मोहन यादव सरकार पर लगातार बढ़ रहा कर्ज का बोझ, आज फिर कर्ज ले रही सरकार

भोपल मध्य प्रदेश की मोहन सरकार एक बार फिर 5 हजार करोड़ का कर्ज लेने जा रही है। इस कर्ज के मिलते ही मोहन सरकार एक साल के कार्यकाल में 52.5 हजार करोड़ की कर्जदार हो जाएगी। बता दें कि दिसंबर 2023 से अब तक राज्य सरकार ने 47.5 हजार करोड़ का कर्ज लिया है। वहीं आज  26 दिसंबर को 5 हजार करोड़ का नया कर्ज लेने के बाद ये आंकड़ा और बढ़ जाएगा। राज्य सरकार ने आरबीआई के माध्यम से सिक्योरिटी बेचकर दो किश्तों में 5 हजार करोड़ के कर्ज की मांग का नोटिफिकेशन जारी किया है।  बता दें कि मोहन सरकार पिछले 6 महीने से लगातार 5-5 हजार करोड़ का कर्ज ले रही है। अब तक 8 बार ये कर्ज ले चुकी मोहन सरकार एक बार फिर 9वीं बार 5 हजार करोड़ का कर्ज लेने जा रही है। पिछले 6 महीने में 8 बार लिए 5-5 हजार करोड़ साल 2024 के अंत तक राज्य पर कुल कर्ज 4 लाख करोड़ से भी ज्यादा हो जाएगा। बता दें कि पिछले 6 महीने से राज्य की मोहन यादव सरकार हर महीने 5-5 हजार करोड़ का कर्ज ले रही है। वित्त वर्ष 2024-25 में अब तक 30 हजार करोड़ का कर्ज लिया जा चुका है। मार्च 2025 तक 4.21 लाख करोड़ की कर्जदार होगी सरकार जानकारी के मुताबिक 31 मार्च 2025 तक मध्य प्रदेश सरकार का कर्ज 4.21 लाख करोड़ तक पहुंच जाएगा। मौजूदा वित्त वर्ष- 2024-2025 में सरकार अपनी जरूरतों के मुताबिक करीब-करीब 25 हजार करोड़ का अतिरिक्त कर्ज लेगी। साढ़े चार साल में दोगुना हुआ कर्ज पिछले साढ़े चार साल में मध्य प्रदेश सरकार पर कर्ज का बोझ सबसे तेजी से बढ़ा है। मार्च 2020 की स्थिति में सरकार पर लगभग 2.01 लाख करोड़ का ही कर्ज था, लेकिन पिछले साढ़े चार साल में यह दोगुना हो गया। साढ़े चार साल में सरकार अब तक करीब 2 लाख करोड़ का कर्ज ले चुकी है। मोहन सरकार ने एक साल के कार्यकाल में लिया कर्ज     26 दिसंबर 2023 को लिया 2 हजार करोड़ का कर्ज     24 जनवरी 2024 को लिया 2.5 हजार करोड़ का कर्ज     7 फरवरी 2024 को लिया 3 हजार करोड़ का कर्ज     20 फरवरी 2024 को लिया 5 हजार करोड़ का कर्ज     28 फरवरी 2024 को लिया 5 हजार करोड़ का कर्ज     27 मार्च को 2024 को लिया 5 हजार करोड़ का कर्ज     6 अगस्त 2024 को लिया 5 हजार करोड़ का कर्ज     28 अगस्त 2024 को लिया 5 हजार करोड़ का कर्ज     24 सितंबर 2024 को लिया 5 हजार करोड़ का कर्ज     8 अक्टूबर 2024 को लिया 5 हजार करोड़ का कर्ज     26 नवंबर को लिया 5 हजार करोड़ का कर्ज आमजन पर पहले से 3 लाख 75 हजार करोड़ से ज्यादा का कर्ज बता दें कि मोहन यादव सरकार लगातार कर्ज ले रही है। जबकि मध्य प्रदेश सरकार पर पहले से ही कर्ज का बोझ है। 31 मार्च 2024 को खत्म हुए वित्त वर्ष में प्रदेश की जनता पर 3 लाख 75 हजार 578 करोड़ रुपए का कर्ज था। अप्रैल 2023 से 31 मार्च 2024 तक एक साल में सरकार 44 हजार करोड़ का कर्ज ले चुकी है। जबकि इससे पहले 31 मार्च 2023 में भी मध्य प्रदेश सरकार पर 3 लाख 31 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा का कर्ज था। recent visitors 77

एमपी में स्वास्थ्य विभाग में 46491 भर्तियों पर कैबिनेट की लगी मोहर

