सरकार प्रदेश के नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए संकल्पबद्ध: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि सरकार प्रदेश के नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए संकल्पबद्ध है। उन्होंने मंत्रालय में स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की विस्तृत समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने चिकित्सकीय स्टाफ की भर्ती प्रक्रिया की अद्यतन स्थिति, अधोसंरचनात्मक विकास कार्य, मातृत्व एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं और प्रदेश के स्वास्थ्य मानकों में सुधार के लिए उठाए जा रहे कदमों पर विस्तृत समीक्षा कर दिशा निर्देश दिये। 50 प्रतिशत सीएचसी का एफआरयू में किया जायेगा उन्नयन उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि चिकित्सक एवं सहायक चिकित्सकीय स्टॉफ की भर्ती प्रक्रिया को समयबद्ध रूप से पूर्ण किया जाए। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति भी शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिये। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि अगले वर्ष तक प्रदेश के 50 प्रतिशत सीएचसी को एफआरयू में उन्नयन किया जाना है। इसके लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों और आधुनिक चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाये। अधोसंरचनात्मक विकास कार्यों की करें रियल-टाइम मॉनिटरिंग उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने अधोसंरचनात्मक विकास कार्यों की प्रगति की नियमित समीक्षा के लिए विशेष निगरानी तंत्र स्थापित करने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि कार्यों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग से परियोजनाओं की गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित की जा सकेगी। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान की समीक्षा की उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के क्रियान्वयन की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश के जिन जिलों में स्वास्थ्य मानकों की स्थिति ठीक नहीं है, वहां स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति सुधारने के लिए कारकों का गहन विश्लेषण किया जाए और विशेष प्रयास किए जाएं। उप मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि 9 और 25 तारीख़ को आयोजित होने वाले एएनसी जांच दिवस के प्रति व्यापक जागरूकता का प्रसार किया जाए जिससे अधिक से अधिक गर्भवती महिलाएं इसका लाभ उठा सकें। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि गर्भवती महिलाओं की गर्भ-धारण से प्रसव पूर्व तक सभी अनिवार्य जांचों को सुनिश्चित किया जाये। उन्होंने कहा कि समय पर सभी आवश्यक जांचें न केवल सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित करेंगी बल्कि शिशु मृत्यु दर और मातृ मृत्यु दर में भी कमी आयेगी। उन्होंने कहा कि हाई रिस्क प्रेग्नेंसी का समय पर चिन्हांकन कर आवश्यक चिकित्सा व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। इसके लिए स्वास्थ्य केंद्रों में विशेष निगरानी प्रणाली लागू की जाए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने निर्देश दिये कि शिशु और मातृ मृत्यु दर में कमी लाने के लिए फोकस्ड एप्रोच अपनाएं। स्वास्थ्य मानको की स्थिति जिन जिलों में ठीक नहीं है वहाँ कारकों को चिन्हांकित करके विशेष प्रयास किये जायें। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी इन जिलों में नियमित दौरा कर जमीनी स्तर पर समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करें। प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा संदीप यादव, आयुक्त तरुण राठी, संचालक प्रवीण सिंह अढ़ायच, मिशन संचालक एनएचएम डॉ. सलोनी सिडाना, संचालक दिनेश श्रीवास्तव सहित विभागीय वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।   recent visitors 22

