मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एसएएफ जवान अशोक कुमार से फोन पर बात कर कुशलक्षेम जाना

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने महाराष्ट्र निर्वाचन ड्यूटी के दौरान डेंगू से पीड़ित 17वीं बटालियन एसएएफ भिंड के कांस्टेबल अशोक कुमार से फोन पर बातचीत की। उन्होंने उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी प्राप्त कर आश्वस्त किया कि बेहतर उपचार में कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी। हर संभव मदद की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जवान अशोक कुमार के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। महाराष्ट्र के यवतमाल में निर्वाचन ड्यूटी के दौरान जवान अशोक कुमार की तबीयत खराब हो गई थी। उपचार के लिए उन्हें नागपुर के ऑरेंज सिटी मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल में रेफर किया गया, जहां उनका उपचार चल रहा है। अस्पताल प्रशासन ने बताया है कि अशोक कुमार को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चुनाव मैनुअल के अनुसार उनका पूरा उपचार कैशलेस किए जाने के निर्देश दिए हैं।   recent visitors 44

वृहद, मध्यम एवं सूक्ष्म सिंचाई परियोजनाओं से मध्यप्रदेश में निरंतर सिंचाई का रकबा बढ़ रहा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार किसान हितैषी सरकार है, जो सबसे ज्यादा फिक्र अपने अन्नदाता की करती है। सरकार निरंतर हर खेत तक पानी पहुंचाने के कार्य कर रही है। जल संसाधन विभाग की विभिन्न वृहद, मध्यम एवं सूक्ष्म सिंचाई परियोजनाओं से मध्यप्रदेश में निरंतर सिंचाई का रकबा बढ़ रहा है। सिंचाई की समुचित व्यवस्था हो जाने से अब किसान 2 फसलों के स्थान पर 3 फसल लेने लगे है। इससे उत्पादन में भी वृद्धि हुई है और किसान समृद्ध भी हो रहे है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में सिंचाई के रकबे में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। वर्ष 2003 में जहां प्रदेश का सिंचाई रकबा लगभग 3 लाख हेक्टेयर था, आज बढ़कर लगभग 50 लाख हेक्टेयर हो गया है। प्रदेश की निर्मित और निर्माणाधीन सिंचाई परियोजनाओं से प्रदेश में वर्ष 2025-26 तक सिंचाई का रकबा लगभग 65 लाख हेक्टेयर होने की संभावना है। सरकार ने वर्ष 2028-29 तक प्रदेश की सिंचाई क्षमता 1 करोड़ हैक्टेयर तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए प्रदेश में तीव्र गति से कार्य किया जा रहा है। सरकार ने विभाग के लिए बजट में भी पर्याप्त राशि का प्रावधान किया है। वर्ष 2024-25 के बजट में सिंचाई परियोजनाओं के निर्माण एवं संधारण के लिए 13 हजार 596 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने बताया कि प्रदेश की सिंचाई परियोजनाओं में केन-बेतवा लिंक परियोजना एक महत्वाकांक्षी नदी जोड़ों राष्ट्रीय परियोजना है। इसमें केन नदी पर दौधन बांध, आनुषंगिक कार्य एवं लिंक नहर का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है। इस परियोजना के अंतर्गत बेतवा कछार में बीना काम्पलेक्स, कोटा बैराज तथा लोअरओर