दुग्ध उत्पादन क्षेत्र में 4,000 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्रस्तुत किए :CM यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश की समृद्ध कृषि परंपरा और सतत विकास की नीति अब वैश्विक निवेशकों का ध्यान आकर्षित कर रही है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट भोपाल में निवेशकों ने कृषि, खाद्य प्रसंस्करण और दुग्ध उत्पादन क्षेत्र में 4,000 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्रस्तुत किए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इसे प्रदेश की हरित और श्वेत क्रांति के लिए मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा कि जीआईएस भोपाल में प्राप्त निवेश प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के भारत को वैश्विक "फूड बास्केट" बनाने के संकल्प को साकार करने में मध्यप्रदेश अहम भूमिका निभाएगा। जैविक खेती में अग्रणी मध्यप्रदेश मध्यप्रदेश पहले ही देश का सबसे बड़ा जैविक खेती वाला राज्य बन चुका है। देश की कुल जैविक खेती में 40% योगदान देने वाले राज्य ने अब इस क्षेत्र का विस्तार कर 17 लाख हेक्टेयर से 20 लाख हेक्टेयर तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा है। सरकार किसानों को निःशुल्क सोलर पंप उपलब्ध करा रही है ताकि वे पर्यावरण अनुकूल तरीकों से उत्पादन कर सकें। राज्य में उद्यानिकी क्षेत्र में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। बीते वर्षों में बागवानी फसलों का रकबा27 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 32 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गया है। इससे राज्य के फल-सब्जी उत्पादकों को भी सीधा लाभ मिलेगा। मध्यप्रदेश बनेगा दुग्ध उत्पादन का हब प्रदेश दूध उत्पादन में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो चुका है। वर्तमान में देश के कुल दुग्ध उत्पादन में 9% योगदान देने वाला मध्यप्रदेश अब इसे 20% तक बढ़ाने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि सांची ब्रांड ने राष्ट्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय बाजार में अपनी मजबूत पहचान बना ली है। प्रदेश में वर्तमान में प्रतिदिन 591 लाख किलो दूध का उत्पादन हो रहा है। इससे प्रदेश देश में तीसरा सबसे बड़ा दुग्ध उत्पादक राज्य बन गया है।  नवाचार और खाद्य प्र-संस्करण में निवेश की बाढ़ जीआईएस-भोपाल में "सीड-टु-शेल्फ" थीम पर केंद्रित एक विशेष सत्र आयोजित किया गया, जिसमें निवेशकों ने प्रदेश की अपार संभावनाओं को पहचाना। राज्य में 8 फूड पार्क, 2 मेगा फूड पार्क, 5 एग्रो-प्रोसेसिंग क्लस्टरऔर एक लॉजिस्टिक्स पार्क स्थापित किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्र-संस्करण योजना के तहत 930 करोड़ रुपये की सहायता राशि स्वीकृत की गई है। यहां 70 से अधिक बड़ी औद्योगिक इकाइयां और 3,800 से अधिक सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम इकाइयाँ पहले ही सक्रिय हैं। इनके जरिए कृषि उत्पादों की प्रोसेसिंग को बढ़ावा दिया जा रहा है। सिंचाई परियोजनाओं से होगा कृषि क्षेत्र का विस्तार प्रदेश में सिंचित रकबा तेजी से बढ़ा है। वर्ष 2003 में केवल 3 लाख हेक्टेयर भूमि सिंचित थी, जो अब 50 लाख हेक्टेयर तक पहुंच चुकी है। सरकार ने वर्ष 2028-29 तक इसे 1 करोड़ हेक्टेयर तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा है। नर्मदा, चंबल, ताप्ती, बेतवा, सोन, क्षिप्रा, कालीसिंध और तवा जैसी सदानीरा नदियों पर बनी सिंचाई परियोजनाओं से यह लक्ष्य संभव हो सकेगा। जीआईएस-भोपाल से रोजगार के नए अवसर जीआईएस-भोपाल में खाद्य प्र-संस्करण क्षेत्र में आये 4,000 करोड़ रुपये के निवेश से प्रदेश में 8,000 से अधिक रोजगार के अवसर सृजित होंगे। खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों के बढ़ने से किसान सीधे अपने उत्पाद का बेहतर मूल्य प्राप्त कर सकेंगे, जिससे राज्य की आर्थिक मजबूती को और बढ़ावा मिलेगा। जीआईएस-भोपाल में हरित और श्वेत क्रांति को लेकर मिले निवेश प्रस्तावों ने मध्यप्रदेश को देश का "फूड बास्केट" बनाने की दिशा में मजबूत कदम बढ़ाने का अवसर दिया है। कृषि, जैविक खेती, खाद्य प्रसंस्करण और दुग्ध उत्पादन में हुए ये निवेश प्रदेश के विकास की नई इबारत लिखने को तैयार हैं।   recent visitors 37

मुख्यमंत्री यादव ने अधिकारियों से बैठक लेकर निवेश को धरातल पर उतारने की पूरी कार्य योजना तैयार करने के निर्देश जारी किए

भोपाल मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आयोजित हुई ग्लोबल इन्वेस्टर समिट में मिले निवेश प्रस्ताव को लेकर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने अधिकारियों की बैठक लेकर उन्हें आवश्यक निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा है कि इन्वेस्टर समिट का असर धरातल पर दिखना चाहिए. इसके लिए सभी प्रस्तावों को लेकर अलग-अलग रिपोर्ट तैयार की जाएगी. राजधानी भोपाल में दो दिवसीय ग्लोबल इन्वेस्टर समिट का आयोजन किया गया, जिसमें देश-विदेश के बड़े उद्योगपतियों ने हिस्सा लिया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह सहित राजनीति के दिग्गजों ने भी इस इन्वेस्टर समिट में हिस्सा लेकर विदेश से आने वाले निवेश को लेकर वर्तमान समय को सबसे बेहतर बताया. अब मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने अधिकारियों से बैठक लेकर निवेश को धरातल पर उतारने की पूरी कार्य योजना तैयार करने के निर्देश जारी किए हैं. विदित है कि ग्लोबल इन्वेस्टर समिट में जापान, यूएस, यूएई सहित विश्व के कई देशों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया था. बैठक में सीएस अनुराग जैन, एसीएस राजेश राजौरा सहित कई विभागों के पीएस मौजूद थे. 26 लाख करोड़ से ज्यादा के निवेश प्रस्ताव मिले भोपाल में आयोजित की गई ग्लोबल इन्वेस्टर समिट में मध्य प्रदेश को 26.61 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले. दो दिनों तक चली समिट में भोपाल में सबसे ज्यादा 5.8 लाख करोड़ का निवेश मिला है, जबकि इंदौर और उज्जैन में 4.7 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले हैं. इन्हीं निवेश प्रस्ताव को धरातल पर उतरने के लिए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं. मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने बैठक में कही यह बात बैठक में शामिल प्रशासनिक अधिकारियों के सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने निवेश प्रस्ताव का फॉलोअप लेते हुए प्रगति रिपोर्ट प्रति सप्ताह प्रस्तुत करने के निर्देश जारी किए हैं. इसके अलावा यह भी कहा गया है कि निवेशकों से लगातार सीधा संपर्क बनाया जाए. मुख्यमंत्री ने अभी कहा है कि 2 साल के भीतर सभी उद्योग शुरू हो जाने चाहिए. इसके लिए इंफ्रास्ट्रक्चर को और भी बेहतर बनाया जाए.   recent visitors 53