प्रदेश के 7 हजार 900 प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को मुख्यमंत्री ने नि:शुल्क प्रदान की गई ई-स्कूटी

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जीवन में सफलता के लिए योग्यता के साथ-साथ नैतिक मूल्यों और संस्कारों का अनुसरण आवश्यक है। मेरिट में आए विद्यार्थी यदि अपनी योग्यता का उपयोग केवल स्वयं के लिए करेंगे तो उनकी प्रतिभा का लाभ समाज को नहीं मिल पाएगा। नैतिक मूल्यों का अनुसरण करते हुए सबके हित और सबके सुख का ध्यान रखकर किए गए कार्य न केवल समाज अपितु राष्ट्र की प्रगति में विद्यार्थियों के योगदान का मार्ग प्रशस्त करेंगे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व का सबसे महान देश बनने के मार्ग पर अग्रसर है। ऐसे में मेरिट में आए विद्यार्थी अपनी योग्यता, क्षमता और निपुणता से अपने लक्ष्यों को प्राप्त कर समाज हित और देश की उन्नति में हरसंभव योगदान दें। लक्ष्य प्रगति में ही उनकी श्रेष्ठता सही अर्थों में सिद्ध होगी और भारत को प्रगति पथ पर अग्रसर करने में सार्थक योगदान दे सकेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में मेधावी विद्यार्थियों को ई-स्कूटी वितरण के राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भगवान राम, भगवान श्रीकृष्ण, सम्राट विक्रमादित्य, पन्ना-धाय के उद्धरण देते हुए कहा कि अद्भुत क्षमता और सामर्थ्य के साथ नैतिक मूल्यों पर अडिग रहने के उदाहरणों ने ही इन महान विभूतियों के जीवन को आदिकाल से वर्तमान तक अनुकरणीय बनाया है। अंग्रेजी साम्राज्य का जब सूर्य अस्त नहीं होता था तब नेताजी सुभाषचंद्र बोस ने अपनी योग्यता और क्षमता के आधार पर विश्व में अपनी सामर्थ्य के उदाहरण प्रस्तुत किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हर चुनौती और कठिन समय का धैर्य और साहस के साथ सामना करने के लिए विद्यार्थियों को प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि युवाओं को शासकीय और निजी क्षेत्र की नौकरियों का लक्ष्य रखने के साथ ही समाज को नेतृत्व प्रदान करने, आने वाली पीढ़ी को शिक्षा देने जैसे दायित्वों के निर्वहन को भी अपना ध्येय बनाना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जापान की उद्यमशीलता का उदाहरण देते हुए कहा कि युवा उद्यमिता के माध्यम से नौकरी करने वाले नहीं अपितु रोजगार देने वाले बन सकते हैं। राज्य सरकार उद्योग स्थापना में हरसंभव सहयोग और मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए तत्पर है। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों के साथ स्कूटी चलाकर किया उनका उत्साहवर्धन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समारोह में 10 मेधावी विद्यार्थियों को स्कूटी की चाबी प्रदान की तथा उनके साथ स्कूटी चलाकर उनका उत्साहवर्धन भी किया। माध्यमिक शिक्षा मंडल की कक्षा 12वीं की परीक्षा में शासकीय विद्यालयों के टॉपर्स को स्कूटी प्रदान करने की इस योजना के अंतर्गत संपूर्ण प्रदेश में 7 हजार 900 प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को ई-स्कूटी प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रतीक स्वरूप सर्वआदित्य राठौर, प्रशांत राजपूत, सिद्धार्थ साहू, रफत खान, आर्यन राजपूत, आकाश कुशवाह, सुबबली मीणा, पलक सिंह, ऊषा मीणा और सलोनी दांगी को ई-स्कूटी की चाबी भेंट की तथा उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। परिवारों का अपने बच्चों को स्कूटर से कॉलेज भेजने का सपना हुआ साकार – मंत्री डॉ. शाह जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव की मेधावी विद्यार्थियों को स्कूटी उपलब्ध कराने की पहल से कई परिवारों का अपने बच्चों को स्कूटर से कॉलेज भेजने का सपना साकार होगा। यह पहल विद्यार्थियों को अध्ययन के लिए प्रेरित भी करेगी और आगे की शिक्षा को सुविधाजनक भी बनाएगी। शासकीय शालाओं में आधुनिक संसाधनों के साथ संचालित हैं अकादमिक गतिविधियां – मंत्री सिंह स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेश के विद्यार्थियों को गुणवत्ता शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। शासकीय शालाओं में श्रेष्ठतम अधोसंरचना के साथ ही विद्यार्थियों के लिए डिजिटल क्लासेज, स्मार्ट क्लासेज, वोकेशनल ट्रेनिंग प्रोग्राम, मोटिवेशन क्लासेज और कॅरियर गाइडेंस की व्यवस्था की गई है। विद्यार्थियों के जीवन को सीधे प्रभावित करने वाले इन कार्यों के साथ ही राज्य सरकार द्वारा प्रतिभावान विद्यार्थियों को ई-स्कूटी उपलब्ध कराई जा रही है। मंत्री सिंह ने विद्यार्थी से अपने लक्ष्य की प्राप्ति की ओर दृढ़ निश्चय के साथ अग्रसर होने और समर्पित भाव से इस ओर प्रयास करने का आव्हान किया। मुख्यमंत्री ई-स्कूटी योजना में मेधावी विद्यार्थियों को स्कूटी वितरण के राज्य स्तरीय कार्यक्रम के माध्यम से शासकीय स्कूलों के प्रतिभाशाली 7,900 विद्यार्थियों को नि:शुल्क ई-स्कूटी प्रदान की गईं। प्रदेश में संचालित शासकीय हायर सेकण्डरी विद्यालयों में सर्वोच्च अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान पाने वाले विद्यार्थी को नि:शुल्क ई-स्कूटी प्रदान करने की योजना स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा संचालित है। योजना में मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मण्डल की कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षा में शासकीय विद्यालय में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थी को स्कूटी प्रदान की जाती है। मुख्यमंत्री के हाथों ई-स्कूटी की चाबी पाकर खुश हुए विद्यार्थी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को स्कूल शिक्षा विभाग की मुख्यमंत्री नि:शुल्क स्कूटी योजना के राज्य स्तरीय कार्यक्रम में प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को ई-स्कूटी की चाबी प्रदान की। स्कूटी पाते ही प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के चेहरे पर खुशी देखते ही बन रही थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विद्यार्थियों से उनके भविष्य की योजना के बारे में बात भी की। प्रदेश के शासकीय विद्यालयों में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को ई-स्कूटी प्रदान की गई है। कुशाभाऊ सेंटर में भोपाल (कोटरा) के विद्यार्थी हर्षनंद मेहर, (12वीं बोर्ड परीक्षा में 87 प्रतिशत अंक) ने बताया कि राज्य सरकार की इन योजनाओं से विद्यार्थियों को नये अवसर मिलते हैं। हर्षनंद वर्तमान में इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे हैं। वे सामान्य परिवार से ताल्लुक रखते हैं। भोपाल के बरखेड़ा सीएम राइज स्कूल से 12वीं की परीक्षा में सानिया जहाँ को भी सर्वोच्च अंक प्राप्त होने पर स्कूटी मिली है। सानिया ने बताया कि वे आगे चलकर शिक्षक बनना चाहती हैं। शिक्षक प्रदीप श्रीवास्तव ने बताया कि सीएम राइज स्कूल खुलने से बच्चों को पढ़ने के बेहतर अवसर मिले हैं। शिवाजी नगर सुभाष उत्कृष्ट स्कूल की छात्रा बबली मीना को भी अपने स्कूल में 95 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने पर स्कूटी मिली है। वे बताती हैं कि नि:शुल्क स्कूटी योजना से उनका मनोबल बढ़ा है। अब उन्हें कॉलेज जाने में और सुविधा होगी। उनकी माँ आंगनवाड़ी कार्यकर्ता हैं। नि:शुल्क स्कूटी मिलने की खबर से उनकी माँ भी बहुत प्रसन्न हुई। आदित्य गौर ने अपने विद्यालय में बोर्ड की … Read more

स्टूडेंट्स की बल्ले बल्ले… CM मोहन यादव ने आज 12वीं टॉपर्स को दी स्कूटी; पिछले वर्ष 7778 को मिली थी

