मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया साहिबजादों के बलिदान का स्मरण, वीर बाल दिवस पर बच्चों ने संभाली गुरूद्वारे की व्यवस्था

वीर बाल दिवस, देश-धर्म और समाज के लिए बलिदान होने की अद्वितीय घटना है – मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री मोदी ने करतारपुर साहिब के दर्शन और वीर बाल दिवस मनाने जैसी अनेक सौगातें दीं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया साहिबजादों के बलिदान का स्मरण, वीर बाल दिवस पर बच्चों ने संभाली गुरूद्वारे की व्यवस्था मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हमीदिया रोड स्थित गुरुद्वारा पहुंच कर टेका मत्था भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने "वीर बाल दिवस" पर दिन की शुरूआत हमीदिया रोड के गुरुद्वारे में मत्था टेककर, साहिबजादों के बलिदान के स्मरण के साथ की। उन्होंने गुरबाणी का श्रवण भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने "जो बोले सो निहाल-सत् अकाल" के उद्घोष के साथ अपना संबोधन आरंभ करते हुए कहा कि आज का दिन भारत ही नहीं, संपूर्ण विश्व के लिए विशेष है। गुरु गोविंद सिंह ने अपना संपूर्ण जीवन, धर्म-समाज और देश के लिए समर्पित कर दिया। ऐसे महान व्यक्तित्व का यह सौभाग्य था कि उनके परिवार ने भी स्वयं को देश पर बलिदान किया। यह इतिहास की अद्वितीय घटना है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने करतारपुर साहब के दर्शन की व्यवस्था और आज के दिन को वीर बाल दिवस के रूप में मनाने जैसी अनेकों सौगातें समाज को प्रदान की हैं। आने वाली पीढ़ियों को वीर बालकों की शहादत से अवगत कराना जरूरी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गुरु गोविंद सिंह जी के जीवन के विविध पक्षों को पाठ्यक्रम में सम्मिलित किया जा रहा है। आने वाली पीढ़ियों को वीर बालकों की शहादत से अवगत कराने के लिए उनके दृढ़ संकल्प, वीरता और बलिदान का उल्लेख भी पाठ्य पुस्तकों में होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी हमीदिया रोड द्वारा वीर बाल दिवस पर गुरुद्वारे की सभी व्यवस्थाएं बच्चों को सौंपने की पहल और बच्चों द्वारा पूरी जिम्मेदारी से किए जा रहे हैं दायित्व निर्वहन की सराहना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शहादत की गाथा पुस्तक का किया विमोचन मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी हमीदिया रोड द्वारा प्रकाशित पुस्तक "साहिब गुरु गोविंद सिंह जी के लख्ते जिगर चार साहिबजादे एवं माता गुजरी जी की लासानी शहादत की गाथा" का विमोचन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लघु फिल्म "शहीदी गाथा" भी देखी। इस अवसर पर भोपाल महापौर श्रीमती मालती राय, सांसद आलोक शर्मा, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि सुनेहा बग्गा तथा सिख समाज के प्रतिनिधि उपस्थित थे।   recent visitors 85

पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी लिंक परियोजना की लागत 28 हजार 798 करोड़ और सैंच्य क्षेत्र 04 लाख 72 हजार 970 हेक्टेयर होगा

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी लिंक परियोजना के अंतर्गत प्रशासकीय स्वीकृति से शेष रही 16 परियोजनाओं के समूह को प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई। इनकी लागत 28 हजार 798 करोड़ और सैंच्य क्षेत्र 04 लाख 72 हजार 970 हेक्टेयर होगा। जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने बताया कि स्वीकृत परियोजना से मध्यप्रदेश में मालवा एवं चंबल क्षेत्र के 10 जिले गुना, शिवपुरी, मुरैना, उज्जैन, सीहोर, इंदौर, देवास आगर मालवा, शाजापुर एवं राजगढ़ के 1865 ग्रामों के 4 लाख 73 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में नवीन सिंचाई क्षमता निर्मित होगी। साथ ही चंबल दाईं मुख्य नहर प्रणाली के आधुनिकीकरण से भिंड, मुरैना एवं श्योपुर जिलों के 1205 ग्रामों में 3 लाख 62 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा सुनिश्चित होगी। मंत्री सिलावट ने बताया