सांदीपनि आश्रम में भगवान श्रीकृष्ण ने ग्रहण की शिक्षा, गीता जयंती पर प्रदेशव्यापी आयोजनों की बनाएँ रूपरेखा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भगवान श्रीकृष्ण के जीवन के विविध पक्षों की जानकारी नागरिकों को मिले: मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल में हजारों आचार्य करेंगे गीता का सस्वर पाठ, बनेगा रिकार्ड सांदीपनि आश्रम में भगवान श्रीकृष्ण ने ग्रहण की शिक्षा, गीता जयंती पर प्रदेशव्यापी आयोजनों की बनाएँ रूपरेखा मुख्यमंत्री गीता जयंती कार्यक्रम में 9 दिसम्बर को जाएंगे हरियाणा तानसेन समारोह शताब्दी वर्ष में ग्वालियर सहित देश- विदेश में की जाएंगी समारोह गतिविधियां जापान, इजराइल,फ्रांस और इटली में भी तानसेन समारोह के होंगे कार्यक्रम भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में 8 दिसम्बर को गीता जयंती और 8 से 11 दिसम्बर की अवधि में अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव के सभी कार्यक्रम नागरिकों की सहभागिता के साथ उत्साहपूर्वक आयोजित किए जाएं। भगवान श्रीकृष्ण सांदीपनि आश्रम उज्जैन में शिक्षा ग्रहण करने के लिए आए थे। इसी लिये प्रदेश में विभिन्न स्थानों पर गीता जयंती मनाए जाने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। भगवान श्रीकृष्ण के जीवन के विविध पक्षों और श्रीमद्भागवत गीता के सार्थक संदेशों से नागरिकों को अवगत करवाने के लिए गीता जयंती के उपलक्ष में होने वाली गतिविधियों को अभिनव स्वरूप दिया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोमवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में गीता जयंती एवं तानसेन महोत्सव की तैयारियों की बैठक कर अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में गीता जयंती के प्रदेशव्यापी कार्यक्रम किए जाने का अपना विशेष महत्व है। भगवान श्रीकृष्ण ने न सिर्फ मध्यप्रदेश के उज्जैन बल्कि अन्य स्थानों पर भी जाकर उस दौर में मानव जीवन को सार्थक बनाने का अनमोल संदेश दिया। उन्होंने कर्म, अनुशासन और उस युग में भी लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं का पालन कर सम्पूर्ण समाज के लिए अनूठे दृष्टांत प्रस्तुत किए। अर्जुन एक प्रतीक थे, लेकिन भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जित शिक्षा और ज्ञान के आधार पर विभिन्न सिद्धांतों को पहले स्वयं आत्मसात किया, इसके बाद उनका प्रचार-प्रसार किया। उन्होंने युद्ध में अपने पक्ष की अपूरणीय क्षति भी स्वीकार की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में भगवान श्रीकृष्ण का जिन स्थानों पर आगमन हुआ था वे तीर्थ के रूप में विकसित किए जा रहे हैं। मध्यप्रदेश से संबंधित भगवान श्रीकृष्ण की समस्त स्मृतियों को बनाए रखने और जन-जन को उसकी जानकारी देने का यह विशेष अवसर है। गीता जयंती और अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव के कार्यक्रम अविस्मरणीय बन जाएं, ऐसी तैयारियाँ की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस्कॉन संस्था के सहयोग से गीता के संदेशों का विद्यार्थियों में प्रचार और ज्ञान परीक्षा का आयोजन भी सराहनीय है। शासकीय विभागों और स्थानीय प्रशासन द्वारा गीता जयंती से जुड़े कार्यक्रमों को सफल बनाने के सभी प्रयास