भोपाल  मध्य प्रदेश के 7900 मेधावी विद्यार्थियों को आज सीएम डॉ. मोहन यादव ने स्कूटर की सौगात दी। भोपाल के कुशाभाऊ ठाकुर कन्वेंशन सेंटर में सीएम विद्यार्थियों को पेट्रोल और इलेक्ट्रिक स्कूटर दिए गए। ये सभी वे मेधावी विद्यार्थी हैं, जिन्होंने 12वीं परीक्षा में टॉप किया था। सभी विद्यार्थियों को सरकार ने विकल्प भी दिया है। जो यह स्कूटर लेना नहीं चाहते हैं या जिनके पास पहले से स्कूटर हैं, उन्हें सरकार 95 हजार रुपये की राशि देगी। वहीं अगर कोई इलेक्ट्रिक स्कूटर लेना चाहता है, तो उसे 1 लाख 20 हजार रुपये दिए जा रहे हैं। 2023 में शुरू हुई थी योजना बता दें कि एमपी के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल में 2023 में 12वीं टॉपर छात्र-छात्राओं को स्कूटी देने की योजना शुरू की गई थी। स्कूल शिक्षा विभाग की योजना के तहत मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल की कक्षा 12वीं परीक्षा में सरकारी विद्यालयों के टॉपर्स को स्कूटी दी जाती है। सरकार की तरफ से ई-स्कूटी और पेट्रोल स्कूटी के लिए दो किस्तों में पैसे दिए जाते हैं। छात्रों पर निर्भर करता है कि वे ई-स्कूटी लेंगे या पेट्रोल से चलने वाली स्कूटी। 2022-23 में 7778 छात्रों को दी थी स्कूटी स्कूटी देने से पहले छात्र-छात्राओं की पसंद पूछी जाती है। इस बार भी छात्रों की पसंद पूछी गई है। इलेक्ट्रिक स्कूटी के लिए सहमति देने वाले विद्यार्थियों के बैंक खातों में 1 लाख 20 हजार रुपए जमा किए जाएंगे। पेट्रोल स्कूटी चुनने वाले छात्रों को 90 हजार रुपए के पात्रता प्रमाण पत्र दिए जाएंगे। योजना का बजट 80 करोड़ रुपए से ज्यादा है। 2022-23 में 7778 छात्रों को स्कूटी दी गई थी। 2760 छात्रों को ई-स्कूटी और 5018 छात्रों को पेट्रोल वाली स्कूटी दी गई थी। मध्यप्रदेश सरकार ने कुल 40.40 करोड़ रुपए खर्च किए थे। 90 हजार छात्रों को लैपटॉप देगी सरकार मध्य प्रदेश सरकार ने 2009-10 में मुख्यमंत्री प्रोत्साहन योजना शुरू की थी। योजना का लाभ MP बोर्ड की 12वीं परीक्षा में 75% या उससे अधिक नंबर हासिल करने वाले विद्यार्थियों को मिलता है। पात्र छात्रों को सरकार लैपटॉप खरीदने के लिए 25,000 रुपए की राशि देती है। योजना का बजट 225 करोड़ है। 2022-23 में 78,641 विद्यार्थियों को योजना का फायदा मिला था। 2023-24 के टॉपर 90,000 को 15 फरवरी से पहले सरकार लैपटॉप देगी। recent visitors 24

अचानक यात्री बन ट्रैन सवार हुए मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव, यात्रियों से की खूब बाते, जमकर खिलखिलाए

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मंगलवार को जबलपुर-आरकेएमपी इंटरसिटी एक्सप्रेस ट्रेन से नर्मदापुरम से रवाना होकर रात्रि करीब 10.16 बजे रानी कमलापति (आरकेएमपी) स्टेशन पहुंचे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्टेशन पर मौजूद यात्रियों, उनके परिजनों व अन्य नागरिकों से आत्मीय संवाद किया। उन्होंने बच्चों को दुलार किया, उनके साथ फोटो/सेल्फी खिंचवाये और सभी की कुशलता की जानकारी ली। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नर्मदापुरम में आयोजित मां नर्मदा जन्मोत्सव एवं गौरव दिवस महोत्सव-2025 में सम्मिलित होने के उपरांत ट्रेन से भोपाल आने की इच्छा व्यक्त की। नर्मदापुरम से आरकेएमपी स्टेशन के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एक सामान्य यात्री की तरह अपनी यात्रा की। उन्होंने रेल की बोगी में मौजूद सभी यात्रियों के साथ बेहद आत्मीयतापूर्वक वार्तालाप कर रेल यात्रा का भरपूर आनंद प्राप्त किया। मुख्यमंत्री ने यात्रियों से राज्य सरकार की योजनाओं के बारे में चर्चा की और उनसे फीडबैक भी लिया।   प्रदेश के लाड़ले सीएम डॉ. यादव ने अपने चिर-परिचित अंदाज में लोगों से मुलाकात की और राज्य के विकास को लेकर खुलकर बातचीत की। इस दौरान एक पल भी ऐसा नहीं लगा कि कोई मुख्यमंत्री लोगों के बीच बैठा है। सीएम डॉ. यादव और उनके स्टाफ ने बाकायदा ट्रेन की टिकट बुक कराई। इस टिकट को टीसी ने चेक भी किया। गौरतलब है कि, इंटरसिटी एक्सप्रेस में एंट्री करते ही सीएम डॉ. यादव लोगों के साथ-साथ बच्चों से घिर गए। उन्होंने बच्चों को दुलार किया और टॉफी खिलाई। इस दौरान जनता से सीधे संवाद के बीच कई बार वे खिलखिलाकर हंस दिए। लोगों के साथ चलती ट्रेन में जमकर खिलखिलाए सीएम सीएम डॉ. यादव ने लोगों से बड़ी देर तक बातचीत की। एक तरफ उन्होंने लोगों को कई संस्मरण सुनाए, तो दूसरी तरफ लोगों ने भी कई किस्से सुनाकर उन्हें उनकी मीठी-मीठी यादों से तरोताजा कर दिया। यह