प्रधानमंत्री मोदी ने प्रदेश में दो नदी जोड़ो अभियान के लिए एक लाख 75 हजार करोड़ की धनराशि उपलब्ध कराई : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

चैतन्य है मां नर्मदा की धारा, इसके दर्शन से होते हैं सभी धन्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश के कुल 48 लाख हैक्टेयर सिंचित क्षेत्र में से 40 लाख हैक्टेयर माँ नर्मदा है सिंचित प्रधानमंत्री मोदी ने प्रदेश में दो नदी जोड़ो अभियान के लिए एक लाख 75 हजार करोड़ की धनराशि उपलब्ध कराई राज्य जल्द ही प्राप्त करेगा एक करोड़ हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई का लक्ष्य सिंचाई के लिये जल से सोना ऊगलेंगे सूखे खेत वर्ष 2028 तक 70 प्रतिशत युवाओं को स्वावलंबी बनाएंगे मुख्यमंत्री ने की नई आईटीआई स्वीकृत और 316 करोड़ के विकास कार्यों का किया लोकार्पण एवं भूमिपूजन गोंद गाँव में खुलेगी सर्व सुविधा युक्त गौशाला मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छीपानेर, हरदा में वेदगर्भा घाट का किया लोकार्पण भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मां नर्मदा की धारा चैतन्य है, इसके दर्शन मात्र से ही सभी धन्य होते हैं। माँ नर्मदा प्रदेश की जीवन रेखा है। प्रदेश का सिंचाई रकबा 48 लाख हेक्टेयर से अधिक है, जिसमें से 40 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में मां नर्मदा के जल से सिंचाई होती है। पारस पत्थर जैसे लोहे को सोना कर देता है, वैसे ही जल के पहुंचते ही सूखे खेत भी सोना ऊगलने लगते हैं। राज्य सरकार प्रदेश में सिंचाई के रकबे का तेजी से विस्तार कर रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सिंचाई सुविधा के विस्तार के लिए एक लाख 75 हजार करोड़ की धनराशि उपलब्ध कराई है, इससे प्रदेश में केन-बेतवा और पार्वती-काली सिंध-चंबल नदी जोड़ो परियोजनाएं आरंभ होंगी। इन परियोजनाओं से एक करोड़ हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई का लक्ष्य पूरा होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव हरदा जिले के छीपानेर में नर्मदा तट पर वेदगर्भा घाट के लोकार्पण अवसर पर संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हरदा जिले में एक नई आईटीआई संस्था स्वीकृत करने और गोंदागांव में सरकारी खर्चे पर सर्वसुविधा युक्त गौशाला स्वीकृत करने की घोषणा की। उन्होंने 316 करोड़ रुपए के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि-पूजन भी किया। कार्यक्रम में डारा इंजीनियरिंग प्रायवेट लिमिटेड के मेनेजिंग डायरेक्टर डॉ. पप्पू राम विश्नोई ने इस अवसर पर वैदिक विद्या पीठम् चिचोट के विकास के लिये 1 करोड़ रूपये देने की घोषणा की। इस अवसर पर प्रख्यात विचारक सुरेश सोनी, प्रदेश के सहकारिता तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री व जिले के प्रभारी मंत्री विश्वास सारंग, राज्यसभा सांसद श्रीमती माया नारोलिया, नर्मदापुरम् सांसद दर्शन सिंह चौधरी, पूर्व मंत्री कमल पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष गजेन्द्र शाह, नगर पालिका अध्यक्ष भारती राजू कमेडिया, जिला पंचायत उपाध्यक्ष दर्शन सिंह गहलोत पूर्व विधायक संजय शाह, प्रेम कुमार, स्वामी नित्य चैतन्य दास जी महाराज सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हरदा में हुई अग्नि दुर्घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसी विपदा में फंसे व्यक्तियों को तत्काल समुचित इलाज उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इस दुर्घटना के एक माह बाद ही राज्य सरकार द्वारा दूरदराज के घायल व्यक्तियों के लिए नि:शुल्क एयर एंबुलेंस संचालित करने का निर्णय लिया गया। प्रदेश