मध्य प्रदेश में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए अब फ्लैट में भी फैक्ट्रियां खोली जाएंगी, 16 फरवरी को भूमिपूजन

भोपाल  मध्य प्रदेश में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए अब फ्लैट में भी फैक्ट्रियां खोली जाएंगी. मध्य प्रदेश में इस तरह का पहला प्रयोग राजधानी भोपाल से सटे मंडीदीप में किया जा रहा है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 16 फरवरी को इसका भूमिपूजन करने जा रहे हैं. इस प्लान के तहत एक छह मंजिला बिल्डिंग बनाई जा रही है, जिसमें छोटे उद्योगों को फ्लैट जैसी जगह उपलब्ध कराई जाएगी. इसका फायदा उन उद्योगों को मिलेगा जिन्हें इंडस्ट्रियल एरिया में बड़ी जगह की जरूरत नहीं होती और छोटे स्थान पर ही अपनी इंडस्ट्री चला सकेंगे. बिल्डिंग ऐसी कि छोटे वाहन ऊपर तक पहुंचेंगे मध्य प्रदेश सरकार उद्योगों को बढ़ाने और ज्यादा से ज्यादा निवेश लाने की कोशिश में जुटी हुई है. इसके लिए 24 और 25 फरवरी को ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट भी आयोजित की जा रही है. निवेश की राह आसान बनाने के लिए सरकार उद्योगों से जुड़ी नीतियों को भी फ्रेंडली बना रही है. बड़े उद्योगों के अलावा छोटे उद्योगों को भी बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार मल्टीस्टोरी इंडस्ट्री एरिया का कंसेप्ट लेकर आई है. इसमें भोपाल के नजदीक मंडीदीप इंडस्टिल एरिया सहित दूसरे औद्योगिक क्षेत्रों में मल्टी स्टोरी बिल्डिंग बनाई जाएगी. मंडीदीप में 30 एकड़ से ज्यादा भूमि पर निर्माण मोहन यादव सरकार के मल्टीस्टोरी इंडस्ट्री एरिया कंसेप्ट के लिए मंडीदीप इंडस्ट्रियल एरिया में 30.89 एकड़ भूमि चिन्हित की गई है. यहां बनाई जा रही 6 मंजिला बिल्डिंग में हर मंजिल पर 128 यूनिट के लिए जगह उपलब्ध होगी. इस तरह एक भवन में 768 छोटे उद्योग चल सकेंगे. बिल्डिंग को इस तरह से डिजाइन किया जाएगा कि छोटे वाहन ऊपर तक माल या अन्य सप्लाई लेकर पहुंच जाएं. इसके लिए इसमें हैवी लिफ्ट भी लगाई जाएगी. मंडीदीप एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल कहते हैं, '' इस योजना से इंडस्ट्रियल एरिया में छोटे उद्योगों को जगह मिलेगी. सरकार का यह अच्छा कदम है. कुछ राज्यों में इस कंसेप्ट पर काम किया गया, जिसके अच्छे नतीजे रहे हैं. फ्लैट में फैक्ट्रियां खोलने का क्या फायदा? फ्लैट में फैक्ट्रियां खोलने के लिए बनाई जाने वाली बिल्डिंग में एक इंडस्ट्री को 1178 वर्ग फीट की जगह उपलब्ध कराई जाएगी. इस मल्टी में इलेक्ट्रॉनिक्स, खिलौने, आईटी और इन्क्यूबेशन सेंटर से जुड़े छोटे उद्योग संचालित हो सकेंगे. इसके अलावा बड़े उद्योगों के सपोर्ट में बनने वाले छोटे इक्युपमेंट का निर्माण भी यहां हो सकेगा. इस तरह छोटे उद्योगों के लिए इंडस्ट्रियल एरिया में जगह उपलब्ध कराना भी आसान हो जाएगा. recent visitors 56

इंदौर सहित अन्य शहर भी बन रहे टेक इनोवेशन और निवेश के नए हॉटस्पॉट

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है किआईटी और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में मध्यप्रदेश देश में सबसे तेजी से आगे बढ़ता हुआ राज्य बनने की ओर अग्रसर है, जिसे ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट से नई ऊर्जा मिलेगी। इस सेक्टर के लिए समिट में अलग से सत्र आयोजित होगा। मध्यप्रेदश में 15 से अधिक आईटी पार्क और 5 आईटी एसईजेड हैं, जिनमें इंदौर में क्रिस्टल आईटी पार्क और इंफोसिस जैसे प्रमुख सेंटर शामिल हैं। ये पार्क विश्व स्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर से युक्त हैं, जो टीसीएस, इंफोसिस और एक्सेंचर जैसी प्रमुख कंपनियों को आकर्षित करते हैं। नॉलेज सिटी और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर 2.0 जैसी आगामी परियोजनाएं, इस इको सिस्टम को और मजबूत करने के लिए तैयार हैं। परिवर्तन के दौर से गुजर रहे देश के तकनीकी इको सिस्टम के विकास के अगले केन्द्र टीयर-2 शहर हैं, जो टेक इनोवेशन और निवेश के नए हॉटस्पॉट बनते जा रहे हैं। इसकी वजह है यहां कम परिचालन लागत, उच्च जीवन स्तर और कुशल प्रतिभा पूल की उपलब्धता। टीयर-2 शहर अब तकनीकी कंपनियों की पसंद बनते जा रहे हैं। खास बात है कि मध्यप्रदेश इंफ्रास्ट्रक्चर, टेलेंट और लागत-दक्षता प्रदान करने वाला अग्रणी राज्य है। मध्यप्रदेश का व्यापक आईटी, आईटीईएस और सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम सर्वांगीण विकास को बढ़ावा देने के लिए डिज़ाइन किया गया है। विश्व स्तरीय आईटी पार्क, नॉलेज और सॉफ्टवेयर हब के साथ सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर विकसित करने से निश्चित रूप से मध्यप्रदेश तकनीकी क्रांति की अगली लहर का नेतृत्व करेगा। 300 से अधिक तकनीकी शिक्षा संस्थान मध्यप्रदेश की विशेषता है कि 300 से अधिक तकनीकी शिक्षा संस्थान सालाना 50 हजार से अधिक तकनीकी स्नातक तैयार करते हैं। आईआईटी इंदौर, आईआईएम इंदौर और आईआईआईटी ग्वालियर जैसे प्रतिष्ठित संस्थान अत्यधिक कुशल युवाओं को गढ़ते हैं। भोपाल में ग्लोबल स्किल पार्क उद्योग के लिए कौशल संपन्न पेशेवर तैयार करता है। प्रगतिशील नीतियां मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश की प्रगतिशील नीतियां और इनोवेशन को बढ़ावा देने और तकनीक के क्षेत्र में विश्वस्तरीय दिग्गज कंपनियों को आकर्षित करने के लिए डिज़ाइन की गई हैं। मध्यप्रदेश का मजबूत पॉलिसी-स्ट्रक्चर प्रौद्योगिकी संचालित विकास के लिए अनुकूल वातावरण बनाने में राज्य की प्रतिबद्धता का प्रमाण है, जिसमें आईटी, आईटीईएस और ईएसडीएम निवेश संवर्धन नीति 2023, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स पॉलिसी 2025, एवीजीसी-एक्सआर पॉलिसी 2025, ड्रोन संवर्धन और उपयोग नीति 2025 और सेमीकंडक्टर नीति 2025 शामिल हैं। ये नीतियां टेक इंफ्रास्ट्रक्चर के समग्र विकास को सुनिश्चित करने के लिए कई तरह के प्रोत्साहन और सहायता प्रदान करती हैं। टेलेंट और इनोवेशन को बढ़ावा प्रदेश सरकार के फोकस में उभरती प्रौद्योगिकियों के साथ टेलेंट और इनोवेशन को बढ़ाते हुए आईटी पार्क, सॉफ्टवेयर हब और सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग में महत्वपूर्ण निवेश हैं। अग्रणी तकनीकी हब बनने की दृष्टि के साथ मध्यप्रदेश डिजिटल भविष्य को शक्ति प्रदान करने के रास्ते पर अग्रसर है। आईटी, आईटीईएस और ईएसडीएम निवेश संवर्धन नीति 2023 इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास पर केंद्रित है, जो कैपेक्स, भूमि, ब्याज छूट, मार्केटिंग और पेटेंट सहायता आदि प्रदान करती है। दूसरी ओर ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स पॉलिसी 2025 वैश्विक तकनीकी केंद्रों को आकर्षित करने के लिए डिज़ाइन की गई है, जो कैपेक्स, पेरोल और अपस्किलिंग के लिए सब्सिडी, आरएंडडी को सपोर्ट करती है। इसी तरह एवीजीसी-एक्सआर पॉलिसी-2025 एवीजीसी सेक्टर को सपोर्ट करते हुए इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण, उत्पादन संबंधी वित्तीय सहायता, उद्योग सहयोग और एवीजीसी-एक्सआर लैब की स्थापना आदि के लिए सहयोगी है। इसके अलावा ड्रोन संवर्धन और उपयोग नीति 2025 