मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव और मुख्‍य न्‍यायाधीश जस्टिस सुरेश कुमार कैत का हुआ अभिनंदन

लोकतंत्र की खूबसूरती न्यायालयों से है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव सेवाकाल में सर्वाधिक सम्मान मिला जबलपुर में : जस्टिस कैत मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव और मुख्‍य न्‍यायाधीश जस्टिस सुरेश कुमार कैत का हुआ अभिनंदन जबलपुर महाधिवक्‍ता कार्यालय ने किया अभिनंदन समारोह आयोजित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारतीय न्याय पालिका ने अपने फैसलों से दुनिया में एक विशिष्ट पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की खूबसूरती न्यायालयों से ही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले को मील का पत्थर निरूपित करते हुये कहा कि कार्यरत प्रधानमंत्री के विरूद्ध फैसला करने का जज्बा केवल भारतीय न्याय पालिका में ही है। उन्होंने न्याय करने में मेरिट के साथ मोरेलिटी को भी ध्यान में रखने की बात कही। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने जबलपुर में महाधिवक्‍ता द्वारा आयोजित अभिनंदन समारोह में यह बात कही। मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधिपति जस्टिस सुरेश कुमार कैत ने कहा कि उन्हें अपने सम्पूर्ण सेवाकाल में जितना सम्मान नहीं मिला, उससे अधिक सम्मान मात्र तीन महिने की अल्पावधि में ही जबलपुर में मिला है। अधिवक्ता अभिनंदन समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. यादव और मुख्य न्यायाधिपति जस्टिस कैत के साथ वरिष्ठ अधिवक्ताओं का अभिनंदन भी किया गया। कार्यक्रम में मुख्य सचिव अनुराग जैन सहित विभिन्न न्यायाधीश, वरिष्ठ अधिवक्ता मौजूद रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि न्‍यायपालिका भारतीय लोकतंत्र की प्रहरी है। देश की न्‍याय व्‍यवस्‍था विश्‍व में भारत को अलग पहचान देती है और गौरव भी बढ़ाती है। न्‍यापालिका ने कई ऐसे ऐतिहासिक फैसले लिये हैं जो आज भी अपनी प्रासंगिकता बनाए हुए हैं। यही हमारे लोकतंत्र की खूबसूरती है। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विधायिका, कार्यपालिका और न्‍याय पालिका यह तीनों लोकतंत्र के अहम हिस्‍से हैं। कानून निर्माण का काम कार्यपालिका करती है तो उसकी व्‍याख्‍या करने का काम न्‍यायपालिका द्वारा किया जाता है। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि समय के साथ कई बदलाव आते हैं, बदलते हुए युग में अपनी प्रासंगिकता बनाए रखना ही हमारी न्‍याय पालिका की विशिष्ट पहचान है। