आठ घंटे के अंदर ही सात सौ किलोग्राम से अधिक अवैध मादक पदार्थ जब्त, भोपाल में क्राइम ब्रांच ने पकड़ी 8.4 किलो चरस

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की मंशानुसार मध्यप्रदेश पुलिस अवैध नशे के कारोबार को नेस्तनाबूद करने के लिए निरंतर कार्रवाई कर रही है। इसी कड़ी में डीजीपी सुधीर सक्सेना के निर्देश पर मध्यप्रदेश पुलिस ने आज 14 नवम्बर को सुबह 8 बजे से अवैध मादक पदार्थों के कारोबार की रोकथाम के लिए प्रदेशव्यापी विशेष अभियान चलाकर कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने पहले ही दिन प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर सुबह से शाम तक कार्रवाही कर मात्र आठ घंटो में 10 करोड़ रूपए से अधिक की कीमत के सात सौ किलोग्राम से अधिक अवैध मादक पदार्थ जब्त किए हैं। भोपाल, खरगौन, सिवनी, छिंदवाड़ा और नीमच में हुई बड़ी कार्रवाही प्रदेशव्यापी अभियान के पहले दिन पुलिस ने 43 स्थानों पर अवैध मादक पदार्थ जब्त करने में सफलता पाई है। भोपाल में क्राइम ब्रांच ने 8.4 किलोग्राम चरस, खरगोन जिले के चैनपुर में 478 किलोग्राम गांजा, सिवनी जिले के धनौरा में 80 किलोग्राम गांजा, छिंदवाड़ा जिले के कोतवाली थाना में 42.100 किलोग्राम गांजा तथा नीमच के रतनगढ़ थाना में 60 किलोग्राम डोडाचूरा जब्त हुआ है। साथ ही 18 आरोपियों सहित 6 कार एवं एक ट्रक भी पुलिस ने जब्त किए हैं। इस प्रकार प्रदेश में पुलिस ने विभिन्न स्थानों पर कार्रवाही कर 37.58 ग्राम स्मैक, 649 ग्राम ब्राउन शुगर, 60 किलो डोडा चूरा, 61 ग्राम एमडी सहित 56 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। साथ ही अवैध मादक पदार्थों के परिवहन में प्रयुक्त 11 वाहनों को भी जब्त किया है। इस अभियान के अंतर्गत पुलिस द्वारा कई संवेदनशील क्षेत्रों को चिन्हित कर अवैध मादक पदार्थो के कारोबारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। प्रदेश में मादक पदार्थों के उत्पादन और वितरण में शामिल आपराधिक तत्वों के खिलाफ कठोर कानूनी कदम उठाए जा रहे हैं। इस अभियान का उद्देश्य न केवल अवैध मादक पदार्थों पर रोक लगाना है, बल्कि जनता में इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी है। इस पहल के माध्यम से सरकार राज्य को अवैध नशामुक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है और इसमें हर संभव प्रयास कर रही है।   recent visitors 76

मुख्यमंत्री यादव ने वीडियो कॉल के माध्यम से वारिस से बात की और कुशलक्षेम पूछी, उन्होंने कहा कि आप मध्यप्रदेश के गौरव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राजगढ़ जिले के ब्यावरा निवासी प्लंबर वारिस खान को एबी रोड हाई-वे पर कार पलटने की घटना में शिवपुरी के परिवार के सात लोगों की जान बचाने पर एक लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वीडियो कॉल के माध्यम से वारिस से बात की और उसकी कुशलक्षेम पूछी। उन्होंने कहा कि आप मध्यप्रदेश के गौरव हैं। वारिस ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि वह बाइक से बीनागंज जा रहे थे, तभी सामने आ रही कार दुर्घटनावश खंती में गिर गई। मैंने बिना देरी किये अपने हाथों से कार के कांच तोड़े और एक-एक कर के सभी यात्रियों को बाहर निकाला। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वारिस के इस साहसी कार्य की सराहना की। उन्होंने कहा कि वारिस आपने बहुत अच्छा कार्य किया है। मुसीबत के समय में एक दूसरे की सहायता करना ही सच्ची मानवता है। आपके इस कार्य से सभी लोगों को प्रेरणा मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी कलेक्टर्स को 15 अगस्त के अवसर पर लोगों की मदद करने वाले साहसी लोगों को सम्मानित करने के निर्देश दिए।   recent visitors 67

