मुख्यमंत्री यादव आज गोल जोड़, कोलार रोड भोपाल में प्रदेश के 8वें टाइगर रिजर्व रातापानी टाइगर रिजर्व का लोकार्पण करेंगे

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में 13 दिसम्बर को गोल जोड़, कोलार रोड भोपाल में प्रदेश के 8वें टाइगर रिजर्व रातापानी टाइगर रिजर्व का लोकार्पण करेंगे। इसमें विशिष्ट अतिथि राज्य वन पर्यावरण मंत्री दिलीप अहिरवार होंगे। लोकार्पण अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव और अभिनेता, लेखक, निदेशक रणदीप हूड्डा रातापानी टाइगर रिजर्व की जागरूकता के लिये "विरासत से विकास की अनूठी दौड़" बाईक रैली को हरी झण्डी दिखाकर रवाना करेंगे। यह रैली गोल जोड़ चौराहे से एकांत पार्क तक निकाली जाएगी। रातापानी टाईगर रिजर्व का लोकार्पण 13 दिसम्बर 2024 को सुबह 10:30 बजे होगा। कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव वन अशोक बर्णवाल, मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख असीम श्रीवास्तव, वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी और आमजन भी उपस्थित रहेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की पहल और मार्गदर्शन पर 2 दिसम्बर, 2024 को रातापानी को प्रदेश का 8वाँ टाइगर रिजर्व घोषित कर दिया गया है। राज्य शासन द्वारा इसकी अधिसूचना जारी कर दी गयी है। रातापानी टाइगर रिजर्व के कोर एरिया का रकबा 763.812 वर्ग किलोमीटर तथा बफर एरिया का रकबा 507.653 वर्ग किलोमीटर है। इस प्रकार टाइगर रिजर्व का कुल रकबा 1271.465 वर्ग किलोमीटर होगा। रातापानी टाइगर रिजर्व के कोर क्षेत्र की सीमा के अंदर स्थित राजस्व ग्राम झिरी बहेड़ा, जावरा मलखार, देलावाड़ी, सुरई ढाबा, पांझिर, कैरी चौका, दांतखो, साजौली एवं जैतपुर का रकबा 26.947 वर्ग किलोमीटर राजस्व भूमि इन्क्लेव के रूप में बफर क्षेत्र में शामिल है। टाइगर रिजर्व में भौगोलिक रूप से स्थित, उक्त 9 ग्राम अभयारण्य की अधिसूचना में कोर क्षेत्र में शामिल नहीं हैं। रातापानी टाइगर रिजर्व बनने से टाइगर रिजर्व का सम्पूर्ण कोर क्षेत्र रातापानी टाइगर अभयारण्य की सीमा के भीतर है। इससे ग्रामीणों के वर्तमान अधिकार में कोई परिवर्तन नहीं होगा। इससे स्थानीय ग्रामीणों को पर्यटन से नये रोजगार सृजित होंगे, जिससे आर्थिक लाभ होगा। टाइगर रिजर्व गठित होने से भारत सरकार के राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण से बजट प्राप्त होने से वन्य-प्राणियों का और बेहतर ढंग से प्रबंधन किया जा सकेगा। इसके साथ ही स्थानीय ग्रामीणों को पर्यटन बढ़ने से लाभ प्राप्त होगा। टाइगर रिजर्व बनने से रातापानी को अंतर्राष्ट्रीय पहचान मिलेगी तथा भोपाल की पहचान “टाइगर राजधानी’’ के रूप में होगी।   recent visitors 183

विरासत के साथ विकसित मध्यप्रदेश निर्माण के संकल्प का एक वर्ष

डॉ. मोहन यादव भोपाल देश का ह्दय प्रांत मध्यप्रदेश गौरवशाली इतिहास और विश्वविख्यात सांस्कृतिक परंपराओं के लिये प्रसिद्ध है। सृष्टि के आरंभ से लेकर अब तक मानव सभ्यता के कई चिन्ह मध्यप्रदेश की धरती पर हैं। यहां पर्याप्त भू-संपदा, वन-संपदा, जल-संपदा, और खनिज-संपदा है। हम विगत एक वर्ष में विकसित मध्यप्रदेश निर्माण के साथ प्रदेश की विरासत को सहेजने के संकल्प को लेकर आगे बढ़े हैं। यह हमारा सौभाग्य है कि डबल इंजन की सरकार का लाभ मध्यप्रदेश और प्रदेशवासियों को मिल रहा है। इस विशेष संयोग में प्रदेश ने नवाचारों के साथ विकास के कई कीर्तिमान स्थापित किये हैं। इन दिनों प्रदेश में जनकल्याण पर्व मनाया जा रहा है। यह प्रदेश की समृद्धि का उत्सव है। इसमें भविष्य की कई संभावनाएं आकार लेंगी। शासन-प्रशासन और प्रदेशवासी सभी मिलकर विकास की गंगा बहाएंगे। आपकी सरकार, आपके द्वार होगी और जनता के हित जनता तक पहुंचेंगे। इसमें नई सौगातें भी शामिल होंगी। मुझे यह बताते हुए प्रसन्नता है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के नदी जोड़ो के स्वप्न को मध्यप्रदेश में धरातल पर उतारा जा रहा है। 