किए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने तानसेन संगीत समारोह की तैयारियों की जानकारी भी प्राप्त की और तानसेन के जीवन के भिन्न-भिन्न पहलुओं का विवरण भी मध्यप्रदेश और अन्य राज्यों में हो रहे तानसेन समारोह में देने के निर्देश दिए। अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव में बनेंगे विश्व रिकार्ड महाराज विक्रमादित्य शोध पीठ, प्रशासन के सहयोग से अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव 8 से 11 दिसम्बर, 2024 को उज्जैन में आयोजित करेगी। भोपाल के मोतीलाल नेहरू स्टेडियम में 11 दिसम्बर को गीता का सस्वर पाठ करने के लिए हजारों आचार्य उपस्थित होंगे। गीता स्वर पाठ में शामिल होने वाले आचार्यों की संख्या का पूर्व का रिकार्ड 1350 आचार्यों द्वारा गीता पाठ करने का रहा है। मध्यप्रदेश इस रिकार्ड को तोड़कर नया रिकार्ड बनाएगा। इस अवसर पर साधो बैण्ड, वृंदावन की संस्कृति की भी प्रस्तुति होगी। गौ एवं गोवर्धन आधारित और श्रीमद्भागवत गीता पुराण आधारित प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। इसके अलावा कुरूक्षेत्र हरियाणा में आयोजित 3 दिवसीय गीता जयंती कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 9 दिसम्बर को शामिल होंगे। उज्जैन में गीता संवाद में 8 दिसम्बर को प्रख्यात गीतकार मनोज मुन्तशिर शुक्ला का गीता संवाद और गुरू दक्षिणा के अंतर्गत श्रीकृष्ण और गुरू सांदीपनि पर केन्द्रित महानाट्य एवं डिजिटल प्रस्तुति होगी। इसी क्रम में 9 दिसम्बर को श्रीकृष्ण आधारित महानाट्य कृष्णायन की प्रस्तुति होगी। उज्जैन में ही 10 एवं 11 दिसम्बर को गीता संवाद के अंतर्गत स्वामी सरस्वती द्वारका पीठ सहित प्रमुख आध्यात्मिक विभूतियां भागीदारी करेंगी। अन्य देशों से इस्कॉन प्रतिनिधि और विभिन्न विद्वानों के व्याख्यान भी होंगे। उज्जैन में 10 दिसम्बर को प्रख्यात शास्त्रीय गायिका कलापिनी कोमकली शास्त्रोक्त श्रीकृष्ण भजन प्रस्तुत करेंगी। कुमार शर्मा अपने साथी कलाकारों के साथ सांगीतिक प्रस्तुति देंगे। बुधवार 11 दिसम्बर को पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए शासकीय विश्राम गृह और निजी होटलों में गीता और रामायण की प्रतियां उपलब्ध करवाई जाएंगी। इस अवसर पर उज्जैन में मोटिवेशनल स्पीकर विवेक बिन्द्रा का व्याख्यान और भारतीय परम्परा के विविध आयाम- शिवगीता, गणेश गीता, राम गीता सहित कुछ अन्य प्रकाशनों का लोकार्पण भी होगा। अन्य देश और प्रदेशों में भी तानसेन समारोह की गूंज पहुंचेगी, राजस्थान, गुजरात, उत्तरप्रदेश और छत्तीसगढ़ के कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार बैठक में बताया गया कि प्रदेश के ग्वालियर में तानसेन संगीत समारोह का यह 100वाँ वर्ष है। वर्ष 1924 से शुरू हुआ यह समारोह इस वर्ष 15 से 19 दिसम्बर तक चलेगा। समारोह को अंतर्राष्ट्रीय स्वरूप देते हुए जापान, इजराइल फ्रांस और इटली में कार्यक्रम भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद के माध्यम से संयोजित किए जा रहे हैं। इस वर्ष राष्ट्रीय सम्मान अलंकरण में राष्ट्रीय तानसेन सम्मान पंडित स्वपन चौधरी, कोलकाता और राष्ट्रीय राजा मानसिंह तोमर सम्मान सानंद न्यास इंदौर को दिया जा रहा है। ग्वालियर में पूर्व रंग के अंतर्गत 14 दिसम्बर को दुर्लभ वाद्यों सुरबहार, विचित्र