भोपल  मध्य प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं में इजाफा करने के लिए मोहन सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सरकार राज्य स्तरीय मानक अनुसार स्वास्थ्य संस्थाओं में नए पदों के सृजन को मंजूरी दे दी है। पदों का सृजन होते ही इन पर भर्ती प्रक्रिया भी जल्द शुरू की जाएगी। बता दें कि स्टाफ की कमी के कारण आए दिन मरीजों को परेशानी और मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। स्वास्थ्य सेवाओं को और प्रभावी तथा सुलभ बनाया जा सके। मोहन कैबिनेट ने ये फैसला लिया है। 46 हजार से ज्यादा नए पदों का सृजन मध्य प्रदेश सरकार अब अस्पतालों में स्टाफ की कमी दूर करने में लग गई है। मोहन कैबिनेट ने स्वास्थ्य सुविधाओं को सशक्त करने के लिए संशोधित मानव संसाधन मानदंडों (आईपीएचएस) को मंजूरी दी। इसके तहत राज्य स्तरीय मानक अनुसार स्वास्थ्य संस्थाओं में 46491 नवीन पदों (नियमित, संविदा, आउटसोर्स) के सृजन की स्वीकृति दी गई है। दो साल में भरे जाएंगे पद डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने स्वास्थ्य संस्थानों और चिकित्सा सेवाओं की स्थिति की समीक्षा के दौरान जानकारी देते हुए बताया कि 27 हजार 838 पदों की पूर्ति एनएचएम के और शेष 18 हजार 653 पदों की पूर्ति स्वास्थ्य विभाग द्वारा की जाएगी। इन पदों पर आगामी दो वित्तीय वर्षों में की जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने IPHS मानकों के अनुरूप नए पदों पर भर्ती प्रक्रिया को समय सीमा में पूरा करने के निर्देश भी दिए। इसके साथ ही उन्होंने नवीन जिला चिकित्सालयों में रिक्त पदों की पूर्ति और निर्माणाधीन कार्यों की सतत निगरानी करने की बात की है। स्वास्थ्य संस्थानों में पूर्व में 47 हजार 949 नियमित पद स्वास्थ्य संस्थानों में पूर्व में 47 हज़ार 949 नियमित पद स्वीकृत थे. कैबिनेट द्वारा स्वास्थ्य संस्थानों के लिए नए 18 हज़ार 653 (जो लगभग 39 प्रतिशत की वृद्धि है) पदों की स्वीकृति से कुल 66 हज़ार 602 नियमित पद हो जाएंगे. प्रदेश के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में 7 हज़ार 182, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में 5 हज़ार 346, सिविल अस्पतालों में 2 हज़ार 712 और जिला चिकित्सालयों में 3 हज़ार 458 नवीन पद की स्वीकृति कैबिनेट द्वारा प्रदान की गयी है. स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त करने के हैं प्रयास आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश विज़न में भारतीय लोक स्वास्थ्य मानकों के आधार पर स्वास्थ्य संस्थाओं में मानव संसाधन की पूर्ति करना प्रदेश की सर्वोच्च प्राथमिकता में रखा गया है. सशक्त आत्मनिर्भर प्रदेश के लिए नागरिकों का स्वास्थ्य आधारशिला है. गुणवत्तापूर्ण लोक स्वास्थ्य सेवाओं को प्रदान सुनिश्चित करना इसके लिए महत्वपूर्ण है. इन उद्देश्यों को पूरा करने के लिए आई.पी.एच.एस. मानक निर्धारित किए गए हैं. मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के विजनरी नेतृत्व और उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल की प्रतिबद्धता से प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त करने के लगातार प्रयास हो रहे हैं. इसी क्रम में कैबिनेट ने स्वास्थ्य सुविधाओं को सशक्त करने के लिए संशोधित मानव संसाधन मानदंडों (आईपीएचएस) को मंजूरी दी है. 24 घंटे क्रियाशील होंगे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र समस्त स्वास्थ्य केंद्रों में स्वास्थ्य जांच सुविधा के प्रदाय में सहूलियत होगी. आई.पी.एच.एस. की अनुसंशा के अनुसार मानव संसाधन की उपलब्धता से मध्यप्रदेश में समस्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों को पूरे समय क्रियाशील रखा जा सकेगा. समस्त प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में पूरे 24 घंटे प्रसव सुविधाएं मिल सकेगी. समस्त स्वास्थ्य केन्द्रों में आवश्यक औषधियां एवं आवश्यक पैथोलॉजी जांचे और आवश्यक प्राथमिक उपचार और रेफरल सेवाएं सुनिश्चित हो सकेंगी. बीमारियों को समय से पहचाना जाएगा मरीज के स्वास्थ्य पर प्रभाव होने से पहले इलाज करने में सहायता होगी एवं बीमारियों की पहचान करने के लिए स्क्रीनिंग तथा निदान के बाद बीमारी