परियोजनाओं का निर्माण किया जाना सम्मिलित है। परियोजना से मध्यप्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र के छतरपुर, पन्ना, टीकमगढ़, निवाड़ी एवं दमोह जिलों में माइक्रो इरिगेशन से केन कछार में 4.5 लाख हेक्टेयर, बेतवा कछार के विदिशा, रायसेन, सागर, शिवपुरी एवं दतिया जिलों में 2.06 लाख हेक्टेयर तथा उत्तरप्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र के बांदा, महोबा और झांसी जिलों में 2.5 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई के साथ पेयजल की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। परियोजना से उत्पन्न होने वाली 103 मेगावाट जल विद्युत तथा 27 मेगावाट सौर ऊर्जा पर पूरा अधिकार मध्यप्रदेश का होगा। परियोजना के द्वितीय चरण की डीपीआर राष्ट्रीय जल विकास अभिकरण द्वारा वर्ष 2014 में तैयार की गई। इसके अंतर्गत मध्यप्रदेश द्वारा बेतवा कछार में अंतिम रूप से प्रस्तावित 3 परियोजनाएं: बीना परिसर से 96 हजार हेक्टेयर, कोटा बैराज से 20 हजार हेक्टेयर तथा लोअर ओर परियोजना से 90 हजार हैक्टेयर सिंचाई प्रस्तावित है। साथ ही परियोजनाओं से 66.7 मिलियन घन मीटर पेयजल एवं मांग आधार पर उद्योगों हेतु जल का प्रावधान रखा गया है। परियोजना की सभी वैधानिक स्वीकृतियां प्राप्त हो चुकी हैं। मध्यप्रदेश में द्वितीय चरण की परियोजना का कार्य प्रगति पर है। परियोजना के कार्यान्वयन के लिए मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश एवं केन्द्रीय जल शक्ति मंत्रालय के बीच एक त्रिपक्षीय सहमति ज्ञापन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की उपस्थिति में हस्ताक्षरित किया गया। परियोजना के क्रियान्वयन के लिए केंद्रीय मंत्रि-परिषद द्वारा 44 करोड़ 605 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। परियोजना को 8 वर्षों में पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। पार्वती-काली-सिंध-चंबल लिंक परियोजना एक अन्य महत्वपूर्ण परियोजना है, जिसके लिए मध्यप्रदेश, राजस्थान और केंद्र सरकार के बीच त्रिपक्षीय समझौता हुआ है। इस परियोजना से प्रदेश के 10 जिलों को लाभ मिलेगा। केन-बेतवा लिंक परियोजना, संशोधित पार्वती-कालीसिंध परियोजना और नर्मदा घाटी की अन्य प्रस्तावित महत्वपूर्ण परियोजनाओं से प्रदेश में 19 लाख 25 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा बढ़ेगी। प्रदेश में "पर ड्रॉप मोर क्रॉप" के उद्देश्य की पूर्ति के लिए 133 वृहद् एवं मध्यम प्रेशराइज्ड सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली आधारित परियोजना निर्माणाधीन है। प्रदेश में 1320 करोड़ रुपए की लागत वाली चितरंगी दाब युक्त सूक्ष्म सिंचाई परियोजना स्वीकृत हुई है। इस परियोजना से सिंगरौली जिले में 32 हजार 125 हेक्टेयर सिंचाई क्षेत्र विकसित होगा। इसी प्रकार 4197 करोड़ 58 लाख रुपए की लागत से जावद-नीमच दाबयुक्त सूक्ष्म सिंचाई परियोजना को भी स्वीकृत किया गया है। नीमच जिले में इस परियोजना से 18 हजार 600 हेक्टेयर में सिंचाई क्षेत्र विकसित होगा।   recent visitors 101

पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह हमेशा हिंदुओं को लज्जित करने का काम करते हैं: सीएम मोहन यादव

उज्जैन अमेरिका में गौतम अदाणी पर रिश्वत के आरोप लगने के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उन्हें गिरफ्तार करने की मांग की है. जिसपर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की प्रतिक्रिया आई है. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को देश के लोग मजाक में लेते हैं. उन्हें गंभीरता से नहीं लिया जाता है. इसके अलावा उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह पर भी तीखा हमला बोला है. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव  उज्जैन में मेडिसिटी और मेडिकल कॉलेज के साथ-साथ 550 बेड के अस्पताल का भूमि पूजन करने के लिए पहुंचे थे. उन्होंने भूमि पूजन कार्यक्रम में हिस्सा लेने के बाद  खास बातचीत की. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को लोग गंभीरता से नहीं लेते. उन्होंने राहुल गांधी की ओर से अदाणी की गिरफ्तारी को लेकर दिए गए बयान पर पलटवार किया है. हिंदुओं को लज्जित करने का काम करते हैं- मोहन यादव वहीं फिल्म द साबरमती रिपोर्ट को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और कांग्रेस के अन्य नेताओं की ओर से दिए गए बयान पर पलटवार किया है. दरअसल, कांग्रेस नेताओं ने कहा था कि मध्य प्रदेश में किसान त्रस्त है और सरकार फिल्म देखने में मस्त है. इसपर उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह हमेशा हिंदुओं को लज्जित करने का काम करते हैं. ‘स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को बेहतर करने में महत्वपूर्ण कदम’ मोहन यादव ने कहा की जनसंघ के जमाने से उज्जैन में मेडिकल कॉलेज की मांग उठ रही थी जो अब जाकर पूरी हुई है. उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज उज्जैन के स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को बेहतर करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है. उन्होंने कहा कि मेरा जन्म भी जब नहीं हुआ था, तब भी लोग मेडिकल कॉलेज की मांग उठा रहे थे, लेकिन कांग्रेस की सरकार की वजह से इतने लंबे अंतराल तक मध्य प्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन में मेडिकल कॉलेज की नींव नहीं रखी जा सकी. recent visitors 77

शहीद के परिवार को एक करोड़ की सम्मान राशि, CM डॉ मोहन ने सौंपा चेक, जवान की बहादुरी और बलिदान को सराहा

भोपाल  मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से आज यहां मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में सीआरपीएफ के शहीद जवान स्व. पवन भदौरिया के परिजन ने भेंट की। मुख्यमंत्री ने जवान शहीद स्व. पवन कुमार भदौरिया के परिजन को एक करोड़ रूपये की सहायता राशि का चेक भेंट किया। राष्ट्रपति द्वारा वीरतापूर्ण कार्य के लिए जवान स्व. भदौरिया को मरणोपरांत शौर्य चक्र प्रदान किया गया है। डॉ यादव ने मध्यप्रदेश के भिंड जिले के निवासी शहीद स्व. पवन भदौरिया के परिजन को प्रावधान के अनुसार एक करोड़ रुपए की राशि का चेक आज भेंट किया। नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि अपनी जान की परवाह न करते हुए साहस के साथ नक्सलियों से मुकाबला करते हुए शहादत को प्राप्त स्व. पवन भदौरिया पर प्रदेशवासियों को गर्व है। शहीद परिवार के साथ शासन साथ खड़ा है। राज्य शासन शहीद परिवार की सहायता के लिए सदैव तत्पर है। 2018 में हुई थी शादी बता दें छत्तीसगढ़ के सुकमा और बीजापुर जिले के बॉर्डर इलाके टेकलगुड़ेक में इसी साल 30 जनवरी को सीआरपीएफ कोबरा और DRG की संयुक्त जवानों की टीम पर हुए नक्सली हमले में तीन जवान शहीद हो गए थे. इसमें एमपी के भिंड निवासी पवन कुमार भदौरिया भी शामिल थे. शहीद जवान पवन कुमार अपने माता-पिता के इकलौते बेटे थे. पवन कुमार की शादी 2018 में ही हुई थी. दरअसल, टेकलगुड़ेम में पुलिस ने नया कैंप स्थापित किया था. इस कैम्प की सुरक्षा में लगे कोबरा एसटीएफ-डीआरजी के जवान कैंप की स्थापना के बाद जूनागुड़ा-अलीगुड़ा इलाके में गश्त पर निकले हुए थे. इसी बीच घात लगाए नक्सलियों ने टीम पर फायरिंग कर दी. इस दौरान सुरक्षाबलों ने भी नक्सलियों को मुंहतोड़ जवाब दिया. इस दौरान फोर्स को भारी पड़ता देख माओवादी जंगल में भाग गए थे. नक्सली मुठभेड़ में वीरता का परिचय कुपावली निवासी पवन कुमार भदौरिया सीआरपीएफ की 201 कोबरा बटालियन में तैनात थे। नक्सल विरोधी अभियान के तहत 30 जनवरी 2024 को सुकमा के कैंप टेकल गडेम में नक्सलियों के साथ मुठभेड़ हुई थी। इस दौरान गोली लगने से वे गंभीर रूप से घायल हो गए और अगले दिन इलाज के दौरान शहीद हो गए। शहीद के परिवार को मुख्यमंत्री सहायता कोष से 10 लाख राशि से बढ़ाकर 1 करोड़ रुपए की सहायता राशि का चेक प्रदान किया गया है। recent visitors 76