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश की न्‍याय व्‍यवस्था ने ऐसे कई फैसले लिये हैं जिनमें योग्‍यता के साथ-साथ नैतिकता और जीवन मूल्‍यों को भी तरजीह दी गई है। महाभारत काल में पांडवों और कौरवों में यही अंतर था कि पांडव जीवन मूल्‍य एवं नैतिकता समाहित किये हुए थे। ठीक उसी तरह कर्ण की योग्‍यता किसी से कम नहीं थी किन्‍तु उनमें नैतिकता के स्थान पर प्रतिशोध की भावना प्रबल होने के साथ जीवन मूल्‍यों का अभाव था। मुख्‍य न्‍यायाधिपति जस्टिश कैत ने कहा कि जबलपुर में ज्वाइनिंग के पहले दिल्‍ली हाईकोर्ट, तेलंगाना और अन्‍य हाईकोर्ट में अपनी सेवाएं दी है। सम्पूर्ण सेवाकाल की अवधि में जितना सम्‍मान प्राप्‍त हुआ उससे भी अधिक सम्‍मान मध्‍यप्रदेश उच्‍च न्‍यायालय के मुख्‍य न्‍यायाधीश के रूप में मिला है। यहां पर वरिष्‍ठ एवं सेवानिवृत्‍त न्‍यायाधीशों से न्‍यायिक व्‍यवस्‍था को और बेहतर बनाने के सुझाव भी मिले हैं। हम पूरी तरह आशान्वित हैं कि बेहतर न्याय व्यवस्था के लिये हमें प्रदेश सरकार का भी भरपूर सहयोग मिलेगा। वरिष्ठ अधिवक्ताओं का किया अभिनंदन अभिनंदन समारोह में मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव, मुख्‍य न्‍यायाधीश मध्‍यप्रदेश उच्‍च न्‍यायालय कैत एवं अन्‍य अधिवक्‍ताओं द्वारा सतीशचंद्र दत्‍त, राजेन्‍द्र प्रसाद जायसवाल, रवीशचंद्र अग्रवाल, वी रमेशराव, रविनंदन सिंह, गणेश नारायण पुरोहित, त्रिलोचन सिंह रूपराह, इम्तियाज हुसैन, श्रीर वी.एस. श्रोत्रीय एवं मोहनलाल जायसवाल को अभिनंदन पत्र भेंट कर सम्‍मानित किया। लोक नर्तक दल को मिलेंगे एक लाख इक्यावन हज़ार रुपये मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अभिनंदन समारोह में प्रदेश के प्रसिद्ध अहीर नृत्य की प्रस्तुति देने वाले शैलेंद्र पांडेय के दल की सराहना की। उन्होंने नर्तक दल को पुरस्‍कार स्‍वरूप एक लाख इक्यावन हज़ार रुपये देने की घोषणा भी की। समारोह में न्‍यायाधीश सुश्रुत अरविंद धर्माधिकारी, मुख्य सचिव अनुराग जैन, राज्य अधिवक्ता परिषद के अध्यक्ष एड. राधेलाल गुप्ता, हाईकोर्ट एडवोकेट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एड संजय अग्रवाल, उच्च न्यायालय अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष एड धन्य कुमार जैन, जिला अधिवक्ता परिषद के अध्यक्ष एड मनीष मिश्रा एवं सीनियर एडवोकेट काउंसिल के महासचिव एड आदित्य धर्माधिकारी समारोह में मंचासीन थे। महाधिवक्ता प्रशांत सिंह ने स्वागत उदबोधन दिया। समारोह का संचालन उप महाधिवक्‍ता हरप्रीत सिंह रूपराह ने किया। आभार प्रदर्शन उप महाधिवक्‍ता विवेक शर्मा ने किया। समारोह में मध्‍यप्रदेश उच्‍च न्‍यायालय के न्‍यायाधीशगण, अधिवक्‍तागण एवं प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे।   recent visitors 105