के संक्रमण को रोकने के लिए प्रबंध करना संभव हो सकेगा. संचारी एवं असंचारी रोग तथा अन्य गंभीर बीमारी जैसे मल्टीप्ल स्क्लेरोसिस, हार्ट अटैक, पैरालिसिस आदि का गुणवत्तापूर्ण इलाज संभव हो सकेगा. नवजात एवं शिशु मृत्यु दर में आएगी कमी  गर्भवती महिलाओं को प्रसव पूर्व जांच, टीकाकरण, हाईरिस्क प्रेगनेंसी की शीघ्र पहचान एवं प्रबंधन, सुरक्षित प्रसव एवं परिवार कल्याण संबंधी परामर्श/पीपीआईयूसीडी की सुविधा सुलभ होगी. इससे लंबे समय में मातृ मृत्यु दर में गिरावट लाने में सफलता हासिल होगी. आवश्यक नवजात शिशु देखभाल, शीघ्र स्तनपान, टीकाकरण, कमजोर/बीमार शिशु की शीघ्र पहचान एवं प्रबंधन समुदाय के समीप उपलब्ध होगा. प्रदेश में नवजात एवं शिशु मृत्यु दर तथा सकल प्रजनन दर में कमी लाई जा सकेगी. मेडिकल रिकॉर्ड का डिजीटाईजेशन समस्त स्वास्थ्य संस्थाओं में डाटा डिजीटाईजेशन की दिशा में ई-हॉस्पिटल सॉफ्टवेयर संचालित किया जाने में नवीन पद सहायक होंगे. रोगियों का ऑनलाईन पंजीकरण की सुविधा मिल सकेगी साथ ही मरीजों का रिकॉर्ड (डिस्क्रिपशन, जांच तथा अन्य) का भी डिजिटल संग्रहण किया जा सकेगा. साथ ही रोगियों के मेडिकल रिकॉर्ड का डिजीटाईजेशन का कार्य किया जा सकेगा. समस्त स्वास्थ्य संस्थाओं में ई-फाईलिंग सिस्टम, सी.सी.टी.वी., पी.एस. सिस्टम इत्यादि जैसे आई.टी. टूल्स का उपयोग किया जा सकेगा. recent visitors 55

बाबा साहब वंचित, शोषित व गरीबों की बात करते थे, कांग्रेस को यह खलता था- डॉ. मोहन यादव

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भाजपा प्रदेश कार्यालय में पत्रकार-वार्ता को किया संबोधित – बाबा साहब को चुनाव हराने वाले को पद्म भूषण देने जैसे अनेकाें अन्याय कांग्रेस ने किए – बाबा साहब वंचित, शोषित व गरीबों की बात करते थे, कांग्रेस को यह खलता था – कांग्रेस ने बाबा साहब को न भारत रत्न दिया, न स्मारक बनवाएं, सिर्फ अपने परिवार का ध्यान रखा – बाबा साहब कांग्रेस के लिए सिर्फ वोट बैंक, उनके विचारों की वाहक भाजपा – अमित शाह जी के भाषण को एडिट कर कांग्रेस झूठ प्रसारित कर रही है – पं. नेहरू के जमाने से आज तक कांग्रेस अंबेडकर विरोधी रही, जनता के सामने उसका दोहरा चरित्र उजागर – डॉ. मोहन यादव भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भारत रत्न स्व. डॉ. भीमराव अंबेडकर जी के प्रति कांग्रेस पार्टी के दोहरे रवैये को लेकर मंगलवार को प्रदेश भाजपा कार्यालय में पत्रकार-वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर वंचित, शोषित व गरीबों की बात करते थे, कांग्रेस पार्टी और उनके नेता जवाहरलाल नेहरू इसी कारण बाबा साहब का विरोध करते थे। कांग्रेस ने बाबा साहब को पहले 1952 का लोकसभा चुनाव हरवाया, इसके बाद उपचुनाव में भी हराने का कार्य किया। जवाहरलाल नेहरू और कांग्रेस का बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के प्रति दोहरा चरित्र इसी बात से उजागर होता है कि जिन काजरोलकर ने बाबा साहब को उपचुनाव में कांग्रेस की मदद से हराया, उन्हें कांग्रेस की सरकार ने पद्म भूषण दे दिया। बाबा साहब की वैश्विक स्तर पर पहचान और नाम होने के बाद भी उन्हें भारत रत्न व कोई सम्मान नहीं मिला। डॉ. अंबेडकर जी के मामले में कांग्रेस का दोहरा चरित्र उजागर जनता के सामने उजागर हो चुका है। कांग्रेस बाबा साहब को सिर्फ वोट बैंक मानती है, चुनावों के समय याद करती है। कांग्रेस को देश से माफी मांगना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि कांग्रेस चुनावों में मिल रही लगातार हार से बौखला रही है और वह केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी के भाषण को एडिट कर जनता के बीच झूठ प्रसारित कर षड्यंत्र कर रही है। कांग्रेस