CM यादव ने कहा जो भी धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम के माध्यम से धर्मांतरण कराएंगे उनको फांसी देने का प्रबंध हमारी सरकार ……

भोपाल  मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने  अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर में आयोजित कार्यक्रम में बड़ा बयान दिया।  मोहन यादव ने कहा जो भी धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम के माध्यम से धर्मांतरण कराएंगे उनको भी फांसी देने का प्रबंध हमारी सरकार द्वारा किया जा रहा है। दुराचार और धर्मांतरण करने वालों को मिलेगी फांसी डॉ मोहन यादव ने कहा कि मासूम बेटियों के साथ दुराचार करने वाले मामले में सरकार बहुत कठोर है। इसलिए इस संबंध में फांसी का प्रावधान किया गया है। जोर जबरदस्ती से बहला फुसलाकर जो दुराचार करेगा, हमारी सरकार उसको छोड़ने वाली नहीं है। किसी हालत में ऐसे लोगों को जीवन जीने का अधिकार नहीं देना चाहते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जो धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम के माध्यम से धर्मांतरण कराएंगे उनको भी फांसी का प्रबंधन हमारी सरकार द्वारा किया जा रहा है। अपराधियों के साथ कड़ाई से पेश आएगी सरकार सीएम मोहन यादव ने कहा कि किसी हालत में भी ना तो धर्मांतरण ना दुराचरण किसी भी प्रकार व्यवस्थाओं के खिलाफ सरकार ने संकल्प दिया है कि समाज के अंदर कुरूतियो को गलत बातों को बढ़ावा कठोरता के साथ पेश आएंगे।  मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपराधियों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि ऐसे अपराधियों को फांसी की सजा दी जाएगी जो जबरन धर्म परिवर्तन कराएंगे। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार जबरन धर्म परिवर्तन, दुराचार को बर्दाश्त नहीं करेगी। ऐसे अपराधियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए और उन्हें फांसी की सजा मिलनी चाहिए। महिलाओं के खाते में डाले पैसे सीएम मोहन ने कहा कि महिला सशक्तिकरण के लिए मध्य प्रदेश सरकार तत्पर है। एक्स हैंडल पर सीएम ने कहा कि आज अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर कुशाभाऊ ठाकरे सभागार, भोपाल में आयोजित 'लाड़ली बहना राशि अंतरण कार्यक्रम' में सहभागिता कर सिंगल क्लिक के माध्यम से 1.27 करोड़ से अधिक बहनों के खातों में ₹1552.73 करोड़ की राशि एवं ₹450 में गैस सिलेंडर रीफिल योजना की 26 लाख से अधिक पात्र हितग्राही बहनों को ₹55.95 करोड़ की अनुदान राशि अंतरित कर शुभकामनाएं दीं। recent visitors 47

मुख्यमंत्री यादव की सुरक्षा और काफिले की पूरी जिम्मेदारी महिला शक्ति के हाथों में सौंपी गई

 भोपाल अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस-2025 आज पूरे देश में हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है, और मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस मौके पर एक अनोखा और प्रेरणादायक कदम उठाया है. इस खास दिन पर उनकी सुरक्षा और काफिले की पूरी जिम्मेदारी महिला शक्ति के हाथों में सौंपी गई है. इतना ही नहीं, सीएम की गाड़ी की सारथी भी आज एक महिला बनी, जो इस पहल को और भी भावुक बनाती है. CM मोहन यादव की सुरक्षा की जिम्मेदारी उप पुलिस अधीक्षक (DSP) बिट्टू शर्मा के कंधों पर है. उनकी गाड़ी को इंस्पेक्टर इरशाद अली चला रही हैं, जिन्होंने इस जिम्मेदारी को निभाने में गर्व महसूस किया. कारकेड के