CM मोहन यादव का बड़ा ऐलान, मध्य प्रदेश के किसानों को महज 5 रुपये में बिजली का कनेक्शन

भोपाल मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने किसानों के हित में बड़ा फैसला लिया है। किसानों को अब 5 रुपए में बिजली का स्थाई कनेक्शन मिलेगा। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि किसानों को अब 5 रुपये में बिजली का स्थाई कनेक्शन दिया जाएगा। मध्य क्षेत्र को यह व्यवस्था तत्काल शुरू करने के निर्देश दिए हैं। चरणबद्ध रूप से पूरे प्रदेश में किसानों को यह सुविधा दी जाएगी। किसानों को सिंचाई के लिए सोलर पंप अगले तीन साल में किसानों को 30 लाख सोलर पंप दिए जाएंगे। किसानों को बिजली बिल से मुक्ति दिलाने का प्रयास है। हर साल 10-10 लाख कनेक्शन दिए जाएंगे। किसानों से सौर ऊर्जा खरीदकर उन्हें नगद भुगतान किया जाएगा। भोपाल में किसानों को संबोधित करते हुए सीएम मोहन यादव (Mohan Yadav) ने कहा कि मध्य प्रदेश केंद्रीय विद्युत वितरण कंपनी जल्द ही इस योजना को शुरू करेगी. उन्होंने कहा, ''जिन किसानों के पास स्थायी बिजली कनेक्शन नहीं है, उन्हें पांच रुपये में यह सुविधा दी जाएगी. हम किसानों का जीवन बेहतर बनाना चाहते हैं.'' एमपी के किसानों को सिंचाई के लिए सौर पंप मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार सिंचाई के लिए सौर पंप के माध्यम से किसानों को बिजली संबंधी परेशानियों से मुक्ति दिलाना चाहती है. उन्होंने कहा, ''अगले तीन सालों में किसानों को 30 लाख सौर सिंचाई पंप उपलब्ध कराए जाएंगे. सरकार किसानों से सौर बिजली खरीदेगी.'' किसानों को सिंचाई के लिए सोलर पंप अगले तीन साल में किसानों को 30 लाख सोलर पंप दिए जाएंगे। किसानों को बिजली बिल से मुक्ति दिलाने का प्रयास है। हर साल 10-10 लाख कनेक्शन दिए जाएंगे। किसानों से सौर ऊर्जा खरीदकर उन्हें नगद भुगतान किया जाएगा। सीएम मोहन यादव ने कांग्रेस को घेरा इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि जब कांग्रेस सत्ता में थी, तो गांवों में उचित बुनियादी ढांचा, बिजली और सड़कें नहीं थीं, लेकिन बीजेपी के शासन में स्थिति में सुधार हुआ हैइसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि जब कांग्रेस सत्ता में थी, तब गांवों में उचित बुनियादी ढांचा, बिजली और सड़कें नहीं थीं, लेकिन बीजेपी के शासन में स्थिति में काफी सुधार हुआ है। भोपाल में किसान आभार सम्मेलन मुख्यमंत्री मोहन यादव ने रविवार को 'किसान आभार सम्मेलन' में हिस्सा लेकर किसान भाई-बहनों से आत्मीय संवाद किया. भोपाल में मुख्यमंत्री निवास में ये सम्मेलन आयोजित किया गया था. सीएम ने कहा कि अन्नदाताओं के श्रम से अन्न के हर दाने में प्रदेश की समृद्धि की गूंज है. किसान कल्याण ही हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है और उनके विकास के लिए हमारा संकल्प अटूट है. धान पर 4000 रुपए प्रति हेक्टेयर बोनस, 2600 रुपए प्रति क्विंटल में होगा गेहूं का उपार्जन इससे पहले शनिवार को सीएम डॉ. मोहन यादव ने बालाघाट में ऐलान किया था कि राज्य सरकार किसानों के हित में निरंतर निर्णय लेती जा रही है। राज्य सरकार ने गेहूं को खरीदने के लिए 2600 रुपए प्रति क्विंटल की राशि न्यूनतम समर्थन मूल्य के रूप में निर्धारित की है। समर्थन मूल्य के अलावा किसानों को भुगतान के लिए 175 रुपए बोनस देने की व्यवस्था की गई है। इसी तरह राज्य सरकार अब धान उपार्जन के लिए प्रति हेक्टेयर 4000 रुपए की राशि किसानों के खाते में डालने जा रही है। सभी किसान भाइयों के खाते में राशि मार्च में ही राशि अंतरित की जाएगी। सीएम मोहन यादव ने किए और भी ऐलान     सीएम ने कहा कि किसानों की जिंदगी बेहतर करने के लिए प्रत्येक आवश्यक निर्णय लिया जाएगा।