माध्यमिक शिक्षा मंडल की 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा परिणाम समय पर घोषित हो : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

स्कूली शिक्षा की बेहतरी के लिए किया है पिछले बजट से 3000 करोड़ रुपए अधिक का प्रावधान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने नई शिक्षा नीति-2020 के अक्षरश: पालन के दिए निर्देश माध्यमिक शिक्षा मंडल की 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा परिणाम समय पर घोषित हो प्रदेश के सभी शासकीय स्कूलों में आधारभूत संरचनाओं की उपलब्धता करें सुनिश्चित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हर बच्चे की शिक्षा, चिकित्सा और पोषण हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रदेश के हर विद्यालय में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध रहें, यह सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्कूली शिक्षा की बेहतरी के लिए हमने विगत वर्ष की तुलना में इस वर्ष 3000 करोड़ रुपए अधिक बजट का प्रावधान किया। हम अपनी शिक्षा व्यवस्था में सभी जरूरी सुधार लाने की दिशा में और अधिक मजबूती से आगे बढ़ेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्रीष्मकाल में प्रत्येक शासकीय विद्यालय में विद्यार्थियों के लिए बिजली, पंखा, स्वच्छ व शीतल पेयजल और छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग शौचालय की व्यवस्थाएं की जाएं। कोई भी शाला जर्जर हालत में न रहे। सभी विद्यार्थियों को अध्ययन के लिए एक अच्छा माहौल और प्रोत्साहन देने वाला परिवेश उपलब्ध करायें, ताकि बच्चे खुशी-खुशी विद्यालय पहुंचे। विभागीय अधिकारी कन्या छात्रावास में महिला अधिकारी की नियुक्ति, स्कूलों में मध्यान्ह भोजन के प्रबंधन पर भी विशेष ध्यान दें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था नई जरूरतों के मुताबिक सुधार लाने के लिए सांदीपनी विद्यालय (सीएम राइज स्कूल) जैसे क्रांतिकारी नवाचार किए गए हैं। उन्होंने कहा कि सांदीपनि विद्यालय देश में एक आदर्श विद्यालय (मॉडल स्कूल) बनकर उभरें, इसके लिए सभी जरूरी तैयारियां और प्रयास किए जाएं। उन्होंने अधिकारियों को शिक्षा नीति-2020 के अक्षरश: पालन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों में लागू नई शिक्षा नीति के मॉडल का अध्ययन कर कार्य योजना तैयार की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य की शिक्षा व्यवस्था को नई ऊंचाईयों तक ले जाने के लिए हमारी सरकार स्कूलों में आधारभूत संरचनाओं व सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध होकर प्रयासरत है। उन्होंने जर्जर स्कूल भवनों की मरम्मत कार्य में स्थानीय पूर्व सांसद और पूर्व विधायक, समाजसेवी संस्थाओं, पूर्व छात्रों एवं सीएसआर फंड से भी सहयोग लेने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि स्कूलों में आर्थिक या व्यवस्थागत सुधार में मदद करने वालों का सरकार सम्मान करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों को विधानसभा वार जर्जर स्कूल भवनों की जानकारी एकत्रित करने का निर्देश दिया, ताकि विद्यालयों के अधोसंरचना विकास कार्यों में विधायक निधि से भी सहयोग लिया जा सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देशित किया कि मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल की 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं के वार्षिक परिणाम समय पर घोषित किए जायें। बताया गया कि माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा इस वर्ष आगामी मई माह के प्रथम सप्ताह में ही रिजल्ट घोषित करने की तैयारी की जा रही है। नैतिक शिक्षा देने पर