को मध्यप्रदेश की जनता ने पहले विधानसभा फिर लोकसभा चुनाव में नकार कर बता दिया है कि बाबा साहब के विचारों का सच्चा सम्मान करने वाली भाजपा के साथ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा साहब के विचारों का सच्चा सम्मान भाजपा ने किया है। कांग्रेस को विपक्ष में रहकर जनता के विश्वास हासिल करने के लिए कार्य करना चाहिए। कांग्रेस ने बाबा साहब को देश के कानून मंत्री के पद से इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया। कांग्रेस को अपने नेताओं और पं. नेहरू द्वारा किए गए बाबा साहब अंबेडकर के अपमान के लिए पूरे देश से बिना शर्त माफी मांगना चाहिए। कांग्रेस ने बाबा साहब को परेशान किया, मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि कांग्रेस की सोच हमेशा अंबेडकर विरोधी रही है। जब भी कोई व्यक्ति मंत्रिपरिषद से इस्तीफा देता है, तो सदन में उसे बोलने का मौका दिया जाता है। लेकिन बाबासाहब अंबेडकर जी के इस्तीफे के बाद सदन में उन्हें बोलने तक नहीं दिया गया। अपने त्याग पत्र में बाबा साहब अंबेडकर ने पंडित नेहरू के खिलाफ लिखा था कि “मैं वित्त और उद्योग क्षेत्र में शिक्षित था, मगर मुझे उससे जुड़ा एक भी विभाग नहीं दिया गया और न ही संसदीय कमेटी का हिस्सा बनाया गया। मुझे कानून मंत्रालय दिया मगर ईमानदारी से काम नहीं करने दिया गया। मुझे हिंदू कोड बिल के कार्य को पूरा नहीं करने दिया गया। केवल मुसलमानों की चिंता की गई, लेकिन एससी और एसटी को उचित संरक्षण प्रदान नहीं किया गया। प्रधानमंत्री का सारा ध्यान सिर्फ मुस्लिम समुदाय पर केंद्रित रहता है। मुसलमानों के संरक्षण से मुझे कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन क्या देश में केवल मुसलमानों को ही सुरक्षा की आवश्यकता है? बाबा साहब के इस सच से घबराई कांग्रेस पार्टी और पं. नेहरू ने उनके त्यागपत्र को जनता के बीच नहीं आने दिया। उन्होंने कहा कि बाबा साहब देश के विभाजन के पक्ष में नहीं थे, धारा 370 थोपने के भी पक्ष में नहीं थे। पूर्वी बंगाल में हिंदुओं पर हुए अत्याचारों पर भी बाबा साहब अंबेडकर ने टिप्पणी की थी। सम्मान तो दूर, बाबा साहब का मजाक उड़ाती थी कांग्रेस मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बाबा साहब का सम्मान करना तो दूर की बात है, कांग्रेस के नेता और पं. नेहरू उनका मजाक उड़ाया करते थे। बाबा साहब ने जब इस्तीफा दिया था, तो पं. नेहरू ने डॉ. बी.सी. राय को लिखे पत्र में कहा था कि भीमराव अंबेडकर जी के इस्तीफे से कोई फर्क नहीं पड़ेगा। यही नहीं, बल्कि पंडित जवाहरलाल नेहरू ने तो एडविना माउंटबेटन को पत्र लिखकर बाबा साहब अंबेडकर के कैबिनेट में न रहने की खुशी जाहिर की थी। डॉ. यादव ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने बाबा साहब को तो भारत रत्न, पद्म भूषण या पद्मश्री नहीं दिया, लेकिन बाबा साहब अंबेडकर को चुनाव में हराने वाले नारायण सदोबा काजरोलकर को 1970 में पद्म भूषण देकर सम्मानित किया। काजरोलकर के पक्ष में पंडित नेहरू भी प्रचार भी किया था। ये है कांग्रेस की असली हकीकत। उन्होंने कहा कि ऐसी सोच और चरित्र वाली कांग्रेस पार्टी आज बाबा साहब के सम्मान की बात कर रही है, जो एक बहुत ही शर्मनाक है। कांग्रेस पार्टी को अपना यह ढोंग बंद करना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिस तरह से पंडित नेहरू और कांग्रेस के नेताओं ने बाबा साहब अंबेडकर के साथ बदसलूकी की, उनका अपमान किया, जिसके साक्ष्य भी मौजूद हैं, उसके लिए कांग्रेस को बिना शर्त माफी मांगी मांगनी चाहिए। कांग्रेस ने की उपेक्षा, भाजपा सरकार ने दिया सम्मान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जब भी कोई बड़ा नेता जाता है, तो उनकी विरासत को संजोया जाता है। लेकिन कांग्रेस की सरकार ने बाबा साहब का एक भी स्मारक बनाने की अनुमति नहीं दी। कांग्रेस ने खुद तो बाबा साहब की स्मृतियाँ संजोने के लिए कोई कदम नहीं उठाए, अड़चनें डालती रही। कांग्रेस पार्टी तो देश में सैकड़ों स्मारक, अस्पताल, सड़कों के नाम पं. नेहरू, इंदिरा गांधी, संजय गांधी और राजीव गांधी के … Read more

