मुख्यमंत्री कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में दो दिवसीय नेशनल हैप्पीनेस सेमिनार में हुए शामिल

सबके जीवन में खुशहाली लाना ही हमारा मूल लक्ष्य: मुख्यमंत्री डॉ. यादव राज्य आनंद संस्थान एवं म.प्र. जन अभियान परिषद के बीच हुआ एम.ओ.यू. मुख्यमंत्री कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में दो दिवसीय नेशनल हैप्पीनेस सेमिनार में हुए शामिल मुख्यमंत्री ने सभी के जीवन में आनंद की कामना की भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सुख और दुःख मनुष्य के जीवन से उसी तरह जुड़े हैं, जैसे दिन के बाद रात। सुख-दुख जीवन के अभिन्न अंग हैं। लोक कल्याणकारी राज्य का प्रथम कर्तव्य है कि वह अपने नागरिकों के जीवन में खुशहाली लेकर आये। हमारी सरकार इसी दिशा में कार्य कर रही है। सबका कल्याण ही हमारा मूल लक्ष्य है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि त्याग, तप, साधना, बलिदान, असंचय, अपरिग्रह और निस्वार्थ सेवा भाव से मन की शांति ही सुख है। प्रकृति के सानिध्य में जब मन, परमात्मा के भावों में लीन हो जाता है, तब ही तादात्म्य ही सच्चा सुखानंद प्राप्त होता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरुवार को कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आनंद विभाग द्वारा आयोजित दो दिवसीय नेशनल हैप्पीनेस कार्यशाला को संबोधित करते हुए ये विचार व्यक्त किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों के जीवन में सुख-समृद्धि लाने की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि प्रदेश के सभी नागरिकों के जीवन में उल्लास भरने के लिए हमारी सरकार जी-जान से जुटी है। कार्यक्रम में म.प्र. जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष (राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त) डॉ. मोहन नागर, रामकृष्ण मिशन, बेलूर मठ, कोलकाता से आए स्वामी समर्पणानन्द जी, पंजाब तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रजनीश अरोड़ा, आईआईएम इंदौर के पूर्व निदेशक डॉ. एन. रविचन्द्रन, प्रमुख सचिव, आनंद विभाग राघवेन्द्र कुमार सिंह, राज्य आनंद संस्थान के सीईओ आशीष कुमार गुप्ता सहित बड़ी संख्या में सुधिजन एवं आनंदक उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के हर नागरिक के जीवन में हर्ष, आनंद और खुशहाली लाना हमारी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार जनहितैषी योजनाओं के माध्यम से प्रदेश के हर वर्ग को लाभान्वित कर रही है। नागरिकों के जीवन में खुशहाली और संतोष ही हमारी सबसे बड़ी सफलता है। उन्होंने कहा कि कष्ट सहकर भी जीवन देने का सुख पाये, वो है माता और साधक बनकर भी जीवन का असीम सुख पाये वो है सन्यासी। कष्ट में भी सुख है, इसलिए जीवन का मर्म समझिए कि परमात्मा ने हम सबको आनंद में जीवन जीने के लिए इस धरा पर भेजा है, इसलिए जीवन को आनंदमय होकर ही जियें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे सकारात्मक दृष्टिकोण से सरकार के साथ मिलकर एक खुशहाल समाज के निर्माण में योगदान दें। आनंद विभाग के तत्वावधान में आयोजित इस दो दिवसीय नेशनल हैप्पीनेस सेमिनार का उद्देश्य आनंद के नए आयाम और नित नई परिस्थितियों में आनंद की खोज करना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के समक्ष राज्य आनंद संस्थान भोपाल एवं म.प्र. जन अभियान परिषद के बीच एम.ओ.यू (समझौता ज्ञापन) का आदान-प्रदान हुआ। यह समझौता ज्ञापन मात्र प्रपत्रों का आदान-प्रदान न होकर दो जमीन स्तर से प्रभावी संगठनों के समन्वय की महत्वाकांक्षी पहल है। यह समझौता दोनों विभागों के बीते एक वर्ष में कुल 24 हजार 310 और बीते तीन वर्षों में 72 हजार 390 लोगों के जीवन में स्वैच्छिकता और आनंद का कारक बना। स्वामी समर्पणानन्द जी ने कहा कि हम सभी को प्रकृति के प्रति और परमेश्वर के प्रति कृतज्ञ होना चाहिए। हम अपनी सांस्कृतिक परम्पराओं के संवाहक बनें और मनुष्य में निहित देव गुणों को उभारें। यह मानव जाति की सेवा के लिए हमें प्रेरित करेगा और जब आप सच्चे मन से किसी की सेवा करते हैं तो जो शांति मिलती है, वही आनंद है और वही जीवन का सार है। उन्होंने देश में आनंद विभाग स्थापित करने वाली मध्यप्रदेश सरकार की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को पंच महा-अमृत शीलों का पालन करना चाहिए, इससे जीवन में खुशहाली आएगी। प्रोफेसर रजनीश अरोड़ा ने कहा कि आनंद व्यक्ति के भीतर से आता है, पर इसका प्रभाव व्यक्ति के चरित्र से बाहर दिखाई देना चाहिए। व्यष्टि से समष्टि तक चारों ओर आनंद है, पर उस आनंद को हमें खोजना आना चाहिए। व्यक्ति अपने जीवन के सभी कार्य बखूबी निभाता है, तभी उसे जीवन का असली सुख प्राप्त होता है। डॉ. एन. रविचन्द्रन ने कहा कि समाज में परिवर्तन हो रहा है। सब अपने-अपने तरीकों से आनंद खोज रहे हैं। मन के संतोष से ही व्यक्ति को शांति और आनंद मिलता है। अपने काम, कर्तव्य और रिश्तों को ईमानदारी से निभाएं, यही सच्चा सुख है, यही आनंद है। कार्यक्रम के आरंभ में प्रमुख सचिव राघवेन्द्र कुमार सिंह ने दो दिवसीय नेशनल हैप्पीनेस सेमिनार के आयोजन की रूपरेखा और इसके उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इसके जरिए समाज के सभी वर्गों को जोड़ा गया है। विभाग विविध गतिविधियों से प्रदेश के नागरिकों के जीवन में खुशहाली लाने के लिए प्रयासरत हैं और प्रयास जारी रहेंगे। दो दिवसीय हैप्पीनेस सेमिनार में उपस्थित हुए समाजसेवी और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े विशेषज्ञ ने नागरिकों के जीवन में सुख और आनंद बढ़ाने के उपायों एवं नवाचारों पर विस्तार से चर्चा की।   recent visitors 123

