मुख्यमंत्री ने मंत्रिमंडल के सदस्यों को प्रदेश की उपलब्धियों से कराया अवगत

सोयाबीन एवं धान उपार्जन पर निगरानी के लिए मंत्री करें अपने-अपने क्षेत्र का दौरा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए अत्यधिक सार्थक रही विदेश यात्रा-मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ने मंत्रिमंडल के सदस्यों को प्रदेश की उपलब्धियों से कराया अवगत भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि औद्योगिक निवेश के संदर्भ में की गई जर्मन एवं इंग्लैंड यात्रा अत्यधिक सार्थक और आशाओं से कहीं आगे साबित हुई। उन्होंने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों में निवेश के लिए लगभग 78 हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। विदेशी निवेश प्राप्त करने के पहले हमने प्रदेश में रीजनल कॉन्क्लेव आयोजित किए। उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर, सागर और रीवा के बाद अगली रीजनल कॉन्क्लेव नर्मदापुरम में 7 दिसम्बर को आयोजित करने जा रहे हैं। नर्मदापुरम् कॉन्क्लेव के पूर्व ही हमें बहुत अच्छा रिस्पांस मिला है। जिससे नर्मदापुरम् रीजन में उद्योगों के लिए 250 हेक्टेयर से बढ़ाकर 750 हेक्टेयर भूमि आरक्षित की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को कैबिनेट बैठक के पहले मंत्रि-परिषद के सदस्यों को विभिन्न क्षेत्रों में किए जाने वाले आयोजनों और उपलब्धियों से अवगत कराया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में सोयाबीन और धान उपार्जन का काम जारी है। प्रदेश में 25 अक्टूबर से 31 दिसम्बर तक समर्थन मूल्य पर सोयाबीन का उपार्जन किया जा रहा है। अब तक 77 हजार से अधिक किसानों से 2 लाख 4 हजार मीट्रिक टन सोयाबीन उपार्जन किया गया है। प्रतिदिन 20 हजार मीट्रिक टन की आवक हो रही है। प्रदेश में 2 दिसम्बर से 1184 उपार्जन केन्द्रों पर धान का उपार्जन समर्थन मूल्य पर प्रारंभ है, जिसमें लगभग 7 लाख 68 हजार किसानों द्वारा पंजीयन कराया गया है। मंत्रीगण अपने क्षेत्र में भ्रमण कर‌किसानों से उपार्जन प्रक्रिया एवं खाद वितरण के बारे में जानकारी प्राप्त करें। गीता जयंती, तानसेन शताब्दी समारोह तथा जन-कल्याण उत्सव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आगामी 8 से 11 दिसम्बर तक उज्जैन और 11 दिसम्बर को भोपाल एवं समस्त जिलों में गीता जयंती का भव्य आयोजन किया जा रहा है। तानसेन शताब्दी समारोह 15 से 19 दिसम्बर तक ग्वालियर में आयोजित किया जायेगा। महिला, किसान, युवा और गरीब कल्याण तथा विकास से जुड़े जन-कल्याण उत्सव प्रदेश में 11 से 26 दिसम्बर तक मनाया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि संबंधित विभागीय मंत्री पृथक-पृथक कमेटी बनाएं। राज्य शासन द्वारा इन वर्गों के लोगों के लिए किए गए कार्यों को आमजन के बीच में लेकर आएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रातापानी अभयारण्य को प्रदेश के 8वें टाइगर रिजर्व के रूप में स्वीकृति मिली है। विश्व में किसी भी राज्य की राजधानी से एकदम सटे एकमात्र टाइगर रिजर्व से न सिर्फ पर्यटन से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे बल्कि राजधानी के पास स्थित टाइगर रिजर्व के जंगलों, बाघों तथा अन्य जंगली पशुओं का प्रभावी संरक्षण हो सकेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री मोदी को प्रदेश की जनता की ओर से धन्यवाद देता हूँ हुए कहा कि मध्यप्रदेश में 4100 मेगावाट के नवीन थर्मल पावर प्लांट के लिए कोयला आवंटन की स्वीकृत प्रदान की है। इससे लगभग 25 हजार करोड़ रूपए के निवेश और प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर इस प्लांट से सृजित होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नदी जोड़ो अभियान चंबल संभाग में पार्वती-कालीसिंध-चंबल और बुंदेलखंड क्षेत्र की केन-बेतवा लिंक परियोजना को केंद्र एवं राज्य सरकारों ने अपनी सहमति प्रदान की है। पार्वती-कालीसिंध-चंबल परियोजना से प्रदेश के 11 जिलों के 2094 गांवों में लगभग 6 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई होगी। केन-बेतवा लिंक परियोजना पर सहमति से बुंदेलखंड अंचल में सिंचाई सहज और सुलभ होगी।   recent visitors 57