जोर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्राथमिक स्कूल स्तर से ही बच्चों को आदर्श पारिवारिक मूल्यों की नैतिक शिक्षा देने के लिए उचित प्रबंध करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए विद्या भारती, गायत्री परिवार और आर्ट ऑफ लिविंग जैसी संस्थाओं को प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों से जोड़ा जाए। बाल्यकाल में प्राथमिक कक्षा से ही विद्यार्थियों में संस्कारों के विकास का क्रम जारी रहना चाहिए। समिति बनाने के निर्देश मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शिक्षा में सुधार के लिए सुझावों का सरकार स्वागत करेगी। मिले सुझावों पर विचार-विमर्श के लिए विशेषज्ञों के साथ शीघ्र ही एक बैठक आयोजित की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वित्त विभाग, स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, चिकित्सा शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, रोजगारपरक व्यावसायिक शिक्षा (कौशल विकास), जनजातीय कार्य, महिला एवं बाल विकास विभाग के मंत्रीगण की एक समिति बनाकर संयुक्त बैठक आयोजित करने और शैक्षिक सुधार की कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शासकीय विद्यालयों में भोजन की उपलब्धता और गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए। साथ ही बोर्ड परीक्षा में शत-प्रतिशत रिजल्ट देने वाली स्कूलों को अपग्रेड किया जाए। बैठक में बताया गया कि प्रदेश की प्रत्येक विधानसभा में एक सांदीपनी विद्यालय (सीएम राइज) संचालित किया जा रहा है। इन स्कूलों के नवीन भवनों के निर्माण कार्य भी प्रगति पर हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सांदीपनी विद्यालय देश में ऐसे आदर्श विद्यालय बनाने हैं, जहां पढ़ाई के साथ-साथ बच्चों को खेल-कूद, कला-संस्कृति एवं छात्रों के समग्र विकास का प्रशिक्षण दिया जाए। उन्होंने कहा कि वर्तमान में सांदीपनी विद्यालयों में 145 बसें संचालित की जा रही हैं। बस संचालन में सभी नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाए और ड्रायवर-कंडक्टर के व्यवहार पर विशेष निगरानी रखी जाए। स्कूल शिक्षा विभाग और जनजाति विभाग की अंतर्गत प्रदेश में 369 संदीपनी विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं। बताया गया कि स्कूल शिक्षा विभाग की 275 और जनजातीय कार्य विभाग के 94 सांदीपनी विद्यालय शामिल हैं। 8 संदीपनी विद्यालयों भवनों का लोकार्पण हो चुका है और 10 भवन बनकर लोकार्पण के लिए तैयार हैं। जून 2025 तक 34 नए सांदीपनी विद्यालय भवनों का निर्माण पूर्ण हो जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा शिक्षकों की भर्ती और अतिशेष शिक्षकों की नियुक्ति संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान कीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शिक्षकों की स्थानांतरण प्रक्रिया में पूर्ण रूप से प्रदर्शित बरती जाए। लापरवाही करने वाले जिला शिक्षा अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। उन्होंने उज्जैन में शिक्षा विभाग के संयुक्त संचालक का रिक्त पद शीघ्र भरने के निर्देश दिये। प्रदेश में 1 अप्रैल से स्कूल खुल चुके हैं और एडमिशन पोर्टल पर अबतक 15 लाख से अधिक विद्यार्थियों का रजिस्ट्रेशन हुआ है। पहली कक्षा में बच्चों का प्रवेश घटने पर स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि शासकीय स्कूलों में नर्सरी कक्षा भी शुरू करने की आवश्यकता है, क्योंकि एक बार कोई बच्चा प्राइवेट नर्सरी स्कूल में दाखिला ले लेता है, तो फिर उसका शासकीय स्कूल में लौटना मुश्किल हो जाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्कूलों में भारत स्काउट गाइड, एनसीसी सहित विभिन्न योजनाओं की जानकारी ली और मेधावी … Read more

मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज दतिया स्थित स्टेडियम में धन्यवाद सभा में भी होंगे सम्मिलित

दतिया मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार को नवरात्रि के छठे दिन दतिया स्थित पीताम्बरा माई के दर्शन करेंगे। धार्मिक नगरों एवं ग्राम पंचायतों में शराबबंदी लागू होने के बाद किसी धार्मिक स्थल का ये मुख्यमंत्री डॉ. यादव का पहला दौरा होगा। लोकमाता अहिल्याबाई की नगरी महेश्वर में 24 जनवरी को हुई कैबिनेट में 19 धार्मिक नगरों और ग्राम पंचायतों में शराबबंदी के फैसले को मंजूरी दी गई थी। सभी 19 धार्मिक स्थलों पर एक अप्रैल से शराबबंदी लागू हो गई है। उज्जैन, ओंकारेश्वर, महेश्वर, मण्डलेश्वर, ओरछा, मैहर, चित्रकूट, दतिया, पन्ना, मण्डला, मुलताई, मंदसौर और अमरकंटक की सम्पूर्ण नगरीय सीमा में एवं सलकनपुर, कुण्डलपुर, बांदकपुर, बरमानकलां, बरमानखुर्द और लिंगा की ग्राम पंचायत सीमा में समस्त बार एवं मदिरा दुकानों को बंद किया जा चुका है। नशामुक्ति की दिशा में लिये गए मुख्यमंत्री डॉ. यादव के इस फैसले के लिए प्रदेशवासियों ने उनका आभार भी जताया था। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार सुबह दतिया पहुंचकर मां पीताम्बरा पीठ के दर्शन करेंगे और पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद प्राप्त करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव इसके बाद दतिया स्थित स्टेडियम में धन्यवाद सभा में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सुबह 9.30 बजे हेलीकॉप्टर से भोपाल से दतिया के लिए प्रस्थान करेंगे। सुबह 10.45 बजे मुख्यमंत्री दतिया पहुंचकर पीताम्बरा माई के दर्शन करेंगे। इसके बाद वे स्थानीय कार्यक्रमों में सम्मिलित होंगे। प्रधानमंत्री मोदी के 11 अप्रैल को अशोकनगर प्रस्तावित भ्रमण की तैयारियां का लेगें जायजा मुख्यमंत्री डॉ. यादव 04 अप्रैल को अशोकनगर जिले की तहसील ईसागढ़ की ग्राम पंचायत आनंदपुर स्थित आनंदपुर ट्रस्ट भी पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव दोपहर 12.40 बजे हेलीकॉप्टर से दतिया से प्रस्थान कर दोपहर 01.10 बजे आनंदपुर ट्रस्ट हेलीपेड पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव आनंदपुर ट्रस्ट में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 11 अप्रैल 2025 को प्रस्तावित भ्रमण की तैयारियों का अवलोकन करेगें। इसके बाद दोपहर 02 बजे आनंदपुर ट्रस्ट हेलीपेड से ग्वालियर के लिए प्रस्थान करेंगें।   recent visitors 50

राज्य सरकार-प्रदेशवासी और अधिकारी-कर्मचारी एकजुट-एकभाव होकर प्रगति पर हो रहे हैं अग्रसर: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

कुशल वित्तीय प्रबंधन से संभव हो रहा है, विकास के साथ औद्योगिक गतिविधियों और जन हितैषी कार्यों का विस्तार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में डबल इंजन की सरकार सुशासन के मूल भाव को कर रही साकार: मुख्यमंत्री डॉ. यादव राज्य सरकार-प्रदेशवासी और अधिकारी-कर्मचारी एकजुट-एकभाव होकर प्रगति पर हो रहे हैं अग्रसर: मुख्यमंत्री डॉ. यादव पुरानी देनदारी चुका कर विकास के विविध पैमानों पर आगे बढ़ रहा है राज्य ताप विद्युत गृहों के लिए किया गया 11.73 लाख मैट्रिक टन कोयले का भंडारण अधिकारी-कर्मचारियों के हित में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय मुख्यमंत्री ने कुशल वित्तीय प्रबंधन के संबंध में विचार व्यक्त किए भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश में डबल इंजन की सरकार जनहितैषी संकल्पों के साथ अग्रसर है। उद्योग-व्यापार से लेकर खेलों तक राज्य में विकास के नए कीर्तिमान स्थापित किए जा