निजी निवेश, तकनीकी सहभागिता और साझेदारी से जर्मनी के साथ होंगे रिश्ते प्रगाढ़ : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

जर्मनी की क्षमताओं के साथ मिलकर मध्यप्रदेश के उद्योग और व्यवसाय वैश्विक स्तर पर बनाएंगे विशिष्ट पहचान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव राज्य सरकार औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार और निवेश संवर्धन को कर रही है प्रोत्साहित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव निजी निवेश, तकनीकी सहभागिता और साझेदारी से जर्मनी के साथ होंगे रिश्ते प्रगाढ़  : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जर्मनी में राउंड टेबल मीटिंग को किया संबोधित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भौगोलिक स्थिति के कारण मध्यप्रदेश देश के मध्य में स्थित होने से उत्तर- दक्षिण, पूर्व- पश्चिम चारों दिशाओं में आने-जाने का केंद्र बिंदु है। यहाँ से दक्षिण एशिया सहित महाद्वीप के कई स्थानों तक आवागमन सुगम और सरल है। जर्मनी के लैप ग्रुप का मध्यप्रदेश को अपने व्यवसाय का केंद्र बनाना इस बात का प्रमाण है। उल्लेखनीय है कि लैप ग्रुप ने जर्मनी से बाहर अपने व्यवसाय के विस्तार के लिए बेंगलुरु के बाद मध्यप्रदेश का चयन किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव जर्मनी भ्रमण के दूसरे दिन स्टटगार्ट स्थित लैप ग्रुप की फैक्ट्री के भ्रमण के बाद मध्यप्रदेश में निवेश की संभावनाओं पर राउंड टेबल मीटिंग को संबोधित कर रहे थे। प्रदेश की भौगोलिक स्थिति उद्योग व्यवसाय के विस्तार के लिए उपयुक्त मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में राज्य सरकार औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार और निवेश संवर्धन को प्रोत्साहित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। क्षेत्रीय स्तर पर जारी रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव से प्रदेश में उद्योग स्थापना का बेहतर माहौल बना है। इससे राष्ट्रीय ही नहीं, वैश्विक स्तर से भी बड़े निवेशक बेहतर भविष्य के लिए आश्वस्त होते हुए मध्यप्रदेश में अपनी गतिविधियों का विस्तार कर रहे हैं। प्रदेश की भौगोलिक स्थिति के परिणामस्वरूप उद्योग व्यवसाय को लाभ मिलना सुनिश्चित है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जर्मनी के साथ प्रदेश में उद्योग- व्यवसाय को विस्तार देने के लिए कई विकल्प हैं। इनमें निजी निवेश, तकनीकी सहभागिता और साझेदारी से जर्मनी और भारत के औद्योगिक और व्यावसायिक रिश्तों को प्रगाढ़ किया जा सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के लिए दिया निमंत्रण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वे उद्योग समूह और निवेशकों को फरवरी- 2025 में प्रदेश की राजधानी भोपाल में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का निमंत्रण देने जर्मनी आये हैं। हमारे लिए जर्मनी से संबंधों का विशेष महत्व है। जर्मनी की तकनीकी विशेषज्ञता और मध्यप्रदेश में जारी निवेश प्रोत्साहन गतिविधियां, व्यापार- व्यवसाय को परस्पर प्रोत्साहित करेंगी। मध्यप्रदेश में पर्याप्त प्राकृतिक और खनिज संपदा होने के साथ बेहतर अधोसंरचना, दक्ष मैनपॉवर, उद्योग मित्र नीतियां और नवाचार के लिए तत्पर प्रशासनिक व्यवस्था विद्यमान है। निवेश प्रोत्साहन के लिए राज्य सरकार अपनी नीतियों में बदलाव या सुधार के लिए तत्पर है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत आर्थिक सम्पन्नता और आर्थिक सुदृढ़ीकरण की दिशा में अग्रसर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत आर्थिक सम्पन्नता और आर्थिक सुदृढ़ीकरण की दिशा में अग्रसर है। जर्मनी की क्षमताओं ने सदैव सभी को