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज अक्षय पात्र फाउंडेशन द्वारा आयोजित मिड-डे मिल के कार्यक्रम में शामिल हों

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 19 दिसम्बर को अक्षय पात्र फाउंडेशन द्वारा आयोजित मिड-डे मिल के कार्यक्रम में शामिल होंगे। कार्यक्रम में फाउंडेशन द्वारा एक करोड़ वीं थाली में भोजन परोसने का कीर्तिमान बनेगा। कार्यक्रम का आयोजन बावड़ियां कलां भोपाल में सुबह 9 बजे होगा। अक्षय पात्र फाउंडेशन द्वारा बच्चों को मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम अंतर्गत भोजन परोसा जाता है। बावड़ियां कलां के किचन में प्रतिदिन 50 हजार छात्रों के लिये भोजन तैयार होता है। भोपाल के 645 स्कूलों में 38 गाड़ियों के द्वारा पहुँचाया जाता है। यहां पर आधुनिक मशीनों से भोजन तैयार किया जाता है। कुछ ही घंटों में एक लाख 20 हजार रोटियां और 30 हजार पूड़ियों के साथ अन्य खाद्य सामग्री भी तैयार होती है   recent visitors 100

मुख्यमंत्री डॉ. यादव छतरपुर में किसान सम्मेलन सह जनकल्याण पर्व में होंगे शामिल

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गुरूवार 19 दिसंबर 2024 को छतरपुर जिले के सटई स्टेडियम प्रांगण में केन-बेतवा लिंक परियोजना के तहत आयोजित किसान सम्मेलन में शामिल होंगे। उल्लेखनीय है कि 11 से 26 दिसम्बर तक जन-कल्याण पर्व मनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव दोपहर 1 बजे आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में विभिन्न विकास कार्यों का भूमि-पूजन एवं लोकार्पण करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव दोपहर 3 बजे पन्ना के पॉलिटेक्निक ग्राउण्ड में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे। पन्ना में जल-कलश यात्रा, संत सम्मेलन और लोक कल्याण शिविर होंगे।   recent visitors 38