में जहां हवाई पट्टी है, वहां विमान से और अन्य स्थानों पर हेलीकॉप्टर के माध्यम से एयर एंबुलेंस उपलब्ध कराने की व्यवस्था राज्य सरकार द्वारा की गई। गरीबों को भी समय पर इलाज मिले इसके लिए नि:शुल्क हवाई जहाज/हेलीकॉप्टर सेवा प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार हर वर्ग के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। इसके अंतर्गत ही प्रदेश में गरीब, महिला, किसान और युवा कल्याण मिशन प्रारंभ किए जा रहे हैं। युवा कल्याण मिशन से हम वर्ष-2028 तक प्रदेश के 70 प्रतिशत युवाओं को स्वावलंबी बनाएंगे। नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के माध्यम से घर-घर गौपालन को प्रोत्साहित किया जा रहा है। गौपालन से किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में भी कार्य जारी है। प्रख्यात विचारक सुरेश सोनी ने इस अवसर पर कहा कि माँ नर्मदा हमारे लिये जीवनदायिनी है, इसे प्रदूषित न करें। नर्मदा नदी प्रदूषण मुक्त बनी रहें, यह हम सभी का दायित्व है। उन्होने कहा कि नर्मदा नदी के दोनों तटों के आसपास अधिक से अधिक पौधे लगाये जाने चाहिए क्योंकि वृक्ष ही नर्मदा नदी को पोषित करते हैं। सोनी ने कहा कि हमारे देश में नदियों को माँ का दर्जा दिया जाता है। 316.20 करोड़ रूपये के निर्माण कार्यों का हुआ लोकार्पण/भूमि पूजन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में 316.20 करोड़ रूपये के निर्माण कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन किया। इसमें 130.32 करोड़ रूपये लागत 21 कार्यों का भूमि-पूजन तथा 185.87 करोड़ रूपये लागत के 97 कार्यों का लोकार्पण शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्राम चिचोट कुटी में नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण द्वारा नर्मदा नदी के तट पर 11.07 करोड़ रूपये लागत से बनवाये गये घाट निर्माण का अवलोकन कर लोकार्पण किया। कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास विभाग के 3, लोक निर्माण विभाग के 2, पीआईयू के 6, स्वास्थ्य विभाग के 3, नगरीय प्रशासन विभाग के 3 तथा विद्युत वितरण कम्पनी के 4 कार्य सहित 21 कार्यों का भूमि-पूजन हुआ। इसी तरह जिन 97 कार्यों का लोकार्पण किया गया, उनमें महिला एवं बाल विकास विभाग के 3, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के 4, लोक निर्माण विभाग के 29, पीआईयू के 6, सेतु विकास निगम का 1, लोक स्वास्थ यांत्रिकी विभाग के 52 तथा विद्युत वितरण कम्पनी व नर्मदा घाटी विकास विभाग के 1-1 कार्य शामिल है।   recent visitors 30

उचित समय पर जांच और इलाज से कैंसर को परास्त किया जा सकता : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

उचित समय पर जांच और इलाज से कैंसर को परास्त किया जा सकता : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने दिया जागरूकता फैलाएं – कैंसर को हराएं – जीवन को जिताएं का संदेश भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विश्व कैंसर दिवस पर कहा है कि सही जानकारी, उचित समय पर जांच और इलाज से कैंसर जैसी बीमारी को परास्त किया जा सकता है। उत्तम स्वास्थ्य ही खुशहाल जीवन का आधार है। उन्होंने कैंसर दिवस पर जागरूकता फैलाएं-कैंसर को हराएं-जीवन को जिताएं का संदेश देते हुए प्रदेशवासियों से कैंसर के संबंध में स्वयं जागरूक रहते हुए समाज को जागरूक करने और स्वस्थ भारत के संकल्प की सिद्धि में सहभागी होने का आव्हान किया है।   recent visitors 54