कि संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी लिंक परियोजना सह पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना का विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन तैयार करने के लिए सचिव भारत सरकार एवं दोनों राज्यों के अपर मुख्य सचिव के बीच मध्यप्रदेश और राजस्थान के मुख्यमंत्री की उपस्थिति में 28 जनवरी 2024 को समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। यह परियोजना केंद्र द्वारा वित्त पोषित है, जिसकी लागत का वहन 90% केंद्र और 10% राज्यों द्वारा किया जाएगा। अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा ने बताया कि प्रयोजन अंतर्गत मध्यप्रदेश की परियोजनाओं के क्रियान्वयन के लिए कुल अनुमानित लागत 35 हजार करोड़ आकलित की गई है। परियोजना के अंतर्गत मध्य प्रदेश में कुल 21 परियोजना प्रस्तावित थी, जिनमें से पाडोन-एक एवं पाडोन-दो सिंचाई परियोजना के कमांड क्षेत्र को इकजाई कर पाडोन वृहत सूक्ष्म सिंचाई परियोजना एवं पावा सिंचाई परियोजना तथा कटीला सिंचाई परियोजना के कमांड क्षेत्र को इकजाई कर कटीला पावा वृहत सूक्ष्म सिंचाई परियोजना, इस प्रकार 19 परियोजनाओं का कार्य सम्मिलित है। इनमें से 2 परियोजना उज्जैन जिले की चितावद वृहत सिंचाई परियोजना की प्रशासकीय स्वीकृति 2066.93 करोड़ रूपये 5 अक्टूबर 2023 को और सेवरखेड़ी, सिलारखेड़ी सिंचाई परियोजना के लिये 614.53 करोड़ रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति दी जा चुकी है। मंदसौर जिले की मल्हारगढ़ (शिवना) सूक्ष्म सिंचाई परियोजना की प्रशासकीय स्वीकृति प्रक्रियाधीन है। शेष 16 परियोजनाओं को मंत्रि-परिषद द्वारा प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई। इन परियोजनाओं को मिली प्रशासकीय स्वीकृति मध्यप्रदेश राज्य की परियोजनाओं के क्रियान्वयन के लिये कुल अनुमानित लागत 35000 करोड़ आकलित की गई है। मंत्रि-परिषद द्वारा स्वीकृत परियोजनाओं में धनवाडी वृहद सूक्ष्म सिंचाई परियोजना, नैनागढ बैराज वृहद सूक्ष्म सिंचाई परियोजना, सोनपुर वृहद सूक्ष्म सिंचाई परियोजना, कटीला-पवा वृहद सूक्ष्म सिंचाई परियोजना, श्यामपुर बैराज वृहद सूक्ष्म सिंचाई परियोजना, पार्वती कॉम्प्लेक्स वृहद सूक्ष्म सिंचाई परियोजना, जेठला (वैलेंसिंग रिजरवायर) वृहद सूक्ष्म उदवहन सिंचाई परियोजना, कुम्भराज वृहद सूक्ष्म सिंचाई परियोजना, पाडोन वृहद सूक्ष्म सिंचाई परियोजना (पाडोन-1 एवं पाडोन-2 बैराज), रंजीत सागर काम्पलेक्स वृहद सूक्ष्म सिंचाई परियोजना, कालीसिंध कॉम्पलेक्स वृहद सूक्ष्म सिंचाई परियोजना, लखुंदर काम्पलेक्स वृहद सूक्ष्म सिंचाई परियोजना, बछौड़ा देपालपुर वृहद सूक्ष्म सिंचाई परियोजना, सीकरी सुल्तानपुर मध्यम सूक्ष्म सिंचाई परियोजना, सोनचिरी मध्यम सूक्ष्म सिंचाई परियोजना एवं चम्बल नहर प्रणाली के नवीनीकरण और आधुनिकीकरण शामिल है।   recent visitors 62

प्रदेश में स्थापित 11 के.वी. फीडर्स को सौर ऊर्जा से ऊर्जीकृत किये जाने की स्वीकृति

मध्यप्रदेश जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रीकरण नियम, 2024 लागू किये जाने की स्वीकृति क्षिप्रा नदी के तट पर घाट निर्माण की स्वीकृति 11 के.वी. फीडर्स को सौर ऊर्जा से ऊर्जीकृत किये जाने की स्वीकृति संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चम्बल नदी लिंक परियोजना का हुआ प्रशासकीय अनुमोदन मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद के निर्णय भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक गुरूवार को मंत्रालय में हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा मध्यप्रदेश जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रीकरण नियम, 2024 लागू किये जाने की स्वीकृति दी है। महा-रजिस्ट्रार कार्यालय, भारत सरकार से प्राप्त प्रारूप नियम के अनुरूप मध्यप्रदेश जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रीकरण नियम, 2024 तैयार किया गया है। इसके अंतर्गत मध्यप्रदेश जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रीकरण