ताल दरबार, कत्थक कुंभ, उज्जैन डमरू वादन, गीता पाठ और शास्त्रीय बैंड के बने गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड

पांच गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड ने प्रदेश की संस्कृति और कला को दिलाई वैश्विक पहचान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश की संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन का रचा जा रहा नया इतिहास : मुख्यमंत्री डॉ. यादव ताल दरबार, कत्थक कुंभ, उज्जैन डमरू वादन, गीता पाठ और शास्त्रीय बैंड के बने गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश सांस्कृतिक अभ्युदय के नए युग में प्रवेश कर रहा है। आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पुनर्जागरण के द्वारा स्थानीय संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन का नया इतिहास रचा जा रहा है। सांस्कृतिक संवहन के क्रम में प्रदेश में अंतर्राष्ट्रीय खजुराहो नृत्य समारोह का स्वर्ण जयंती वर्ष और तानसेन समारोह का शताब्दी वर्ष का गौरवशाली आयोजन किया गया। हमारे देश में आध्यात्मिक और सांस्कृतिक परम्परा के गौरव को अक्षुण्ण बनाए रखने की परम्परा निरंतर विद्यमान रही है। सांस्कृतिक आयोजनों और धरोहरों को आज की पीढ़ी से जोड़ते हुए ताल दरबार, कथक कुंभ, उज्जैन डमरू वादन, गीता पाठ और शास्त्रीय बैंड में बने पांच गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड ने प्रदेश की संस्कृति और कला को वैश्विक पहचान दिलाई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि संगीत सम्राट तानसेन की नगरी ग्वालियर में तानसेन समारोह के अवसर पर भारत के राष्ट्रगीत वंदे मातरम की धुन पर ग्वालियर किले की प्राचीर पर 'ताल दरबार' में 1282 तबला साधकों ने मध्यप्रदेश के शास्त्रीय संगीत को वैश्विक पहचान दिलाई है। यूनेस्को द्वारा चयनित संगीत नगरी में राष्ट्रीयता का उद्घोष करते हुए कला साधकों ने प्रदेश के इतिहास, संस्कृति और संगीत की त्रिमूर्ति को 25 दिसंबर 2023 को पहली बार गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज कराया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल खजुराहों के कंदरिया महादेव मंदिर के विशाल प्रांगण में अन्तर्राष्ट्रीय खजुराहो नृत्य समारोह के दौरान 'राग बसंत' की लय पर 20 फरवरी 2024 को 1484 कथक नृत्य साधकों के थिरकते कदमों ने दूसरा गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड रच दिया। कथक कुंभ में हाथों में दीपक लेकर जब लय और ताल के साथ घुंघरू साधकों के कदम मिले तब भारतीय संस्कृति और परंपरा एक साथ मुस्कुरा उठीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि पवित्र श्रावण मास में उज्जैन में भगवान श्रीमहाकालेश्वर चंद्रमौलेश्वर के रूप में पालकी में, हाथी पर मनमहेश के रूप में और गरूड़ रथ पर शिव-तांडव स्वरूप में विराजित होकर नगर भ्रमण पर निकले। उनका स्वागत करते हुए 5 अगस्त 2024 को महाकाल लोक के शक्तिपथ पर 1500 से अधिक डमरू वादकों ने एक साथ एक समय-समय में लयबद्ध डमरू वादन कर तीसरा विश्व कीर्तिमान रचा। यह सिर्फ गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड नहीं था बल्कि बाबा महाकाल की नगरी से देश के आध्यात्मिक पुनरुत्थान का शंखनाद था। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि भगवान श्रीकृष्ण ने जन्म से लेकर मृत्यु तक अपनी लीलाओं और आदर्शों के माध्यम से समूचे समाज को प्रेरणा दी है। भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और पवित्र धर्मग्रंथ "गीता" की कर्म पथ, भक्ति मार्ग और शांति का संदेश से जन जन को आलोकित करते हुए 1721 आचार्य और बटुकों ने इतिहास रच दिया। 