17 दिसंबर को पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना तथा 25 दिसंबर को केन-बेतवा लिंक परियोजना का शिलान्यास प्रधानमंत्री मोदी द्वारा किया जायेगा। यह आनंद का विषय है कि मध्यप्रदेश देश में पहला ऐसा राज्य है जहां 2 नदी जोड़ो परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है। इससे जलस्रोत परस्पर जुड़ेंगे तो धरती का जल स्तर सुधरेगा, हमारे गांव और क्षेत्रों को पानी सुलभ होगा तथा अन्नदाता को सिंचाई के लिये पर्याप्त पानी मिलेगा। प्रदेश में जिस तरह कृषि, उद्योग, पर्यटन और आध्यात्मिक पर्यटन के लिये संभावनाएं विकसित हो रही हैं। इसमें औद्योगिक क्रांति, हरित क्रांति और पर्यटन क्रांति की त्रिवेणी से गरीबी पूर्णतः समाप्त हो जायेगी। पिछले दिनों रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित करके मध्यप्रदेश के गांव-गांव को औद्योगीकरण और आधुनिक उत्पाद से जोड़ने का प्रयत्न किया गया है। भविष्य में जिला स्तर पर भी इंडस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित होंगी। हैदराबाद, कोयंबटूर तथा मुंबई में रोड-शो और यूके-जर्मनी के उद्योगपतियों को निवेश के लिये प्रदेश में आमंत्रित करना उद्योग विस्तार का उपक्रम है। क्षेत्रीयता से लेकर ग्लोबल स्तर तक उद्योग के लिये किया गया यह पहला नवाचार है। प्रधानमंत्री जी ने विकसित भारत निर्माण के लिये ज्ञान (GYAN) गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी के सम्मान की बात कही है। हमने इन्हीं 4 आधार स्तंभों पर केंद्रित समग्र विकास का रोडमैप तैयार किया है। प्रदेश सरकार गरीब कल्याण, युवा शक्ति, किसान-कल्याण और नारी शक्ति मिशन लागू करने जा रही है। हमारा लक्ष्य है अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति का कल्याण हो, उन्हें बेहतर भविष्य निर्माण का अवसर मिले। प्रदेश में हर गरीब की पढ़ाई, लिखाई, दवाई, नौकरी और रहने-खाने से लेकर जीवन की हर जरूरत को सरकार पूरा कर रही है। अब गरीब-कल्याण मिशन में होने वाली गतिविधियों और कार्यों से हर गरीब के जीवन-स्तर में सुधार आयेगा, उनकी समृद्धि से प्रदेश के विकास को गति मिलेगी। यह गरीबों के प्रति हमारी संवेदनशीलता ही है कि हुकुमचंद मिल के 30 साल पुराने विवाद से लेकर श्रमिकों की मिल से जुड़ी हर समस्या का हल निकाला और उन्हें उनका अधिकार दिलाया है, वहीं गंभीर बीमारी के गरीब मरीजों के लिये एयर एंबुलेंस सेवा भी शुरू की है। राष्ट्र को समृद्ध बनाने की शक्ति युवाओं में है। आवश्यक है कि युवा कर्मशील हो, विचारशील हो और अपनी परंपराओं से जुड़ा हुआ हो। इसी अनुरूप युवाओं को शिक्षण और प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में तैयार राष्ट्रीय शिक्षा नीति सबसे पहले मध्यप्रदेश में लागू हुई। यहां स्किल्ड युवा तैयार हो रहे हैं। प्रदेश के सभी जिलों में पीएम कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस से उत्कृष्ट शिक्षा मिलेगी, भारतीय ज्ञान परंपरा और युगानुकूल शिक्षा के समावेश से युवाओं को अपनी समृद्ध विरासत का ज्ञान होगा और बेहतर भविष्य निर्माण के द्वार खुलेंगे। हर विकासखंड में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के निर्माण से गांव-गांव से खेल प्रतिभाएं उभरकर आएंगी। युवा शक्ति मिशन में प्रदेश के युवाओं की शिक्षा, आधुनिक तकनीकी में योग्यता और कौशल निर्माण के साथ सर्वांगीण विकास की लक्ष्य प्राप्ति शामिल है। प्रदेश में स्किल्ड युवा अपना स्व-रोज़गार स्थापित कर रहे हैं। वहीं शासकीय सेवाओं में लगभग ढाई लाख युवाओं की भर्ती का अभियान भी शुरू हो गया है। मध्यप्रदेश कृषि प्रधान प्रांत है। किसान कल्याण मिशन में कृषि की उपज बढ़ाने की दिशा में ठोस प्रयास किये जायेंगे। अगले 5 वर्ष में सिंचाई का रकबा 50 लाख हेक्टेयर से 1 करोड़ हेक्टेयर किया जायेगा। अन्नदाता को शून्य प्रतिशत ब्याज पर ऋण देने के साथ खाद, बीज से लेकर उपज की बिक्री तक की व्यवस्था की गई है। किसानों के खेत में सोलर पंप लगाए जाएंगे, जिससे वे अपने उपयोग के लिये अपनी बिजली स्वयं बनायेंगे। हम प्रयासरत हैं कि जल की एक-एक बूंद का लाभ किसानों को मिले। हम चाहते हैं कि किसान चिंता मुक्त होकर खेती करें और खुशहाल जीवन जियें। हर किसान को गौ-पालक