मुख्यमंत्री ने जामसांवली में की चमत्कारिक हनुमानजी की पूजा-अर्चना

प्रदेश में हो रहा है तेजी से विकास : मुख्यमंत्री डॉ.यादव मुख्यमंत्री ने जामसांवली में की चमत्कारिक हनुमानजी की पूजा-अर्चना भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल निर्देशन में सभी क्षेत्रों में विकास के कार्य तेजी से हो रहे है। विकास के कीर्तिमान स्थापित हुये हैं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जामसांवली सहित प्रदेश में 13 अलग-अलग लोक के निर्माण कार्य से धार्मिक एवं पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा। हनुमान लोक का प्रथम चरण का कार्य मई तक पूर्ण करने का लक्ष्य है और द्वितीय चरण में शीघ्र ही हनुमान लोक के विकास के कार्य होंगे। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में प्रत्येक वर्ग के कल्याण के कदम उठाए गए हैं। पांढुर्णा में सभी विकास कार्य होंगे, जिससे जिले में औद्योगिक विकास होगा और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुड़ी पडवा (नये विक्रम संवत) की शुभकामनाएँ देते हुये कहा कि नये साल में पांढ़ुर्णा के विकास को प्राथमिकता से किया जाएगा। । मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को पांढुर्ना में चमत्कारिक हनुमानजी के मंदिर परिसर जामसांवली में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। सभी वर्गों के कल्याण के लिये प्रतिबद्ध सरकार : मुख्यमंत्री डॉ.यादव मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में लगातार विकास हो रहे हैं और सभी वर्गों के कल्याण के लिये सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि किसान, युवा, महिला और गरीबों के लिये सरकार प्राथमिकता से कार्य कर रही है। इस बार किसानों से 2600 रूपये प्रति क्विंटल गेहूं खरीदी जायेगी। साथ ही धान उत्पादन पर भी प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। युवाओं को अधिक से अधिक संख्या में रोजगार देने का लक्ष्य है। लोकसेवा आयोग की परीक्षाएं जो रुकी थीं, वे सभी हो रही हैं। इसी प्रकार गरीबों के हित लिये भी लगातार कार्य किये जा रहे हैं। चमत्कारिक हनुमानजी का किया पूजन-अर्चन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जामसांवली में चमत्कारिक हनुमानजी का पूजन-अर्चन कर प्रदेश के कल्याण एवं सुख-समृद्धि की प्रार्थना की। उन्होंने कन्या-पूजन कर सभा को संबोधित किया। इस अवसर पर सांसद विवेक बंटी साहू, विधायक कमलेश शाह, पूर्व विधायक नाना भाउ मोहोड़, कलेक्टर अजय देव शर्मा, एसपी सुंदर सिंह कनेश, मंदिर ट्रस्ट कमेटी के अध्यक्ष गोपाल शर्मा, पं. रमेश दुबे, संतोष जैन, नरेन्द्र परमार सहित अन्य गणमान्य नागरिक सहित अन्य अधिकारी और आम जन उपस्थित थे।   recent visitors 33

मुख्यमंत्री ने दी विश्व जल दिवस की शुभकामनाएं

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विश्व जल दिवस पर सभी प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोशल मीडिया 'एक्स' पर सभी से जल संरक्षण के लिए संकल्प लेने का आव्हान किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जल से ही हमारा कल सुरक्षित है। यह प्रकृति का अमूल्य उपहार है, जिसका संरक्षण और संवर्धन करना हम सभी की जिम्मेदारी है। आइए, हम सब मिलकर जल संसाधनों की सुरक्षा का संकल्प लें और एक समृद्ध भविष्य की ओर कदम बढ़ाएं। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से जल बचाने के लिए जागरूक रहने और जल संरक्षण के सभी उपाय अपनाने की अपील की है। जल संकट की गंभीरता को उजागर करने और इसके संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिये प्रत्येक वर्ष 22 मार्च को विश्व जल दिवस मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार भी इस वर्ष आगामी 30 मार्च से जल गंगा संवर्धन अभियान प्रारंभ करने जा रही है। जल संरक्षण में जन सहभागिता बढ़ाने और अधिकाधिक जल संरचनाओं के निर्माण की मूल मंशा से जुड़ा यह अभियान (लगातार 90 दिनों तक संचालित होकर) 30 जून 2025 तक चलेगा। इस अवधि में जल बचाने के लिए कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।   recent visitors 36