प्रभावित किया है। जर्मनी ने कठिन दौर के बावजूद जीने की राह बनाई और विश्व में सशक्त रूप से अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। मैक्समूलर द्वारा वेदों का अनुवाद, जर्मन विद्वानों द्वारा पुरातत्व और संस्कृति का अध्ययन जर्मनी को भारतीयता के साथ जोड़ता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जर्मनी की इन क्षमताओं के साथ मिलकर मध्यप्रदेश का उद्योग और व्यावसायिक जगत, वैश्विक स्तर पर विशिष्ट स्थान प्राप्त करेगा। संसाधन और श्रम के मितव्ययी उपयोग पर आधारित जर्मन तकनीक से प्रदेश को होगा लाभ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि युवाओं को बेहतर शिक्षा, कौशल उन्नयन के अवसर और उनके लिए रोजगार के मौके सृजित कर प्रदेश को प्रगति पथ पर अग्रसर करना जर्मनी यात्रा का उद्देश्य है। राज्य सरकार के इन प्रयासों से युवा अपने परिवार के साथ प्रदेश और देश की बेहतरी के लिए भी योगदान देने में सक्षम होंगे। यह संतोष का विषय है कि जर्मनी के एक प्रभावी साझेदार बनने की सभी संभावनाएं विद्यमान हैं। कई निवेशकों और उद्योग समूहों ने मध्यप्रदेश में अपनी गतिविधियों के विस्तार के लिए रूचि प्रकट की है। लैप ग्रुप ने अपनी गतिविधियों को प्रदेश में क्रियान्वित करना आरंभ कर दिया है, जो अन्य जर्मन समूहों के लिए श्रेष्ठ उदाहरण है। ग्रीन एनर्जी, एमएसएमई, भारी उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यटन के क्षेत्र में भी अच्छी संभावनाएं हैं। संसाधन और श्रम का मितव्ययी उपयोग जर्मन तकनीक की विशेषता है, इससे मध्यप्रदेश को बहुत सहायता मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में भरपूर संसाधन और मैनपॉवर उपलब्ध है। निश्चित ही जर्मनी के साथ परस्पर साझेदारी से मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का लैप ग्रुप फैक्ट्री पहुंचने पर हुआ आत्मीय स्वागत मुख्यमंत्री डॉ. यादव का लैप ग्रुप की फैक्ट्री पहुंचने पर ग्रुप की लीडरशिप टीम द्वारा आत्मीय स्वागत किया गया। लैप ग्रुप के अध्यक्ष एंड्रियास लैप, मैथियास लैप और एग्जीक्यूटिव बोर्ड के सदस्य ह्युबर्टस ब्रियर ने ग्रुप की गतिविधियों की जानकारी दी।   recent visitors 42

विदेशी तकनीक का प्रदेश के संस्थानों में बाजार के अनुसार होगा बेहतर उपयोग- मुख्यमंत्री डॉ. यादव

यूके, जर्मनी यात्रा हमारे ऊर्जावान, प्रतिभाशाली युवाओं के लिए खोलेगी नए अवसरों के द्वार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश के टेक्नों-फ्रेंड युवाओं को मिलेंगे रोजगार के बेहतर अवसर: मुख्यमंत्री डॉ. यादव विदेशी तकनीक का प्रदेश के संस्थानों में बाजार के अनुसार होगा बेहतर उपयोग- मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव की जर्मनी और यूके यात्रा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपनी जर्मनी और यूके यात्रा को लेकर कहा कि इस यात्रा का उद्देश्य मध्यप्रदेश में राज्य के युवाओं के लिए निवेश के नए अवसरों का निर्माण करना है। उन्होंने कहा “यात्रा का उद्देश्य राज्य के युवाओं के रोजगार, औद्योगिकीकरण और मध्यप्रदेश को देश और दुनिया के सामने एक मजबूत आर्थिक शक्ति के रूप में स्थापित करना था। हमने पूरे समय का सदुपयोग किया। जर्मनी और यूके की यात्रा के बाद, मैं कह सकता हूँ कि यह यात्रा हमारे टेक्नों-फ्रेंड ऊर्जावान, प्रतिभाशाली युवाओं के लिए नए अवसरों के द्वार खोल रही है।” मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को म्यूनिख में अपने औद्योगिक प्रायोजन संबंधी यात्रा के अंतिम दिन स्थानीय मीडिया से चर्चा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इस यात्रा में किए गए प्रयासों से उन्हें न केवल सफलता मिली बल्कि समझने और सीखने का भी अवसर