एकात्म मानव दर्शन तथा अंत्योदय के प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के चरणों में कोटिशः नमन

11 फरवरीः पंडित दीनदयाल उपाध्याय पुण्यतिथि विशेष डॉ. मोहन यादव भोपाल व्यक्ति से समाज और समाज से राष्ट्र निर्माण का दर्शन देने वाले विलक्षण व्यक्तित्व के धनी, एकात्म मानव दर्शन तथा अंत्योदय के प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के चरणों में कोटिशः नमन। पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऐसे ऋषि-राजनेता रहे जिन्होंने राजनैतिक चिंतन के लिए एकात्म मानवदर्शन का सूत्र दिया और शासन की नीतियां बनाने का मार्ग प्रशस्त किया। दीनदयाल जी जनसंघ और भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्र जीवन दर्शन के दृष्टा हैं। पंडित जी द्वारा लगाए गए जनसंघ के पौधे का विस्तार विचार के रूप में देश ही नहीं दुनिया में भी हुआ है। उन्होंने एक ऐसी राजनैतिक धारा निर्मित की जिसका लक्ष्य राष्ट्र निर्माण है। उनका मानना था कि राजनीति सत्ता के लिए नहीं अपितु समाज की सेवा के लिए हो, स्वतंत्रता के साथ भारत राष्ट्र की यात्रा भारतीय दर्शन के अनुरूप होनी चाहिए। पंडित जी ने भारत के भविष्य की कल्पना वेदों में वर्णित चार पुरुषार्थ-धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष के आधार पर की थी। यह चारों पुरुषार्थ मन, बुद्धि, आत्मा और शरीर के संतुलन से संभव है। इससे ही एक आदर्श समाज और आदर्श राष्ट्र का निर्माण हो सकता है। पहला पुरुषार्थ धर्म है जिसमें शिक्षा, संस्कार और व्यवस्था है तो दूसरे अर्थ में साधन, संपन्नता और वैभव आता है। अर्थ उपार्जन सही तरीके से हो, इसके लिये पंडित दीनदयाल जी ने मानव धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। इस तरह धर्मानुकूल, अर्थात उचित मार्ग से अर्थ उपार्जन करने का मार्ग प्रशस्त किया। तीसरा पुरुषार्थ है काम, जिसमें मन की समस्त कामनाएं शामिल हैं। मनुष्य को संतुलित, समयानुकूल और सकारात्मक स्वरूप में कार्य करना चाहिए। चौथा पुरुषार्थ है मोक्ष, अर्थात संतोष की परम स्थिति। यदि व्यक्ति संतोषी होगा तो वह समाज और राष्ट्र निर्माण का आधार बन सकता है। इन चार पुरुषार्थों की अवधारणा के अनुसार, यदि व्यक्ति और समाज को विकास के अवसर दिये जायें तो स्वावलंबी और समर्थ समाज का निर्माण किया जा सकता है। पंडित दीनदयाल जी ने राष्ट्र निर्माण और भविष्य की संकल्पना को लेकर गहन चिंतन किया, जिसमें भारतीय संस्कृति और परंपरा के अनुरूप राष्ट्र की चित्ति से विराट तक की कल्पना थी। उनके विकास का आधार एकात्म मानव दर्शन है। इसमें संपूर्ण जीवन की रचनात्मक दृष्टि समाहित है। उन्होंने विकास की दिशा को भारतीय संस्कृति के एकात्म मानवदर्शन के मूल में खोजा। हमारी संस्कृति संपूर्ण जीवन, संपूर्ण सृष्टि का समग्र विचार करती है। यही एकात्म भाव व्यष्टि से समष्टि की रचना करता है। यही पंडित दीनदयाल जी के विकास का व्यापक पक्ष है, सार्वभौम है, प्रासंगिक है। इसमें श्रीकृष्ण के वसुधैव कुटुम्बकम की अवधारणा से लेकर आज के ग्लोबलाइज्ड युग का समावेश है। हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के मार्गदर्शन में पंडित दीनदयाल जी की परिकल्पना को धरातल पर उतारने का प्रयास किया जा रहा है। दीनदयाल जी का मानना था कि अर्थव्यवस्था जितनी विकेन्द्रीकृत होगी उतनी नीचे तक जाएगी और यही स्वदेशी भाव के साथ सृजन का आधार होगा। माननीय प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में