सिलसिला रानी कमलापति रेलवे स्टेशन आने तक लगातार चलता रहा। इस पूरी यात्रा के बीच लोगों को यकीन ही नहीं हुआ कि सीएम डॉ. यादव उनके बीच बैठे हैं। उनके सादगी भरे अंदाज ने लोगों को आकर्षित किया। इधर, इस मुलाकात के बाद लोगों का कहना था कि सीएम डॉ. यादव के बारे में सुना तो था, लेकिन देखा पहली बार। हमने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि कोई मुख्यमंत्री इतनी सादगी के साथ हमसे मुलाकात करेगा। मैं कर्म करने में विश्वास करता हूं- सीएम यादव बता दें, सीएम डॉ. यादव का कहना है कि मैं कर्म में विश्वास करता हूं। मैं इसके अलावा कुछ और नहीं जानता। प्रदेश का मुखिया होने के नाते मेरा कर्तव्य जनता की सेवा करना है। इसके अलावा मेरे मन में कुछ और विचार आता ही नहीं है। एक मुख्यमंत्री तब मुख्यमंत्री कहलाने का अधिकारी है, जब उसकी जनता उससे प्रेम करे और उस पर विश्वास करे। मैं लगातार यही प्रयास करता हूं कि जनता का विश्वास और प्रेम मेरे प्रति कम न हो, और न उनके मन को किसी प्रकार की ठेस लगे। सीएम यादव-स्टाफ ने बुक कराई टिकट गौरतलब है कि सीएम डॉ. मोहन यादव और उनके स्टाफ ने नर्मदापुरम से रानी कमलापति रेलवे स्टेशन तक बाकायदा इंटरसिटी एक्सप्रेस की टिकट बुक कराई। एक्सप्रेस में मौजूद टीसी ने उनकी टिकट चेक भी किए। बता दें, सीएम डॉ. मोहन यादव इससे पहले भी कई बार सादगी की मिसाल पेश कर चुके हैं। वे जनता से सीधा संवाद की शैली के लिए चर्चित रहे हैं। वे कई बार बिना किसी सुरक्षा और तामझाम के सड़कों पर निकलकर लोगों से मुलाकात कर चुके हैं। उनका यह अंदाज बताता है कि वे जनता से जुड़ने के लिए कितना आतुर रहते हैं। इस संवाद से उन्हें प्रदेश की जनता की मन पढ़ने में मदद मिलती है। दिखी पीएम मोदी की झलक सीएम डॉ. यादव की इस यात्रा के दौरान उनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की झलक दिखाई दी। जिस तरह पीएम मोदी लोगों के बीच जाकर खुद को भूल जाते हैं, उसी तरह सीएम डॉ. यादव भी जनता के बीच खो से गए। उन्होंने जनता से हाथ मिलाया, उनसे बात की, उनके साथ सेल्फी खिंचवाई। उन्होंने जनता से मन की बात उसी तरह शेयर की, जिस तरह पीएम मोदी करते हैं। इस मौके पर उन्होंने जनता से कहा कि किसी को भी किसी तरह की चिंता करने की जरूरत नहीं है। उनका बेटा उनके साथ है। जनता के कल्याण में किसी भी चीज को रुकावट बनने नहीं दिया जाएगा। उनके कल्याण के लिए जिस हद तक जाना पड़े मैं जाऊंगा। सीएम यादव ने की मां नर्मदा की पूजा गौरतलब है कि, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव नर्मदा जयंती के मौके पर नर्मदापुरम में आयोजित मां नर्मदा जन्मोत्सव-गौरव दिवस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘त्वदीय पाद पंकजं नमामि देवि नर्मदे…नर्मदापुरम के सेठानी घाट पर प्राणदायिनी मां नर्मदा जी के दर्शन-पूजन ने मुझे नई ऊर्जा से भर दिया है। आज नर्मदा जयंती के पावन अवसर पर नर्मदापुरम जिले में आयोजित मां नर्मदा जन्मोत्सव एवं गौरव दिवस कार्यक्रम में सहभगिता कर विचार साझा किए। मैया की कृपा से मध्यप्रदेश के अन्नदाता के घरों में सुख, समृद्धि एवं खुशहाली है और असंख्य घरों में शुद्ध पेयजल पहुंच रहा है। मां रेवा के आशीर्वाद से चहुंओर समृद्धि एवं सुख के पुष्प पुष्पित और पल्लवित हो रहे हैं। मां नर्मदा की कृपा ऐसे ही अविराम हर घर-आंगन में बरसती रहे, हर घर धन-धान्य से भरा रहे, सर्वदा आनंद के दीप देदीप्यमान रहें, यही प्रार्थना है। नर्मदे हर।’     recent visitors 28

मंत्रि-परिषद ने दी “मध्यप्रदेश सेमीकंडक्टर नीति-2025” लागू करने की स्वीकृति