मिला। उन्होंने यात्रा के दौरान हर पल और कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए अपनी टीम के सदस्यों और प्रदेशवासियों को बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जब हम एकजुट होकर अच्छी योजना बनाते हैं, तो परिणाम भी अच्छा होता है और हमें जर्मनी से यही मिल रहा है। जर्मनी और आगे बढ़ रहा है। मैं महसूस करता हूँ कि वहां एक आंतरिक उत्साह है जो उन्हें अपनी चुनौतियों से निपटने में मदद कर रहा है। जर्मनी अपनी तकनीक को अन्य देशों के साथ साझा करने और भविष्य की यात्रा में उसका विश्वास बनाने की दिशा में अग्रसर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि जर्मनी से उन्हें कई ऐसे प्रस्ताव मिले हैं, जिनसे मध्यप्रदेश को इस विश्वास के साथ आगे बढ़ने का मौका मिल रहा है कि राज्य अपनी पारंपरिक क्षमताओं के साथ नवीनतम तकनीकों का उपयोग कर सकता है। उन्होंने कहा कि हमारे लिए यह बड़ी बात है कि कृषि, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), स्वास्थ्य, शिक्षा, नई तकनीक और भारी उद्योग क्षेत्रों में जर्मनी से हमें सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि जर्मनी में हो रही तकनीकी प्रगति और उद्योगों में हो रहे नवाचारों को मध्यप्रदेश में लागू करने के लिए राज्य सरकार सक्रिय रूप से कदम उठा रही है। उन्होंने आशा जताई कि राज्य के लिए यह यात्रा कई नए उद्योगों, तकनीकी सहयोग और रोजगार के अवसरों के द्वार खोलेगी। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य प्रदेश के युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराते हुए मध्यप्रदेश को देश और दुनिया के सामने सशक्त औद्योगिक ताकत के रूप में स्थापित करना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतिपल-प्रति मिनिट हमारा लक्ष्य प्रदेश के युवाओं को बेहतर रोजगार उपलब्ध कराना है। हमारे बौद्धिक संपन्न युवा ही नहीं बल्कि प्रदेश के हर वर्ग के युवा को रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। वर्क फोर्स बनकर करेंगे काम मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जर्मनी और यूके आर्थिक और तकनीकी रूप से साधन संपन्न देश हैं, उन्हें आवश्यकता है तो मेन पॉवर की। हमारे पास मेन पॉवर उपलब्ध है, तकनीकी रूप से दक्ष युवा है, दोनों को जोड़ने के लिए यदि जरूरत है तो भाषा की। लैंग्वेंज प्रॉब्लम को दूर कर हम एक-दूसरे के पूरक के रूप में वर्क-फोर्स बनकर काम करेंगे। ग्लोबल लीडर हैं प्रधानमंत्री मोदी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का कार्यकाल स्वर्णिम है। प्रधानमंत्री मोदी ग्लोबल लीडर हैं और उनके विजन से देश आगे बढ़ रहा है। उनके नेतृत्व में डबल इंजन की सरकार में मध्यप्रदेश विकास की ओर अग्रसर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जर्मनी हमारा मित्र देश है। दोनों देशों के राष्ट्राध्यक्षों के मध्य बेहतर समन्वय का हमें भी लाभ मिला है। जर्मन बढ़ते भारत और आगे बढ़ते मध्यप्रदेश के साथ भविष्य में व्यापार एवं उद्योग के लिए आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि जर्मनी, भारत का सदैव प्रशंसक रहा है। हमारी साझा विरासत गौरवशाली रही है। सौहार्दपूर्ण संबंधों का मिला लाभ, निवेश के मिले कई प्रस्ताव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि जर्मनी के साथ हिन्दुस्तान के सौहार्द्रपूर्ण संबंधों की बात करें तो नेताजी सुभाषचंद्र बोस के समय को याद कर सकते हैं। जर्मन, मध्यप्रदेश में निवेश की अपार संभावनाओं को समझते हैं। जर्मनी से मध्यप्रदेश में निवेश के प्रस्ताव अनेक औद्योगिक सेक्टर्स के लिए प्राप्त हुए हैं। कृषि, एआई, हेल्थ, सेमीकंडक्टर, शिक्षा, नई तकनीक और भारी उद्योग के क्षेत्र में निवेशकों