टोल बैरियर हमारी सरकार ने खत्म किए, भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति – डॉ. मोहन यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भारतीय जनता पार्टी प्रदेश कार्यालय में मंगलवार को श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी के जन्म शताब्दी वर्ष पर आधारित प्रदर्शनी का उद्घाटन कर अवलोकन किया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि कहा कि हम सबके लिए और सौभाग्य की बात है कि जनसंघ के जमाने से पूरे देश में श्रद्धेय अटल जी ने अपनी बड़ी भूमिका निभाई। मध्यप्रदेश में संविद सरकार के समय श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी, श्रीमती राजमाता विजयाराजे सिंधिया, श्रद्धेय कुशाभाऊ ठाकरे के साथ राष्ट्रवादी विचारधारा को आगे बढ़ाने में अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया। राष्ट्र धर्म के वैचारिक अनुष्ठान के लिए पूर्णकालिक बनकर भारत रत्न श्रद्धेय अटल जी जब संयुक्त राष्ट में पहुंचे तो हिंदी में अपनी बात रखकर वैश्विक स्तर पर हिंदी व भारत का मान बढ़ाने का कार्य किया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में हमारी सरकार ने टोल बैरियर खत्म किए। मध्यप्रदेश में भाजपा सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य कर रही है। मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार भ्रष्टाचार को लेकर सख्त है। कोई भी भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हमारी सरकार लगातार कार्रवाई कर रही है। ऐसी कार्रवाई की जाएगी कि नजीर बनेगी। अटल जी ने समाज सेवा के साथ कुशल विचारक की भूमिका निभाई मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी ने राजनीति में रहते हुए समाज सेवा, देश सेवा के साथ एक कुशल विचारक की भूमिका निभाई है। अटल जी जब विदेश मंत्री बने तो उनका कार्यकाल अद्भुत रहा। इसके बाद संयुक्त सरकार चलाकर परमाणु परीक्षण करके दुनिया के सामने अपनी प्रतिबद्धता को भी रखा। दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की बात करते हैं तो देश का नाम आता है। हमें याद रखना होगा कि श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी ने पड़ोसी धर्म निभाते हुए पाकिस्तान के साथ रिश्ते अच्छे रखने का पूरा प्रयास किया, लेकिन जब उसने गलत किया तो तत्काल कार्रवाई कर दुश्मन देश व दुनिया के सामने अपनी दृढ़ता को भी स्पष्ट कर दिया। यह प्रदर्शनी श्रद्धेय अटल जी के व्यक्तित्व व कृतित्व को लेकर एक प्रयास है। अटलजी के सपने को पूरा कर रहे मोदी जी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी जी के नदियों को जोड़कर सूखाग्रस्त क्षेत्रों में पानी पहुचाने के सपने को पूर्ण करने का बीड़ा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने उठाया है, जो अब साकार होने वाला है। श्रद्धेय अटलजी के जन्मदिवस 25 दिसम्बर को प्रधानमंत्री मोदी जी इस परियोजना की आधारशिला रखेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब में इस परियोजना की आधारशिला के लिए प्रधानमंत्री जी से मिला तो उन्होंने कहा कि यह परियोजना श्रद्धेय अटल जी को समर्पित होगी और उनकी जन्म शताब्दी पर 25 दिसंबर को किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केन-बेतवा