रहे हैं। केंद्र सरकार के मार्गदर्शन और नीति आयोग के निर्देशों के अनुरूप प्रत्येक विभाग में सुशासन के मूल भाव के साथ गतिविधियों की मॉनिटरिंग जारी है। राज्य सरकार के हर विभाग ने अपने-अपने क्षेत्र में श्रेष्ठतम कार्य करने का संकल्प लिया है। राज्य सरकार कुशल वित्तीय प्रबंधन के आधार पर अपनी पुरानी देनदारी चुका कर, नई दृष्टि से विकास के पैमानों पर आगे बढ़ रही है। विकास के साथ औद्योगिक गतिविधियों और जन हितैषी कार्यों का विस्तार इन्हीं दृढ़संकल्पों की परिणीती है। राज्य सरकार, प्रदेशवासी और अधिकारी- कर्मचारी एकजुट होकर एक भावना के साथ प्रगति पर अग्रसर हों, इसी मंशा के साथ हम आगे बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार ने इस वर्ष बजट में कोई नया टैक्स नहीं लगाया, बावजूद इसके गत वर्ष की तुलना में बजट में 16 प्रतिशत की वृद्धि की गई। कुशल वित्तीय प्रबंधन और सभी के सहयोग से सरकार हर क्षेत्र में अपने तय लक्ष्यों को प्राप्त कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया को जारी संदेश में यह विचार व्यक्त किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि राज्य सरकार ने शासकीय कर्मचारियों के हित में लगभग 10-15 वर्ष तक पुराने भत्तों की राशि बढ़ाने का निर्णय लिया है। इसके लिए वर्ष 2025-26 के बजट में राशि आवंटित की गई है, जिससे सरकार पर करीब 1500 करोड़ रुपए का व्यय भार आएगा। उन्होंने कहा कि सरकार कुशल वित्तीय प्रबंधन के आधार पर ही अपने अधिकारी-कर्मचारियों की बेहतरी का ध्यान रख पा रही है। उन्होंने कहा कि विकास और जनकल्याण के क्षेत्र में प्रदेश को प्राप्त हो रही उपलब्धियों का श्रेय अधिकारी-कर्मचारियों को जाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि पूरे देश में मध्यप्रदेश एकमात्र ऐसा राज्य है, जिसने अपनी 7-8 साल पुरानी सारी देनदारी चुकाने का कार्य किया। हमारी सरकार ने एमएसएमई और हैवी इंडस्ट्रीज सहित सभी प्रकार की इकाइयों को गत एक वर्ष में लगभग 5 हजार 225 करोड़ रुपए की राशि देने का काम किया है। हमारी सरकार नवीन पहलों के माध्यम से उद्योगों के लिए निरंतर सकारात्मक वातावरण बना रही है। राज्य सरकार विकास के लिए प्रदेश से जुड़ने वाले उद्योगों से किये गये अपने सभी संकल्पों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कुशल वित्तीय प्रबंधन के आधार पर सभी केंद्रीय कोयला कंपनियों की देनदारियों का शत-प्रतिशत भुगतान कर दिया है। जेनरेशन कंपनी के चारों ताप विद्युत गृहों के कुशल प्रबंधन के फलस्वरूप अब तक का सर्वाधिक 11.73 लाख मैट्रिक टन कोयले का भंडारण किया गया है। ताप विद्युत गृहों में उपयोग के लिए कोयला भंडारण का अग्रिम भुगतान भी सरकार की ओर से किया जा चुका है।   recent visitors 54

देश में मध्यप्रदेश एकमात्र ऐसा राज्य है, जिसने अपनी 7-8 साल पहले की सारी देनदारी चुकाने का कार्य किया: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार कुशल वित्तीय प्रबंधन के आधार पर अपनी पुरानी देनदारी चुका कर, नई दृष्टि से विकास के पैमानों पर आगे बढ़ रही है। देश में मध्यप्रदेश एकमात्र ऐसा राज्य है, जिसने अपनी 7-8 साल पहले की सारी देनदारी चुकाने का कार्य किया। हमारी सरकार ने एमएसएमई और हैवी इंडस्ट्रीज सहित सभी प्रकार की इकाइयों को गत एक वर्ष में लगभग 5 हजार 225 करोड़ की राशि देने का काम किया है। हमारी सरकार नवीन पहलों के माध्यम से उद्योगों के लिए निरंतर सकारात्मक वातावरण बना रही है। राज्य सरकार विकास के लिए प्रदेश से जुड़ने वाले उद्योगों से किये गये अपने सभी संकल्पों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरूवार को जारी संदेश में यह बात कही।   recent visitors 40