वर्ष 2025 में सरकार आर्थिक प्रगति और पर्यावरणीय स्थिरता के बीच संतुलन बना कर आगे बढ़ेगी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल भारत का हृदय-प्रदेश मध्यप्रदेश, प्राकृतिक सौंदर्य, बहुरंगी पारिस्थितिकी तंत्र और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संजोये है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकासशील चिंतन के मार्गदर्शन में प्रदेश डॉ. मोहन यादव के कुशल और आत्मविश्वास से भरे नेतृत्व में विकास के पथ पर अग्रसर है। वर्ष 2025 में सरकार आर्थिक प्रगति और पर्यावरणीय स्थिरता के बीच संतुलन बना कर आगे बढ़ेगी। स्वच्छ और हरित मध्यप्रदेश मात्र विमर्श नहीं है, अपितु वर्तमान और भावी पीढ़ियों की महती आवश्यकता है। स्वच्छ और हरित मध्यप्रदेश बनाए रखने के लिए सरकार, निजी क्षेत्र और जनभागीदारी के सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। नागरिकों में प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी की भावना को बढ़ावा देने के लिए भी लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। सरकार इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए रोडमैप तैयार कर निरन्तर आगे बढ़ रही है। नवकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देना मध्यप्रदेश ने सौर और पवन ऊर्जा के उपयोग में महत्वपूर्ण प्रगति की है। रीवा में अल्ट्रा मेगा सोलर पावर प्रोजेक्ट नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में प्रदेश को देश के अन्य राज्यों के लिए रोल-मॉडल बनाने के लक्ष्य का प्रतीक है। इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए प्रदेश सरकार ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सौर ऊर्जा के साथ ही पवन ऊर्जा परियोजनाओं का विस्तार करने पर भी फोकस कर रही है। नवकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं में सरकारी के साथ ही निजी निवेश को भी बढ़ावा दिये जाने की रणनीति बना रही है। प्रदेश के आम नागरिकों को उनकी आवश्यकताओं के लिए आत्मनिर्भर बनाने के प्रयासों के अंतर्गत घरों और व्यवसायिक संस्थानों के लिए रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन को प्रोत्साहित किया जा रहा है। यहां तक कि प्रदेश के सबसे बड़े ऊर्जा उपभोक्ता अर्थात किसानों को भी सिंचाई के लिए सोलर-पंप जैसी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। प्रदेश सरकार के इन प्रयासों से नागरिक तो ऊर्जा के क्षेत्र में भी आत्मनिर्भर बनेंगे ही, उनका अतिरिक्त उत्पादन ग्रिड से जुड़ कर प्रदेश को विद्युत सर-प्लस राज्यों के शीर्ष पर बनाए रखने में सहयोगी होगा। इस तरह मध्यप्रदेश देश को क्लीन-एंड-ग्रीन एनर्जी सेक्टर में विश्व में अग्रणी बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकेगा। कचरा प्रबंधन प्रणाली में सुधार प्रदेशवासियों के लिए गर्व का विषय है राज्य बीते कई वर्षों से लगातार देश के स्वच्छतम प्रदेशों में सम्मिलित बना हुआ है। इंदौर देश का स्वच्छतम शहर और भोपाल देश की स्वच्छतम राजधानी बनी हुई है। प्रदेश की इस क्लीन-एंड-ग्रीन लिगेसी को बनाए रखने के लिए पहले से सक्रिय कचरा-प्रबंधन प्रणाली को और प्रभावी बनाए जाने के लिए प्रदेश सरकार रणनीतिक स्तर पर काम कर रही है। स्थानीय निकायों में सूखा-गीला कचरा पृथक्करण के साथ ही इलेक्ट्रॉनिक कचरा, चिकित्सालयों एवं लेबोरेटरीज का कचरा और सीवेज-वेस्ट के पृथक्करण एवं निष्पादन के लिये हाईटेक प्रणालियां विकसित करने की रणनीति पर काम कर रही है। इसके अंतर्गत प्रदेश की स्मार्ट-सिटी परियोजना में सम्मिलित शहरों के साथ ही दूसरे शहरों में भी आधुनिक री-साइक्लिंग प्लांट स्थापित किए जाने की योजना है। गांवों और कस्बों में जैविक कचरे की कंपोस्टिंग को प्रोत्साहित किया जा रहा है। साथ ही सिंगल-यूज प्लास्टिक के उपयोग को कम करने के लिए भी आम नागरिकों को जागरूक बनाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। जनभागीदारी से बढ़ाई जायेगी शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में ग्रीनरी सबसे अधिक वनावरण और वृक्षावरण के साथ प्रदेश लगातार देश में प्रथम स्थान पर बना हुआ है। इस तरह हम जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों को कम करने की दिशा में सबसे आगे हैं। इससे हमारी जैव-विविधता में भी सुधार हो रहा है। हम इससे संतुष्ट होकर नहीं बैठे है प्रदेश की इस परंपरा को आने वाले वर्षों में भी बनाये रखने के लिए सरकार सामुदायिक भागीदारी के साथ बड़े पैमाने पर वनीकरण अभियान चलाती रहेगी। इसके साथ ही शहरों में ग्रीन-बेल्ट और पार्कों का विकास किया जा रहा है। विकास कार्यों के कारण वन भूमि को संभावित क्षति के दृष्टिगत उसकी सुरक्षा और पुनर्स्थापना के लिए भी योजनाबद्ध रूप से सरकार काम कर रही है। किसानों के बीच भी कृषि वानिकी की परंपरा बनाए रखने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। वर्ष 2025 में मिले उपहार प्रदेश को बनाएं जल-समृद्ध कृषि, उद्योग और घरेलू आवश्यकताओं के लिए सतत जल प्रबंधन महत्वपूर्ण है। इसके लिए मध्यप्रदेश को वर्ष के आरंभ में ही प्रधानमंत्री मोदी की ओर से पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी लिंक और केन-बेतवा नदी लिंक परियोजनाओं का उपहार मिला है। ये परियोजनाएं प्रदेश की सिंचाई आवश्यकताओं के साथ ही नागरिकों के लिए पेयजल और उद्योगों को उनकी जरूरतों के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध कराएंगी। इसके साथ ही प्रदेश सरकार भूगर्भ में संचित जल स्तर को बढ़ाने के लिए शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में रेन-वाटर हार्वेस्टिंग प्रणालियों का विस्तार कर रही है, पारंपरिक जल-निकायों (कुएं, बावड़ी एवं तालाब) और नदियों को पुनर्जीवित किए जाने की योजनाओं पर भी काम कर रही है। खेती में पानी की बर्बादी को रोकने के लिए स्प्रिंकलर-सिस्टम और ड्रिप-इरिगेशन जैसी माइक्रो-इरिगेशन तकनीकों को बढ़ावा दिया जा रहा है। एकीकृत कृषि के साथ ही जैविक खेती को बढ़ावा, अर्थव्यवस्था बनेगी मजबूत पर्यावरण भी रहेगा संरक्षित देश के साथ ही मध्यप्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाली कृषि के क्षेत्र में भी उत्पादन बढ़ाने के लिए इस तरह की तकनीकों पर जोर दिया जा रहा है जो पर्यावरण के अनुकूल हों। इसके अंतर्गत जैविक खेती को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इससे किसान रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशक के रूप में रसायनों का प्रयोग कम से कम करने के लिए प्रोत्साहित होंगे और खेतों की मिट्टी भी उर्वर एवं शस्य-श्यामला बनी रहेगी। इसके लिए किसानों को गांवों में पर्यावरण संरक्षण और प्रिसिजन फार्मिंग संबंधी प्रशिक्षण दिये जाएंगे। किसानों को समृद्ध बनाने की रणनीति के अंतर्गत बाजारों की जरूरतों के अनुरूप फसल विविधीकरण, उद्यानिकी और पशुपालन से एकीकृत खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। वाहन-जनित प्रदूषण कम करने की रणनीतियों पर फोकस वर्ष 2025 में मध्यप्रदेश सरकार यातायात के साधनों की पर्याप्तता बनाए रखते हुए पर्यावरण प्रदूषण को कम करने के लिए विशेष नीतियों पर काम कर रही है। इसके लिए सार्वजनिक परिवहन प्रणालियों का विस्तार किया जा रहा है। सार्वजनिक परिवहन के लिए मध्यप्रदेश परिवहन निगम को पुनर्जीवित किया जा रहा है। प्रदेश में इंटर-सिटी कनेक्टिविटी और शहरी सार्वजनिक परिवहन के लिए इलेक्ट्रिक बसें प्रारंभ की … Read more

भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के विजन को मूर्त रूप दिए जाने के उद्देश्य से प्रदेश में तेज गति से कार्य किया जा रहा: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के विजन को मूर्त रूप दिए जाने के उद्देश्य से प्रदेश में तेज गति से कार्य किया जा रहा है। मध्यप्रदेश में फ्यूचर रेडी इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जा रहा है, जिससे यहां अधिक से अधिक निवेश आएं, उद्योग धंधे स्थापित हों और बड़ी संख्या में रोजगार सृजित हो। मध्यप्रदेश में रेल, सड़क और हवाई सेवाओं का निरंतर विस्तार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि राज्य के आंतरिक मार्गों के साथ ही राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क का भी विस्तार किया जा रहा है। प्रदेश के शहरों में सड़क यातायात के सुधार के लिए इंदौर, भोपाल, देवास, ग्वालियर, जबलपुर और सतना में एलिवेटेड कॉरिडोर बनाए जा रहे हैं। इनमें से इंदौर एलिवेटेड कॉरिडोर पर 350 करोड़, ग्वालियर में 1100 करोड़, जबलपुर में 660 करोड़ और भोपाल में 306 करोड़ रुपए की लागत आएगी। साथ ही राज्य सरकार ने 724 किमी लंबी 24 सड़क परियोजनाओं का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन किया है, जिनकी कुल लागत 10 हजार करोड़ रूपये है। ये परियोजनाएं प्रदेश के शहरों की रोड-कनेक्टिविटी को बढ़ाएंगी, यात्रा समय को कम करेंगी और व्यापार को बढ़ावा देंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में मजबूत राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का निर्माण और उन्नयन केन्द्र सरकार से मिले 3,500 करोड़ रुपए से किया जा रहा है। विशेष रूप से उज्जैन-जावरा 4-लेन ग्रीनफील्ड हाइ-वे परियोजना को 5 हजार करोड़ रूपये से अधिक के निवेश के साथ मंजूरी दी गई है। यह हाइ-वे उज्जैन, इंदौर और आस-पास के क्षेत्रों को मुंबई-दिल्ली इंडस्ट्रियल कॉरीडोर से जोड़ेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव में बताया कि प्रदेश में ग्रामीण यातायात को सुगम करने के लिए मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना चलाई जा रही है, जिसका उद्देश्य 8,565 गांवों को 19,378 किमी लंबी सड़कों के नैटवर्क से जोड़ना है। यह पहल ग्रामीण कनेक्टिविटी को सुधारने के लिए महत्वपूर्ण है, जिससे गांवों को मुख्य सड़कों से जोड़ा जा सके और यात्री व वस्तुओं की आवाजाही सुगम हो सके। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत प्रदेश में 2024-25 के वित्तीय वर्ष के दौरान 1 हजार किमी नई सड़कों का निर्माण और लगभग 2 हजार किमी सड़कों की नवीनीकरण किया जाएगा ताकि ग्रामीण यातायात नेटवर्क को और भी मजबूत किया जा सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के रेलवे नेटवर्क को आधुनिक बनाने के लिए महत्वपूर्ण परियोजनाएं शुरू की गई हैं। प्रदेश में 133 रेलवे ओवरब्रिज और अंडरपास का निर्माण किया गया है, इससे यातायात की गति में सुधार होगा एवं यात्रा सुगम और सुरक्षित होगी। वंदे भारत एक्सप्रेस का शुभारंभ मध्यप्रदेश में हाई-स्पीड ट्रेन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इसके अलावा, भोपाल में 100 करोड़ रुपए की लागत से एक नया कोच कॉम्प्लेक्स बन रहा है, जो राज्य की रेलवे सुविधाओं को और बेहतर बनाएगा और यात्रियों को बेहतर सेवाएं प्रदान करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश के अन्य राज्यों और विदेशों के साथ संपर्क में सुधार के लिए हवाई सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है। रीवा में हवाई अड्डे का निर्माण और ग्वालियर में राजमाता विजयराजे सिंधिया हवाई अड्डे का विस्तार एवं आधुनिकीकरण राज्य की हवाई कनेक्टिविटी को बढ़ाने के महत्वपूर्ण कदम हैं। इनसे निवेशकों को सुविधाएं मिलेंगी और निवेश आकर्षित होगा। हवाई सेवाओं के विस्तार से मध्यप्रदेश में पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।   recent visitors 31

