भोपाल के प्रमुख मार्गों पर सम्राट विक्रमादित्य और राजा भोज सहित महापुरूषों के नाम पर द्वार बनाए जाएंगे-मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश का गौरवशाली इतिहास रहा है। प्रदेश के समृद्ध अतीत से वर्तमान पीढ़ी को अवगत कराने और हमारी संपन्न सांस्कृतिक धरोहर के प्रकटीकरण के लिए राजधानी भोपाल के प्रमुख मार्गों पर सम्राट विक्रमादित्य और राजा भोज सहित महापुरूषों के नाम पर द्वार बनाए जाएंगे। भोपाल सहित प्रदेश के कई स्थानों की पहचान यहां के शासकों से रही है। चक्रवर्ती सम्राट के रूप में शासन करने वाले सम्राट विक्रमादित्य की वीरता, न्याय, त्याग, दानशीलता, पराक्रम, पुरुषार्थ और सुशासन से इतिहास में उन्हें विशेष स्थान प्राप्त हुआ। अद्वितीय शासक रहे राजा भोज ने बड़े तालाब सहित अनेकों रचनाओं का निर्माण कराया, जो आज भी भोपाल सहित प्रदेश के कई भागों में उनकी स्मृतियों को जीवंत करती हैं। महापुरूषों के नाम पर द्वार निर्माण की राज्य सरकार की इस पहल से प्रदेशवासी अपने गौरवशाली अतीत से परिचित होंगे और उन्हें गर्व की की अनुभूति होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया को जारी संदेश में यह विचार व्यक्त किए।   recent visitors 26

कैबिनेट में विकास योजना के लिए नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम की धारा 66 में संशोधन करने का निर्णय लिया गया