वाहनों की जिम्मेदारी सपना सहित अन्य महिला चालकों पर है, जबकि अंडर सेक्रेटरी श्रीलेखा क्षोत्रीय ओएसडी (ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी) का दायित्व संभाल रही हैं. प्रेस अधिकारी की भूमिका बिंदु सुनील और सोनिया परिहार के पास है. ये सभी महिलाएं अपनी जिम्मेदारियों को बखूबी निभा रही हैं, जो नारी शक्ति की ताकत को दर्शाता है. इस पहल से जहां एक ओर महिलाओं के सशक्तिकरण को बढ़ावा मिल रहा है, वहीं दूसरी ओर सीएम यादव का यह कदम भावनात्मक रूप से लोगों को प्रभावित कर रहा है. स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पहल न केवल प्रेरणादायक है, बल्कि यह भी दिखाती है कि महिलाएं हर क्षेत्र में पुरुषों के बराबर या उससे भी बेहतर प्रदर्शन कर सकती हैं. सीएम की इस सोच ने मध्यप्रदेश में एक नई उम्मीद जगा दी है, जहां महिलाएं हर भूमिका में अपनी पहचान बना रही हैं. महिला दिवस के अवसर पर CM मोहन सरकार का यह अंदाज लोगों के दिल को छू गया है. CM हमेशा से महिलाओं के कल्याण और उत्थान के लिए संकल्पित रहे हैं. उनका स्पष्ट मानना है कि महिलाओं के बिना न तो प्रदेश का विकास संभव है और न ही देश का. इसी सोच के तहत उन्होंने महिलाओं के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं शुरू की हैं, जो उन्हें समाज के हर क्षेत्र में आगे बढ़ाने का काम कर रही हैं. इस पहल से एक बार फिर साबित हो गया कि मुख्यमंत्री महिलाओं को सशक्त बनाने के प्रति कितने गंभीर हैं.   recent visitors 35

मुख्यमंत्री ने नए कन्वेंशन सेंटर के निर्माण के लिए किया भूमि-पूजन

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश की राजधानी भोपाल में बड़े आयोजनों के लिए जिस तरह के कन्वेंशन सेंटर की आवश्यकता थी, वह कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर (मिंटो हॉल) के विस्तारीकरण और नए कन्वेंशन सेंटर से पूर्ण हो जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राष्ट्रीय मानव संग्रहालय में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन सफल रहा। इस अवसर पर भोपाल में एक कन्वेंशन सेंटर की आवश्यकता अनुभव की गई। इस तरह के सेंटर की स्थापना की घोषणा के कुछ दिन में ही केन्द्र सरकार से इसकी स्वीकृति प्राप्त हो गई है। इस तरह यह नए केन्द्रीय बजट के पहले महत्वपूर्ण प्रकल्प के रूप में सामने आया है और शीघ्र ही इस सेंटर के विकास का कार्य प्रारंभ हो जाएगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में विभिन्न क्षेत्रों में विकास के साथ ही शहरों में जनता से जुड़ी सुविधाओं के विस्तार का महत्वपूर्ण कार्य किया जा रहा है। राजधानी भोपाल और प्रदेश का विकास प्रधानमंत्री मोदी के विजन के अनुरूप होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार की शाम कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर के मुख्य सभाकक्ष में कन्वेंशन सेंटर परिसर में प्रस्तावित नवीन कन्वेंशन सेंटर का भूमि-पूजन कर समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पर्यटन विभाग के अधिकारियों को 100 करोड़ रूपए की लागत से बनने वाले इस नए कन्वेंशन सेंटर के निर्माण में वर्तमान कन्वेंशन सेंटर की वास्तुकला और आकल्पन की तरह कार्य सम्पन्न किए जाने के निर्देश दिए। उच्च स्तरीय बैठकों के साथ ही व्यवसायिक आयोजनों और बड़े सम्मेलनों के लिए यह सेंटर उपयोगी सिद्ध होगा। भोपाल टाइगर कैपिटल