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत देश के निर्माण में हमारे सभी महापुरूषों का अमूल्य योगदान है

उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरूवार को मेडिसिटी चिकित्सा महाविद्यालय भूमिपूजन कार्यक्रम के बाद टॉवर चौक पर भारत रत्न डॉ. बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर की नवीन प्रतिमा का अनावरण कर माल्यार्पण किया गया। इस दौरान सांसद अनिल फिरोजिया, बालयोगी उमेशनाथ महाराज, प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल, महापौर मुकेश टटवाल, विधायक अनिल जैन कालूहेडा, सतीश मालवीय, नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव एवं अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर कहा कि उज्जैन नगरी की कई विशेषताएँ हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत देश के निर्माण में हमारे सभी महापुरूषों का अमूल्य योगदान है। बाबा साहेब 20वीं सदी के ऐसे महानायक हैं जिन्होंने समाज में समता के लिए, सहअस्तित्व के लिए, समान भाव लाने के लिए इस देश के अंदर जो विसंगतियाँ थीं, जो बुराईयाँ थीं, कुरीतियॉ थीं, उनके विरूद्ध आवाज उठाई और संघर्ष किया। भारत की स्वतंत्रता के पूर्व कई सामाजिक कुरितियों को दूर कर नए विचारों को जन्म दिया। समाज के कमजोर वर्ग को बाबा साहेब ने सशक्त किया और सशक्त कर आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहन दिया। उन्होंने संविधान का निर्माण कर सबको समानता का अधिकार दिलाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि महापुरूषों की प्रतिमाओं के साथ भविष्य में किसी तरह की छेड़छाड़ न हो इसके लिए प्रशासन द्वारा प्रतिमाओं की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाए।  मुख्यमंत्री ने अपनी ओर से सभी को शुभकामनाएं दीं। महापौर मुकेश टटवाल ने कार्यक्रम में आभार प्रदर्शन किया। उल्लेखनीय है कि उक्त प्रतिमा का निर्माण 12.50 लाख रूपये की लागत से हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर प्रतिमा की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं एवं प्रतिमा के आसपास के स्थल का सौंदर्यीकरण एवं विद्युत साज सज्जा भी की गई है।   recent visitors 62

दुनियाभर में जाना जायेगा उज्जैन का मेडिसिटी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

