महाकवि कालिदास की अमर कृतियां मानव तथा प्रकृति के अटूट संबंधों का अनुपम उदाहरण : उप राष्ट्रपति धनखड़

उज्जैन उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कहा है कि अद्भुत प्रतिभा के धनी महाकवि कालिदास की अमर कृतियां मानव तथा प्रकृति के अटूट संबंधों का अनुपम उदाहरण है। महाकवि की रचनाएं देश की अमूल्य सांस्कृतिक धरोहर हैं। अखिल भारतीय कालिदास समारोह के गरिमामय आयोजन द्वारा म.प्र. शासन हमारी संस्कृति एवं विरासत को सहेजने और संरक्षित करने का सराहनीय कार्य कर रहा है। महाकवि कालिदास की रचनाएं हमारे जीवन मूल्यों को सदैव प्रेरित करती रहेंगी। उप राष्ट्रपति धनखड़ मंगलवार को उज्जैन में अखिल भारतीय कालिदास समारोह का शुभारंभ कर मुख्य अतिथि के रुप में संबोधित कर रहे थे। उप राष्ट्रपति धनखड ने 66 वें भव्य अखिल भारतीय कालिदास समारोह का विद्वतजनों की उपस्थिति में गरिमामय शुभारंभ किया। समारोह की अध्यक्षता राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने की। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की समारोह में गरिमामय उपस्थिति रही। इस अवसर पर सारस्वत अतिथि के रुप में राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास अयोध्या के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंददेव गिरीजी महाराज उपस्थित थे। सांसद अनिल फिरोजिया, संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र सिंह लोधी, कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल भी मंचासीन थे। उप राष्ट्रपति धनखड़ ने कहा कि महाकवि कालिदास की अमर कृतियां मानवीय भावों को अद्भुत रूप से प्रदर्शित करती है और मानवीय मूल्य के लिए सदैव प्रेरणा स्रोत है। महाकवि कालिदास की रचनाओं में मानव तथा प्रकृति के बीच अद्भुत एवं अटूट संबंध देखने को मिलता है। महाकवि कालिदास ने अपनी रचनाओं में पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया है जो सदैव प्रासंगिक है। मेघदूतम जैसी उनकी कालजयी रचनाओं से प्रेरणा लेकर हमें अपनी पृथ्वी को बचाना होगा। पर्यावरण-संरक्षण, जलवायु-संरक्षण की दिशा में गंभीरता से प्रयास करने होंगे, क्योंकि रहने के लिए कोई दूसरी पृथ्वी उपलब्ध नहीं है। उप राष्ट्रपति धनखड़ ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि अखिल भारतीय कालिदास समारोह हमारी सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। इस गरिमामय आयोजन के लिए मध्यप्रदेश शासन एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव साधुवाद के पात्र हैं। राज्य शासन द्वारा कला, साहित्य एवं संस्कृति के संरक्षण में उल्लेखनीय योगदान दिया जा रहा है। उप राष्ट्रपति ने देश की सांस्कृतिक धरोहरों को सहेजने का आहवान करते हुए कहा कि हमें अपनी सांस्कृतिक विरासत और धरोहरों को सदैव संभालकर रखना होगा। देश की सांस्कृतिक विरासत अत्यन्त प्राचीन है, हमारी संस्कृति की जड़े अत्यंत गहरी हैं जो जीवन के उद्देश्य को बताती हैं। उप राष्ट्रपति ने अपने उद्बोधन में कुटुंब प्रबंधन पर जोर देते हुए कहा कि कुटुंब प्रबंधन पर ध्यान देने से ही राष्ट्र का भी ध्यान हमारे मन-मस्तिष्क में सदैव रहेगा। अपने बच्चों के चारित्रिक एवं नैतिक विकास के लिए भी सदैव गंभीर रहना होगा। हमारे