नियम, 1999 की विभिन्न धाराओं में संशोधन किया गया है। मध्यप्रदेश जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रीकरण नियम, 2024 के मुख्य बिंदुओं में जन्म और मृत्यु प्रमाण-पत्र के डिजिटल रजिस्ट्रीकरण और इलेक्ट्रॉनिक परिदान का उपबंध, रजिस्ट्रीकृत जन्म और मृत्यु का राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय डाटाबेस तैयार करना, दत्तक ग्रहण किये गये, अनाथ, परित्यक्त, सरोगेट बच्चे और एकल माता-पिता या अविवाहित माता से बच्चे के रजिस्ट्रीकरण प्रक्रिया को सुगम बनाया जाना आदि शामिल है। जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रीकरण (संशोधन) अधिनियम, 2023 के प्रारंभ की तारीख को या उसके पश्चात् जन्म लेने वाले किसी व्यक्ति के जन्म की तारीख और स्थान को प्रमाणित करने के लिए जन्म प्रमाण-पत्र उपयोगी है। किसी आपदा या महामारी में मृत्यु के त्वरित रजिस्ट्रीकरण और प्रमाण पत्र जारी करने के लिये विशेष "उप-रजिस्ट्रार" की नियुक्ति का उपबंध किया गया है। किसी जन्म या मृत्यु के 30 दिन के पश्चात् किंतु एक वर्ष के भीतर विलंबित सूचना की दशा में नोटरी या राज्य सरकार द्वारा प्राधिकृत किसी अन्य अधिकारी के समक्ष किसी शपथ-पत्र के स्थान पर स्व-अनुप्रमाणित दस्तावेज को प्रस्तुत करने का उपबंध किया गया है। किसी जन्म या मृत्यु के एक वर्ष के पश्चात् रजिस्ट्रार को विलंबित सूचना की दशा में आदेश करने वाले प्राधिकारी प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट के स्थान पर जिला मजिस्ट्रेट या उपखंड मजिस्ट्रेट या जिला मजिस्ट्रेट द्वारा प्राधिकृत कार्यपालक मजिस्ट्रेट का उपबंध किया गया है। लोकहित में जन शिकायत निवारण के लिए रजिस्ट्रार/जिला रजिस्ट्रार द्वारा की गई कार्यवाही से व्यथित होने पर अपील का प्रावधान है और उपबंधित शास्तियों में वृद्धि की गई हैं। प्रदेश में स्थापित 11 के.वी. फीडर्स को सौर ऊर्जा से ऊर्जीकृत किये जाने की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश के कृषकों की ऊर्जा आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए प्रदेश में स्थापित 11 के.वी. फीडर्स को सौर ऊर्जा से ऊर्जीकृत (सोलराईजेशन) किये जाने की स्वीकृति दी गई। इसके क्रियान्वयन से किसान को सिंचाई के लिये दिन में बिजली उपलब्ध होगी, जिससे उनकी जीवन शैली व्यवस्थित हो सकेगी। सौर संयंत्र से 33/11 किलोवॉट विद्युत वितरण उप केन्द्रों पर स्थापित पॉवर ट्रांसफार्मर पर ओवर-लोडिंग और परिणामतः लो-वोल्टेज एवं पावर कट की समस्या कम होगी। साथ ही विद्युत उप केन्द्रों के उन्नयन पर आने वाले वित्तीय भार को बचाया जा सकेगा। उल्लेखनीय है कि कृषकों की सिंचाई आवश्यकताओं की प्रतिपूर्ति, उनके करीब सौर ऊर्जा का उत्पादन एवं आय के अवसर उपलब्ध करवाने के लिए केन्द्रीय नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्रालय, (MNRE) द्वारा प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (पीएम- कुसुम) योजना लागू की गयी है। योजना के अंतर्गत सोलर संयंत्र स्थापना के लिए 1.05 करोड़ रूपये प्रति मेगावाट केन्द्रीय सहायता राशि दी जानी प्रावधानित है। प्रदेश में कुसुम-सी के अंतर्गत पृथक कृषि फीडर्स पर स्थापित कृषि पंप को विद्युत प्रदाय करने के लिए सौर ऊर्जा से ऊर्जीकृत (सोलराईजेशन) किया जायेगा। मंत्रि-परिषद द्वारा आगामी सिंहस्थ में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए क्षिप्रा नदी के तट पर शनि मंदिर से नागदा बायपास तक 29.215 कि.