सिंहस्थ 2028 में 25 करोड़ श्रद्धालु के उज्जैन आने की संभावना :मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव

उज्जैन मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने एबीपी न्यूज़ से खास बातचीत के दौरान कहा कि सिंहस्थ 2028 ऐतिहासिक बनाने के लिए सरकार पूरी कोशिश कर रही है. सिंहस्थ 2028 में 25 करोड़ श्रद्धालु के उज्जैन आने की संभावना है, जिसे देखते हुए अभी से व्यवस्था की जा रही है. सीएम मोहन यादव ने सिहंस्थ 2028 को लेकर से खास बातचीत की. उन्होंने कहा कि सिंहस्थ 2028 को अद्भुत और ऐतिहासिक बनाने के लिए सरकार अभी से कार्य कर रही है. सिंहस्थ 2028 के लिए 2000 करोड़ का बजट इसी साल जोड़ा गया है. प्रदेश सरकार सिंहस्थ को पूरी तरह सफल बनाने की कोशिश कर रही है. कितने करोड़ आएंगे श्रद्धालु? मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से जब पूछा गया कि कितने श्रद्धालुओं की सिंहस्थ 2028 में आने की संभावना है? तो उन्होंने कहा कि कम से कम 25 करोड़ श्रद्धालुओं के सिंहस्थ 2028 में आने की संभावना है. इसी बात को दृष्टिगत रखते हुए सरकार 25 करोड़ श्रद्धालुओं के लिए व्यवस्थाएं जुटा रही है. सिंहस्थ को लेकर साधु-संत से वादा अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रविंद्रपुरी महाराज ने दावा किया है कि मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने साधु संतों से वादा किया है कि सिंहस्थ 2028 का स्नान शिप्रा नदी के जल से ही होगा. शिप्रा नर्मदा लिंक योजना के बाद शिप्रा नदी में पर्व और त्योहारों के दौरान नर्मदा का जल भी प्रवाहित किया जाता है. शिप्रा नदी के जल से सिंहस्थ के अमृत स्नान को लेकर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि सरकार सिंहस्थ को सफल बनाने के लिए हर संभव कोशिश करेगी. बता दें कि सिंहस्थ भले ही साल 2028 में हो लेकिन सूबे की मोहन यादव सरकार अभी से इसकी तैयारियों में जुट गई है. मुख्यमंत्री का दावा है कि सिंहस्थ का भव्य आयोजन किया जाएगा. recent visitors 54