बच्चे अच्छे नागरिक बने, राष्ट्र निर्माण के साथ अपने कर्तव्यों का पूर्णता से निर्वहन करें। हम सबको मिलकर नागरिक दायित्वों का निर्वहन करना होगा। भारतीयता हमारी पहचान है, राष्ट्र सर्वोपरि है, इसके लिए नागरिक कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए प्रत्येक नागरिक को अपनी आहुति देना होगी। नारी सशक्तिकरण का जिक्र करते हुए उप राष्ट्रपति ने कहा कि महाकवि कालिदास की रचनाएं नारी सशक्तिकरण का महत्वपूर्ण उदाहरण है। उनकी रचना अभिज्ञान शाकुंतलम् को संदर्भ के रूप में देखा जा सकता है। उप राष्ट्रपति धनखड़ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आज देश में प्रत्येक व्यक्ति के पास अपनी प्रतिभा के प्रदर्शन का अवसर है। देश में तकनीक का विकास सारी दुनिया को अचंभित कर रहा है। पर्यावरण-संरक्षण के लिए प्रधानमंत्री द्वारा “एक पेड़ मां के नाम’’ अभियान संचालित किया गया है। यह अभियान वैसी ही क्रांति लाएगा जैसी स्वच्छता के क्षेत्र में आई है। आने वाले वर्ष 2047 में हमारा भारत दुनिया का सिरमौर बनेगा। कार्यक्रम में अखिल भारतीय कालिदास सम्मान से अलंकृत होने वाली प्रतिभाओं को बधाई देते हुए उप राष्ट्रपति ने कहा कि इन प्रतिभाशाली व्यक्तियों के द्वारा हमारी संस्कृति के श्रेष्ठ तत्वों को सहेजने के साथ प्रदर्शित करने का उत्कृष्ट कार्य किया जा रहा है। उप राष्ट्रपति ने अवंतिका नगरी के पौराणिक, आध्यात्मिक, धार्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उज्जैन में भगवान कृष्ण ने सांदीपनि आश्रम में शिक्षा ग्रहण की है। यहां कालिदास और भृतहरि को ज्ञान का प्रकाश मिला है। सम्राट विक्रमादित्य के जग प्रसिद्ध न्याय का आदर्श उदाहरण उज्जैन है। उप राष्ट्रपति ने कहा कि वे स्वयं उज्जैन आकर धन्य हुए हैं। यहां से प्राप्त अद्भुत अनुभव को जीवनभर संजोकर रखेंगे, यहां से एक नवीन ऊर्जा मिली है। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि आध्यात्मिक चेतना के केंद्र उज्जैन में उप राष्ट्रपति धनखड़ का हृदय से स्वागत है। उनकी उपस्थिति ने आयोजन को और अधिक भव्यता प्रदान की है। राज्यपाल ने कहा कि अखिल भारतीय कालिदास समारोह के माध्यम से महाकवि कालिदास की महान रचनाओं तथा सांस्कृतिक विरासत को विश्व पटल पर प्रस्तुत करने का सराहनीय प्रयास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि एक महत्वपूर्ण गौरवशाली परंपरा के रूप में उज्जैन में अखिल भारतीय कालिदास समारोह का आयोजन किया जाता रहा है। आज इस समारोह में विभिन्न क्षेत्रों की जिन प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया है वे बधाई की पात्र हैं। उज्जैन आगमन पर उप राष्ट्रपति का हृदय से स्वागत एवं अभिनंदन है। मुख्यमंत्री डा. यादव ने कहा कि महाकवि कालिदास और विक्रमादित्य की उज्जयैनी नगरी का प्रत्येक काल एवं युग में सदैव अस्तित्व रहा है। कई जन्मों के पुण्य, फलों के बाद हमें यह गौरव मिला है कि यहां आकर कुछ समय बिताएं। उप राष्ट्रपति ने आज अखिल भारतीय कालिदास समारोह का शुभारम्भ कर समारोह के गौरव में अभिवृद्धि की है। हम सबका यह सौभाग्य है कि इस समारोह के आयोजन का अवसर उज्जैन को सदैव मिलता है। मुख्यमंत्री ने समारोह के सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं। समारोह