भारत के आर्थिक विकास को लेकर जो कदम उठाये जा रहे हैं उसके मूल में दीनदयाल जी का अर्थदर्शन ही है। पंडित दीनदयाल जी ने भारत की कृषि, उद्योग, शिक्षा और आर्थिक नीति कैसी हो इन सबका विस्तार में उल्लेख किया है। माननीय प्रधानमंत्री जी ने दीनदयाल जी के आर्थिक चिंतन को धरातल पर उतारा है। उनके मार्गदर्शन में हम विरासत से विकास की अवधारणा को लेकर आगे बढ़ रहे हैं जो अंत्योदय लक्ष्य को पूर्ण करने की दिशा में महत्वपूर्ण है। दीनदयाल जी का कहना था कि जब तक अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति का कल्याण नहीं हो जाता तब तक विकास सही अर्थों में संभव नहीं है। इसी भाव को धरातल पर उतारते हुए मध्यप्रदेश में 7 रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया। इससे प्रदेश के हर अंचल, हर क्षेत्र के लोगों की आवश्यकता, क्षमता, मेधा और दक्षता को अवसर मिलेगा। प्रदेश का हर व्यक्ति इससे जुड़ेगा और विकास की धारा में शामिल होगा। यह समिट एक तरफ जहां प्रदेश के कोने-कोने से और गांव-गांव से लोगों को उद्योग से जोड़ेगी वहीं विश्व पटल पर उनके उत्पादों को पहचान दिलायेगी। इसके लिये हमने यूके, जर्मनी और जापान की यात्रा की है। हैदराबाद, कोयंबटूर तथा मुंबई में रोड-शो कर उद्योगपतियों को निवेश के लिये आमंत्रित किया है। क्षेत्रीय से लेकर ग्लोबल स्तर तक उद्योग के लिये किया गया यह पहला नवाचार है। इसी दिशा में आगे बढ़ते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के मार्गदर्शन में हम 24-25 फरवरी 2025 को भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन कर रहे हैं। यह समिट दीनदयाल जी के स्वदेशी और विकेन्द्रीकरण के चिंतन को सार्थक करेगी। हमारे उद्योग और व्यवसाय की श्रृंखला में अंतिम पंक्ति का व्यक्ति भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से जुड़ पायेगा और अंत्योदय का लक्ष्य पूर्ण होगा। दीनदयाल जी ने विकास को लेकर कल्पना की थी कि विश्व का ज्ञान और आज तक की अपनी संपूर्ण परंपरा के आधार पर हम गौरवशाली भारत का निर्माण करेंगे। प्रधानमंत्री जी का संकल्प है, स्वतंत्रता के शताब्दी वर्ष 2047 तक देश को विश्व की सर्वोच्च शक्ति के रूप में स्थापित करना। मुझे यह बताते हुए प्रसन्नता है कि मध्यप्रदेश को समृद्ध और संपन्न बनाने के लिये लोकल से ग्लोबल को जोड़ने का जो प्रयास किया है उसके परिणाम ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में दिखाई देंगे। मुझे विश्वास है कि हमारा यह प्रयास पंडित दीनदयाल जी के आर्थिक विकास के चिंतन अनुरूप विकसित मध्यप्रदेश निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।   recent visitors 41

मुख्यमंत्री डॉ. यादव जनपद पंचायत उज्जैन की नवनिर्वाचित अध्यक्ष श्रीमती भंवरबाई के पद ग्रहण में वर्चुअली हुए शामिल

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सिहंस्थ: 2028 का व्यवस्थित और सफल आयोजन राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सिंहस्थ की व्यवस्थाओं का विस्तार उज्जैन जिले के ग्रामीण क्षेत्रों तक होगा, अत: इसमें पंचायत प्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। सिंहस्थ के आयोजन में श्रद्धालुओं के आवागमन की दृष्टि से उज्जैन जनपद विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, इंडस्ट्रियल बेल्ट भी इसी क्षेत्र में विद्यमान है। यह सब बिंदु, क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। पंचायत