अनुपूरक बजट में केन-बेतवा परियोजना को 900 करोड़ रुपए, लाड़ली बहना योजना के लिए 465 करोड़

भोपाल मध्य प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र में डॉ मोहन यादव सरकार ने वर्ष 2024-25 के लिए अनुपूरक बजट प्रस्तुत किया है। यह 22,460 करोड़ रुपये का है। उप मुख्यमंत्री (वित्त) जगदीश देवड़ा ने विधानसभा में वर्ष 2024-25 में विभागों को आवश्यक अतिरिक्त राशि उपलब्ध कराने के लिए प्रथम अनुपूरक बजट प्रस्तुत किया। इस अनुपूरक बजट में केन-बेतवा परियोजना के लिए 900 करोड़ रुपए, लाड़ली बहना योजना के लिए 465 करोड़ और पार्वती-कालीसिंध-चंबल परियोजना के लिए 600 करोड़ रुपये का प्रावधान है।   अनुपूरक बजट क्या होता है? सरकार कभी-कभी साल के बीच में एक्स्ट्रा पैसे खर्च करने के लिए अनुपूरक बजट लाती है। यह बजट पहले से तय बजट से अलग होता है। इसमें उन खर्चों का हिसाब-किताब होता है जो पहले बजट में नहीं थे या फिर कोई नई ज़रूरत पड़ने पर इसे लाया जाता है। मान लीजिए किसी मंत्रालय को अपनी योजना के लिए और पैसा चाहिए, तब सरकार अनुपूरक बजट के जरिए यह पैसा देती है।   आसान भाषा में ऐसे समझें मान लीजिए किसी आपदा के लिए राहत कार्य चलाने के लिए ज़्यादा पैसे की ज़रूरत है। या फिर किसी योजना को बीच में ही और धनराशि देनी पड़ रही है। ऐसी स्थिति में सरकार अनुपूरक बजट पेश करती है। इसमें यह बताया जाता है कि कहां और कितना पैसा खर्च किया जाएगा। सोचिए जैसे घर का बजट होता है, वैसे ही सरकार का भी बजट होता है। और कभी-कभी घर के बजट में भी एक्स्ट्रा खर्चा आ जाता है। ठीक उसी तरह सरकार के बजट में भी अतिरिक्त खर्चों के लिए अनुपूरक बजट की व्यवस्था है। इससे सरकार अपने कामकाज को सुचारू रूप से चला सकती है।   केन बेतवा के लिए 900 करोड़ इसके साथ ही विभिन्न योजनाओं और विकास कार्यों के लिए धन आवंटित किया गया है। सरकार की महात्वाकांक्षी केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना के 900 करोड़ रुपये का प्रावधान है। गौरतलब है कि इसका भूमिपूजन करने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 25 दिसंबर को मध्य प्रदेश आएंगे। वहीं, पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना के लिए 600 रुपए का प्रतीकात्मक प्रावधान रखा गया है।   लाडली बहना को 456 करोड़ रुपए लाडली बहना योजना के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग को 456 करोड़ रुपये का अतिरिक्त आवंटन दिया गया है। इस अनुपूरक बजट से ऊर्जा विभाग को 8,763 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। इस राशि में 280 करोड़ रुपये टैरिफ अनुदान और अटल कृषि ज्योति योजना के लिए प्रावधान हैं। वहीं, जल जीवन मिशन के अंतर्गत नल से जल पहुंचाने के कार्यक्रम को गति देने और ग्रामीण समूह जल प्रदाय के लिए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को 3,515 करोड़ रुपये अतिरिक्त मिलेंगे।   चार्ट से समझें पूरा बजट:   इन विभागों के लिए भी आवंटित हुई राशि नवीन प्रधानमंत्री आवास शहरी के लिए 1,600 रुपये, संबल योजना के लिए 200 करोड़, लाड़ली लक्ष्मी योजना में छात्रवृत्ति और आर्थिक सहयोग के लिए 85 करोड़, निकायों का ऋण और ब्याज चुकाने 204 करोड़, दीनदयाल रसोई के लिए 10 करोड़, बड़े पुलों के निर्माण के लिए 400 करोड़, ग्रामीण सड़क और जिला मार्गों के लिए 400 करोड़ दिए जाएंगे।   यहां देखें पूरी लिस्ट- विभाग/योजना आवंटित राशि (करोड़ में) केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना 900 पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना 600 लाडली बहना योजना (महिला एवं बाल विकास) 456 ऊर्जा विभाग 8,763 लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग 3,515 प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना 1,600 संबल योजना 200 लाडली लक्ष्मी योजना (छात्रवृत्ति और आर्थिक सहायता) 85 निकायों का ऋण और ब्याज चुकाने 204 दीनदयाल रसोई योजना 10 बड़े पुलों का निर्माण 400 ग्रामीण सड़क और जिला मार्ग 400 मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना 50 सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों को प्रोत्साहन 400 सहकारी बैंकों के माध्यम से किसानों को ब्याजरहित ऋण 50 स्वास्थ्य सेवाएं 290 सिंचाई परियोजनाएं 1,515 नर्मदा घाटी विकास 2,090 सड़क, पुल और अन्य निर्माण कार्य 1,050 ग्रामीण विकास 1,161 उच्च शिक्षा विभाग 144 SC/ST और OBC छात्रवृत्ति (11वीं-12वीं और कॉलेज) 360 जनजातीय कार्य विभाग (छात्रवृत्ति) 130 OBC और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग (छात्रवृत्ति) 180 SC/ST विद्यार्थियों को आवास सहायता 130 विशिष्ट व्यक्तियों के आगमन पर निर्माण कार्य 50 मुख्यमंत्री निवास परिसर में एनेक्सी निर्माण 47 भोपाल में सरकारी भवनों के रख-रखाव 55 सतपुड़ा और विंध्याचल भवन के रख-रखाव 3 पर्यटन अधोसंरचना विकास 131 कुल 22,460 recent visitors 145