मी. लंबाई के घाट-निर्माण कार्य के लिये 778 करोड़ 91 लाख रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई। मंत्रि-परिषद द्वारा संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चम्बल नदी लिंक परियोजना के अंतर्गत परियोजना समूह की लागत 28,798 करोड़ 02 लाख रूपये, सैंच्य क्षेत्र 4 लाख 72 हजार 970 हेक्टेयर का प्रशासकीय अनुमोदन प्रदान किया गया। स्वीकृति परियोजनाओं से मध्यप्रदेश में मालवा एवं चम्बल क्षेत्र के 10 जिले गुना, शिवपुरी, मुरैना, उज्जैन, सीहोर, इन्दौर, देवास, आगर-मालवा, शाजापुर एवं राजगढ़ में कुल 4.73 लाख हेक्टेयर नवीन सिंचित क्षेत्र और चम्बल की दाईं मुख्य नहर प्रणाली के आधुनिकीकरण से भिण्ड, मुरैना एवं श्योपुर के 1205 ग्रामों में 3.62 लाख हैक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। जनजातीय क्षेत्रों में धरती आबा-जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान प्रारंभ करने की सैधान्तिक स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों में पंचायत एवं ग्रामीण विकास, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, ऊर्जा, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण, महिला एवं बाल विकास, स्कूल शिक्षा, आयुष, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, तकनीकी शिक्षा कौशल विकास एवं रोजगार, किसान कल्याण तथा कृषि विकास, मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास, पशु पालन एवं डेयरी, पर्यटन एवं जनजातीय कार्य विभाग की चिन्हित योजना अंर्तगत शत-प्रतिशत सेचुरेशन के लिए नवीन योजना धरती आबा- जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान (DAJGUA) प्रारंभ करने की सैधान्तिक स्वीकृति प्रदान की गई है। अन्य निर्णय मंत्रि-परिषद द्वारा आयुष विभाग के अंतर्गत संचालित शासकीय और स्वशासी आयुर्वेद/यूनानी/होम्योपैथी के 9 महाविद्यालयों में स्नातक प्रशिक्षु (इंटर्नशिप) एवं स्नातकोत्तर अध्येताओं की शिष्यवृत्ति एवं गृह चिकित्सकों के समेकित वेतन की वृद्धि को उपभोक्ता मूल्य सूचकांक से जोड़े जाने की सैद्धांतिक सहमति प्रदान की है।   recent visitors 53

हरिद्वार के आचार्य ने मध्यप्रदेश प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव से की भेंट

भोपाल हरिद्वार से मध्यप्रदेश प्रवास पर आए आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद जी गिरि महाराज ने गुरूवार को मुख्यमंत्री निवास में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से भेंट की। स्वामी जी निरंजनी अखाड़ा के प्रमुख हैं। आचार्य स्वामी कैलाशानंदने कहा कि उज्जैन में साधु संतों को स्थाई आश्रम के लिए भूमि आवंटित करने का निर्णय प्रशंसनीय है। आचार्य महामंडलेश्वर ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव से कहा कि आप जन कल्याण के लिए निरंतर महत्वपूर्ण निर्णय ले रहे हैं। आचार्य स्वामी कैलाशानंद ने कहा कि वे उज्जैन में गौशाला स्थापित करेंगे। स्थाई आश्रम होने से साधु संतों का अब आगमन आसानी से होता रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर आचार्य स्वामी कैलाशानंद को शॉल और श्रीफल से सम्मानित किया एवं उनसे आशीर्वाद प्राप्त किया। आचार्य स्वामी कैलाशानंद ने बताया कि वे उज्जैन में महाकाल दर्शन के लिए आए हैं। आचार्य जी ने भी मुख्यमंत्री डॉ. यादव का शॉल ओढ़ाकर सम्मान किया। आचार्य स्वामी कैलाशानंद ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को प्रयागराज कुंभ में आने का आमंत्रण भी दिया।   recent visitors 51

एमपी का सिंचाई रकबा बढ़ेगा, सौ फीसदी सिंचाई रकबा बनाने प्लान

भोपाल मोहन सरकार की साल 2024 की आखिरी कैबिनेट मीटिंग गुरुवार को आयोजित हुई है। बैठक में मोहन कैबिनेट ने फैसला किया है कि प्रदेश में बिजली की डिमांड में कमी लाने के लिए 11 केवी फीडर्स को सोलराइज किया जाएगा। सरकार ने यह भी तय किया है कि एमपी में सौ फीसदी एरिया को सिंचित बनाया जाएगा। इसके लिए अधिकारियों को प्लान बनाने के निर्देश दिए गए हैं। नगरीय विकास और आ‌वास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि किसानों की डिमांड को देखते हुए 11 केवी फीडर्स को सोलराइज किया जाएगा। इन्हें सोलर प्लांट से जोड़ना है। प्राइवेट सेक्टर भी इन्वेस्ट कर सकता है। भारत सरकार की ओर से प्रति मेगावाट एक करोड़ की सहायता दी जाएगी। इस काम में प्रति मेगावाट 4 करोड़ का खर्च आएगा। योजना में सौ फीसदी लोन मिल जाता है। इसके बाद किसानों को दिन में भी पर्याप्त बिजली दी जा सकेगी। साथ ही कार्बन क्रेडिट का लाभ प्रदेश को मिल सके। इस पर भी काम कर रहे