11 दिसंबर 2024 को गीता जयंती के अवसर पर श्रीमद्भगवद गीता के तीसरे ध्याय कर्मयोग का सस्वर पाठ कर चौथा गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने का पावन कार्य किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि भारतीय संस्कृति में विद्यमान संगीत की लंबी प्राचीन विरासत की परंपरा को जीवंत रखते हुए तानसेन संगीत समारोह का गौरवशाली शताब्दी समारोह मनाया गया। स्वर सम्राट तानसेन को स्वराजंलि अर्पित करते हुए एक बार फिर ऐतिहासिक ग्वालियर किले के प्राचीर से शास्त्रीय बैंड के 546 कला साधकों ने 9 शास्त्रीय वाद्यों क्रमश: वायलेन, हारमोनियम, सारंगी, बांसुरी, सरोद, संतूर, शहनाई, पखावज, तबले पर समवेत प्रस्तुति कर पांचवॉ विश्व कीर्तिमान रच दिया। भारतीय शास्त्रीय संगीत की सुर, लय और ताल को विश्व पटल पर अंकित करने का यह अनूठा संगीतमय प्रयास रहा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री मोदी का मानना है कि यह विश्व रिकॉर्ड प्रदेश की उपलब्धियों का साधन मात्र नहीं है, अपितु भारत की सांस्कृतिक विरासत की वैश्विक स्थापना का पुण्य प्रवाह है। प्रधानमंत्री मोदी के आध्यात्मिक-सांस्कृतिक अभ्युदय के संकल्प सि‌द्धि की दिशा में हमारी मध्यप्रदेश सरकार भी ठोस कदमों से आगे बढ़ रही है। मध्यप्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासतों की ओर दुनिया भर से खिंचे चले आते संस्कृति और कला प्रेमी मध्यप्रदेश के सांस्कृतिक अभ्युदय के अंतर्राष्ट्रीय संवाहक बन रहे हैं। निश्चित है आने वाले समय में मध्यप्रदेश न सिर्फ देश का सांस्कृतिक केंद्र बनेगा बल्कि सारथी बन देश को सांस्कृतिक अभ्युदय के नए युग में प्रवेश कराएगा।   recent visitors 65

फसल उपार्जन के लिए जो छोटे किसान नहीं आते, उन्हें भी सरकार सहयोग देने पर कर रही विचार

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्राकृतिक आपदा से फसलों की क्षति के प्रावधान के अनुसार किसानों को राहत राशि दी जाएगी। देश के साथ प्रदेश में भी मौसम बदला है। किसानों के किसी भी संकट में सरकार संवेदनशील होकर उनके साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार किसानों को किसी भी माध्यम से फसल बेचे जाने की सुविधा देती है। ऐसे छोटे किसान जिनकी फसलों का उपार्जन नहीं हो पाता और वे अपने स्तर से फसल बेच देते हैं, उन्हें प्रति हैक्टेयर राशि प्रदान करने अथवा बोनस के संबंध में आवश्यक सहायता के लिए शीघ्र निर्णय लिया जाएगा। इस संबंध में विचार कर उन किसानों को लाभान्वित करने का निर्णय लिया जाएगा जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं अथवा अपेक्षाकृत सक्षम नहीं हैं। ओला,पाला आदि से फसलों के नुकसान पर जिला स्तर पर आवश्यक निर्देश दिये गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों से आहवान किया कि विपरीत मौसम में फसलों के साथ स्वयं की सुरक्षा के लिए समस्त ऐहतियात बरतें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्रामीण या शहरी क्षेत्र में ट्यूब बैल खुले नहीं रहना चाहिए। ट्यूब वेल खुले रखना प्रतिबंधित है। ऐसे मामलों में जानकारी मिलते ही क्षेत्र के थाने में जानकारी दी जाए। ऐसी लापरवाही पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के नागरिकों को भी असमय वर्षा, शीत आदि से बचाव के लिए सावधानियां बरतने का आग्रह किया है।   recent visitors 45

नए साल में नया फॉर्मूला लेकर चलेगी मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार, होगी बड़ी प्रशासनिक सर्जरी!