वीणा, मोहन वीणा, नाल तरंग, आदि की प्रस्तुति ग्वालियर किले, बाड़ी के टॉउन हाल, जय विलास पैलेस और अन्य स्थानों पर होंगी। देश के अनेक ख्याति प्राप्त कलाकार इन में हिस्सा लेंगे। इस वर्ष मध्यप्रदेश के विभिन्न नगरों में भी समारोह के अंतर्गत सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और संगोष्ठियां हो रही हैं। ग्वालियर में मुख्य समारोह में राष्ट्रीय तानसेन सम्मान अलंकरण भी प्रदान किए जाएंगे। अन्य गतिविधियों में दैनिक सांगीतिक सभाएँ, डाक टिकट विमोचन, प्रदर्शनी और लाइव चित्रांकन सत्र हो रहे हैं। राजधानी भोपाल सहित रीवा, गुना, शिवपुरी और ओरछा में विविध आयोजन हो रहे हैं। भोपाल के भारत भवन में 4 से 8 दिसम्बर तक संगीत सम्राट तानसेन एवं मूर्धन्य संगीतकारों पर केंद्रित 5 फिल्में तानसेन, मीरा, संत ज्ञानेश्वर, चिंतामणि सूरदास, और ध्रुपद बैजू बावरा, स्वामी हरिदास के प्रदर्शन होंगे। रीवा में 5 दिसम्बर, गुना में 6 दिसम्बर, शिवपुरी और ओरछा … Read more

प्रदेश में पूरे नर्मदा परिक्रमा पथ को बेहतर तरीके से विकसित किया जाएगा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

माँ नर्मदा के घाट सनातन तीर्थ : मुख्यमंत्री डॉ. यादव संतगण समाज को सदमार्ग पर चलने के लिए सदैव प्रेरित करते हैं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश में पूरे नर्मदा परिक्रमा पथ को बेहतर तरीके से विकसित किया जाएगा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने ओंकारेश्वर में मां नर्मदा का पूजन और आरती की मुख्यमंत्री ओंकारेश्वर में आयोजित अमृतस्य मां नर्मदा पद परिक्रमा कार्यक्रम में हुए शामिल भोपाल संत और भगवा की अपनी एक विशेषता होती है। संतजन समाज और हजारों जीवन को सद मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करते हुए ऊर्जा प्रदान करने का कार्य करते हैं। जिस प्रकार से सूर्य और दीप हमें ऊर्जा प्रदान कर अंधकार से मुक्त कराते हैं, वैसे ही संत जन हमारे जीवन को ज्ञान रूपी प्रकाश की नई ज्योति प्रदान करते हैं। यह बात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज ओंकारेश्वर में ब्रह्मपुरी घाट पर आयोजित "अमृतस्य मां नर्मदा पद परिक्रमा कार्यक्रम" में कही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ब्रह्मपुरी घाट पर मां नर्मदा का पूजन कर आरती की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि संत हमें सदैव सदमार्ग पर चलने के लिए प्रेरित और प्रोत्साहित करते हैं। उन्होंने कहा नदी, पर्वत, पहाड़ हम मनुष्यों को प्रकृति की एक देन है। इसके संरक्षण के लिए हम सभी को प्रयास करने की आवश्यकता है। हमें अपनी संस्कृति पर गर्व है और सभी को होना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में प्रत्येक देवस्थान पर बेहतर व्यवस्थाओं को सुनिश्चित कराया जाएगा। उन्होंने कहा प्रदेश में पूरे नर्मदा परिक्रमा पथ को बेहतर तरीके से विकसित करते हुए व्यवस्थाएं सुनिश्चित कराई जाएंगी, जिससे नर्मदा परिक्रमा यात्रियों को सुविधा होगी। उन्होंने कहा इसके लिए 5 सदस्यीय मंत्रियों की समिति भी बनाई गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विश्व में एक विशेष पहचान बना रहा है। उन्होंने कहा हम सभी को भारतीय संस्कृति पर गर्व और अभिमान हैं। मां नर्मदा