हैं। एमपी में सौ फीसदी सिंचाई रकबा बनाने प्लान बनेगा केन बेतवा और पार्वती कालीसिंध चंबल नदी परियोजना से प्रदेश का सिंचाई रकबा बढ़ने की स्थिति को देखते हुए मोहन कैबिनेट ने तय किया है कि एमपी को सौ फीसदी सिंचित एरिया बनाया जाएगा। केन बेतवा और पार्वती चंबल कालीसिंध परियोजना से सिंचाई और पीने के लिए पानी मिलेगा। एमपी का सिंचाई रकबा बढ़ेगा। इन परियोजनाओं में 90 फीसदी राशि केंद्र और दस फीसदी राज्य सरकार राशि देगी। नदी परियोजनाओं को मिली मंजूरी मंत्री विजयवर्गीय ने बताया कि पार्वती कालीसिंध चंबल नदी जोड़ो परियोजना में 13 जिलों को लाभ मिलेगा। 6.13 लाख हेक्टेयर में नई सिंचाई क्षमता बढे़गी। कैबिनेट में प्रस्ताव आया है। इसमें बताया गया कि केन-बेतवा और पार्वती कालीसिंध से जुड़ी हुई 19 परियोजनाएं हैं, उसमें से 16 को आज कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। दो को पहले ही मंजूरी दी जा चुकी है। एक परियोजना पर काम चल रहा है जिसे जल्द ही मंजूरी दी जाएगी। वीर बाल दिवस मनाने के फैसले पर पीएम मोदी का अभिनंदन कैबिनेट मीटिंग में वीर बाल दिवस मनाने की पीएम नरेंद्र मोदी ने घोषणा की है। दसवें गुरु गोविन्द सिंह के बच्चों ने सनातन धर्म के लिए आहुति दी है। इस पर पीएम मोदी का अभिनंदन किया गया है। उधम सिंह का जन्म दिन है जिन्होंने जलियां वाला बाग कांड के आरोपी जनरल डायर को लंदन में जाकर मारा था। उन्हें भी श्रद्धांजलि अर्पित की गई है। उज्जैन में शिप्रा नदी के किनारे 29 किमी लंबा घाट कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि उज्जैन में सिंहस्थ की तैयारियों के मद्देनजर सरकार ने तय किया है कि शिप्रा नदी के किनारे 29 किमी का घाट बनाएंगे। चूंकि सिंहस्थ के दौरान एक दिन में दो करोड़ लोग आएंगे। इसलिए श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान रख 29 किमी का घाट बनाया जाएगा। जो शनि मंदिर उज्जैन से शुरू होगा। इसकी लागत 771 करोड़ होगी। यह शिप्रा नदी से दाए साइड में शनि मंदिर से नागदा बायपास तक बनेगा। धरती आबा योजना को कैबिनेट में मंजूरी विजयवर्गीय ने बताया कि, ट्राइबल एरिया के लिए समेकित योजना के माध्यम से धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष योजना में पंचायत भवन, आंगनबाड़ी स्कूल भवन का पंजीयन और शत प्रतिशत लाभ दिलाने के लिए काम करना है। केंद्र सरकार की योजना के अंतर्गत प्रदेश में 52 जिलों के आदिवासियों को इसका लाभ मिलेगा। इन गांवों में आदिवासियों की संख्या 50 फीसदी से अधिक है। कैबिनेट में इन पर भी हुए फैसले – पॉलिटेक्निक, यूनानी कालेज के डॉक्टर्स को इंटर्नशिप मिलती है। इसमें लाभ देने के लिए महंगाई सूचकांक से जोड़ा है। महंगाई बढ़ने के साथ इन्टर्नशिप बढ़ती जाएगी। – जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र जल्दी मिले, इस व्यवस्था को ऑनलाइन करेंगे। खुद सर्टिफाइड कर लोग प्रमाण पत्र हासिल कर सकेंगे। इसके लिए भटकना नहीं पड़ेगा। गलत सर्टिफाइड करने पर संबंधित व्यक्ति दंडित होगा। – पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत अटल ग्रामीण सेवा सदन सभी पंचायतों में बनाया जाएगा। जिसमें गांवों की सभी समस्याओं का निराकरण हो सके। – मोहन सरकार के एक साल पूरे होने पर प्रदेश के 70 फीसदी जिलों में जन कल्याण शिविर लगाए गए हैं। इस दौरान सबसे अधिक 94 हजार फॉर्म योजनाओं के लिए उज्जैन में मिले हैं। recent visitors 58

पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल जी की 100वीं जयंती पर ग्वालियर में लगा मानव सेवा का मेला