भोपाल मोहन सरकार नए साल में बड़ी प्रशासनिक सर्जरी की तैयारी में है। मंत्रालय से लेकर जिलों तक बदलाव होंगे। विकसित मध्य प्रदेश के लक्ष्य को इसका आधार बनाया जाएगा। सरकार के स्तर पर खाका तैयार हो रहा है। बीते साल में पिछड़ने वाले अधिकारियों से नए फार्मूले के आधार पर निपटा जाएगा। मध्य प्रदेश का विजन डॉक्यूमेंट तैयार हो रहा है।  सरकार इसमें उद्योग, कृषि-वनोत्पाद, अद्योसंरचनाएं एवं नगरीय विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, सेवाएं, सुशासन एवं नागरिक सेवाएं और वित्तीय नियोजन एवं संवर्धन जैसे 8 कार्य समूह तय किए हैं। माना जा रहा है कि इन समूहों में पहले से कुछ काबिल अफसर हैं लेकिन कुछ का परफार्मेंस बिल्कुल भी ठीक नहीं है। यहां बदली जा सकती है प्रशासनिक जमावट -प्रशासनिक इकाई पुनर्गठन आयोग व राज्य निर्वाचन आयोग में आयुक्त की पदस्थापना। जिलों में विवादित हो चुके कलेक्टरों पर गाज गिरनी तय है, उनको भी वापस बुलाया जाना है जो 3 साल पूरे कर चुके हैं। -ऐसे जिले जहां पक्ष-विपक्ष के विधायकों ने सदन में गंभीर मुद्दे उठाए और शासन-प्रशासन को किरकिरी झेलनी पड़ी, वहां कलेक्टरों पर गाज गिरनी तय। -राजस्व महाभियान में खराब परफार्मेंस वाले कमिश्नर- कलेक्टर भी निशाने पर होंगे। खाद संकट के दौरान जिलों में बेहतर वितरण व्यवस्था नहीं बना पाने, किसानों को नहीं समझा पाने वाले कुछ कलेक्टर भी राडार पर बताए जा रहे हैं। -ऐसे जिले जहां से सीएम हेल्पलाइन व अन्य माध्यमों से प्राप्त शिकायतों का ग्राफ कम करने के लिए बगैर वैधानिक निराकरण के बंद करने की दोबारा शिकायतें मिल रही हैं, उन संबंधित अधिकारियों को भी बदला जा सकता है। recent visitors 94

दोनों प्रदेशों के निर्माण विभाग के अधिकारियों ने नवीन तकनीकों पर विस्तार से की चर्चा

भोपाल लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह के नेतृत्व में गुजरात अध्ययन यात्रा पर गए दल ने दूसरे दिन गांधीनगर स्थित भास्कराचार्य संस्थान (BISAG-N) एवं अहमदाबाद साबरमती रिवर फ्रंट परियोजना का दौरा किया। अध्ययन दल ने गुजरात सड़क एवं भवन विकास विभाग के अधिकारियों के साथ निर्माण क्षेत्र में उपयोग की जा रही नवीनतम तकनीकों पर भी विस्तार से चर्चा की। भास्कराचार्य संस्थान की सेवाओं की सराहना  मंत्री सिंह ने भास्कराचार्य संस्थान द्वारा प्रदान की जा रही आईटी सेवाओं की सराहना करते हुए इन्हें अनुकरणीय बताया। मध्यप्रदेश लोक निर्माण विभाग में इन्हें लागू करने के लिए आवश्यक कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने भास्कराचार्य संस्थान की तकनीकी क्षमताओं और सेवाओं को बेहतरीन बताया। मंत्री सिंह ने मुख्य अभियंता एवं अधिकारियों को एक दिन और रुककर संस्थान में प्रशिक्षण लेने और इन तकनीकों को बेहतर तरीके से समझने के निर्देश दिए। भू-सूचना विज्ञान संस्थान संस्थान के प्रमुख टीपी सिंह ने प्रतिनिधि मंडल को संस्थान की विभिन्न गतिविधियों और जी.आई.एस तकनीक पर आधारित पीएम गतिशक्ति परियोजना की विस्तृत जानकारी प्रदान की। इस दौरान BISAG-N संस्थान ने मध्यप्रदेश लोक निर्माण विभाग को विभिन्न प्रकार के आईटी समाधानों और जीआईएस बेस्ड एप्लीकेशन की सेवाएं कम लागत पर प्रदान किए जाने की जानकारी दी। साबरमती रिवर फ्रंट परियोजना का दौरा  मंत्री सिंह ने अहमदाबाद स्थित साबरमती रिवर फ्रंट परियोजना का भी दौरा किया। उन्होंने 1200 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस परियोजना को शहरी विकास, नदी संरक्षण, पर्यावरण सुधार और सौंदर्य के साथ नवीनतम निर्माण तकनीकों का उत्कृष्ट उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि इस परियोजना ने शहरी विकास और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में एक नया मानक स्थापित किया है।  