ने निवेश की इच्छा जाहिर की है। साथ ही अनेक क्षेत्रों में निवेश के प्रस्ताव भी प्राप्त हुए हैं। जर्मनी के माध्यम से वेदों का दुनिया को कराया परिचय मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे वेदों को दुनिया से सबसे पहले परिचित कराने वाला कोई देश है, तो वह जर्मनी ही है। मैक्समूलर ने हमारे वेदों का संस्कृत भाषा से अनुवाद कर जर्मनी के माध्यम से दुनिया के सामने हमारे प्राचीन ज्ञान को प्रकट किया था। जर्मनी के साथ हमारे अतीत के संबंध बहुत अच्छे रहे हैं। उन्होंने कहा कि मैं समझता हूं कि जर्मन ही एक ऐसी भाषा है जो संस्कृत के सबसे ज्यादा नजदीक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की जर्मनी और यूके यात्रा से मध्यप्रदेश को न केवल व्यापारिक और औद्योगिक दृष्टि से फायदा होने की उम्मीद है, बल्कि यह राज्य के समग्र विकास में भी अहम योगदान देने वाली साबित होगी।   recent visitors 31

भोपाल के अचारपुरा में जर्मन कंपनी एसीईडीएस लिमिटेड को 27,200 वर्गमीटर जमीन आवंटित की गई

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जर्मनी की यात्रा पर है। डॉ. यादव ने निवेशकों से मिलने के बाद एसीईडीएस को भोपाल में भूमि आवंटित की। भोपाल के अचारपुरा में जर्मन कंपनी एसीईडीएस लिमिटेड को 27,200 वर्गमीटर (6.72 एकड़) जमीन आवंटित की गई है। इस समझौते के तहत कंपनी ने भोपाल में अपनी औद्योगिक इकाई स्थापित करने के लिए 100 करोड़ रूपये से ज्यादा का प्रस्ताव दिया है। इस कम्पनी की स्थापना से सैकड़ों लोगों को रोजगार मिलेगा। इस उद्योग की स्थापना से एक्स-रे मशीन निर्माण एवं अन्य उपकरण, सौर ऊर्जा पॉवर प्लांट सहित नैनो इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में कार्य किया जाएगा। भोपाल को मिलेगा वैश्विक औद्योगिक केंद्र का दर्जा भोपाल के अचारपुरा में जर्मन कंपनी एसीईडीएस लिमिटेड को 27,200 वर्गमीटर (6.72 एकड़) जमीन आवंटित की गई है। इस समझौते के तहत कंपनी ने भोपाल में अपनी औद्योगिक इकाई स्थापित करने के लिए 100 करोड़ रूपये से ज्यादा का प्रस्ताव दिया है। इस कम्पनी की स्थापना से सैकड़ों लोगों को रोजगार मिलेगा। इस उद्योग की स्थापना से एक्स-रे मशीन निर्माण एवं अन्य उपकरण, सौर ऊर्जा पॉवर प्लांट सहित नैनो इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में कार्य किया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की इस यात्रा ने प्रमाणित कर दिया है कि मध्य प्रदेश में निवेशकों के लिए अब ऐसा माहौल तैयार हो चुका है, जहां व्यापार को बढ़ावा देने के साथ-साथ उन्हें हरसंभव सहयोग दिया जा रहा है। उनकी दूरदर्शी सोच और निवेशकों के प्रति सकारात्मक रवैया ने ही जर्मन कंपनी को प्रदेश में अपने विस्तार की प्रेरणा दी है। भोपाल में जर्मन कंपनी एसीईडीएस को भूमि आवंटन औद्योगिक विकास की नई लहर भोपाल में जर्मन कंपनी एसीईडीएस को भूमि आवंटन मात्र एक शुरुआत है। यह साझेदारी न केवल औद्योगिक विकास की एक नई लहर लाएगी, बल्कि इसे प्रदेश के समग्र विकास के रूप में देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की इस ऐतिहासिक यात्रा ने यह भी प्रमाणित कर दिया है कि मध्य प्रदेश न केवल भारत बल्कि वैश्विक निवेश का अगला प्रमुख केंद्र बनने की पूरी क्षमता रखता है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रदेश में निवेश लाने को लेकर 24 नवंबर से 30 नवंबर तक यूके और जर्मनी की यात्रा पर है। यह मुख्यमंत्री की पहली विदेश यात्रा है। यह दौरा प्रदेश में निवेश को आकर्षित करने और प्रदेश के औद्योगिक विकास को नई ऊंचाईयां देने के लिए किया जा रहा है।  मुख्यमंत्री ने यूके में उद्योगपतियों से चर्चा की। वहां से प्रदेश में करीब 60 हजार करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए है। इसके बाद मुख्यमंत्री जर्मनी पहुंचे है। जहां पर प्रदेश में निवेश को लेकर उद्योगपतियों से चर्चा हो रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भोपाल में जर्मन कंपनी एसीईडीएस को भूमि आवंटन मात्र एक शुरुआत है। यह साझेदारी न केवल औद्योगिक विकास की नई लहर लाएगी, बल्कि प्रदेश के समग्र विकास का हिस्सा बनेगी।      recent visitors 135