प्रधानमंत्री मोदी के लक्ष्य के अनुरूप 2030 तक 50 प्रतिशत ऊर्जा की आपूर्ति नवकरणीय संसाधनों से होगी: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्रदेशवासियों को सस्ती व प्रदूषण मुक्त बिजली उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : मुख्यमंत्री डॉ. यादव सौर तथा पवन ऊर्जा को प्रदेश में हर संभवन प्रोत्साहन प्रदान किया जाएगा: मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री मोदी के लक्ष्य के अनुरूप 2030 तक 50 प्रतिशत ऊर्जा की आपूर्ति नवकरणीय संसाधनों से होगी: मुख्यमंत्री डॉ. यादव शासकीय भवनों पर सोलर रूफटॉप प्राथमिकता से लगाए जाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की नवीन तथा नवकरणीय ऊर्जा विभाग की समीक्षा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेशवासियों को सस्ती और प्रदूषण मुक्त बिजली उपलब्ध कराना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए सौर तथा पवन ऊर्जा सहित नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा के सभी स्रोतों को प्रदेश में हर संभव प्रोत्साहन प्रदान किया जाए। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2030 तक 50 प्रतिशत ऊर्जा खपत की आपूर्ति नवकरणीय ऊर्जा संसाधनों से करने का लक्ष्य रखा है। प्रदेश में राज्य सरकार इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है। इस क्षेत्र में निजी निवेशकों को भी हर संभव सहयोग दिया जाए। प्रधानमंत्री सूर्य घर तथा प्रधानमंत्री कृषक मित्र सूर्य योजना से अधिक-से अधिक लोगों को जोड़ने के लिए नगरीय निकायों, रहवासी संघों तथा कृषकों के साथ मिलकर अभियान चलाया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंत्रालय में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में नवीन एवं नवीनकरणीय मंत्री राकेश शुक्ला, सूक्ष्म,लघु और मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य काश्यप , मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, मनु श्रीवास्तव तथा अन्य अधिकारी उपस्थित थे। किसानों को दिन के समय बिजली उपलब्ध कराने के लिए सौर ऊर्जा को प्रोत्साहित करना जरूरी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य की ऊर्जा का 41 प्रतिशत उपभोग किसानों द्वारा किया जाता है। किसान दिन के समय बिजली का उपभोग कर सकें, इस उद्देश्य से सौर ऊर्जा को प्रोत्साहित करना जरूरी है। उन्होंने सभी शासकीय भवनों पर मिशन मोड में सोलर रूफटॉप स्थापित करने के लिए समय- सीमा निर्धानित करते हुए समन्वित रूप से कार्य योजना लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नगरीय निकाय,स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, स्वास्थ्य विभाग भवनों पर भी सोलर रूफटॉप प्राथमिकता से लगाए जाएं। इससे इन विभागों की इकाइयों को आत्मनिर्भर बनाने में मदद मिलेगी। प्रदेश की नवकरणीय ऊर्जा क्षमता में 14 गुना वृद्धि हुई बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश की नवकरणीय ऊर्जा क्षमता में पिछले बारह वर्षों में 14 गुना वृद्धि हुई है। वर्तमान में सौर ऊर्जा की प्रति उत्पादन दर प्रति यूनिट दो रुपए 50 पैसे लगभग आ रही है, जो कोयला आधारित ऊर्जा से तुलनात्मक रूप से किफायती है। सौर ऊर्जा के संबंध में प्रधानमंत्री मोदी के लक्ष्य को पूरा करने के लिए मुरैना, आगर, धार, अशोकनगर, शिवपुरी, सागर इत्यादि में सौर पार्क स्थापित किया जाना प्रस्तावित है। आगर, शाजापुर और नीमच की नवकरणीय सौर ऊर्जा परियोजनाएं तथा ओंकारेश्वर स्थित विश्व की सबसे बड़ी फ्लोटिंग सौर परियोजना तैयार हो चुकी हैं। मुरैना में हाई ब्रिड वृहद नवकरणीय ऊर्जा परियोजना भी निर्माणाधीन है। इसके प्रथम चरण में सुबह और शाम के पीक समय के दौरान प्रदेश को सुनिश्चित आपूर्ति के लिए 600 मेगावाट सोलर के साथ ही स्टोरेज की सुविधा भी उपलब्ध होगी। यह परियोजना 2027 तक पूर्ण होगी। ऊर्जा भण्डारण के लिए भी जारी है पहल बैठक में कुसुम योजना की प्रगति के संबंध में जानकारी देते हुए बताया गया कि परियोजना के वित्त पोषण के लिए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के साथ एमओयू हस्ताक्षरित किया गया है। साथ ही इंडो-जर्मन सोलर एनर्जी पार्टनरशीप-एनोवेटिव सोलर भी निष्पादित किया गया। प्रदेश में उज्जैन, आगर, धार, रतलाम और मंदसौर में पवन ऊर्जा पार्क विकसित करने के लिए भूमि चिन्हित की गई है। नवकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के विकास में नगरीय विकास एवं आवास, जल संसाधन और मध्यप्रदेश जनरेशन कम्पनी का सहायोग लिया जा रहा है। ऊर्जा भण्डारण परियोजनाओं के लिए भी राज्य सरकार पहल कर रही है।   recent visitors 60