ड्रोन निर्माताओं और सेवा प्रदाताओं के लिए कैपेक्स सहायता, ड्रोन पाठ्यक्रमों के लिए प्रोत्साहन और अनुसंधान एवं विकास में सहयोग के साथ ड्रोन अपनाने को बढ़ावा देती है। इसके बाद सेमीकंडक्टर नीति 2025 महत्वपूर्ण है, जो कैपेक्स प्रोत्साहन और सीओई, पेरोल और कौशल विकास आदि के लिए सहयोग के साथ सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग को प्रोत्साहित करती है। परिवर्तनकारी निवेशों की लहर मध्यप्रदेश ने परिवर्तनकारी निवेशों की एक लहर देखी है, जो भारत के अगले बड़े तकनीकी केन्द्र के रूप में अपनी स्थिति को मजबूत करता है। इंदौर में एलटीआई माइंडट्री का 870 करोड़ रुपये का तकनीकी परिसर 10 हजार से ज्यादा नौकरियां प्रदान करेगा, जो आईटी सेवाओं और डिजिटल परिवर्तन परियोजनाओं में मध्यप्रदेश की भूमिका को मजबूत करेगा। रैकबैंक का डेटा सेंटर विस्तार में 644 करोड़ रुपये का निवेश मध्यप्रदेश के डिजिटल बुनियादी ढांचे और क्लाउड सेवाओं को मजबूत कर रहा है। हेक्सावेयर टेक्नोलॉजीज और कॉग्निजेंट क्रमशः 50 करोड़ रुपये और 80 करोड़ रुपये के निवेश के साथ अपनी उपस्थिति का और विस्तार कर रहे हैं। ये परियोजनाएं साल 2024 में हासिल किए गए 2,500 करोड़ रुपये के प्रौद्योगिकी निवेश के साथ मध्यप्रदेश को पारंपरिक आईटी केंद्रों के समक्ष एक बेहतर और सक्षम विकल्प बनाती हैं। देश की डिजिटल क्रांति के साथ तालमेल मध्यप्रदेश न केवल देश की डिजिटल क्रांति के साथ तालमेल बना रहा है, बल्कि यह इसका नेतृत्व भी कर रहा है। एआई, साइबर सुरक्षा, एवीजीसी-एक्सआर और ड्रोन में राज्य का विजन इनोवेशन और वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता की अगली लहर के लिए आधार तैयार कर रहा है। एआई और साइबर सुरक्षा में उत्कृष्टता केंद्र (सीओई) की स्थापना, आगामी एवीजीसी, मीडिया पार्क और इनक्यूबेशन हब के साथ, अत्याधुनिक अनुसंधान और उद्योग सहयोग के लिए मध्यप्रदेश प्रतिबद्ध है। प्रगतिशील नीति ढांचे, विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचे और प्रचुर प्रतिभा पूल के साथ मध्यप्रदेश भारत का अगला प्रमुख टेक पॉवरहाउस बनने के रास्ते पर अग्रसर है।   recent visitors 45

मुख्यमंत्री डॉ. यादव निवेशकों के साथ होंगी वन-टू-वन मीटिंग और इंटरैक्टिव राउंडटेबल

इंवेस्ट एमपी जीआईएस-2025 मुख्यमंत्री डॉ. यादव दिल्ली में देश-विदेश के निवेशकों को म.प्र में निवेश के लिये करेंगे आमंत्रित मुख्यमंत्री यादव निवेशकों के साथ इंटरैक्टिव राउंडटेबल कर आगामी ग्लोबल समिट के नवाचारों से अवगत करायेंगे होटल ताजमहल में आयोजित होगा जीआईएस कर्टेन रेज़र कार्यक्रम मुख्यमंत्री डॉ. यादव निवेशकों के साथ होंगी वन-टू-वन मीटिंग और इंटरैक्टिव राउंडटेबल भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 12 फरवरी को नई दिल्ली के ताजमहल होटल में इंवेस्ट एमपी जीआईएस-2025 के कर्टेन रेज़र कार्यक्रम में देश-विदेश के निवेशकों को मध्यप्रदेश में निवेश के लिये आमंत्रित करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव निवेशकों के साथ वन-टू-वन मीटिंग और इंटरैक्टिव राउंडटेबल कर आगामी ग्लोबल समिट के नवाचारों से अवगत करायेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव निवेशकों के साथ रू-ब-रू होकर प्रदेश में निवेश की संभावनाओं और सरकार की औद्योगिक नीतियों एवं प्रतिबद्धता से अवगत करायेंगे। कार्यक्रम की शुरुआत माधवकृष्ण सिंघानिया चेयरमैन सीआईआई नॉर्दर्न रीजन एवं डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर एवं सीईओ जेके सीमेंट के स्वागत संबोधन