मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चित्रकूट के भरत घाट में किया दीपदान

चित्रकूट मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि चित्रकूट केवल एक धार्मिक स्थल ही नहीं, हमारी सनातन संस्कृति, सामाजिक और राष्ट्रीय चेतना का जीवंत केंद्र है। यह परमधाम मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की तपोस्थली है, जहां भगवान श्रीराम, माता जानकी और भैया लखन के साथ सदा सर्वदा निवास करते हैं। रामनवमीं के दिन मैं तपोभूमि चित्रकूट में आकर धन्य हो गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रविवार को श्रीराम प्राकट्य पर्व एवं चित्रकूट गौरव दिवस कार्यक्रम में दीपदान किया। उन्होंने मां मंदाकिनी की पूजा-अर्चना भी की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंदाकिनी के तट पर भरत घाट में आयोजित कार्यक्रम में कहा कि आज का दिन सौभाग्यशाली है। आज पवित्र नौवीं तिथि है और कामतानाथ जी की नगरी चित्रकूट अपना गौरव दिवस मना रही है। चित्रकूट के घाटों पर असंख्य दीपदान की अलौकिक छटा दिख रही है। भरत घाट, कामदगिरि पर्वत, कामतानाथ स्वामी मंदिर के साथ चित्रकूट के सभी मंदिरों और घर-घर एवं गली, मोहल्लों, रास्तों में दीपमालाओं की अनुपम छटा देखते ही बन रही है। उन्होंने नगर वासियों को रामनवमीं एवं चित्रकूट गौरव दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि चित्रकूट में सद्गुरु सेवा ट्रस्ट, दीनदयाल शोध संस्थान के द्वारा पीड़ित मानवता की सेवा के लिए नाना जी के संकल्पों को पूरा किए जाने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में 19 धार्मिक स्थलों में एक अप्रैल से शराबबंदी लागू कर दी गई है, जिससे हमारे देव स्थानों में विकृतियां न पनपें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश विकास की ओर अग्रसर है। सर्वसम्मति से जो भी निर्णय हो रहे हैं उसे पूरा देश स्वीकार करता है। उन्होंने कहा कि गरीब मुस्लिम भाई-बहनों के लिए संसद में चर्चा व विचार-विमर्श के बाद वक्फ संशोधन विधेयक को स्वीकृति मिली है जो हमारे लोकतंत्र की खूबी को दिखा रहा है। उन्होंने कहा कि सभी प्रदेशवासी त्यौहार में शुभ संकल्प लें और प्रदेश के विकास के लिए समवेत हों। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चित्रकूट के गौरव दिवस पर कलाकारों का सम्मान किया। कार्यक्रम स्थल पहुंचने पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव का अंग वस्त्रम पहनाकर स्वागत किया गया। सांसद सतना गणेश सिंह ने स्वागत उद्बोधन में कहा कि यह परम सौभाग्य है कि चित्रकूट की पावन धरा में श्रीराम के प्राकट्य पर्व और चित्रकूट गौरव दिवस के आयोजन में मुख्यमंत्री जी का आगमन हुआ है। 11 लाख दीपों से धर्मनगरी जगमगा उठी गौरव दिवस पर मां मंदाकिनी के भरत घाट सहित चित्रकूट में 11 लाख दीपों से धर्मनगरी जगमगा उठी। इस अवसर पर रंगोली बनाकर लोगों ने अपने उत्साह का परिचय दिया। चित्रकूट गौरव दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में विदेशी पर्यटकों ने भी उत्साह से भाग लिया। कार्यक्रम में नगरीय विकास राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी, विधायक चित्रकूट सुरेंद्र सिंह गहरवार, डीआरआई के संगठन सचिव अभय महाजन, पद्मसे सम्मानित बीके जैन, कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस, पुलिस अधीक्षक आशुतोष गुप्ता, प्रबल श्रीवास्तव सहित जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी तथा बड़ी संख्या में शहरवासी, श्रद्धालु व आमजन उपस्थित रहे। चित्रकूट के गौरव दिवस पर पहुंची दो महिला रशियन पर्यटक श्रीराम प्राकट्य पर्व और चित्रकूट के गौरव दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में दो महिला रशियन पर्यटक नेली और नताल्या भी पहुंची। उन्होंने चित्रकूट की धर्मनगरी में आयोजित कार्यक्रम को भव्य और उत्साहजनक बताया। उन्होंने कहा कि चित्रकूट की धर्मनगरी में रामनवमीं के दिन यह आना सौभाग्यशाली रहा। भगवान कामतानाथ के किये दर्शन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चित्रकूट में भगवान कामतानाथ के प्राचीन मुखारबिंद के दर्शन कर आरती की। उन्होंने भगवान कामतानाथ से प्रदेश की सुख-समृद्धि और कल्याण की कामना की। इस अवसर पर नगरीय विकास राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी सांसद गणेश सिंह, विधायक चित्रकूट सुरेंद्र सिंह गहरवार, डीआरई के संगठन सचिव अभय महाजन सहित जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री से मिलकर छात्रा मनोरमा गुप्ता हुई अभिभूत मुख्यमंत्री डॉ. यादव चित्रकूट में कामतानाथ भगवान के प्राचीन मुखारविंद के दर्शन करने के बाद पूजन सामग्री दुकान में छात्रा मनोरमा से आत्मीयता से मिले। उनसे मिलकर मनोरमा खुशी से अभिभूत हो गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मनोरमा से उसकी पढ़ाई के बारे में पूछा तो उसने बताया कि वह स्कूल जाती है और खाली समय में पिताजी की दुकान में उनका हाथ बटाती हैं। मुख्यमंत्री ने मनोरमा के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।   recent visitors 25