मध्य प्रदेश में देश का करीब एक चौथाई कपास होता है, इस फैसले से कपास उत्पादक किसान लाभान्वित होंगे।दूध उत्पादन पर बोनस देंगे।     गोपाल कृष्ण के देश में हम प्रदेश में गाय पालन पर अनुदान देंगे। इसके लिए गांव गांव में प्रोत्साहन देंगे। बड़े नगरों में 10,000 क्षमता की गौशालाएं संचालित होगी।प्रति गाय बीस के स्थान पर 40 रुपए अनुदान की व्यवस्था की जाएगी। उन्नत बीज,कृषि यंत्र किसानों को दिलवाने के लिए मेले लगाए जाएंगे।     कार्यक्रम में बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा, कृषि मंत्री एंदल सिंह कंसाना, खाद एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत मौजूद रहे। recent visitors 27

जीवन-मृत्यु व्यक्ति के हाथ में नहीं है, लेकिन संत लोगों को धर्म की राह दिखाकर सद्मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित कर उनके जीवन को सार्थक बनाते : मुख्यमंत्री

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जीवन-मृत्यु व्यक्ति के हाथ में नहीं है, लेकिन संत लोगों को धर्म की राह दिखाकर सद्मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित कर उनके जीवन को सार्थक बनाते हैं। सांस्कृतिक, धार्मिक मूल्यों की स्थापना तथा समाज और राष्ट्र के निर्माण में संतों और गुरुओं की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज कुबेरेश्वर धाम सीहोर में आयोजित रुद्राक्ष महोत्सव में शामिल होकर श्रद्धालुओं को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पं. प्रदीप मिश्रा जी लोगों में ईश्वर के प्रति आस्था और भक्ति जागृत कर लोगों का धार्मिक, आध्यात्मिक उत्थान कर रहे है। उन्होंने कहा कि पं. मिश्रा ने भोपाल के निकट सीहोर में कुबेरेश्वर धाम की स्थापना कर इस क्षेत्र को एक नई धार्मिक पहचान दी है। उन्होंने कहा कि दुनिया के दो सौ से अधिक देशों में भारत सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है और सबसे बड़े देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने प्रयागराज कुंभ में गगा स्नान कर देश की सनातन संस्कृति के प्रति देशवासियों की अटूट आस्था का संदेश दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार को सभी संतो का मार्गदर्शन मिला है। समय-समय पर हम और हमारी सरकार उनसे कई अवसरों पर विचार-विमर्श भी करती है। संतो से हमें सरकार चलाने का नैतिक बल मिलता है जिससे हम अधिक मजबूती के साथ प्रदेश के विकास और लोगों के कल्याण के लिए काम कर  रहे   हैं। उन्होंने कहा कि हमने संपूर्ण प्रदेश में गौ-शालाओं का निर्माण किया है और गौ-शालाओं में गौ-माता के लिए बेहतर परिवेश उपलब्ध करा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गौ-माता परमात्मा की हम पर असीम कृपा है। गौ-माता प्रकृति और परमात्मा के बीच संबंध का सूत्र है। बेसहारा, अशक्त और वृद्ध गौ-माताओं के आश्रय के लिए भोपाल सहित सभी बड़ी नगर निगमों में 10 हजार क्षमता की गौ-शालाएं बनाई जाएगी। दुग्ध उत्पादन पर भी प्रोत्साहन स्वरूप बोनस प्रदान किया जाएगा। दस से अधिक गाय पालने वालों को