मुख्यमंत्री ने भगवान बिरसा मुंडा की जयंती के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मनुष्य के रूप में जीते जी जिन्हें भगवान का दर्जा मिला, ऐसे भगवान बिरसा मुंडा की जयंती के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भगवान बिरसा मुंडा की जयंती प्रति वर्ष मनाने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि अतीत में इतिहास के पन्नों पर स्वर्ण बिहार, झारखंड की धरती से उन्होंने अंग्रेजों का प्रबल प्रतिरोध स्थापित किया, जहां से आदिवासी अंचल में दो स्वतंत्रता आंदोलन की भूमिका बनी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा की जयंती का राज्य स्तरीय कार्यक्रम शहडोल और धार में आयोजित किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों से स्वतंत्रता आंदोलन में भगवान बिरसा मुंडा के उन पक्षों को भी सामने रखा जायेगा, जिससे स्वतंत्रता आंदोलन को मजबूती मिली।   recent visitors 58

प्रधानमंत्री मोदी प्रदेश के 2 जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालयों का करेंगे लोकार्पण : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 15 नवम्बर को बिहार के जमुई में राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे। प्रधानमंत्री मोदी कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के 2 जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालयों का वर्चुअली लोकार्पण करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी छिंदवाड़ा के बादल भोई जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय एवं जबलपुर के राजा शंकर शाह और रघुनाथ शाह स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री मोदी ने 15 अगस्त 2016 को देश के विभिन्न प्रदेशों में जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को समर्पित संग्रहालय के निर्माण की घोषणा की गई थी। बादल भोई जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय, छिंदवाड़ा छिंदवाड़ा शहर में स्थित बादल भोई जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय भवन का निर्माण 40 करोड़ 69 लाख रूपये की लागत से लोक निर्माण विभाग द्वारा किया गया है। यहां क्यूरेशन का कार्य जनजातीय कार्य विभाग के अधीन वन्या संस्थान द्वारा किया गया है। इसका निर्माण पुराने जनजातीय संग्रहालय की उपलब्ध भूमि पर ही किया गया है। यह स्थल पेंच-पचमढ़ी मार्ग पर स्थित है। संग्रहालय के आस-पास कई दर्शनीय तथा जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम से संबंधित महत्वपूर्ण स्थल भी हैं। नवीन जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय भवन में 6 गैलरी, एक कार्यशाला कक्ष तथा एक लाइब्रेरी के अलावा कार्यालय के लिये समुचित स्थान भी उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त 800 दर्शकों की क्षमता वाले ओपन एयर थिएटर, शिल्प बाजार (शिल्पग्राम) एवं ट्राइबल कैफेटेरिया का निर्माण भी यहां किया गया है। इसी परिसर में स्थित पुराने जनजातीय संग्रहालय का नवीनीकरण भी किया गया है, जिसमें जनजातीय संस्कृति से संबंधित विभिन्न प्रादर्श रखे हुए हैं। नवीन जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय में प्रदेश के 9 मुख्य जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम तथा 16 जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का वर्णन एवं जीवंत चित्रण किया गया है। प्रथम गैलरी रानी दुर्गावती को समर्पित की गई है, जिसमें रानी दुर्गावती के जीवन, उनके शासन और उनके बाहरी आक्रमणकारियों से संघर्ष को प्रदर्शित किया गया है। ब्रिटिश शासन काल में अंग्रेज सरकार द्वारा गोंड राज्यों को अपने अधीन लेने के खिलाफ गोंड राजाओं द्वारा किये गये संघर्ष का चित्रण गैलरी-2 में किया गया है। ब्रिटिश सरकार द्वारा वर्ष 1927 में इंडियन फारेस्ट एक्ट लागू किया गया था, जिसके विरोध में जनजाति समाज द्वारा किये गये संघर्ष का चित्रण गैलरी-3 में "जंगल सत्याग्रह" के रूप में प्रदर्शित किया गया है। चौथी गैलरी में भील-भिलाला जनजाति, जो गोरिल्ला युद्ध में बेहद पारंगत थी उनका ब्रिटिश सरकार के विरूद्ध किया गया संघर्ष चित्रित किया गया है। इस गैलरी में भीमा नायक, खाज्या नायक और टंट्या भील जैसे वीरों का संघर्ष चित्रित है। गैलरी-5 एवं 6 समय-समय पर पेंटिंग एवं फोटो एग्जीबिशन के लिए आरक्षित की गई हैं। राजा शंकर शाह और रघुनाथ शाह स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय, जबलपुर अद्वितीय वीरता और अदम्य साहस के प्रतीक राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह के सम्मान में राज्य सरकार और केन्द्रीय जनजातीय कार्य मंत्रालय के सहयोग से वर्ष 2021 में जबलपुर में संग्रहालय का निर्माण किया गया। इसका नामकरण राजा शंकर शाह और रघुनाथ शाह स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय किया गया है। एक एकड भूमि पर निर्मित इस संग्रहालय में 14 करोड़ 26 लाख रूपये की लागत से भारतीय सांस्कृतिक निधि (इनटेक, नई दिल्ली) द्वारा संग्रहालय भवन का जीर्णोद्वार एवं क्यूरेशन का कार्य किया गया है। यह संग्रहालय परिसर ऐतिहासिक महत्व रखता है, क्योंकि यहीं पर राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह को उनके बलिदान से चार दिन पहले कैद करके रखा गया था। इस ऐतिहासिक महत्व की इमारत को पारम्परिक संरक्षण विधि से उसके मूल स्वरूप में पुन: र्निमित किया गया है, ताकि राजा शंकर शाह एवं कुंवर रघुनाथ शाह के बलिदान का प्रतीक यह स्थल भावी पीढियों के लिए प्रेरणा और गर्व का स्थायी स्रोत बना रहे। संग्रहालय की पहली दीर्घा में गोंड जनजातीय संस्कृति को प्रदर्शित किया गया है। दूसरी दीर्घा 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में भाग लेने वाले मध्यप्रदेश के जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के बलिदान को समर्पित है। तीसरी दीर्घा को राजा शंकरशाह के दरबार हाल के रूप में प्रदर्शित किया गया है, जिसमें राजा शंकरशाह और कुंवर रघुनाथ शाह के बलिदान की कहानी को फिल्म के जरिये प्रदर्शित किया गया है। राजा एवं कुंवर के बलिदान के बाद उनकी रानियों के एवं 52वीं रेजीमेंट के विद्रोह को अगली गैलरी में प्रदर्शित किया गया है। अंतिम गैलरी में थ्री-डी होलोग्राम के माध्यम से राजा एवं कुंवर को श्रृद्धांजलि दी गयी है। जिस परिसर में राजा एवं कुंवर को कैद करके रखा गया था, उस जेल भवन में उनकी प्रतिमाएं भी स्थापित की गई हैं। जनजातीय समुदाय के लोग इस स्थल को पवित्र मानते हैं और नियमित रूप से यहां श्रृद्धांजलि अर्पित करने आते हैं।   recent visitors 65