एम्स के सहयोग से नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन अटलजी के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि – मुख्यमंत्री डॉ. यादव शिविर में पहले दिन 13,800 मरीजों का हुआ स्वास्थ्य परीक्षण पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल जी की 100वीं जयंती पर ग्वालियर में लगा मानव सेवा का मेला उद्घाटन समारोह में विधानसभा अध्यक्ष तोमर और सांसद शर्मा भी हुए शामिल भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि अटल जी जब भारत के प्रधानमंत्री थे तब उन्होंने दिल्ली के एम्स की तर्ज पर भोपाल सहित देश के अन्य राज्यों में एम्स खोलने की शुरूआत की थी, खुशी की बात है उसी भोपाल एम्स की टीम आज ग्वालियर में आयोजित तीन दिवसीय नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर में जरूरतमंद मरीजों का इलाज करने आई है। यह अटल जी के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को ग्वालियर के एलएनआईपीई में पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी की शताब्दी जयंती के अवसर पर एम्स के सहयोग से आयोजित हो रहे नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर का उदघाटन कर संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वास्थ्य शिविर में बड़ी तादाद में आए मरीजों को ध्यान में रखकर कहा कि ग्वालियर में एम्स खोलने के लिये राज्य सरकार गंभीरता से पहल करेगी। साथ ही यह भी प्रयास किए जायेंगे कि प्रदेश के सरकारी मेडीकल कॉलेज एम्स की तरह स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने में सक्षम हों। उन्होंने ग्वालियर में अटल जी की जयंती पर एम्स के सहयोग से विशाल नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने की संरचना तैयार करने के लिये क्षेत्रीय सांसद भारत सिंह कुशवाह की सराहना की। साथ ही चिकित्सकों की बड़ी टीम लेकर शिविर में आने के लिये एम्स प्रबंधन के प्रति भी आभार जताया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा पिछले 20 साल में स्वास्थ्य सेवाओं में क्रांतिकारी विस्तार किया गया है। वर्ष 2003 तक प्रदेश में केवल 5 मेडीकल कॉलेज और प्रथम वर्ष में सीटों की संख्या मात्र 400 थी। वर्ष 2024 तक प्रदेश में मेडीकल कॉलेज की संख्या 50 हो गई है, जिनमें 17 सरकारी मेडीकल कॉलेज शामिल हैं। साथ ही एमबीबीएस प्रथम वर्ष में सीटों की संख्या 400 से बढ़कर 5 हजार हो गई है। उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश के सभी 55 जिलों में मेडीकल कॉलेज खोलने के लिये पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार नए मेडीकल कॉलेज खोलने के साथ जिला चिकित्सालयों, प्राथमिक एवं सामुदायिक अस्पतालों को भी अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं से सुसज्जित कर रही है। सरकार द्वारा एलोपैथी के साथ आयुर्वेदिक और होम्योपैथिक पद्धति को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा केन-बेतवा नदी जोड़ो राष्ट्रीय परियोजना का शुभारंभ कर पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्रद्धेय अटल जी को सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा आयुष्मान भारत योजना में अब 70 साल से अधिक आयु के बुजुर्गों को भी शामिल किया गया है। उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद जन-प्रतिनिधियों एवं प्रशासनिक अधिकारियों से कहा कि 70 वर्ष से अधिक आयु के सभी बुजुर्गों को इस योजना से जुड़वाएं, जिससे उन्हें भी 5 लाख रूपए तक नि:शुल्क इलाज की सुविधा मिल सके। विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा प्रसन्नता की बात है कि श्रद्धेय अटल जी गाँव, गरीब और किसान के प्रति अत्यंत संवेदनशील थे। हम सबके प्रेरणास्त्रोत स्व. वाजपेयी की जयंती पर मानवता की सेवा के लिये स्वास्थ्य शिविर लगाकर क्षेत्रीय सांसद भारत सिंह कुशवाह ने सराहनीय पहल की है। अटल जी ने देश भर में एम्स का विस्तार करने का जो निर्णय लिया था उसका फायदा आज ग्वालियर और चंबल सहित अन्य समीपवर्ती जिलों के निवासियों को मिल रहा है, आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के जो मरीज दिल्ली व भोपाल जाकर एम्स या अन्य बड़े अस्पतालों में इलाज नहीं करवा पाते हैं उनका इलाज करने के लिये एम्स भोपाल ग्वालियर आया है। विधानसभा अध्यक्ष तोमर ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव से ग्वालियर में एम्स खोलने के लिये राज्य सरकार की ओर से केन्द्रीय स्तर पर पहल करने का आग्रह किया, जिसे मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सहर्ष स्वीकार कर भरोसा दिलाया कि प्रदेश सरकार इस दिशा में गंभीरता के साथ प्रयास करेगी। सांसद वी.