में स्वामी गोविंददेव गिरी ने अपने उद्बोधन में महाकवि कालिदास के व्यक्तित्व एवं कृतित्व का वर्णन करते हुए कहा कि ऐसा कोई अन्य कवि विश्व में नहीं हो सकता जिसकी महाकवि कालिदास से तुलना की जा सके, कालिदास अद्भुत एवं अनुपम है। स्वामीजी ने अपने उद्बोधन में कालिदास की विभिन्न रचनाओं का वर्णन करते हुए महाकवि द्वारा रचित साहित्य को अमूल्य बताया। उप राष्ट्रपति धनखड़ ने दीप प्रज्ज्वलन तथा महाकवि कालिदास के चित्र पर माल्यार्पण कर समारोह का शुभारंभ किया। समारोह में राष्ट्रगान भी हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव … Read more

भगवान बिरसा मुंडा की जयंती 15 नवम्बर को, धार और शहडोल में होंगे राज्य स्तरीय कार्यक्रम – मुख्यमंत्री डॉ. यादव

विजन डॉक्यूमेंट @ 2047 होगा विकसित मध्यप्रदेश का आधार – मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैठक से पहले किया सदस्यों को संबोधित कहा – शहरी विकास और प्लानिंग पर मंत्रीगण दें अपने सुझाव भगवान बिरसा मुंडा की जयंती 15 नवम्बर को, धार और शहडोल में होंगे राज्य स्तरीय कार्यक्रम – मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में वंदे-मातरम गान के साथ आरंभ हुई मंत्रि-परिषद की बैठक भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि विजन डॉक्यूमेंट @ 2047 विकसित मध्यप्रदेश का आधार होगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। वर्ष 2047 तक मध्यप्रदेश को विकसित राज्य बनाने के उद्देश्य से 'विकसित मध्यप्रदेश @ 2047 विज़न डॉक्यूमेंट' तैयार किया जा रहा है। पिछले सप्ताह इस संबंध में नीति आयोग के सीईओ बी.वी. आर. सुब्रमण्यम ने राज्य के प्रमुख अधिकारियों के साथ विस्तृत बैठक की थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रीगण को अपने-अपने विभागों में विजन डॉक्यूमेंट की तैयारी की समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आगामी तीन माह में डॉक्यूमेंट का प्रारूप मंत्रि-परिषद के समक्ष प्रस्तुत किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंत्रालय में वंदे-मातरम् के गान साथ आरंभ हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद के सहयोगियों को प्रदेश में शहरी विकास और शहरी प्लानिंग के संबंध में अपने सुझाव नगरीय विकास एवं आवास विभाग से साझा करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि प्रदेश के शहरों को झुग्गी मुक्त किए जाने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी सहित अन्य घटकों में कार्य जारी है। प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी में 9 लाख 50 हजार हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा सितम्बर 2024 में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 लागू की गई,‍जिसमें पहले की तरह स्वयं की भूमि पर 2 लाख 50 हजार रूपए तक का अनुदान प्राप्त करना प्रमुख घटक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 15 नवम्बर को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाई जाने वाली भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर धार और शहडोल में राज्य स्तरीय कार्यक्रम होंगे,‍जिन्हें प्रधानमंत्री मोदी वर्चुअली संबोधित करेंगे।   recent visitors 125