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद के निर्णय

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में बुधवार को मंत्रि-परिषद की बैठक मंत्रालय में हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा विद्युत एवं नवीकरणीय ऊर्जा उपकरणों के विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए औद्योगिक क्षेत्र मोहासा- बाबई जिला नर्मदापुरम के क्षेत्रफल विस्तार करने की स्वीकृति दी गयी। निर्णय अनुसार विद्युत एवं नवीकरणीय ऊर्जा उपकरणों के विनिर्माण क्षेत्र के लिए आरक्षित 441.96 एकड़ क्षेत्रफल में औद्योगिक क्षेत्र मोहासा बाबई की 442.04 एकड़ भूमि को शामिल किया गया है। अब औद्योगिक पार्क का क्षेत्रफल कुल 884 एकड़ हो गया है। इसी प्रकार औद्योगिक पार्क के लिए स्वीकृत सुविधाएं एवं आवंटन प्रक्रिया को संशोधित क्षेत्रांतर्गत स्थापित होने वाली इकाइयों को भी उपलब्ध कराने का अनुमोदन किया गया। मंत्रि-परिषद द्वारा आगामी सिंहस्थ-2028 को देखते हुए इंदौर-उज्जैन में 2312 करोड़ रूपये से अधिक राशि के सड़क निर्माण कार्यों की स्वीकृति दी गयी। इसमे उज्जैन सिंहस्थ बायपास लंबाई 19.815 कि.मी., 4-लेन मय पेव्हड शोल्डर उन्नयन एवं निर्माण कार्य लागत राशि 701 करोड़ 86 लाख रूपये की स्वीकृति दी गई। इसी प्रकार इंदौर-उज्जैन ग्रीनफील्ड मार्ग 4-लेन मय पेव्हड शोल्डर लंबाई 48.05 कि.मी. एवं लागत राशि 1370 करोड़ 85 लाख रूपये और उज्जैन जिला अंतर्गत इंगोरिया-देपालपुर 2-लेन मय पेव्हड शोल्डर सड़क लंबाई 32.60 कि.मी. लागत राशि 239 करोड़ 38 लाख रूपये की स्वीकृति दी गयी है। ये सभी सड़कें म.प्र. सड़क विकास निगम के माध्यम से विकसित की जायेगी। आबकारी नीति के निर्धारण के लिए मंत्रि-परिषद् समिति का गठन मंत्रि-परिषद ने वर्ष 2025-26 के लिए आबकारी नीति के निर्धारण, समय-समय पर आनुषांगिक निर्णय लेने और राजस्व हित मे आवश्यक नीतिगत निर्णय लेने के लिए मंत्रि-परिषद् समिति का गठन किये जाने का अनुमोदन दिया। मंत्रि-परिषद् समिति मे उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, मंत्री उदय प्रताप सिंह, गोविंद सिंह राजपूत और सुनिर्मला भूरिया शामिल है।   recent visitors 74