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य स्तरीय शिखर खेल पुरस्कार-2023 के विजेताओं को दी बधाई

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य स्तरीय शिखर खेल पुरस्कार-2023 के अंतर्गत विक्रम, एकलव्य, विश्वामित्र एवं लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार प्राप्त करने वाले मध्यप्रदेश के सभी प्रतिभावान खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और खेल हस्तियों को हार्दिक बधाई दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इन पुरस्कारों के माध्यम से उन व्यक्तित्वों को सम्मानित किया जा रहा है, जिन्होंने अथक परिश्रम, दृढ़ संकल्प और अनुशासन से न केवल प्रदेश का नाम रोशन किया है, बल्कि भारतवर्ष की प्रतिष्ठा में भी वृद्धि की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभी खिलाड़ियों एवं प्रशिक्षकों की उत्कृष्ट उपलब्धियां हम सबके लिए गर्व का विषय हैं। यह सम्मान खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों के कठिन परिश्रम, साधना और समर्पण का प्रतिफल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोशल मीडिया 'एक्स' पर सभी अवार्डियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे इसी प्रकार अपने क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ते रहें, नई ऊंचाइयों को छुएं और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनें। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खेलों के प्रति उत्साह बढ़ाने और नई खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने की दिशा में हम तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।   recent visitors 30

मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने दतिया में पीतांबरा माई के दर्शन कर पूजा-अर्चना की

 दतिया मुख्यमंत्री मोहन यादव आज दतिया पहुंचे, जहां उन्होंने पीतांबरा पीठ में मां पीतांबरा के दर्शन किए और पूजा-अर्चना की। दर्शन के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने प्रदेश की 19 धार्मिक नगरियों में शराबबंदी का जो संकल्प लिया था वह अब साकार हो चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये निर्णय एक अप्रैल से प्रभावी हो चुका है और वह इसे मां पीतांबरा का आशीर्वाद मानते हैं। उन्होंने कहा कि धार्मिक आस्थाओं का सम्मान करते हुए प्रदेश सरकार ने ये बड़ा कदम उठाया है और भविष्य में भी भाजपा सरकार इसी तरह जनहित में फैसले लेती रहेगी। उन्होंने बताया कि धार्मिक नगरी दतिया सहित अन्य स्थानों को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने का भी निर्णय लिया गया है, ताकि आस्था के साथ-साथ रोजगार और विकास को भी बढ़ावा मिल सके। ये माई का आशीर्वाद ही है कि 19 धार्मिक नगरियों में शराबबंदी संभव हो सकी प्रदेश की बेहतरी के लिए कई बड़े फैसले लिए गए हैं और ये सिलसिला आगे भी जारी रहेगा। इस दौरान उनके साथ पूर्व गृह मंत्री डॉक्टर नरोत्तम मिश्रा साथ रहे। इसके बाद वह पीतांबरा पीठ ट्रस्ट की अध्यक्ष और राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया से मुलाकात करने पहुंचे। यहां से वह स्टेडियम ग्राउंड के लिए रवाना हुए। सीएम यहां वह माता के दर्शन और पूजन के बाद स्टेडियम ग्राउंड में शराबबंदी पर आयोजित धन्यवाद सभा को संबोधित कर रहे हैं। कार्यक्रम के बाद वे सड़क मार्ग से एयरपोर्ट जाएंगे और भोपाल के लिए रवाना हुए। recent visitors 37