और हर घर को गौ-रक्षक बनाने का प्रयास है। मध्यप्रदेश न केवल कृषि उत्पादन में देश में शीर्ष पर हो, बल्कि दुग्ध उत्पादन और दुग्ध निर्यातक प्रदेश बने इसीलिये मध्यप्रदेश में गौ-वंश पालन के लिये अनुदान दिया जा रहा है। परिवार, समाज, राष्ट्र और सृष्टि निर्माण के केन्द्र में है नारी भारतीय दर्शन में नारी के महत्व का उल्लेख है। महिला कल्याण के लिये नारी शक्ति मिशन में महिलाओं का आर्थिक, सामाजिक, शैक्षणिक और राजनीतिक सशक्तिकरण किया जायेगा। मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है जहां शासकीय सेवाओं में महिलाओं का आरक्षण 33 प्रतिशत से बढ़ाकर 35 प्रतिशत किया गया है। बहनों के मान-सम्मान और स्वाभिमान के लिये लाड़ली बहना योजना से महिलाओं को और सेनिटेशन एवं हाइजीन योजना से प्रदेश की लाखों बालिकाओं को आर्थिक संबल दिया है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में पिछले एक दशक से सांस्कृतिक पुनरुत्थान का कार्य हो रहा है। प्रदेश में समृद्ध और गौरवशाली विरासत को सहेजने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। श्रीराम वन गमन पथ, श्रीराम के कर्तव्य पालन और राष्ट्र निर्माण का समर्पण संपूर्ण भारत को एक सूत्र में बांधने का आधार देगा। श्रीकृष्ण पाथेय में उन सभी स्थानों को तीर्थ के रूप में विकसित किया जा रहा है जहां श्रीकृष्ण के स्मृति चिन्ह हैं। उन … Read more

मध्य प्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र 16 से 20 दिसंबर तक, वित्त मंत्री देवड़ा सत्र के दूसरे दिन अनुपूरक बजट पेश करेंगे

भोपाल मध्य प्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र 16 से 20 दिसंबर तक चलने वाला है. इसी सत्र के दौरान अनुपूरक बजट भी पेश किया जाएगा. मोहन कैबिनेट ने भी बजट को मंजूरी दे दी है. जिसके बाद वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा सत्र के दूसरे दिन ही मध्य प्रदेश का अनुपूरक बजट पेश करेंगे. इसके अलावा भी इस सत्र में मोहन सरकार से चार से पांच अहम प्रस्ताव भी ला सकती है, जिनकी सदन से मंजूरी मिल सकती है. बता दें कि इस बार विधानसभा के सत्र के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन मिलाकर 1700 से भी ज्यादा प्रश्न लगे हुए हैं. 17 दिसंबर को पेश होगा सप्लीमेंट्री बजट मोहन कैबिनेट ने हाल ही में हुई बैठक में सप्लीमेंट्री बजट को मंजूरी दे दी थी, जिसके बाद वित्तमंत्री और राज्य के उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा अनुपूरक बजट पेश करेंगे. इस बार का सप्लीमेंट्री बजट 15 हजार करोड रुपए से ज्यादा होगा. 3 महीने के लिए योजनाओं को गति देने के लिए सरकार शीतकालीन सत्र में बजट पेश करेगी, जबकि साल 2025-26 में पूर्ण बजट पेश करने के लिए वित्त विभाग ने 15 जनवरी तक सभी विभागों से सुझाव मांगे हैं. पांच दिन का इस बार सत्र मध्य प्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र इस बार पांच दिन तक चलेगा. जिसमें कई अहम मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है. वहीं कांग्रेस सत्र की अवधि बढ़ाए जाने की मांग कर रही है. इसके अलावा सदन में कई मुद्दों पर कांग्रेस और बीजेपी में तीखी बहस देखने को मिल सकती है. माना जा रहा है कि विधानसभा सत्र के दौरान सरकार तकरीबन 11 विधेयक लेकर आ सकती है, जिन पर चर्चा होगी. तीन नए विधायक लेंगे शपथ वहीं विधानसभा के शीतकालीन सत्र में तीन नए विधायक भी शपथ लेंगे, जिसमें अमरवाड़ा उपचुनाव में चुने गए बीजेपी के कमलेश शाह, बुधनी उपचुनाव में चुने गए बीजेपी के रमाकांत भार्गव और विजयपुर उपचुनाव में चुने गए कांग्रेस के मुकेश मल्होत्रा को विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर शपथ दिलाएंगे.  recent visitors 47

प्रदेश के शासकीय विभागों के लिए तकनीकी प्रगति का ऐसा सिस्टम विकसित किया है, जो पूरे देश के लिए एक मिसाल बन गया है