22 फरवरी को PM MITRA पार्क की आधारशिला रखेंगे प्रधानमंत्री मोदी, टेक्सटाइल उद्योग को बढ़ावा देना है लक्ष्य

भोपाल फरवरी में भोपाल में होने वाली मोहन यादव सरकार की पहली ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट की तैयारी जारी है, दूसरी ओर पीएम मित्रा पार्क को लेकर भी हलचल बढ़ गई है। उद्योग विभाग ने पीएम के हाथों भूमिपूजन के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। केंद्र और राज्य सरकार के इस संयुक्त प्रोजेक्ट के विकास को लेकर मास्टर प्लानर की भूमिका एमपीआईडीसी (मप्र इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन) को मिलना तय है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के पास इसका प्रस्ताव पहुंच गया है। इसी के साथ विभाग ने इस प्रोजेक्ट के इंटरनल डेवलपमेंट के लिए भी तैयारी कर ली है। यहां 400 करोड़ से ज्यादा की लागत में इंटरनल डेवलपमेंट होगा। सूत्रों की मानें तो दिसंबर अंत या जनवरी में पीएम नरेंद्र मोदी इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट का भूमिपूजन करेंगे। भूमिपूजन के दिन ही 50 से 60 प्रतिशत इंडस्ट्री को जमीन का आवंटन भी कर दिया जाएगा, ताकि वे भी समय से अपने प्रोजेक्ट शुरू कर सकें। एमपीआईडीसी के कार्यकारी संचालक राजेश राठौर का कहना है कि पीएम मित्रा पार्क का बाहरी डेवलपमेंट जारी है। केंद्र की हरी झंडी मिलते ही इंटरनल डेवलपमेंट भी शुरू हो जाएगा। यहां जितनी भी बाधाएं थीं, वे पहले ही खत्म कर ली गई हैं। दरअसल, पीएम मित्रा पार्क में बाहरी विकास राज्य सरकार के जिम्मे है। इसमें एप्रोच रोड से लेकर पानी और बिजली की उपलब्धता राज्य सरकार को सुनिश्चित करना है। प्रोजेक्ट में कच्चे माल की प्रोसेसिंग से कपड़ा बनने तक की इंडस्ट्रियां होंगी।     1563 एकड़ का यह प्रोजेक्ट भैंसोला में विकसित हो रहा     500 करोड़ रुपए की फंडिंग दो चरणों में केंद्र सरकार करेगा     100 करोड़ से अधिक के निवेश वाली इकाइयों को टर्न ओवर का तीन प्रतिशत 3 वर्षों तक दिया जाएगा इंदौर के बाद दूसरा आईटी पार्क उज्जैन में बनेगा, 21 को सीएम करेंगे भूमिपूजन इंदौर में तीन तैयार हो चुके और दो निर्माणाधीन आईटी पार्क के बाद अब उज्जैन में नया आईटी पार्क बनने जा रहा है। यहां बिल्डिंग में एक लाख वर्ग फीट का स्पेस मिलेगा। 46 करोड़ की लागत से यह काम होगा। 21 दिसंबर को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इसका भूमिपूजन करेंगे। दरअसल, उज्जैन में हुई रीजनल इन्वेस्टर्स कॉन्क्लेव में इसकी डिमांड सामने आई थी। 15 हजार करोड़ का निवेश प्रस्तावित : देश के 7 सात राज्यों में बनने वाले पीएम मित्रा मेगा टेक्सटाइल पार्क प्रोजेक्ट के तहत इंदौर संभाग के धार जिले के भैंसोला में बन रहा है। अभी यहां बेसिक इन्फ्रास्ट्रक्चर के काम चल रहे हैं। एमपीआईडीसी को यहां की 881.25 हेक्टेयर क्षेत्र की प्लानिंग करना होगी। इसका डेवलपमेंट भी करवाना होगा। यहां 15 हजार करोड़ का निवेश प्रस्तावित है। अब तक 9 हजार 462 करोड़ रुपए से अधिक के निवेश पर बात हो चुकी है। इस प्रोजेक्ट से 50 हजार लोगों को प्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा।   recent visitors 34