डी. शर्मा ने कहा कि ग्वालियर की माटी के सपूत अटलजी ने देश का नेतृत्व कर पूरी दुनिया में ग्वालियर का नाम रोशन किया। उनके सपनों को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में साकार किया जा रहा है। सांसद शर्मा ने ग्वालियर में एम्स के सहयोग से विशाल स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने की सराहना की। सांसद भारत सिंह कुशवाह ने ग्वालियर में एम्स के सहयोग से विशाल नि:शुल्क शिविर आयोजित करने में भरपूर मदद के लिये मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रति आभार जताया। साथ ही कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश विकास की ऊँचाईयाँ छू रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संकल्पों को मुख्यमंत्री डॉ. यादव पूरी शिद्दत के साथ धरातल पर ला रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के सहयोग से ग्वालियर में यह शिविर आयोजित हो सका है। उन्होंने कहा कि इस शिविर में ग्वालियर-चंबल संभाग के सभी जिलों सहित मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश व राजस्थान के समीपवर्ती जिलों के मरीजों को लाभ मिल रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मरीजों के हालचाल जाने मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वास्थ्य शिविर की व्यवस्थाओं का जायजा भी लिया। उन्होंने विभिन्न काउण्टर पर जाकर एम्स के चिकित्सकों को शाबाशी दी। साथ ही मरीजों से भेंट कर उनके हालचाल जाने। उन्होंने लीवर की बीमारी से पीड़ित बाबूलाल को आश्वस्त किया कि आप चिंता न करें एम्स के चिकित्सक आपका हर संभव इलाज करेंगे। हजारों मरीज हुए लाभान्वित एलएनआईपीई में आयोजित हो रहे तीन दिवसीय शिविर में बड़ी संख्या में मरीज स्वास्थ्य परीक्षण कराने आ रहे हैं। पहले ही दिन विभिन्न बीमारियों से ग्रसित लगभग 13 हजार 800 मरीजों का एम्स के चिकित्सकों द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। साथ ही उन्हें नि:शुल्क दवाएं उपलब्ध कराई गईं। स्वास्थ्य परिसर में ईको, ईसीजी, अल्ट्रासाउण्ड व लीवर की जाँच सहित अन्य प्रकार की बीमारियों की पैथोलॉजिकल जाँच भी की जा रही है। शिविर में अब तक लगभग 40 हजार मरीज पंजीकृत हो चुके हैं। यह शिविर 26 व 27 दिसम्बर को भी प्रात: 10 बजे से सायंकाल 5 बजे तक … Read more

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्वालियर गौरव दिवस पर किया प्रतिभाओं का सम्मान

ग्वालियर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी जी का व्यक्तित्व विराट था। उन्होंने विकास के लिए समग्र दृष्टिकोण अपनाया। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के माध्यम से गांव-गांव तक पक्की सड़कें बनवाई गईं। आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मध्यप्रदेश की धरती पर देश की पहली नदी जोड़ो परियोजना का भूमि-पूजन कर स्व. वाजपेयी के स्वप्न को साकार किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को ग्वालियर में आयोजित ग्वालियर गौरव दिवस समारोह' को संबोधित कर रहे थे। ग्वालियर गौरव दिवस स्व. वाजपेयी की सौवीं जयंती पर आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभिन्न विभूतियों को ग्वालियर गौरव सम्मान से विभूषित किया। स्व. वाजपेयी की स्मृतियों को संजोएंगे, समिति बनेगी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्व. वाजपेयी जी की स्मृतियां सिर्फ ग्वालियर से ही नहीं जुड़ी हैं। अटल बिहारी वाजपेयी ने बड़नगर में प्रारंभिक स्कूली शिक्षा प्राप्त की थी। अटल स्मारक के अलावा प्रदेश में स्व. वाजपेयी के जीवन से जुड़े स्थानों पर उनसे जुड़ी स्मृतियों को संजोने के लिए एक समिति गठित की जाएगी। समाधान निकालने वाले कुशल नेता मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्व. वाजपेयी ने युवा अवस्था में ही एक जनप्रतिनिधि के तौर पर अपने व्यक्तित्व से सभी को चमत्कृत