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव देवउठनी ग्यारस पर मालवीय नगर युवा सदन में तुलसी शालिग्राम विवाह में शामिल हुए

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव देवउठनी ग्यारस पर मालवीय नगर युवा सदन में तुलसी शालिग्राम विवाह में शामिल हुए। उन्होंने हरि और माँ तुलसी से प्रदेशवासियों के जीवन को सुख, समृद्धि और खुशहाली से परिपूर्ण बनाए रखने की प्रार्थना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने माता तुलसी की मंत्रोच्चार के साथ पूजा कर धूप, सिंदूर, चंदन, पुष्प अर्पित कर नैवैद्य का भोग लगाया। इस अवसर पर विधायक रामेश्वर शर्मा विशेष रूप से उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि देवउठनी ग्यारस भगवान विष्णु के 4 महीने की निद्रा से जागरण का प्रतीक है। यह त्यौहार कार्तिक शुक्ल ग्यारस तिथि को मनाया जाता है। इस दिन भगवान विष्णु और माता तुलसी की पूजा की जाती है और उनके विवाह का आयोजन किया जाता है। देवउठनी ग्यारस के दिन विशेष मंत्रों का जाप कर भगवान विष्णु और माता तुलसी की आराधना कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया जाता है।   recent visitors 80

तुलसी-शालिग्राम विवाह कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव भी सम्मिलित हुए

भोपाल  देवउठनी ग्यारस के शुभ उपलक्ष्य में बीजेपी के विधायक रामेश्वर शर्मा ने युवा सदन कार्यालय पर तुलसी-शालिग्राम विवाह का आयोजन कराया। इस तुलसी-शालिग्राम विवाह कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव भी सम्मिलित हुए। उन्होंने तुलसी पूजन कर सभी को तुलसी विवाह की शुभकामनाएं दी। तुलसी विवाह के लिए युवा सदन कार्यालय को विवाह स्थल की तरह सजाया गया, जहां हुजूर सहित भोपाल के सैकड़ों लोग सम्मिलित होकर तुलसी-शालिग्राम विवाह के साक्षी बने। सीएम ने की रामेश्वर शर्मा की तारीफ, बताया समाज का गौरव मीडिया से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने कहा कि – आज का दिन हम सभी सनातनियों के लिए गौरव का दिन है। ऐसा माना जाता है कि आज ही के दिन देवोत्थान एकादशी पर भगवान श्रीहरि विष्णु जी नींद से जागकर संसार की व्यवस्था का कार्यभार भगवान शिव से अपने हाथों में लेते हैं। इसलिए आज के दिन को हरिहर मिलन के दिन के रूप में भी मनाया जाता है। इसलिए मैं इस शुभ घड़ी में सभी प्रदेश और देशवासियों को देवोत्थान एकदशी की हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं। उन्होंने आगे कहा कि – मेरे मित्र पूर्व प्रोटेम स्पीकर रामेश्वर शर्मा को बधाई, जिन्होंने तुलसी विवाह का इतना सुंदर आयोजन कराया और मुझे इसमें आमंत्रित कर तुलसी विवाह में सम्मिलित होने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। रामेश्वर शर्मा हमारे सनातन धर्म के ध्वजवाहक हैं, ये राजधानी में हमारे सनातन धर्म के सभी आयोजनों में बढ़-चढ़कर सहभागिता करते हैं। मैं इसके लिए इन्हें बधाई देता हूं। रामेश्वर जी हमारे समाज के गौरव हैं। उपचुनाव पर बोले सीएम सीएम डॉ मोहन ने कहा कि ये हमारा परंपरागत त्योहार है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सनानी यज्ञ चल रहा है। ये मिलन का त्योहार