भ्रमण के दौरान रिवर फ्रंट निर्माण के लिये गठित कंपनी के कार्यालय में दिये गये प्रेजेंटेशन में रिवर फ्रंट की शुरुआत, निर्माण में आने वाली चुनौतियां, चरणबद्ध निर्माण प्रक्रिया, और भविष्य की योजना के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि भविष्य में साबरमती रिवर फ्रंट की कुल लंबाई 22 किलोमीटर से भी अधिक होगी और यह दुनिया का सबसे लंबा रिवर फ्रंट बनेगा।  मंत्री सिंह ने साबरमती नदी पर बने अटल ब्रिज की भी सराहना की। उन्होंने इसे निर्माण तकनीक का एक अनूठा उदाहरण बताते हुए कहा कि 80 करोड़ रुपये की लागत से बना यह ब्रिज आधुनिक तकनीकी, अद्भुत सौंदर्य और कलाकृति का शानदार नमूना है। गुजरात सड़क एवं भवन विकास के अधिकारियों के साथ की मीटिंग  दूसरे दिन सत्र की शुरुआत मध्यप्रदेश लोक निर्माण विभाग के प्रेजेंटेशन से हुई। लोक निर्माण विभाग ने अपने संक्षिप्त प्रस्तुतीकरण में प्रदेश में अपनाई गयी नई तकनीकों, नवाचारों और आईटी परियोजनाओं की जानकारी दी। गुजरात सड़क एवं भवन विकास के अधिकारियों ने भी मध्यप्रदेश में नियोजित एवं क्रियान्वित नवाचारों को सफल बनाने के लिए अपने सुझाव दिए। सड़क पुल एवं भवन निर्माण के दौरान आने वाली सामान्य समस्याओं पर दोनों राज्यों के अधिकारियों ने चर्चा कर अपने समाधान एक-दूसरे से साझा किये।  मंत्री सिंह ने गुजरात के दो दिवसीय अध्ययन के अनुभवों और तकनीकों को मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मार्गदर्शन में प्रदेश में लागू करने की बात कही। उन्होंने कहा इस तरह की अध्ययन यात्राओं और परिचर्चाओं को भविष्य में भी निरंतर जारी रखा जाएगा, जिससे प्रदेश में विकास कार्यों में नई तकनीकों और सर्वोत्तम प्रेक्टिसेज़ का समावेश हो सके।   recent visitors 73

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार रात भोपाल के रैन बसेरों का निरीक्षण किया

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने देर रात भोपाल के रैन बसेरों में पहुँचकर जरूरतमंदों और महिलाओं को वितरित किए कंबल मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कलेक्टर को सभी रैन बसेरों में राम-रोटी प्रारंभ करने के दिए निर्देश मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार रात भोपाल के रैन बसेरों का निरीक्षण किया भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार रात भोपाल के रैन बसेरों का निरीक्षण किया। उन्होंने रैन बसेरों में राहगीरों, गरीबों, निराश्रितों से चर्चा की, उनके हालचाल जाने और सभी को कंबल वितरित किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव यादगार-ए-शाहजहांनी पार्क स्थित रैन बसेरा पहुंचे। उन्होंने रैन बसेरे में मौजूद कुरवाई के करोड़ीलाल प्रजापति, हशीब खान, संजु कुशवाहा, रवि शर्मा और पथरिया दमोह के दिव्यांग प्रताप मालवीय से चर्चा कर उनके हालचाल जाने और रैन बसेरे की व्यवस्था के बारे में जानकारी ली। राहगीरों ने बताया कि यहां