अनुदान दिया जाएगा। गांव-गांव में गोपालन और दुग्ध उत्पादन को प्रोत्साहन देने के लिए अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा। गौ-शाला चलाने वालों को प्रति गाय 20 रुपये के स्थान पर 40 रुपये का अनुदान देकर गौ-शालाओं को सक्षम बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार प्रदेश के विकास के साथ-साथ सामाजिक सरोकार के भी काम कर रही है। प्रदेश सरकार कल्याणी बहनों के पुनर्विवाह के लिए दो लाख रुपए प्रदान करेगी। ताकि बहनों का फिर से घर बस सके और उनके जीवन में खुशियां आए। उन्होंने कहा कि सभी महत्वपूर्ण धार्मिक एवं तीर्थ-स्थानों का विकास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि गर्मी के दिनों में क्षिप्रा का पानी सूख जाता है। क्षिप्रा को पूरे साल प्रवहमान बनाये रखने की व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने कहा कि सभी नगरीय निकायों में गीता भवन बनाने की योजना बनाई है। प्रदेश सरकार ने धार्मिक स्थलों वाले 19 स्थानों में शराब की दुकानें बंद करने का निर्णय लिया इसके साथ ही खुले में मांस विक्रय पर प्रतिबंध लगाया है। रुद्राक्ष महोत्सव में राजस्व मंत्री श्री करण सिंह वर्मा, विधायक श्री सुदेश राय, पिछड़ा वर्ग अयोग के सदस्य श्री सीताराम यादव, नगर पालिका अध्यक्ष श्री प्रिंस राठौर, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्री जसपाल अरोरा कलेक्टर श्री बालागुरू के, एसपी श्री दीपक कुमार शुक्ला तथा जिला पंचायत सीईओ डॉ. नेहा जैन उपस्थित थीं।   recent visitors 30

मुकुंदपुर व्हाइट टाइगर सफारी को एक बार फिर सफेद बाघ ‘मोहन’ मिल गया

मैहर मध्यप्रदेश के मैहर जिले स्थित मुकुंदपुर व्हाइट टाइगर सफारी को एक बार फिर सफेद बाघ 'मोहन' मिल गया है। सफेद बाघ को एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत पिछले महीने ग्वालियर जू से लाया गया था। रविवार को सफेद नर बाघ का नामकरण डेप्युटी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने किया है। इसका नाम मोहन रखा गया है। निरीक्षण करने पहुंचे थे डेप्युटी दरअसल, रविवार को प्रदेश के डेप्युटी सीएम राजेन्द्र शुक्ल ने मैहर स्थित महाराजा मार्तण्ड सिंह व्हाइट टाइगर सफारी का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने महाराजा मार्तण्ड सिंह व्हाइट टाइगर सफारी के निर्माणाधीन बाड़ों का कार्य शीघ्र पूर्ण कराएं जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माणाधीन बाड़ों का कार्य जल्दी पूरा कराए ताकि वहां विभिन्न प्रजातियों के जीवों को रखा जा सके। साथ ही उन्होंने सरीसृप प्रजाति के लिए बनाए जा रहे रेप्टाइल हाउस के निर्माण कार्य का भी निरीक्षण किया है। साथ ही पूर्ण गुणवत्ता के साथ कार्य को पूरा करने के निर्देश दिए हैं। व्हाइट टाइगर का नाम मोहन रखा डेप्युटी सीएम राजेन्द्र शुक्ल ने व्हाइट टाइगर सफारी मुकुंदपुर का भ्रमण कर ग्वालियर से लाए गए नए मेहमान व्हाइट टाइगर के शावक को देखा है। उन्होंने नर बाघ शावक का नाम विंध्य क्षेत्र के सफेद बाघ के पितामह 'मोहन' के नाम को जीवंत रखने के लिए फिर से सफेद बाघ का नाम मोहन रखा है। परिंदों को देखकर खुश हुए डेप्युटी सीएम वहीं, डेप्युटी सीएम ने निर्माणाधीन रेप्टाइल हाउस के निरीक्षण के दौरान सर्प की प्रजातियों और उनके रहवास से संबंधित जानकारी भी ली है। साथ ही वर्ल्ड एवियरी बाड़े का भ्रमण कर रंग-बिरंगे परिंदों को भी देख खुश हुए है। पहले महाराजा ने रखा था नाम मोहन गौरतलब है कि मोहन की कहानी रीवा से शुरू होती है जो पूरी दुनियाभर में मशहूर है। आपको बता दें कि 27 मई 1951 को रीवा महाराजा मार्तण्ड सिंह को सीधी जिले के पनखोरा गांव के बरगड़ी जंगल में शिकार के दौरान एक 6 माह के सफेद बाघ का शावक मिला था। महाराजा ने उसका नाम 'मोहन' रखकर अपने संरक्षण में पाला था। मानता जाता है कि आज दुनिया में जितने भी सफेद बाघ हैं, वे सभी मोहन के वंशज माने जाते हैं। recent visitors 30

मुख्यमंत्री ने उद्योगपतियों से कटनी के औद्योगिक विकास पर किया संवाद

कटनी सहित प्रदेश के 10 अलग- अलग स्थानों में होगी इंडस्ट्री कॉन्क्लेव : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य में औद्योगिक निवेश के लिए बेहतर और अनुकूल वातावरण मुख्यमंत्री ने उद्योगपतियों से कटनी के औद्योगिक विकास पर किया संवाद भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य में औद्योगिक निवेश के लिए बेहतर और अनुकूल वातावरण है। प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्ध संसाधन और संभावनाओं को देखते हुए कटनी सहित 10 अलग-अलग जिलों में इंडस्ट्री कॉन्क्लेव का आयोजन किया जाएगा। कटनी जिला औद्योगिक निवेश की दृष्टि से संभावनाओं वाला जिला है। कटनी में उद्योग एवं निवेश को बढ़ावा देने से रोजगार और आर्थिक विकास के नए अवसर सृजित होंगे। ऐसे में कटनी में शीध्र ही मिनरल एंड माइनिंग और फूड प्रोसेसिंग संबंधी इंडस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित की जायेगी। मुख्यमंत्री ने यह बात रविवार को कटनी जिले में औद्योगिक विकास के संबंध में उद्योगपतियों से संवाद में कही। सांसद शहडोल श्रीमती हिमाद्री सिंह, विधायक मुड़वारा संदीप श्रीप्रसाद जायसवाल, विधायक बहोरीबंद प्रणय प्रभात पाण्डे, विधायक बड़वारा धीरेन्द्र बहादुर सिंह, महापौर श्रीमती प्रीति सूरी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सुनीता मेहरा और दीपक टंडन मंचासीन रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए वर्ष-2025 को उद्योग एवं रोजगार वर्ष घोषित किया गया है। पूरे वर्ष प्रदेश में औद्योगिक विकास को लेकर एक मिशन के तौर पर प्रयास किये जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके तहत माइनिंग मिनरल, फूड प्रोसेसिंग जैसी जिस प्रकार की, जिस स्थान पर संभावनाएं उपलब्ध होंगी, प्रदेश की उन 10 अलग-अलग जगहों में इंडस्ट्री कॉन्क्लेव का आयोजन होगा। उन्होंने कहा कि इसकी शुरूआत सबसे पहले इंदौर से आईटी, सेमीकंडक्टर व आर्टिफिशियल इंजीनियरिंग पर केन्द्रित इंडस्ट्री कॉन्क्लेव और फिर उज्जैन में पर्यटन (विशेषकर धार्मिक पर्यटन) और फूड प्रोसेसिंग के मद्देनजर इंडस्ट्री कॉन्क्लेव का आयोजन किया जाएगा। इसके बाद अन्य स्थानों में भी इंडस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कटनी में माइनिंग एवं मिनरल्स, फूड प्रोसेसिंग, चूना उद्योग, मार्बल उद्योग के नजरिये से औद्योगिक विकास की असीम संभावनाएं हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार समाज के सभी वर्गों की बेहतरी के लिए कदम से कदम मिलाकर चल रही है। मध्यप्रदेश में औद्योगिक निवेश के नजरिए से अनुकूलता है। राज्य में अलग-अलग प्रकार की परिस्थितियों के साथ संभावनाएँ भी है। मध्यप्रदेश अपने रणनीतिक प्रयासों से औद्योगिक विकास के नये युग की ओर