भी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पर्यटन मध्यप्रदेश की पहचान है। हाल ही भोपाल में सम्पन्न ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट से भोपाल की प्राकृतिक सुंदरता प्रतिभागियों के मध्य चर्चा का विषय रही। वन्य जीवन पर्यटन में प्रदेश की नई पहचान बन रही है। देश में सर्वाधिक टाइगर मध्यप्रदेश में है। प्रदेश में माधव राष्ट्रीय उद्यान 9वां टाइगर रिजर्व घोषित हुआ है। मानव और वन्य प्राणी के सह-जीवन का अनूठा उदाहरण राजधानी भोपाल में देखने को मिलता है, जहां रातापानी अभ्यारण्य के झिरी-द्वार की दूरी शहर से सिर्फ 4-5 किलोमीटर दूर है। यहां टाइगर की संख्या को देखते हुए भोपाल को टाइगर कैपिटल मान सकते हैं। भोपाल की झील में घड़ियाल भी मिलेंगे। हमारे देश में मध्यप्रदेश ही ऐसा प्रदेश है जहां चीतों की बसाहट के साथ चम्बल क्षेत्र में घड़ियाल अभ्यारण्य और प्रदेश में अनेक टाइगर रिजर्व हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने स्वामी विवेकानंद की उस उक्ति को चरितार्थ करने का कार्य किया है, जिसमें 21वीं सदी भारत की होने की भविष्यवाणी की गई थी। प्रधानमंत्री मोदी ने विकास के सभी क्षेत्रों में अभूतपूर्व प्रयास किए हैं। आर्थिक शक्ति के रूप में भारत ने इंग्लैंड को पीछे छोड़ा है। प्रधानमंत्री मोदी के विजन के अनुरूप मध्यप्रदेश में पर्यटन विकास के लिए अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। प्रदेश में खजुराहो प्रथम एयरपोर्ट था। अब हवाई सेवाओं का प्रदेश में तेजी से विस्तार किया जाएगा। व्यापार-व्यवसाय क्षेत्र को इससे काफी लाभ पहुंचेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भूमि-पूजन कार्यक्रम में उद्योग और व्यापार जगत के प्रतिनिधियों विशेष होटल और पर्यटन उद्योग से जुड़े लोगों की भागीदारी पर प्रसन्नता व्यक्त की। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य कुमार काश्यप ने कहा कि इस कन्वेंशन सेंटर के भूमि-पूजन से मुख्यमंत्री डॉ. यादव की 25 फरवरी की घोषणा का 10 दिवस के अंदर क्रियान्वयन प्रारंभ हो गया है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की सफलता से उत्साह का वातावरण बना है। मध्यप्रदेश में बड़ी संख्या में निवेशक आ रहे हैं। निश्चित ही प्रदेश में औद्योगिक विकास का वातावरण बनेगा। जहां उज्जैन सम्राट विक्रमादित्य के न्याय और विकास के दर्शन का प्रतीक है, वहीं प्रदेश की राजधानी भोपाल अत्याधुनिक सेवाओं के साथ नई पहचान बनाने की ओर अग्रसर है। वरिष्ठ सांसद वी.डी शर्मा ने कहा कि विजनरी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोपाल में इस तरह के सुविधाजनक कन्वेंशन सेंटर के निर्माण की आवश्यकता बताई थी। वर्तमान कन्वेंशन सेंटर की क्षमता कम होने से कई आयोजनों में जो कठिनाई हो रही थी, वह नए सेंटर के निर्माण के बाद खत्म हो जाएगी। भोपाल की सुंदरता शहर की पहचान बनी है। प्रधानमंत्री मोदी भी भोपाल के सौन्दर्यीकरण को देखकर प्रभावित हुए थे। कार्यक्रम में पर्यटन मंत्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी ने वीडियो संदेश द्वारा भोपाल को मिली इस महत्वपूर्ण सौगात के लिए बधाई दी। कैसा होगा नया कन्वेंशन सेंटर वर्तमान सेंटर के परिसर में आधुनिक तकनीक से नया सेंटर निर्मित और सुसज्जित किया जाएगा। नवीन संरचना में भूतल, निचला तल, प्रथम एवं द्वितीय तल निर्मित होंगे। वर्तमान कुशाभाऊ ठाकरे सभागार और प्रस्तावित भवनों के बीच सांस्कृतिक केन्द्र