है। वहीं एमपी उपचुनाव को लेकर कहा कि मैं सभी से अपील करता हूं कि पीएम मोदी के नेतृत्व में सरकार कदम से कदम मिलाकर चल रही है। सरकार विकास के लिए काम कर रही है। उन्होंने जनता से अपील करते हुए कहा कि उपचुनाव में हमारे दोनों प्रत्याशी को विजयी बनाएं। देवों के जागने के साथ मांगलिक कार्यों का शुभारंभ वहीं आयोजन को लेकर विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि – यह सनातन धर्म की महानता है। जहां हर पर्व लोक में खुशियों का संचार करता है। आज देवउठनी ग्यारस है, सभी देवों को हम सेवक निंद्रा से जगाते हैं। देवों के जागने के साथ ही आज से सभी मांगलिक कार्यों का शुभारंभ होता है। हम इन्हीं देवों को साक्षी मानकर, इन्हीं की आराधना कर के अपने जीवन के शुभ उपलक्ष्यों की शुरुआत करते हैं। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने दी देवउठनी ग्यारस की शुभकामनाएं  हिंदू मान्यतानुसार, आषाढ़ शुक्ल एकादशी से कार्तिक शुक्ल एकादशी तक भगवान विष्णु योग-निद्रा में रहते हैं, जिसे ‘चतुर्मास’ कहा जाता है। इस अवधि के दौरान विवाह, शुभ कार्यों और मांगलिक कार्यक्रमों पर प्रतिबंध रहता है। देवउठनी ग्यारस पर भगवान विष्णु के जागने के साथ ही सभी शुभ कार्यों की शुरुआत होती है। आज देवउठनी ग्यारस पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सभी को शुभकामनाएँ दी है। वे विधायक रामेश्वर शर्मा के निवास पर तुलसी-शालिग्राम के विवाह कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। आज से बाद शादी-ब्याह, गृह-प्रवेश और अन्य सभी शुभ कार्य प्रारंभ हो जाएंगे। जनता से बीजेपी के पक्ष में वोट देने की अपील इसी के साथ मुख्यमंत्री ने विजयपुर और बुधनी विधानसभा सीटों पर भारी संख्या में मतदान की अपील की है। उन्होंने जनता से आह्नान किया कि वे बीजेपी को वोट करें। बता दें कि  दोनों सीटों पर 13 नवंबर को उपचुनाव होना है। बुधनी में बीजेपी के रमाकांत भार्गव और कांग्रेस के राजकुमार पटेल के बीच सीधी टक्कर है। इस सीट से कुल 20 उम्मीदवार मैदान में हैं, लेकिन मुख्य मुकाबला बीजेपी और कांग्रेस के बीच। बुधनी विधानसभा को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का गढ़ माना जाता है, इसलिए कांग्रेस के लिए यहां कड़ी चुनौती है। वहीं, विजयपुर में बीजेपी ने वन मंत्री रामनिवास रावत को उम्मीदवार बनाया है, जो कुछ समय पहले कांग्रेस से बीजेपी में आए थे। रावत के कांग्रेस छोड़ने के कारण ही यह सीट खाली हुई है, क्योंकि वे इसी सीट से कांग्रेस के विधायक थे। उनके सामने कांग्रेस की ओर से मुकेश मल्होत्रा चुनावी मैदान में हैं।   recent visitors 88

मुख्यमंत्री डॉ. यादव, स्व. पटवा की जन्म शताब्दी वर्ष कार्यक्रम में हुए शामिल

पूर्व मुख्यमंत्री स्व. पटवा की स्मृति में होगी सुशासन पर केंद्रित व्याख्यान माला नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर के साथ अन्य गतिविधियाँ भी होंगी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव, स्व. पटवा की जन्म शताब्दी वर्ष कार्यक्रम में हुए शामिल भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री और पद्म विभूषण से सम्मानित स्व. सुंदरलाल पटवा ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क