महाराष्ट्र में CM Mohan Yadav ने सरकार बनाने जनमत साधने की अपील की

भोपाल मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव महाराष्ट्र चुनाव में जमकर प्रचार कर रहे हैं। बुधवार को नागपुर में उन्होंने चार विधानसभा क्षेत्रों में जनसभाओं को संबोधित किया और केंद्र सरकार के कामकाज और उपलब्धियों का बखान किया। साथ ही उन्होंने महाराष्ट्र में सरकार बनाने जनमत साधने की अपील भी की। सीएम मोहन यादव आज 14 नवंबर को भी महाराष्ट्र में चुनाव प्रचार करेंगे। इस दौरान वो अमरावती और चंद्रपुर जिलों में जनसभाओं को संबोधित करेंगे। सीएम मोहन का चुनाव प्रचार कार्यक्रम महाराष्ट्र चुनाव के प्रचार प्रसार में सीएम मोहन आज 14 नवंबर को विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे। महाराष्ट्र की मेलघाट और अचलपुर विधानसभा में करेंगे पार्टी प्रत्याशियों के समर्थन जनसभा करेंगे। इसके बाद 11.45 बजे भोपाल से चिखलदरा जिला अमरावती महाराष्ट्र रवाना होंगे। दोपहर 12.45 बजे अमरावती जिले की मेलघाट विधानसभा के चिखलदरा में पार्टी प्रत्याशी के समर्थन में जनसभा को संबोधित करेंगे। दोपहर 1.00 बजे – चुर्नी, चिखलदरा, जिला अमरावती में सार्वजनिक बैठक में शामिल होकर जनमत को साधेंगे। इसके बाद दोपहर 2.00 बजे चंदूरबाजार, अचलापुर में जनसभा संबोधित करेंगे। फिर शाम 5.15 बजे भोपाल आगमन शाम 6.30 बजे समत्व भवन में वृहद परियोजना नियंत्रण मंडल की 125 वीं बैठक में शामिल होंगे। महायुति सरकार के लिए कही बड़ी बात नागपुर में अपनी रैलियों में सीएम मोहन यादव ने कहा कि महाराष्ट्र की महायुति सरकार छत्रपति शिवाजी महाराज के सपनों को पूरा कर रही है। साथ ही सनातन धर्म को आगे बढ़ा रही है। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि महाराष्ट्र में विकास की गति लगातार बढ़ती रहे इसके लिए महायुति गठबंधन को भारी बहुमत से समर्थन देने का करें। कांग्रेस पर साधा निशाना इस दौरान उन्होंने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगियों को भगवान राम और कृष्ण से दिक्कत है। इसलिए कांग्रेस एवं उसके सहयोगी दल भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल खड़े करते हैं। बहुमत से विजयी बनाने की अपील सीएम मोहन यादव ने जनता से अपील की कि वो भारतीय जनता पार्टी और उसके सहयोगी दलों के उम्मीदवारों को भारी बहुमत से विजयी बनाएं। उनके दमदार भाषणों से महाराष्ट्र की सियासत भी गरमाने लगी है। recent visitors 63

इस्कॉन ने “मूल्य आधारित शिक्षा प्रतियोगिता” की आयोजित

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि गीता महोत्सव हमारे महान सांस्कृतिक और आध्यात्मिक धरोहर का उत्सव है। यह एक अद्भुत अवसर है कि हम श्रीमद्भागवत गीता के अमूल्य ज्ञान और प्रेरणा को अपने जीवन में आत्मसात करें। देश में पहली बार गीता पर आधारित विशेष प्रतियोगिता का आयोजन मध्यप्रदेश में होने जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा इस्कॉन के सहयोग से आयोजित "मूल्य आधारित शिक्षा प्रतियोगिता" की जा रही है। यह विद्यार्थियों को गीता की अमूल्य शिक्षाओं और जीवन मूल्यों को गहराई से समझने और उन्हें अपने जीवन में उतारने का अद्भुत अद्भुत अवसर प्रदान करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि श्रीमद्भगवद्गीता केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन जीने की महान कला सिखाने वाला मार्गदर्शन है। इसमें निहित ज्ञान से जीवन के हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त कर सकते हैं। यह प्रतियोगिता न केवल विद्यार्थियों के बौद्धिक विकास में सहायक होगी, बल्कि धैर्य, आत्म-नियंत्रण और सही निर्णय लेने की क्षमता भी प्रदान करेगी। यह प्रतियोगिता गीता के गहन संदेशों को आत्मसात करने और जीवन को नई दिशा देने में स्कूली बच्चों को मदद करेगा। विद्यार्थियों की भागीदारी इस आयोजन को सफल बनाकर एक नई सोच और दृष्टिकोण से परिचित कराएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आशा की है कि विद्यार्थी अपने माता-पिता और शिक्षकों के प्रोत्साहन से इस प्रतियोगिता में शामिल होकर इसे अविस्मरणीय बनायेंगे। उन्होंने सभी विद्यार्थियों के उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएँ दी है।   recent visitors 97