से होगी। इसके बाद इंवेस्ट एमपी जीआईएस-2025 पर विशेष कर्टेन रेज़र वीडियो की प्रस्तुति दी जाएगी, जो ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की प्रमुख झलकियों को दर्शाएगा। कार्यक्रम में दो महत्वपूर्ण इंटरैक्टिव राउंडटेबल भी आयोजित की जाएंगी। पहली राउंडटेबल मीटिंग में टेलीकॉम कंपनियों के प्रतिनिधि और दूसरी राउंडटेबल मीटिंग में विभिन्न देशों के राजदूत शामिल होंगे। इसमें निवेश और साझेदारी की नई संभावनाओं पर चर्चा होगी। मुख्य सचिव अनुराग जैन और प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन राघवेंद्र कुमार सिंह द्वारा राज्य सरकार की औद्योगिक नीतियों और निवेश के अवसरों की जानकारी दी जाएगी। कार्यक्रम में शामिल होने वाले उद्योग जगत के प्रतिष्ठित प्रतिनिधि अपने अनुभव साझा करेंगे। प्रबंध निदेशक एमपी इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन चंद्रमौली शुक्ला निवेशकों का स्वागत एवं आभार प्रकट करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी 24 फरवरी को भोपाल में करेंगे जीआईएस का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 24 फरवरी को भोपाल में दो दिवसीय ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2025 का शुभारंभ करेंगे। समिट के दूसरे दिन समापन कार्यक्रम में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह शामिल होंगे। राज्य शासन द्वारा आयोजन की तैयारियों के साथ देश-विदेश के निवेशकों से निरंतर सम्पर्क एवं संवाद किया जा रहा है। इसी कड़ी में 12 फरवरी को नई दिल्ली में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आत्थिय में इंवेस्ट एमपी जीआईएस-2025 के कर्टेन रेज़र कार्यक्रम आयोजित होने जा रहा है।   recent visitors 47

MP के एक ही जिले में 54 गांवों के बदलेंगे नाम, CM मोहन यादव का ऐलान, मुरादपुर होगा ‘मुरलीपुर’

 देवास मध्य प्रदेश के देवास जिले के 54 गांवों के नाम बदलने की तैयारी है। यह मांग बीजेपी नेताओं ने की है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस पर सहमति जताई है। नाम बदलने की वजह इन गांवों के उर्दू नाम हैं। सरकार का कहना है कि यह भारतीय संस्कृति की पुनर्स्थापना के लिए ज़रूरी है। यह खुलासा सोनकच्छ में लाडली बहना योजना के कार्यक्रम में हुआ। 54 गांवों के बदलेंगे नाम देवास जिले में 54 गांवों के नाम बदलने की चर्चा जोरों पर है। ये नाम ज़्यादातर उर्दू मूल के हैं। बीजेपी नेताओं ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से इन नामों को बदलने का अनुरोध किया है। मुख्यमंत्री ने इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से यह योजना सरकार के विचाराधीन है और जल्द ही इन गांवों के नए नाम लागू कर दिए जायेंगे। यह मामला मध्य प्रदेश में उर्दू नाम वाले गांवों के नाम बदलने के चल रहे विवाद का हिस्सा है। बीजेपी जिलाध्यक्ष ने रखी थी मांग देवास बीजेपी जिला अध्यक्ष रायसिंह सेंधव ने 54 गांवों के नाम बदलने की मांग रखी। उन्होंने कहा कि ऐसा करना भारतीय संस्कृति की पुनर्स्थापना की दिशा में एक अहम कदम होगा। मुख्यमंत्री ने इस मांग पर तुरंत सहमति जताई। उन्होंने कहा कि लंबे समय से उर्दू शब्द वाले गांव के नाम बदलने की योजना सरकार के सामने प्रस्तावित है। इन गांवों के नाम जल्द बदल दिए जाएंगे। इन गांवों के बदलेंगे नाम प्रस्तावित नाम परिवर्तनों में मुरादपुर को मुरलीपुरा, हैदरपुर को हीरापुर, शमशाबाद को श्यामपुर, आमला ताज को आमला सिरमौर, हाजीपुर को हर्षपुर, रांडीपुरा को रानीपुर, इस्माइल खेड़ी को ईश्वर