सिंहस्थ के पहले उज्जैन में बनकर तैयार होगा मेडिसिटी एवं चिकित्सा महाविद्यालय : मुख्यमंत्री डॉ. यादव महाकाल की निगरानी में होगा अब हर मर्ज का ईलाज दुनियाभर में जाना जायेगा उज्जैन का मेडिसिटी प्रायवेट सेक्टर के साथ मिलकर उज्जैन में ही मेडिकल टूरिज्म भी होगा स्थापित मुख्यमंत्री ने उज्जैन में 592.30 करोड़ की मेडिसिटी एवं चिकित्सा महाविद्यालय का किया भूमि-पूजन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मध्यप्रदेश के उज्जैन को मेडिसिटी एवं चिकित्सा महाविद्यालय की सौगात दी है। इसका गुरूवार को भूमि-पूजन किया गया। सिंहस्थ के पहले यह महत्वाकांक्षी प्राजेक्ट तैयार हो जायेगा। इस नवीन व्यवस्था से महाकाल की निगरानी में अब हर मर्ज का ईलाज होगा। स्वास्थ्य के क्षेत्र में उज्जैन की मेडिसिटी दुनियाभर में जानी जायेगी। उज्जैन में हाईटेक स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ मेडिकल डिवाईस पार्क भी विकसित होगा। एक ही परिसर में सारी सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से हाईराईज बिल्डिंग बनाई जाएगी तथा एक-एक इंच भूमि का उपयोग किया जायेगा। परिसर में ही चिकित्सकों एवं पैरामेडिकल स्टॉफ आदि के लिए आवासीय व्यवस्था रहेगी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश गठन के बाद वर्ष 2003-04 तक प्रदेश में कुल 05 मेडिकल कॉलेज थे। आज प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में प्रदेश में 30 मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं, जिनमें 17 सरकारी हैं और 13 निजी क्षेत्र के हैं। उन्होंने कहा कि सरकार और समाज सहकार के साथ व्यवस्थाएं बनाएंगे। अगले वर्ष 12 मेडिकल कॉलेज और तैयार हो रहे हैं। जिन चिकित्सालयों की क्षमता अधिक है वहां चिकित्सा शिक्षा की व्यवस्था करने की भी योजना है। प्रदेश में पहले चिकित्सा शिक्षा एवं लोक स्वास्थ्य अलग-अलग विभाग होते थे, जिन्हें अब एक कर दिया गया है। सरकार एक-एक पैसे का सदुपयोग कर आम जनता को सुविधाएं दे रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरूवार को उज्जैन में 592.30 करोड़ रूपये लागत से निर्मित होने वाली मेडिसिटी एवं शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय का भूमि-पूजन कर संबोधित कर रहे थे। भूमि-पूजन के दौरान वेदपाठी बाहृणों द्वारा स्वस्ति वाचन किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मेडिसिटी एवं शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय सिंहस्थ-2028 के पहले प्रारंभ होगा। उज्जैन में प्रायवेट सेक्टर के साथ मिलकर मेडिकल टूरिज्म की स्थापना भी की जाएगी। उज्जैन में प्रदेश ही नहीं बल्कि विदेशों से आने वाले सभी मरीजों का उपचार किया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा आयुष्मान भारत निरामय योजना शुरू करने के बाद राज्य सरकार ने भी तीन महीने में ही गंभीर मरीजों को एयर लिफ्ट कर बड़े चिकित्सालयों में उपचार कराने की सुविधा शुरू की है। जिन स्थानों पर एयरपोर्ट या हवाई पट्टी नहीं है वहां हेलीकॉप्टर से एयर लिफ्ट कर मरीजों को उपचार की सुविधा दी जा रही है। वर्तमान में प्रदेश में 5000 विद्यार्थियों को चिकित्सा शिक्षा प्रदान की जा रही है, जो आने वाले समय में 10 हजार हो जायेगी। साथ ही प्रदेश में आयुर्वेद के 5 मेडिकल कॉलेज शुरू कर रहे हैं। उज्जैन के आयुर्वेदिक धनवंतरी महाविद्यालय को सर्वसुविधायुक्त एम्स की तरह बनाया जायेगा, इसकी प्रक्रिया चल रही है। साथ ही उज्जैन में हौम्योपैथी महाविद्यालय भी शुरू कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों को रोजगार मूलक पैरामेडिकल एवं नर्सिंग की शिक्षा देने के निर्देश दिये गये हैं, इससे प्रदेश में रोजगार उपलब्ध होगा। विश्वविद्यालय को पैरामेडिकल एवं नर्सिंग परीक्षाएं भी आयोजित करने के निर्देश दिये गये हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सभी चिकित्सालयों में शव वाहन की व्यवस्था