CM मोहन यादव की सुरक्षा में चूक, जांच करने करीला पहुंचे भोपाल आईजी

अशोकनगर  रंग पंचमी के मौके पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव मां जानकी के दर्शन करने करीला धाम पहुंचे थे. इस दौरान मुख्यमंत्री की सुरक्षा में बड़ी चूक हो गई. दरअसल, मोहन यादव जब सीढ़ियों से जा रहे थे, तभी अचानक से वीआईपी रास्ते की सीढ़ियां टूट गईं. इससे मुख्यमंत्री मोहन यादव गिरते-गिरते बचे, उन्हें उनकी सुरक्षा में तैनात जवानों ने संभाल लिया. वहीं, अब इस मामले को गंभीरता से लेते हुए एक जांच दल भोपाल से करीला पहुंचा. भोपाल आईजी जांच करने पहुंचे करीला जांच अधिकारी के रूप में भोपाल आईजी अंशुमन यादव करीला धाम पहुंचे. जहां उन्होंने घंटों रुककर हादसे के कारणों की जांच की. वहीं ग्वालियर आईजी अरविंद सक्सेना, अशोकनगर एसपी विनीत जैन समेत अन्य अधिकारियों से उन्होंने लंबी चर्चा की. सीढ़ियों का गिरना गंभीर मामला जांच के बाद भोपाल आईजी अंशुमन यादव ने कहा, " यह सुरक्षा से जुड़ा मामला है इसलिए यहां जांच के लिए आए हैं. विस्तार से मामले की जांच की जा रही है. " मेला समाप्त होने के बाद जांच अधिकारियों के पहुंचने से साफ है कि प्रशासन इस मामले को काफी गंभीरता से ले रहा है. सीढ़ियों पर भीड़ होने से हुआ हादसा प्रदेश के मुखिया मोहन यादव मां जानकी के दर्शन करने के लिए करीला धाम पहुंचे थे. जहां मंदिर से दर्शन करने के बाद वे लोहे की सीढ़ियों से नीचे उतर रहे थे. तभी सीढ़ियां टूट गईं थीं और मोहन यादव गिरने से बाल-बाल बचे थे. हादसे का कारण सीढ़ियों पर अधिक लोगों का पहुंचना बताया जा रहा है. बता दें कि यह सीढ़ियां लगभग 15 साल पुरानी थी, जो वेल्डिंग के से तैयार की गई थी. संभवत: वेल्डिंग उखड़ जाने के कारण ये घटना घटी. recent visitors 55

हमारा जीवन वनों से ही संभव है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

हमारा जीवन वनों से ही संभव है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्व वानिकी दिवस पर वन संरक्षण और पौधे रोपने का संकल्प लेने का प्रदेशवासियों से किया आह्वान भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमारा जीवन वनों से ही संभव है, प्रदेश की वनभूमि जैव विविधता और हरियाली से परिपूर्ण है, यह शुद्ध हवा के लिए पृथ्वी के फेफड़ों के सामान है। यह असंख्य वन्य जीवों का आश्रय स्थल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार को 'विश्व वानिकी दिवस' पर वनों के संरक्षण की प्रतिबद्धता दोहराते हुए प्रदेशवासियों से वनों के संरक्षण और उनके संवर्धन का आह्वान किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पर्यावरण को स्वच्छ बनाए रखने के लिए अधिक से अधिक पौधे रोपने का संकल्प लेने का भी प्रदेशवासियों से आव्हान किया।   recent visitors 60