मुख्यमंत्री 5 फरवरी को स्कूलों के प्रतिभाशाली 7,900 बच्चों को नि:शुल्क स्कूटी प्रदान करेंगे

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 5 फरवरी बुधवार को प्रात: 11 बजे भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर में शासकीय स्कूलों के प्रतिभाशाली 7,900 बच्चों को नि:शुल्क स्कूटी प्रदान करेंगे। कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह एवं जनजातीय कार्य मंत्री कुंवर विजय शाह भी उपस्थित रहेंगे। प्रदेश में संचालित शासकीय हायर सेकण्डरी विद्यालयों में सर्वोच्च अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान पाने वाले विद्यार्थी को नि:शुल्क ई-स्कूटी प्रदान करने की योजना स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा संचालित की जा रही है। योजना में मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मण्डल की कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षा में शासकीय विद्यालय में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थी को स्कूटी प्रदान की जाती है। शैक्षणिक सत्र 2023-24 में शासकीय विद्यालय के किसी भी संकाय में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले करीब 7 हजार 900 विद्यार्थियों को नि:शुल्क ई-स्कूटी वितरित की जायेगी। कार्यक्रम का ईलेक्ट्रॉनिक चैनल के माध्यम सीधे प्रसारण की व्यवस्था भी की गई।   recent visitors 34

प्रधानमंत्री मोदी से उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने की शिष्टाचार भेंट

प्रधानमंत्री मोदी से उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने की शिष्टाचार भेंट ऐतिहासिक, सर्वसमावेशी एवं लोक कल्याणकारी बजट के लिये व्यक्त किया आभार भोपाल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने संसद भवन नई दिल्ली स्थित प्रधानमंत्री कार्यालय में शिष्टाचार भेंट की। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने ऐतिहासिक, सर्व समावेशी एवं लोक कल्याणकारी बजट के लिये आभार व्यक्त किया। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने प्रधानमंत्री मोदी का पुष्प-गुच्छ भेंट कर अभिनंदन किया। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से राज्य के विकास के विभिन्न विषयों में मार्गदर्शन प्राप्त किया। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का मार्गदर्शन सदैव प्रेरणादायक होता है। जनहित के कार्यों में समर्पण के भाव और नव ऊर्जा का संचार करता है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी से मध्यप्रदेश के विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा की और मार्गदर्शन प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में "विकसित भारत" के संकल्प को साकार करने के लिए मध्यप्रदेश निरंतर कार्य कर रहा है। उनके नेतृत्व में प्रदेश सरकार विकसित मध्यप्रदेश के निर्माण के लिये प्रतिबद्ध है।   recent visitors 30

मुख्यमंत्री से मिले राष्ट्रीय एकात्मता यात्रा-2025 पर आए विद्यार्थी