अमरकंटक से निकलकर खंभात की खाड़ी में मिलती है। मां नर्मदा इस पूरे मार्ग में लंबी यात्रा तय करती है। पतित पावनी सलिल मां नर्मदा की धारा जिस भी मार्ग से गुजरती है वहां जीवन का सृजन और प्रकृति जीवंत होती है। मां नर्मदा के दर्शन में जीवन का दर्शन समाहित है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा पूरे नर्मदा पद पर विभिन्न विकास कार्यों के लिए प्रदेश सरकार लगातार प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि माँ नर्मदा के पूरे परिक्रमा क्षेत्र में चल रहें सेवा के अनेक प्रकल्पों जिसमें नि:शुल्क अन्नक्षेत्र एवं आवास व्यवस्था विश्व के लिए प्रेरणा का विषय हैं, और यह केवल भारत में माँ नर्मदा के खंड में ही होता है। मध्यप्रदेश में तो यह और भी अद्भुत है, जहां घर घर से परिक्रमा करने वालों के लिए भोजन भेजा जाता है। श्रद्धेय गुरुदेव विवेक जी, जोड़ गणपति हनुमान मंदिर ओंकारेश्वर के महंत मंगलदास जी त्यागी, महानिर्वाणी अखाड़ा ओंकारेश्वर के महंत कैलाश भारती, मार्कण्डेय संन्यास आश्रम ओंकारेश्वर के महंत प्रणवानंद जी सरस्वती एवं निजानंद धाम खाचरोद के ब्रह्मचारी जी महाराज, खण्डवा विधायक श्रीमती कंचन तनवे, पंधाना विधायक श्रीमती छाया मोरे, मान्धाता विधायक नारायण पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती पिंकी वानखेड़े सहित संतगण, जनप्रतिनिधि एवं अधिकारीगण उपस्थित रहे। नर्मदा परिक्रमा का ऐप से डिजिटल क्रांति मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नर्मदा परिक्रमा का ऐप से परिक्रमा कर रहे लोगों को परिक्रमा मार्ग में मदद मिलेगी, साथ ही स्थानीय लोगों के लिये रोज़गार के अवसरों में वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि रोज़गार के अवसर लोगों को अपने ग्राम और शहर से जोड़े रखेंगे। डिजिटल क्रांति से स्थानीय लोगों को रोज़गार देने का प्रयास नर्मदा जी के खंड में नूतन अध्याय लिखेगा। इस एप से परिक्रमा कर रहे लोग स्थानीय संस्कृति से भी परिचित होंगे। परिक्रमा मात्र साधना नहीं भारत की संस्कृति की यात्रा भी होगी और मध्यप्रदेश से आरंभ होने वाली यात्रा पूरे भारत में ऐसे और अध्यायों को लिखेगी। परिक्रमा मार्ग में पौध-रोपण माँ नर्मदा के स्वरूप को अनादि काल तक रखेगा अक्षुण्ण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि माँ नर्मदा के पावन स्वरूप को अक्षुण्ण बनाये रखने के लिये परिक्रमा करने वाले श्रद्धालु तट पर 5-5 पौधे (सीड बाल्स) रोपने का पुनीत कार्य करें। इस प्रकार जब सरकार और समाज दोनों समन्वित रूप से प्रयास करेंगे तो माँ नर्मदा का आदि स्वरूप अनादि काल तक अक्षुण्ण बना रहेगा।   recent visitors 56

मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव 3 दिसम्‍बर को बालाघाट के स्वदेशी मेला व गायत्री महायज्ञ में शामिल होंगे