राज्यों के नदी विवादों को सुलझाकर नदी जोड़ो परियोजनाएँ हुई प्रारंभ: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्रदेश में हो रहा है हर खेत तक पानी पहुंचाने का भागीरथी कार्य: मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश में तेज गति से हो रहा विकास राज्यों के नदी विवादों को सुलझाकर नदी जोड़ो परियोजनाएँ हुई प्रारंभ मुख्यमंत्री ने तराना में नर्मदा-क्षिप्रा माइक्रो-उद्वहन सिंचाई परियोजना का किया लोकार्पण परियोजना के शुभारंभ के साथ ही 30 हजार हेक्टेयर क्षेत्र को मिलेगा पानी प्रदेश में किसानों के कल्याण के लिए निरंतर हो रहे है कार्य आने वाले समय में लोकसभा एवं विधानसभा में महिलाओं को मिलेगा 33% आरक्षण उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में नदी जोड़ो अभियान के माध्यम से हर खेत तक पानी पहुंचाने का भागीरथी कार्य किया जा रहा है। यह मध्यप्रदेश के लिए गौरव की बात है कि केन-बेतवा और पार्वती-कालीसिंध-चंबल जैसी दो बहुउद्देशीय बड़ी नदी जोड़ो परियोजनाओं का श्रीगणेश हुआ है। आज नर्मदा-क्षिप्रा बहुउद्देशीय माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना से नर्मदा का जल तराना में आया है। सूखे खेतों में पानी पहुंचेगा तो सोने जैसी फसलें लहलहाएंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव 2 हजार 489 करोड़ 65 लाख रूपये की नर्मदा-क्षिप्रा बहुउद्देश्य माइक्रो बहुउद्देशीय परियोजना के लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे। समारोह को उज्जैन जिला प्रभारी एवं कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल, अखाड़ा परिषद के महामंत्री हरिगिरी महाराज, सांसद अनिल फिरोजिया ने भी संबोधित किया। इसमें शाजापुर विधायक अरूण भीमावद, तराना विधायक महेश परमार सहित क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में मौजूद थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने तराना में जल संसाधन विभाग के 9.64 करोड़ रूपये लागत के इंदौर हाई लेवल ब्रिज, 5 करोड़ 73 की लागत के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तथा 5 करोड़ 21 लाख रूपये लागत की 11 नल जल परियोजनाओं का लोकार्पण किया। उन्होंने 7 करोड़ 15 लाख रूपये लागत के उप-स्वास्थ्य केंद्र के नवीन भवन तथा समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत ग्राम कडेरी में हाई स्कूल भवन निर्माण का भूमि-पूजन भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश में तेज गति से विकास हो रहा है। भारत आज विश्व में सबसे सशक्त देश बनकर उभरा है। भारत की आज पूरी दुनिया में कीर्ति है, सम्मान है। हर क्षेत्र में हम तरक्की कर रहे हैं। रक्षा क्षेत्र में आज हमारे पास सबसे आधुनिक हथियार और उपकरण हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश नदियों का मायका है, यहां 250 से अधिक नदियां है। प्रधानमंत्री मोदी ने वर्षों से विभिन्न राज्यों के बीच चल रहे नदी विवादों को सुलझा कर नदी जोड़ो परियोजनाओं का कार्य प्रारंभ किया है। पार्वती-कालीसिंध- चंबल (पीकेसी) परियोजना को लेकर मध्यप्रदेश और राजस्थान में 20 वर्षों से विवाद चल रहा था। अब विवाद समाप्त हो गया है और परियोजना मूर्त रूप ले रही है। इसी प्रकार उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश राज्यों में सहमति के बाद केन-बेतवा लिंक परियोजना पर कार्य प्रारंभ हो गया है। इन सभी परियोजनाओं से प्रदेश में हर खेत तक पानी पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार किसानों के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि और मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना में किसानों को प्रतिवर्ष 12000 रूपए की राशि दी जाती है। हमारी सरकार इस वर्ष से 2600 रूपए प्रति क्विंटल की दर से गेहूं का उपार्जन कर रही है। किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से सरकार पशुपालन को भी बढ़ावा दे रही है। सरकार ने 10 गाय पालने वालों को भी अनुदान राशि और दुग्ध उत्पादकों को 5 रूपये प्रति लीटर अनुदान देने का निर्णय लिया है। हमारा उद्देश्य दुग्ध उत्पादन में राज्य को नंबर वन बनाना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नारी सशक्तिकरण हमारी प्राथमिकता