उद्योगपतियों को दिए गए इंडस्ट्री एक्सीलेंस अवार्ड, मुख्यमंत्री का उद्योग जगत ने किया अभिनंदन

प्रधानमंत्री मोदी के विकास के मॉडल पर हो रहा मध्यप्रदेश में क्रियान्वयन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव उद्योगपति समाज और सरकार दोनों के सहयोगी, सरकार उन्हें देगी पूरा प्रोत्साहन: मुख्यमंत्री डॉ. यादव उद्योगों के प्रोत्साहन के लिए प्रदेश सरकार ने दी 5 हजार 260 करोड़ की सब्सिडी राशि गत वर्ष का कोई भुगतान लंबित नहीं, वृहद और छोटे उद्योग सभी हुए लाभान्वित उद्योगपतियों को दिए गए इंडस्ट्री एक्सीलेंस अवार्ड, मुख्यमंत्री का उद्योग जगत ने किया अभिनंदन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में उद्योगों और अन्य क्षेत्रों में तीव्र विकास हो रहा है। उद्योगपति सरकारों और समाज के लिए सहयोगी हैं। वे लाखों परिवारों को रोटी, कपड़ा और मकान उपलब्ध करवाते हैं। उद्योगपतियों के योगदान को सम्मान देने के लिए समाचार संस्थान ने इंडस्ट्री एक्सीलेंस अवार्ड प्रदान कर सराहनीय कार्य किया है। अवार्ड सेरेमनी में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का उद्योग जगत द्वारा सम्मान किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में विकास के विक्रेंद्रीकृत मॉडल को अपनाते हुए विभिन्न क्षेत्रों में अच्छे परिणाम लाने के लिये बेहतर वातावरण निर्मित हुआ है। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश में उद्योगों की स्थापना और इनके माध्यम से बड़ी संख्या में युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने और सम्पूर्ण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उद्योगपति आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश बनाने में आज पूर्ण सहयोग प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को विभिन्न राष्ट्रों से जो सम्मान मिल रहा है, वह अद्वितीय हैं। रूस और यूक्रेन भले ही परस्पर लड़ते रहे, लेकिन दोनों देशों ने प्रधानमंत्री मोदी के आग्रह को मानते हुए भारत और अन्य देशों के विद्यार्थियों को संकट से निकालने में सहयोग दिया। जीवन मूल्यों के साथ विकास और परमार्थ के कार्यों को पूर्ण प्रोत्साहन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उद्योगों से राष्ट्र की प्रगति का कार्य हो रहा है। सरकारों का कार्य सिर्फ कानून व्यवस्था संभालना और बिजली, पानी की व्यवस्था करना नहीं, बल्कि जीवन मूल्यों के साथ विकास और परमार्थ के कार्यों को प्रोत्साहित करना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में जीआईएस का आयोजन अत्यंत सफल रहा। जीआईएस से सकारात्मक वातावरण बना। प्रदेश की लगभग 9 करोड़ आबादी की बेहतरी के लिए राज्य सरकार प्रोत्साहनकारी भूमिका का निर्वहन कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बीते साल हमने 5 हजार 260 करोड़ की उद्योग निवेश सब्सिडी राशि पूरी पारदर्शिता के साथ डीबीटी के जरिए निवेशकों के खातों में हस्तांतरित की। अब गत वर्ष का कोई भुगतान लंबित नहीं है। वृहद और छोटे उद्योग सभी लाभान्वित हुए हैं। राज्य सरकार ने वचनबद्धतापूर्वक यह कार्य किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जीआईएस सिर्फ एक इवेंट नहीं था, बल्कि राज्य सरकार की प्रतिबद्धता का परिचायक आयोजन भी था। उद्योगपतियों ने किया मुख्यमंत्री डॉ. यादव का अभिनंदन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का उद्योग हितैषी नीतियों को लागू करने, मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के सफलतम आयोजन के माध्यम से 30.77 लाख करोड़ के निवेश प्रस्तावों पर क्रियान्वयन और नवाचारों से सुशासन आधारित व्यवस्था को मजबूत बनाने पर उद्योग जगत की ओर से अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग राघवेन्द्र कुमार सिंह और आयुक्त जनसम्पर्क डॉ. सुदाम खाड़े भी उपस्थित थे। कार्यक्रम में सीओओ सुमित मोदी ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव का नेतृत्व ऐसा है जो असंभव कार्यों को संभव बनाता है। प्रदेश में ईज ऑफ डूईंग बिजनेस और व्यवस्थाओं में पारदर्शिता लागू कर उद्योगपतियों को आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश में सहयोगी बनाया गया है। इन्हें मिले इंडस्ट्री एक्सीलेंस अवार्ड मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारतीय स्टेट बैंक के चीफ जनरल मैनेजर चंद्रशेखर शर्मा को सम्मानित करने के अलावा जिन उद्योगपतियों को इंडस्ट्री एक्सीलेंस अवार्ड प्रदान किए उनमें एचईजी के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर मनीष गुलाटी, आयनेक्स के अनिल खेमसारा, दावत राइस के राजेंद्र, प्रिज्म सीमेंट के राजेंद्र संचेती, बालाजी पैकेजिंग ग्रुप के विकास मूंदड़ा, महाकौशल शुगर एंड पॉवर इंडस्ट्री के नवाब राजा, उदीप सोशल वेलफेयर ग्रुप की सुपूनम श्रोती, गोयल पैंट के श्याम वैभव गोयल, आईसीसी इंफ्रा के आरिफ जाफरा मंसूरी, आनंदन इंडस्ट्री के अशोक आनंद, एमके इंडस्ट्रीज के मनोज जैन, समरकूल इलेक्ट्रिकल्स एंड होम अप्लायंस के आशुतोष तनुज गुप्ता, आरआरजी इलेक्ट्रिकल के रंगाराव, भंवरदीप कॉपर के आदित्य आकाश बाफना, जेके स्टोन के जितेन्द्र जैन, सुआभा जैन, बालाजी कार्पोरेशन के त्रिलोकी अग्रवाल, स्कायलार्क प्रोटीन्स के जितेंद्र, नरेंद्र ट्रेडिंग कंपनी के प्रमोद वर्मा, अलीशा फूड्स लिमिटेड के एहसान, तिरूपति इंफ्रा के दिलीप परयानी, ओटा इलेक्ट्रिकल सर्जिकल इक्विपमेंट के भूपेंद्र, संजय प्रसाद अग्रवाल, पुनीत खुराना, संदीप पाटीदार, सुनील लड्ढा, विशाल अनिल जोशी, मनीष शाह शामिल हैं।   recent visitors 41

मध्यप्रदेश में ईवी खरीदने पर मोहन सरकार खास फायदा दे रही, पार्किंग की समस्या से मिलेगी निजात

भोपाल मध्यप्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) खरीदने पर प्रदेश की मोहन सरकार खास फायदा देने जा रही है. दरअसल, ईवी मालिकों को सरकार कार पार्किंग की विशेष सुविधा मुहैया कराएगी. ऐसे में भीड़भाड़ वाले इलाके व शहर के मार्केट में आम कारों की तुलना में ईवी पार्किंग आसान होगी और कार मालिकों को परेशान नहीं होना पड़ेगा ईवी पॉलिसी के जल्द जारी होंगे निर्देश राज्य सरकार का प्लान है कि इलेक्ट्रिक वाहनों की बाजारों की सार्वजनिक पार्किंग और रहवासी सोसायटियों में पार्किंग की अलग से व्यवस्था की जाएगी. इसके लिए नगरीय विकास व आवास विभाग जल्द ही नई ईवी पॉलिसी के तहत निर्देश करने जा रहा है. ईवी के लिए दी जा रहीं विशेष सुविधाएं प्रदेश में सार्वजनिक पार्किंग में फिलहाल महिलाओं और दिव्यांगों के वाहनों की अलग से व्यवस्था होती है. वहीं अब नगरीय विकास व आवास विभाग ईवी यानी इलेक्ट्रिक व्हीकल के लिए भी अलग से पार्किंग की व्यवस्था करेगा. ईवी पॉलिसी 2025 के तहत विभाग इसके लिए निर्देश जारी करने जा रहा है. विभाग के प्रमुख सचिव संजय शुक्ला के मुताबिक, '' ईवी पॉलिसी की अधिसूचना जारी हो चुकी है और अब जल्द ही नए निर्देश जारी किए जा रहे हैं. इसमें कई तरह के प्रावधान किए जाएंगे.'' नई ईवी पॉलिसी में ये प्रावधान     सड़क किनारे सार्वजनिक पार्किंग में ईवी के लिए 25 फीसदी पार्किंग रिजर्व की जाएगी.     बाजार, मॉल, कमर्शियल कॉम्पलेक्स आदि में इलेक्ट्रिक वाहनों की पार्किंग के लिए अलग से रिजर्व पार्किंग व्यवस्था की जाएगी.     रिजर्व स्थानों पर ईवी वाहनों के स्थान पर अन्य कोई वाहन खड़े नहीं किए जा सकेंगे.     आवासीय कॉलोनियों में भी ईवी वाहनों के लिए अलग से वाहन पार्किंग व्यवस्था की जाएगी.     सभी सरकारी दफ्तरों में भी ईवी वाहनों के लिए अलग से पार्किंग की व्यवस्था की जाएगी. मध्य प्रदेश में ईवी को बढ़ावा देना मुख्य उद्देश्य राज्य सरकार फरवरी माह में नई ईवी पॉलिसी जारी कर चुकी है. इसमें प्रदेश में ईवी वाहनों को बढ़ावा देने के लिए हर 20 किलो मीटर पर चार्जिंग स्टेशन बनाने की तैयारी की जा रही है. वहीं ई व्हीकल खरीदने के लिए इलेक्ट्रिक कारों पर 25 हजार रुपए और दो पहिया ईवी वाहनों पर 5 हजार रुपए की छूट दिए जाने का ऐलान किया गया है. recent visitors 45