प्रतिनिधि, जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें। जनपद क्षेत्र में सुव्यवस्थित विकास गतिविधियां संचालित की जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव, उज्जैन जनपद पंचायत की नवनिर्वाचित अध्यक्ष श्रीमती भंवरबाई दुले सिंह जी चौधरी के उज्जैन जनपद में हुए पद ग्रहण समारोह को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन से वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पंचकोशी यात्रा की व्यवस्था के लिए एक करोड़ रुपए, क्षेत्र के विकास के लिए 5 करोड़ रुपए तथा उज्जैन जनपद में जिन पंचायतों के भवन नहीं हैं, वहां पंचायत भवनों के निर्माण के लिए 10 करोड़ रुपए उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनपद पंचायत उज्जैन द्वारा ग्राम पंचायत भवनों के सौंदर्यीकरण के लिए किए गए कार्य की सराहना की, उन्होंने कहा कि इससे अधिकारी कर्मचारियों के ग्रामीण क्षेत्र में रात्रि विश्राम में सुविधा मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वृद्ध जनों को आयुष्मान कार्ड तथा प्रधानमंत्री आवास के संबंध में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने जनपद पंचायत उज्जैन द्वारा मैरिज गार्डन, गौशाला को वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने, पारधी समुदाय की महिलाओं के लिए सिलाई केंद्र संचालित करने और शासकीय भवनों में वाटर हार्वेस्टिंग तथा सोलर लाइट लगाने जैसे नवाचार के लिए पंचायत प्रतिनिधियों की सराहना की। जनपद पंचायत उज्जैन में हुए कार्यक्रम में जिलाधिकारी तथा पंचायत प्रतिनिधि उपस्थित थे।   recent visitors 49

मध्य प्रदेश में विद्यार्थियों को सरकार उनकी पसंद का पेट्रोल या ई-स्कूटी देगी, CM मोहन यादव का ऐलान

भोपाल मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा है कि मेधावी विद्यार्थियों के लिए सरकार की तरफ से जो स्कूटी दी जा रही है, उसके लिए कोई टेंडर (ठेका) नहीं निकलेगा। मुख्यमंत्री ने ऐलान किया है कि मेधावी छात्र-छात्राएं अपनी पसंद की स्कूटी सीधे ले सकेंगे चाहे वो पेट्रोल या इलेक्ट्रिक हो। यह बयान कांग्रेस के उस आरोप के बाद आया है कि जिसमें विपक्षी दल ने आरोप लगाया था कि राज्य सरकार ने अब तक स्कूटी बांटने के लिए टेंडर नहीं किया है। मोहन यादव ने बुधवार को 10 छात्र-छात्राओं को स्कूटी देकर इस योजना की औपचारिक शुरुआत की थी। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने ऐलान किया था कि राज्य बोर्ड की परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करने वालों को राज्य सरकार तोहफे में स्कूटी देगी। मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की 2023-24 की 12वीं बोर्ड की परीक्षा में कुल 7900 छात्र-छात्राओं को इस योजना के लिए चुना गया है। कांग्रेस ने एक्स पर एक ट्वीट में आरोप लगाया था कि अब तक मात्र 50 विद्यार्थियों को स्कूटी मिली है जबकि बाकी को सिर्फ मंजूरी का पत्र मिला है क्योंकि स्कूटी बांटने के लिए टेंडर ही नहीं हुआ है। सीएम मोहन यादव ने कहा- “मुझे खुशी है कि राज्य भर में मेधावी विद्यार्थियों को स्कूटी मुहैया कराने से बढ़िया माहौल है। कुछ लोगों ने भ्रम फैलाया है कि टेंडर के बाद स्कूटी दी जाएगी। कोई टेंडर नहीं होगा। विद्यार्थियों को सीधे उनकी पसंद की पेट्रोल या ई स्कूटी दी जाएगी। मुझे उम्मीद है कि विद्यार्थी इस योजना का लाभ उठाएंगे और अपनी पढ़ाई पर ध्यान देंगे। इसके अलावा हम व्यवस्था कर रहे हैं कि इसी तरह विद्यार्थियों को लैपटॉप भी जल्द ही उपलब्ध करा दिया जाए।” recent visitors 24

मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र सरकार ताप्ती नदी परियोजना के लिए जल्द ही समझौता करेंगे: मुख्यमंत्री यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि ताप्ती बेसिन मेगा रीचार्ज योजना विश्व की सबसे बड़ी ग्राउण्ड रीचार्ज परियोजना है। इस अंतर्राज्यीय संयुक्त परियोजना का अवरोध अब दूर हो गया है तथा हम शीघ्र ही महाराष्ट्र सरकार के साथ चर्चा कर करार करने की ओर बढ़ रहे हैं। जल्द ही केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री को भोपाल आमंत्रित कर करार की कार्यवाही की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव  मंत्रालय में ताप्ती बेसिन मेगा रीचार्ज एवं कन्हान उप कछार परियोजनाओं के क्रियान्वयन के संबंध में बैठक कर अधिकारियों को निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि इन दोनों ही परियोजनाओं के शीघ्र क्रियान्वयन के लिए हम तेजी से प्रयास कर रहे हैं। ताप्ती मेगा रिचार्ज योजना के जरिए हम महाराष्ट्र सरकार के साथ मिलकर ताप्ती नदी की तीन धाराएं बनाकर राष्ट्रहित में नदी जल की बूंद-बूंद का उपयोग सुनिश्चित कर कृषि भूमि का कोना-कोना सिंचित करेंगे। बैठक में जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, विधायक अर्चना चिटनीस, मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा और मध्यप्रदेश एवं महाराष्ट्र के जल संसाधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ताप्ती बेसिन मेगा रिचार्ज योजना को राष्ट्रीय जल परियोजना घोषित कराने के लिए केन्द्र सरकार से चर्चा की जाएगी। उन्होंने कहा कि ताप्ती बेसिन और कन्हान उप कछार में मध्यप्रदेश द्वारा प्रस्तावित कन्हान (जामघाट) बहुउद्देशीय परियोजना में मध्यप्रदेश के जल हितों का विशेष ध्यान रखा जाए। इसके लिए महाराष्ट्र राज्य से सतत संवाद कर दोनों परियोजनाओं के‍क्रियान्वयन में तेजी लाएं। उन्होंने कहा कि ताप्ती बेसिन मेगा रिचार्ज योजना में कुल 31.13 टी.एम.सी. जल का उपयोग होगा। इसमें से 11.76 टी.एम.सी मध्य प्रदेश को और 19.36 टी.एम.सी जल महाराष्ट्र राज्य के हिस्से में आएगा। इस परियोजना में प्रस्तावित बांध एवं नहरों से मध्यप्रदेश कुल 3 हजार 362 हेक्टेयर भूमि उपयोग में लाई जाएगी। परियोजना के अंतर्गत कोई गांव प्रभावित नहीं होगा अत: इसमें पुनर्वास की भी आवश्यकता नहीं होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश अपने विकास की यात्रा में सभी सेक्टर्स में लगातार काम कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में उनकी भावना के अनुसार हम मध्यप्रदेश की नदियों का आसपास के राज्यों से सुखद और दोनों राज्यों के हितों के बंटवारे के क्रम को लगातार बनाए हुए हैं। हमारे राज्य के किसानों के खेतों में सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिले, पीने के पानी के साथ-साथ औद्योगीकरण के लिए भी पर्याप्त पानी दिया जा सके और राज्यों के बीच में भी हमारा सुखद और सौहार्द्र बना रहे, इस निमित्त से हम वर्षों से लंबित जल बंटवारे के मसलों को हल करते हुए इस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। इसी परिप्रेक्ष्य में आज हम महाराष्ट्र के साथ नदी जल बंटवारे के मसले के निराकरण के लिए प्राथमिक चरण की चर्चा के लिए आगे बढ़े हैं। महाराष्ट्र राज्य के