है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार ने आने वाले समय में लोकसभा एवं विधानसभा में महिलाओं को 33% आरक्षण देने का निर्णय लिया है। इसके लिए वर्ष 2029 तक इतनी अतिरिक्त सीटें बढ़ाई जाएगी। स्थानीय निकाय चुनाव में प्रदेश में महिलाओं को 50% तथा नौकरियों में 35% आरक्षण दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री लाड़ली बहना जैसी योजनाएं महिलाओं के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध हुई हैं। अब सरकार ने निर्णय लिया है कि रेडीमेड गारमेंट्स उद्योग में काम करने वाली महिलाओं को 5000 रूपये प्रति महीना इंसेंटिव दिया जाएगा। महिलाओं को रेडीमेड गारमेंट्स का प्रशिक्षण देने के लिए प्रशिक्षण केंद्र भी खोले जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार हर हाथ को काम देगी। हर युवा को उसकी योग्यता के अनुसार रोजगार मिलेगा। हम 1 वर्ष में लगभग 01 लाख सरकारी पदों पर भर्ती करने जा रहे हैं। पुलिस एवं स्वास्थ्य विभाग में बड़ी संख्या में भर्ती की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हजारों साल से सत्ता, धर्म सत्ता के अधीन चलती है। यह संस्कृति सनातन संस्कृति के नाम से जानी जाती है। राजा, महाराजा, सम्राट सब धर्म आधारित समाज के अधीन है। हमारी संस्कृति भगवान श्रीराम एवं श्रीकृष्ण के नाम से जानी जाती है। भगवान राम ने हमारे प्रदेश के चित्रकूट धाम में 11 साल व्यतीत किये। चित्रकूट धाम को हम अयोध्या की तरह विकसित करेंगे। इसी तरह भगवान श्रीकृष्ण की प्रदेश के विभिन्न स्थानों, जहां-जहां लीलाएं हुई है, उन्हें हम तीर्थ के रूप में विकसित करेंगे। सिंहस्थ-2028 के लिए सभी व्यवस्थाएं करते हुए सुनिश्चित करेंगे कि साधु-संतों एवं श्रृद्धालुओं को किसी प्रकार का कष्ट न हो। नर्मदा-क्षिप्रा माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना के मुख्य बिंदु नर्मदा-क्षिप्रा बहुउद्देशीय माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना से क्षेत्र के कुल 100 ग्रामों की 30 हजार 218 हेक्टेयर भूमि में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। इससे उज्जैन जिले की दो तहसीलों तराना एवं घटिया के कुल 83 ग्रामों की 27 हजार 490 हेक्टेयर तथा शाजापुर जिले की शाजापुर तहसील के कुल 17 ग्रामों की 2728 हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी। परियोजना का कुल कमाण्ड क्षेत्र 30 हजार 218 हेक्टेयर है। परियोजना अंतर्गत ओंकारेश्वर जलाशय से (जिला खंडवा के ग्राम बड़ेल के समीप) 03 मीटर व्यास की पाईप लाईन से 15 घन मीटर प्रति सेकण्ड की दर से 435 मीटर की ऊंचाई तक जल उद्वहन किया जायेगा। परियोजना की मुख्य पाईप लाईन की कुल लंबाई 200 किलोमीटर है। जल उद्वहन के लिये 06 पंपिंग स्टेशन में कुल 50 पंप मोटर्स … Read more

समना विकासखण्ड को तहसील बनाया जायेगा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि वीरांगना रानी अवंती बाई के अद्भुत साहस और पराक्रम को देखकर अंग्रेज दहशत में रहते थे। उनके बलिदान दिवस पर नमन कर हम सभी उन्हें कृतज्ञता पूर्वक स्मरण कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने डिंडौरी में वीरांगना रानी अवंती बाई के बलिदान दिवस पर डिंडौरी में बालपुर स्थित समाधि स्थल पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रृद्धा सुमन अर्पित किये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महान व्यक्तित्व के धनी अल्पायु में ही ऐसे काम कर जाते हैं, जिससे कि वे सदैव इतिहास में स्मरण किये जाते है। उन्होंने बताया कि अवंती का अर्थ है, 'जिसका कभी अंत न हो।' वीरांगना रानी अवंतीबाई ने अंग्रेजों की हड़प नीति के विरोध में मात्र 26 वर्ष की आयु में आजादी का झण्डा बुलंद करते हुए प्राणोत्सर्ग कर दिया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि डिंडौरी जिले का समना विकासखंड को तहसील बनाया जायेगा। मुख्यमत्री डॉ. यादव ने वीरांगना रानी अवंतीबाई के शौर्य और पराक्रम का पुण्य स्मरण करते हुए कहा कि यह वीरांगनाओं और वीरों की धरती है।