 सोनिया परिहार भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में, आईटी और डिजिटल नवाचार के क्षेत्र में मध्यप्रदेश हर दिन नए आयाम स्थापित कर रहा है। आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करते हुए, प्रदेश ने अपने शासकीय विभागों और नागरिकों के लिए तकनीकी प्रगति और डिजिटल सुविधाओं का ऐसा सिस्टम विकसित किया है, जो पूरे देश के लिए एक मिसाल बन गया है। राज्य डिजिटल भारत के सपने को साकार करते हुये डिजिटल क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की ओर अग्रसर है। इसमें मध्यप्रदेश राज्य इलेक्ट्रोनिक विकास निगम (एमपीएसईडीसी) और मध्यप्रदेश विज्ञान और प्रौद्योगिकी परिषद (एमपीसीएसटी) अपनी महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं। म.प्र. में विकसित सॉफ्टवेयर ने देश में बनाई पहचान मध्यप्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम (एमपीएसईडीसी) की अगुवाई में प्रदेश ने डिजिटल प्रौद्योगिकी में कई उल्लेखनीय कदम उठाए हैं। संपदा 2.0 और साइबर तहसील जैसे प्लेटफॉर्म नागरिक सेवाओं को सरल बना रहे हैं और राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश की पहचान को भी मजबूत कर रहे हैं। संपदा 2.0 ने संपत्ति पंजीकरण की प्रक्रिया को डिजिटल बनाकर ई-पंजीकरण, ई-स्टाम्प, स्टाम्प शुल्क की गणना और दस्तावेज़ खोज जैसे कार्यों को घर बैठे संभव बनाया गया है। साइबर तहसील ने राजस्व न्यायालयों की प्रक्रियाओं को पारदर्शी और सुव्यवस्थित करते हुए भ्रष्टाचार को कम करने और जनता को त्वरित सेवाएं प्रदान करने का सफल प्रयास किया गया है। निवेश और स्टार्ट-अप्स को प्रोत्साहन सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी), सूचना प्रौद्योगिकी-सक्षम सेवाएँ (आईटीईएस), इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिज़ाइन और विनिर्माण (ईएसडीएम) और डेटा केंद्रों की परिवर्तनकारी क्षमता को स्वीकार करते हुए, राज्य में दूरदर्शी "आईटी, आईटीईएस और ईएसडीएम निवेश प्रोत्साहन नीति 2023" बनाई गई है। राज्य के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देने के लिए यह नीति डिज़ाइन की गई है। जबलपुर रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस पॉलिसी के दिशा निर्देश लॉन्च किए थे। नीति में निवेशकों को वित्तीय और गैरवित्तीय सहायता प्रदान करने के प्रावधान किए गए है। सभी वित्तीय सहायता, आवश्यक अनुमतियाँ, अनुमोदनों, आवेदनों और किसी भी अन्य संबंधित प्रक्रियाओं के लिए पूर्ण रूप से डिजिटल सिंगल विंडो सिस्टम भी बनाया गया है। राज्य के युवाओं को स्वरोजगार के लिये प्रोत्साहित करने और स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए स्टार्ट-अप नीति-2022 लागू है। राज्य में एवीजीसी नीति-2024 भी लागू की जा रही है, जिससे एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स (एवीजीसी) क्षेत्र में नई संभावनाओं का द्वार खुला है। राज्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और साइबर सुरक्षा आदि को ध्यान में रखते हुए ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) नीति 2024 भी तैयार की गई है। विकसित डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर वर्तमान में प्रदेश में 2 हजार से अधिक आईटी/आईटीईएस एवं ईएसडीएम इकाइयां कार्यरत हैं, जिनमें एमपीएसईडीसी में पंजीकृत 650 इकाइयां हैं, जिन्हें राज्य की नीतियों का लाभ मिला है। इन इकाइयों का टर्न ओवर 10 हजार करोड़ रुपए प्रतिवर्ष से अधिक है। देश की 50 से अधिक बड़ी आईटी एवं आईटीईएस इकाइयां मध्यप्रदेश में स्थापित हैं। प्रदेश से हर वर्ष 500 मिलियन डॉलर का निर्यात आईटी से जुड़ी कंपनियों के माध्यम से होता है। राज्य में 5 आईटी स्पेशल इकोनॉमिक जोन हैं। राज्य सरकार द्वारा 15 आईटी पार्क बनाए गए हैं, जिनसे डेढ़ लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिला है। राज्य में 1200 से अधिक तकनीकी स्टार्ट-अप स्थापित हैं, जिनमें से दो "नीव क्लाउड और शॉप किराना" यूनिकॉर्न कंपनी हैं। आईटी/आईटीएस/ईएसडीएम और डेटा सेंटर क्षेत्र में बढ़ता निवेश राज्य में निवेश को प्रोत्साहन देने के लिए आयोजित रीजनल इंडस्ट्री कॉनक्लेव और इंटरैक्टिव सेशन में आईटी/आईटीएस/ईएसडीएम और डेटा सेंटर क्षेत्र में निवेशकों ने विशेष उत्साह दिखाया। इस क्षेत्र