खेड़ी, जलालखेड़ी को शिवगढ़, मोची खेड़ी को मोहनपुर, इस्लामनगर को ईश्वर नगर, घटिया गयासुर को देवधाम घटिया, पीर पाडल्या को पवन पाडल्या, चांदगढ़ को चंद्रगढ़, खोन पूर पिपलिया को फॉर्म पिपलिया, मोहम्मदपुर को मोहनपुर, अजीज खेड़ा को अजीत खेड़ा, आजमपुर को अवधपुरी, अलीपुर को रामपुर और बापचा नायता को वापचा पुरा करने जैसे बदलाव शामिल हैं। मिर्जापुर कहलाएगा मीरपुर इसके अलावा, नबीपुर को नयापुरा, मिर्जापुर को मीरपुर, अकबरपुर को अंबिकापुर, सालम खेड़ी को सावन खेड़ी, निजामडी को नीमखेड़ी, फतेहपुर खेड़ा को विजयपुर खेड़ा, फतेहपुर को विजयपुर, कल्लू खेड़ी को कालू खेड़ी, मोहम्मद खेड़ा को मोहन खेड़ा, निपानिया हूर को निपानिया हर, मोहम्मदपुर को गंगानगर, मिर्जापुर को मीरा नगर, नसीराबाद को द्वारकापुरी, रसूलपुर को रामपुर करने का प्रस्ताव भी है। हालांकि, एक नज़र में देखा जाए ज़्यादातर ऐसे गांवों के नाम बदले गए हैं, जिनके नाम उर्दू-अरबी में हैं या कोई इस्लामिक नाम हैं. देवास में ही जिन 54 गांवों के नाम बदलने  का अनुरोध जिलाध्यक्ष ने किया था, उनका नाम मुरादपुर, हैदरपुर, शमशाबाद और इस्लाम नगर है.  मुख्यमंत्री को जिलाध्यक्ष ने वर्तमान नाम के साथ प्रस्तावित नाम भी लिख कर दिए. जैसे कि मुरादपुर का मुरलीपुर, हैदरपुर का हीरापुर, शमशाबाद का श्यामपुर, इस्माइल खेड़ी का ईश्वरपुर, अलीपुर का रामपुर, नबीपुर का नयापुरा और मिर्ज़ापुर का मीरापुर.   BJP जिलाध्यक्ष ने CM के निर्णय को गुलामी के प्रतीकों को समाप्त करने और गौरवमय भारतीय संस्कृति को पुनः स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम करार दिया.  कुछ और प्रस्तावित नाम परिवर्तन इस प्रकार हैं: इस्लाम खेड़ी को ईश्वरपुर, पिपलिया जान को खेड़ा पिपलिया, मौला को मोहनपुर, मिर्जापुर को मीरापुर, संदलपुर को चंदनपुर, सलामतपुर को श्रीरामपुर, सिकंदर खेड़ी को शिव खेड़ी, दावत को देवनगर, और कांटा फोड़ को कांता फोड़। यह बदलाव भारतीय संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किए जा रहे हैं। पीपलरावां में कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष रायसिंह सेंधव ने देवास जिले के 54 गांवों की लिस्ट प्रस्तुत करते हुए उनके नाम बदलने का आग्रह किया। उनके प्रस्ताव को सीएम ने स्वीकार कर लिया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस संबंध में राजस्व मंत्री और कलेक्टर को जरूरी प्रक्रियाएं पूरी करने के निर्देश भी दे दिए। भाजपा जिलाध्यक्ष रायसिंह सेंधव ने बताया कि देवास जिले के इन गांवोें की पहचान बदलने के लिए सालों से मांग की जा रही थी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जनभावना का सम्मान किया है। उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार एमपी के सांस्कृतिक गौरव की पुनर्प्रतिष्ठा के लिए संकल्पबद्ध है। बीजेपी जिलाध्यक्ष ने सीएम के निर्णय को गुलामी के प्रतीकों को समाप्त करने और गौरवमयी भारतीय संस्कृति को पुनर्स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम करार दिया। recent visitors 33