की सभी व्यवस्थाएं ठीक हैं। भोजन की व्यवस्था भी होनी चाहिए। इस पर मुख्यमंत्री ने कलेक्टर भोपाल को निर्देशित किया कि सभी रैन बसेरों में राम-रोटी की व्यवस्था करें। दिव्यांग प्रताप मालवीय ने बताया कि वह हर एक-दो दिन में आ जाते हैं, उनकी चार बेटियां हैं, गुजारे की कोई व्यवस्था नहीं है, इसलिए वे यहां आकर रहते हैं। इस पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कलेक्टर को प्रताप की हरसंभव मदद करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने सभी को कंबल प्रदान किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव इसके बाद रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 6 के पास स्थित रैन बसेरा पहुंचे। रैन बसेरे का निरीक्षण कर उन्होंने वहां मौजूद सभी राहगीरों और गरीब व्यक्तियों से चर्चा कर उन्हें भी कंबल वितरित किए। मुख्यमंत्री ने यहां विशाल मालवीय, शंकर मालवीय, ओमराज, आशीष तिवारी, दिव्यांग विजय आईना (गुनावा) सभी से चर्चा कर उनके यहां आकर रूकने की वजह पूछी। बताया गया कि सब आगे के सफर के लिए यहां रूके हैं। महिलाओं से चर्चा की, उन्हें भी कंबल दिए रैन बसेरे का निरीक्षण कर लौटते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्लेटफार्म नंबर 6 के सामने ही कुछ महिलाओं को बैठे देखा। उन्होंने वाहन रूकवाकर महिलाओं के पास जाकर चर्चा की और वहां बैठने की वजह पूछी। महिलाओं ने बताया कि वे सब्जी बेचने आती हैं। रात कहां बिताओगी, मुख्यमंत्री ने पूछा तो महिलाओं ने बताया कि यहीं पर। खुले आसमान के नीचे रात बिताने की बात जानकार मुख्यमंत्री सभी महिलाओं को कंबल वितरित किए और कलेक्टर से कहा कि इन सभी के लिए भी व्यवस्थाएं की जाएं। उन्होंने कहा कि सरकार गरीब और महिलाओं के कल्याण के लिए हर जरूरी कदम उठा रही है। किसी भी गरीब को सरकार की योजनाओं से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा। सर्दी के इस मौसम में कंबल वितरण से जरूरतमंदों को बड़ी राहत मिली। मुख्यमंत्री ने राहगीरों से संवाद किया और उनकी समस्याओं की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि सरकार समाज के वंचित वर्गों के लिए हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए तत्पर है। किसी भी व्यक्ति को बेसहारा नहीं रहने देंगे। गरीब कल्याण मिशन के तहत समाज के कमजोर तबकों को समर्थ बनाने के लिए हम हर कदम उठायेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार का मुख्य उद्देश्य समाज के हर व्यक्ति तक सहायता पहुंचाना है। ठंड के इस मौसम में किसी को भी परेशानी का सामना न करना पड़े, यही हमारी प्राथमिकता है। राहगीरों और गरीबों ने मुख्यमंत्री की इस संवेदनशीलता की सराहना करते हुए उनके प्रति आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने अपनी संवेदनशीलता का परिचय देते हुए सभी जरुरतमंदों को कंबल एवं गर्म कपड़े देकर सर्दी से जितना हो सके, बचने की अपील की। इस दौरान कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह, नगर निगम कमिश्नर हरेन्द्र नारायण सहित सुमित पचौरी, जन-प्रतिनिधि एवं अधिकारी भी उपस्थित रहे।   recent visitors 62

मोहन भागवत का 6 दिवसीय छत्तीसगढ़ दौर, सांय और प्रातः शाखा में शामिल होंगे