मुख्यमंत्री की भी यही भावना है। वे भी चाहते हैं कि मध्यप्रदेश के साथ ताप्ती और कन्हान नदी की जो नदी जल परियोजनाएं वर्षों से लंबित थीं, उनके निराकरण के लिए ठोस प्रयास किए जाने चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री के मार्गदर्शन और उनके परामर्श से इस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि ताप्ती बेसिन मेगा रिचार्ज परियोजना के पूरा होने पर मध्यप्रदेश के 1 लाख 23 हजार 82 हेक्टेयर भू-क्षेत्र और महाराष्ट्र के 2 लाख 34 हजार 706 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की स्थाई सुविधा उपलब्ध होगी। इस परियोजना से म.प्र. के बुरहानपुर एवं खण्डवा जिले की बुरहानपुर, नेपानगर, खकनार एवं खालवा की कुल चार तहसीलें लाभान्वित होंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इसी प्रकार कन्हान उपकछार में जल उपयोगिता के लिए मध्यप्रदेश द्वारा प्रस्तावित छिंदवाड़ा कॉम्पलेक्स बहुउद्देशीय परियोजना के माध्यम से महाराष्ट्र के नागपुर शहर को भी पानी मिलेगा और हमारे छिंदवाड़ा जिले के कृषि क्षेत्र में भी पर्याप्त जल उपलब्ध होगा। हम प्रदेश की एक-एक नदी के एक-एक बूंद जल का समुचित उपयोग राष्ट्र और राज्य के हित में करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। जिस तरह पिछले दिनों हमने पार्वती-काली सिंध-चंबल परियोजना का राजस्थान के साथ कार्य प्रारंभ किया है, उसी प्रकार उत्तर प्रदेश के साथ केन-बेतवा नदी जोड़ो की बड़ी राष्ट्रीय परियोजना पर काम किया जा रहा है। इसी अनुक्रम में अब हमने इस तीसरी राष्ट्रीय नदी जल परियोजना के जरिए महाराष्ट्र राज्य के साथ आगे बढ़ने का निर्णय लिया है। इस परियोजना से महाराष्ट्र के उत्तर क्षेत्र एवं मध्यप्रदेश के दक्षिण क्षेत्र के हिस्से को पर्याप्त जल उपलब्ध कराएंगे। साथ ही बल्कि नागपुर जैसे बड़े शहर में पीने के पानी की समस्या और छिंदवाड़ा जिले में भी सिंचाई जल की समुचित आपूर्ति सुनिश्चित करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दोनों राज्यों के अधिकारी आपस में संवाद करेंगे और इन परियोजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन की दिशा में आगे बढ़ेंगे। बैठक में जल संसाधन मंत्री सिलावट और विधायक चिटनीस ने निमाड़ क्षेत्र की जीवन रेखा बदलने वाली ताप्ती बेसिन मेगा रीचार्ज परियोजना के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार माना। ताप्ती बेसिन मेगा रिचार्ज योजना ताप्ती बेसिन मेगा रिचार्ज योजना मध्य प्रदेश एवं महाराष्ट्र राज्यों की संयुक्त परियोजना के रूप में प्रस्तावित है। इस योजना से मध्यप्रदेश के 1,23,082 हेक्टेयर क्षेत्र में एवं महाराष्ट्र के 2,34,706 सेक्टर में सिंचाई प्रस्तावित है. योजना में भूजल भंडारण का विस्तार किया जाएगा, जिससे प्रदेश के बुरहानपुर एवं खंडवा जिलों की बुरहानपुर, नेपानगर, खकनार एवं खालवा तहसीलें लाभान्वित होंगी. इस योजना के अंतर्गत पूर्व में पारंपरिक भंडारण हेतु 66 टीएमसी क्षमता का जल भराव बाँध प्रस्तावित किया गया था, जिससे 17 हज़ार हेक्टेयर से अधिक भूमि प्रभावित हो रही थी, जिसमें वन भूमि एवं बाघ अभ्यारण की भूमि भी शामिल थी। इसके अलावा 73 गांव की लगभग 14 हजार जनसंख्या भी प्रभावित हो रही थी। अब इस अवरोध को दूर करते हुए पारंपरिक जल भंडारण के स्थान पर भूजल पुनर्भरण योजना द्वारा जल भंडारण प्रस्तावित किया गया है। ताप्ती बेसिन मेगा रिचार्ज योजना के अंतर्गत मुख्य रूप से चार जल संरचनाएं प्रस्तावित हैं खरिया गुटीघाट बांध स्थल पर लो डायवर्सन वियर यह वियर दोनों राज्यों की सीमा पर मध्य प्रदेश की खंडवा जिले की खालवा तहसील एवं महाराष्ट्र की अमरावती तहसील में प्रस्तावित है. इसकी जल भराव क्षमता 8.31 … Read more