प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 के प्रदेश में क्रियान्वयन की मंत्रि-परिषद ने दी स्वीकृति 5 वर्ष की अवधि में 10 लाख आवासों का किया जायेगा निर्माण मंत्रि-परिषद ने दी "मध्यप्रदेश सेमीकंडक्टर नीति-2025" लागू करने की स्वीकृति प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से 4,400 रोजगार होंगे सृजित "मध्यप्रदेश ड्रोन संवर्धन एवं उपयोग नीति 2025" को दी स्वीकृति हुकुमचंद मिल की देनदारियों के निपटान एवं नवीन परियोजना क्रियान्वयन को मंजूरी शासकीय पशु चिकित्सा विज्ञान एवं पशुपालन महाविद्यालयों में अध्ययनरत इंटर्नशिप छात्रों की स्टायपेण्ड राशि में वृद्धि का निर्णय मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में हुए महत्वपूर्ण निर्णय भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 के प्रदेश में क्रियान्वयन करने की स्वीकृति दी गई। योजना अनुसार प्रदेश के आर्थिक रूप से कमजोर, निम्न तथा मध्यम आय वर्ग के पात्र हितग्राही परिवारों को योजना के चार घटकों के माध्यम से लाभान्वित करने के लिए 5 वर्षों की योजना अवधि में 10 लाख आवासों का निर्माण किया जायेगा। इसमें 50 हजार करोड़ रूपये व्यय होंगे। बेनेफिसयरी लेड कंस्ट्रक्शन (बी.एल.सी.) घटक अंतर्गत ईडब्ल्यूएस वर्ग के पात्र हितग्राही को अपनी स्वयं की भूमि पर स्वयं आवास का निर्माण करने के लिए अनुदान प्रदान किया जायेगा। एफोर्डेबल हाउसिंग इन पार्टनशिप (ए.एच.पी.) घटक अंतर्गत ईडब्ल्यूएस वर्ग के पात्र हितग्राहियों को नगरीय निकायों, राज्य की अन्य निर्माण एजेंसियों तथा निजी बिल्डर/डेवलपर के द्वारा आवासों का निर्माण कर प्रदान किया जायेगा। इस घटक अंतर्गत निजी डेवलपर द्वारा क्रियान्वित व्हाइट लिस्टेड/ओपन मार्केट परियोजनाओं में हितग्राहियों द्वारा आवास क्रय करने के लिए रिडीमेबल हाऊसिंग वाउचर (आरएचवी) प्रदान किए जाने की स्वीकृति दी गयी है। एफोर्डेबल हाउसिंग इन पार्टनशिप (ए.आर.एच.) घटक अंतर्गत कामकाजी महिलाओं / औद्योगिक श्रमिकों / शहरी प्रवासियों बेघर निराश्रितों /छात्रों एवं अन्य पात्र हितग्राहियों के लिए किराये के आवास बनाकर उपलब्ध किया जायेगा। इंटरेस्ट सब्सिडी स्कीम (आई.एस.एस.) घटक अंतर्गत ईडब्ल्यूएस, एलआईजी एवं एमआईजी वर्ग के पात्र परिवारों को आवास ऋण पर ब्याज अनुदान बैंक/एचएफसी के माध्यम से प्रदान किया जायेगा योजना अनुसार कल्याणी महिलाओं, सिंगल वूमेन, दिव्यांगों, वरिष्ठ नागरिकों, ट्रांसजेंडर्स, अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति, अल्पसंख्यकों तथा समाज के अन्य कमजोर एवं वंचित वर्गों के व्यक्तियों को वरीयता दी जाएगी। साथ ही सफाई कर्मियों, पीएम स्वनिधि योजना के अंतर्गत चिन्हित स्ट्रीट वेंडरों, पीएम विश्वकर्मा योजना के विभिन्न कारीगरों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिकों, तथा मलिन बस्ती/चॉल के निवासियों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। बी.एल.सी. घटक के लिए अनुदान राशि 2.50 लाख प्रति आवास तथा ए.एच.पी. घटक की परियोजनाओं के लिए अनुदान राशि 2.50 लाख प्रति आवास की स्वीकृति प्रदान की गई। 10 लाख आवासों के निर्माण के लिए अनुमानित राशि 50,000 करोड़ रूपये का निवेश संभावित है। इसमें केंद्र सरकार तथा राज्य सरकार से अनुमानित अनुदान राशि 23,025 करोड़ रूपये प्रदान किये जाने की स्वीकृति प्रदान की गई है। योजना अंतर्गत पात्र हितग्राही परिवारों के लिए हर मौसम अनुकूल आवासों के निर्माण के साथ साथ समुचित अधोसंरचना जैसे सड़क, जल प्रदाय, मल-जल निकासी, पार्क तथा सामाजिक अधोसंरचना जैसे आंगनवाड़ी, प्राथमिक शाला एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र आदि विकसित किये जायेंगे। शासन सभी पात्र हितग्राही परिवारों को आवास प्रदान किया जाना सुनिश्चित करेगा। शहरी अवास योजना में बड़े शहरों को मलिन बस्ती मुक्त करने की दिशा में भूमि को संसाधन के रूप में उपयोग करते हुए पीपीपी मॉडल पर परियोजनाओं के क्रियान्वयन की स्वीकृति दी गई। ईडब्ल्यूएस वर्ग के हितग्राहियों का अंशदान कम करने के लिए पूर्वानुसार क्रॉस सब्सिडी मॉडल को क्रियान्वित करने के लिए आर्थिक रूप से कमजोर आय वर्ग की श्रेणी के आवासों के निर्माण के साथ निम्न आय वर्ग तथा मध्यम आय वर्ग के लिए भी मिश्रित रूप से आवासों, व्यवसायिक इकाइयों का निर्माण तथा भूखंड विकसित करने की स्वीकृति दी गई। एएचपी-लोक परियोजनाओं में हितग्राही अंश की व्यवस्था के