बैठक में यह बात कही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैठक में आगामी 13 अप्रैल को भोपाल में हो रहे राज्य स्तरीय सहकारी दुग्ध उत्पादक गोपाल सम्मेलन की तैयारियों की समीक्षा की। कार्यक्रम में केंद्रीय सहकारिता और गृहमंत्री अमित शाह का आगमन प्रस्तावित है। बैठक में डेयरी विकास एवं पशुपालन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) लखन पटेल सहित वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। श्वेत क्रांति की दिशा में बढ़ता मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों को दुग्ध उतपादन के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। मध्यप्रदेश सरकार संकल्पित है कि किसानों और पशुपालकों से दूध की खरीद सुनिश्चित हो और उन्हें दूध की सही कीमत प्राप्त हो। श्वेत क्रांति मिशन के अंतर्गत प्रत्येक जिले में सांची डेयरी के साथ मिल्क कूलर, मिनी डेयरी प्लांट, चिलिंग सेंटर की संख्या बढ़ाकर और दुग्ध संघों की प्रोसेसिंग क्षमता का विस्तार कर किसानों की आय में वृद्धि का कार्य किया जाएगा। प्रदेश में अधिकतर ग्रामों में दुग्ध सहकारी समितियों की स्थापना कर दुग्ध उत्पादक किसानों को सहकारी डेयरी कार्यक्रम से जोड़ने का कार्य होगा। प्रदेश का दुग्ध उत्पादन में देश में तीसरा स्थान है। सहकारी समितियों को कव्हरेज बढ़ाकर दुग्ध उत्पादकों को सहकारी डेयरी कार्यक्रम का पूरा-पूरा लाभ दिलवाया जाएगा। सांची ब्रांड के उन्नयन का भी यह ठोस प्रयास है। स्थापित होंगे नए अत्याधुनिक संयंत्र मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में अत्याधुनिक संयंत्र भी स्थापित होंगे। जहां दुग्ध संघों के संयंत्र पुराने हो गए हैं वहां नए अत्याधुनिक संयंत्र स्थापित किए जाएंगे। प्र-संस्करण क्षमता 18 लाख लीटर प्रतिदिन से 30 लाख लीटर प्रतिदिन की जाएगी। दुग्ध उत्पादन में वृद्धि से दुग्ध उत्पादक संस्थाएं भी सुदृढ़ होंगी। किसानों को किसानी के अलावा आमदनी का नया महत्वपूर्ण स्रोत उपलब्ध होगा, जो प्रदेश की प्रगति में भी सहायक होगा।   recent visitors 40

मुख्यमंत्री ने प्रगतिरत राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की समीक्षा कर सभी निर्माणाधीन परियोजनाएं समय पर पूरा करने के दिए निर्देश