मुख्यमंत्री डॉ. यादव को मंत्री काश्यप ने अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में प्राप्त स्वर्ण पदक किया भेंट

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को केबिनेट बैठक में एमएसएमई मंत्री चेतन्य कुमार काश्यप ने विगत दिनों नई दिल्ली में 'भारतीय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला-2024' में भारतीय व्यापार संवर्धन संगठन द्वारा मध्यप्रदेश राज्य मण्डप को सब्जेक्टिव केटेगरी में प्राप्त स्वर्ण पदक और प्रशस्ति-पत्र भेंट किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्री काश्यप और उनकी पूरी टीम को इस उपलब्धि पर बधाई दी। उल्लेखनीय है कि इस बार व्यापार मेले की थीम “विकसित भारत@2047 थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मेले का नई दिल्ली में उद्घाटन किया था। इसमें मध्यप्रदेश के विभिन्न स्थानीय उत्पादों सहित 'एक जिला-एक उत्पाद' को प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया था। मेले में स्थानीय कलाकारों द्वारा विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए। म.प्र. मण्डप को मेले में दर्शकों द्वारा सराहा गया।   recent visitors 69

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा इस पृथ्वी पर जन्म लेने वाले प्रत्येक मनुष्य की मृत्यु अनिवार्य है