होगा, जिसमें कियोस्क होंगे, जो सम्मेलनों के दौरान स्थानीय हस्तशिल्प का प्रदर्शन और विक्रय करने में सहायक होंगे। नवीन सेंटर में करीब 1500 व्यक्तियों की क्षमता वाला ऑडिटोरियम, 300 व्यक्ति के लिये हॉल, 200 व्यक्तियों के लिये मीटिंग हॉल, भोजन के लिये 2000 व्यक्तियों की क्षमता वाला डाइनिंग हॉल एवं डाइनिंग सुविधा युक्त 2000 व्यक्तियों की क्षमता वाला लॉन, वर्तमान एवं नवीन भवन मिलाकर 3000 व्यक्तियों की क्षमता वाला कन्वेंशन हॉल जिसमें 4500 व्यक्तियों के भोजन करने की क्षमता, अतिथियों के लिये सर्वसुविधायुक्त 15 कमरे जिनमें 5 सुइटस एवं 10 अतिरिक्त बड़े कुल 40 बेड क्षमता वाले कमरे, पुराने एवं नवीन भवनों के बीच बफर ओपन स्पेस (इनमें सामाजिक, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और प्रदर्शनियों की सुविधा), 300 व्यक्तियों के लिये डाइनिंग रेस्टोरेंट, बिजनेस सेंटर (प्रेस लॉन्ज, ट्रैवल डेस्क, मनी चेंजर, निजी लॉउन्ज एवं टी लॉउन्ज), मॉडर्न बिल्डिंग मैनेजमेंट, फायर फाइटिंग सिस्टम और ऑडियो-वीडियो युक्त आधुनिक तकनीक एवं एकॉस्टिक इंटीरियर्स के साथ ही 2000 व्यक्तियों की क्षमता का बैंक्वेट हॉल भी बनेगा। इसमें 400 वाहनों की पार्किंग व्यवस्था भी होगी। कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर और प्रस्तावित नवीन कन्वेंशन सेंटर दोनों परिसरों को एक कॉरीडोर से जोड़ा जाएगा। वर्ष 2026 में बनकर तैयार होने वाला यह सेंटर निश्चित ही भोपाल के लिए यह अनूठी सौगात होगा। कार्यक्रम में विधायक रामेश्वर शर्मा, विधायक भगवानदास सबनानी, अध्यक्ष नगर निगम भोपाल कृष्ण सूर्यवंशी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। प्रारंभ में अतिथियों का स्वागत किया गया। प्रमुख सचिव पर्यटन शिवशेखर शुक्ला ने स्वागत उद्बोधन दिया और अतिथियों को स्मृति चिन्ह प्रदान किए। पर्यटन निगम के … Read more

मध्यप्रदेश में वन्य जीव पर्यटन के विकास के लिए महत्वपूर्ण कदम: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश वन्य जीव पर्यटन के विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण कदम उठाने वाला राज्य है। प्रदेश का चम्बल अंचल और निकटवर्ती क्षेत्र पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान बनाएगा। इस अंचल में जहां एशिया का प्रथम चीता प्रोजेक्ट लागू कर चीतों के पुनर्वास का महत्वपूर्ण कार्य हुआ है और अब चीतों की दूसरी पीढ़ी ने भी जन्म ले लिया है। घड़ियाल प्रोजेक्ट के क्रियान्वयन और अब माधव नेशनल पार्क प्रदेश के 9वें टाइगर रिजर्व के रूप में अधिसूचित होने से यह क्षेत्र पर्यटकों के और अधिक आकर्षण का केन्द्र बनेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर परिसर में टी.वी. चैनल्स प्रतिनिधियों से चर्चा में कहा कि माधव टाइगर रिजर्व के लिए अधिसूचना जारी कर दी गई है। वर्ष 1956 में स्थापित माधव नेशनल पार्क टाइगर रिजर्व घोषित होने से प्रदेश का 9वां टाइगर रिजर्व होगा, जो प्रदेश के वाइल्ड लाइफ टूरिज्म को बढ़ावा देगा। दो वर्ष पूर्व माधव राष्ट्रीय उद्यान में दो मादा और एक नर बाघ छोड़े गए थे। मादा बाघ ने दो शावकों को जन्म दिया है अब 2 बाघ और भी छोड़े जाएंगे, जिससे यहां 7 बाघ हो जाएंगे और प्राकृतिक ब्रीडिंग से बाघों की संख्या में वृद्धि होगी। शिवपुरी शहर के पास होने से पर्यटकों की सुविधा की दृष्टि से आदर्श होगा। कूनो राष्ट्रीय उद्यान में चीता और माधव राष्ट्रीय उद्यान में बाघ होने से पर्यटको को दो बड़े वन्य जीव देखने का अवसर प्राप्त होगा। माधव राष्ट्रीय उद्यान में बाघ के साथ ही तेंदुआ, भेड़िया, सियार, साही, अजगर, चिंकारा आदि वन्य प्राणी भी पाए जाते हैं। तीन माह में दूसरा टाइगर रिजर्व मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि तीन माह में प्रदेश में दूसरे टाइगर रिजर्व का प्रारंभ होना पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। डॉ. विष्णु श्रीधर वाकणकर के नाम से रातापानी अभयारण्य 8वां टाइगर रिजर्व था। वर्ष 2025 शुरूआत से वन्य जीवन पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण और अनुकूल सिद्ध हो रहा है। प्रदेश में वन्य जीवों के साथ मनुष्यों के सह-जीवन का अद्भुत उदाहरण देखने को मिलता है। वर्तमान में जितने भी टाइगर रिजर्व हैं, वहां पर्यटन विभाग के होटलों सहित वाहनों की शत-प्रतिशत बुकिंग की स्थिति रहती है। प्रदेश में पर्यटक संख्या निरंतर बढ़ती रहेगी।   recent visitors 29

भारत में नारी सदैव अग्रणी रही है, प्रथमा रही है। मातृशक्ति को आदि शक्ति माना जाता है

सी.एम. ब्लॉग अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस विशेष भोपाल "नारी अस्य समाजस्य कुशलवास्तुकारा अस्ति" “नारी समाज की आदर्श शिल्पकार है”, भारतीय दर्शन का यह उल्लेख नारी शक्ति और निर्माण का आह्वान है। भारत में नारी सदैव अग्रणी रही है, प्रथमा रही है। मातृशक्ति को आदि शक्ति माना जाता है। हमारी परंपरा, संस्कृति और चिंतन में नारी का सम्मान रहा है। यह हमारे लिये गौरव की बात है कि पूरे संसार ने महिला सशक्तिकरण को स्वीकार किया और 8 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर मैं नारी शक्ति और उनकी उपलब्धियों का अभिनंदन करता हूँ। विश्व पटल पर यह दिन चर्चा का विषय हो सकता है, लेकिन देश में हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के मार्गदर्शन में महिला सशक्तिकरण का संकल्प कार्य रूप में परिणित किया जा रहा है। मध्यप्रदेश में महिला सशक्तिकरण के लिये कई नवाचार हुए और अनेक योजनाओं को धरातल पर उतारा गया। इन योजनाओं का अनुकरण अन्य प्रांतों ने भी किया। इस तरह मध्यप्रदेश, देश में महिला सशक्तिकरण के लिए अग्रणी प्रांत बन गया। प्रधानमंत्री जी ने हमें विकास के साथ विरासत का सूत्र दिया है। भारत की वैचारिक विरासत नारी सम्मान की रही है।यदि सामाजिक वातावरण में मर्यादा होगी, नारी सम्मान होगा तो अपराध अपने-आप कम हो जायेंगे और नारी स्वयमेव सुरक्षित हो जाएगी। इसीलिए भारतीय संस्कृति में नारी सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। अपनी संस्कृति और परंपरा के अनुरूप हमने प्रदेश में आध्यात्मिक स्थलों की पवित्रता और नारी सम्मान के लिये 19 स्थानों को नशामुक्त करने का निर्णय लिया है। इससे हमारे धार्मिक स्थलों की पवित्रता बनी रहेगी, नैतिक मूल्यों को मजबूती मिलेगी, घरेलू हिंसा में नियंत्रण के साथ महिलाओं के सामाजिक तथा आर्थिक सशक्तिकरण को बल मिलेगा। मुझे उम्मीद है कि शराबबंदी से आध्यात्मिक स्थलों की पवित्रता के साथ महिलाओं के सम्मान को लेकर सकारात्मक बदलाव आयेगा। माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के मार्गदर्शन में भारत विकास की नई करवट ले रहा है। प्रधानमंत्री जी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्रों की श्रेणी में अग्रणी बनाने के लिए ज्ञान (GYAN) के सम्मान का मंत्र दिया है। इसके अंतर्गत गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी को सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाना है। विकास के आधार स्तम्भ में से एक, महिलाओं के समग्र सामाजिक-आर्थिक विकास और विमेन लीड डेवलपमेंट के प्रयास को समन्वित रूप से लागू करने के लिए प्रदेश में पहली बार देवी अहिल्या नारी सशक्तिकरण मिशन शुरू किया गया है। मिशन के प्रमुख उद्देश्यों में महिलाओं और बालिकाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, आर्थिक विकास, सुरक्षा, विभिन्न शासकीय सेवाओं की पहुँच में सुनिश्चितता, महिलाओं के आर्थिक स्वावलम्बन और समाज में आर्थिक भागीदारी बढ़ाने के लिए एकीकृत प्रयास शामिल हैं। नारी शक्ति मिशन के तहत बालिका शिक्षा, स्वास्थ्य, लाड़ली लक्ष्मी योजना, लाड़ली बहना योजना, लखपति दीदी योजना, महिला स्व-सहायता समूहों के सशक्तिकरण आदि कार्य सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ किये जा रहे हैं। भारतीय जीवनशैली में महिलाओं की भूमिका सदैव अग्रणी रही है। हम जितने अधिक अवसर बहन-बेटियों को देंगे, सुविधाएँ देंगे तो वे समाज को कई गुना लौटाकर देंगी। महिला शक्ति से देश नई ऊँचाई तक पहुँच सकता है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महिलाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है। समय के साथ शिक्षा, तकनीक और अन्य क्षेत्रों में उनकी भूमिका बढ़ रही है। मोदी जी ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल विकास के माध्यम से महिलाओं को प्रोत्साहित करने का आह्वान किया जिससे महिलाओं की भूमिका न केवल परिवार और समाज के विकास में अग्रणी रहे, अपितु विकसित भारत अभियान में भी उनकी सहभागिता हो। प्रधानमंत्री जी ने आवास, उज्ज्वला, आयुष्मान, मातृ वंदना, महिला स्व-रोज़गार, सुकन्या समृद्धि आदि योजनाओं की श्रृंखला से महिलाओं के समग्र विकास को सुनिश्चित किया है। मेरा मानना है कि नारी का गौरव राष्ट्र के सपने पूरे करने में बड़ी भूमिका निभाएगा। मुझे यह बताते हुए संतोष है कि विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं के सम्मान और सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जनप्रतिनिधित्व में एक-तिहाई महिलाओं को शामिल किया है। मध्यप्रदेश, देश का पहला ऐसा राज्य है जिसमें शासकीय सेवाओं में महिलाओं के लिए आरक्षण 33 प्रतिशत से बढ़ाकर 35 प्रतिशत कर दिया है। प्रदेश में लाडो अभियान, शौर्या दल, मुख्यमंत्री महिला सशक्तिकरण योजना, मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास कार्यक्रम चलाये जा रहे हैं। बहनों के मान-सम्मान और स्वाभिमान के लिये लाड़ली बहना योजना से महिलाओं को और सैनिटेशन एवं हाइजीन योजना से प्रदेश की 19 लाख बालिकाओं को आर्थिक संबल दिया है। मध्यप्रदेश में किशोरियों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए किए जा रहे प्रयासों की यूनिसेफ ने सराहना की है। प्रदेश में नए-नए उद्योग आ रहे हैं, इनमें महिलाओं को बड़ी संख्या में रोज़गार मिल रहा है। रेडीमेड गारमेंट उद्योग में कार्य करने वाली बहनों को प्रोत्साहन राशि प्रदान की जा रही है। हम हाल ही में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में 18 नीतियाँ लेकर आये हैं। इनमें एमएसएमई विकास नीति में महिला उद्यमी इकाई को विशेष लाभ का प्रावधान है। ड्रोन संवर्धन नीति में हमारी ड्रोन दीदी योजना अधिक विस्तारित होगी। हमारी स्व-सहायता समूह की बहनें माननीय