मुख्यमंत्री इंदौर में हुए एनआरआई समिट से वर्चुअली जुड़े

इंदौर मॉडल को पूरे प्रदेश में पहुंचाने का प्रयास: मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री मोदी ने 2 नदी जोड़ो परियोजनाओं को दी है मंजूरी, मध्यप्रदेश दोनों में शामिल मुख्यमंत्री इंदौर में हुए एनआरआई समिट से वर्चुअली जुड़े भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि व्यापार, वाणिज्य, उद्योग क्षेत्र के साथ ही अन्य क्षेत्रों में इंदौर की महत्वपूर्ण भूमिका है। सूचना प्रौद्योगिकी से लेकर निवेश के विभिन्न क्षेत्रों में इंदौर में आने वाले कल की आहट सुनकर विकास पथ पर कदम बढ़ाए हैं। इसलिए इंदौर मध्यप्रदेश का सिरमौर है। इंदौर एक ग्लोबल सिटी है। चाहे यहां खान-पान की बात हो, कला जगत की बात हो, परम्पराओं को सहेजने की बात हो या फिर स्वच्छता में सबसे आगे रहने की। इंदौर एक मॉडल है। इंडस्ट्री कॉन्क्लेव और समिट के इंदौर मॉडल को पूरे प्रदेश में पहुंचाया गया है। प्रदेश के विभिन्न संभागों में इंडस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित कर मध्यप्रदेश के तीव्र विकास को गति देने की पहल हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार को समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) से वर्चुअली जुड़कर इंदौर में एनआरआई फोरम द्वारा आयोजित कार्यक्रम को संबोधित किया। इस समिट में 29 देशों के 128 प्रतिनिधि शामिल हुए। प्रधानमंत्री मोदी ने बनाया रिकार्ड मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नदी जोड़ो परियोजनाओं का पहला प्रयोग कर एक रिकार्ड बनाया है। मध्यप्रदेश दोनों परियोजनाओं में शामिल है। केन-बेतवा परियोजना और पार्वती-कालीसिंध-चंबल परियोजना से मध्यप्रदेश के बड़े इलाके में पेयजल और सिंचाई के लिए बेहतर व्यवस्थाएं होंगी। समृद्धि के नए मार्ग खुलेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज जयपुर में पार्वती-काली सिंध-चंबल परियोजना संबंधित त्रिपक्षीय अनुबंध हुआ है। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा परियोजना के लिए 70 हजार करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की गई है। इसी तरह केन-बेतवा परियोजना पर लगभग एक लाख करोड़ रुपए व्यय होंगे, जिसकी स्वीकृति केन्द्र सरकार द्वारा दी गई। एशिया से लुप्त हो चुके चीतों की प्रजाति का संरक्षण करते हुए उन्हें मध्यप्रदेश में बसाया गया। अब तो भोपाल देश की एकमात्र ऐसी राजधानी है जिसमें शहर से चंद दूरी पर टाइगर घूमते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों से भारत का 700 टन से अधिक सोना जो ब्रिटेन में था उसमें से 500 टन से अधिक वापस स्वदेश आ चुका है। प्रधानमंत्री मोदी गुटनिरपेक्षता की नीति का पालन करते हुए वैश्वविक स्तर पर भारत की साख बढ़ाने में सफल हुए हैं। उन्होंने भारत को एक बड़ी अर्थ व्यवस्था बनाने का कार्य किया है। भारत की ग्रोथ अनेक क्षेत्रों में सर्वाधिक है। इंदौर की पहचान भारत ही नहीं विश्व तक मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंदौर की अलग पहचान है। हाल ही में यूके और जर्मनी के दौरे में उन्हें अनेक अप्रवासी भारतीय मिले जिन्होंने इंदौर के छप्पन्न दुकान इलाके से लेकर अन्य विशेषताओं की चर्चा की। देश और विदेश की श्रेष्ठ बातों को इंदौर अंगीकार करता है। भविष्य की दृष्टि से इंदौर में अनेक संभावनाएं मौजूद हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एनआरआई समिट के प्रतिभागियों को बधाई और शुभकामनाएँ दीं। एनआरआई फोरम के प्रतिनिधियों से चर्चा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एनआरआई फोरम के पदाधिकारियों से चर्चा की और फोरम की गतिविधियों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने जापान के रोहन अग्रवाल,न्यूजीलैंड की सुस्नेहा लड्ढा, यूएस की सुचांदनी के अलावा सिंगापुर और अन्य देशों के एनआरआई से भी संवाद किया। एनआरआई फोरम की ओर से इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने बताया कि फोरम से 45 देशों के करीब 1800 से प्रतिनिधि जुड़े हैं। इस तरह की समिट का यह तीसरा वर्ष है। फोरम द्वारा इंदौर में एक बड़ी लाइब्रेरी प्रारंभ करने का विचार है। एनआरआई के सहयोग से इंदौर के यातायात में आवश्यक सुधार का प्रस्ताव भी मिला है। अन्य क्षेत्रों में भी एनआरआई बंधु सहयोग के लिए तत्पर हैं। अनेक जनप्रतिनिधि समिट में हुए शामिल इंदौर में हुई एनआरआई समिट में पूर्व लोकसभा अध्यक्ष श्रीमती सुमित्रा महाजन, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, मधु वर्मा एवं अन्य अनेक जनप्रतिनिधि शामिल हुए।   recent visitors 52

राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने किया 7 दिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय वन मेले का शुभारंभ

मध्यप्रदेश वन संपदा की दृष्टि से समृद्ध राज्य : राज्यपाल पटेल मध्यप्रदेश के वन, वनोपज और वन्य-प्राणी प्रदेश की पहचान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने किया 7 दिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय वन मेले का शुभारंभ लाल परेड ग्राउंड में 23 दिसंबर तक होगा मेले का आयोजन भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि मध्यप्रदेश वन संपदा की दृष्टि से समृद्ध राज्य है। यहां पर औषधीय जड़ी-बूटियों का समृद्ध भंडार है। कोविड महामारी ने विश्व को आयुर्वेद के महत्व से पुन: परिचित कराया है। उन्होंने महामारी के दौरान मरीजों के ईलाज के लिए आयुर्वेदिक काढ़ा वितरण कार्य के लिए प्रदेश सरकार की सराहना की। राज्यपाल पटेल ने कहा कि वन मेले का आयोजन, वन संसाधनों की महत्ता, उनके संरक्षण और संवर्धन की जागरूकता प्रसार की दिशा में सुखद संकेत है। राज्यपाल पटेल 10वें अंतर्राष्ट्रीय वन मेले के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। राज्यपाल पटेल ने शुभारंभ अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ हितग्राहियों को लघु वनोपज संघ अंतर्गत प्रोत्साहन पारिश्रमिक राशि का वितरण किया। वन एवं राज्य लघु वनोपज (व्यापार एवं विकास) सहकारी संघ द्वारा 10वां अंतर्राष्ट्रीय वन मेले का लाल परेड ग्राउंड भोपाल में 17 से 23 दिसंबर तक आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने की। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आधुनिक चिकित्सा विज्ञान का अपना महत्व है, लेकिन वनों से प्राप्त औषधियों की विशेष उपयोगिता है। कोरोना के कठिन समय में आयुर्वेद ने लोगों के जीवन बचाने में मदद की। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारतीय चिकित्सा पद्धतियों को बढ़ावा दिया है। अब चिकित्सा जगत में फिर से आयुष का महत्व बढ़ा है। वन मेले जैसे आयोजन इस नाते बहुत महत्व रखते हैं। वास्तव में यह अंतर्राष्ट्रीय वन मेला अनोखा है। इस मेले की शुरूआत 2001 से हुई और धीरे-धीरे यह प्रदेश से आगे बढ़कर देश तक और फिर वैश्विक हो गया। मेले ने अपनी अलग पहचान बनाई है। आम तौर पर वन और वन-सम्पदा से मेलों का इतना विस्तार होना हम सब के लिए गौरव की बात है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में 10वें अंतर्राष्ट्रीय वन मेले को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे प्रदेश की वन सम्पदा विशिष्ट है। हम तो सौभाग्यशाली हैं कि हमारे यहां वन सम्पदा, वनों का आंतरिक वातावरण भी विशेष है और प्रदेश के वनों की अलग पहचान है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वन्य प्राणी हमारे जंगल के आभूषण होते हैं, जिनके कारण जंगल की शोभा होती है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश चीतों को पुनर्स्थापित करने में सफलता प्राप्त हुई है। वन्य जीव परम्परा में सभी प्रकार के टाइगर, तेंदुआ, चीता का महत्व है। टाइगर में हम देश में नम्बर वन पर है। वास्तव में पुनर्स्थापना में मध्यप्रदेश की भूमि का चयन होना हमारे लिये गर्व की बात है। जो चीते सम्पर्णू एशिया से ही गायब हो गए थे। इसके लिए वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी भी बधाई के पात्र हैं। वन विभाग ने यह अनोखा प्रयोग किया है। इस प्रयोग के अच्छे परिणाम उनके लिये आ रहे हैं। धीरे-धीरे हमारे यहाँ नए-नए मेहमान आ रहे हैं। ऐसा लग रहा है वे कि मध्यप्रदेश का वातावरण अनुकूल हो गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के वनवासी भी वनों की रक्षा में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश और राजस्थान के बीच सिंचाई, उद्योग क्षेत्र और पेयजल की दृष्टि से महत्वपूर्ण पार्वती-काली सिंध-चम्बल परियोजना के लिए आज जयपुर में त्रिपक्षीय अनुबंध का अवसर दिया। केंद्र सरकार द्वारा परियोजना के लिए 90 प्रतिशत राशि प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 11 दिसम्बर से प्रारंभ हुए जनकल्याण पर्व की गतिविधियां 26 दिसम्बर तक चलेंगी। प्रतिदिन प्रदेशवासियों को एक नई सौगात दी जा रही है। हाल ही में राजधानी के निकट लोकार्पित अभ्यारण का नाम पुरातत्वशास्त्री डॉ. विष्णु श्रीधर वाकणकर के नाम पर किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नागरिकों से आहवान किया कि वे वन मेले में प्रदर्शित औषधियों को खरीदें और लाभ प्राप्त करें। उन्होंने वन विभाग को श्रेष्ठ आयोजन के लिए बधाई दी। प्रारंभ में राज्यपाल पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रायसेन, विदिशा, सिवनी और अन्य जिलों से आए 9 तेंदूपत्ता संग्राहकों को वर्ष 2023 के तेंदूपत्ता संग्रहण कार्य की बोनस राशि के चेक प्रदान किए। वन्य राज्य मंत्री दिलीप अहिरवार ने कहा कि यह मेला दिव्यता और भव्यता का प्रतीक है। राज्य सरकार ने तेंदूपत्ता संग्राहकों का मानदेय तीन हजार रुपए से बढ़ाकर 4 हजार रुपए प्रति मानक बोरा किया है। विभाग में अनुकंपा नियुक्ति, दुर्घटना पर राहत राशि के महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। कार्यक्रम में विधायक भगवान दास सबनानी, अपर मुख्य सचिव वन अशोक बर्णवाल और प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख असीम श्रीवास्तव भी उपस्थित थे। प्रारंभ में लघुवनोपज संघ के एमडी विभाष ठाकुर ने स्वागत भाषण दिया। अतिथियों को बांस की टोकरी एवं अन्य वन्य उत्पाद, स्मृति चिन्ह के रूप में दिए गए। राज्यपाल पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वन मेले में विभिन्न स्टाल्स का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनजातीय समाज के पारम्परिक वाद्य यंत्रों को बजाते हुए जनजातीय लोक कलाओं से जुड़े कलाकार दल से भेंट एवं चर्चा की।   recent visitors 33