रायपुर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ प्रमुख डॉ. मोहन भागवत आज से 6 दिवसीय छत्तीसगढ़ दौरे पर रहेंगे. मोहन भागवत शाम 6 बजे रायपुर पहुंचेंगे. प्रवास के दौरान टोली बैठक, सांय और प्रातः शाखा में शामिल होंगे. 6 दिवसीय दौरे पर मोहन भागवत आएंगे छत्तीसगढ़ राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ प्रमुख डॉ. मोहन भागवत आज 6 दिवसीय दौरे पर छत्तीसगढ़ आएंगे. आज शाम 6 बजे रायपुर पहुंचेंगे मोहन भागवत. प्रवास के दौरान टोली बैठक, सांय और प्रातः शाखा में शामिल होंगे. डॉ मोहन भागवत एक जनवरी 2025 को दोपहर रायपुर से दिल्ली रवाना होंगे. संघ के सौ साल राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अगले साल सौ साल पूरे हो रहे हैं। इस शताब्दी वर्ष में आरएसएस देशभर में कार्यक्रम करेगा। किस तरह के कार्यक्रम होने हैं, इसको लेकर लगातार सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत का राज्यों का दौरा चल रहा है। इसी कड़ी में उनका 27 से 31 दिसंबर तक रायपुर प्रवास होगा। इस दौरान वे अलग-अलग सत्र में कार्यकर्ताओं व वरिष्ठ अधिकारियों के साथ संगठन को मजबूत करने पर चर्चा करेंगे। शताब्दी वर्ष में आरएसएस का बड़ा फोकस पंच परिवर्तन पर है। इसके बारे में जानकारी देकर बताया जाएगा, क्या-क्या करना है। स्थापना का शताब्दी वर्ष मना रहा RSS 1925 में स्थापित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ इस वर्ष अपनी स्थापना का शताब्दी वर्ष मना रहा है। इसके लिए देश के अलग-अलग प्रांतों में सरसंघचालक मोहन भागवत का प्रवास हो रहा है। इस प्रवास में संबंधित प्रांत में संगठनात्मक कार्यों पर वह चर्चा करते हैं। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संगठनात्मक विषयों व शताब्दी वर्ष पर चलने वाले कार्यक्रमों पर वह संगठन के अधिकारियों व कार्यकर्ताओं से संवाद करेंगे। विभिन्न सत्र में लेंगे बैठक सरसंघचालक डॉ. भागवत अपने प्रवास के दौरान विषय आधारित विभिन्न बैठकों में संगठनात्मक कार्यों की चर्चा करेंगे। सरसंघचालक की इन बैठकों में कार्य विस्तार के साथ कार्यकर्ताओं व स्वयंसेवकों के गुणात्मक विकास पर विशेष रूप से चर्चा होगी। संघ ने शताब्दी वर्ष में प्रत्येक गांव व शहरी क्षेत्र तक शाखा के माध्यम से पहुंचने का लक्ष्य रखा है। सरसंघचालक का प्रवास छत्तीसगढ़ में संघ कार्य को सर्वव्यापी एवं सर्वस्पर्शी बनाने की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्ध होगा। नगर पंचायत रामानुजगंज को नगर पालिका का दर्जा नगर पंचायत रामानुजगंज को नगर पालिका का दर्जा मिला है. नगर वासियों में खुशी की लहर,चौक चौराहों पर पटाखा फोड़कर खुशियां मनाई. रामानुजगंज, जिले सबसे ज्यादा आबादी वाला शहर है. वर्तमान नगर पंचायत के अध्यक्ष रमन अग्रवाल के प्रयास से संभव हुआ. लंबे समय से रामानुजगंज को नगरपालिका का दर्जा दिलाने मांग की जा रही थी. छत्तीसगढ़ राजपत्र में प्रकाशित होने के बाद क्षेत्रवासियों में दिखी खुशी. recent visitors 81

प्रधानमंत्री मोदी की अपेक्षाओं पर निरंतर खरा उतरेगा मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