मध्यप्रदेश, देश की सांस्कृतिक एकता का संवाहक है: मुख्यमंत्री डॉ. यादव अन्तर्राज्यीय छात्र जीवन दर्शन यात्रा पर आये पूर्वोत्तर के छात्रों का प्रदेश में हुआ आत्मीय स्वागत मुख्यमंत्री से मिले राष्ट्रीय एकात्मता यात्रा-2025 पर आए विद्यार्थी भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पूर्वोत्तर राज्यों से भारत एकात्मता यात्रा पर आए विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश केवल भौगोलिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक रूप से भी देश की एकता और अखंडता को दर्शाता है। उन्होंने प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रप्रेम की भावना को रेखांकित करते हुए विद्यार्थियों को इस विविधता का सम्मान करने और भारतीय संस्कृति को आत्मसात करने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की संस्कृति अपनी अनूठी विविधता और समृद्ध परंपराओं के लिए प्रसिद्ध है। यहां विभिन्न प्रांतों, वर्गों और भाषाओं के लोग सौहार्दपूर्वक निवास करते हैं। मध्यप्रदेश, देश के उस गौरवशाली इतिहास और संस्कृति का संवाहक है, जो देशभक्ति, राष्ट्र रक्षा और सम्मान के मूल्यों को संजोकर रखता है। स्टूडेंट एक्सपीरियंस इन इन्टर-स्टेट लिविंग (SEIL) द्वारा सांस्कृतिक आदान-प्रदान की मंशा से आयोजित राष्ट्रीय एकात्मता यात्रा -2025 पर आये पूर्वोत्तर राज्यों के छात्र दल का मध्यप्रदेश में आत्मीय स्वागत किया गया। यह यात्रा 22 जनवरी से प्रारंभ होकर 13 फरवरी तक जारी है, इसमें पूर्वोत्तर के विद्यार्थी देश के विभिन्न हिस्सों का दौरा कर रहे हैं। पूर्वोत्तर राज्यों के विद्यार्थियों का यह दल 1 से 5 फरवरी तक मध्यप्रदेश के भ्रमण पर है। इस छात्र दल ने सोमवार को मुख्यमंत्री डॉ. यादव से मुख्यमंत्री निवास पर सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विद्यार्थियों के अनुभव सुने, उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया और उन्हें मध्यप्रदेश की सदभाव और समरसता से भरपूर संस्कृति से परिचित कराया। मुख्यमंत्री ने सभी विद्यार्थियों का देश का हृदय प्रदेश मध्यप्रदेश में स्वागत करते हुए शुभकामनाएं दी। भोपाल अपनी झीलों और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए प्रसिद्ध है। यह देश की ऐसी अनूठी राजधानी है, जहां रात के समय बाघ भी सड़क किनारे दिखाई दे सकते हैं, क्योंकि रातापानी वन अभयारण्य भोपाल शहर के समीप ही स्थित है। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को जनजातीय संग्रहालय, मानव संग्रहालय, वन विहार और अन्य पर्यटन स्थल जरूर देखने का सुझाव दिया। मुख्यमंत्री के साथ ग्रुप फोटो खिंचवाने के बाद विद्यार्थियों ने इस यात्रा को अपने जीवन का एक अविस्मरणीय अनुभव बताया। विद्यार्थियों ने कहा कि वे पहली बार किसी प्रदेश के मुख्यमंत्री से मिले हैं। यह रोमांच वे कभी नहीं भूलेंगे। उन्होंने मध्यप्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, यहां के ऐतिहासिक स्थलों और अतिथि-सत्कार की विशेष रूप से सराहना की। अन्तर्राज्यीय छात्र दर्शन जीवन यात्रा के आयोजन का उद्देश्य राष्ट्र की एकता और अखंडता को सुदृढ़ करना है, जिसमें युवाओं को देश की विविधता से परिचित कराने का विशेष प्रयास किया जा रहा है। राष्ट्रीय एकात्मता यात्रा भारतीय युवाओं को एकजुट करने और उनके बीच आपसी समझ एवं भाईचारे की भावना को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। पूर्वोत्तर राज्यों के इस छात्र दल में 28 विद्यार्थी एवं 2 समन्वयकों सहित कुल 30 प्रतिभागी भारत के विभिन्न राज्यों की यात्रा पर हैं। इनमें दो-दो विद्यार्थी असम, नागालैंड व सिक्किम राज्य से, चार-चार त्रिपुरा, मिजोरम व अरुणाचल प्रदेश से तथा पांच-पांच विद्यार्थी मणिपुर एवं मेघालय राज्य से आए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी विद्यार्थियों एवं समन्वयकों को स्मृति-चिह्न के रूप में शॉल, मध्यप्रदेश शासन की डायरी, कैलेंडर और एक विशेष उपहार भेंट किया। कार्यक्रम में शिवम जाट, चेतस सुखाड़िया, रोहित दुबे, दीपक पालीवाल, कमन सिबोह, राहुल मोग सहित अन्य विद्यार्थी एवं नागरिक उपस्थित थे।   recent visitors 35