MP-जर्मनी औद्योगिक क्रांति के नए द्वार खोलेंगे- मुख्यमंत्री मोहन यादव

भोपाल  मध्य प्रदेश के मंडीदीप और पीथमपुर में पहले से मौजूद जर्मन निवेशकों के सुगम समन्वय के उद्देश्य से मध्य प्रदेश में एक विशेष राज्य सरकारी संपर्क कार्यालय स्थापित किया जाएगा। जर्मनी का हमारे देश से पुराना संबंध रहा है। दुनिया में यह सभ्यता अलग ढंग से जानी जाती है। जर्मनी और मध्य प्रदेश का आपसी सहयोग औद्योगिक क्रांति के नए द्वार खोलने में सहायक होगा। मध्य प्रदेश में जर्मन विशेषज्ञ आएंगे, साथ ही टेक्नोलाजी भी उपलब्ध करवाएंगे। दोनों देश आपसी समन्वय से मध्य प्रदेश में औद्योगिक विकास के नए आयाम स्थापित करेंगे। मीडिया विभाग के मंत्री से हुई मुलाकात यह बात गुरुवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जर्मनी दौरे पर बवेरिया राज्य के चांसलर प्रमुख और संघीय एवं यूरोपीय मामलों के साथ मीडिया विभाग के मंत्री डॉ. फ्लोरियन हैरमेन से मुलाकात के दौरान कही। इस मुलाकात में राज्य स्तर पर सहयोग के विभिन्न अवसरों पर चर्चा की गई। चर्चा में मुख्यमंत्री एवं डॉ. हैरमेन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत और जर्मनी के बीच मजबूत होते रिश्तों को आगे बढ़ाने की दिशा में राज्य स्तर पर भी साझेदारी बढ़ाने पर रजामंदी दिखाई। दोनों नेताओं ने तकनीकी नवाचार, सुपरकंप्यूटिंग, ऑटोमोटिव सेक्टर, एरोनाटिक्स और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में संभावित सहयोग के पहलुओं पर विचार-विमर्श किया। मुख्यमंत्री एवं औद्योगिक प्रतिनिधिमंडल का जर्मनी के म्यूनिख पहुंचने पर भारत के कौंसलेट जनरल शत्रुघ्न सिन्हा और भारतीय संघ के अध्यक्ष राणा हरगोविंद सिंह एवं अन्य भारतवंशियों ने गर्मजोशी से स्वागत किया। जो समय को जीतता है, वह दुनिया को जीत सकता है मुख्यमंत्री जर्मन प्रतिनिधिमंडल के टाइम मैनेजमेंट से बहुत प्रभावित हुए। उन्होंने कहा, जो समय को जीतता है, वह दुनिया को जीत सकता है। दोनों पक्षों ने इस मुलाकात को मध्य प्रदेश और बवेरिया के बीच दीर्घकालिक और आपसी लाभकारी संबंधों का शुभारंभ बताया। मैक्समूलर ने हमारे वेदों का संस्कृत भाषा से अनुवाद करके जर्मनी के माध्यम से दुनिया के सामने हमारे प्राचीन ज्ञान को प्रकट किया था। अतीत के संबंध से इनकी अच्छाइयों और टेक्नोलाजी को सीखते हुए मध्य प्रदेश और बवेरिया स्टेट समन्वयपूर्वक आगे बढ़ेंगे। जर्मन भाषा के लिए खोलेंगे लैंग्वेंज इंस्टीट्यूट मुख्यमंत्री ने म्यूनिख स्थित बवेरिया स्टेट चांसलरी सरकार राजनीतिक नेतृत्व के साथ संवाद किया। उन्होंने कहा कि जर्मनी में काम के अनेक अवसर तो हैं, परंतु भाषाई चुनौती भी है। इसे दूर करने के लिए मध्य प्रदेश में लैंग्वेज इंस्टीट्यूट खोलने की योजना बना रहे हैं, जिससे रोजगार के अवसरों के लिए भाषा चुनौती नहीं बने और मध्य प्रदेश तथा जर्मनी के अधिकारियों के मध्य समन्वय के साथ भाषाई सहजता से काम हो सके। औद्योगिक विकास के लिए जर्मन टेक्नोलाजी का सहयोग मुख्यमंत्री ने कहा कि जर्मनी के टेक्निकल स्टाफ के माध्यम से इंजीनियरिंग, पालीटेक्निक, आईटीआई जैसे टेक्निकल क्षेत्र में हमारे उद्योगपति लाभ ले सकेंगे। उन्होंने भोपाल में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में जर्मनी के प्रतिनिधियों और उद्योगपतियों को आमंत्रित किया। दोनों राज्यों में अधिकारियों को एक दूसरे राज्य में भेजने में प्रशासनिक लेवल पर जो कठिनाइयां आती हैं, उन्हें दूर किया जाएगा। recent visitors 44