यहाँ रानी दुर्गावती, झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई, देवी अहिल्याबाई, राजा रघुनाथशाह एवं कुंवर शंकरशाह जैसे महान व्यक्तित्व जन्मे हैं। रानी लक्ष्मीबाई, रानी अवंती बाई और राजा रघुनाथ शाह एवं कुंवर शंकरशाह ने अपने सीमित संसाधनों से देश व स्वाभिमान के लिये अंग्रेजी शासन के खिलाफ जमकर लोहा लिया। उन्होंने तात्कालिक समय में कठिन परिस्थतियों में सिर्फ आत्म सम्मान, राष्ट्रभक्ति को लेकर समाज को एक नई दिशा दी। रानी अवंती बाई का चरित्र से हमें सीख मिलती है कि डलहौजी की हडप नीति के विरोध में उन्होंने अपनी शासन की रक्षा की।उनके इस योगदान के कारण लोधी समाज सहित सम्पूर्ण समाज रानी अवंती बाई को पूजता है। महापुरूषों की गौरव गाथा स्वर्णिम अक्षरों में लिखी जाएगी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में देश के स्वतंत्रता संग्राम में आहूति देने वाले महान लोगों की गौरव गाथा को स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जा रहा है। ऐसे महापुरूषों की गौरव गाथाओं को समाज की अगली पीढ़ी तक पहुंचाया जाएगा ताकि भावी पीढ़ी भी महापुरूषों की शौर्य गाथाओं से परिचित हो सकें। भगवान बिरसा मुंडा सहित अन्य वीर इस बात के प्रतीक हैं। जनजातीय समाज के लिए बिरसा मुंडा भगवान हैं। उनके जन्मदिन पर जनजाति गौरव दिवस मनाया जाता है। वीरांगना रानी दुर्गावती की योगदान याद करने के लिए जबलपुर में मध्यप्रदेश शासन की पहली केबिनेट आयोजित की। जनजातीय गौरव को ध्यान में रखते हुए खरगोन विश्वविद्यालय का नाम क्रांतिसूर्य टंटया मामा के नाम पर किया गया। किसान गरीब, युवा और महिलाओं के हित में कई बडे फैसले लिए हैं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश शासन ने किसान, गरीब, युवा और महिलाओं के हित में कई बडे फैसले लिए हैं। श्रीअन्न (मोटे अनाज) के लिए एक हजार रूपए प्रति क्विंटल, धान के लिए 4 हजार रूपए प्रति हेक्टेयर, गेंहू के लिए 2600 प्रति क्विंटल राशि हस्तांतरित करने वाले हैं। 10 से ज्यादा गौ-पालन करने के लिए अनुदान दिया जाएगा। इससे गौ-पालन और दुग्ध उत्पादन को बढावा मिलेगा। प्रदेश में औद्योगिकीकरण के लिए लगातार प्रयास जारी है। डिंडौरी में दुग्ध आधारित उद्योगों के साथ ही लघु उद्योग, मध्यम उद्योग, कुटीर उद्योग सहित सभी प्रकार के उद्योग लगाएंगे। रानी अहिल्या बाई की 300वीं जयंती वर्ष को मना रहे हैं, रानी अवंती बाई और रानी अहिल्या बाई के आदर्शों के सभी पक्षों को लेकर समाज में जा रहे हैं, जिसके आधार पर गरीब, युवा, किसान और नारी के कल्याण कार्यों को कर रहे हैं। पंचायत एवं ग्रामीण विकास कैबिनेट मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने रानी अवंती बाई की शहादत की इस पुण्य भूमि में सभी का अभिनन्दन करते हुए कहा कि रानी अवंतिबाई जैसा पराक्रम इतिहास में कम मिलता है। अंगेजों के शासनकाल में रानी अवंतीबाई ने जनमानस के लिए कर वसूली के विरुद्ध अपनी आवाज उठाई, रानी ने 26 वर्ष की उम्र में अपने पराक्रम का परिचय देते हुए, आज से 150 से अधिक वर्ष पहले बताया कि न्याय और परोपकार की भावना के साथ हम हर कार्य कर सकते है। संस्कृति और पर्यटन राज्यमंत्री धर्मेंद्र भावसिंह लोधी ने अपने सम्बोधन में कहा कि रानी अवंती बाई का पराक्रम असाधारण एवं अद्भुत है। रानी अवंती बाई ने 1857 की क्रांति में भाग लेकर अपने राज्य की रक्षा कर अंग्रेज अधिकारी वाडिंग्टन को भगाया। शहपुरा विधायक ओमप्रकाश परस्ते ने अपने सम्बोधन में रानी अवंती बाई के बलिदान की शौर्यगाथा का वर्णन किया।