असुविधा से बचने श्रद्धालु, भीड़ और आवागमन की स्थिति की जानकारी लेकर बनाएं प्रयागराज का कार्यक्रम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्रधानमंत्री मोदी करेंगे ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का शुभारंभ : मुख्यमंत्री डॉ. यादव केन्द्रीय मंत्री अमित शाह समिट के समापन सत्र में होंगे शामिल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव असुविधा से बचने श्रद्धालु, भीड़ और आवागमन की स्थिति की जानकारी लेकर बनाएं प्रयागराज का कार्यक्रम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव जीआईएस में आ रहे विदेशी उद्योग समूहों और वाणिज्यिक दूतावासों के साथ समन्वय के लिए 12 फरवरी को नई दिल्ली में होगी विशेष बैठक प्रयागराज आने-जाने वालों के लिए की जा रही हैं सभी व्यवस्थाएं असुविधा से बचने श्रद्धालु, भीड़ और आवागमन की स्थिति की जानकारी लेकर बनाएं प्रयागराज का कार्यक्रम जिला प्रशासन सामाजिक संस्थाओं और स्वयंसेवी संगठनों का भी ले रहे हैं सहयोग विधानसभा वार विजन डाक्यूमेंट विकसित किए जाएं मंत्री और विधायकगण जनता से बेहतर संवाद के लिए विकसित करें वर्चुअल व्यवस्था मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद की बैठक के पहले मंत्रीगण को किया संबोधित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भोपाल में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के शुभारंभ कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और समापन कार्यक्रम में केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह के आने की स्वीकृति प्राप्त हो गई है। प्रधानमंत्री मोदी 23 फरवरी को छतरपुर में कैंसर अस्पताल का भूमि-पूजन करेंगे। अगले दिन 24 फरवरी को ग्लोबल इन्वेस्टर समिट का शुभारंभ करेंगे। भोपाल में 24-25 फरवरी को होने जा रही ग्लोबल इन्वेस्टर समिट की तैयारी जारी हैं। समिट में विदेशों से आने वाले उद्योग और व्यापार समूहों तथा विभिन्न देशों के वाणिज्यिक दूतावासों से बेहतर तालमेल और समन्वय के लिए 12 फरवरी को नई दिल्ली में विशेष बैठक होने जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दिल्ली विधानसभा के चुनाव परिणाम, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में क्षेत्र के व्यवस्थित विकास और जनकल्याण को गति प्रदान करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले अपने संबोधन में यह जानकारी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंत्रालय में वंदे मातरम के गान के साथ आरंभ हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रयागराज कुंभ पहुंच रहे जन सैलाब के संदर्भ में कहा कि मध्यप्रदेश सहित अन्य राज्यों के श्रद्धालुओं की संख्या भी काफी अधिक है। रीवा की ओर से प्रयागराज जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए रीवा सहित मैहर, सतना, मऊगंज और सीधी में ठहरने, भोजन और छोटे बच्चों के लिए दूध-बिस्किट सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। शासकीय एजेंसियां, स्वयंसेवी संगठनों और सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से व्यवस्था में लगी हैं। चिकित्सा आवश्यकताओं के लिए एंबुलेंस और डॉक्टर आदि की भी व्यवस्था है। वाहनों की पार्किंग, पुलिस की हाई-वे पेट्रोलिंग और एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट आदि की व्यवस्था के परिणाम स्वरुप जाम की स्थिति में तुलनात्मक रूप से कमी आई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रयागराज से आने-जाने वालों की बड़ी संख्या को देखते हुए मार्गों के नियोजन, प्रयागराज प्रशासन से तालमेल और श्रद्धालुओं की संख्या का अनुमान लगाते हुए व्यवस्था की जा रही है। महाराष्ट्र सीमा पर भी श्रद्धालुओं और वाहनों के आवागमन का प्रबंधन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रयागराज कुंभ जा रहे श्रद्धालुओं से भीड़ और आवागमन की स्थिति का गूगल सहित अन्य स्रोतों से जानकारी के आधार पर कार्यक्रम बनाने के आहवान किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद के सदस्यों से भी जन-सामान्य को इसके लिए प्रेरित करने की अपील की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विधानसभा वार विजन डॉक्यूमेंट विकसित करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने मंत्री और विधायकगण को क्षेत्र के लोगों से बेहतर संवाद के लिए अपने-अपने स्तर पर वर्चुअल व्यवस्था विकसित करने का सुझाव दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इससे विधानसभा क्षेत्र के लोगों के साथ ही राजधानी से भी अधिक प्रभावी तरीके से सतत् संपर्क बनाने में मदद मिलेगी।   recent visitors 37

सीएम डॉ. यादव ने 3 करोड़ रुपए से खरीदी गई 4 सीवर कम जेटिंग मशीनों और पुरानी बसों को बस स्टॉप में तब्दील करने के कार्य का लोकार्पण किया

भोपाल CM डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार सुबह भोपाल के पहले हाईटेक पार्क 'नमोवन' के लिए भूमिपूजन किया।लालघाटी के पास वीआईपी रोड किनारे 3 एकड़ में 6.99 करोड़ रुपए से पार्क विकसित होगा। वहीं, अमृत-2.0 के तहत 400.27 करोड़ रुपए के सीवेज प्रोजेक्ट की शुरुआत भी की गई। सीएम डॉ. यादव ने सीवेज प्रोजेक्ट के कार्यों का भूमिपूजन किया। वहीं, 3 करोड़ रुपए से खरीदी गई 4 सीवर कम जेटिंग मशीनों और पुरानी बसों को बस स्टॉप में तब्दील करने के कार्य का लोकार्पण भी किया। मंत्री विश्वास सारंग, सांसद आलोक शर्मा, विधायक रामेश्वर शर्मा, भगवानदास सबनानी, महापौर मालती राय, बीजेपी जिलाध्यक्ष रविंद्र यति, निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, पूर्व जिलाध्यक्ष सुमित पचौरी, राहुल कोठारी भी मौजूद रहे।भूमिपूजन/लोकार्पण से पहले पं. दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि पर मुख्यमंत्री डॉ. एवं उपस्थित अतिथियों ने पुष्पांजलि भी अर्पित की। नमोवन में वह सबकुछ, जो आकर्षक का केंद्र बनाए लालघाटी चौराहे के पास VIP रोड पर 3 एकड़ जमीन है। यहीं पर 'नमोवन' बनेगा। यह पार्क सोलर लाइट से रोशन होगा, जबकि फूड, टेनिस और बैडमिंटन कोर्ट बनेंगे। फव्वारे और झूले भी रहेंगे। ताकि, यहां घूमने आने वालों को आकर्षक नजारा दिखाई दें। दावा है कि ये भोपाल का सबसे सुंदर पार्क होगा। एक साल से चल रही प्रक्रिया पिछले साल पार्क की डिजाइन बनी थी। फिर इसकी DPR (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) अप्रूवल के लिए भेजी गई थी, जो मंजूर हो गई। पार्क में पूर्व प्रधानमंत्री पं. अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा भी लगेगी। बीजेपी जिलाध्यक्ष और एमआईसी मेंबर रविंद्र यति ने बताया, भूमिपूजन के साथ ही पार्क को डेवलप करने की प्रोसेस शुरू कर देंगे। भोपाल का सबसे सुंदर पार्क होगा यति ने बताया, 'नमोवन' राजधानी का सबसे सुंदर पार्क होगा। लालघाटी चौराहे पर पं. दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा जिस जगह पर लगी है, उसके पास ही पार्क को विकसित करेंगे। अटलजी की प्रतिमा भी पार्क में लगेगी। अवैध कब्जे का डर, इसलिए बनाया प्लान जिस जगह पर पार्क विकसित किया जाना है, वह अभी अनुपयोगी है। ऐसे में इस पर अवैध कब्जा होने की आशंका है। इसलिए निगम ने जमीन पर पार्क डेवलप करने का प्लान बनाया। सुंदरता के लिए पौधे लगाएंगे यति ने बताया, पार्क की सुंदरता बढ़ाने के लिए तीन तरह के पेड़-पौधे लगाए जाएंगे। जिसमें फलदार, छायादार पौधे भी शामिल हैं। करीब 100 किस्म के फूलों के पौधे भी लगेंगे। recent visitors 50