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पं. माखनलाल चतुर्वेदी की जयंती पर किया नमन

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के गौरव और हिन्दी पत्रकारिता के पुरोधा, राष्ट्रकवि पं. माखनलाल चतुर्वेदी की जयंती पर उन्हें नमन किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उनकी लेखनी ने भारतीय स्वाधीनता आंदोलन को नई ऊर्जा दी और राष्ट्रभक्ति की भावना को सशक्त किया। पुष्प की अभिलाषा, सिपाही, सागर खड़ा बेड़ियाँ तोड़े… जैसी उनकी अनेक कालजयी कृतियां भावी पीढ़ियों को त्याग एवं देशभक्ति के लिए अनुप्रेरित करती रहेंगी। पं. माखनलाल चतुर्वेदी का जन्म 4 अप्रैल 1889 को बाबई (नर्मदापुरम) में हुआ, जिसे अब उनके नाम पर माखननगर के नाम से जाना जाता है। पं माखनलाल चतुर्वेदी “कर्मवीर” और “प्रभा” के प्रतापी संपादक तथा राष्ट्रीय काव्यधारा के उन्नायक रहे। उन्हें सागर विश्वविद्यालय से वर्ष 1959 में डी.लिट. की मानद उपाधि से विभूषित किया है। इसके साथ ही वर्ष 1955 में काव्य संग्रह हिमतरंगिणी के लिए “साहित्य अकादमी पुरस्कार और भारत सरकार से वर्ष 1963 में उन्हें पद्मभूषण से अलंकृत किया गया। पं. चतुर्वेदी का 30 जनवरी 1968 को अवसान हुआ। भोपाल में पं माखनलाल चतुर्वेदी के नाम से राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय स्थापित है।   recent visitors 34

धार्मिक स्थानों की गरिमा बनाए रखने का प्रयास है, शराब बंदी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जन भावनाओं का ध्यान रखते हुए धार्मिक स्थानों की पवित्र गरिमा को बनाए रखने के लिये शराब बंदी का प्रयास किया है, इसके लिये शासन ने भले ही राजस्व की हानि स्वीकार की है। राज्य शासन द्वारा प्रदेश के धार्मिक शहरों में शराबबंदी का निर्णय इसी दिशा में एक कदम है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के 17 से अधिक शहरों में शराब बंदी की घोषणा कर उसे क्रियान्वित भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोपाल से दतिया रवाना होने से पहले मीडिया को जारी संदेश में यह विचार रखे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सुशासन की ओर अग्रसर हो रही हमारी सरकार पर जनता की सेवा और कल्याण के लिए पीताम्बरा माई अपना आशीर्वाद बनाए रखें-यही प्रार्थना है। recent visitors 34

वक्फ संशोधन बिल पर CM डॉ मोहन यादव का बड़ा बयान बोले – ‘लोकतंत्र के मंदिर में ऐतिहासिक निर्णय’

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 'वक्फ (संशोधन) बिल-2025’ के लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों में बहुमत से पारित होने पर देशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सभी वर्गों के हितों के प्रति संवेदनशील हैं, इसी का परिणाम है कि वक्फ (संशोधन) बिल-2025 लोकसभा और राज्यसभा में बहुमत से पारित हुआ। यह बिल वक्फ संपत्तियों के कुशल प्रबंधन, पारदर्शिता और सुरक्षा को सुनिश्चित करेगा। साथ ही इस बिल से गरीब मुस्लिम भाई-बहनों के हितों की रक्षा होगी। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश में महिलाएं निरंतर सशक्त हो रही हैं। इस दिशा में यह विधेयक मुस्लिम महिलाओं सहित संपूर्ण समाज को और अधिक सशक्त करेगा तथा उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव का मार्ग प्रशस्त होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह बिल निश्चित ही डिजिटलीकरण को बढ़ावा देकर वक्फ संपत्तियों में होने वाली वित्तीय गड़बड़ियों और अवैध कब्जों पर लगाम लगाकर राज्यों के वक्फ बोर्ड के राजस्व में वृद्धि करेगा। निश्चित रूप से 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास' के संकल्प को साकार करता यह महत्वपूर्ण कदम नए, सशक्त और विकसित भारत की ओर एक नया मील का पत्थर सिद्ध होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लोकसभा और राज्यसभा में यह बिल बहुमत से पारित हुआ। लोकतंत्र के मूल भाव के अनुसार दोनों सदनों के सम्मानीय सदस्यों के बीच विचारों का आदान-प्रदान हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अभूतपूर्व बिल के लिए प्रधानमंत्री मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री किरन रिजिजू का आभार माना। बिल से गरीब मुस्लिम भाई-बहनों के हितों की होगी रक्षा- मोहन यादव सीएम ने आगे कहा कि यह विधेयक वक्फ संपत्तियों के कुशल प्रबंधन, पारदर्शिता और सुरक्षा को सुनिश्चित करेगा। साथ ही इस बिल से गरीब मुस्लिम भाई-बहनों के हितों की रक्षा होगी।  प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश में महिलाएं निरंतर सशक्त हो रही हैं, इस दिशा में यह विधेयक मुस्लिम महिलाओं को और अधिक सशक्त करेगा और उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव का मार्ग प्रशस्त होगा। यह विधेयक निश्चित ही डिजिटलीकरण को बढ़ावा देकर वक्फ संपत्तियों में होने वाली वित्तीय गड़बड़ियों और अवैध कब्जों पर लगाम लगाकर राज्यों के वक्फ बोर्ड के राजस्व में वृद्धि करेगा। निश्चित रूप से ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ के संकल्प को साकार करता यह महत्वपूर्ण कदम नए, सशक्त और विकसित भारत की ओर एक नया मील का पत्थर सिद्ध होगा।     "लोकतंत्र के मंदिर में ऐतिहासिक निर्णय"     'वक्फ (संशोधन) बिल 2025’ लोकसभा एवं राज्यसभा दोनों सदनों में बहुमत से पारित होने पर देशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।   recent visitors 26