मुख्यमंत्री यादव ने प्रयागराज महाकुंभ में लगाई आस्था की डुबकी, प्रदेशवासियों की खुशहाली के लिए की प्रार्थना

भोपाल /जयपुर /प्रयागराज सीएम डॉ. मोहन यादव ने आज प्रयागराज महाकुंभ में संगम में पवित्र स्नान किया। वे अपने परिवार के साथ यहां पहुंचे और आस्था की डुबकी लगाई। इस अवसर पर उनके साथ राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भी मौजूद रहे। संगम में स्नान करने के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि ‘मां गंगा मां यमुना की कृपा है। प्रयागराज सब तीर्थों का राजा है। यहां कुंभ स्नान कई जन्मों के पुण्य से मिलता है। मैं यहां मध्य प्रदेश की जनता, विशेष रूप से युवाओं की भलाई, बेरोजगारों के रोजगार और समाज के हर वर्ग के सौभाग्य और खुशहाली की प्रार्थना कर रहा हूं’। उन्होंने इसे सनातन धर्म के लिए गौरवशाली क्षण बताते हुए कहा कि यह हम सभी का सौभाग्य है कि हम ऐसे अलौकिक अवसर के साक्षी बन रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम आने वाले समय में उज्जैन में होने वाले कुंभ के लिए भी यहां की व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं। इससे पहले अधिकारियों का दल भी यहां आ चुका है और अब मैं स्वयं भी साधु संतों का मार्गदर्शन और आशीर्वाद प्राप्त करूंगा। सीएम भजनलाल शर्मा अपनी पूरी कैबिनेट और विधायकों के साथ कुंभ पहुंचे हुए हैं। कुंभ के लिए करीब 115 मंत्री और विधायक जयपुर एयरपोर्ट से सुबह साढ़े सात बजे निकले थे। कुंभ क्षेत्र में घूमने के बाद हनुमान मंदिर के दर्शन भी मंत्री और विधायकों ने किए। तय कार्यक्रम के अनुसार सीएम भजनलाल शनिवार अपने विधायकों के साथ कुंभ क्षेत्र में ही रात में ठहरेंगे। फिर रविवार को दोपहर सभी के जयपुर लौटने का कार्यक्रम है। एम मोदी जो कहते हैं वो करते हैं कुंभ क्षेत्र में पहुंचने के बाद सीएम भजनलाल ने दिल्ली चुनावों में बीजेपी की जीत पर सभी को बधाई दी। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी को लेकर आमजन में विश्वास है। उनको लगता है कि पीएम मोदी जो कहते हैं वो करते हैं। इस वजह से दिल्ली की जनता ने भी देश की राजधानी में डबल इंजन की सरकार को चुना है। प्रदेशवासियों की ओर से लगाऊंगा आस्था की डुबकी वहीं, एमपी के सीएम मोहन यादव ने कहा कि मैं तीर्थराज प्रयाग की पावन भूमि पर आया हूं और यहां सभी प्रदेशवासियों की ओर से आस्था की डुबकी लगाऊंगा। मेरी ओर से उत्तर प्रदेश सरकार एवं माननीय मुख्यमंत्री जी को शुभकामनाएं देता हूं, जिन्होंने इस भव्य महाकुंभ का कुशलता से आयोजन किया। वहीं, सीएम मोहन यादव ने दिल्ली चुनावों पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा है कि आप और कांग्रेस की असलियत को जनता जान गई है और आज उनके फैलाये कीचड़ में भी कमल खिला है। मध्य प्रदेश के कल्याण और खुशहाली की प्रार्थना इसी के साथ उन्होंने महाकुंभ की व्यवस्थाओं के लिए यूपी सरकार को बधाई भी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘मैं एक बार फिर उत्तर प्रदेश सरकार को बधाई देता हूं। मुख्यमंत्री आदित्यनाथ जी ने बहुत अच्छी व्यवस्था की है। प्रधानमंत्री जी भी यहां स्नान करके गए हैं, गृहमंत्री जी भी यहां आ चुके हैं। यहां मध्यप्रदेश का पंडाल भी लगा है और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी चल रहे हैं। 