लिंक परियोजना छतरपुर, पन्ना जिले में केन नदी पर बनाई जा रही है। इस परियोजना से मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश में सिंचाई एवं पेयजल की सुविधा प्रदाय करते हुये केन नदी के जल को बेतवा नदी तक पहुंचाया जाएगा। इस परियोजना से मध्यप्रदेश के पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, सागर, रायसेन, विदिशा, शिवपुरी एवं दतिया सहित कुल 10 जिलों के लगभग 2000 ग्रामों में 8.11लाख हेक्टेयर क्षेत्र में लगभग 7 लाख किसान परिवारों को सिंचाई सुविधा प्राप्त होगी। वहीं,  उत्तरप्रदेश में 59 हज़ार क्षेत्र में वार्षिक सिंचाई सुविधा प्राप्त होगी एवं 1.92 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में मौजूदा सिंचाई का स्थिरीकरण किया जाएगा। इससे उत्तरप्रदेश के महोबा, झांसी, ललितपुर एवं बांदा जिलों में सिंचाई सुविधा प्राप्त होगी। उन्होंने बताया कि परियोजना से मध्यप्रदेश की कुल 44 लाख एवं उत्तरप्रदेश की 21 लाख आबादी को पेयजल की सुविधा उपलब्ध होगी। इस दौरान भाजपा की प्रदेश उपाध्यक्ष श्रीमती सीमा सिंह जादौन, प्रदेश महामंत्री व विधायक भगवानदास सबनानी, रणवीर सिंह रावत, विधायक रामेश्वर शर्मा, प्रदेश मंत्री राहुल कोठारी, लोकेन्द्र पाराशर, प्रदेश कार्यालय मंत्री डॉ. राघवेन्द्र शर्मा, प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष उषा अग्रवाल, जिला अध्यक्ष सुमित पचौरी, नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी सहित पार्टी पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि व कार्यकर्ता उपस्थित रहे। recent visitors 59

मध्य प्रदेश सरकार फिर बाजार से पांच हजार करोड़ रुपये का कर्ज लेगी, बजट से ज्यादा हुआ लोन

भोपाल मध्य प्रदेश सरकार फिर रिजर्व बैंक के माध्यम से बाजार से पांच हजार करोड़ रुपये का कर्ज लेगी। यह कर्ज दो हिस्सों में लिया जाएगा। पहला कर्ज ढाई हजार करोड़ रुपये का होगा, जिसे 21 साल बाद चुकाया जाएगा। दूसरा कर्ज भी ढाई हजार करोड़ रुपये का रहेगा, पर इसे 17 साल में चुकाया जाएगा। इसके लिए गवर्नमेंट सिक्योरिटीज का विक्रय किया जाएगा, जिस पर साल में दो बार ब्याज का भुगतान भी किया जाएगा। बता दें कि राज्य सरकार वर्तमान वित्तीय वर्ष में 25 हजार करोड़ रुपयों का कर्ज ले चुकी है। नया कर्ज मिलाकर यह 30 हजार करोड़ रुपये हो जाएगा। मध्य प्रदेश सरकार पर कर्ज चार लाख करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है। कर्ज की राशि और अवधि: कुल कर्ज: 30,000 करोड़ रुपये पहला कर्ज: 2,500 करोड़ रुपये (21 साल बाद चुकाया जाएगा) दूसरा कर्ज: 2,500 करोड़ रुपये (17 साल में चुकाया जाएगा) जीडीपी का तीन प्रतिशत तक ऋण ले सकती है सरकार राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन अधिनियम के प्रविधान के अनुसार, सरकार राज्य सकल घरेलू उत्पाद का तीन प्रतिशत तक ऋण ले सकती है। इस वित्तीय वर्ष 2024-25 में सरकार 65 हजार करोड़ रुपये तक कर्ज ले सकती है। इसका उपयोग विकास परियोजना और आर्थिक गतिविधियों को गति देने के लिए किया जा सकता है। राज्य सरकार ने वित्तीय स्थिति ठीक बताई वहीं, बाजार से कर्ज लेने के लिए राज्य सरकार ने अपनी वित्तीय स्थिति ठीक बताई है। आधा प्रतिशत ऋण ऊर्जा सहित अन्य क्षेत्रों के लिए विशेष परिस्थिति में लिया जा सकता है। राज्य सरकार द्वारा लिए जाने वाले कर्ज का एक बड़ा हिस्सा मुफ्त की योजनाओं को पूरा करने में ही चला जाता है। कुल कर्ज: अब तक लिया गया कर्ज: 25,000 करोड़ रुपये नया कर्ज: 5,000 करोड़ रुपये (कुल 30,000 करोड़ रुपये) कुल कर्ज: 4 लाख करोड़ रुपये से अधिक सरकार पर कुल चार लाख करोड़ रुपये से अधिक कर्ज प्रदेश पर अब चार लाख करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज हो गया है। इसके साथ मध्य प्रदेश का प्रत्येक व्यक्ति 50 हजार रुपये से अधिक का कर्जदार होगा। स्थिति यह है कि मध्य प्रदेश का कुल बजट 3.65 लाख करोड़ रुपये का है, लेकिन इससे अधिक मध्य प्रदेश सरकार पर कर्ज है। recent visitors 49