में निवेश से रोजगार से नए अवसर सृजित होंगे। सागर में 1700 करोड़ से अधिक निवेश से डेटा स्थापित किया जा रहा है। बेंगलुरु में आयोजित इंटरएक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट के दौरान, एमपीएसईडीसी ने भारतीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सेमीकंडक्टर संघ,, इलेक्ट्रॉनिक इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ऑफ इंडिया, एसोसिएशन ऑफ जिओस्पेशल इंडस्ट्रीज और टाई ग्लोबल जैसे प्रमुख राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय उद्योग संघों के साथ समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। जबलपुर, नर्मदापुरम, मुंबई, कोयंबटूर, बेंगलुरु में कई बड़ी कंपनियों से करोड़ों के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। यूके-जर्मनी से एसआरएएम-एमआरएएम ग्रुप द्वारा 25000 करोड़ रूपये निवेश से सेमी कंडक्टर और साइंस टेक्नोलॉजी पार्क विकसित करने का प्रस्ताव प्राप्त हुआ। जीआईएस तकनीक का बढ़ता उपयोग राज्य में जियोग्राफिक इन्फॉर्मेशन सिस्टम (जीआईएस) तकनीक का भी व्यापक उपयोग हो रहा है। 5G के लिए योजना, अनुमोदन और जीआईएस आधारित सेवाएं प्रदान करने के लिए "गति-शक्ति संचार पोर्टल" विकसित किया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में पीने के पानी की आपूर्ति के लिए सर्वेक्षण, निगरानी और कार्यान्वयन के लिए "जल रेखा" जैसे पोर्टल कार्य कर रहे है। जीआईएस द्वारा तैयार किये गये लोकपथ मोबाइल ऐप और वेब एप्लिकेशन से पूरे राज्य में सड़कों से संबंधित शिकायतों को दर्ज करने एवं उनके निराकरण को मॉनिटर करने की सुविधा दी जा रही है। शोध और शिक्षा के क्षेत्र में नया अध्याय मध्यप्रदेश विज्ञान और प्रौद्योगिकी परिषद (एमपीसीएसटी) के अंतर्गत राज्य में विज्ञान और अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। उज्जैन तारामंडल में 3डी-4K प्रोजेक्शन सिस्टम का अपग्रेडेशन और वराह मिहिर खगोलीय वेधशाला डोंगला का ऑटोमेशन इस दिशा में उल्लेखनीय उपलब्धियां हैं। प्रशासनिक डिजिटलीकरण और पारदर्शिता सरकार ने ई-एचआरएमएस पोर्टल और अन्य डिजिटल मंचों के जरिए मानव संसाधन और सरकारी प्रक्रियाओं को डिजिटाइज्ड किया है। मुख्यमंत्री प्रगति पोर्टल ने विभिन्न योजनाओं और निर्माण कार्यों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग को सुगम बनाया है। आईटी क्षेत्र में विगत एक वर्ष में प्राप्त उपलब्धियों ने डिजिटल प्रौद्योगिकी से प्रशासनिक दक्षता बढ़ाई है और नागरिकों के जीवन को भी सरल और सुविधाजनक बनाया है। इन नवाचारों ने राज्य को आईटी निवेशकों के लिए एक आदर्श स्थान बना दिया है। प्रदेश डिजिटल भारत के सपने को साकार करते हुये वैश्विक आईटी मानचित्र पर अपनी अलग पहचान स्थापित कर रहा है।   recent visitors 56

मुख्यमंत्री मोहन यादव का निवेश पर फोकस- 6 रीजनल इंडस्ट्रियल सम्मिट में करीब 3 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव

भोपाल मध्य प्रदेश की मोहन सरकार को आज  13 दिसंबर को एक साल पूरा हो रहा है. सरकार का फोकस समर्पण, सेवा, सुशासन, संस्कृति, त्योहार पर रहेगा. सीएम यादव घोषणापत्र में किए वादे भी बताएं. जानें सीएम मोहन यादव के 12 बड़े फैसले     निवेश पर फोकस- 6 रीजनल इंडस्ट्रियल सम्मिट में करीब 3 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव     स्वास्थ्य के क्षेत्र में बड़े कदम- एमपी में 30 मेडिकल कॉलेज, जल्द संख्या 50 होगी     संस्कृति और धर्म से जोड़ा- जन्माष्टमी, गीता जयंती , गोवर्धन पूजा जैसे त्यौहार सरकार ने धूमधाम से मनाए     पर्यावरण के लिए- तेज लाउड स्पीकर, खुले में मांस की बिक्री पर रोक     हरे भरे होंगे खेत खलिहान- बुंदेलखंड क्षेत्र की केन-बेतवा वृहद परियोजना और पार्वती- कालीसिंध-चंबल परियोजना मंजूर     महिला सशक्तिकरण- मध्य प्रदेश में सिविल सेवाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत की जगह 35 प्रतिशत पदों पर आरक्षण मिलेगा     युवाओं को रोजगार- प्रदेश में जल्द अलग-अलग विभागों में करीब एक लाख सरकारी पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी, तैयारी पूरी हो चुकी है     दिग्गजों से तालमेल- सीएम बनने के बाद प्रहलाद पटेल, कैलाश विजयवर्गीय जैसे केंद्र की राजनीति करने वाले दिग्गज सरकार में मंत्री बने, मोहन यादव ने तालमेल बैठाया     सियासत में भी 100% रिजल्ट- 2023 में सरकार बनने के बाद सीएम मोहन के सामने सबसे बड़ी चुनौती 2024 का लोकसभा चुनाव था, सभी 29 सीट जीती     उपचुनाव में परचम लहराया- डॉ मोहन यादव के सीएम बनने के बाद 3 उपचुनाव हुए बुधनी और अमरवाड़ा बीजेपी तो विजयपुर कांग्रेस जीती     महाराष्ट्र-हरियाणा में भी जलवा- मोहन यादव ने जिन 5 विधानसभा क्षेत्रों में चुनाव प्रचार किया, उनमें से चार सीटों पर बीजेपी ने जीत दर्ज की     अफसरशाही पर सख्ती- लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिला तत्काल एक्शन- गुना हादसे के बाद कलेक्टर, एसपी बदले, शाजापुर कलेक्टर को विवादित बयान के बाद हटाया recent visitors 51

चहुँमुखी विकास के साथ उपलब्धियों भरा रहा एक वर्ष

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि 'देश का हृदय प्रदेश' अपने वन, जल, अन्न, खनिज, कला, संस्कृति और परंपराओं की समृद्धि के लिए प्रसिद्ध है अपना मध्यप्रदेश। पुण्य सलिला माँ नर्मदा और भगवान श्रीमहाकालेश्वर की पावन छाया अनगिनत बलिदानियों और महापुरुषों की कर्मभूमि एवं तपोभूमि रहा हमारा प्रदेश ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और धार्मिक रूप से समृद्ध है। आज, मध्यप्रदेश अपने सांस्कृतिक वैभव को संरक्षित करते हुए विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के "विकसित भारत" के संकल्प के तहत, प्रदेश GYAN (गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी के सशक्तिकरण) पर आधारित चार मुख्य स्तंभों पर कार्य कर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रदेश में औद्योगिक विकास के लिए नवाचारी पहल करते हुए रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव और रोड शो के माध्यम से हर क्षेत्र के औद्योगिक विकास को बल दिया जा रहा है। राज्य सरकार के प्रतिबद्ध प्रयासों का ही यह सुखद परिणाम है कि नए निवेश प्रस्तावों से मध्यप्रदेश का औद्योगिक परिदृश्य सुदृढ़ होने और नए रोज़गार के अवसर सृजित होने की राहें खुल रही हैं। सांस्कृतिक पुनर्जागरण के क्रम में श्रीराम वन गमन पथ, श्रीकृष्ण पाथेय और विक्रम संवत की पुनर्स्थापना जैसे अनेक प्रयास हमारी ऐतिहासिक धरोहर को नई ऊर्जा दे रहे हैं। यह समय आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक प्रगति का है। मध्यप्रदेश की साढ़े आठ करोड़ जनता के सहयोग और संकल्प से हम आत्मनिर्भर प्रदेश का निर्माण करके विकसित भारत के निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए कृत संकल्पित हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश सरकार के एक वर्ष पूर्ण होने पर गुरूवार को भोपाल में मीडिया प्रतिनिधियों से संवाद करते हुए कहा कि हर्ष का विषय है कि प्रधानमंत्री मोदी आगामी 25 दिसम्बर को छतरपुर में केन-बेतवा लिंक राष्ट्रीय परियोजना का शिलान्यास करने आ रहे हैं। साथ ही फरवरी-2025 में भोपाल में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में भी प्रधानमंत्री मोदी पधारेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया प्रतिनिधियों के साथ प्रदेश में एक वर्ष में हुए विकास और उपलब्धियों को साझा किया। मुख्यमंत्री जनकल्याण अभियान और जनकल्याण पर्व प्रदेश में 11 दिसम्बर से मुख्यमंत्री जनकल्याण अभियान और राज्य सरकार के एक वर्ष पूर्ण होने पर जनकल्याण पर्व शुरू किया गया है। मुख्यमंत्री जनकल्याण अभियान में शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से वंचित नागरिकों को लाभान्वित करने और जन समस्याओं का मौके पर शिविर लगाकर निराकरण किया जायेगा। इसमें केन्द्र और राज्य सरकार की शत-प्रतिशत सैचुरेशन की चिन्हित-34 हितग्राही मूलक योजनाओं में और 11 लक्ष्य आधारित योजनाओं के साथ विभिन्न विभागों से संबंधित 63 सेवाएं शिविर लगाकर आमजन को लाभान्वित किया जाएगा। जन-कल्याण पर्व में विभिन्न विभागों की गतिविधियां, विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन के साथ जन-कल्याण के कार्य प्रमुखता से किये जायेंगे होंगे। इन कार्यक्रमों में आमजन की सहभागिता भी सुनिश्चित की जाएगी। 