मध्य प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों को मोहन सरकार की तरफ से एक बाद एक बड़ी खुशखबरी मिल रही

भोपाल  मध्य प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों को मोहन सरकार की तरफ से एक बाद एक बड़ी खुशखबरी मिल रही हैं, हाल ही में सरकार ने 7वें वेतनमान के हिसाब से महंगाई भत्ते देने का ऐलान बजट में किया था, जो 1 अप्रैल से लागू होने वाला है, जबकि अब सरकार ने प्रमोशन का रास्ता भी साफ कर दिया है. मध्य प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों को 9 साल बाद फिर से पदोन्नति मिलेगी, क्योंकि सीएम मोहन यादव ने 9 साल से पदोन्नति व्यवस्था पर लगी रोक को फिर से बहाल करने का फैसला कर दिया है, जिससे प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों में खुशी की लहर देखी जा रही है. मध्य प्रदेश में कर्मचारियों को मिलेगा प्रमोशन दरअसल, मध्य प्रदेश में सीएम मोहन यादव ने सरकारी कर्मचारियों की पदोन्नति व्यवस्था बहाल करने के साथ-साथ रिटायर कर्मचारियों को राज्य पुनर्गठन की धारा-49 से मुक्त करने का ऐलान कर दिया है. सीएम मोहन के इस ऐलान से प्रदेश के सरकारी कर्मचारी खुश नजर आ रहे हैं. क्योंकि पिछले 9 साल से प्रमोशन की राह देख रहे कर्मचारियों का इंतजार अब खत्म हो जाएगा. जिसके लिए मध्य प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों ने सीएम मोहन यादव का धन्यवाद भी जताया है. सीएम मोहन यादव ने मंगलवार को भोपाल में न्यू मार्केट में सरकरी कर्मचारियों के लिए बनाए गए आवासों का शिलान्यास किया था, इस दौरान उन्होंने यह घोषणा की है. जिसमें सरकारी कर्मचारियों के मंडलों के प्रमुख भी थे. यह इलाका भोपाल की दक्षिण-पश्चिम विधानसभा में आता है, जहां राजधानी के सबसे ज्यादा सरकारी कर्मचारी रहते हैं, ऐसे में कर्मचारी संगठन लंबे समय से पदोन्नति व्यवस्था पर लगी रोक को हटाने की मांग भी कर रहे थे, जिसे सीएम मोहन यादव ने पूरा कर दिया है. 7वें वेतनमान के हिसाब से मिलेगा भत्ता बता दें कि इससे पहले बजट में भी मोहन सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ा ऐलान किया था, अब 1 अप्रैल से राज्य के सभी कर्मचारियों को 7वें वेतनमान के हिसाब से ही महंगाई भत्ते दिए जाएंगे. अब तक पुरानी पद्धति चल रही थी, लेकिन 7वें वेतनमान के हिसाब से महंगाई भत्ते मिलने से सरकारी कर्मचारियों को बड़ा फायदा होगा. जबकि अब प्रमोशन का रास्ता भी साफ हो गया है.  recent visitors 55

मुख्यमंत्री ने महारूद्र सहस्त्र चंडी महायज्ञ में दी आहुति, प्रदेश में सुख समृद्धि की कामना की

उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने तराना स्थित प्राचीन तिल भांडेश्वर महादेव मंदिर में पूजा कर प्रदेश की जनता की सुख समृद्धि की कामना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरूवार को तराना स्थित तिल भांडेश्वर मंदिर में पूजा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने देव दर्शन के बाद कार्यक्रमों में साधु संतों का सम्मान किया और चरण स्पर्श कर आशीर्वाद भी लिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बृह्मलीन महंत प्रकाशनंद जी भारती की समाधि पर पुष्पांजलि और चादर अर्पित की। उन्होंने महारूद्र सहस्त्र चंडी महायज्ञ में आहुति दी और ईश्वर से कामना की कि प्रदेश में सुख समृद्धि बनी रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मन्दिर परिसर मे पीपल का पौधा रोपा। उन्होंने मंदिर परिसर में सत्संग भवन निर्माण के लिए भूमि-पूजन किया। इस अवसर पर अखाड़ा परिषद के महामंत्री स्वामी हरि गिरि महाराज और महंत मोहन भारती जी महाराज, सांसद अनिल फिरोजिया, प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल, स्थानीय विधायक, साधु संत और जन-प्रतिनिधि उपस्थित रहे।   recent visitors 43