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज मंगलवार को बालाघाट नगर में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे। वे यहां उत्कृष्‍ट विद्यालय में आयोजित हो रहे रोजगार मेले में शामिल होकर युवाओं को संबोधित करेंगे। साथ ही विभिन्न कंपनियों में चयनित होने वाले युवाओं को ऑफर लेटर भी प्रदान करेंगे। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव इस स्वदेशी मेले में विभागीय प्रदर्शनियों का भी अवलोकन भी करेंगे। उनके निर्धारित कार्यक्रम अनुसार वे स्‍टेट हैंगर भोपाल से 11:40 बजे वायुयान द्वारा डुमना एयरपोर्ट जबलपुर पहुचेंगे। यहाँ से वे हेलीकॉप्टर के माध्यम से दोपहर 12:20 बजे बालाघाट के लिए प्रस्थान करेंगे। दोपहर 1 बजे बालाघाट पहुँचकर 1:05 बजे से 1:40 बजे तक जिले के उत्कृष्ट विद्यालय में आयोजित स्वदेशी मेले में सम्मिलित होंगे। इसके बाद 1:45 पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव जिले के ग्राम डुंगरिया के सरदार पटेल यूनिवर्सिटी में आयोजित 251 कुंडीय गायत्री महायज्ञ में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री यादव डुंगरिया से 2:30 बजे हेलीपेड पहुंचकर डुमना एयरपोर्ट के लिए प्रस्थान करेंगे।   recent visitors 71

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश के साथ ही मध्यप्रदेश में भी निवेश की संभावनाओं का विस्तार हुआ- मुख्यमंत्री मोहन यादव

भोपाल मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव जर्मनी यात्रा से वापस लौट आए हैं। दिल्ली में भाजपा नेताओं और कार्यक्रर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने सभी का आभार जताया, साथ ही कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में हम कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ रहे हैं। इससे पहले सीएम यादव ने जर्मनी ने कहा कि मध्यप्रदेश स्किल्ड मैनेजमेंट और प्राकृतिक संसाधनों से सम्पन्न है। लैप समूह की मध्यप्रदेश में एक दशक से ज्यादा की उपस्थिति यह दर्शाती है कि प्रदेश की पहुंच देश ही नहीं दक्षिण एशिया के बाजारों तक है। समूह ने बैंगलुरू के बाद मध्यप्रदेश को अपना बेस बनाकर 100 करोड़ से अधिक का निवेश किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जर्मन निवेशकों को आश्वस्त किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश के साथ ही मध्यप्रदेश में भी निवेश की संभावनाओं का विस्तार हुआ है। उनके विजनरी नेतृत्व में हमारी ताकत दोगुना हो जाती है। बता दें कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव जर्मनी यात्रा के दौरान शुक्रवार को स्टटगार्ट में लैप (LAPP) ग्रुप के सीईओ मैथियास लैप और उनकी टीम के साथ फैक्ट्री का दौरा किया। उन्होंने विभिन्न उद्योग समूहों के प्रबंधन को मध्यप्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित किया, जिनमें निवेशकों के लिए भरपूर संभावनाएं मौजूद हैं। सीएम यादव ने निवेशकों को भोपाल में प्रस्तावित ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में निवेश से उद्योग के लिए नई संभवानाओं के द्वार खुलेंगे। 100 करोड़ से अधिक का निवेश किया मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारत-जर्मनी के ऐतिहासिक संबंधों का उल्लेख करते हुए प्रसन्नता जताई कि लैप समूह ने बैंगलुरू के बाद मध्यप्रदेश को अपना फैक्ट्री बेस बनाया। उन्होंने लैप उद्योग समूह के सीईओ मैथियास लैप का इस बात के लिए आभार प्रकट किया कि उन्होंने 2012 से अब तक 100 करोड़ से अधिक का निवेश मध्यप्रदेश में किया है। 