मध्यप्रदेश को वैश्विक औद्योगिक मानचित्र पर एक नए केंद्र के रूप में स्थापित करेगा : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की जर्मनी यात्रा ने प्रदेश के औद्योगिक विकास को एक नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया है। गुरूवार को डॉ. यादव ने निवेशकों से मिलने के बाद एसीईडीएस को भोपाल में भूमि आवंटित की। यह निर्णय मध्यप्रदेश को वैश्विक औद्योगिक मानचित्र पर एक नए केंद्र के रूप में स्थापित करेगा। भोपाल को मिलेगा वैश्विक औद्योगिक केंद्र का दर्जा भोपाल के अचारपुरा में जर्मन कंपनी एसीईडीएस लिमिटेड को 27,200 वर्गमीटर (6.72 एकड़) जमीन आवंटित की गई है। इस समझौते के तहत कंपनी ने भोपाल में अपनी औद्योगिक इकाई स्थापित करने के लिए 100 करोड़ रूपये से ज्यादा का प्रस्ताव दिया है। इस कम्पनी की स्थापना से सैकड़ों लोगों को रोजगार मिलेगा। इस उद्योग की स्थापना से एक्स-रे मशीन निर्माण एवं अन्य उपकरण, सौर ऊर्जा पॉवर प्लांट सहित नैनो इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में कार्य किया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की इस यात्रा ने प्रमाणित कर दिया है कि मध्यप्रदेश में निवेशकों के लिए अब ऐसा माहौल तैयार हो चुका है, जहां व्यापार को बढ़ावा देने के साथ-साथ उन्हें हरसंभव सहयोग दिया जा रहा है। उनकी दूरदर्शी सोच और निवेशकों के प्रति सकारात्मक रवैया ने ही जर्मन कंपनी को प्रदेश में अपने विस्तार की प्रेरणा दी है। भोपाल में जर्मन कंपनी एसीईडीएस को भूमि आवंटन मात्र एक शुरुआत है। यह साझेदारी न केवल औद्योगिक विकास की एक नई लहर लाएगी, बल्कि इसे प्रदेश के समग्र विकास के रूप में देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की इस ऐतिहासिक यात्रा ने यह भी प्रमाणित कर दिया है कि मध्यप्रदेश न केवल भारत बल्कि वैश्विक निवेश का अगला प्रमुख केंद्र बनने की पूरी क्षमता रखता है।   recent visitors 57

निवेशक हमारे लिये मेहमान नहीं, हमारा परिवार हैं, प्रक्रियात्मक कठिनाइयां नहीं आने देंगे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

पुरुषार्थ और परमार्थ का संगम है जर्मनी, इससे जुड़कर उद्योग के नये मार्ग होंगे प्रशस्त : मुख्यमंत्री डॉ. यादव निवेशकों को मध्यप्रदेश में उपलब्ध करायेंगे हर सुविधा प्रक्रियात्मक कठिनाइयां नहीं आने देंगे निवेशक हमारे लिये मेहमान नहीं, हमारा परिवार हैं मध्यप्रदेश में निवेशकों के लिये उपलब्ध है स्वर्णिम अवसर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जीआईएस : 2025 के लिए किया जर्मनी के निवेशकों को आमंत्रित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारत और जर्मनी के आपसी संबंध हमेशा से बेहतर रहे हैं। पुरुषार्थ और परमार्थ से परिपूर्ण जर्मनी ने भारत के साथ हमेशा उद्योग मैत्री का रवैया रखा है। उन्होंने जर्मनी के निवेशकों को उन्नत तकनीकी के साथ मध्यप्रदेश में आमंत्रित करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में विभिन्न क्षेत्रों में निवेश के लिए आये निवेशकों को हर आवश्यक सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। हमनें निवेशकों के हित में जटिलताओं को समाप्त/सरलीकृत कर प्रक्रियात्मक कठिनाइयों को दूर करने का काम किया है। निवेशकों को प्रदेश में उद्योग लगाने पर बिजली और पानी की कमी नहीं आने दी जायेगी। निवेशक हमारे लिये मेहमान नहीं, हमारे परिवार का एक अंग हैं। हम उन्हें किसी प्रकार की कठिनाई नहीं होने देंगे। प्रदेश में ग्रीन एनर्जी के लिये भी अपार संभावनाएं मौजूद हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को म्यूनिख (जर्मनी) में अपनी 3 दिवसीय यात्रा के प्रथम दिन इन्टरैक्टिव सेशन को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोपाल में फरवरी माह में हो रही ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025 में आने के लिए जर्मनी के उद्योगपतियों को आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत और जर्मनी के अतीतकाल से बहुत गहरे संबंध है। विशेष रूप से उद्योग और व्यवसाय जगत में भी हमारे संबंध बहुत मजबूत हैं। हमने इन संबंधों को निभाया भी है। यूरोप के सभी देशों से तुलना की जाए तो जर्मनी मध्यप्रदेश में सबसे ज्यादा निवेश करने वाला देश है। मेरी यात्रा इन संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में एक कदम है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज यहां मैं एक स्पष्ट उद्देश्य से आया हूँ। हम जर्मनी के साथ एक नई तरह की साझेदारी चाहते हैं। साझेदारी केवल व्यापार तक ही सीमित न हो। हम चाहते हैं कि जर्मनी की कम्पनियां अपनी उन्नत तकनीक के साथ मध्यप्रदेश में निवेश करें। मध्यप्रदेश में उपलब्ध प्राकृतिक और मानव संसाधनों के साथ जर्मनी की तकनीक का संगम हो। मध्यप्रदेश एक सम्पूर्ण इन्वेस्टमेंट डेस्टीनेशन है। मध्यप्रदेश में निवेशकों के लिए स्वर्णिम अवसर भी उपल्बध हैं। जब मध्यप्रदेश की क्षमताओं की बात की जाती है, तो आंकड़े स्वयं बोलते हैं। मध्यप्रदेश आज भारत की सबसे तेज बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। हमारी अर्थव्यवस्था पिछले एक दशक में तीन गुना बढ़ी है। हमारी विकास दर दोहरे अंक में है। लेकिन यह तो शुरूआत है। हम एक पॉवर सरप्लस स्टेट हैं। सिर्फ यही नहीं, प्रदेश में बिजली देने के लिए वैकल्पिक साधनों का इस्तेमाल भी किया जा रहा है। ग्रीन एनर्जी की दिशा में मध्यप्रदेश काफी आगे बढ़ा है। इसके साथ ही पर्याप्त जल और भूमि की उपलब्धता भी मध्यप्रदेश की विशेषता है। हमारी यूएसपी है मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि जर्मनी के उद्योगपति जर्मनी ही नहीं, विश्व के कई देशों में ख्याति प्राप्त कर रहे हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जर्मन विद्वान मैक्स मूलर का पुण्य स्मरण करते हुए कहा कि उन्होंने भारतीय ग्रंथों और वेदों का जर्मनी सहित अन्य भाषाओं में अनुवाद किया। वे संस्कृत के भी विद्वान थे। स्वामी विवेकानंद भी उनकी प्रतिभा की प्रशंसा करते थे। जर्मनी ने विश्व युद्ध सहित अनेक कठिनाईयों का सामना किया है। लेकिन जर्मनी के नागरिकों की जीवटता सराहनीय है। उद्योग स्थापना की महत्वपूर्ण स्वीकृतियाँ 30 दिन में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उद्योग स्थापना में आने वाली मुश्किलों को दूर करने के लिये मध्यप्रदेश सरकार ने विशेष प्रयास किये हैं। मध्यप्रदेश को देश का इकलौता प्रदेश कहा जा सकता है, जहाँ उद्योग संबंधी सभी प्रकार की अनुमतियाँ और स्वीकृतियाँ मात्र 30 दिन में दी जाती हैं। उन्होंने कहा कि इस महत्वपूर्ण विभाग की मॉनीटरिंग उत्साही, जिज्ञासु और कर्मठ अधिकारियों के हाथों में है। इसके अतिरिक्त वे स्वयं निरंतर इस विभाग की मॉनीटरिंग करते हैं। मेहमान नहीं, परिवार बनकर आयें मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जर्मनी के निवेशकों को आमंत्रित करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश की धरती पर मेहमान की बजाये परिवार बनकर आये हैं। सभी को सुखद औद्योगिक माहौल मिलेगा। भारत के भावी आर्थिक लक्ष्यों का भी हृदय प्रदेश है मध्यप्रदेश ‘इन्वेस्ट अपोर्चुनिटीज इन एमपी’ के लिए गुरुवार को जर्मनी के म्यूनिख में आयोजित इंटरैक्टिव सेशन को जर्मनी में भारत के कौंसुलेट जनरल शत्रुघन