भीम-यूपीआई लेन-देन (पी2एम) को बढ़ावा देने के लिए केन्द्रीय कैबिनेट द्वारा प्रोत्साहन योजना को स्वीकृति देना ऐतिहासिक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भीम-यूपीआई लेन-देन (पी2एम) को बढ़ावा देने के लिए केन्द्रीय कैबिनेट द्वारा प्रोत्साहन योजना को स्वीकृति देना ऐतिहासिक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री मोदी का मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने माना आभार भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का कम मूल्य वाले भीम-यूपीआई लेन-देन (पी2एम) को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहन योजना स्वीकृत करने पर आभार माना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में "डिजिटल्‍इंडिया" का संकल्प साकार हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि छोटे व्यापारियों के प्रोत्साहन के लिए 2 हजार रुपए के लेनदेन पर 0.15 प्रतिशत प्रति लेन-देन की दर से इन्सेन्टिव प्रदान करने के लिए केन्द्रीय कैबिनेट द्वारा योजना को स्वीकृति देना ऐतिहासिक है। यह न केवल डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देगा अपितु छोटे व्यापारियों को सशक्त भी बनाएगा।   recent visitors 48

CM मोहन यादव 2400 करोड़ के नर्मदा-शिप्रा सिंचाई प्रोजेक्ट का आज किया लोकार्पण

उज्जैन नर्मदा शिप्रा बहुउद्देशीय परियोजना के तहत पाइप लाइन का मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गुरुवार को तराना में लोकार्पण किया। सीएम तराना में श्री तिलभांडेश्वर महादेव मंदिर के नए महंत की चादर विधि कार्यक्रम और महारुद्र यज्ञ में भी शामिल हुए। इस मौके पर सीएम यादव ने कहा कि उज्जैन को सांस्कृतिक राजधानी बनाना हमारा प्रयास है। इसके लिए लगातार काम हो रहे हैं। शिप्रा नदी के जल से कुंभ स्नान सुनिश्चित करने के लिए 900 करोड़ रुपए की परियोजनाओं पर काम चल रहा है। कार्यक्रम में सांसद अनिल फिरोजिया, सांसद बाल योगी उमेश नाथ महाराज, मंत्री गौतम टेटवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद है। परियोजना से 100 गांवों को पहुंचेगा पानी 2489.65 करोड़ की इस परियोजना से उज्जैन जिले की दो तहसील (तराना, घटिया), विधानसभा क्षेत्र तराना के कुल 83 गांवों की 27490 हेक्टेयर भूमि और शाजापुर जिले की एक तहसील (शाजापुर) विधानसभा क्षेत्र शाजापुर के कुल 17 गांवों की 2728 हेक्टेयर जमीन का फायदा होगा। परियोजना से कुल 100 गांवों की 30218 हेक्टेयर भूमि में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। नर्मदा-क्षिप्रा बहुउद्देशीय माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना से क्षेत्र के कुल 100 ग्रामों की 30,218 हेक्टेयर भूमि में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। इससे उज्जैन जिले की दो तहसीलों तराना, घट्टिया के कुल 83 ग्रामों की 27,490 हेक्टेयर भूमि और शाजापुर जिले की एक तहसील शाजापुर विधानसभा क्षेत्र शाजापुर के कुल 17 ग्रामों की 2,728 हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी। परियोजना से उज्जैन जिले को उद्योग और पेयजल के लिए 129.60 एमएलडी, नागदा को 129.60 एमएलडी जल, तराना, घट्टिया और गुराड़िया गुर्जर को 21.60 एमएलडी जल पेयजल के लिए प्रदाय होगा। परियोजना से शाजापुर जिले के ग्राम समूह और शाजापुर नगर के पेयजल के लिए 43.20 एमएलडी, मक्सी में पेयजल और उद्योग के लिए 43.20 एमएलडी जल दिया गया। शाजापुर, मक्सी को पेयजल,उद्योग के लिए भी पानी मिलेगा परियोजना में कुल 2254 किमी (3000 एमएम व्यास से 63 एमएम व्यास) पाइप लाइन बिछाई गई है। नर्मदा