1. गरीब कल्याण के लिए:-             इंदौर के हुकुमचंद मिल के 4 हजार 800 श्रमिक परिवारों की लंबित राशि 224 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया।             संबल 2.0 के अंतर्गत 1 करोड़ 73 लाख से अधिक श्रमिकों का पंजीयन। 40 हजार से अधिक श्रमिक परिवारों को 895 करोड़ रुपये से अधिक की अनुग्रह राशि का अंतरण।             सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं में प्रतिमाह 55 लाख हितग्राहियों को 3 हजार करोड़ रुपये से अधिक राशि का अंतरण।             प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में 36 लाख से अधिक परिवारों और प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) में 8 लाख से अधिक परिवारों का साकार हुआ घर का सपना।             स्वामित्व योजना में 24 लाख लोगों को भू-अधिकार पत्र वितरित कर मध्यप्रदेश देश में प्रथम बना।             वोकल फॉर लोकल के तहत धनतेरस से देवउठनी ग्यारस तक शिल्पकार और छोटे व्यवसायियों को कर से मुक्त रखा।             पीएम स्वनिधि योजना में 11 लाख से अधिक हितग्राहियों को 10 से 50 हजार रूपये तक के ऋण सहायता उपलब्ध कराई गई। 2. किसान कल्याण के लिए:-             प्रत्येक ग्राम पंचायत में पीएम किसान समृद्धि केंद्र की स्थापना होगी।             रानी दुर्गावती श्रीअन्न प्रोत्साहन योजना में किसानों को 1 हजार रुपये प्रति क्विंटल की दर से अधिकतम 3900 रूपये प्रति हेक्टेयर की अतिरिक्त सहायता दी जाएगी।             किसानों को समर्थन मूल्य पर उपार्जित गेहूं पर प्रति क्विंटल 125 रुपये बोनस का भुगतान।             सोयाबीन का समर्थन मूल्य 4,892 रुपये प्रति क्विंटल की दर से उपार्जन करने का निर्णय लिया।             मुख्यमंत्री किसान कल्याण सम्मान निधि में 6 हजार रूपये प्रति वर्ष का भुगतान सीधे किसानों के खातों में किया जा रहा है।             फसल की बोनी के सही आंकलन के लिये डिजिटल क्राप योजना का क्रियान्वयन किया जा रहा है।             राजस्व महाअभियान के दो चरणों में 80 लाख से अधिक लंबित प्रकरणों का निपटारा किया गया। राजस्व महाअभियान 3.0 शुरू हुआ। 3. युवाओं के लिए:–             प्रदेश के विश्वविद्यालयों के कुलपति अब कुलगुरु कहलाएंगे।             राज्य स्तरीय रोज़गार दिवस के अवसर पर रिकॉर्ड 7 लाख युवाओं को 5 हजार करोड़ रुपये का स्व-रोज़गार ऋण वितरित हुआ।             सभी शासकीय विभागों में लगभग 1 लाख पदों पर भर्तियां की जा रही। आगामी 5 वर्ष में 2.50 लाख सरकारी नौकरियां उपलब्ध कराने का लक्ष्य है।             गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा के उद्देश्य से 55 जिलों में पीएम कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस प्रारंभ।             विश्वविद्यालयों में छात्र-छात्राओं की अंकसूची एवं उपाधियों को डीजी लॉकर में अपलोड करने की व्यवस्था लागू की गई।           4. महिला सशक्तिकरण के लिए:-             शासकीय सेवाओं में महिलाओं को अब 35 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा।             लाड़ली बहना योजना में 1.29 करोड़ बहनों को जनवरी 2024 से अब तक 19 हजार 212 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का अंतरण किया गया। रक्षाबंधन पर बहनों को 250-250 रूपये अतिरिक्त राशि नेग के रूप में दी गई।             प्रदेश की लगभग 26 लाख लाड़ली बहनों को 450 रुपये में गैस सिलेंडर की रीफिलिंग के लिए वर्ष 2024 में 715 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का अंतरण किया गया।             एक लाख से अधिक दीदीयां बनी लखपति बनी हैं।             महिला उद्यमियों के प्रोत्साहन के लिए 850 एमएसएमई इकाइयों को 275 करोड़ रुपये का अंतरण।             सेनिटेशन एवं हाईजीन योजना में 19 लाख से अधिक बालिकाओं को 57 करोड़ 18 लाख रुपये की राशि अंतरित।             आहार अनुदान योजना में विशेष पिछड़ी जनजातीय बहनों के खाते में … Read more