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि इस पृथ्वी पर जन्म लेने वाले प्रत्येक मनुष्य की मृत्यु अनिवार्य है। आने-जाने के इस क्रम में महत्वपूर्ण यह है कि जीवन के प्रत्येक क्षण का उपयोग मानव सेवा के लिए किया जाए। यह मनुष्य का सौभाग्य है कि इस धरती पर आदिकाल से परमात्मा की लीला देखने को मिलती रही है। हमारे 33 करोड़ देवी-देवताओं ने सदियों तक अपनी आभा बिखेरी है। इतनी कि इसके लिए हमारा अम्बर भी कम पड़ जाए। हमारे बीच देवता विभिन्न रूप में आते हैं। हम उन्हें पहचानें या न पहचानें, वे हमारे बीच रहते हैं। ऐसे ही देवता नीब करौरी वाले बाबा हैं। इनको मानने वालों में देश- विदेश के करोड़ों लोग शामिल हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आज शाम रविन्द्र भवन बहिरंग में अनंत विभूषित बाबा नीब करौरी महाराज के 125वें प्राकट्योत्सव को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा नीब करौरी महाराज के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि संत-महंत की अपनी महत्ता है। उनके जीवन के रहस्यों को जानना मुश्किल भी है। इनका जब मनुष्यों से साक्षात्कार होता है तो लोग अपने जीवन में परिवर्तन होते देखते हैं। निश्चित ही इससे आस्था की जड़ें गहरी हो जाती हैं। वास्तव में सारी सत्ताओं के ऊपर एक सत्ता है जो परम सत्ता है। जीवन के आरोह-अवरोह में हमें उमड़ते-घुमड़ते प्रश्नों का उत्तर भी मिल जाता है। ऐसी व्यवस्थाओं को जोड़कर सनातन धर्म की परम्परा राष्ट्र के गौरव में वृद्धि करती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वामी विवेकानंद का स्मरण करते हुए कहा कि स्वामी जी के जीवन का वह पक्ष भी जानने योग्यव है जब वे बी.एससी. के विद्यार्थी थे और कभी इन व्यवस्थाओं पर विश्वास नहीं करते थे। उन्हें गुरू के रूप में रामकृष्ण परमहंस मिले, जिन्होंने उनका काली मां से सीधा परिचय करवा दिया। स्वामी विवेकानंद को सभी प्रश्नों के उत्तर मिल गए और उनकी जिज्ञासाओं का समाधान भी हुआ। इसी तरह जीवन में परिवर्तन का अनुभव नीब करौरी वाले बाबा और अन्य संतों के दर्शन के पश्चात लोगों में दिखाई देता है। सच्चे अर्थों में देवी देवताओं से मिलकर भक्ति की शक्ति मिल जाया करती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया कलाकारों का सम्मान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर सुंदर काण्ड की प्रस्तुति के लिए आए विजयेंद्र चौहान, शिव ताण्डव स्रोत प्रस्तुत करने वाले काली चरण जी, लोक प्रिय भजन गायक पंडित सुधीर व्यास, रासलीला प्रस्तुति के लिए भारतीय शर्मा और बाबा नीब करौरी महाराज के पौत्र डॉ. धनंजय शर्मा का स्वागत एवं सम्मान किया। उन्होंने वरिष्ठ पत्रकार राकेश अग्निहोत्री का इस कार्यक्रम के लिए आमंत्रित किए जाने पर आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव एवं अन्य अतिथियों को बाबा नीब करौरी महाराज की लघु प्रतिमा स्मृति चिन्ह के रूप भेंट की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पंडित सुधीर व्यास के स्वर में उनके अति लोकप्रिय भजन "तू है मोरा सजन….. ये चमक ये दमक ….. फूलवन मा महक …की" प्रस्तुति भी सुनी। खेल एवं युवक कल्याण मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि आज यहां इस कार्यक्रम में बाबा नीब करौरी महाराज के पौत्र सहित उनकी पांच पीढ़ियां उपस्थित हैं। बाबा नीब करौरी महाराज ने पूरी दुनिया में ख्याति अर्जित की है। उनका आशीर्वाद भोपाल के नागरिकों को विशेष रूप से प्राप्त हुआ है। वर्तमान में बाबा के पौत्र भोपाल में ही अरेरा कालोनी में निवास करते हैं। बाबा नीब करौरी महाराज भोपाल आगमन पर नेवरी स्थित मंदिर में विश्राम किया करते थे। इस मंदिर में बाबा द्वारा सनातन धर्म परम्परा के निर्वाह की स्मृति को बनाए रखने के लिए नेवरी धाम पर बाबा की मूर्ति स्थापित की जाएगी। आगामी 22 दिसम्बर को यह प्रतिमा स्थापित करने का कार्यक्रम है। इस अवसर पर रामलीला का प्रस्तुतिकरण भी होगा। कार्यक्रम में बताया गया कि उत्तरप्रदेश में जन्मे बाबा नीब करौरी महाराज ने जीवन में अनेक सेवा कार्यों का नेतृत्व किया। वे जीवन के अनेक वर्ष उत्तराखंड में रहे। उनके अनुयायियों में अनेक विश्व विख्यात लोग शामिल हैं। कार्यक्रम में हितानंद शर्मा, वरिष्ठ नेता सुरेश पचौरी के अलावा राहुल कोठारी एवं आशीष अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में उपस्थित नागरिकों ने देर रात्रि तक भजनों का आनंद लिया।   recent visitors 101