सहित अनेक योजनाओं के निर्माण और क्रियान्वयन में अमूल्य सहयोग दिया। भोपाल में वीआईपी मार्ग के निर्माण में उन्होंने दृढ़ संकल्प का परिचय देते हुए कार्य पूर्ण करवाया। सुशासन स्थापित करने के लिये उन्होंने विशेष योगदान दिया। स्व. पटवा की स्मृति में उनके जन्म-शताब्दी वर्ष पर विभिन्न प्रकल्प संचालित किए जाएंगे। इसके अंतर्गत सुशासन पर आधारित व्याख्यान माला और स्मारिका के प्रकाशन के कार्य होंगे। पूर्व मुख्यमंत्री स्व. पटवा की प्रतिमा भी स्थापित की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को स्व. सुंदरलाल पटवा के जन्म शताब्दी वर्ष पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विधायक सुरेंद्र पटवा के निवास पर जाकर पूर्व मुख्यमंत्री स्व. पटवा के चित्र पर माल्यार्पण कर नमन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर स्व. सुंदरलाल पटवा की धर्मपत्नी श्रीमती फूलकुंवर पटवा से भेंट कर आशीर्वाद प्राप्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्व. सुन्दरलाल पटवा की स्मृति में आगामी एक वर्ष तक विभिन्न रचनात्मक गतिविधियां संचालित की जाएंगी। डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह स्व. पटवा के कृतित्व, व्यक्तित्व और कार्यशैली से प्रभावित रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्व. सुंदरलाल पटवा “प्रजामंडल’’ और “राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ’’ से जुड़े रहे। वे वर्ष 1957 में पहली बार विधायक बने। उन्होंने निर्वाचनों में निरंतर विजय प्राप्त की। प्रतिपक्ष के नेता रहते हुए सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने बस्तर से झाबुआ तक लगभग तीन हजार किलोमीटर की पद यात्रा तय की। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि मेरी यादें उनके साथ जुड़ी हैं। कई बातें उनसे सीखने को मिलीं। उनका आत्मविश्वास माउंट एवरेस्ट की चोटी से भी ऊंचा था। उन्होंने अपनी धाक और साख बनाई। वे प्रखर वक्ता थे। स्वाध्याय का ध्यान रखते थे। कार्य में डूबे रहना उन्हें पसंद था। उनका मानना था कि क्षेत्रीय विकास पर निरंतर ध्यान देना चाहिए, साथ ही अपने निर्वाचन क्षेत्र के अलावा व्यापक स्तर पर जन कल्याण के कार्यों में भी संलग्न रहना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे लिए राजनीति व्यवसाय नहीं बल्कि सेवा है। स्व. सुंदरलाल पटवा का मानना था कि राजनैतिक क्षेत्र में भी बेहतर कार्य करते हुए स्वयं को परिष्कृत करते रहना चाहिए। वे निडर, परमार्थी और पुलिस सहित प्रशासनिक अमले का मनोबल बनाए रखने में विश्वास रखते थे। वर्ष 1992 के सिंहस्थ के लिए उन्होंने 100 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की थी, जबकि इसके पहले 1980 के सिंहस्थ में मात्र एक करोड़ रुपए की राशि तत्कालीन सरकार ने मंजूर की थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हाल ही में मंदसौर और नीमच में मेडिकल कॉलेज प्रारंभ हुए हैं जिनका नामकरण 2 दिग्गज नेताओं स्व. सुंदरलाल पटवा और स्व. वीरेंद्र कुमार सखलेचा के नाम पर किया गया है। इस अवसर पर सांसद विष्णु दत्त शर्मा ने भी स्व. सुंदरलाल पटवा को श्रद्धांजलि दी और उनसे जुड़े संस्मरण सुनाए। सांसद आलोक शर्मा ने कहा