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सड़क विकास के काम में हम किसी से भी पीछे न रहें। प्रदेश में सड़कों विशेषकर अधिक यातायात वाले राजमार्गों को राष्ट्रीय राजमार्गों के रूप में विकसित करने के लिए केंद्र सरकार से उच्च कोटि का समन्वय करें। आपसी संवाद में कोई कमी न रखें, ताकि राजमार्गों की मंजूरी और निर्माण के कामों को जल्द से जल्द पूरा किया जा सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में प्रदेश में प्रगतिरत राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की समीक्षा बैठक में लोक निर्माण एवं एनएचएआई के अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी निर्माणाधीन राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं को पूरी गुणवत्ता (परफार्मेंस गारंटी) के साथ तय समय-सीमा में ही पूरा करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राजमार्ग परियोजनाओं से जुड़े भू-अधिग्रहण के लंबित मामलों को आपसी वार्ता के जरिए शीघ्र सुलझाया जाए। बैठक में बताया गया कि गत वित्त वर्ष 2024-25 में मध्यप्रदेश फोर लेन राष्ट्रीय राजमार्ग मंजूर कराने के मामले में पूरे देश में पहले स्थान पर रहा है। यह मध्यप्रदेश को केंद्र सरकार द्वारा दी गई बड़ी सौगातों में से एक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति एवं प्रगतिरत कार्यों की समीक्षा कर जानकारी ली। उन्होंने कहा कि उज्जैन शहर में बाबा महाकाल मंदिर के पास से एक एलिवेटेड रोड बनाया जा सकता है, जो रेलवे स्टेशन को सीधा कनेक्ट करे। इससे महाकाल दर्शन के लिए देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं का बेहतर तरीके से यातायात प्रबंधन किया जा सकेगा। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री गडकरी 10 अप्रैल को बदनावर आएंगे बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव को एनएचएआई के अधिकारियों ने अवगत कराया गया कि आगामी 10 अप्रैल को केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन जयराम गडकरी धार जिले के बदनावर आएंगे। यहां वे एक गांव में एनएचएआई द्वारा निर्मित की गईं 218 किलोमीटर लंबी राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का लोकर्पण करेंगे। इनकी कुल लागत 3502 करोड़ रुपए है। इसी प्रकार एनएचएआई द्वारा निर्मित की जाने वाली 110 किलोमीटर लंबी राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का भूमिपूजन भी इसी अवसर पर केंद्रीय मंत्री द्वारा किया जाएगा। इन सभी निर्माण कार्यों की लागत 2330 करोड़ रुपए है। मुख्यमंत्री प्रदेश की 7 प्रस्तावित राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की मंजूरी के लिए केंद्रीय मंत्री गडकरी से करेंगे आग्रह बैठक में एनएचएआई के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बताया कि केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा मध्यप्रदेश में नवीन राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण की 7 परियोजनाएं पाइप लाइन में हैं। इसके लिए केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय को प्रस्ताव भेजा गया है। मंजूरी मिलना शेष है। यह जानकारी मिलने पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इन अत्यधिक आवश्यकता वाले मार्गों को राष्ट्रीय राजमार्ग के रूप में विकसित करने के लिए वे स्वयं केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री गडकरी से आग्रह करेंगे। बताया गया कि बदनावर-पेटलावद-थांदला 4 लेन मार्ग निर्माण (लंबाई 80 किमी, लागत 1500 करोड़ रु.), पूर्वी इंदौर बायपास मार्ग निर्माण (लंबाई 77 किमी, लागत 3500 करोड़ रु.) एवं उज्जैन-झालावाड़ 4 लेन मार्ग का निर्माण कार्य (लंबाई 134 किमी, लागत 2200 करोड़ रु.) अत्यंत जरूरी है। यह तीनों राजमार्ग विकास कार्य 2028 में उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ की दृष्टि से अत्यंत लाभकारी सिद्ध होंगे। इसी प्रकार मिसरौद से औबेदुल्लागंज खण्ड रा.रा.- 46 का 6 लेन में उन्नयन एवं निर्माण (लंबाई 19.32 किमी, लागत 280 करोड़ रु.), ग्वालियर-भिण्ड से म.प्र/उ.प्र. की सीमा तक रा.रा.- 719 का 4 लेन मय पेव्हड शोल्डर में उन्नयन एवं निर्माण (लंबाई 96 किमी, लागत 3125 करोड़ रु.) तथा सतना-चित्रकूट खण्ड रा.रा.- 135 बीजी का 4 लेन में उन्नयन एवं निर्माण (लंबाई 80 किमी, लागत 1500 करोड़ रु.) प्रस्तावित है। इसी तरह लखनादौन से रायपुर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे (लंबाई 200 किमी, लागत लगभग 5985 करोड़ रु.) के निर्माण के लिए बालाघाट और लांजी तहसील के जनजातीय क्षेत्र से गुजरने वाले एकरेखण(अलाइमेंट) के विकल्प को प्राथमिकता दी जानी है। इसके लिए सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय को प्रस्ताव भेजा गया है। यह परियोजनाएं सिर्फ़ भू-अधिग्रहण एवं वन अनुमतियां न मिलने की वजह से अबतक मंजूर होने से शेष हैं। बैठक में लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने बताया कि मध्यप्रदेश में कुल 9664 किमी राष्ट्रीय राजमार्ग उपलब्ध हैं। इसमें से 5428 किमी राष्ट्रीय राजमार्ग एनएचएआई के अधीन हैं। शेष 4236 किमी लंबाई युक्त राष्ट्रीय राजमार्गों का संधारण लोक निर्माण विभाग (3990 किमी) एवं म.प्र. सड़क विकास निगम (846 किमी) द्वारा किया जा रहा है। वित्त वर्ष 2024-25 में केंद्रीय सरकार द्वारा प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण के लिए 3935 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई है। गत वित्त वर्ष की कार्य योजना अंतर्गत 8 नवीन कार्यो के लिए 3412 करोड़ रुपए के प्रस्ताव केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय में स्वीकृति के लिए प्रक्रियाधीन हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में रोड नेटवर्क बढ़ाने के लिए हम केंद्र सरकार से लगातार सम्पर्क में हैं और बहुत जल्द ही प्रदेश को नए राष्ट्रीय राजमार्ग मंजूर होने वाले हैं। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन, मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव लोक निर्माण नीरज मंडलोई, म.प्र. सड़क विकास निगम के एमडी भरत यादव, एनएचएआई के वरिष्ठ अधिकारी एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।   recent visitors 33