प्रदेश में अगली आरआईसी आगामी 7 दिसम्बर को नर्मदापुरम में हो रही : मुख्यमंत्री यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रदेश के संतुलित विकास के लिये निरंतर सभी अंचलों में रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव का आयोजन कर रहे हैं। अगली आरआईसी आगामी 7 दिसम्बर को नर्मदापुरम में हो रही है। नर्मदापुरम् क्षेत्र में मुख्य रूप से कृषि आधारित उद्योग, खाद्य प्र-संस्करण इकाइयां और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग बहुतायत में हैं। नर्मदापुरम्, हरदा, और होशंगाबाद में पहले से स्थापित उद्योगों के साथ-साथ कृषि प्र-संस्करण, सोयाबीन तेल, मसाला उत्पादन और दुग्ध प्र-संस्करण जैसे उद्योग यहाँ की आर्थिक गतिविधियों का मुख्य आधार हैं। इसके अतिरिक्त, क्षेत्र की खनिज संपदा का उपयोग कर निर्माण और अन्य उद्योगों से भी स्थानीय विकास को गति देने के प्रयास किए जा रहे हैं। छठवीं आईआईसी का आयोजन 7 दिसंबर 2024 को नर्मदापुरम् के डिवीजनल आईटीआई में किया जाएगा। पिछली पांच रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के अनुभवों से प्रेरित होकर, इस कॉन्क्लेव का नर्मदापुरम् क्षेत्र में आयोजन उद्योगों की वृद्धि, निवेश की संभावनाओं और रोजगार सृजन के अवसरों को बढ़ाने के लिये किया जा रहा है। नर्मदापुरम आरआईसी में कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, खनिज, MSME और पर्यटन क्षेत्रों में निवेश के अवसरों पर चर्चा की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रयासों से प्रदेश में एक उद्योग-हितैषी वातावरण बना है, जिससे प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्रों में प्रगति हो रही है। नर्मदापुरम् और इसके आसपास के क्षेत्र जैसे होशंगाबाद, हरदा में एमएसएमई, कृषि आधारित उद्योग, और पर्यटन के क्षेत्र में कई संभावनाएं हैं, जो स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करेंगे। कॉन्क्लेव का उद्देश्य सभी क्षेत्रों का संतुलित और समन्वित आर्थिक विकास करना है। इस कॉन्क्लेव से नर्मदापुरम् और इसके आस-पास के क्षेत्रों में निवेश के नए रास्ते खुलेंगे जिससे रोजगार के नए अवसर उत्पन्न होंगे और आर्थिक विकास को गति मिलेगी। यह आरआईसी नर्मदापुरम् और आसपास के क्षेत्रों के लिए खास महत्व रखता है, क्योंकि यहाँ की प्राकृतिक खूबसूरती और सांस्कृतिक धरोहर को उद्योगों के साथ जोड़ा जाएगा। पचमढ़ी, जो न केवल एक प्रमुख पर्यटन स्थल है बल्कि यहाँ की अनूठी जैव विविधता और प्राकृतिक संसाधन, अब निवेशकों के लिये नया आकर्षण बनेंगा। साथ ही नर्मदा नदी तट पर औद्योगिक और पर्यटन दोनों क्षेत्रों में विकास की अपार संभावनाएँ हैं। इस कॉन्क्लेव में कृषि, MSME, खाद्य प्रसंस्करण, पर्यटन और खनिज जैसे क्षेत्रों में निवेश के नए रास्ते खुलेंगे, जिससे रोजगार और आर्थिक विकास के अवसरों को बढ़ावा मिलेगा। नर्मदापुरम् और पचमढ़ी, जो पहले से ही प्राकृतिक सौंदर्य और पर्यटन के लिए प्रसिद्ध हैं, अब औद्योगिक दृष्टिकोण से भी नई ऊँचाइयों को छुएंगे। इस कॉन्क्लेव से औद्योगिक, पर्यटन और सामाजिक विकास के बीच एक सामंजस्यपूर्ण संतुलन स्थापित होगा।   recent visitors 83