विचार मंथन द्वितीय सत्र सार्थक रहा मंथन: 2024, मंत्रीगण के मिले महत्वपूर्ण सुझाव : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश को अनेक क्षेत्रों में हब बनाने पर हुआ गंभीर विचार-विमर्श प्रधानमंत्री मोदी की अपेक्षाओं पर निरंतर खरा उतरेगा मध्यप्रदेश अगला मंथन शिविर विभागीय स्तर पर होगा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि पूरे दिन चला मंथन-2024 का आयोजन सार्थक रहा। मुख्य रूप से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा युवा, गरीब, महिला और किसान, इन चार प्रमुख वर्गों के कल्याण के लिए निर्धारित की गई प्राथमिकता के अनुसार कार्य किया जाएगा। इसके लिए शीघ्र ही चार मिशन कार्य करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने सुशासन का महत्व प्रतिपादित किया है। सुशासन को दृष्टिगत रखते हुए आज सम्पन्न मंथन शिविर बैठक में विस्तृत विचार- विमर्श किया गया है। आज लिए गए निर्णय के अनुसार इस तरह की विमर्श बैठकें अब विभाग स्तर पर की जाएंगी। मध्यप्रदेश को अनेक क्षेत्रों में हब बनाने पर गुरूवार को गंभीर विचार-विमर्श हुआ है। मंत्रि-परिषद के सदस्यों को विभागीय कार्यों की समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिक से अधिक जनकल्याण राज्य सरकार का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की अपेक्षाओं पर खरा उतरने के लिए मध्यप्रदेश सरकार निरंतर प्रयास करेगी। प्रदेश में अस्पतालों में वरिष्ठ रोगियों को सम्मान और सुविधा प्राप्त हो, इस दृष्टि से उनकी पृथक पंक्ति और बैठक का प्रबंध किया जाएगा। प्रदेश में चिकित्सा सुविधाओं ओर चिकित्सा शिक्षा संस्थाओं की संख्या निरंतर बढ़ रही है। प्रदेश में मेडिकल टूरिज्म की दृष्टि से भी प्रयास किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश को औद्योगिक हब बनाने के लिए रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव की जो शुरूआत की गई, उसके सफल परिणाम मिल हैं। उन्होंने बतायया कि प्रधानमंत्री फरवरी 2025 में भोपाल में होने वाली ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट में आयेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उद्योगों को भूमि प्रदान करने के लिए उदार नीति का पालन करते हुए अधोसंरचना विकास के प्रयास बढ़ाए जाएंगे। उद्योग स्वयं विभिन्न विकास कार्यों को आवंटित भूमि के अनुसार क्रियान्वित करेंगे, इससे राज्य की अपनी सम्पदा के विकास और सुविधाओं में वृद्धि संभव होगी। प्रधानमंत्री मोदी ने मध्यप्रदेश की प्रशंसा की गई , प्रदेश विभिन्न क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ेगा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्व. अटल जी की 100वीं जयंती पर खजुराहो में 25 दिसम्बर को केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना के भूमि-पूजन के अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मध्यप्रदेश ने एक वर्ष में प्रगति के नए आयाम स्थापित किए हैं। मध्यप्रदेश के पर्यटन की उन्होंने सराहना की और विश्व के 10 बड़े पर्यटन संभावनाओं से भरे क्षेत्रों में मध्यप्रदेश के शामिल होने का विशेष उल्लेख किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार प्रधानमंत्री मोदी जी द्वारा किए गए मध्यप्रदेश के इस विशेष उल्लेख का सदैव सम्मान करेगी। मध्यप्रदेश पर्यटन सहित विभिन्न क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश मेडिकल टूरिज्म के क्षेत्र में भी निरंतर कार्य करेगा। प्रदेश में 30 मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं। आने वाले एक वर्ष में इनकी संख्या 50 से अधिक हो जाएगी। पांच नए आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज प्रारंभ करने की पहल हुई है और शीघ्र ही प्रदेश में इनकी संख्या 60 हो जाएगी। प्रदेश में 55 जिले हैं, जिलों से इससे अधिक मेडिकल कॉलेज प्रदेश में हो जाएंगे, जिससे मध्यप्रदेश चिकित्सा का हब भी बनेगा। विभिन्न क्षेत्रों में मध्यप्रदेश बनेगा सिरमौर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश के प्रतिभाशाली युवा कार्य और रोजगार के लिए अन्य प्रदेशों में जाते हैं। सूचना प्रौद्योगिकी आधारित उद्योगों के विकास, नए मेडिकल कॉलेजों के प्रारंभ होने से उत्पन्न होने वाले रोजगार के अवसर, शिक्षा के क्षेत्र में कार्य की संभावनाओं और कृषि एवं नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में विभिन्न कार्यों को गति मिलने से बड़ी संख्या में युवाओं को काम मिलेगा। मध्यप्रदेश पर्यटन क्षेत्र में हब भी बनेगा। इसके साथ ही चिकित्सा क्षेत्र और आईटी में भी हब बनेगा। संभाग स्तर पर हुई रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के प्रस्ताव क्रियान्वित होंगे। हरित अर्थ व्यवस्था, स्वच्छता, सुशासन के ठोस प्रयासों से राज्य के विकास को गति मिलेगी। मध्यप्रदेश सौर ऊर्जा के उपयोग में आगे है। ओंकारेश्वर में प्रारंभ फ्लोटिंग सोलर प्लांट एक उदाहरण है। नर्मदापुरम जिले के मोहासा-बावई में नवकरणीय ऊर्जा उपकरण निर्माण की इकाइयों को स्थापित करने वाला मध्यप्रदेश पहला राज्य है। किसानों को सस्ती ही नहीं मुफ्त बिजली देने का कार्य नवकरणीय ऊर्जा उत्पादन के उपायों से संभव हो रहा है। यह क्रांतिकारी परिर्वतन है। मंथन शिविर में मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने क्या कहा     टीम भावना से कार्य करने का प्रयास आवश्यक है।     युवा, महिला, किसान और गरीब कल्याण पर आज मंथन हुआ है।     मंथन शिविर मंत्रीगण और विभागों को कार्यों से यश-प्राप्ति का अवसर भी है।     प्रदेश का बजट पांच वर्ष में दोगुना करने का प्रयास है।     इस मंथन बैठक के बाद आगामी मंथन विभागीय स्तर पर होगा।     ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में प्रधानमंत्री मोदी जी ने फरवरी माह में मध्यप्रदेश आने की सहमति दी है। यह समिट अपेक्षा से अधिक सफल होगी।     मंत्रीगण पूरे वर्ष के कार्यों की समीक्षा करें।     विभाग स्तर की समीक्षा से यह ज्ञात होगा कि किस क्षेत्र में प्रयास बढ़ाने हैं।     समान स्वरूप के कार्य विभाग किस तरह संयुक्त रूप से कर सकते हैं, यह विचार-विमर्श भी किया गया है।     कुपोषण कम करने के अभियान और 23 जिलों में टीबी नियंत्रण के अभियान सफल हों, ऐसे प्रयास हों।     मंत्री एवं वरिष्ठ अधिकारी पूर्व की महत्वपूर्ण घोषणाओं और निर्णयों के क्रियान्वयन पर ध्यान दें।     सायबर अपराध नियंत्रण के प्रयास बढ़ाने की आवश्यकता है, इसके लिए निर्धारित रणनीति के अमल पर ध्यान दिया जाए।     मध्यप्रदेश राज्य परिवहन निगम को प्रदेश में पुन: प्रारंभ करने के संबंध में प्रक्रिया प्रारंभ की गई है।     नगरों के विकास के लिए टियर-2 और टियर 3 श्रेणी के अनुसार आबादी के आधार पर अधोसंरचना विकास के लिए भारत सरकार से अधिकतम सहयोग प्राप्त करने के लिए भी मार्ग निकाले जा रहे हैं।     वृंदावन ग्राम और नगरों में गीता भवनों की योजना को शीघ्र क्रियान्वित किया जाएगा।     कृष्ण पाथेय के विकास और राम वन गमनपथ के कार्यों को गति दी जाएगी।     दीर्घ अवधि की योजना … Read more