लिए हितग्राही, नगरीय निकाय तथा बैंक/एचएफसी के मध्य पूर्वानुसार त्रिपक्षीय अनुबंध के माध्यम से ऋण उपलब्ध किये जाने एवं भूमिहीन पात्र हितग्राही परिवारों को आवासीय भूमि का पट्टा प्रचलित प्रावधान अनुसार उपलब्ध किये जाने की भी स्वीकृति दी गई, जिससे भूमिहीन गरीबों को भी बीएलसी घटक का लाभ प्राप्त हो सके। सेमी कंडक्टर नीति से 14,400 रोजगार होंगे सृजित मंत्रि-परिषद द्वारा "मध्यप्रदेश सेमी कंडक्टर नीति 2025" लागू किये जाने की स्वीकृति दी गयी। उत्कृष्टता केंद्रों के लिए सकारात्मक भूमिका में सहयोगी, 'स्किल इंडिया जैसी पहल और वैश्विक तकनीकी उन्नत कंपनियों के साथ साझेदारी भारतीय कार्य बल को चिप डिजाइन, निर्माण, और सिस्टम एकीकरण में उन्नत कौशल तथा इस क्षेत्र में लाखों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित कर आर्थिक विकास को बढ़ावा देने राज्य को इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर निर्माण केंद्र के रूप में विकसित किये जाने की आवश्यताओं के दृष्टिगत राज्य शासन द्वारा "मध्यप्रदेश सेमीकंडक्टर नीति-2025" जारी करने का निर्णय लिया गया है। कैबिनेट में हुए निर्णय अनुसार प्रदेश में निवेश के प्रति निर्मित अनुकूल वातारण को बढ़ावा मिलेगा। मध्यप्रदेश में एक स्थायी इको-सिस्टम का विकास होगा। उत्कृष्टता केंद्र के माध्यम से कौशल विकसित होगा। प्रदेश में सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में निवेश आकर्षित होगा। इससे प्रदेश में रोजगार की संभावनाएँ भी बढ़ेगी। इस नीति से राज्य को उच्च तकनीक से जुड़े कुशल कार्यबल का विकास करने का अवसर मिलेगा। राज्य को दीर्घकालिक औद्योगिक विकास की दिशा में अग्रसर करने के लिए सेमीकंडक्टर विनिर्माण क्षेत्र सार्थक होगा। वैश्विक प्रतिस्पर्धा में अग्रणी बनने का अवसर प्राप्त होंगे। स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। घरेलू और विदेशी निवेशकों को आकर्षित करने में मदद मिलेगी, जिससे राज्य की आर्थिक स्थिति में सुदृढ़ होगी। उद्योगों और स्टार्टअप्स को सहयोग मिलेगा नवाचार को बढ़ावा देकर सेमी कंडक्टर डिज़ाइन, आर एंड डी और विनिर्माण क्षेत्रों को सहायता मिलेगी। निर्यात वृद्धि से राजस्व में राज्य की वैश्विक बाजार में पकड़ मजबूत होगी। देश में 'मेक इन इंडिया और 'डिजिटल इंडिया' की दिशा में इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण और सेमी कंडक्टर डिजाइन में निवेश के लिए एक अनुकूल वातावरण बनाया गया है। भारत की युवा और तकनीकी रूप से कुशल जनसंख्या अनुसंधान और विनिर्माण के लिए एक विशाल प्रतिभा पूल प्रदान करती है। इसके अलावा, अमेरिका, जापान, और ताइवान जैसे देशो के साथ भारत के सहयोग ने सेमीकंडक्टर विनिर्माण में इसकी स्थिति को और मजबूत किया है। भारत का तेजी से बढ़ता स्टार्ट-अप इको-सिस्टम, विशेष रूप से एआई, आईओटी और रोबोटिक्स में, सेमीकंडक्टर … Read more

मुख्यमंत्री कृषि उपज मण्डी हम्माल एवं तुलावटी वृद्धावस्था सहायता योजना

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार निरंतर किसानों के कल्याण के लिये कृत संपल्पित होकर कार्य कर रही है। सरकार ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ज्ञान (GYAN) से ध्यान पर फोकस करते हुए 4 मिशन के क्रियान्वयन पर जोर दिया है। जल्द ही प्रदेश में किसान कल्याण के लिये मिशन भी प्रारंभ होने वाला है। वर्तमान में किसानों के कल्याण की विभिन्न योजनाएँ संचालित हो रही है। मुख्यमंत्री कृषक जीवन कल्याण योजना में 4 लाख रूपये की सहायता प्रदेश के कृषकों की सहायता के लिये मुख्यमंत्री कृषक जीवन कल्याण योजना लागू की गई है। योजनांतर्गत कृषकों को आंशिक अपंगता के लिये 50 हजार रूपये की सहायता प्रदान की जाती है। स्थायी अपंगता पर एक लाख रूपये एवं मृत्यु होने पर 4 लाख रूपये प्रदान किये जाते है। साथ ही अंत्येष्टि के लिये 4 हजार रूपये की सहायता दिये जाने का प्रावधान है। मुख्यमंत्री मण्डी हम्माल एवं तुलावटी सहायता योजना प्रदेश की कृषि उपज मण्डी समितियों