संबल योजना में कुल 10 हजार 236 श्रमिक परिवार होंगे लाभान्वित

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 4 दिसम्बर को संबल योजना अंतर्गत अनुग्रह सहायता के 10 हजार 236 प्रकरणों में श्रमिकों के परिवारों को सहायता राशि 225 करोड़ रुपए सिंगल क्लिक से वितरित करेंगे। भोपाल में आयोजित कार्यक्रम में श्रम, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं हितग्राही उपस्थित रहेंगे। संबल योजना प्रदेश में असंगठित क्षेत्र में कार्यरत लाखों श्रमिकों के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण योजना है। इसमें अनुग्रह सहायता योजना में दुघर्टना में मृत्यु होने पर 4 लाख रूपये एवं सामान्य मृत्यु पर 2 लाख रूपये प्रदान किये जाते हैं। इसी प्रकार स्थायी अपंगता पर 2 लाख रूपये एवं आंशिक स्थायी अपंगता पर 01 लाख रूपये तथा अंत्येष्टि सहायता के रूप में 5 हजार रूपये प्रदान किये जाते हैं। संबल योजना में जहाँ एक ओर महिला श्रमिक को प्रसूति सहायता के रूप में 16 हजार रूपये दिये जाते हैं तो वहीं दूसरी ओर श्रमिकों के बच्चों को शिक्षा प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत निःशुल्क शिक्षा भी उपलब्ध करवायी जाती है। प्रदेश के लाखों श्रमिक एवं प्लेटफार्म वर्कर्स को भी संबल योजना में सम्मिलित किया जाकर इनका पंजीयन प्रारम्भ किया गया है। इन्हें भी संबल योजना में लाभ प्रदान किये जा रहे हैं। संबल योजना प्रदेश में असंगठित क्षेत्र में कार्यरत लाखों श्रमिकों के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण योजना है। इसमें श्रमिक को जन्म से लेकर मृत्यु तक आर्थिक सहायता प्राप्त होती है। मध्यप्रदेश सरकार ने संबल योजना को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। संबल योजना में सभी योजनाओं जैसे अंत्येष्टी सहायता, मृत्यु अथवा दिव्यांगता पर अनुग्रह सहायता, शिक्षा प्रोत्साहन योजना, प्रसूति सहायता, आयुष्मान भारत, राशन पर्ची आदि का लाभ दिया जा रहा है। प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश के लाखों निर्माण श्रमिकों के लिये भी निर्माण मंडल के माध्यम से कई योजनाएं संचालित की जाती हैं इनमें निर्माण श्रमिकों की मृत्यु होने पर अनुग्रह सहायता तथा स्थायी एवं आंशिक अपंगता पर सहायता भी सम्मिलित है। सभी संबल हितग्राहियों को आयुष्मान भारत निरामय योजना अंतर्गत पात्र श्रेणी में चिन्हित किया गया है। अब वे भी 5 लाख रूपये वार्षिक निःशुल्क चिकित्सा प्राप्त कर रहे है। प्रदेश में अब तक 1 करोड़ 73 लाख श्रमिकों का संबल 2.0 योजना के अंतर्गत पंजीयन किया जा चुका है।   recent visitors 70

भगवान श्रीमहाकाल से प्रभावितों के उत्तम स्वास्थ्य के लिए की कामना

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल गैस त्रासदी की 40वीं बरसी पर दिवंगतों को भावभीनी श्रद्धांजलि दीं। उन्होंने कहा कि दुनिया की इस भीषण त्रासदी के दिन मैं भोपाल प्रवास पर ही था। इसकी तकलीफ सिर्फ वो ही समझ सकता है, जिसने इसे वास्तविक रूप से भोगा है। उन्होंने कहा कि मैंने स्वयं जाकर गैस प्रभावित क्षेत्रों में भ्रमण किया था। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गैस त्रासदी में प्रभावितों के अच्छे स्वास्थ्य के लिए भगवान महाकाल से प्रार्थना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दुर्घटना में अनेक लोग असमय काल के ग्रास में समा गए, जो बचे वो किसी न किसी रूप से एमआईसी गैस के दुष्प्रभावों से कई साल पीड़ित रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ईश्वर से दिवंगत एवं पीड़ितों के प्रति अपनी संवेदनाएं एवं सहानुभूति व्यक्त की।   recent visitors 72