माध्यमिक शिक्षा मंडल की 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा परिणाम समय पर घोषित हो : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

स्कूली शिक्षा की बेहतरी के लिए किया है पिछले बजट से 3000 करोड़ रुपए अधिक का प्रावधान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने नई शिक्षा नीति-2020 के अक्षरश: पालन के दिए निर्देश माध्यमिक शिक्षा मंडल की 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा परिणाम समय पर घोषित हो प्रदेश के सभी शासकीय स्कूलों में आधारभूत संरचनाओं की उपलब्धता करें सुनिश्चित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हर बच्चे की शिक्षा, चिकित्सा और पोषण हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रदेश के हर विद्यालय में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध रहें, यह सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्कूली शिक्षा की बेहतरी के लिए हमने विगत वर्ष की तुलना में इस वर्ष 3000 करोड़ रुपए अधिक बजट का प्रावधान किया। हम अपनी शिक्षा व्यवस्था में सभी जरूरी सुधार लाने की दिशा में और अधिक मजबूती से आगे बढ़ेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्रीष्मकाल में प्रत्येक शासकीय विद्यालय में विद्यार्थियों के लिए बिजली, पंखा, स्वच्छ व शीतल पेयजल और छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग शौचालय की व्यवस्थाएं की जाएं। कोई भी शाला जर्जर हालत में न रहे। सभी विद्यार्थियों को अध्ययन के लिए एक अच्छा माहौल और प्रोत्साहन देने वाला परिवेश उपलब्ध करायें, ताकि बच्चे खुशी-खुशी विद्यालय पहुंचे। विभागीय अधिकारी कन्या छात्रावास में महिला अधिकारी की नियुक्ति, स्कूलों में मध्यान्ह भोजन के प्रबंधन पर भी विशेष ध्यान दें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था नई जरूरतों के मुताबिक सुधार लाने के लिए सांदीपनी विद्यालय (सीएम राइज स्कूल) जैसे क्रांतिकारी नवाचार किए गए हैं। उन्होंने कहा कि सांदीपनि विद्यालय देश में एक आदर्श विद्यालय (मॉडल स्कूल) बनकर उभरें, इसके लिए सभी जरूरी तैयारियां और प्रयास किए जाएं। उन्होंने अधिकारियों को शिक्षा नीति-2020 के अक्षरश: पालन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों में लागू नई शिक्षा नीति के मॉडल का अध्ययन कर कार्य योजना तैयार की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य की शिक्षा व्यवस्था को नई ऊंचाईयों तक ले जाने के लिए हमारी सरकार स्कूलों में आधारभूत संरचनाओं व सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध होकर प्रयासरत है। उन्होंने जर्जर स्कूल भवनों की मरम्मत कार्य में स्थानीय पूर्व सांसद और पूर्व विधायक, समाजसेवी संस्थाओं, पूर्व छात्रों एवं सीएसआर फंड से भी सहयोग लेने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि स्कूलों में आर्थिक या व्यवस्थागत सुधार में मदद करने वालों का सरकार सम्मान करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों को विधानसभा वार जर्जर स्कूल भवनों की जानकारी एकत्रित करने का निर्देश दिया, ताकि विद्यालयों के अधोसंरचना विकास कार्यों में विधायक निधि से भी सहयोग लिया जा सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देशित किया कि मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल की 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं के वार्षिक परिणाम समय पर घोषित किए जायें। बताया गया कि माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा इस वर्ष आगामी मई माह के प्रथम सप्ताह में ही रिजल्ट घोषित करने की तैयारी की जा रही है। नैतिक शिक्षा देने पर जोर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्राथमिक