भोपाल मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में उज्जैन में महाकाल मंदिर में होमगार्ड स्वयंसेवी सैनिकों के 488 पद स्वीकृत करने की मंजूरी दी गई। इस पर सालाना 17 करोड़ रुपये का व्यय आएगा। एक वर्ष के भीतर यह प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। मोहन कैबिनेट के अन्य अहम फैसले     विकास योजना के लिए नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम की धारा 66 में संशोधन करने का निर्णय लिया गया। अब विशेष क्षेत्र के बाहर यदि किसी विभाग को परियोजना लेकर आनी है तो उसे शासन द्वारा अनुमति दे दी जाएगी।     यह परियोजना किसी भी सूरत में 500 करोड़ रुपये से कम की नहीं होगी। इसके साथ ही गेहूं के समर्थन मूल्य के ऊपर 175 रुपये प्रति क्विंटल और 2024 में उपार्जित धान के लिए कृषकों को चार हजार रुपये प्रति हेक्टेयर प्रोत्साहन राशि देने के निर्णय का अनुसमर्थन किया गया।     प्रदेश में 30 मार्च से 30 जून तक जल गंगा संवर्धन अभियान चलेगा। इसमें समस्त जल संरचनाओं की संरक्षण और संवर्धन का काम होगा। आंगनबाड़ी के कार्यकर्ताओं को बच्चों को सामान्य ज्ञान देने के लिए प्रशिक्षण दिलवाया जाएगा। किसानों के लिए फैसले मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के अनुसार, 15 मार्च से शुरू होने जा रही गेहूं की एमएसपी दर पर खरीदी के तहत सरकार 175 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से बोनस देने का फैसला किया है। ये बोनस एमएसपी की दर 2425 रुपए के अतिरिक्त दिया जाएगा। यानी समर्थन मूल्य पर किसानों को 2600 रुपए प्रति क्विंटल के भाव मिलेंगे। यही नहीं धान पर 4 हजार प्रति हैक्टेयर प्रोत्साहन राशि देने के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिली। सीमांकन-बटांकन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन डिजीटाइलेशन के लिए बैठक में 138.41 करोड़ का प्रावधान करने का फैसला लिया गया। कैबिनेट में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को मास्टर टीचर का प्रशिक्षण देने का भी फैसला लिया गया। इसमें आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को सिखाया जाएगा कि आंगनवाड़ी आने वाले बच्चों को व्यवहारिक ज्ञान के साथ सामान्य ज्ञान कैसे पढ़ाया जाए। एक और महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए सरकार ने तय किया है कि प्लानिंग एरिया के बाहर भी उद्योग स्थापित हो सकेंगे। प्रस्ताव आने पर बड़े उद्योग प्लानिंग एरिया के बाहर स्थापित करने का फैसला सरकार ले सकेगी। सीएम का अभिनंदन बैठक की शुरुआत से पहले कैबिनेट के सदस्यों ने सफल जीआईएस को लेकर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव का अभिनंदन किया। बैठक में 30.77 लाख करोड़ के निवेश जमीन पर उतारने की प्लानिंग साझा की गई। मुख्यमंत्री का फॉर्मूला तय किया गया कि सभी विभागों के प्रमुख सचिव हर सप्ताह निवेश प्रस्तावों की समीक्षा करेंगे। मुख्य सचिव हर महीने समीक्षा करेंगे और मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हर दो महीने में समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी। जल संरचनाओं के संरक्षण और संवर्धन के लिए 30 मार्च से पूरे प्रदेश में जय गंगा जल संवर्धन अभियान चलेगा। 30 जून तक चलने वाले इस अभियान के तहत वॉटर रिचार्ज को लेकर भी काम होंगे। कैबिनेट ने फैसला लिया है कि भारतीय नया साल यानी गुड़ी पड़वा का पर्व सरकार धूमधाम से मनाएगी। गुड़ी पड़वा पर पूरे प्रदेश में कार्यक्रम होंगे, तो उज्जैन में चल रहे विक्रमोत्सव के दौरान 30 मार्च को बड़ा आयोजन होगा। जनजातीय देवलोक की स्थापना और बजट सत्र की तैयारियां बैठक में एक और महत्वपूर्ण विषय जनजातीय देवलोक की स्थापना पर चर्चा होगी, जो राज्य के जनजातीय समुदाय के सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम होगा। इसके अलावा, 10 मार्च से शुरू होने वाले बजट सत्र में पेश होने वाले बजट पर भी विस्तृत चर्चा की जाएगी। मुख्यमंत्री इस सत्र में की जाने वाली नई घोषणाओं और योजनाओं को लेकर कैबिनेट के समक्ष अपनी राय रखेंगे। 15000 करोड़ रुपए से अधिक का होगा बजट बैठक में द्वितीय अनुपूरक बजट का भी अनुमोदन किया गया। यह 15000 करोड़ रुपये से अधिक होगा। 16 वें वित्त आयोग के समक्ष प्रदेश की वित्तीय स्थिति और 2026 से 2031 तक के लिए केंद्र सरकार से प्राप्त की जाने वाली राशि के संबंध में प्रस्तुतीकरण छह मार्च को होगा। इसमें सभी मंत्री उपस्थित रहेंगे। बजट सत्र के सवालों और सरकार की हाजिर जवाबी पर चर्चा मंत्रालय में हो रही इस बैठक में मंत्रियों को बजट सत्र के दौरान उठाए गए सवालों का समय पर जवाब देने की जिम्मेदारी दी जाएगी। इस सत्र में सरकार की हाजिर जवाबी को लेकर भी चर्चा होगी, जिससे सरकार के संवाद कौशल और कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे। अनुपूरक बजट पर भी मंजूरी मिली बैठक में दूसरे अनुपूरक बजट के प्रस्तावों पर भी चर्चा की जाएगी। इस बजट में सड़क, बिजली, इन्फ्रास्ट्रक्चर सहित अन्य विकास योजनाओं पर फोकस किया जाएगा। इसके अलावा, ब्याज की देनदारी से संबंधित बड़ी रकम को भी अनुपूरक बजट में शामिल किया जा सकता है। यह सरकार की वित्तीय स्थिति और विकास कार्यों को सुचारू रूप से आगे बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम होगा। recent visitors 49

बाल अपराधों को रोकने में बाल अधिकार संरक्षण आयोग की भूमिका सर्वाधिक महत्वपूर्ण: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