चित्तौड़ा गौशाला की भूमि होगी श्रीमद्भागवत गौशाला के नाम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

कथा श्रवण से मिलती है जीवन दर्शन की राह : मुख्यमंत्री डॉ. यादव सत्कर्म से मनुष्य अपने जीवन को बना सकते हैं सार्थक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव चित्तौड़ा गौशाला की भूमि होगी श्रीमद्भागवत गौशाला के नाम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव चित्तौडा में श्रीमद्भागवत कथा में हुए शामिल भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सनातन संस्कृति का अपना विशेष महत्व है। मनुष्य जीवन सत्कर्म के लिए प्राप्त हुआ है। कथा श्रवण के माध्यम से हमें जीवन दर्शन की राह मिलती है, जो हमें सदमार्ग की ओर चलने के लिए सदैव प्रेरित करती है। गौमाता की सेवा भगवान की सेवा के समान है। संत कमल किशोर नागर महाराज गौसेवा के एक बड़े संकल्प के साथ आगे बढ़ रहे है। संत के प्रयासों से मालवा, निमाड़, जनजाति अंचल सहित प्रदेश भर में गौमाताओं के पालन का दायित्व निस्वार्थ भाव से किया जा रहा है, जो प्रशंसनीय और वंदनीय है। भगवत गीता से हमें कर्म के प्रति आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है, इसलिए आवश्यक है कि प्रत्येक व्यक्ति ऐसे सदकर्म करें, जिससे उनकी भावी पीढ़ी पुण्य के मार्ग पर चले और मनुष्य जीवन को सार्थक बनाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को इंदौर जिले के सांवेर स्थित चित्तौडा में श्रीमद्भागवत गौशाला में आयोजित भागवत कथा में उपस्थित श्रृद्धालुओं को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रीमद्भागवत गौशाला चित्तौडा की भूमि को गौशाला के नाम करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा गीता जयंती के आयोजन से पूरे प्रदेश में भगवान श्रीकृष्ण के कर्म के संदेश को पहुंचाने का कार्य किया गया है। संत कमल किशोर जी नागर के द्वारा निस्वार्थ भाव से गौशाला संचालन के लिए जो पुनीत कार्य की अलख जगाई गई है, वह वंदनीय है। संत ने गौशाला संचालन के साथ कई आदर्श निर्मित किए हैं, जो समाज को एक नई दिशा देने का कार्य कर रहे है। उन्होंने प्रदेश के जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट के प्रयासों की भी सराहना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में नदी जोड़ो अभियान विकास को एक नई दिशा देने का काम करेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 दिसम्बर को केन-बेतवा नदी जोड़ो अभियान  के माध्यम से विकास को एक नई दिशा देंगे। उन्होंने कहा प्रदेश में दो नदी जोड़ो अभियान से लगभग 25 जिलों के बडे़ क्षेत्रों में सिंचाई का रकबा बढे़गा, जिससे मालवा और बुंदेलखंड क्षेत्र की तस्वीर और तकदीर बदलेगी। नदी जोड़ो अभियान से प्रदेश का बड़ा क्षेत्र लाभान्वित होगा।   मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार ने गोवंश पालन को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष प्रयास किए हैं। घर-घर गोपाल और गांव-गांव वृंदावन बने, इसके लिए प्रदेश के 313 ब्लॉक के एक-एक गांव में जहां 500 से अधिक गोवंश होगा, उनको वृंदावन गांव बनाकर आदर्श रूप में विकसित करेंगे। वहीं 10 से अधिक गौमाता पालने वाले पशुपालकों को अनुदान देकर प्रोत्साहित करेंगे ताकि घर-घर गोपाल बने। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में दूध खरीदी पर बोनस भी दिया जाएगा। हमारा लक्ष्य कि जिससे घर-घर दूध उत्पादन बढ़े और प्रदेश दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में गोपालन के प्रति लोगों में रुचि बढे़, इसके लिए विशेष प्रयास किए जा रहे है। उन्होंने संत कमल किशोर जी नागर द्वारा गोवंश संरक्षण एवं गौशाला के लिए किए जा रहे प्रयासों की प्रशंसा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने व्यास पीठ का पूजन कर संत नागर का शाल भेंट कर अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का साफा बांधकर सम्मान किया गया। इस अवसर पर विधायक रमेश मेंदोला, चिंदू वर्मा सहित श्रीमद्भागवत गौ-शाला चित्तौडा के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में धर्मावलंबी उपस्थित थे।   recent visitors 115

आज केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना का शिलान्यास एक ऐतिहासिक घटना बन रही है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कर कमलों से बुधवार को केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना के भूमिपूजन का ऐतिहासिक कार्यक्रम होने वाला है। यह सच्चे अर्थों में भारत रत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी जी की 100 वीं जयंती को सार्थक करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोपाल में मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा में केन-बेतवा नदी जोड़ों परियोजना से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्व. वाजपेयी ने जब नदी जोड़ो से संबंधित विषय रखा था उस समय उन्हें एनजीटी संस्था पर्यावरण से जुड़ी अन्य संस्थाओं का सामना करना पड़ा। लेकिन अब सारे समाधान हो गए हैं। अब नदी जोड़ो परियोजना का शिलान्यास एक ऐतिहासिक घटना बन रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उनका सभी मित्रों से भी आग्रह है कि यह एक प्रकार से देश के विकास के उत्सव का माहौल है, इसमें दलगत राजनीति से ऊपर उठकर सबका स्वागत है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केन-बेतवा नदी जोड़ो अभियान की शुरूआत से सिंचाई, पेयजल और उद्योग को पर्याप्त पानी देने की महत्वपूर्ण पहल हुई है। यह एक तरह से ऐतिहासिक घटना है। इससे बुंदेलखंड के 10 जिले लाभान्वित होंगे। इन जिलों में पानी की कमी की वजह से रोजगार की तलाश में पलायन होता था। दूसरी नदी जोड़ो परियोजना पार्वती-कालीसिंध और चंबल (पीकेसी) है, जो चंबल और मालवा क्षेत्र को लाभान्वित करेगी। चंबल क्षेत्र कष्ट में इसलिए था क्योंकि वहां पर खेती के अवसर कम थे। परियोजना से मुरैना, ग्वालियर, भिण्ड, गुना,शिवपुरी, राजगढ़ और उसके आगे पश्चिमी मालवा तक रतलाम, नीमच और मंदसौर तक कुल 11 जिलों में पानी की पर्याप्त उपलब्धता हो सकेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंदौर और उज्जैन को पीकेसी के माध्यम से लाभ मिलेगा। इस परियोजना की शुरूआत के साथ न केवल हमारे लिए पीने का पानी, उद्योग और 8 लाख हैक्टेयर से अधिक का रकबा इससे सिंचित होगा। यह प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इसके साथ ही ओंकारेश्वर में फ्लोटिंग सोलर परियोजना से सौर ऊर्जा प्राप्त करने के लिए नवकरणीय ऊर्जा का संयंत्र स्थापित हुआ है। भविष्य में बनने वाले बड़े-बड़े जलाशय और डेम प्रदेश की उन्नति में सहायक होंगे। ऊर्जा उत्पादन की संभावनाएं बढ़ेंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बुधवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में एक ऐतिहासिक कार्यक्रम होने वाला है, जो यह सच्चे अर्थों में भारत रत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के प्रति सच्ची आदरांजलि होगी।   recent visitors 27