कि स्व. सुंदरलाल पटवा ने राजनीति में अमिट छाप छोड़ी है। प्रदेश के विकास में उनका महत्वपूर्ण योगदान है। विधायक सुरेंद्र पटवा ने कहा कि स्व. सुंदरलाल पटवा ने भोजपुर क्षेत्र के विकास के लिए भी कई योजनाएं संचालित कीं। आज की पीढ़ी उनके बताए मार्ग पर चले, यह आवश्यक है। सुरेंद्र पटवा ने नागरिकों और कार्यकर्ताओं की ओर से भी मुख्यमंत्री डॉ. यादव और अन्य अतिथियों का स्व. सुंदरलाल पटवा के जन्म शताब्दी वर्ष कार्यक्रम में पधारने पर आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर स्व. सुंदरलाल पटवा की स्मृति में भजन संध्या का भी आयोजन हुआ। कार्यक्रम में संस्कृति मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी, मत्स्य विकास राज्य मंत्री नारायण सिंह पंवार और अन्य अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।   recent visitors 28

रीजनल इंडस्ट्रीज कान्क्लेव के माध्यम से प्रदेश में निवेश का माहौल बना, MP निवेश बढ़ाने के लिए नवंबर में CM का विदेश दौरा

भोपाल फरवरी, 2025 में भोपाल में होने वाली ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट से पहले संभाग स्तर पर रीजनल इन्वेस्टर्स कान्क्लेव का क्रम पूरा हो जाएगा। सात दिसंबर को नर्मदापुरम में कान्क्लेव होगी, जिसमें देशभर के उद्योगपति जुटेंगे। इसके लिए आइटी, स्वास्थ्य, एजुकेशन, टूरिज्म, भारी उद्योग, एमएसएमई, लघु कुटीर उद्योग सहित सभी क्षेत्र के उद्योगपतियों को आमंत्रित किया गया है। प्रदेश में निवेश को आकर्षित करने के लिए मुख्यमंत्री प्रतिनिधि मंडल के साथ इसी माह जर्मनी और इंग्लैंड जाएंगे। यह बतौर मुख्यमंत्री उनका पहला विदेश दौरा होगा। उन्होंने मीडिया संदेश में बताया कि रीजनल इंडस्ट्रीज कान्क्लेव के माध्यम से प्रदेश में निवेश का माहौल बना है। उद्योग मित्र नीतियां तैयार की जा रही हैं तो ऐसे रोजगारों को प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिनमें रोजगार की अधिक संभावनाएं हैं। प्रदेश में निवेश बढ़ाने के लिए नवंबर में विदेश का दौरा भी किया जाएगा। इसमें वहां के उद्योगपतियों को मध्य प्रदेश में उद्योग लगाने के लिए सरकार की नीतियों के साथ औद्योगिक वातावरण से अवगत कराकर आमंत्रित करेंगे। नर्मदापुरम में होने वाले कान्क्लेव से क्षेत्र के विकास को पंख लगेंगे। 2.76 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव, 3.28 लाख से अधिक लोगों मिलेगा रोजगार प्रदेश में अब तक उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर, सागर और रीवा में रीजनल इंडस्ट्री कान्क्लेव के साथ मुंबई, कोयंबटूर, बेंगलुरू और कोलकाता में रोड-शो एवं इंटरेक्टिव सेशन हो चुके हैं। इसमें विभिन्न क्षेत्रों के दो लाख 76 हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिससे तीन लाख 28 हजार 670 रोजगार के अवसर सृजित होंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि मध्य प्रदेश वर्ष 2025 को उद्योग वर्ष के रूप में मनाएगा। इस वर्ष सात-आठ फरवरी 2025 को भोपाल में दो दिवसीय ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट का आयोजन होगा। recent visitors 38

प्रदेश में निवेश को बढ़ाने के लिये इसी माह मुख्यमंत्री विदेश भी जायेंगे, बदलेगी राज्य की तस्वीर?