भी की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने सिकल सेल-एनीमिया के उन्मूलन के पर्याप्त इंतजाम किये हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन कलेक्टर कार्यालय का नवीन भवन माधव नगर थाने के पास की जमीन पर निर्मित कराने का भी निर्णय लिया गया है। कार्यक्रम को उप-मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल एवं स्थानीय विधायक अनिल जैन कालूहेडा ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर भगवान धनवंतरि की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं कन्या-पूजन कर किया। मालवी पगड़ी पहनकर कार्यक्रम में पहुँचे मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उपस्थित जन-समूह का पुष्प-वर्षा कर स्वागत किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में विभिन्न योजनाओं के तहत हितलाभ भी वितरित किये, जिसमें ग्राम पंचायत ब्रजराज खेड़ी के दीपक शर्मा को व्यक्तिगत शौचालय निर्माण के लिए प्रोत्साहन राशि, उज्जैन नगर पालिक निगम की बेबी बाई को आयुष्मान भारत निरामय योजना की 5 लाख रूपये, ग्राम पंचायत गंगेड़ी को पिंक टॉयलेट निर्माण के लिए 4.84 लाख रूपये का चेक प्रदान किया। प्रदेश की पहली मेडिसिटी उज्जैन में निर्मित होने वाली प्रदेश की पहली मेडिसिटी एवं मेडिकल कॉलेज 14.97 एकड़ में 592.3 करोड़ रूपये की लागत से बनेगा। इसमें 6 हाईराइज टॉवर होंगे। टीचिंग हॉस्पिटल का भवन 9 मंजिला होगा, जिसमें बेसमेंट भी शामिल है। मेडिकल कॉलेज का भवन 8 मंजिला होगा इसमें भी बेसमेंट बनाया जाएगा। नर्सेस होस्टल, आरडीएच ब्लॉक व यूजी इंटर्न गर्ल्स होस्टल के भवन 14 मंजिला होंगे। वहीं यूजी इंटर्न बॉइस होस्टल का भवन 11 मंजिला होगा। मेडिसिटी चिकित्सा महाविद्यालय सम्पूर्ण रूप से दक्ष होगा इसमें रिसर्च एंड डवलपमेंट की सभी सुविधाएँ होंगी। इस महाविद्यालय में 550 बेड की क्षमता का अस्पताल होगा तथा इसमें 150 मेडिकल छात्रों को चिकित्सा शिक्षा प्रदान की जाएगी। महाविद्यालय में 380 क्षमता का नर्सिंग होस्टल, यूजी इन्टर्न गर्ल्स व बोइस होस्टल, सर्विस ब्लॉक, लाईब्रेरी, पार्किंग, जिमनेशियम, फुटओवर ब्रीज की सुविधाओं से सम्पन्न होगा। मेडिसिटी मेडिकल कॉलेज के भवन में उर्जा दक्षता, फायर सेफ्टी, रेन वॉटर हार्वेस्टिंग, सोलर पॉवर, इलेक्ट्रिसिटी बेकअप, सिवरेज ट्रीटमेंट प्लाँट आदि आधुनिक तकनीकिओं का उपयोग होगा। कार्यक्रम में कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री एवं उज्जैन जिला प्रभारी गौतम टेटवाल, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल, राज्यसभा सांसद बालयोगी उमेशनाथ महाराज, सांसद अनिल फिरोजिया, विधायक सर्व अनिल जैन कालूहेड़ा, सतीश मालवीय, डॉ. तेज बहादुरसिंह चौहान, जितेन्द्र पंड्या एवं शाजापुर विधायक अरूण भीमावद, महापौर मुकेश टटवाल, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती कमला कुंवर अंतरसिंह, उपाध्यक्ष श्रीमती शिवानी कुंवर, नगरनिगम सभापति अध्यक्ष श्रीमती कलावती यादव, वक्फ बोर्ड अध्यक्ष सनवर पटेल, विवेक जोशी, बहादुरसिंह बोरमुण्डला सहित जन-प्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित थे।   recent visitors 58

आज मुख्यमंत्री डॉ.यादव करेंगे वर्चुअल चर्चा

आज मुख्यमंत्री डॉ.यादव करेंगे वर्चुअल चर्चा शुक्रवार को होगी कलेक्टर – कमिश्नर कॉन्फ्रेंस भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज कलेक्टर-कमिश्नर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से चर्चा करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार शाम 5:00 बजे मुख्यमंत्री निवास के समत्व भवन से सभी संभागों के कमिश्नर , पुलिस महानिरीक्षक , पुलिस आयुक्त , सभी जिलों के कलेक्टर के साथ पुलिस अधीक्षकों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के द्वारा विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा करेंगे। recent visitors 67