कर दिया था। वे शब्दों के जादूगर थे। हिन्दी के बड़े प्रचारक थे। उन्होंने जय विज्ञान का नारा भी दिया। शिक्षा के क्षेत्र में बच्चों को स्कूल चलें हम अभियान के माध्यम से प्रेरित किया। वे कठिनाईयों के बीच समस्याओं के समाधान का मार्ग निकालते थे जो एक कुशल नेता का कार्य होता है। स्व. वाजपेयी जी असाधारण प्रतिभा के धनी थे, अनेक भूमिकाएं निभाईं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह स्व. वाजपेयी की असाधारण प्रतिभा का ही प्रमाण था जो उन्हें देश के पहले प्रधानमंत्री पं. जवाहरलाल नेहरू जैसे व्यक्ति अन्य राष्ट्रों में जाने वाले प्रतिनिधि मंडल में शामिल कर दायित्व सौंपते थे। पूर्व प्रधानमंत्री स्व. वाजपेयी ने राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से जुड़कर सेवा का मार्ग अपनाया था। उन्होंने अनेक भूमिकाओं का निर्वहन किया। इनमें कवि, सम्पादक, समाजसेवी आदि शामिल हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्व. वाजपेयी ने परमाणु विस्फोटों के माध्यम से राष्ट्र की शक्ति के प्रदर्शन और राष्ट्र के नागरिकों का मनोबल बढ़ाया। डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम जैसे राष्ट्रभक्त वैज्ञानिक को महत्वपूर्ण भूमिका में लेकर आए। वे ऐसे फैसले लेते थे जो उनकी एक कविता "पत्थर की छाती में उग आया नवांकुर…." को चरितार्थ करते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नदी जोड़ो परियोजना पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी की कल्पना थी। प्रधानमंत्री मोदी ने बुंदेलखण्ड अंचल की तस्वीर बदलने वाली केन -बेतवा परियोजना की मंजूरी दी और आज ही खजुराहो में भूमिपूजन सम्पन्न हुआ है। पानी की उपलब्धता मनुष्य का जीवन बदल देती है। परियोजना की बाधाएं दूर हुई हैं। पार्वती-कालीसिंध -चंबल नदी जोड़ो परियोजना भी चंबल और मालवा अंचल में विकास की रफ्तार को बढ़ा देगी। विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि ग्वालियर गौरव दिवस स्व. वाजपेयी जी को समर्पित है। सम्मानित होने वाली विभूतियां सौभाग्यशाली हैं। ग्वालियर की यह पावन धरा तपोभूमि है। यह तानसेन की जन्म स्थली है। इसके साथ ही स्व. वाजपेयी की जीवन यात्रा में ग्वालियर महत्वपूर्ण है। स्व. वाजपेयी ने ने देश और ग्वालियर को गौरवान्वित किया है। वे सदैव ग्वालियर को प्रतिष्ठित करते रहे। वे ग्वालियर के लिए अपने थे और अपने रहेंगे। वे बहुत सरल व्यक्ति थे और उनकी ऊंचाई हिमालय जैसी थी। उनकी तुलना किसी से नहीं की जा सकती, वे अद्भुत व्यक्ति थे। वे प्रधानमंत्री थे इसलिए वे बड़े व्यक्ति नहीं थे बल्कि वे बड़े थे इसलिए प्रधानमंत्री थे। वे दूरदृष्टा थे। उन्होंने कई गांवों को सड़कों से जोड़ा। हाईवे बनाने की शुरूआत स्व. वाजपेयी के शासन काल में हुई। सांसद वीडी शर्मा ने कहा पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी दुनिया के लोकप्रिय नेता थे। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र संघ में भारतीय दल का नेतृत्व किया। वे देश के सर्वमान्य नेता थे। वे विपक्ष में रहकर भी विदेश जाते थे। उन्होंने सुशासन पर कार्य किया। इन विभूतियों का हुआ सम्मान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्वालियर गौरव दिवस में गायन प्रस्तुति के लिए आए प्रख्यात गायक सुरेश वाडेकर, साहित्य क्षेत्र से जगदीश तोमर, खेल क्षेत्र से सुकरिश्मा यादव , योग क्षेत्र से अखिलेश पचौरी, चिकित्सा सेवा क्षेत्र से डॉ. एस.एन. आयंगर, शिक्षा और पर्यावरण क्षेत्र से बाबा सेवा सिंह, समाज सेवा क्षेत्र से विकास गोस्वामी, लेखन और कला संस्कृति क्षेत्र से केशव पांडे, शोध और अकादमिक क्षेत्र से सुआद्या दीक्षित को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समस्त प्रतिभाओं को बधाई दी। कार्यक्रम में हितानंद शर्मा, सांसद भारत सिंह, पूर्व मंत्री जयभान सिंह पवैया, पूर्व महापौर विवेक शेजवलकर और अन्य जन प्रतिनिधि उपस्थित थे। प्रारंभ में कलेक्टर ग्वालियर ने ग्वालियर गौरव दिवस की रूपरेखा की जानकारी दी।   recent visitors 56