1959 में हुई थी स्थापना उल्लेखनीय है कि लैप (LAPP) ग्रुप औद्योगिक केबलिंग और कनेक्टिविटी समाधान में अग्रणी कंपनी है। इसकी स्थापना वर्ष 1959 में हुई थी। यहां अत्याधुनिक अनुसंधान केंद्र हैं जो औद्योगिक केबलिंग और कनेक्टिविटी संबंधी उत्पादों का निर्माण करती है। यह संस्थान ऊर्जा, ऑटोमोटिव, मशीन निर्माण और औद्योगिक स्वचालन जैसे क्षेत्रों के लिए उच्च गुणवत्ता वाले केबल, कनेक्टर्स और एसेसरीज का निर्माण भी करता है। कब कितना निवेश भारत में लैप ग्रुप की सहायक कंपनी LAPP इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के पीलूखेड़ी (राजगढ़) में स्थित विनिर्माण इकाई ने पिछले एक दशक में 141.5 करोड़ रुपये का निवेश किया है। वर्ष 2012 में सिंगल कोर तारों के उत्पादन के लिए 44 करोड़ रुपये का निवेश, वर्ष 2014 में मल्टी कोर कंट्रोल केबल उत्पाद लाइन के विस्तार के लिये 13.5 करोड़ रुपये, वर्ष 2018 में मेक-इन-इंडिया पहल के तहत विनिर्माण क्षमता बढ़ाने के लिए 22 करोड़ रुपये और वर्ष 2024 में नवीनतम ई-बीम और कंपाउंडिंग प्लांट के लिए 62 करोड़ रुपये का निवेश किया, जिससे रोजगार के नए अवसर सृजित हुए हैं। कंपनी ने अपनी विनिर्माण इकाई को 30 हजार वर्ग फुट तक विस्तारित किया है, जिससे भोपाल और राजगढ़ के आसपास के क्षेत्रों में सैकड़ों लोग प्रत्यक्ष रूप से रोजगार से जुड़े हैं। 24 नवंबर को गए थे सीएम यादव बता दें कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रदेश में निवेश लाने को लेकर 24 नवंबर से 30 नवंबर तक यूके और जर्मनी की यात्रा पर थे। यह मुख्यमंत्री की पहली विदेश यात्रा थी जो प्रदेश में निवेश को बढ़ावा देने और प्रदेश के औद्योगिक विकास को नई ऊंचाईयां देने के उद्देश्य से की गई थी। यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री ने यूके और जर्मनी  में उद्योगपतियों से चर्चा की। यूके से प्रदेश में करीब 60 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। वहीं, जर्मन कंपनी भोपाल में 100 करोड़ में एक्सरे निर्माण के लिए औद्योगिक इकाई की स्थापना करेगी। इसके लिल मुख्यमंत्री ने जर्मन कंपनी को भूमि का आवंटन भी कर दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भोपाल में जर्मन कंपनी एसीईडीएस को भूमि आवंटन मात्र एक शुरुआत है। यह साझेदारी न केवल औद्योगिक विकास की नई लहर लाएगी, बल्कि प्रदेश के समग्र विकास का हिस्सा बनेगी। मुख्यमंत्री यादव आज शाम पाचं बजे जर्मनी और यूके यात्रा को लेकर मीडिया को संबोधित करेंगे। इस दौरन वे विस्तार से जानकारी देंगे।   recent visitors 86

CM यादव ने देश के 40 विशेष पर्यटन स्थलों को विश्व के पर्यटन स्थलों भांति की विकसित करने PM मोदी का आभार माना

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने देश के 40 विशेष पर्यटन स्थलों को विश्व के पर्यटन स्थलों भांति की विकसित करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को प्रदेशवासियों की ओर से धन्यवाद देते हुए आभार माना है।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 3 हजार 295.76 करोड़ की राशि देश के 40 चिन्हित पर्यटन स्थलों के लिए स्वीकृत की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पर्यटन स्थलों के सौंदर्यीकरण से ये स्थल देशी और विदेशी पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनते है। उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पर्यटन स्थलों के लिए निर्धारित मापदंड के लिए पर्यटन स्थलों के रख-रखाव एवं पर्यटकों के लिए संपूर्ण गाईड, कैफ़ेटरिया रहने के लिए होटल, गेस्ट हाउस आदि की व्यवस्था का होना आवश्यक है। केंद्र सरकार द्वारा देश के 23 राज्यों के 40 पर्यटन स्थलों में से मध्यप्रदेश की धार्मिक एवं पावन नगरी ओरछा ए मेडिएबल स्प्लेन्डर एवं भोपाल में इंटरनेशनल सेंटर फॉर एम.