शिप्रा योजना से उज्जैन शाजापुर जिले के 100 गांवों को सिंचाई के लिए पानी और उज्जैन, नागदा, तराना, घट्टिया, शाजापुर, मक्सी को पेयजल और उद्योग के लिए पानी मिल सकेगा। परियोजना के तहत ओंकारेश्वर जलाशय ग्राम बड़ेल जिला खंडवा से भूमिगत पाइपलाइन द्वारा 15 घन मीटर प्रति सेकेंड की दर से जल 435 मीटर ऊंचाई तक कुल 6 पंपिंग स्टेशन एवं 50 पंप मोटर के माध्यम से लिफ्ट किया जाएगा। इसके लिए कुल 89 मेगावाट बिजली की आवश्यकता होगी। परियोजना के तहत मुख्य पाइप लाइन और वितरण प्रणाली से 2.5 हेक्टेयर चक तक कुल 2254 किमी (3000 एमएम व्यास से 63 एमएम व्यास) पाइप लाइन बिछाई गई है। प्रति 20 हेक्टेयर पर एक ओएमएस बाक्स अर्थात कुल 1539 बाक्स स्थापित किए गए हैं। मिलेगा ये फायदा परियोजना से उज्जैन जिले उद्योग एवं पेयजल हेतु 129.60 एम.एल.डी. जल, नागदा नगर में उद्योग एवं पेयजल हेतु 129.60 एम.एल. डी. जल और तराना, घट्टिया व गुराडीया गुर्जर में प्रत्येक को 21.60 एम.एल.डी. पेयजल हेतु प्रदाय होगा. परियोजना से शाजापुर जिले के गांव समूह के साथ शाजापुर नगर के पेयजल हेतु 43.20 एम.एल.डी. और मक्सी में पेयजल एवं उद्योग हेतु 43.20 एम.एल.डी. का जल प्रदाय होगा. ये है कार्यक्रम तराना में आयोजित लोकार्पण कार्यक्रम में हिस्सा लेने के बाद मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव सीधे भोपाल के लिए रवाना होंगे. भोपाल से वे दोपहर तीन बजे डिंडोरी में आयोजित वीरांगना अवंती बाई के बलिदान दिवस के कार्यक्रम में शामिल होंगे. इसके बाद फिर शाम छह बजे भोपाल पहुंचेंगे और शाम सात बजे विधानसभा में आयोजित फाग उत्सव में शामिल होंगे. इससे पहले मुख्यमंत्री मोहन यादव बुधवार (19 मार्च) उज्जैन में महाकाल भगवान ध्वज चल समारोह में शामिल हुए. गोपाल मंदिर पर भगवान महाकाल की झांकी की आरती भी की. इसके अलावा उन्होंने इंदौर में निकाली गई गेर में भी शिरकत की. परियोजना में ओंकारेश्वर जलाशय ग्राम बड़ेल जिला खंडवा से भूमिगत पाइप लाइन द्वारा 15 घन मीटर प्रति सेकंड की दर से जल 435 मीटर ऊंचाई तक कुल 6 पंपिंग स्टेशन और 50 पंप मोटर के माध्यम से उद्वहित किया जाएगा। परियोजना में मुख्य पाइप लाइन और वितरण प्रणाली से 2.5 हेक्टेयर चक तक कुल 2,254 किमी (3,000 मि.मी. व्यास से 63 मि.मी. व्यास) पाइप लाइन बिछाई गई है। प्रति 20 हेक्टेयर पर एक ओएमएस बॉक्स, यानी कुल 1,539 बॉक्स स्थापित किए गए हैं। recent visitors 45

ओंकारेश्वर धाम भी महाकाल की तरह जगमगाएगा: मुख्यमंत्री डॉ.यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश सरकार धार्मिक पर्यटन को बेहतर बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रदेश के सभी धर्म स्थलों के प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सौभाग्य का विषय है कि हमारे प्रदेश में महाकालेश्वर और ममलेश्वर दो ज्योतिर्लिंग विद्यमान हैं। सिंहस्थ से पहले ओंकारेश्वर धाम को महाकाल की तरह जगमगाने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। श्रद्धालुओं की सुविधा और व्यवस्थाओं के प्रबंधन को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए राज्य सरकार की योजनाओं से आस्था के इन केंद्रों की दिव्यता- भव्यता और अधिक बढ़ेगी तथा प्रदेश के प्रति लोगों के आकर्षण और प्रेम में भी वृद्धि होगी । मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ओंकारेश्वर स्थित गौमुख घाट पर अवधूत सिद्ध महायोगी दादा गुरुजी की तृतीय चरण माँ नर्मदा सेवा परिक्रमा यात्रा के समापन कार्यक्रम के लिए भोपाल से प्रस्थान के पहले मीडिया के लिए जारी संदेश में यह विचार व्यक्त किए।   recent visitors 53