क्षेत्र के विकास सौगात के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार माना। डिंडौरी जिले को मिली सौगात मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मेंहदवानी से आईटीआई तक डामरीकरण का कार्य, शहपुरा में 132 केव्ही. का सब स्टेशन निर्माण, दनदना, राघो, नागदमन, गोरखपुर जलाशयों के पक्की नहरीकरण कार्य, नर्मदा तट पर सौर ऊर्जा से बिजली उत्पादन कार्य, मूसरघाट से शहडोल मार्ग, समनापुर में तहसील कार्यालय का क्रियान्वयन, गौराकन्हारी में कन्या छात्रावास, नेवसा वाटरफॉल के समीप गाजर नदी पर बांध बनाये जाने की सौगात दी। हितग्राहियों को किया हितलाभ वितरण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एमएसएमई प्रोत्साहन योजना के तहत राहुल केशरवानी को 2 करोड़ 27 लाख स्वीकृत राशि राइस मिल के लिए, सीसीएल के तहत मां नर्मदा आजीविका स्व सहायता समूह सहित 2482 स्व-सहायता समूहों को 53 करोड़ 80 लाख की राशि, पीएमएफएमई योजना के तहत अमृता, संतोषी स्व-सहायता समूह को फ्लोर मिल के लिए 7 लाख रूपए की राशि का हितलाभ वितरण मंच से किया गया। उक्त कार्यक्रम में शहपुरा विधायक ओमप्रकाश धुर्वे, डिंडौरी विधायक ओमकार सिंह मरकाम, पूर्व मंत्री जालम सिंह पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष रूद्रेश परस्ते, चमरू सिंह नेताम, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती ज्योति प्रकाश धुर्वे, तोक सिंह नरवरिया, मनोहर ठाकुर, गिरीश द्विवेदी, होशियार सिंह नरेन्द्र सिंह राजपूत, अवधराज बिलैया, पंकज तेकाम, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी भी उपस्थित रहे।   recent visitors 76

मुख्यमंत्री कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में दो दिवसीय नेशनल हैप्पीनेस सेमिनार में हुए शामिल

सबके जीवन में खुशहाली लाना ही हमारा मूल लक्ष्य: मुख्यमंत्री डॉ. यादव राज्य आनंद संस्थान एवं म.प्र. जन अभियान परिषद के बीच हुआ एम.ओ.यू. मुख्यमंत्री कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में दो दिवसीय नेशनल हैप्पीनेस सेमिनार में हुए शामिल मुख्यमंत्री ने सभी के जीवन में आनंद की कामना की भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सुख और दुःख मनुष्य के जीवन से उसी तरह जुड़े हैं, जैसे दिन के बाद रात। सुख-दुख जीवन के अभिन्न अंग हैं। लोक कल्याणकारी राज्य का प्रथम कर्तव्य है कि वह अपने नागरिकों के जीवन में खुशहाली लेकर आये। हमारी सरकार इसी दिशा में कार्य कर रही है। सबका कल्याण ही हमारा मूल लक्ष्य है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि त्याग, तप, साधना, बलिदान, असंचय, अपरिग्रह और निस्वार्थ सेवा भाव से मन की शांति ही सुख है। प्रकृति के सानिध्य में जब मन, परमात्मा के भावों में लीन हो जाता है, तब ही तादात्म्य ही सच्चा सुखानंद प्राप्त होता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरुवार को कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आनंद विभाग द्वारा आयोजित दो दिवसीय नेशनल हैप्पीनेस कार्यशाला को संबोधित करते हुए ये विचार व्यक्त किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों के जीवन में सुख-समृद्धि लाने की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि प्रदेश के सभी नागरिकों के जीवन में उल्लास भरने के लिए हमारी सरकार जी-जान से जुटी है। कार्यक्रम में म.