जीरो टॉलरेंस नीति से प्रदेश में महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों में आई गिरावट : मुख्यमंत्री डॉ. यादव शिक्षा के अधिकार का विस्तार कक्षा 12वीं तक हो: मुख्यमंत्री डॉ. यादव बाल अपराधों को रोकने में बाल अधिकार संरक्षण आयोग की भूमिका सर्वाधिक महत्वपूर्ण: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने शिक्षा का अधिकार अधिनियम, पोक्सो एक्ट और किशोर न्याय अधिनियम राज्य स्तरीय जागरूकता कार्यशाला का किया शुभारंभ भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि महिलाओं और बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों में गिरावट आई है। यह स्पष्ट रूप से राज्य सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति का परिणाम है। हम सुरक्षा, सशक्तिकरण और न्याय के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को निरंतर सुदृढ़ कर रहे हैं, जिससे अपराधों पर अंकुश लगा है। पिछले वर्षों में महिला एवं बाल अपराधों के प्रति सरकार की सख्ती स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। प्रदेश में महिलाओं और बच्चों के विरूद्ध गंभीर अपराधों के दोषियों के लिए मृत्युदंड का प्रावधान किया गया है। न्यायालयों द्वारा 48 प्रकरणों में मृत्युदंड के निर्णय दिए जा चुके हैं। सरकार और समाज मिलकर महिलाओं और बच्चों के साथ होने वाले अत्याचारों के प्रति जागृति लाएं। इस कार्य में बाल संरक्षण आयोग की भूमिका भी अहम है। सरकार आयोग के सुझावों को अमल में लाने के लिए संकल्पित है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोमवार को कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में मध्यप्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय कार्यशाला में यह बातें कही। कार्यशाला में प्रदेश के सभी जिलों से विभिन्न विभागों के अधिकारी, बाल कल्याण समिति के सदस्य समेत अन्य सदस्यों ने निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम-2009, पॉक्सो अधिनियम-2012 तथा किशोर न्याय अधिनियम-2015 जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया। इस अवसर पर महिला बाल विकास मंत्री श्रीमती निर्मला भूरिया, सदस्य बाल संरक्षण आयोग श्रीमती मेघा पवार और डॉ. निवेदिता शर्मा, डॉ. निशा सक्सेना सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में देश, स्वर्णिम काल में प्रगति के पथ पर अग्रसर है। विश्व में भारत की ख्याति फैल रही है। विश्व के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश भारत में प्रत्येकव्यक्ति निरंतर समर्थ हो रहा है। भारत बाहरी दुश्मनों से निपटने में सक्षम होने के साथ-साथ आंतरिक चुनौतियों का भी प्रभावी रूप से सामना कर रहा है। उन्होंने रामायण के प्रसंग का उल्लेख करते हुए कहा कि बच्चों और किशोरों में अपार क्षमता और ऊर्जा विद्यमान रहती है। इसीलिए महर्षि विश्वामित्र ने असुरों का विनाश करने के लिए महाराज दशरथ से बचपन में प्रभु श्रीराम और लक्ष्मण को मांगा था। प्रभु श्रीराम ने अपने पुरुषार्थ के बल पर असुरों का सर्वनाश किया। भगवान श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण का बाल्य स्वरूप सद्मार्ग पर चलने के लिए समाज को भिन्न-भिन्न रूप से प्रेरित करता है। जरूतमंद बच्चे जो आप तक नही आ पाये, उन तक आप पहुंचें : सुभूरिया महिला बाल विकास मंत्री सुनिर्मला भूरिया ने कहा की बच्चों के विकास की पहली शर्त उनका संरक्षण है और मुझे गर्व है कि डॉ. यादव के नेतृत्व में बच्चों के संरक्षण के लिये विभाग और प्रशासन सजग है। उन्होंने मध्यप्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग को बधाई देते हुए कहा कि आयोग बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा, उनके संरक्षण और उनके समुचित विकास से जुड़े अधिनियम-नियम पर केन्द्रित इस राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया। कार्यशाला न केवल बच्चों के शिक्षा के अधिकार के लिये है वरन बच्चों के संरक्षण के लिये बनाये गये विभिन्न अधिनियमों जैसे पॉक्सो अधिनियम और किशोर न्याय अधिनियम से जागरूक करने को लेकर भी है। मंत्री सुभूरिया ने उपस्थित बाल कल्याण आयोग और किशोर न्याय बोर्ड के अध्यक्ष/ सदस्यों से आग्रह किया कि उन्हें जो जिम्मेदारी दी गई है वो बहुत महत्वपूर्ण है और बच्चों को न्याय दिलाने के लिये है। समाज सेवा का ऐसा अवसर बार-बार नहीं मिलता इसलिये पूरी सजगता से बच्चों का संरक्षण सुनिश्चित हो इसका ध्यान रखें। आज अनाथ बच्चा किस संस्था में जायेगा या उसका पुनर्वास कहाँ होगा ये अधिकार आपके पास है और किसी के पास नहीं। तो इस अधिकार से बच्चों के प्रति संरक्षण के दायित्व मानकर उपयोग करें और कोशिश करें कि जरूतमंद बच्चे जो आप तक नही आ पाये उन तक आप पहुंचें। बच्चे ईश्वर का रूप होते हैं, बच्चे देश का भविष्य हैं और यदि हमें प्रधानमंत्री मोदी के विजन अनुसार देश का भविष्य स्वर्णिम बनाना है तो आज के बच्चों और युवाओं के वर्तमान को भी संवारना होगा, संरक्षित करना होगा और मुझे खुशी है कि आज मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में न केवल बच्चों के वर्तमान को मजबूत बनाया जा रहा है वरन उन्हें सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराया जा रहा है ताकि उनके व्यक्तित्व का अधिकतम विकास हो। मध्यप्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष रवींद्र मोरे ने कहा कि जिला स्तर पर प्रशासनिक अधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता एवं बाल कल्याण समिति के कार्यकर्ता की शक्तियां कम ज्यादा हो सकती हैं, लेकिन वे समान रूप से बाल कल्याण को समर्पित हैं और बच्चों के प्रति पूर्ण संवेदनशीलता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं। बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर ने संविधान में यह प्रावधान किया था कि राज्य सरकारों को बच्चों के कल्याण के लिए नियम बनाने का अधिकार मिलना चाहिए। यह उनकी दूरदर्शिता का घोतक है। मध्यप्रदेश सरकार ने बच्चों की शिक्षा की चिंता की है। मोरे ने शिक्षा का अधिकार को 12वीं कक्षा तक लागू करने का सुझाव मुख्यमंत्री डॉ. यादव के सामने रखा एवं कार्यशाला में सहभागिता के लिए उनका आभार माना।   recent visitors 32

मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय बजट में उद्घोषित नवीन योजनाओं तथा प्रचलित कार्यक्रमों में की गई वृद्धि के संदर्भ में अधिकारियों को दिए निर्देश

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है‍कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मंशा के अनुसार गरीब, युवा, अन्नदाता और महिला सशक्तिकरण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इनके कल्याण के लिए संचालित योजनाओं और कार्यक्रमों में केन्द्र सरकार द्वारा वर्ष 2025-26 के बजट में प्रदेश के लिए की गई वृद्धि का शत-प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित करते हुए गतिविधियां संचालित की जाएं। प्रदेश में वर्ष 2025 को उद्योग वर्ष घोषित किया गया है, युवाओं में उद्यमिता विकास और कौशल उन्नयन के लिए संबंधित संस्थाओं में बाजार की आवश्यकता के अनुसार गतिविधियां संचालित की जाएं। ग्राम स्तर तक स्वास्थ्य सुविधा और शिक्षा व्यवस्था का संचालन संवेदनशीलता के साथ हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव केन्द्र सरकार द्वारा वर्ष 2025-26 के बजट में उद्घोषित नवीन योजनाओं में किए गए प्रावधानों तथा प्रचलित योजनाओं में की गई वृद्धि के दृष्टिगत प्रदेश की प्राथमिकताओं के अनुरूप विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों के क्रियान्वयन के संबंध में अधिकारियों से समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में चर्चा कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के बड़े नगरों के आस-पास विद्यमान नगरीय निकायों और ग्राम पंचायतों में सड़क, पेयजल, विद्युत आपूर्ति, सीवेज जैसी मूलभूत व्यवस्थाओं का विकास इस दृष्टि से किया जाए ताकि नगरों की जनसंख्या बढ़ने पर जनसामान्य का जीवन सुगम बना रहे। नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे अतिरिक्त संसाधनों का उपयोग करते हुए प्रदेश को प्राकृतिक खेती के क्षेत्र में आदर्श राज्य के रूप में विकसित किया जाए। इसके साथ ही कृषकों को मूंगफली, सरसों जैसी तिलहन फसलों और ग्रीष्मकालीन मूंग के स्थान पर अन्य वैकल्पिक फसलों को लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाए। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन, प्रमुख सचिव वित्त मनीष रस्तोगी सहित विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव तथा प्रमुख सचिव उपस्थित थे।   recent visitors 34