जनसामान्य के साथ शालीन व्यवहार और संवाद आवश्यक: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

चयनित अधिकारी सेवा भाव और सकारात्मक मानसिकता के साथ करें अपने अधिकारों का उपयोग : मुख्यमंत्री डॉ. यादव जनसामान्य के साथ शालीन व्यवहार और संवाद आवश्यक मुख्यमंत्री ने राज्य सिविल सेवा अधिकारियों के 118वें संयुक्त आधारभूत प्रशिक्षण कार्यक्रम का किया शुभारंभ उप जिलाधीश, उप पुलिस अधीक्षक और नायब तहसीलदार के कुल 83 प्रशिक्षु लेंगे सात सप्ताह का संयुक्त आधारभूत प्रशिक्षण भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारतीय समाज स्व-नियंत्रित और सुसंस्कृत समाज है। राज्य सेवा के लिए चयनित अधिकारी पवित्र सेवा भाव और परिष्कृत मन मस्तिष्क के साथ, उन्हें मिली शक्तियों का उपयोग करते हुए अपने दायित्व निर्वहन की ओर अग्रसर हों। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रशिक्षु अधिकारियों को उनके उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि अधिकारी अपनी कुशलता और दक्षता से सभी की आशाओं-आकांक्षाओं पर खरे उतरें यही कामना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव राज्य सिविल सेवा के अधिकारियों के 118वें संयुक्त आधारभूत प्रशिक्षण कार्यक्रम के शुभारंभ सत्र को प्रशासन अकादमी में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का महानिदेशक प्रशासन अकादमी सचिन सिन्हा द्वारा पुष्प-गुच्छ भेंट कर स्वागत किया गया। प्रशिक्षण शुभारंभ पर अकादमी संकल्प गान की प्रस्तुति हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ प्रशिक्षु अधिकारियों का ग्रुप फोटो भी हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रशिक्षुओं से कहा कि नर्सरी कक्षा से लेकर अब तक के शिक्षण-प्रशिक्षण से मिले ज्ञान के आत्म अवलोकन से अपनी प्रशासनिक जिम्मेदारियों और कार्यों को दक्षतापूर्वक संपन्न करें। उन्होंने कहा कि शिक्षण से व्यक्ति और प्रशिक्षण से व्यक्तित्व का निर्माण होता है। हमारी पाठ्य पुस्तकें अपार ज्ञान का भंडार हैं, लेकिन दायित्वों को पूरा करने के लिए इसी ज्ञान की मदद से अपना मार्ग स्वयं खोजना होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने दायित्वों के निर्वहन में पारिवारिक मूल्यों का ध्यान रखने, जनसामान्य के साथ शालीन व्यवहार और संवाद क्षमता विकसित करने तथा आउट ऑफ बॉक्स सोचते हुए समाज हित में नवाचार करने के लिए प्रेरित किया। बड़े पद की जिम्मेदारी के साथ-साथ परिवारजन और मित्रों की अपेक्षाओं पर बने रहना भी एक चुनौती है। उन्होंने कहा कि आपका व्यवहार ऐसा हो कि आप अधिक से अधिक लोगों की आशाओं व आकांक्षाओं पर खरे उतर सकें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में मिशन कर्मयोगी से विकास और जनकल्याण की दिशा में राज्य सरकार प्रतिबद्धता के साथ कार्यरत है। चयनित अधिकारियों को स्वयं के परिश्रम और ईश्वर की कृपा से जनसेवा का अवसर प्राप्त हुआ है। उन्होंने सबसे अपेक्षा की कि प्रशिक्षण उपरांत अधिकारी, मैदानी चुनौतियों को स्वीकार करते हुए आत्मविश्वास और सकारात्मक मानसिकता के साथ सुशासन और गुणवत्तापूर्ण लोक सेवाओं के लिए उत्तरदायी-जवाबदेह-पारदर्शी-स्वच्छ और संवेदनशील भूमिका का निर्वहन करें। शुभारंभ सत्र को अपर मुख्य सचिव सामान्य प्रशासन संजय दुबे, महानिदेशक प्रशासन अकादमी सचिन सिन्हा, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक राजा बाबू सिंह ने भी संबोधित किया। संचालक प्रशासन अकादमी मुजीबुर्रहमान खान ने आभार माना। मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग की राज्य सेवा परीक्षा में चयनित वर्ष 2020 और 2021 बैच के उप जिलाधीश, उप पुलिस अधीक्षक और नायब तहसीलदार पद के लिए चयनित कुल 83 प्रशिक्षुओं के सात सप्ताह का संयुक्त आधारभूत प्रशिक्षण कार्यक्रम 7 अप्रैल से 23 मई 2025 तक प्रशासन अकादमी में संचालित होगा।   recent visitors 33