मध्य प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों के लिए नया वित्तीय वर्ष दोहरी खुशियां लाया, अब 7वें वेतनमान के हिसाब से DA

भोपाल मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार ने सरकारी कर्मचारियों की झोली खुशियों से भर दी है. 01 अप्रैल से सातवें वेतनमान के अनुसार महंगाई भत्ता मिलने का आदेश जारी हुआ तो वहीं 9 साल से चली आ रही डिमांड भी पूरी हो गई. बता दें कि कर्मचारियों के प्रमोशन पर बीते 9 साल से रोक लगी थी. इस रोक को सरकार ने हटा दिया है. अब कर्मचारियों के धड़ाधड़ प्रमोशन होंगे. डीए बढ़ाने के प्रस्ताव को कैबिनेट की बैठक में मंजूरी दे दी गई. सातवें वेतनमान के हिसाब से मिलेगा डीए बता दें कि अभी तक मध्य प्रदेश में सरकारी कर्मचारियों छठे वेतनमान के अनुसार महंगाई भत्ता मिल रहा था. वहीं, केंद्र सरकार ने अपने कर्मचारियों को सातवें वेतनमान के हिसाब से महंगाई भत्ता देना शुरू कर दिया था. इससे मध्यप्रदेश के सरकारी कर्मचारियों में सरकार के प्रति रोष पनप रहा था. कर्मचारियों की मांग को देखते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सभी सरकारी कर्मचारियों को 01 अप्रैल से सातवें वेतनमान के हिसाब से महंगाई भत्ता देने का फैसला लिया है. कुछ दिनों पहले हुई कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई. अब अप्रैल माह की सैलरी बढ़ी हुई मिलेगी. कर्मचारियों के अब होंगे धड़ाधड़ प्रमोशन ज्ञात हो कि मध्यप्रदेश में साल 2016 से सभी सरकारी विभागों में कर्मचारियों के प्रमोशन पर रोक लगी हुई थी. इस दौरान 9 साल बीत गए. कर्मचारियों ने इस रोक को हटाने के लिए कई बार आंदोलन किए. लेकिन सरकार ने रोक नहीं हटाई. सैकड़ों कर्मचारी प्रमोशन की बाट जोहते-जोहते रिटायर्ड हो चुके हैं. कर्मचारियों की बढ़ती नाराजगी को देखते हुए अब प्रमोशन पर रोक हटा ली गई है. कुछ दिन पहले हुए कैबिनेट की बैठक में इस बारे में निर्णय लिया गया. इससे कर्मचारियों में खुशी की लहर है. केंद्र के बराबर महंगाई भत्ता क्यों नहीं दिया मध्यप्रदेश तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के प्रदेश महामंत्री उमाशंकर तिवारी का कहना है "कर्मचारियों को ₹200 वाहन भत्ता पिछले 13 साल से मिल रहा था, जिसे बढ़ाकर 384 किया गया है, जबकि केंद्र सरकार के कर्मचारियों को सातवें वेतनमान में 1800 रुपए वाहन भत्ता, अब 55% महंगाई भत्ते के साथ 2790 प्राप्त होंगे. 3 साल बाद मिले भत्ते भी बहुत कम हैं. बढ़े हुए मकान भाड़ा भत्ते में झुग्गी भी नहीं मिलेगी किराए पर. खुशी तो हुई है लेकिन कटौती स्वीकार्य नहीं." खुशी तो है लेकिन अभी कसक बकाया है केंद्रीय कर्मचारी समन्वय समिति के महासचिव यशवंत पुरोहित ने कहा "केंद्र सरकार ने दो प्रतिशत महंगाई भत्ता और महंगाई राहत में बढ़ोतरी की है. इसके लिए हम सरकार का स्वागत करते हैं. लेकिन सरकार कर्मचारियों के महंगाई राहत भत्ते में निरंतर कटौती कर रही है. इसके पहले भी 4 प्रतिशत देने के बजाय सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों का केवल 3 प्रतिशत डीए और डीआर बढ़ाया था. अब एक बार फिर कर्मचारी और पेंशनर को निराशा हाथ लगी है." recent visitors 53