स्कूल स्तर से ही बच्चों को आदर्श पारिवारिक मूल्यों की नैतिक शिक्षा देने के लिए उचित प्रबंध करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए विद्या भारती, गायत्री परिवार और आर्ट ऑफ लिविंग जैसी संस्थाओं को प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों से जोड़ा जाए। बाल्यकाल में प्राथमिक कक्षा से ही विद्यार्थियों में संस्कारों के विकास का क्रम जारी रहना चाहिए। समिति बनाने के निर्देश मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शिक्षा में सुधार के लिए सुझावों का सरकार स्वागत करेगी। मिले सुझावों पर विचार-विमर्श के लिए विशेषज्ञों के साथ शीघ्र ही एक बैठक आयोजित की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वित्त विभाग, स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, चिकित्सा शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, रोजगारपरक व्यावसायिक शिक्षा (कौशल विकास), जनजातीय कार्य, महिला एवं बाल विकास विभाग के मंत्रीगण की एक समिति बनाकर संयुक्त बैठक आयोजित करने और शैक्षिक सुधार की कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शासकीय विद्यालयों में भोजन की उपलब्धता और गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए। साथ ही बोर्ड परीक्षा में शत-प्रतिशत रिजल्ट देने वाली स्कूलों को अपग्रेड किया जाए। बैठक में बताया गया कि प्रदेश की प्रत्येक विधानसभा में एक सांदीपनी विद्यालय (सीएम राइज) संचालित किया जा रहा है। इन स्कूलों के नवीन भवनों के निर्माण कार्य भी प्रगति पर हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सांदीपनी विद्यालय देश में ऐसे आदर्श विद्यालय बनाने हैं, जहां पढ़ाई के साथ-साथ बच्चों को खेल-कूद, कला-संस्कृति एवं छात्रों के समग्र विकास का प्रशिक्षण दिया जाए। उन्होंने कहा कि वर्तमान में सांदीपनी विद्यालयों में 145 बसें संचालित की जा रही हैं। बस संचालन में सभी नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाए और ड्रायवर-कंडक्टर के व्यवहार पर विशेष निगरानी रखी जाए। स्कूल शिक्षा विभाग और जनजाति विभाग की अंतर्गत प्रदेश में 369 संदीपनी विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं। बताया गया कि स्कूल शिक्षा विभाग की 275 और जनजातीय कार्य विभाग के 94 सांदीपनी विद्यालय शामिल हैं। 8 संदीपनी विद्यालयों भवनों का लोकार्पण हो चुका है और 10 भवन बनकर लोकार्पण के लिए तैयार हैं। जून 2025 तक 34 नए सांदीपनी विद्यालय भवनों का निर्माण पूर्ण हो जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा शिक्षकों की भर्ती और अतिशेष शिक्षकों की नियुक्ति संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान कीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शिक्षकों की स्थानांतरण प्रक्रिया में पूर्ण रूप से प्रदर्शित बरती जाए। लापरवाही करने वाले जिला शिक्षा अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। उन्होंने उज्जैन में शिक्षा विभाग के संयुक्त संचालक का रिक्त पद शीघ्र भरने के निर्देश दिये। प्रदेश में 1 अप्रैल से स्कूल खुल चुके हैं और एडमिशन पोर्टल पर अबतक 15 लाख से अधिक विद्यार्थियों का रजिस्ट्रेशन हुआ है। पहली कक्षा में बच्चों का प्रवेश घटने पर स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि शासकीय स्कूलों में नर्सरी कक्षा भी शुरू करने की आवश्यकता है, क्योंकि एक बार कोई बच्चा प्राइवेट नर्सरी स्कूल में दाखिला ले लेता है, तो फिर उसका शासकीय स्कूल में लौटना मुश्किल हो जाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्कूलों में भारत स्काउट गाइड, एनसीसी सहित विभिन्न योजनाओं की जानकारी ली और मेधावी … Read more