राष्ट्रीय रोइंग प्रतियोगिता 7 मार्च तक चलेगी, 27 टीमों के 450 से अधिक एथलीट हो रहे हैा शामिल

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में भारत ने ओलम्पिक से लेकर एशियाड जैसी कई प्रतियोगिताओं में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। मध्यप्रदेश सहित देशभर के खिलाड़ियों ने वैश्विक स्तर पर खेलों में नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। खेलों से युवाओं में नेतृत्व कौशल एवं कई तरह की प्रतिभाओं का विकास होता है। प्रदेश सरकार युवाओं के कौशल विकास और खेलों को बढ़ावा देने के लिए कृत-संकल्पित है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोमवार को 42वीं नेशनल सीनियर रोइंग चैंपियनशिप के शुभारंभ अवसर पर उपस्थित जनसमूह एवं खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए यह विचार व्यक्त किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग सहित अन्य अतिथियों ने राजधानी भोपाल के बोट क्लब स्थित राज्य वॉटर स्पोर्ट्स अकादमी में आकाश में गुब्बारे छोड़कर राष्ट्रीय रोइंग चैंपियनशिप का शुभारंभ किया। मध्यप्रदेश खेल एवं युवा कल्याण विभाग की ओर से आयोजित 5 दिवसीय राष्ट्रीय प्रतियोगिता 7 मार्च तक चलेगी। इसमें मध्यप्रदेश सहित 23 राज्यों और भारतीय सेना, नौसेना एवं अखिल भारतीय पुलिस सर्विस समेत कुल 27 टीमों के 450 से अधिक पुरुष एवं महिला एथलीट शामिल हो रहे हैं। इस प्रतियोगिता में 14 इवेंट्स होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रोइंग प्रतियोगिता में शामिल खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भोपाल में हो रहा रोइंग महाकुंभ, उज्जैन के सिंहस्थ जैसा है। रोइंग कॉम्पिटिशन का अद्भुत आनंद भोपाल की बड़ी झील की सुंदरता में चार चांद लगा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आशा जताई है कि प्रदेश की बेहतर खेल नीतियों का लाभ युवा प्रतिभाओं को मिलेगा। राज्य सरकार द्वारा खेल एवं खिलाड़ियों के प्रोत्साहन के लिए 18 खेलों की 11 खेल अकादमी स्थापित की गई हैं। इनमें 3 खेल वॉटर स्पोर्ट्स कयाकिंग, रोइंग और सेलिंग भी शामिल हैं। खेल एवं युवा कल्याण मंत्री सारंग ने कहा कि पिछले 10 वर्षों में खेल क्षेत्र में भारत ने अभूतपूर्व उपलब्धियां हासिल की हैं। मध्यप्रदेश का खेल बजट कभी 6 करोड़ रूपए हुआ करता था, जो मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में बढ़कर 600 करोड़ रूपए हो गया। राष्ट्रीय खेलों में मध्यप्रदेश को पदक तालिका में तीसरा स्थान मिला है। प्रदेश के खिलाड़ियों ने 5 स्वर्ण और 4 रजत पदक सहित कुल 9 पदक अर्जित किए और वॉटर स्पोर्ट्स में ओवर ऑल प्रथम स्थान पर रहे। मध्यप्रदेश को रोइंग में नेशनल चैम्पियन का गौरव प्राप्त है। उन्होंने कहा कि खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश की सभी विधानसभाओं में एक-एक खेल केंद्र का निर्माण किया जाएगा। इस अवसर पर खिलाड़ियों ने रोइंग बोट के माध्यम से मार्च पास्ट किया एवं वॉटर स्पोर्ट्स शो में आकर्षक करतब दिखाए, जिनका खेल प्रेमियों ने भरपूर आनंद लिया। शुभारंभ कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव खेल, मनु श्रीवास्तव, खेल संचालक रवि गुप्ता, रोइंग फेडरेशन ऑफ इंडिया चेयरमैन ऑफ कॉम्पीटिशन बालाजी मर्दपा सहित अन्य अतिथि एवं खेल विभाग के पदाधिकारी तथा खिलाड़ी उपस्थित थे।   recent visitors 25