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन में 91.76 करोड़ रूपये की लागत से बनने वाले नए फ्रीगंज आरओबी का किया भूमि-पूजन

फ्रीगंज एवं आस-पास के क्षेत्र को प्रमुख व्यापारिक, सांस्कृतिक केन्द्र के रूप में विकसित किया जाएगा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री जनकल्याण अभियान में “आपकी सरकार, आपके द्वार” से 76 से अधिक योजनाओं व सेवाओं का लाभ मिलेगा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन में 91.76 करोड़ रूपये की लागत से बनने वाले नए फ्रीगंज आरओबी का किया भूमि-पूजन मुख्यमंत्री ने उज्जैन में जनकल्याण शिविर का शुभारंभ किया उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हम प्रदेश के चहुँमुखी विकास के लिए दिन रात कार्यरत है। उज्जैन के लिए होने वाले कार्य, संपूर्ण प्रदेश व देश का मान बढ़ाने वाले काम है। बारह ज्योर्तिलिंग में से सबसे प्रमुख ज्योतिर्लिंग बाबा महाकाल के मंदिर में देश विदेश से आने वाले भक्तों की आने-जाने, रूकने की सुविधा, सिंहस्थ एवं जनता जनार्दन के लिए यह कार्य किए जा रहे हैं। वर्ष-2024 के सावन माह में देश विदेश से एक करोड़ से अधिक संत-महंत-श्रध्दालुओं ने भगवान महाकालेश्वर के दर्शन लाभ लिए। उज्जैन में विकास के कार्य इतनी अधिक संख्या में आने वाले श्रध्दालुओं की सुविधा को दृष्टिगत रखते हुए किया जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ.यादव उज्जैन में फ्रीगंज रेलवे ओवर ब्रिज के भूमि पूजन समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनकल्याण पर्व में सार्वजनिक कार्यक्रम 11 से 26 दिसम्बर तक होंगे। इसके साथ हर दिन नागरिकों को सौगात व हितग्राहियों को सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं से लाभान्वित किया जाएगा। मुख्यमंत्री जनकल्याण अभियान में गीता जयंती से 26 जनवरी 2025 तक विभिन्न कार्यक्रम होंगे। अब नागरिकों को आयुष्मान कार्ड, संपत्ति कर, बिल्डिंग परमिशन, आधार कार्ड एवं इसके साथ 76 से अधिक सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ 'आपकी सरकार आपके द्वार' आकर देगी। पहले 'आपका विधायक-आपके द्वार' से कार्य हमने किया अब 'आपकी सरकार-आपके द्वार' आकर एवं शिविरों के माध्यम से आपकी समस्याओं का समाधान करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 'मुख्यमंत्री जनकल्याण अभियान' गीता जयंती से शुरू हुआ है। गीता भक्ति,ज्ञान एवं योग का मार्ग प्रशस्त करती है। आज भगवान श्रीराम अयोध्या में विराज कर संपूर्ण विश्व के भक्तों को दर्शन दे रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी की सरकार अब रामराज्य की परिकल्पना साकार कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने फ्रीगंज के नए रेलवे ओवरब्रिज के भूमि-पूजन के प्रस्तावित नए रेलवे ओवरब्रिज के ले-आउट का निरीक्षण भी किया। उन्होंने कार्य को शीघ्रता से पूर्ण करने के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश भी दिए। यह ब्रिज चामुंडा चौराहे से फ्रीगंज को जोड़ेगा। फ्रीगंज रेलवे ओवर ब्रिज उज्जैन की आबादी एवं सिंहस्थ -2028 को दृष्टिगत रखते हुए बनाया जा रहा है। इसकी कुल लागत 91.76 करोड़ रुपए होगी। ब्रिज 21.40 मीटर चौड़ा एवं 633 मीटर लंबा होगा। यातायात के लिए 9-9 मीटर चौड़े कैरेज वे होंगे। इसी के साथ 1.5-1.5 मीटर चौड़ा फुटपाथ एवं डिवाइडर 0.4 मीटर का होगा। ब्रिज निर्माण के साथ-साथ फ्रीगंज एवं आस-पास के क्षेत्र को प्रमुख व्यापारिक, सांस्कृतिक केन्द्र के रूप में विकसित किया जाएगा। कार्यक्रम में उज्जैन महापौर मुकेश टटवाल ने स्वागत उद्बोधन दिया। उन्होंने गीता भवन के लिए 128 करोड़ की सौगात देने पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव को धन्यवाद दिया। समारोह में विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव, पूर्व केंद्रीय मंत्री सत्यनारायण जाटिया, संजय अग्रवाल सहित जनप्रतिनिधिगण एवं अधिकारी उपस्थित रहे।   recent visitors 51