प्र. जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष (राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त) डॉ. मोहन नागर, रामकृष्ण मिशन, बेलूर मठ, कोलकाता से आए स्वामी समर्पणानन्द जी, पंजाब तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रजनीश अरोड़ा, आईआईएम इंदौर के पूर्व निदेशक डॉ. एन. रविचन्द्रन, प्रमुख सचिव, आनंद विभाग राघवेन्द्र कुमार सिंह, राज्य आनंद संस्थान के सीईओ आशीष कुमार गुप्ता सहित बड़ी संख्या में सुधिजन एवं आनंदक उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के हर नागरिक के जीवन में हर्ष, आनंद और खुशहाली लाना हमारी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार जनहितैषी योजनाओं के माध्यम से प्रदेश के हर वर्ग को लाभान्वित कर रही है। नागरिकों के जीवन में खुशहाली और संतोष ही हमारी सबसे बड़ी सफलता है। उन्होंने कहा कि कष्ट सहकर भी जीवन देने का सुख पाये, वो है माता और साधक बनकर भी जीवन का असीम सुख पाये वो है सन्यासी। कष्ट में भी सुख है, इसलिए जीवन का मर्म समझिए कि परमात्मा ने हम सबको आनंद में जीवन जीने के लिए इस धरा पर भेजा है, इसलिए जीवन को आनंदमय होकर ही जियें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे सकारात्मक दृष्टिकोण से सरकार के साथ मिलकर एक खुशहाल समाज के निर्माण में योगदान दें। आनंद विभाग के तत्वावधान में आयोजित इस दो दिवसीय नेशनल हैप्पीनेस सेमिनार का उद्देश्य आनंद के नए आयाम और नित नई परिस्थितियों में आनंद की खोज करना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के समक्ष राज्य आनंद संस्थान भोपाल एवं म.प्र. जन अभियान परिषद के बीच एम.ओ.यू (समझौता ज्ञापन) का आदान-प्रदान हुआ। यह समझौता ज्ञापन मात्र प्रपत्रों का आदान-प्रदान न होकर दो जमीन स्तर से प्रभावी संगठनों के समन्वय की महत्वाकांक्षी पहल है। यह समझौता दोनों विभागों के बीते एक वर्ष में कुल 24 हजार 310 और बीते तीन वर्षों में 72 हजार 390 लोगों के जीवन में स्वैच्छिकता और आनंद का कारक बना। स्वामी समर्पणानन्द जी ने कहा कि हम सभी को प्रकृति के प्रति और परमेश्वर के प्रति कृतज्ञ होना चाहिए। हम अपनी सांस्कृतिक परम्पराओं के संवाहक बनें और मनुष्य में निहित देव गुणों को उभारें। यह मानव जाति की सेवा के लिए हमें प्रेरित करेगा और जब आप सच्चे मन से किसी की सेवा करते हैं तो जो शांति मिलती है, वही आनंद है और वही जीवन का सार है। उन्होंने देश में आनंद विभाग स्थापित करने वाली मध्यप्रदेश सरकार की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को पंच महा-अमृत शीलों का पालन करना चाहिए, इससे जीवन में खुशहाली आएगी। प्रोफेसर रजनीश अरोड़ा ने कहा कि आनंद व्यक्ति के भीतर से आता है, पर इसका प्रभाव व्यक्ति के चरित्र से बाहर दिखाई देना चाहिए। व्यष्टि से समष्टि तक चारों ओर आनंद है, पर उस आनंद को हमें खोजना आना चाहिए। व्यक्ति अपने जीवन के सभी कार्य बखूबी निभाता है, तभी उसे जीवन का असली सुख प्राप्त होता है। डॉ. एन. रविचन्द्रन ने कहा कि समाज में परिवर्तन हो रहा है। सब अपने-अपने तरीकों से आनंद खोज रहे हैं। मन के संतोष से ही व्यक्ति को शांति और आनंद मिलता है। अपने काम, कर्तव्य और रिश्तों को ईमानदारी से निभाएं, यही सच्चा सुख है, यही आनंद है। कार्यक्रम के आरंभ में प्रमुख सचिव राघवेन्द्र कुमार सिंह ने दो दिवसीय नेशनल हैप्पीनेस सेमिनार के आयोजन की रूपरेखा और इसके उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इसके जरिए समाज के सभी वर्गों को जोड़ा गया है। विभाग विविध गतिविधियों से प्रदेश के नागरिकों के जीवन में खुशहाली लाने के लिए प्रयासरत हैं और प्रयास जारी रहेंगे। दो दिवसीय हैप्पीनेस सेमिनार में उपस्थित हुए समाजसेवी और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े विशेषज्ञ ने नागरिकों के जीवन में सुख और आनंद बढ़ाने के उपायों एवं नवाचारों पर विस्तार से चर्चा की।   recent visitors 110