जनजातीय समुदायों की संस्कृति, पूजा पद्धतियों के संरक्षण के लिए प्रदेश में जनजातीय देवलोक विकसित किया जाएगा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

जनजातीय समुदायों की संस्कृति और पूजा पद्धतियों के संरक्षण के लिए जनजातीय देवलोक करेंगे विकसित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव जनजातियों की संस्कृति के संरक्षण और पूजा व त्यौहार आदि की विशेष व्यवस्था के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री डॉ. यादव  जनजातीय समुदायों की संस्कृति, पूजा पद्धतियों के संरक्षण के लिए प्रदेश में जनजातीय देवलोक विकसित किया जाएगा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव चार मार्च को मुख्यमंत्री निवास में होगा जनजातीय देवलोक महोत्सव भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जनजातियों की संस्कृति के संरक्षण और उनके त्यौहार तथा पूजा आदि की विशेष व्यवस्था के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। पश्चिमी मध्यप्रदेश में शीघ्र ही भगोरिया की शुरूआत हो रही है। मुख्यमंत्री निवास में भी मंगलवार 4 मार्च को जनजातीय देवलोक महोत्सव आयोजित किया गया है। उन्होंने कहा कि जनजातीय समुदायों की संस्कृति, पूजा पद्धतियों के संरक्षण के लिए प्रदेश में जनजातीय देवलोक विकसित किया जाएगा। जनजातीय समाज और उनकी परम्पराएं भारतीय संस्कृति का अभिन्न अंग है। इन परम्पराओं और उपासना पद्धतियों को जीवंत बनाए रखने तथा वर्तमान और आगामी पीढ़ियों को इनसे अवगत कराने के लिए शासकीय योजनाओं का लाभ लेते हुए, कार्य योजना का क्रियान्वयन आवश्यक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश में जनजातीय देवलोक स्थापना के लिए मंत्रालय में आयोजित बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में जनजातीय कार्य मंत्री कुंवर विजय शाह, मुख्य सचिव अनुराग जैन तथा अन्य अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में 7 प्रमुख जनजातियां और इनकी उपजातियों सहित 43 जनजातीय समुदाय निवास करते हैं। जनजातियों ने प्रकृति, प्रतीक और प्रतिमा में अपने देवधारणाओं को स्थापित किया है और इनके माध्यम से वे अपनी आस्था और धारणाओं का प्रकटीकरण करते हैं। प्रदेश के अलग-अलग भौगालिक क्षेत्रों में निवासरत जनजातीय समुदायों के देवी-देवता और उनके प्रतीक भिन्न-भिन्न हैं। अत: राज्य के जनजातीय समुदायों की मान्यताओं, आस्था, प्रतीकों के देवलोक को एक स्थान पर लाने के लिए प्रयास करना आवश्यक है। इन प्रयासों में जनजातीय समुदायों के ओझा, पटेल, पुजारा, तड़वी, भुमका, पंडा, गुनिया आदि के विचारों को भी समाहित किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देवलोक की स्थापना के लिए सभी जनजातियों के आवागमन की सुगमता को ध्यान में रखते हुए भूमि चिन्हित की जाए। बैठक में अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव वन अशोक बर्णवाल, प्रमुख सचिव संस्कृति एवं पर्यटन शिवशेखर शुक्ला, प्रमुख सचिव जनजातीय कार्य विभाग गुलशन बामरा, मुख्यमंत्री के संस्कृति सलाहकार राम तिवारी तथा लक्ष्मण सिंह मरकाम उपस्थित थे।   recent visitors 30

मानव और प्रकृति के कल्याण के लिए वन्य जीवों के संरक्षण का संकल्प लें : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मानव और प्रकृति के कल्याण के लिए वन्य जीवों के संरक्षण का संकल्प लें : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने विश्व वन्य जीव दिवस पर प्रदेशवासियों से किया आह्वान भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशवासियों से विश्व वन्य जीव दिवस पर मानव और प्रकृति के कल्याण के लिए वन्य जीवों के संरक्षण का संकल्प लेने का आव्हान किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वन्य जीवों की विविधता और उनका अस्तित्व हमारे पारिस्थितिकी तंत्र के संतुलन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वस्थ और समृद्ध पर्यावरण सुनिश्चित करना हमारा कर्तव्य है। इस दायित्व का हम पूर्ण प्रतिबद्धता से निर्वहन करें।   recent visitors 51