सिन्हा ने कहा कि मध्यप्रदेश भारत का भौगोलिक हृदय प्रदेश तो है ही, साथ ही यह भारत के आर्थिक विकास का भी प्रमुख गंतव्य बन रहा है। सिन्हा ने जर्मनी के निवेशकों से मध्यप्रदेश में निवेश का आव्हान कर उन्हें आश्वस्त करते हुए बताया कि यहां 5 पूर्ण विकसित हवाई अड्डे, 4 हजार किलोमीटर लंबे राष्ट्रीय राजमार्ग और विस्तृत रेलवे नेटवर्क है। मध्यप्रदेश के शहरों से देश के उत्तर से दक्षिण और पूर्व से पश्चिम तक किसी भी स्थान पर आसानी से पहुंचा जा सकता है। यहां से देश भर के पोर्ट्रस तक सुगम पहुंच इसे देश की सप्लाई चेन के लिए महत्वपूर्ण केन्द्र बनाती है। सिन्हा ने मध्यप्रदेश में निवेश की अपार संभावनाओं पर जोर देते हुए मध्यप्रदेश सरकार की इंडस्ट्री फ्रैंडली नीतियों की तारीफ की। उन्होंने जर्मन निवेशकों को बताया कि मध्यप्रदेश में कृषि, नवकरणीय ऊर्जा, ऑटोमोबाइल, फार्मास्युटिकल और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में निवेश न सिर्फ मध्यप्रदेश, बल्कि निवेशकों के लिए भी विकास के नए द्वार खोल सकता है। जर्मन निवेशकों के लिए मध्यप्रदेश आइडियल डेस्टिनेशन डॉ. टोबियास रोसेन्थाल, चेयरमेन, बेयरलोशर ने कहा कि जर्मन निवेशकों के लिये मध्यप्रदेश आइडियल डेस्टिनेशन है। मध्यप्रदेश में एडिटिव प्लास्टिक उत्पादक कंपनी बेयरलोशर के चेयरमेन डॉ. रोसेन्थाल ने मध्यप्रदेश में उद्यमिता के अपने 25 वर्ष के अनुभव साझा करते हुए बताया कि मध्यप्रदेश में उनका इतना अच्छा अनुभव रहा कि उनकी कंपनी ने दुनिया भर के 15 प्लांट्स में सबसे बड़ा प्लांट मध्यप्रदेश में स्थापित किया। डॉ. रोसेन्थाल ने जर्मन निवेशकों को बताया मध्यप्रदेश निवेश के लिये आइडियल डेस्टिनेशन है, क्योंकि यहाँ अच्छे व कुशल मानव संसाधन, उपयुक्त इन्फ्रॉस्ट्रक्चर असिस्टेंस और प्रदेश सरकार की ओर … Read more

मध्यप्रदेश में जर्मन निवेश का नया अध्याय प्रारंभ : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की जर्मनी यात्रा ने प्रदेश के औद्योगिक विकास को एक नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया है। गुरूवार को डॉ. यादव ने निवेशकों से मिलने के बाद एसीईडीएस को भोपाल में भूमि आवंटित की। यह निर्णय मध्यप्रदेश को वैश्विक औद्योगिक मानचित्र पर एक नए केंद्र के रूप में स्थापित करेगा। भोपाल को मिलेगा वैश्विक औद्योगिक केंद्र का दर्जा भोपाल के अचारपुरा में जर्मन कंपनी एसीईडीएस लिमिटेड को 27,200 वर्गमीटर (6.72 एकड़) जमीन आवंटित की गई है। इस समझौते के तहत कंपनी ने भोपाल में अपनी औद्योगिक इकाई स्थापित करने के लिए 100 करोड़ रूपये से ज्यादा का प्रस्ताव दिया है। इस कम्पनी की स्थापना से सैकड़ों लोगों को रोजगार मिलेगा। इस उद्योग की स्थापना से एक्स-रे मशीन निर्माण एवं अन्य उपकरण, सौर ऊर्जा पॉवर प्लांट सहित नैनो इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में कार्य किया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की इस यात्रा ने प्रमाणित कर दिया है कि मध्यप्रदेश में निवेशकों के लिए अब ऐसा माहौल तैयार हो चुका है, जहां व्यापार को बढ़ावा देने के साथ-साथ उन्हें हरसंभव सहयोग दिया जा रहा है। उनकी दूरदर्शी सोच और निवेशकों के प्रति सकारात्मक रवैया ने ही जर्मन कंपनी को प्रदेश में अपने विस्तार की प्रेरणा दी है। भोपाल में जर्मन कंपनी एसीईडीएस को भूमि आवंटन मात्र एक शुरुआत है। यह साझेदारी न केवल औद्योगिक विकास की एक नई लहर लाएगी, बल्कि इसे प्रदेश के समग्र विकास के रूप में देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की इस ऐतिहासिक यात्रा ने यह भी प्रमाणित कर दिया है कि मध्यप्रदेश न केवल भारत बल्कि वैश्विक निवेश का अगला प्रमुख केंद्र बनने की पूरी क्षमता रखता है।   recent visitors 49