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के संतुलित औद्योगिक विकास और रोजगार संवर्धन के लिए संभाग स्तर पर रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव और प्रदेश के बाहर महानगरों में निवेश के लिये हुए रोड-शो से देशभर से सकारात्मक परिणाम मिले हैं। फरवरी 2025 में भोपाल में होने वाली ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट तक यह क्रम जारी रहेगा। आगामी 7 दिसम्बर को नर्मदापुरम में संभाग स्तरीय इंडस्ट्री कॉन्क्लेव होगी, जिसमें निवेशकों को नर्मदापुरम क्षेत्र की संभावनाओं से जोड़ते हुए, प्रदेश की आर्थिक बेहतरी के लिए गतिविधियां प्रस्तावित हैं। कॉन्क्लेव में सभी सेक्टर्स के उद्योगपतियों को आमंत्रित किया गया है, जिससे आईटी, हेल्थ, एजुकेशन, टूरिज्म, भारी उद्योग, एमएसएमई, लघु कुटीर उद्योग सहित सभी प्रकार के उद्योग धंधों के माध्यम से राज्य के लोगों के लिए अधिक से अधिक रोजगार के अवसर सृजित किए जा सकें। राज्य सरकार के इन प्रयासों के सकारात्मक परिणाम प्राप्त हो रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश में निवेश को बढ़ाने के लिये इसी माह हम विदेश भी जाने वाले हैं। जहाँ विदेशी उद्योगपतियों को मध्यप्रदेश में उद्योग लगाने के लिये राज्य सरकार की नीतियों और यहाँ के औद्योगिक वातावरण से अवगत करा कर आमंत्रित करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि प्रदेश में बेहतर आर्थिक वातावरण बने, लोगों को रोजगार के बेहतर अवसर मिलें, युवाओं को अपनी बौद्धिक क्षमता के अनुरूप स्थानीय स्तर पर काम मिलें, उन्हें रोजगार के लिए बाहर नहीं जाना पड़े, इस दिशा में सरकार लगातार प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री निवास से मीडिया को जारी संदेश में यह बात कही। निवेशकों के लिये उद्योग मित्र नीतियाँ मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि सरकार ने उद्योग क्षेत्र के लिये वर्ष 2024-25 में 4 हजार 190 करोड़ रुपए का प्रावधान रखा है। औद्योगिक निवेश को प्रोत्सहन देने के लिये प्रदेश में सिंगल विंडो सिस्टम, निवेश प्रोत्सहन और कस्टमाइज पैकेज जैसी सुविधाएं प्रदान की गई हैं। नये निवेशकों को उद्योग मित्र नीतियों के साथ सरल और सुगम निवेश प्रक्रिया सुनिश्चित की जा रही है। उद्योगों को बढ़ावा देने के लिये प्रदेश के प्रत्येक जिले में इन्वेस्टमेंट फैसिलिटेशन सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं। कई जिलों में शुरू भी हो चुके हैं। उद्योगों को बढ़ावा देने के लिये इन सेंटर में जिला कलेक्टर्स को नोडल अधिकारी बनाया गया है। मध्यप्रदेश में औद्योगिक निवेश मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि प्रदेश में औद्योगिक निवेश और रोजगार सृजन के लिये पिछले 8 माह में जो प्रयास हुए, उसमें उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर, सागर और रीवा में हुई रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव एवं मुंबई, कोयंबटूर, बैंगलुरू और कोलकाता में हुए रोड-शो के साथ हुए इंटरेक्टिव सेशन के काफी सकारात्मक परिणाम प्राप्त हुए हैं। इनमें विभिन्न सेक्टर्स में 2 लाख 76 हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिससे 3 लाख 28 हजार 670 रोजगार के अवसर सृजित होंगे। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश वर्ष 2025 को उद्योग वर्ष के रूप में मनाएगा। इस वर्ष 7-8 फरवरी 2025 को भोपाल में दो दिवसीय ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन होगा। निवेशकों की पहली पसंद बन रहा है म.प्र. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश न सिर्फ औद्योगिक हब बन रहा है बल्कि हर क्षेत्र में उन्नति का मार्ग भी प्रशस्त कर रहा है। प्रदेश में बेहतर कनेक्टिविटी, उद्योग अनुकूल नीतियों और मजबूत अधोसंरचना से मध्यप्रदेश निवेशकों की पहली पसंद बन रहा है। recent visitors 68