आई.सी.ई को विश्व स्तरीय आईकॉनिक सेंटर के रूप में विकसित करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केन्द्रीय पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत के प्रति भी आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पर्यटन स्थल के विकसित होने से पर्यटकों की संख्या से पर्यटन उद्योग और उससे जुड़े छोटे-बड़े उद्योग एवं स्थानीय बाजार भी लाभान्वित होते हैं। इस योजना में राज्यों के प्रतिष्ठित पर्यटन केन्द्रों के विकास, ब्रांडिंग और विश्व व्यापार स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के साथ ही रोजगार सृजन को बढ़ावा देना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इससे निश्चित ही पर्यटन, रोजगार, बाजार, अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के साथ ही भारत की गौरवशाली संस्कृति एवं परंपरा का भी प्रसार होगा।   recent visitors 58

सीएम ने कहा- जर्मन कंपनी मप्र में निवेश को तैयार, खुलेंगे रोजगार के द्वार, अचारपुरा, भोपाल में लगेगा औद्योगिक संयंत्र, 6.72 एकड़ जमीन आवंटित

भोपाल  जर्मनी से मध्य प्रदेश में निवेश के प्रस्ताव विवभन्न औद्योगिक सेक्टरों के लिए प्राप्त हुए हैं। कृषि, एआइ, हेल्थ, सेमीकंडक्टर, शिक्षा, नई तकनीक और भारी उद्योग के क्षेत्र में निवेशकों ने निवेश की इच्छा जाहिर की है। साथ ही अनेक क्षेत्रों में निवेश के प्रस्ताव भी प्राप्त हुए हैं। जर्मन की कंपनी एसीईडीएस लिमिटेड मप्र में 100 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। इसके लिए भोपाल के अचारपुरा में कंपनी को 27,200 वर्गमीटर (6.72 एकड़) जमीन आवंटित की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उद्योगपतियों से चर्चा के तुरंत बाद एसीईडीएस को भोपाल में भूमि आवंटन पत्र जारी किया। इस समझौते के तहत कंपनी ने भोपाल में अपनी औद्योगिक इकाई स्थापित करने के लिए 100 करोड़ रुपये से ज्यादा का प्रस्ताव दिया है। इससे सैकड़ों लोगों को रोजगार मिलेगा। वहीं एक्स-रे मशीन निर्माण एवं अन्य उपकरण, सौर ऊर्जा पावर प्लांट सहित नैनो इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में कार्य किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को जर्मनी के म्यूनिख में अपने औद्योगिक प्रयोजन संबंधी यात्रा के अंतिम दिन स्थानीय मीडिया से चर्चा करते हुए यह जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि जर्मनी और इग्लैंड की यात्रा के बाद, मैं कह सकता हूं कि यह यात्रा हमारे टेक्नों-फ्रेंड ऊर्जावान, प्रतिभाशाली युवाओं के लिए नए अवसरों के द्वार खोल रही है। जर्मन कंपनियों ने मप्र में निवेश के प्रस्ताव दिए हैं। इससे रोजगार और नए अवसरों के द्वार खुलेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश के साथ भविष्य में व्यापार एवं उद्योग के लिए जर्मन आगे बढ़ रहे हैं। जर्मनी में हो रही तकनीकी प्रगति और उद्योगों में हो रहे नवाचारों को मध्य प्रदेश