प्रधानमंत्री जी के लोकल से ग्लोबल के लक्ष्य को धरातल पर उतार रही हैं। प्रदेश में लगभग पाँच लाख से अधिक स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने स्वावलंबन का जनांदोलन खड़ा कर दिया है। प्रदेश की बीपीएल श्रेणी की 4 लाख से अधिक महिलाएँ लखपति दीदी बन गई हैं। मध्यप्रदेश में महिलाओं के लिए किये जा रहे प्रयासों का परिणाम है कि प्रदेश में महिला सशक्तिकरण के नये आयाम विकसित हुए हैं। वे सशक्त, समृद्ध और स्वावलंबी होकर आत्मनिर्भर हो रही हैं। माननीय प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में महिला सशक्तिकरण के लिए जो कदम उठाये जा रहे हैं, मुझे पूरी उम्मीद है कि इससे बेटा-बेटी, महिला-पुरुष के बीच का भेदभाव समाप्त होगा। महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा के लिए समाज, सरकार और कानून सभी का समान रूप से सहयोग आवश्यक है तभी हम बेहतर समाज का निर्माण कर सकते हैं। मैं प्रदेश की सभी बहनों को यह विश्वास दिलाता हूँ कि मध्यप्रदेश सरकार और उनका भाई उनके साथ है। व्यक्ति, परिवार और समाज निर्माण के केन्द्र में नारी है। इसीलिए प्रधानमंत्री जी ने विकसित भारत निर्माण के लिए महिला स्वावलंबन और सम्मान की बात कही है। उन्होंने विश्व में भारत को सर्वश्रेष्ठ स्थान पर … Read more

अंतर्राष्‍ट्रीय महिला दिवस पर ग्रामीण आजीविका मिशन में कई नवाचारों एवं अभियानों का होगा शुभारंभ

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अंतर्राष्‍ट्रीय महिला दिवस 08 मार्च को कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में म. प्र. राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के स्‍व-सहायता समूहों को बैंक ऋण राशि वितरण, डीडीयूजीकेवाय अंतर्गत प्रशिक्षण प्राप्‍त बेटियों को नियुक्ति पत्रों का वितरण करेंगे। कार्यक्रम में भोपाल शहर में चलित जैविक हाट बाजार के तीन वाहनों को हरी झण्‍डी दिखाकर रवाना करने के साथ ही मिशन के अन्‍य कार्यों का शुभारंभ किया जायेगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव महिला स्व सहायता समूहों द्वारा उनके उत्पादों की प्रदर्शनी का अवलोकन भी करेंगे। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल एवं राज्‍य मंत्री श्रीमती राधा सिंह भी कार्यक्रम में उपस्थित रहेंगीं। म.प्र. ग्रामीण आजीविका मिशन के डिजीटल ई-न्‍यूज लैटर ‘’आजीविका अनुभूति’’ का विमोचन किया जायेगा। सीहोर जिले के समूह सदस्‍यों को आवागमन हेतु 200 ई-सायकिल का वितरण, प्रदेश के छह प्रमुख शहरों भोपाल, इन्‍दौर, ग्‍वालियर, जबलपुर, उज्‍जैन एवं धार में जैविका हाट बाजारों का शुभारंभ, वित्‍तीय साक्षरता अभियान का शुभारंभ, दीनदयाल उपाध्‍याय ग्रामीण कौशल योजना (डीडीयूजीकेवाय) अंतर्गत विशेष रूप से युवितयों के लिये 05 प्रशिक्षण बैच, आरसेटी के माध्‍यम से बालाघाट, डिण्‍डोरी एवं अलीराजपुर जिलों में पारंपरिक कला एवं शिल्‍प के प्रोत्‍साहन हेतु कौशल प्रशिक्षण का शुभारंभ, डीडीयूजीकेवाय अंतर्गत 1000 युवतियों को नियुक्ति पत्र प्रदाय किए जाएंगे। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर ‘’पढेंगे हम–बढेंगे हम’’ साक्षरता अभियान का शुभारंभ और भोपाल शहर में चलित जैविक हाट बाजार हेतु तीन वाहनों को हरी झण्‍डी दिखाकर रवाना किया जायेगा। इस अवसर भोपाल जिले के 02 स्‍व-सहायता समूहों को 10-10 लाख रूपये का बैंक ऋण राशि भी प्रतीक स्‍वरूप दी जायेगी।   recent visitors 39