अग्रसर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योगपतियों से जनसंवाद के दौरान ही संभागायुक्त जबलपुर अभय वर्मा एवं कलेक्टर कटनी दिलीप कुमार यादव से कहा कि वे उद्योगपतियों के हित व औद्योगिक विकास के नजरिए से शासन की सभी 18 प्रकार की नीतियों और उद्योग की स्थापना में मिलने वाले लाभों की जानकारी उद्योगपतियों को उपलब्ध कराएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योगपतियों से संवाद कार्यक्रम की शुरूआत माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप-प्रज्जवलन से की। इसके बाद उद्योगपतियों के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री का पुष्प-गुच्छ से स्वागत किया। जिला प्रशासन नें मुख्यमंत्री डॉ. यादव को एक जिला एक उत्पाद के तहत चयनित कटनी सैंड स्टोन से निर्मित अशोक स्तंभ की प्रतिकृति भेंट की। उद्योगपतियों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को भगवान पिंड गणेश की प्रतिमा भेंट की। बैठक में जिला पंचायत उपाध्यक्ष अशोक विश्वकर्मा, सहित उद्योगपति पवन मित्तल, अरविंद गुगालिया, लघु उद्योग भारती के महामंत्री अरूण कुमार सोनी के अलावा माइनिंग एंड मिनरल्स, हेल्थ, एजुकेशन, दाल एवं राईस मिल, होटल व्यवसाय से संबंधित उद्योगपतियों की मौजूदगी रहीं।   recent visitors 36

मुख्यमंत्री शिव महापुराण कथा में हुए शामिल

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सनातन धर्म की कथा अच्छी तरह से जीवन जीने की प्रेरणा देती है। सनातन धर्म में 18 पुराणों में सर्वश्रेष्ठ शिव पुराण को माना जाता है। काल के देवता महाकाल और महादेव एक ही हैं। इन्हें देवता और असुर समान रूप से पूजकर आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सतना जिले के रामपुर बघेलान में आयोजित शिव महापुराण कथा में शामिल होने के बाद रविवार को श्रद्धालुओं को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने व्यास पीठ पर विराजित राजगुरु बद्री प्रपन्नाचार्य जी और पोडी धाम के स्वामी वल्लभाचार्य जी महाराज से आशीर्वाद प्राप्त किया और पूर्व मंत्री स्व. हर्ष नारायण सिंह की पुण्यतिथि पर पुष्पांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रामपुर बघेलान के विधायक विक्रम सिंह और श्रीमती शिवांगी सिंह द्वारा पूर्व मंत्री स्व. हर्ष नारायण सिंह की पुण्यतिथि पर आयोजित शिव महापुराण कथा में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत का यह स्वर्णिम समय है, जब अयोध्या में भगवान श्रीराम का मंदिर जगमगा रहा है। महाकुंभ में देश-विदेश के करोड़ों लोगों ने स्नान कर पुण्य लाभ लिया है। उन्होंने कहा कि महाकुंभ और कथा जैसे धार्मिक समागम हमारी ऊर्जा और सनातन प्राचीन संस्कृति से जोड़ने के अवसर प्रदान करते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में जहां-जहां भगवान राम और कृष्ण की लीलाएं हुई हैं, उन सभी स्थानों को जगमगाने का संकल्प प्रदेश सरकार ने लिया है। चित्रकूट धाम भी अयोध्या की तरह जगमगाएगा। आने वाले समय में मध्यप्रदेश देश का सबसे सुंदर राज्य बनेगा। शिव महापुराण कथा में उप-मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल, नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी, विधायक विक्रम सिंह, सुरेंद्र सिंह गहरवार, जिला पंचायत अध्यक्ष रामखेलावन कोल और भगवती प्रसाद पाण्डेय सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।   recent visitors 24