2028 में उज्जैन में कुंभ मेला लगेगा, उसकी तैयारियों के लिए अधिकारियों का दल भी प्रयागराज आ चुका है। आज मैं स्वयं यहां आया हूं..साधु संतों से मार्गदर्शन लेंगे और आशीर्वाद भी लेंगे। मैं प्रदेशवासियों के लिए मां गंगा से प्रार्थना करूंगा।’ मैं तीर्थराज प्रयाग की पावन भूमि पर आया हूं : यादव संगम पहुंचने से पहले मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आज मैं तीर्थराज प्रयाग की पावन भूमि पर आया हूं। यहां सभी प्रदेशवासियों की ओर से आस्था की डुबकी लगाने। मेरी ओर से उत्तर प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को शुभकामनाएं। जिन्होंने इस भव्य महाकुंभ का कुशलता से आयोजन किया। अनुराग ठाकुर ने पत्नी के साथ लगाई डुबकी पूर्व केंद्रीय मंत्री और वर्तमान में हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर से सांसद अनुराग ठाकुर ने भी संगम में स्नान किया। ठाकुर के साथ उनकी पत्नी भी मौजूद थीं। अनुराग ठाकुर ने कहा- पुण्य धरा प्रयागराज में महाकुंभ के पावन अवसर पर पुण्य सलिला मां गंगा, मां यमुना और मां सरस्वती की दिव्य धाराओं के संगम तट पर सपरिवार पवित्र स्नान, पूजा-अर्चना कर सर्वकल्याण की कामना की। मां गंगा, यमुना और सरस्वती के शुभाशीष से आप सभी के जीवन में सुख, समृद्धि व सौभाग्य का वास हो। मौनी अमावस्या पर 8 करोड़ श्रद्धालुओं ने किया था स्नान जानकारी के मुताबिक, ‘‘सर्वाधिक 8 करोड़ श्रद्धालुओं ने मौनी अमावस्या पर स्नान किया था, जबकि 3.5 करोड़ श्रद्धालुओं ने मकर संक्रांति के अवसर पर डुबकी लगाई। एक फरवरी और 30 जनवरी को दो-दो करोड़ से अधिक और पौष पूर्णिमा पर 1.7 करोड़ श्रद्धालुओं ने स्नान किया था। बसंत पंचमी पर 2.57 करोड़ श्रद्धालुओं ने त्रिवेणी में डुबकी लगाई।” पीएम मोदी समेत इन्होंने किया संगम स्नान महाकुंभ में अभी तक संगम में स्नान करने वाले अति विशिष्ट व्यक्तियों में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ (मंत्रिमंडल समेत) शामिल हैं। इनके अलावा प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल, केंद्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत, अर्जुन राम मेघवाल, श्रीपद नाइक, भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी, राज्यसभा सदस्य सुधा मूर्ति, असम विधानसभा अध्यक्ष विश्वजीत दैमारी समेत कई लोग शामिल हैं। आगामी 10 फरवरी को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के भी महाकुंभ आकर संगम स्नान करने का कार्यक्रम प्रस्तावित है।   recent visitors 27

सीएम मोहन यादव ने कहा प्रधानमंत्री मोदी का जनता से जुड़ाव, बीजेपी कार्यकर्ताओं की मेहनत और देश के बदलते मिजाज के कारण पार्टी लगातार जीत रही

इंदौर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इंदौर में रात्रि विश्राम करने के बाद शनिवार को प्रयागराज रवाना हुए। सीएम प्रयागराज महाकुंभ में वीआईपी घाट त्रिवेणी संकुल पर गंगा स्नान के बाद विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों में हिस्सा लेंगे। वह दिनभर महाकुंभ में रहेंगे और अलग-अलग कार्यक्रमों में शामिल होंगे। जानकारी के मुताबिक, सीएम दोपहर करीब 12:15 बजे वीआईपी घाट त्रिवेणी संकुल पहुंचेंगे और रात्रि 10 बजे भोपाल लौट आएंगे। इंदौर में रवाना होने से पहले उन्होंने दिल्ली में बीजेपी की जीत पर खुशी जाहिर की और पार्टी नेताओं को मिठाई खिलाई। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जनता से जुड़ाव, बीजेपी कार्यकर्ताओं की मेहनत और देश के बदलते मिजाज के कारण पार्टी लगातार जीत रही है।   विपक्ष पर किया हमला सीएम मोहन यादव ने विपक्ष पर भी जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि टुकड़े-टुकड़े गैंग अपनी ओछी मानसिकता से देश और प्रदेश को वर्षों से गुमराह करता आ रहा है, लेकिन जनता अब सच्चाई जान चुकी है। विपक्षी पार्टियां लगातार हार का सामना कर रही हैं, क्योंकि उन्होंने हमेशा जनता को भ्रमित करने का प्रयास किया। बीजेपी हरियाणा, महाराष्ट्र और दिल्ली के बाद आने वाले चुनावों में भी केंद्र की तरह ही जीत दर्ज करेगी। उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा था जब समाज को बांटने के लिए अलग-अलग विचारधाराएं फैलाई गई थीं, लेकिन अब सच्चाई जनता के सामने है।   कीचड़ में खिला कमल सीएम ने आम आदमी पार्टी, कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर तंज कसते हुए कहा कि उन्हें अब आत्ममंथन करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि जनता उनकी असलियत पहचान चुकी है और बीजेपी का विजयी अभियान जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि फैले हुए कीचड़ में कमल खिल रहा है और यह बीजेपी की मजबूत पकड़ और जनता के समर्थन का प्रमाण है।   recent visitors 35

CM मोहन आज महाकुंभ में डुबकी लगाएंगे, पूरे दिन रहेंगे व्यस्त, कई कार्यक्रमों में होंगे शामिल

भोपाल  प्रशासन के तमाम दावों के बावजूद उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ 2025 में वीआईपी कल्चर जारी है। हालाकिं, अबतक यहां 40 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु संगम स्नान कर चुके हैं। इस बीच खबर सामने आई है कि, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज शनिवार को प्रयागराज दौरे पर हैं। वो महाकुंभ में हिस्सा लेंगे। इस मौके पर वह वीआईपी घाट त्रिवेणी शंकुल में डुबकी लगाएंगे और विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों में हिस्सा लेंगे।  मिली जानकारी के अनुसार, सीएम डॉ. मोहन यादव आज दिनभर महाकुंभ में ही रहेंगे और अलग-अलग कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। ऐसे में सीएम के दौरे के लिए विशेष सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। जानकारी के मुताबिक, सीएम दोपहर करीब 12:15 बजे वीआईपी घाट त्रिवेणी शंकुल पहुंचेंगे और महाकुंभ में डुबकी लगाएंगे। सीएम आज पूरा दिन महाकुंभ में ही रहेंगे और अलग-अलग कार्यक्रमों में शामिल होंगे। प्रयागराज से रात 10 बजे वो भोपाल पहुंचेंगे। 45 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद बता दें कि, इस बार महाकुंभ में 45 करोड़ श्रद्धालुओं के पवित्र संगम में डुबकी लगाने की उम्मीद है. हर 12 साल में आयोजित होने वाले इस कुंभ में 144 साल बाद विशेष संयोग देखने को मिल रहा है, क्योंकि अब तक कुल 12 कुंभ आयोजित हो चुके हैं। इस खास मौके को देखते हुए इसे महाकुंभ कहा जा रहा है और इसमें आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या अब तक के किसी भी कुंभ से ज्यादा होने की संभावना है। उत्तर प्रदेश सरकार ने श्रद्धालुओं की गिनती के लिए हाईटेक उपकरणों का इस्तेमाल किया है और इस बार लोगों की गिनती एआई आधारित कैमरों के जरिए की जा रही है। recent visitors 52