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की नवीन आपराधिक कानूनों की समीक्षा

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि वर्तमान चुनौतियों को ध्यान में रखकर बनाए गए नए आपराधिक कानून, भारतीय न्याय प्रणाली को अधिक लोकतांत्रिक बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। सभी के लिए अधिक सुलभ, सहायक और कुशल न्याय प्रणाली सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बने इन कानूनों और नवीन प्रक्रियाओं की जानकारी जन-जन तक पहुंचाना आवश्यक है। न्याय प्रणाली से जुड़ी सभी संस्थाओं में अद्यतन व्यवस्था सुनिश्चित करते हुए जन-सामान्य को नई धाराओं और प्रक्रियाओं से शीघ्र अतिशीघ्र अवगत कराने के लिए नए आपराधिक कानूनों के बारे में जागरूकता गतिविधियां संचालित की जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नवीन आपराधिक कानूनों की समीक्षा के दौरान यह निर्देश दिए। मंत्रालय में हुई बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव गृह जे.एन. कंसोटिया, पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पुलिस, जेल, अभियोजन, न्यायिक एवं फॉरेंसिक कर्मियों के बीच अद्यतन तकनीक के उपयोग का प्रशिक्षण सुनिश्चित किया जाए। सभी हितधारकों में हर स्तर पर बेहतर समन्वय जरूरी है। प्रत्येक स्तर पर आवश्यक व्यवस्था, उपकरण और भौतिक संसाधनों की उपलब्धता प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित की जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अचल सम्पत्ति संबंधी अपराधों पर नियंत्रण के लिए पुलिस के साथ राजस्व का अमला भी सजग और सतर्क रहे, साथ ही दोनों विभागों में परस्पर समन्वय भी हो। प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों सहित जिन क्षेत्रों में भूमि की दरें तेजी से बढ़ रही है, वहां विशेष सजगता बरती जाए। बैठक में बताया गया कि समयावधि में चालान के लिए नवीन डैशबोर्ड उपलब्ध है। ई-साक्ष्य की प्रक्रिया भी आरंभ की जा चुकी है। पुलिस थानों तक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के लिए न्यायश्रुति सॉफ्टवेयर तैयार कर लिया गया है और थानों व कंट्रोल रूम में साउंड प्रूफ कक्ष चिन्हित किए जा रहे हैं। ऑनलाइन समन/वारंट मॉड्यूल के अंतर्गत गतिविधियां प्रगति पर हैं। पिछले तीन महीने में 50 प्रतिशत से अधिक वारंट तिथि से पहले इलेक्ट्रानिक रूप से तामील किए गए। इनकी मॉनीटरिंग के लिए सभी जिलों में सेल गठित किए जा चुके हैं। डिजिटल इन्वेस्टिगेशन केलिए टेबलेट्स और लाइव स्कैनर थानों को उपलब्ध कराए जा रहे हैं। बैठक में डिजिटल धोखाधड़ी, डेटा चोरी जैसे सायबर अपराधों के बारे में जागरूकता के लिए की गई पहल की भी जानकारी दी गई।   recent visitors 27