में लागू करने के लिए राज्य सरकार सक्रिय रूप से कदम उठा रही है। जर्मनी और इंग्लैंड को मानव संसाधन उपलब्ध कराएंगे मुख्यमंत्री ने कहा कि जर्मनी और इंग्लैंड आर्थिक और तकनीकी रूप से साधन संपन्न देश हैं। उन्हें आवश्यकता है तो दक्ष मानव संसाधन की। हमारे पास दक्ष मानव संसाधन उपलब्ध है, तकनीकी रूप से दक्ष युवा हैं। दोनों को जोड़ने के लिए यदि जरूरत है तो भाषा की। लैंग्वेंज प्रॉब्लम को दूर कर हम एक-दूसरे के पूरक के रूप में कार्यबल बनकर काम करेंगे। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में जर्मनी दौरे पर गई इन्वेस्ट मध्य प्रदेश प्रतिनिधिमंडल ने वहां की शीर्ष कंपनियों से साझेदारी के लिए बातचीत की। मुख्यमंत्री ने म्यूनिख के समीप ब्रुंथल स्थित एसएफसी एनर्जी कंपनी का दौरा किया। इस दौरान, स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिक को मध्य प्रदेश में लागू करने और नवकरणीय ऊर्जा की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए संभावनाओं पर गहन चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने बर्लोकर समूह के साथ एक औपचारिक बैठक भी की। recent visitors 149

सतपुड़ा क्षेत्र में ट्राइएसिक युग के जीवाश्मों पर शोध के लिए हुआ भारत-जर्मनी के बीच एमओयू

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया स्टटगार्ट स्थित स्टेट म्यूजियम ऑफ नेचुरल हिस्ट्री का अवलोकन मुख्यमंत्री डॉ. यादव के म्यूजियम पहुंचने पर प्रो. डॉ. लार्स क्रागमेन और उनकी टीम ने आत्मीय स्वागत किया सतपुड़ा क्षेत्र में ट्राइएसिक युग के जीवाश्मों पर शोध के लिए हुआ भारत-जर्मनी के बीच एमओयू भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्टटगार्ट स्थित स्टेट म्यूजियम ऑफ नेचुरल हिस्ट्री का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के म्यूजियम पहुंचने पर प्रो. डॉ. लार्स क्रागमेन और उनकी टीम ने आत्मीय स्वागत किया। मध्यप्रदेश सरकार और जर्मनी के शोधकर्ताओं के बीच एक महत्वपूर्ण एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए हैं। एमओयू से सतपुड़ा क्षेत्र में पाए गए ट्राइएसिक युग के जीवाश्मों पर संयुक्त शोध किया जा सकेगा। इससे भारतीय और जर्मन शोधकर्ता प्राचीन डाइनोसॉर और उनके समकालीन प्रजातियों के पारिस्थितिकी तंत्र को समझने में मदद करेंगे। यह शोध विशेष रूप से उन पारिस्थितिकीय स्थितियों को समझने के लिए महत्वपूर्ण होगा, जिनमें ये प्रजातियाँ पाई जाती थीं। एमओयू हो जाने से अब सतपुड़ा क्षेत्र में नई खुदाई की जाएगी, जिससे ट्राइएसिक कॉन्टिनेंटल पर्यावरण और जलवायु के बारे में व्यापक जानकारी प्राप्त हो सकेगी। इस सहयोग का उद्देश्य जीवाश्मों की खुदाई, संरक्षण और प्रदर्शनी की प्रक्रिया को सुगम बनाना है। इसे मध्यप्रदेश के राज्य संग्रहालय के माध्यम से प्रदर्शित और प्रकाशित किया जाएगा। साथ ही वैश्विक शोधकर्ताओं के लिए इन जीवाश्मों पर अनुसंधान भी किया जाएगा। स्टटगार्ट स्टेट म्यूजियम ऑफ नेचुरल हिस्ट्री अधिकारिक रूप से 1791 में स्थापित किया गया था। यह जर्मनी के सबसे पुराने प्राकृतिक ऐतिहासिक म्यूजियमों में से एक है। इसमें प्राचीन जीवाश्म और डायनासोरों के अवशेषों का विशाल संग्रह है। इसमें लगभग ग्यारह मिलियन से अधिक वस्तुएं भी संग्रहित हैं।   recent visitors 67