महाकुंभ में प्रदेश से जा रहे श्रद्धालुओं को सुगम यातायात, रहने और भोजन सहित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रयागराज महाकुंभ में मध्यप्रदेश से जा रहे श्रद्धालुओं को सुगम यातायात, रहने और भोजन सहित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने (मुख्यमंत्री निवास) समत्व भवन से वीडियो कॉन्फ्रेंस द्वारा संभाग अधिकारियों को निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रबंधों की जिलावार जानकारी भी ली। उन्होंने निर्देश दिए की महाकुंभ की अवधि तक आवश्यक व्यवस्थाएं बनाए रखी जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने देह दान करने वाले व्यक्तियों का राजकीय सम्मान करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रद्धालुओं का पूरा ध्यान रखने के संबंध में रीवा, सीधी, मैहर, सतना, मऊगंज जिलों के वरिष्ठ प्रशासनिक, पुलिस अधिकारियों और जन प्रतिनिधियों से चर्चा कर आवश्यक प्रबंध रखने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल भी रीवा से चर्चा में शामिल हुए। वीडियो कॉन्फ्रेंस में अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय डॉ. राजेश राजौरा उपस्थित थे। आपदा प्रबंधन अच्छा हुआ है, माघ पूर्णिमा पर भी अच्छे रहें प्रबंध मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 12 फरवरी को माघ पूर्णिमा है। इस दिन गंगा जी में स्नान और दान पुण्य के कार्य शुभ माने गए हैं, श्रद्धालु बड़ी संख्या में प्रयागराज जाना चाहेंगे। इसके लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिले के प्रशासनिक अमले ने कुशलतापूर्वक आपदा प्रबंधन कार्य किया है। आने वाले दिनों में भी ऐसी व्यवस्थाएं बनाई रखी जाएं। इसके लिए जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों का पूरा सहयोग प्राप्त किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को दूरदर्शिता के लिए जनप्रतिनिधियों ने दिया धन्यवाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनवरी के अंतिम सप्ताह में रीवा संभाग के जिलों में महाकुंभ के लिए जा रहे यात्रियों को सुविधाएं देने के निर्देश दिए गए थे। वीडियो कॉन्फ्रेंस में रीवा संभाग के जन-प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव की दूरदर्शिता और कार्यशैली की सराहना करते हुए धन्यवाद दिया। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि 29 जनवरी को प्रयागराज में तीर्थयात्रियों की संख्या पहली बार बढ़ने पर उत्तरप्रदेश के सीमावर्ती जिलों में रैन बसेरे सहित भोजन, पेयजल, स्वास्थ्य की देखभाल का कार्य अच्छी तरह संपन्न हुआ। इन व्यवस्थाओं से आपदा की स्थिति नहीं बनी। वाहनों को होल्ड पर रखने और क्रमश: रवाना करने की व्यवस्था रीवा संभाग सहित जबलपुर संभाग के जिलों में भी की गई।  मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा दिए गए प्रमुख निर्देश     प्रयागराज महाकुंभ में जा रहे यात्रियों को सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएं।     चित्रकूट में भी यात्रियों के रहने और भोजन की व्यवस्था की जाए।     मैहर एवं स्थानीय धार्मिक महत्व के स्थानों पर भी आवश्यक प्रबंध के लिए सामाजिक संस्थाओं से सहयोग प्राप्त किया जाए।     अधिक संख्या में जा रहे श्रद्धालुओं की स्थिति को देखते हुए समाधान निकालें। आवश्यक हो तो     कंट्रोल रूम बनाएं। इस कार्य में ढिलाई ना बरती जाए।     यात्रियों के लिए जरूरत पड़ने पर डॉक्टर एवं पैरामेडिकल स्टाफ भी उपलब्ध रहे।     पूर्व में किए गए प्रबंध संतोषजनक हैं। आगे भी ऐसे ही प्रबंध प्रयागराज महाकुंभ के पूर्ण होने तक जारी रहें।   recent visitors 38