मुख्यमंत्री के निर्देश के झोलाछाप डॉक्टरों पर हो सख्त कार्रवाई, फर्जी डॉक्टर्स को ढूंढने चलेगा

भोपाल मध्य प्रदेश के दमोह में फर्जी डॉक्टर्स द्वारा मरीजों के ऑपरेशन करने और उससे हुई मौतों के बाद अब सरकार सख्त कदम उठाने जा रही है मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि प्रदेश में कोई भी फर्जी डॉक्टर प्रेक्टिस नहीं कर सके ऐसे डॉक्टर्स को पता लगाकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। दमोह के मिशन हॉस्पिटल में फर्जी डॉक्टर्स द्वारा ऑपरेशन कर मरीजों की जान से खिलवाड़ करने का मामला सामने आने के बाद से जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी से लेकर भोपाल में बैठे स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारी तक सवालों के घेरे में हैं , मामला उजागर होने के बाद सीएमएचओ ने डॉक्टर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है उधर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने भी सख्त तेवर दिखाए हैं। दमोह की घटना के बाद सीएम डॉ मोहन यादव सख्त   मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने आज मीडिया से बात करते हुए कहा कि दमोह में जो मामला सामने आया है उसमें सरकार सख्ती से कार्रवाई कर रही है, उन्होंने कहा कि प्रदेश में किसी को भी गलत और गैर क़ानूनी काम करने की इजाजत नहीं है सरकार इसके सख्त खिलाफ है। प्रेक्टिस कर रहे फर्जी डॉक्टर्स का पता लगाने के निर्देश मुख्यमंत्री ने कहा कि मैंने दमोह की घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए हैं कि पूरे प्रदेश में कहीं भी इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए, अधिकरियों को निर्देश दिए हैं कि यदि किसी भी जिले में इस तरह के फर्जी डॉक्टर मिलते हैं तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाये । recent visitors 32

भोपाल में राज्य सेवा के अधिकारियों के संयुक्त आधारभूत प्रशिक्षण कार्यक्रम का CM डॉ मोहन ने किया शुभारंभ

भोपाल  मध्य प्रदेश के भोपाल में सीएम डॉ मोहन यादव ने राज्य सेवा के अधिकारियों के संयुक्त आधारभूत प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि शिक्षण से व्यक्ति और प्रशिक्षण से व्यक्तित्व बनता है। शिक्षण-प्रशिक्षण का महत्व बहुत महत्वपूर्ण है। सोमवार को मुख्यमंत्री डॉ मोहन ने राज्य सेवा के अधिकारियों के संयुक्त आधारभूत प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षण से व्यक्ति बनता है। प्रशिक्षण से व्यक्तित्व बनता है। शिक्षण हुआ है प्रशिक्षण की शुरुआत हो रही है। शिक्षण-प्रशिक्षण का महत्व बहुत महत्वपूर्ण है। परिवार में, मित्रों के बीच व्यवहार की परीक्षा होगी। परीक्षा का दौर सतत चलता रहेगा। आप समझें हम हैं क्या, हम कर क्या रहे हैं। जल से बर्फ बनता है तो जल नहीं रह जाता है। बर्फ पिघला तब जल बनता है। दोनों के गुणधर्म अलग-अलग हैं। उन्होंने कहा कि आपका अब नया अध्याय है। अब आप जल से बर्फ बनने जा रहे हैं। सबसे पहले खुद को खुद से जानें, आपकी नौकरी की आयु निश्चित है, लेकिन पारिवारिक रिश्तों की कोई आयु नहीं है। ये समझना जरूरी है। सभी बातों का निचोड़ हमें ही निकालना है। दक्षता से अपने काम को निभाना है। आउट ऑफ बॉक्स सोचने की आदत डालें। हम हर पांच साल में परीक्षा देकर आते हैं। आप 35 साल तक रहेंगे। इस कार्यक्रम में 25 डिप्टी कलेक्टर, 22 डीएसपी और 36 नायब तहसीलदार प्रशिक्षण शामिल हुए है। आपको बता दें कि राज्य सिविल सेवा अधिकारियों के 83 चयनित अफसरों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। recent visitors 33