में अनुज्ञप्तिधारी हम्माल एवं तुलावटियों के उत्थान के लिये यह योजना लागू की गई है। इस योजना के अंतर्गत प्रसूति व्यय एवं प्रसूति अवकाश सहायता, विवाह के लिये सहायता, प्रावीण्य छात्रवृत्ति सहायता, चिकित्सा सहायता, दुर्घटना में स्थायी अपंगता सहायता, मृत्यु सहायता, अंत्येष्टि सहायता, मण्डी प्रांगण में कार्य करते समय हुई दुर्घटना में सहायता आदि का समावेश किया गया है। मुख्यमंत्री कृषि उपज मण्डी हम्माल एवं तुलावटी वृद्धावस्था सहायता योजना प्रदेश की कृषि उपज मण्डी समितियों में कार्यरत अनुज्ञप्तिधारी हम्माल एवं तुलावटियों के सहायतार्थ मुख्यमंत्री कृषि उपज मण्डी हम्माल एवं तुलावटी वृद्धावस्था सहायता योजना-2015 लागू की गई। यह योजना उन हम्माल एवं तुलावटियों एवं उनके परिवार के आश्रित सदस्यों पर प्रभावी होगी, जो मण्डी उपविधि के प्रावधान अनुसार मण्डी समिति में 18 से 55 वर्ष आयु के अनुज्ञप्तिधारी हम्माल एवं तुलावटी हैं। योजनांतर्गत हितग्राही को न्यूनतम एक हजार एवं अधिकतम 2 हजार रूपये तक प्रति वर्ष अंशदान जमा करना होगा। इस योजना का लाभ पात्रता रखने वाले अनुज्ञप्तिधारी हम्माल एवं तुलावटियों को 60 वर्ष की आयु पूर्ण या हितग्राही की आकस्मिक मृत्यु/स्थायी अपंगता/असाध्य बीमारी होने की दशा में प्राप्त होगा। कृषि विपणन पुरुस्कार योजना प्रदेश में मण्डियों में प्रत्येक वर्ष में 2 बार नर्मदा जयंती एवं बलराम जयंती के अवसर पर लॉटरी पद्धति द्वारा ड्रा निकाले जाते हैं, जिसमें बम्पर ड्रा के पुरुस्कार में "क" प्रवर्ग की मण्डी समिति में 35 अश्व शक्ति का ट्रेक्टर एवं "ख", "ग" तथा "घ प्रवर्ग की मण्डी समितियों में 50 हजार रूपये मूल्य तक के कृषि यंत्र दिये जाने का प्रावधान है। इसके अतिरिक्त मण्डी के श्रेणी अनुसार एक हजार से 21 हजार रूपये तक की नगद राशि के रुप में पुरुस्कार दिये जाते हैं। कृषकों को 5 रुपये में भोजन थाली उपलब्ध कराने की योजना प्रदेश में राज्य शासन द्वारा लिये गये निर्णय अनुसार प्रदेश की 257 मण्डी समितियों में कृषि उपज के विक्रय के लिये आये कृषकों को 5 रुपये में भोजन थाली (न्यूनतम अनिवार्य मीनू 6 पूड़ी अथवा 6 रोटी, दाल एवं सब्जी के साथ) उपलब्ध कराने की योजना लागू की गई।   recent visitors 28

मुख्यमंत्री डॉ. यादव 7 हजार 900 विद्यार्थियों को प्रदान करेंगे नि:शुल्क स्कूटी

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि युवा वर्ग अपने सपनों को साकार करने के लिए आगे बढ़े। राज्य सरकार हरसंभव सहयोग प्रदान करने के लिए तत्पर है। इस क्रम में कल 5 फरवरी को सभी पात्र निर्धारित विद्यार्थियों को स्कूटी प्रदान की जाएगी। युवा वर्ग अपनी प्रावीण्यता का लाभ ले और अपने साथियों के लिए भी प्रेरणा का स्त्रोत बनें, इस उद्देश्य से यह उपक्रम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि युवा न केवल उद्यमी बनें अपितु सब प्रकार से सक्षम भी बनें और अपने लक्ष्य प्राप्ति में सफल हों। मुख्यमंत्री डॉ. यादव 5 फरवरी बुधवार को प्रात: 11 बजे भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर में शासकीय स्कूलों के प्रतिभाशाली 7,900 विद्यार्थियों को नि:शुल्क स्कूटी प्रदान करेंगे। प्रदेश में संचालित शासकीय हायर सेकण्डरी विद्यालयों में सर्वोच्च अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान पाने वाले विद्यार्थी को नि:शुल्क ई-स्कूटी प्रदान करने की योजना स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा संचालित की जा रही है। योजना में मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मण्डल की कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षा में शासकीय विद्यालय में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थी को स्कूटी प्रदान की जाती है। शैक्षणिक सत्र 2023-24 में शासकीय विद्यालय के किसी भी संकाय में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले करीब 7 हजार 900 विद्यार्थियों को नि:शुल्क ई-स्कूटी वितरित की जायेगी।   recent visitors 50